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	<title>irPress.org - مشارکت‌های کاربر [fa]</title>
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		<title>شطرنج جوانان پیکار اندیشه‌ها ۶</title>
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		<updated>2012-05-12T13:35:07Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;Pouya: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[Image:24-154.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۴|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۴]]&lt;br /&gt;
[[Image:24-155.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۵|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۵]]&lt;br /&gt;
[[Image:24-156.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۶|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۶]]&lt;br /&gt;
[[Image:24-157.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۷|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۷]]&lt;br /&gt;
[[Image:24-158.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۸|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۸]]&lt;br /&gt;
[[Image:24-159.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۹|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۹]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{ویرایش}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[رده:کتاب جمعه ۲۴]]&lt;br /&gt;
[[رده:کتاب جمعه]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;نوشتهٔ ج. ان. واکر&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
ترجمهٔ جهانگیر افشاری&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==بازی شماره ۵==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سفید&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سیاه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| 1 – e2 – e4&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| 1 – e7 – e5&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| 2 – Cg1 – f3&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| 2 – f7 – f6? &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سیاه برای دفاع از پیاده - ای- سوراخ دعا را گم کرده است، اولا: با این حرکت نه مهره‌ئی گسترش می یابد و نه راه برای گسترش دیگر مهرهئی گشوده می‌شود. ثانیا: پیاده در خانه‌ئی مستفر شده که در مورد نیاز اسب  g8 می باشد. ثالثا: اشغال خانه f6 به وسیلهء پیاده، راه عبور وزیر سیاه d8 را مسدود کرده: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| 3 – Ff1 – c4&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| 3 – a7 – a6?&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| 4 – 0 – 0 قلعه کوچک&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| 4 – b7 – b5&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| 5 – Fc4 – b3&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| 5 – Fc8 – b7&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سیاه، پس از این که چهار حرکت به وسیلهء پیاده‌هایش انجام داد، بالاخره دل به دریا زد و فیل c8 را از خانه اصلی خود خارج کرد… این حرکت متاسفانه خیلی دیر انجام شده و نمی‌تواند مفید واقع شود، چرا که سفید قبلا دو مهره را فعالانه وارد عرصه نبرد کرده و شاهش نیز در نقطه امنی جای گرفته و وزیر d1  نیز آماده است تا هر لحظه ضورت ایجاب کند قدم به میدان بگذارد:‌&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 6 – cf3 x e5!! &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 6 – . . . . . . . .&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{پایان چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[Image:24-154-1.jpg]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;شکل شماره بیست و یک …&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; سیاه نمی تواند اسب سفید را با حرکت: 6… f6.e5  بگیرد، زیرا حرکت سفید کیش 7-Dd1-h5+ به قیمت یک رخ برای سیاه تمام می‌شود…دلیل این امر روشن است: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;7 – Od1 - h5 + کیش&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 7 – g7 - g6&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
 | &amp;#039;&amp;#039; 8 – Dh5 x e5 + کیش&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
   | 8 – …….&amp;#039;&amp;#039; &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{پایان چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در این وضعیت، سیاه ناچار است کیش وارده را دفع کند و سفید از فرصت بهره می‌گیرد و در حرکت بعدی رخ f8 را به وسیلهء وزیر از گردونه خارج می‌کند… و اگر سیاه بخواهد به مانور زیر دست یازد، در دم مات خواهد شد:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
| &amp;#039;&amp;#039;7 – Dd1 - h5  کیش + &lt;br /&gt;
| 7 – Re8 - e7&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| &amp;#039;&amp;#039;8 – Dh5 x e5 مات ++&lt;br /&gt;
| 8 – ……….&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
خوب! در شرایط موجود سیاه می‌کوشد با شتاب مهره‌هایش را گسترش بدهد: ولی باید اعتراف کرد که حتی با این تلاش موفق نمی‌شود جلوی حملات حریف را بگیرد: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|6 – ………..  &lt;br /&gt;
| 6 – Cg8 - h6&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 7 – d2 - d4&lt;br /&gt;
| 7 – Cb8 - c6&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 8 – Dd1 - h5&lt;br /&gt;
| 8 – g7 - g6&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 9 – Ce5 x g6&lt;br /&gt;
| 9 – Ce5 x g6&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10 – Dh5 x g6   کیش  + &lt;br /&gt;
| 10 – Re8 - e7&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11 – e4 - e5!&lt;br /&gt;
| 11 – ……..&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[Image:24-155-1.jpg]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;شکل شماره بیست و دو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;…. تهدید فوری سفید این است که در حرکت بعدی اسب سیاه  h6 را به وسیلهء فیل مستقر در خانه c1 بگیرد و سپس با نشاندن وزیر در خانه f7، رقیب را مات کند. اجازه بدهید به‌ببینیم بازی چگونه ادامه پیدا می کند:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|11 – ………..  &lt;br /&gt;
| 11 – d7 - d5&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 12 – e5 x d6 e.p.+ کیش&lt;br /&gt;
| 12 – Re7 x -d6&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 13 – Fc1 - f4.   +کیش&lt;br /&gt;
 | 13 – Rd6 - d7&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 14 – Ff4 x h6&lt;br /&gt;
| 14 – Th8 x h6&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[Image:24-155-2.jpg]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;شکل شماره بیست و سه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; … مهره شاه در معرض خطر قرار گرفته و نیروهای سفید آماده هستند تا با قاطعیت ضربه‌های نهائی را وارد کنند: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[Image:24-155-3.jpg]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;شکل شماره بیست و چهار&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;  در این بازی، سیاه از همان ابتدا به عوض گسترش مهره‌ها به تباه کردن وقت پرداخت و هنگامی به فکر گسترش نیروهایش افتاد که دیگر کار از کار گذشته بود... در بازی شماره شش، گسترش مهره‌های سفید به دلیل حرکات بی رویه پیاده ها نتیجه بخش نیست. در عوض سیاه به سرعت مهره‌ها را گسترش می دهد و با دو اسب به جان حریف می افتد و پس از انجام پانزده حرکت او را وادار می کند سر تسلیم فرود بیاورد. بررسی کنید: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==بازی شماره شش:==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سفید&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سیاه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 1 – Cg1 – f3&lt;br /&gt;
| 1 – d7 – d5&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 2 – g2 – g3&lt;br /&gt;
| 2 – Cg8 – f6&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 3 – Ff1 – g2&lt;br /&gt;
| 3 – g7 – g6&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 4 – 0 – 0  قلعه کوچک&lt;br /&gt;
| 4 – Ff8 – g7&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 5 – d2 – d3&lt;br /&gt;
| 5 – 0 – 0  قلعه کوچک&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 6 – e2 – e3 ?&lt;br /&gt;
| 6 – …….&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[Image:24-156-1.jpg]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;شکل شماره بیست و پنج&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;... یک حرکت! اگر سفید در حرکت ششم اسب b1  را به خانه d2  می برد و بدین وسیله زمینه پیش راندن پیاده e2 را به خانه e4 در حرکت بعدی فراهم می آورد، باز می شد گفت که تلاش مذبوحانه ئی به عمل آورده. ولی: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
  &lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|6 – ………..  &lt;br /&gt;
| 6 – Fc8 - g4&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 7 – Cb1 - d2&lt;br /&gt;
| 7 – Cb8 - d7&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 8 – Dd1 - e1&lt;br /&gt;
| 8 – e7 - e5&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 9 – C2 - C3?&lt;br /&gt;
| 9 – Tf8 - e8&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10 – e3 - e4  &lt;br /&gt;
| 10 – …….&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سفید در حرکت ششم مرتکب اشتباه شد و این اشتباه او را هم چنان عقب نگاه داشته: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
| 10 – …….  &lt;br /&gt;
| 10 – C7 - C6&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11 – b2 - b3? &lt;br /&gt;
| 11 – ……..&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[Image:24-156-2.jpg]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;شکل شماره بیست و شش&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;... سفید تاکنون شش حرکت به وسیلهء پیاده‌ ها انجام داده و به دلیل عدم تحرک در بازی به حریف امکان داده از نظر گسترش مهره ها بر او برتری بیابد... حرکات بیفایده پیاده های سفید نه تنها کمکی به گسترش نیروها نکرده، بلکه سبب ضعف جناح وزیر نیز شده است. سیاه، با در نظر گرفتن وضع موجود با شهامت از مهره های کار آمد خود مدد می گیرد و به پیش می تازد: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
| 11 – …….&lt;br /&gt;
| 11 – Cd7 - c6&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سیاه با انجام این حرکت به پیاده بی دفاع (d) یورش برده: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
| 12 – De1 - e3&lt;br /&gt;
| 12 – d5 - d4&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 13 - c3 x d4 &lt;br /&gt;
| 13 – e5 x d4&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 14 – Cf3 x d4 &lt;br /&gt;
| 14 – Cf6 - d5!&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
[[Image:24-157-1.jpg]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
وزیر سفید به دام افتاده: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
| 15 – De3 - e1 &lt;br /&gt;
| 15 – Cc5 x d3&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 16 – تسلیم می شود&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[Image:24-157-1.jpg]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;شکل شماره بیست و هفت&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;… سفید، در بازی ششم به این دلیل شکست خرد که در شروع  کار، پیاده‌هایش را بیش از اندازه جابجا کرد….&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; حرکات ششم و نهم و یازدهم او مطلقا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; غیر ضروری بود و حریف از این فرصت به نحو شایسته‌ئی بهره گرفت و توانست با خیال راحت به امر گسترش بپردازد و عاقبت نبرد را به سود خود به پایان ببرد. حتما تعجب خواهید کرد اگر بگوئیم که هیچکدام از حرکات سفید در نفس امر اشتباه نبود: ولی هرگاه اثری را که سه حرکت فوق (در جمع) روی بازی او گذاشته‌اند مورد بررسی قرار دهید در خواهید یافت که چه نتیجه مصیبت باری در کل ماجرا داشته‌اند… درسی که از بازی‌های شماره پنج و شش می‌توانیم بگیریم این است که: هر حرکت غیرضروری به وسیله پیاده، قدمی است که به بیراهه گذاشته می‌شود. شاید در ابتدا متوجه این کج روی نشوید: ولی خواه و ناخواه نخستین قدم کج را برداشته‌اید… هم چنان که یک اشتباه بزرگ به قیمت باخت فوری تمام می‌شود، مجموعه اشتباهات کوچک نیز بی‌تردید به چنین نتیجه‌ئی منجر خواهد شد… &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;خوب به خاطر داشته باشید که در شروع بازی از پیاده‌ها به حد افراط استفاده نکنید و فقط هنگامی پیاده را از خانه‌ئی به خانهء دیگر بکشانید که این جابه جائی کمک به گسترش دیگر مهره‌های شما بکند. بنابراین قبل از گسترش فیلها و اسب ها و نشاندن مهره شاه در قلعه نباید بیش از دو و یا حداکثر سه حرکت به وسیله پیاده انجام دهید:&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
۵. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;در شروع بازی مبادرت به گرفتن پیاده‌ها نکنید.&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در بسیاری از بازی‌های شطرنج،‌ یکی از طرفین به‌خاطر «هیچ» پیاده‌ئی در اختیار حریف می‌گذارد که به این کار اصطلاحا گامبی Gambit می گویند….&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;شکل شماره بیست و هشت&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; موقعیت صحنه را پس از آن که سیاه مبادرت به گرفتن پیاده‌ئی که سفید در شروع بازی در اختیارش گذاشته نشان می دهد: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[Image:24-158-1.jpg]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سفید&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سیاه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 1 – e2 - e4&lt;br /&gt;
| 1 – e7 - e5&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 2 – Cg1 - f3&lt;br /&gt;
| 2 – Cb3 - c6&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 3 – d2 - d4&lt;br /&gt;
| 3 – e5 x d4&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 4 – c2 - c3 &lt;br /&gt;
| 4 – d4 x c3 &lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سفید، تا این لحظه دو پیاده قربانی کرده و ظاهرا راهی وجود ندارد که بتواند جبران آن‌ها را بکند. البته سفید یکی از این دو پیاده را بی‌دلیل از دست نداده، ولی به هر جهت در چند حرکت آینده باید بازی را با یک پیاده کم‌تر اداره کند…با کمی توجه در خواهید یافت که سفید این امکان در اختیارش هست که در حرکت بعدی به وسیلهء اسب b1، پیاده سیاه c3 را از صحنه خارج کند. مضافا به این که یک پیاده قوی در خانه e4  دارد و هر دو فیل او می‌دوانند در طول دو قطر،‌ به دلیل نبودن مانعی بر سر راه، به آزادی حرکت کنند. با توجه به نکات فوق سفید از نظر گسترش دارای برتری مختصری است …سفید می‌اندیشد این امتیازات کوچک می‌تواند به نحوی جبران از دست رفتن پیاده‌هایش را بنماید…. هدف ما در این قسمت، بحث دربارهء بازی ‌هائی است که با گامبی شروع میشوند، نیست: فقط از این جهت به موضوع گامبی‌ها اشاره کردیم که بگوئیم زمانی که صرف گرتن گامبی پیاده می‌شود نمی‌تواند الزاما موئر در گسترش دیگر مهمره‌ها باشد…در اکثر بازی‌ها،‌ شما پس از انجام چند حرکت موقعیت برایتان پیش‌ می‌آید که می‌توانید پیاده‌ئی از حریف به غنیمت بگیرید… فراموش نکنید که گرفتن چنین پیاده‌ئی در ازاء چند حرکت بیهوده و قبل از کامل شدن گسترش مهره‌ها تحقق می‌یابد و بر شما فرض است که هرگز اغوا نشوید و خود را درگیر مسائلی از این دست نکنید...&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
بازی شمارهء هفت، سرنوشت شوم استادی گمنام را می‌نمایاند که نتوانسته در برابر وسوسه پایداری کند‪; ‬&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;مساله شطرنج شمارهء ۶&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سفید ۵ مهره:&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; Ta3 ‪-‬ Pb3 ‪-‬ Cb4 ‪-‬ Ca6 ‪-‬ Rc7 &lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سیاه ۲ مهره:&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; Pb7 ‪-‬ Rb5 &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سفید بازی را شروع و در سه حرکت سیاه را مات می‌کند&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[Image:24-159-1.jpg]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;حل مساله شطرنج  شماره ۶&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; &lt;br /&gt;
سیاه در سه حرکت مات می‌شود&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سفید&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سیاه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 1 – T – a1!&lt;br /&gt;
| 1 – P– B6&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 2 – C – a2!&lt;br /&gt;
| 2 – R – ~&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 3 – C – c3 ++ مات  &lt;br /&gt;
حرکت آزاد&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اگر&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 1 – ….&lt;br /&gt;
| 1 – P x C&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 2 – C – c6| &lt;br /&gt;
2 – P - a5&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
3- T x P ++ مات&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Pouya</name></author>
	</entry>
	<entry>
		<id>http://irpress.org/index.php?title=%D8%B4%D8%B7%D8%B1%D9%86%D8%AC_%D8%AC%D9%88%D8%A7%D9%86%D8%A7%D9%86_%D9%BE%DB%8C%DA%A9%D8%A7%D8%B1_%D8%A7%D9%86%D8%AF%DB%8C%D8%B4%D9%87%E2%80%8C%D9%87%D8%A7_%DB%B6&amp;diff=31415</id>
		<title>شطرنج جوانان پیکار اندیشه‌ها ۶</title>
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		<updated>2012-05-12T13:34:48Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;Pouya: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[Image:24-154.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۴|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۴]]&lt;br /&gt;
[[Image:24-155.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۵|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۵]]&lt;br /&gt;
[[Image:24-156.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۶|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۶]]&lt;br /&gt;
[[Image:24-157.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۷|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۷]]&lt;br /&gt;
[[Image:24-158.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۸|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۸]]&lt;br /&gt;
[[Image:24-159.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۹|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۹]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{در حال ویرایش}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[رده:کتاب جمعه ۲۴]]&lt;br /&gt;
[[رده:کتاب جمعه]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;نوشتهٔ ج. ان. واکر&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
ترجمهٔ جهانگیر افشاری&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==بازی شماره ۵==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سفید&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سیاه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| 1 – e2 – e4&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| 1 – e7 – e5&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| 2 – Cg1 – f3&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| 2 – f7 – f6? &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سیاه برای دفاع از پیاده - ای- سوراخ دعا را گم کرده است، اولا: با این حرکت نه مهره‌ئی گسترش می یابد و نه راه برای گسترش دیگر مهرهئی گشوده می‌شود. ثانیا: پیاده در خانه‌ئی مستفر شده که در مورد نیاز اسب  g8 می باشد. ثالثا: اشغال خانه f6 به وسیلهء پیاده، راه عبور وزیر سیاه d8 را مسدود کرده: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| 3 – Ff1 – c4&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| 3 – a7 – a6?&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| 4 – 0 – 0 قلعه کوچک&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| 4 – b7 – b5&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| 5 – Fc4 – b3&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| 5 – Fc8 – b7&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سیاه، پس از این که چهار حرکت به وسیلهء پیاده‌هایش انجام داد، بالاخره دل به دریا زد و فیل c8 را از خانه اصلی خود خارج کرد… این حرکت متاسفانه خیلی دیر انجام شده و نمی‌تواند مفید واقع شود، چرا که سفید قبلا دو مهره را فعالانه وارد عرصه نبرد کرده و شاهش نیز در نقطه امنی جای گرفته و وزیر d1  نیز آماده است تا هر لحظه ضورت ایجاب کند قدم به میدان بگذارد:‌&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 6 – cf3 x e5!! &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 6 – . . . . . . . .&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{پایان چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[Image:24-154-1.jpg]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;شکل شماره بیست و یک …&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; سیاه نمی تواند اسب سفید را با حرکت: 6… f6.e5  بگیرد، زیرا حرکت سفید کیش 7-Dd1-h5+ به قیمت یک رخ برای سیاه تمام می‌شود…دلیل این امر روشن است: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;7 – Od1 - h5 + کیش&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 7 – g7 - g6&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
 | &amp;#039;&amp;#039; 8 – Dh5 x e5 + کیش&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
   | 8 – …….&amp;#039;&amp;#039; &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{پایان چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در این وضعیت، سیاه ناچار است کیش وارده را دفع کند و سفید از فرصت بهره می‌گیرد و در حرکت بعدی رخ f8 را به وسیلهء وزیر از گردونه خارج می‌کند… و اگر سیاه بخواهد به مانور زیر دست یازد، در دم مات خواهد شد:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
| &amp;#039;&amp;#039;7 – Dd1 - h5  کیش + &lt;br /&gt;
| 7 – Re8 - e7&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| &amp;#039;&amp;#039;8 – Dh5 x e5 مات ++&lt;br /&gt;
| 8 – ……….&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
خوب! در شرایط موجود سیاه می‌کوشد با شتاب مهره‌هایش را گسترش بدهد: ولی باید اعتراف کرد که حتی با این تلاش موفق نمی‌شود جلوی حملات حریف را بگیرد: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|6 – ………..  &lt;br /&gt;
| 6 – Cg8 - h6&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 7 – d2 - d4&lt;br /&gt;
| 7 – Cb8 - c6&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 8 – Dd1 - h5&lt;br /&gt;
| 8 – g7 - g6&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 9 – Ce5 x g6&lt;br /&gt;
| 9 – Ce5 x g6&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10 – Dh5 x g6   کیش  + &lt;br /&gt;
| 10 – Re8 - e7&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11 – e4 - e5!&lt;br /&gt;
| 11 – ……..&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[Image:24-155-1.jpg]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;شکل شماره بیست و دو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;…. تهدید فوری سفید این است که در حرکت بعدی اسب سیاه  h6 را به وسیلهء فیل مستقر در خانه c1 بگیرد و سپس با نشاندن وزیر در خانه f7، رقیب را مات کند. اجازه بدهید به‌ببینیم بازی چگونه ادامه پیدا می کند:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|11 – ………..  &lt;br /&gt;
| 11 – d7 - d5&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 12 – e5 x d6 e.p.+ کیش&lt;br /&gt;
| 12 – Re7 x -d6&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 13 – Fc1 - f4.   +کیش&lt;br /&gt;
 | 13 – Rd6 - d7&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 14 – Ff4 x h6&lt;br /&gt;
| 14 – Th8 x h6&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[Image:24-155-2.jpg]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;شکل شماره بیست و سه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; … مهره شاه در معرض خطر قرار گرفته و نیروهای سفید آماده هستند تا با قاطعیت ضربه‌های نهائی را وارد کنند: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[Image:24-155-3.jpg]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;شکل شماره بیست و چهار&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;  در این بازی، سیاه از همان ابتدا به عوض گسترش مهره‌ها به تباه کردن وقت پرداخت و هنگامی به فکر گسترش نیروهایش افتاد که دیگر کار از کار گذشته بود... در بازی شماره شش، گسترش مهره‌های سفید به دلیل حرکات بی رویه پیاده ها نتیجه بخش نیست. در عوض سیاه به سرعت مهره‌ها را گسترش می دهد و با دو اسب به جان حریف می افتد و پس از انجام پانزده حرکت او را وادار می کند سر تسلیم فرود بیاورد. بررسی کنید: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==بازی شماره شش:==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سفید&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سیاه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 1 – Cg1 – f3&lt;br /&gt;
| 1 – d7 – d5&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 2 – g2 – g3&lt;br /&gt;
| 2 – Cg8 – f6&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 3 – Ff1 – g2&lt;br /&gt;
| 3 – g7 – g6&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 4 – 0 – 0  قلعه کوچک&lt;br /&gt;
| 4 – Ff8 – g7&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 5 – d2 – d3&lt;br /&gt;
| 5 – 0 – 0  قلعه کوچک&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 6 – e2 – e3 ?&lt;br /&gt;
| 6 – …….&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[Image:24-156-1.jpg]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;شکل شماره بیست و پنج&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;... یک حرکت! اگر سفید در حرکت ششم اسب b1  را به خانه d2  می برد و بدین وسیله زمینه پیش راندن پیاده e2 را به خانه e4 در حرکت بعدی فراهم می آورد، باز می شد گفت که تلاش مذبوحانه ئی به عمل آورده. ولی: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
  &lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|6 – ………..  &lt;br /&gt;
| 6 – Fc8 - g4&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 7 – Cb1 - d2&lt;br /&gt;
| 7 – Cb8 - d7&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 8 – Dd1 - e1&lt;br /&gt;
| 8 – e7 - e5&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 9 – C2 - C3?&lt;br /&gt;
| 9 – Tf8 - e8&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10 – e3 - e4  &lt;br /&gt;
| 10 – …….&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سفید در حرکت ششم مرتکب اشتباه شد و این اشتباه او را هم چنان عقب نگاه داشته: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
| 10 – …….  &lt;br /&gt;
| 10 – C7 - C6&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11 – b2 - b3? &lt;br /&gt;
| 11 – ……..&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[Image:24-156-2.jpg]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;شکل شماره بیست و شش&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;... سفید تاکنون شش حرکت به وسیلهء پیاده‌ ها انجام داده و به دلیل عدم تحرک در بازی به حریف امکان داده از نظر گسترش مهره ها بر او برتری بیابد... حرکات بیفایده پیاده های سفید نه تنها کمکی به گسترش نیروها نکرده، بلکه سبب ضعف جناح وزیر نیز شده است. سیاه، با در نظر گرفتن وضع موجود با شهامت از مهره های کار آمد خود مدد می گیرد و به پیش می تازد: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
| 11 – …….&lt;br /&gt;
| 11 – Cd7 - c6&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سیاه با انجام این حرکت به پیاده بی دفاع (d) یورش برده: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
| 12 – De1 - e3&lt;br /&gt;
| 12 – d5 - d4&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 13 - c3 x d4 &lt;br /&gt;
| 13 – e5 x d4&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 14 – Cf3 x d4 &lt;br /&gt;
| 14 – Cf6 - d5!&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
[[Image:24-157-1.jpg]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
وزیر سفید به دام افتاده: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
| 15 – De3 - e1 &lt;br /&gt;
| 15 – Cc5 x d3&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 16 – تسلیم می شود&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[Image:24-157-1.jpg]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;شکل شماره بیست و هفت&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;… سفید، در بازی ششم به این دلیل شکست خرد که در شروع  کار، پیاده‌هایش را بیش از اندازه جابجا کرد….&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; حرکات ششم و نهم و یازدهم او مطلقا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; غیر ضروری بود و حریف از این فرصت به نحو شایسته‌ئی بهره گرفت و توانست با خیال راحت به امر گسترش بپردازد و عاقبت نبرد را به سود خود به پایان ببرد. حتما تعجب خواهید کرد اگر بگوئیم که هیچکدام از حرکات سفید در نفس امر اشتباه نبود: ولی هرگاه اثری را که سه حرکت فوق (در جمع) روی بازی او گذاشته‌اند مورد بررسی قرار دهید در خواهید یافت که چه نتیجه مصیبت باری در کل ماجرا داشته‌اند… درسی که از بازی‌های شماره پنج و شش می‌توانیم بگیریم این است که: هر حرکت غیرضروری به وسیله پیاده، قدمی است که به بیراهه گذاشته می‌شود. شاید در ابتدا متوجه این کج روی نشوید: ولی خواه و ناخواه نخستین قدم کج را برداشته‌اید… هم چنان که یک اشتباه بزرگ به قیمت باخت فوری تمام می‌شود، مجموعه اشتباهات کوچک نیز بی‌تردید به چنین نتیجه‌ئی منجر خواهد شد… &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;خوب به خاطر داشته باشید که در شروع بازی از پیاده‌ها به حد افراط استفاده نکنید و فقط هنگامی پیاده را از خانه‌ئی به خانهء دیگر بکشانید که این جابه جائی کمک به گسترش دیگر مهره‌های شما بکند. بنابراین قبل از گسترش فیلها و اسب ها و نشاندن مهره شاه در قلعه نباید بیش از دو و یا حداکثر سه حرکت به وسیله پیاده انجام دهید:&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
۵. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;در شروع بازی مبادرت به گرفتن پیاده‌ها نکنید.&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در بسیاری از بازی‌های شطرنج،‌ یکی از طرفین به‌خاطر «هیچ» پیاده‌ئی در اختیار حریف می‌گذارد که به این کار اصطلاحا گامبی Gambit می گویند….&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;شکل شماره بیست و هشت&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; موقعیت صحنه را پس از آن که سیاه مبادرت به گرفتن پیاده‌ئی که سفید در شروع بازی در اختیارش گذاشته نشان می دهد: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[Image:24-158-1.jpg]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
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| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سفید&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سیاه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 1 – e2 - e4&lt;br /&gt;
| 1 – e7 - e5&lt;br /&gt;
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| 2 – Cg1 - f3&lt;br /&gt;
| 2 – Cb3 - c6&lt;br /&gt;
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| 3 – d2 - d4&lt;br /&gt;
| 3 – e5 x d4&lt;br /&gt;
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| 4 – c2 - c3 &lt;br /&gt;
| 4 – d4 x c3 &lt;br /&gt;
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{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سفید، تا این لحظه دو پیاده قربانی کرده و ظاهرا راهی وجود ندارد که بتواند جبران آن‌ها را بکند. البته سفید یکی از این دو پیاده را بی‌دلیل از دست نداده، ولی به هر جهت در چند حرکت آینده باید بازی را با یک پیاده کم‌تر اداره کند…با کمی توجه در خواهید یافت که سفید این امکان در اختیارش هست که در حرکت بعدی به وسیلهء اسب b1، پیاده سیاه c3 را از صحنه خارج کند. مضافا به این که یک پیاده قوی در خانه e4  دارد و هر دو فیل او می‌دوانند در طول دو قطر،‌ به دلیل نبودن مانعی بر سر راه، به آزادی حرکت کنند. با توجه به نکات فوق سفید از نظر گسترش دارای برتری مختصری است …سفید می‌اندیشد این امتیازات کوچک می‌تواند به نحوی جبران از دست رفتن پیاده‌هایش را بنماید…. هدف ما در این قسمت، بحث دربارهء بازی ‌هائی است که با گامبی شروع میشوند، نیست: فقط از این جهت به موضوع گامبی‌ها اشاره کردیم که بگوئیم زمانی که صرف گرتن گامبی پیاده می‌شود نمی‌تواند الزاما موئر در گسترش دیگر مهمره‌ها باشد…در اکثر بازی‌ها،‌ شما پس از انجام چند حرکت موقعیت برایتان پیش‌ می‌آید که می‌توانید پیاده‌ئی از حریف به غنیمت بگیرید… فراموش نکنید که گرفتن چنین پیاده‌ئی در ازاء چند حرکت بیهوده و قبل از کامل شدن گسترش مهره‌ها تحقق می‌یابد و بر شما فرض است که هرگز اغوا نشوید و خود را درگیر مسائلی از این دست نکنید...&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
بازی شمارهء هفت، سرنوشت شوم استادی گمنام را می‌نمایاند که نتوانسته در برابر وسوسه پایداری کند‪; ‬&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;مساله شطرنج شمارهء ۶&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سفید ۵ مهره:&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; Ta3 ‪-‬ Pb3 ‪-‬ Cb4 ‪-‬ Ca6 ‪-‬ Rc7 &lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سیاه ۲ مهره:&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; Pb7 ‪-‬ Rb5 &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سفید بازی را شروع و در سه حرکت سیاه را مات می‌کند&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[Image:24-159-1.jpg]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;حل مساله شطرنج  شماره ۶&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; &lt;br /&gt;
سیاه در سه حرکت مات می‌شود&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سفید&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سیاه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 1 – T – a1!&lt;br /&gt;
| 1 – P– B6&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 2 – C – a2!&lt;br /&gt;
| 2 – R – ~&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 3 – C – c3 ++ مات  &lt;br /&gt;
حرکت آزاد&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اگر&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 1 – ….&lt;br /&gt;
| 1 – P x C&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 2 – C – c6| &lt;br /&gt;
2 – P - a5&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
3- T x P ++ مات&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Pouya</name></author>
	</entry>
	<entry>
		<id>http://irpress.org/index.php?title=%D8%B4%D8%B7%D8%B1%D9%86%D8%AC_%D8%AC%D9%88%D8%A7%D9%86%D8%A7%D9%86_%D9%BE%DB%8C%DA%A9%D8%A7%D8%B1_%D8%A7%D9%86%D8%AF%DB%8C%D8%B4%D9%87%E2%80%8C%D9%87%D8%A7_%DB%B6&amp;diff=31414</id>
		<title>شطرنج جوانان پیکار اندیشه‌ها ۶</title>
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		<updated>2012-05-12T13:32:11Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;Pouya: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[Image:24-154.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۴|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۴]]&lt;br /&gt;
[[Image:24-155.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۵|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۵]]&lt;br /&gt;
[[Image:24-156.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۶|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۶]]&lt;br /&gt;
[[Image:24-157.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۷|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۷]]&lt;br /&gt;
[[Image:24-158.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۸|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۸]]&lt;br /&gt;
[[Image:24-159.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۹|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۹]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{در حال ویرایش}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[رده:کتاب جمعه ۲۴]]&lt;br /&gt;
[[رده:کتاب جمعه]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;نوشتهٔ ج. ان. واکر&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
ترجمهٔ جهانگیر افشاری&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==بازی شماره ۵==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
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{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
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| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سیاه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
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| 1 – e2 – e4&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| 1 – e7 – e5&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| 2 – Cg1 – f3&lt;br /&gt;
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| 2 – f7 – f6? &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سیاه برای دفاع از پیاده - ای- سوراخ دعا را گم کرده است، اولا: با این حرکت نه مهره‌ئی گسترش می‌یابد و نه راه برای گسترش دیگر مهرهئی گشوده می‌شود. ثانیا: پیاده در خانه‌ئی مستفر شده که در مورد نیاز اسب ** جی ۸ می‌باشد. ثالثا: اشغال خانه اف ۶ به وسیلهء پیاده، راه عبور وزیر سیاه دی۸ را مسدود کرده: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
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{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
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| 3 – Ff1 – c4&lt;br /&gt;
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| 3 – a7 – a6?&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
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| 4 – 0 – 0 قلعه کوچک&lt;br /&gt;
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| 4 – b7 – b5&lt;br /&gt;
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| 5 – Fc4 – b3&lt;br /&gt;
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| 5 – Fc8 – b7&lt;br /&gt;
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|}&lt;br /&gt;
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{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
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&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سیاه، پس از این که چهار حرکت به وسیلهء پیاده‌هایش انجام داد، بالاخره دل به دریا زد و فیل c8 را از خانه اصلی خود خارج کرد… این حرکت متاسفانه خیلی دیر انجام شده و نمی‌تواند مفید واقع شود، چرا که سفید قبلا دو مهره را فعالانه وارد عرصه نبرد کرده و شاهش نیز در نقطه امنی جای گرفته و وزیر d1  نیز آماده است تا هر لحظه ضورت ایجاب کند قدم به میدان بگذارد:‌&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 6 – cf3 x e5!! &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 6 – . . . . . . . .&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{پایان چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[Image:24-154-1.jpg]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;شکل شماره بیست و یک …&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; سیاه نمی‌تواند اسب سفید را با حرکت: 6… f6.e5  بگیرد، زیرا حرکت سفید کیش 7-Dd1-h5+ به قیمت یک رخ برای سیاه تمام می‌شود…دلیل این امر روشن است: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;7 – Od1 - h5 + کیش&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 7 – g7 - g6&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
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 | &amp;#039;&amp;#039; 8 – Dh5 x e5 + کیش&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
   | 8 – …….&amp;#039;&amp;#039; &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
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{{پایان چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در این وضعیت، سیاه ناچار است کیش وارده را دفع کند و سفید از فرصت بهره می‌گیرد و در حرکت بعدی رخ f8 را به وسیلهء وزیر از گردونه خارج می‌کند… و اگر سیاه بخواهد به مانور زیر دست یازد، در دم مات خواهد شد:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
| &amp;#039;&amp;#039;7 – Dd1 - h5  کیش + &lt;br /&gt;
| 7 – Re8 - e7&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| &amp;#039;&amp;#039;8 – Dh5 x e5 مات ++&lt;br /&gt;
| 8 – ……….&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
خوب! در شرایط موجود سیاه می‌کوشد با شتاب مهره‌هایش را گسترش بدهد: ولی باید اعتراف کرد که حتی با این تلاش موفق نمی‌شود جلوی حملات حریف را بگیرد: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|6 – ………..  &lt;br /&gt;
| 6 – Cg8 - h6&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 7 – d2 - d4&lt;br /&gt;
| 7 – Cb8 - c6&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 8 – Dd1 - h5&lt;br /&gt;
| 8 – g7 - g6&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 9 – Ce5 x g6&lt;br /&gt;
| 9 – Ce5 x g6&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10 – Dh5 x g6   کیش  + &lt;br /&gt;
| 10 – Re8 - e7&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11 – e4 - e5!&lt;br /&gt;
| 11 – ……..&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[Image:24-155-1.jpg]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;شکل شماره بیست و دو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;…. تهدید فوری سفید این است که در حرکت بعدی اسب سیاه  h6 را به وسیلهء فیل مستقر در خانه c1 بگیرد و سپس با نشاندن وزیر در خانه f7، رقیب را مات کند. اجازه بدهید به‌ببینیم بازی چگونه ادامه پیدا می کند:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|11 – ………..  &lt;br /&gt;
| 11 – d7 - d5&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 12 – e5 x d6 e.p.+ کیش&lt;br /&gt;
| 12 – Re7 x -d6&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 13 – Fc1 - f4.   +کیش&lt;br /&gt;
 | 13 – Rd6 - d7&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 14 – Ff4 x h6&lt;br /&gt;
| 14 – Th8 x h6&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[Image:24-155-2.jpg]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;شکل شماره بیست و سه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; … مهره شاه در معرض خطر قرار گرفته و نیروهای سفید آماده هستند تا با قاطعیت ضربه‌های نهائی را وارد کنند: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[Image:24-155-3.jpg]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;شکل شماره بیست و چهار&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;  در این بازی، سیاه از همان ابتدا به عوض گسترش مهره‌ها به تباه کردن وقت پرداخت و هنگامی به فکر گسترش نیروهایش افتاد که دیگر کار از کار گذشته بود... در بازی شماره شش، گسترش مهره‌های سفید به دلیل حرکات بی رویه پیاده ها نتیجه بخش نیست. در عوض سیاه به سرعت مهره‌ها را گسترش می دهد و با دو اسب به جان حریف می افتد و پس از انجام پانزده حرکت او را وادار می کند سر تسلیم فرود بیاورد. بررسی کنید: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==بازی شماره شش:==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سفید&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سیاه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 1 – Cg1 – f3&lt;br /&gt;
| 1 – d7 – d5&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 2 – g2 – g3&lt;br /&gt;
| 2 – Cg8 – f6&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 3 – Ff1 – g2&lt;br /&gt;
| 3 – g7 – g6&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 4 – 0 – 0  قلعه کوچک&lt;br /&gt;
| 4 – Ff8 – g7&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 5 – d2 – d3&lt;br /&gt;
| 5 – 0 – 0  قلعه کوچک&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 6 – e2 – e3 ?&lt;br /&gt;
| 6 – …….&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[Image:24-156-1.jpg]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;شکل شماره بیست و پنج&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;... یک حرکت! اگر سفید در حرکت ششم اسب b1  را به خانه d2  می برد و بدین وسیله زمینه پیش راندن پیاده e2 را به خانه e4 در حرکت بعدی فراهم می آورد، باز می شد گفت که تلاش مذبوحانه ئی به عمل آورده. ولی: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
  &lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|6 – ………..  &lt;br /&gt;
| 6 – Fc8 - g4&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 7 – Cb1 - d2&lt;br /&gt;
| 7 – Cb8 - d7&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 8 – Dd1 - e1&lt;br /&gt;
| 8 – e7 - e5&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 9 – C2 - C3?&lt;br /&gt;
| 9 – Tf8 - e8&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10 – e3 - e4  &lt;br /&gt;
| 10 – …….&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سفید در حرکت ششم مرتکب اشتباه شد و این اشتباه او را هم چنان عقب نگاه داشته: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
| 10 – …….  &lt;br /&gt;
| 10 – C7 - C6&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11 – b2 - b3? &lt;br /&gt;
| 11 – ……..&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[Image:24-156-2.jpg]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;شکل شماره بیست و شش&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;... سفید تاکنون شش حرکت به وسیلهء پیاده‌ ها انجام داده و به دلیل عدم تحرک در بازی به حریف امکان داده از نظر گسترش مهره ها بر او برتری بیابد... حرکات بیفایده پیاده های سفید نه تنها کمکی به گسترش نیروها نکرده، بلکه سبب ضعف جناح وزیر نیز شده است. سیاه، با در نظر گرفتن وضع موجود با شهامت از مهره های کار آمد خود مدد می گیرد و به پیش می تازد: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
| 11 – …….&lt;br /&gt;
| 11 – Cd7 - c6&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سیاه با انجام این حرکت به پیاده بی دفاع (d) یورش برده: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
| 12 – De1 - e3&lt;br /&gt;
| 12 – d5 - d4&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 13 - c3 x d4 &lt;br /&gt;
| 13 – e5 x d4&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 14 – Cf3 x d4 &lt;br /&gt;
| 14 – Cf6 - d5!&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
[[Image:24-157-1.jpg]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
وزیر سفید به دام افتاده: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
| 15 – De3 - e1 &lt;br /&gt;
| 15 – Cc5 x d3&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 16 – تسلیم می شود&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[Image:24-157-1.jpg]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;شکل شماره بیست و هفت&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;… سفید، در بازی ششم به این دلیل شکست خرد که در شروع  کار، پیاده‌هایش را بیش از اندازه جابجا کرد….&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; حرکات ششم و نهم و یازدهم او مطلقا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; غیر ضروری بود و حریف از این فرصت به نحو شایسته‌ئی بهره گرفت و توانست با خیال راحت به امر گسترش بپردازد و عاقبت نبرد را به سود خود به پایان ببرد. حتما تعجب خواهید کرد اگر بگوئیم که هیچکدام از حرکات سفید در نفس امر اشتباه نبود: ولی هرگاه اثری را که سه حرکت فوق (در جمع) روی بازی او گذاشته‌اند مورد بررسی قرار دهید در خواهید یافت که چه نتیجه مصیبت باری در کل ماجرا داشته‌اند… درسی که از بازی‌های شماره پنج و شش می‌توانیم بگیریم این است که: هر حرکت غیرضروری به وسیله پیاده، قدمی است که به بیراهه گذاشته می‌شود. شاید در ابتدا متوجه این کج روی نشوید: ولی خواه و ناخواه نخستین قدم کج را برداشته‌اید… هم چنان که یک اشتباه بزرگ به قیمت باخت فوری تمام می‌شود، مجموعه اشتباهات کوچک نیز بی‌تردید به چنین نتیجه‌ئی منجر خواهد شد… &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;خوب به خاطر داشته باشید که در شروع بازی از پیاده‌ها به حد افراط استفاده نکنید و فقط هنگامی پیاده را از خانه‌ئی به خانهء دیگر بکشانید که این جابه جائی کمک به گسترش دیگر مهره‌های شما بکند. بنابراین قبل از گسترش فیلها و اسب ها و نشاندن مهره شاه در قلعه نباید بیش از دو و یا حداکثر سه حرکت به وسیله پیاده انجام دهید:&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
۵. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;در شروع بازی مبادرت به گرفتن پیاده‌ها نکنید.&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در بسیاری از بازی‌های شطرنج،‌ یکی از طرفین به‌خاطر «هیچ» پیاده‌ئی در اختیار حریف می‌گذارد که به این کار اصطلاحا گامبی Gambit می گویند….&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;شکل شماره بیست و هشت&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; موقعیت صحنه را پس از آن که سیاه مبادرت به گرفتن پیاده‌ئی که سفید در شروع بازی در اختیارش گذاشته نشان می دهد: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[Image:24-158-1.jpg]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سفید&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سیاه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 1 – e2 - e4&lt;br /&gt;
| 1 – e7 - e5&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 2 – Cg1 - f3&lt;br /&gt;
| 2 – Cb3 - c6&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 3 – d2 - d4&lt;br /&gt;
| 3 – e5 x d4&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 4 – c2 - c3 &lt;br /&gt;
| 4 – d4 x c3 &lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سفید، تا این لحظه دو پیاده قربانی کرده و ظاهرا راهی وجود ندارد که بتواند جبران آن‌ها را بکند. البته سفید یکی از این دو پیاده را بی‌دلیل از دست نداده، ولی به هر جهت در چند حرکت آینده باید بازی را با یک پیاده کم‌تر اداره کند…با کمی توجه در خواهید یافت که سفید این امکان در اختیارش هست که در حرکت بعدی به وسیلهء اسب b1، پیاده سیاه c3 را از صحنه خارج کند. مضافا به این که یک پیاده قوی در خانه e4  دارد و هر دو فیل او می‌دوانند در طول دو قطر،‌ به دلیل نبودن مانعی بر سر راه، به آزادی حرکت کنند. با توجه به نکات فوق سفید از نظر گسترش دارای برتری مختصری است …سفید می‌اندیشد این امتیازات کوچک می‌تواند به نحوی جبران از دست رفتن پیاده‌هایش را بنماید…. هدف ما در این قسمت، بحث دربارهء بازی ‌هائی است که با گامبی شروع میشوند، نیست: فقط از این جهت به موضوع گامبی‌ها اشاره کردیم که بگوئیم زمانی که صرف گرتن گامبی پیاده می‌شود نمی‌تواند الزاما موئر در گسترش دیگر مهمره‌ها باشد…در اکثر بازی‌ها،‌ شما پس از انجام چند حرکت موقعیت برایتان پیش‌ می‌آید که می‌توانید پیاده‌ئی از حریف به غنیمت بگیرید… فراموش نکنید که گرفتن چنین پیاده‌ئی در ازاء چند حرکت بیهوده و قبل از کامل شدن گسترش مهره‌ها تحقق می‌یابد و بر شما فرض است که هرگز اغوا نشوید و خود را درگیر مسائلی از این دست نکنید...&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
بازی شمارهء هفت، سرنوشت شوم استادی گمنام را می‌نمایاند که نتوانسته در برابر وسوسه پایداری کند‪; ‬&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;مساله شطرنج شمارهء ۶&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سفید ۵ مهره:&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; Ta3 ‪-‬ Pb3 ‪-‬ Cb4 ‪-‬ Ca6 ‪-‬ Rc7 &lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سیاه ۲ مهره:&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; Pb7 ‪-‬ Rb5 &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سفید بازی را شروع و در سه حرکت سیاه را مات می‌کند&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[Image:24-159-1.jpg]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;حل مساله شطرنج  شماره ۶&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; &lt;br /&gt;
سیاه در سه حرکت مات می‌شود&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سفید&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سیاه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 1 – T – a1!&lt;br /&gt;
| 1 – P– B6&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 2 – C – a2!&lt;br /&gt;
| 2 – R – ~&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 3 – C – c3 ++ مات  &lt;br /&gt;
حرکت آزاد&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اگر&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 1 – ….&lt;br /&gt;
| 1 – P x C&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 2 – C – c6| &lt;br /&gt;
2 – P - a5&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
3- T x P ++ مات&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Pouya</name></author>
	</entry>
	<entry>
		<id>http://irpress.org/index.php?title=%D8%B4%D8%B7%D8%B1%D9%86%D8%AC_%D8%AC%D9%88%D8%A7%D9%86%D8%A7%D9%86_%D9%BE%DB%8C%DA%A9%D8%A7%D8%B1_%D8%A7%D9%86%D8%AF%DB%8C%D8%B4%D9%87%E2%80%8C%D9%87%D8%A7_%DB%B7&amp;diff=31220</id>
		<title>شطرنج جوانان پیکار اندیشه‌ها ۷</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="http://irpress.org/index.php?title=%D8%B4%D8%B7%D8%B1%D9%86%D8%AC_%D8%AC%D9%88%D8%A7%D9%86%D8%A7%D9%86_%D9%BE%DB%8C%DA%A9%D8%A7%D8%B1_%D8%A7%D9%86%D8%AF%DB%8C%D8%B4%D9%87%E2%80%8C%D9%87%D8%A7_%DB%B7&amp;diff=31220"/>
		<updated>2012-05-03T20:48:46Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;Pouya: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[Image:26-156.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۵۶|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۵۶]]&lt;br /&gt;
[[Image:26-157.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۵۷|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۵۷]]&lt;br /&gt;
[[Image:26-158.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۵۸|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۵۸]]&lt;br /&gt;
[[Image:26-159.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۵۹|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۵۹]]&lt;br /&gt;
[[Image:26-160.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۶۰|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۶۰]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{بازنگری}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
شطرنج جوانان&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;نوشتهٔ ج. ان. واکر&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
ترجمهٔ جهانگیر افشاری&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==بازی شماره هفت==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سفید&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سیاه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 1 – e2 – e4&lt;br /&gt;
| 1 – e7 – e5&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 2 – Cg1 – f3&lt;br /&gt;
| 2 – d7 – d6&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 3 – d2 – d4&lt;br /&gt;
| 3 – Cg8 – f6&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 4 – d4 x e5&lt;br /&gt;
| 4 – Cf6 x e4&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 5 – Ff1 – c4&lt;br /&gt;
| 5 – …….&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سفید تهدید کرده که با مانور زیر:&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 6 – Fc4 x F7 +کیش&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 6 – Re8 x f7&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 7 – Dd1 - d5 +کیش &lt;br /&gt;
| 7 – ……..&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
پیاده‌ئی از حریف به غنیمت خواهد گرفت … اجازه بدهید ببینیم نبرد چگونه ادامه پیدا می‌کند:&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 5 – …….&lt;br /&gt;
| 5 – Fc8 – e6&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 6 – Fc4 x e6 &lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 6 – f7 x e6&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 7 – Dd1 - e2&lt;br /&gt;
| 7 – ……..&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سفید مصمم است به نبرد پیاده ‪(‬b‪)‬ برود… به طوری که خواهیم دید، سفید به هدف خود می‌رسد منتهی این موفقت در ازاء انجام چهار حرکت و به وسیلهء دو مهره‌ئی که در حال حاضر عملا فعالیت می‌کنند و درگیر ماجرا هستند، به دست می آید. ‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬شکل شماره بیست و نه…‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[Image:26-156-1.jpg]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 7 – ……..&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 7 – d6 - d5&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 8 – De2 - b5‫ کیش +‬&lt;br /&gt;
| 8 – Cb8 - c6&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 9 – Cf3 - d4&lt;br /&gt;
| 9 – …….. &lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اگر سفید بلافاصله از وزیر e2  مدد میگرفت و پیاده سیاه b7 را از میدان خارج می‌کرد، در حقیقت با دست خود طناب‌دار را به گردن خویش می‌بست: زیرا سیاه بی‌آن که لحظه‌ئی تردید کند به صورت زیر عکس‌العمل نشان می‌داد. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 9 – De2 x b7 &lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 9 – Cc6 - b4&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10 – Db7 - b5‫ کیش +‬&lt;br /&gt;
| 10 – c7 - c6&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11 – Db5 - a4&lt;br /&gt;
| 11 – Ce4 - c5&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 12 – Da4 x b4&lt;br /&gt;
| 12 – Cc5 - d3&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
و بدین سان ‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬وزیر سفید‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬ از دست‌ می‌رفت:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 9 – ……..&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 9 – Dd8 - d7&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10 – Ob5 x b7&lt;br /&gt;
| 10 – ……….&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[Image:26-157-1.jpg]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; شکل شماره سی ‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬… سفید، به هدف خود رسید و پیاده سیاه ‪(‬b‪)‬ را از صحنه خارج کرد… در همین حال سیاه به آرامی و متانت مهره‌های خود را گسترش داده و آماده است حریف را به‌زانو در بیآورد:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 10 – …….&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 10 – Ff8 - b4! ‫ ‬کیش‫+‬&lt;br /&gt;
  |-&lt;br /&gt;
| 11 – c2 - c3‫ ‬&lt;br /&gt;
| 11 – Cc6 x d4!! &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 12 – Db7 x a8 کیش‫+‬ &lt;br /&gt;
| 12 – ……..&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اگر سفید به جای حرکت فوق، فیل سیاه b4 را به وسیله پیاده c3 از فعالیت باز می‌داشت، وضعش پس از نشستنِ شاه سیاه در قلعه، از آنچه که فعلا هست ناامید کننده‌تر می‌شد:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 12 – …….&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 12 – Re8 - f7&lt;br /&gt;
  |-&lt;br /&gt;
| 13 – Da8 x h8&lt;br /&gt;
| 11 – Dh7 -b5!&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 14– Dتسلیم می‌شود &lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[Image:26-157-2.jpg]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;شکل شمارهء سی و یک‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬ سیاه، تهدید کرده وزیر را از خانه b5 به خانه e2 خواهد کشاند و رقیب را مات خواهد کرد… سفید در برابر این تهدید نمی‌تواند مقاومت کند و بناچار تسلیم می‌شود… سفید مبهوت است و نمی‌داند چه عاملی سبب شده به این روز بیفتد‪.‬ ولی ما دلیل آن را می‌دانیم، در حرکت دهم، سفید پیاد‌ه‌ئی را که قبلا قصد جانش را جرده بود با موفقیت از فعالیت باز داشت و خود، بعد از انجام سه حرکت در زیر توده‌ئی از مشکلات دفن گردید… این چنین پی‌آمدها در برابر حرکات بی‌رویه پیاده‌ها امری عادی است. توجه داشته باشید که یورش در این بازی آن چنان که باید سهمگین و ویرانگر نبود… بازی شماره هشت نمونه دیگری است که حمله به گونه‌ئی «متدیک» و نه «پُر تب و تاب» انجام می‌شود. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==بازی شماره هشت:==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سفید&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سیاه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 1 – e2 – e4&lt;br /&gt;
| 1 – e7 – e5&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 2 – f2 – f4&lt;br /&gt;
| 2 – Ff8 – c5&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 3 – Cg1 – f3&lt;br /&gt;
| 3 – d7 – d6&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 4 – Ff1 - c4&lt;br /&gt;
| 4 – Cg8 - f6&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 5 – Cb1 – c3&lt;br /&gt;
| 5 – 0 -0 قلعه کوچک&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 6 – d2 – d3&lt;br /&gt;
| 6 – g4 - Cf6&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
یک حرکت ضعیف، اسب سیاه، قبلا به میدان آمده: مهره‌های جناح وزیر باید گسترش بیابند: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 7 – Th1 - f1&lt;br /&gt;
| 7 – Cg4 x h2&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[Image:26-158-1.jpg]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
شکل شمارهء سی و دو… سیاه، یک پیاده از حریف به غنیمت گرفته و امیدش این است که پس از حرکت:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 8 – Cf3 x h2&lt;br /&gt;
| 8 – Dd8 - h4&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اسب از دست رفته را با یک یورش قوی جبران کند…سفید، ابدا به نقشه حریف توجه ندارد. و خیالات دیگری در سر می پرورد. او نه تنها در گسترش مهره‌ها از رقیب پیشی گرفته، بلکه در نظر دارد به دلیل عدم حضور پیاده h2، به حمله جانانه‌ئی در ستون (h) دست یازد: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 8 – Tf1 – h1&lt;br /&gt;
| 8 – Ch2 – g4&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 9 – dD1 – e2&lt;br /&gt;
| 9 – Fc5 – i2 + کیش&lt;br /&gt;
-|&lt;br /&gt;
| 10 – Re1 – f1&lt;br /&gt;
| 10 – Cb8 – c6&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سیاه، بالاخره با تاخیر چهار حرکت، به گسترش مهره‌های جناح وزیر پرداخت… در همین شرایط مهره‌های سفید در سنگرهای مناسب مستقر هستند و آماده‌اند حمله نهائی را آغاز کنند….&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;شکل شماره سی و سه:&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[Image:26-158-2.jpg]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سفید&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سیاه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11 – f4 – f5 !&lt;br /&gt;
| 11 – Ff2 – c5&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 12 – Cf3 – g5&lt;br /&gt;
| 12 – Cg4 – h6&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اگر سیاه به عوض حرکت فوق، اسب g4 را در خانه f6 مستقر می‌کرد، سفید با انتخاب: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
| &amp;#039;&amp;#039;13 – Cg5 x h7&lt;br /&gt;
| 13 – Cf6 x h7&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| &amp;#039;&amp;#039;14 – De2 – h5&lt;br /&gt;
| 14 – ……….&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
بازی را به سود خود به پایان می‌برد. ولی اکنون: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
| 13 – De2 - h5&lt;br /&gt;
| 13 – Dd8 - e8&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سفید، این آمادگی را پیدا کرد، که ضربه نهائی را وارد نماید و در مواضع حریف رخنه کند: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
| 14 – Cg5 x h7!!&lt;br /&gt;
| 14 – Rg8 x h7&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 15 – Fc1 x h6&lt;br /&gt;
| 15 – g7 - g6&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اگر سیاه، فیل سفید h6 را به وسیله پیاده g7 از میان بر می‌داشت، باز هم در وضعش تغییری حاصل نمی‌شد و بزودی در برابر عکس‌العمل: &lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
| &amp;#039;&amp;#039;16 – Dh5 x h6 کیش +&lt;br /&gt;
| 16 – Rh7 - g8&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| &amp;#039;&amp;#039;17 – Dh6 – h7&lt;br /&gt;
| 17 – ….…….&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
خاموش می‌شد:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|16 – Dh5 x g6!! &lt;br /&gt;
| 16 – ………….&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سفید، راه بسیار خوبی برای پایان دادن به تقلای سیاه برگزیده:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|16 – ………….&lt;br /&gt;
| 16 – f7 x g6&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 17 – Fh6 x f8 +  مات&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سیاه، از حول حلیم در دیگ افتاد! و سزای آزمندی خود را دید و در «ستونی» مات شد که در همان ستون یک پیاده از حریف هوشیار به فنیمت گرفته بود. شکل شماره چهل .. آنچه از بازی‌های شماره هفت و هشت می‌آموزیم این است: گرفت پیاده در آغاز مبارزه ممکن است از نظر کمی برتری محسوب شود، ولی این برتری دیری نمی‌پاید و به علت انجام حرکات بی‌رویه خنثی می‌شود.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;خلاصه آنچه گذشت&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در شروع هر مبارزه، بیش‌ترین کوشش باید صرف گسترش مهر‌ه‌ها شود. مادامی که مهره‌ها را در خانه‌های مناسب قرار نداده‌اید،‌نه تنها قادر نیستید به حمله دست یازید،‌بلکه امکان «دفاعی» شما تقریبا به صفر می‌رسد. هدف، باید کسب برتری در گسترش مهره‌ها باشد تا بتوانید قبل از آمادگی حریف به اوی یورش ببرید… اگر حریف به طرز صحیحی با شما مقابله می‌کند و اجازه نمی‌دهد در گسترش مهر‌ه‌ها بر او پیشی بگیرید، باید بکوشید حریمی به وجود بیاورید تا نتواند گام نخستین را به ضرر شما بردارد… در هشت مثاله که از نظرتان گذشت، پیروزی از آن حریفی بود که با رعایت اصول، مهره‌هایش را به سرعت گسترش داد و طرف مقابل را به دلیل گمراهی، قرین شکست کرد… در هیچ یک از بازی ‌های قبل، نمی‌توان عیب و ایرادی در نحوه مبارزه بازیکنی که نبرد را به سود خود به پایان برده، پیدا کرد… در هر یک از مثال‌ها: برنده به گونه‌ئی چشمگیر رقیب را به خاطر سهل‌انگاری در گسترش مهر‌ها شکست داده… نمونه‌هایی را که بررسی کردید، مبیین این واقعیت‌اند که در برابر گسترش ضعیف می‌توان قاطعانه بر حریف پیروز شد… ممکن است حریفان در انتخاب راه صحیح ناتوان باشند، بر شما فرض است که هرگز امکان پیدا کردن راه صحیح را به آن‌ها ندهید. بنابراین در شروع بازی: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
+ هرگز کمر به قتل پیاده‌ ها نبندید.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
+ هر مهره را پیش از یک بار حرکت ندهید. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
+ قبل از تکمیل شدن «گسترش» مهره‌ها، به حمله دست نیازید. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
+با انجام حرکات بیهوده پیاده‌ها، وقت تلف نکنید.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
+ با گسترش تهاجمی از نظر زمان جلو بیفتید.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
راستی تا به حال چند بار به هنگام مبارزه با افسوس از خود سوال کرده‌اید: «اگر می‌توانستم دو حرکت دیگر انجام بدهم….؟» حتما خیلی! در شطرنج حرکت یعنی زمان… هر حرکتی که انجام می‌دهید، گامی است که به جلو یا به عقب بر‌می‌دارید و دیگر نمی‌توانید آن را تصحیح کنید و حرکت دیگری جایگزینش نمائید. اگر قدمی به خطا بردارید به حریف فرصت می‌دهید دو قدم بر شما پیشی بگیرد. حرکت «بیهوده»، یعنی تلف کردن «وقت»: یعنی این که در یک مسابقه دو و میدانی در کوران دویدن،‌ برای بستن بند کشف خود،‌در جا لحظه‌ای مکث کنید! &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[Image:26-160-1.jpg]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;مسئله شطرنج شماره ۷&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
Pb2 - Re3 - Tg4 - Da6 - Pg6.&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سفید ۵ مهره&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
Pg7 - Pf7 - Re5 - Pb4 - Pb3.    &lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سیاه ۵ مهره&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سفید بازی را شروع و در سه حرکت سیاه را مات میکند.&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
حل مسئله شطرنج شماره ۷ &lt;br /&gt;
سیاه در سه حرکت مات میشود&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سفید&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سیاه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 1 – T - g1!&lt;br /&gt;
| 1 – R - f5&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 2 – R - d4&lt;br /&gt;
| 2 – R - f4&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 3 – D - f1 ++ مات &lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اگر&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
| 1 – ……..&lt;br /&gt;
| 1 – P - f5&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 2 – T - g4&lt;br /&gt;
| 2 – R - d5&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 3 – T x Pf5 ++ مات &lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Pouya</name></author>
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	<entry>
		<id>http://irpress.org/index.php?title=%D8%B4%D8%B7%D8%B1%D9%86%D8%AC_%D8%AC%D9%88%D8%A7%D9%86%D8%A7%D9%86_%D9%BE%DB%8C%DA%A9%D8%A7%D8%B1_%D8%A7%D9%86%D8%AF%DB%8C%D8%B4%D9%87%E2%80%8C%D9%87%D8%A7_%DB%B6&amp;diff=31219</id>
		<title>شطرنج جوانان پیکار اندیشه‌ها ۶</title>
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		<updated>2012-05-03T20:07:45Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;Pouya: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[Image:24-154.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۴|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۴]]&lt;br /&gt;
[[Image:24-155.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۵|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۵]]&lt;br /&gt;
[[Image:24-156.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۶|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۶]]&lt;br /&gt;
[[Image:24-157.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۷|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۷]]&lt;br /&gt;
[[Image:24-158.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۸|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۸]]&lt;br /&gt;
[[Image:24-159.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۹|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۹]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{در حال ویرایش}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[رده:کتاب جمعه ۲۴]]&lt;br /&gt;
[[رده:کتاب جمعه]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;نوشتهٔ ج. ان. واکر&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
ترجمهٔ جهانگیر افشاری&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==بازی شماره ۵==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سفید&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سیاه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| 1 – e2 – e4&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| 1 – e7 – e5&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| 2 – Cg1 – f3&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| 2 – f7 – f6? &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سیاه برای دفاع از پیاده - ای- سوراخ دعا را گم کرده است، اولا: با این حرکت نه مهره‌ئی گسترش می‌یابد و نه راه برای گسترش دیگر مهرهئی گشوده می‌شود. ثانیا: پیاده در خانه‌ئی مستفر شده که در مورد نیاز اسب ** جی ۸ می‌باشد. ثالثا: اشغال خانه اف ۶ به وسیلهء پیاده، راه عبور وزیر سیاه دی۸ را مسدود کرده: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| 3 – Ff1 – c4&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| 3 – a7 – a6?&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| 4 – 0 – 0 قلعه کوچک&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| 4 – b7 – b5&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| 5 – Fc4 – b3&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| 5 – Fc8 – b7&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سیاه، پس از این که چهار حرکت به وسیلهء پیاده‌هایش انجام داد، بالاخره دل به دریا زد و فیل c8 را از خانه اصلی خود خارج کرد… این حرکت متاسفانه خیلی دیر انجام شده و نمی‌تواند مفید واقع شود، چرا که سفید قبلا دو مهره را فعالانه وارد عرصه نبرد کرده و شاهش نیز در نقطه امنی جای گرفته و وزیر d1  نیز آماده است تا هر لحظه ضورت ایجاب کند قدم به میدان بگذارد:‌&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 6 – cf3 x e5!! &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 6 – . . . . . . . .&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{پایان چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[Image:24-154-1.jpg]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;شکل شماره بیست و یک …&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; سیاه نمی‌تواند اسب سفید را با حرکت: 6… f6.e5  بگیرد، زیرا حرکت سفید کیش 7-Dd1-h5+ به قیمت یک رخ برای سیاه تمام می‌شود…دلیل این امر روشن است: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;7 – Od1 - h5 + کیش&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 7 – g7 - g6&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
 | &amp;#039;&amp;#039; 8 – Dh5 x e5 + کیش&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
   | 8 – …….&amp;#039;&amp;#039; &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{پایان چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در این وضعیت، سیاه ناچار است کیش وارده را دفع کند و سفید از فرصت بهره می‌گیرد و در حرکت بعدی رخ f8 را به وسیلهء وزیر از گردونه خارج می‌کند… و اگر سیاه بخواهد به مانور زیر دست یازد، در دم مات خواهد شد:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
+++فرمول&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
خوب! در شریط موجود سیاه می‌کوشد با شتاب مهره‌هایش را گسترش بدهد: ولی باید اعتراف کرد که حتی با این تلاش موفق نمی‌شود جلوی حملات حریف را بگیرد: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[Image:24-155-1.jpg]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;شکل شماره بیست و دو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;…. تهدید فوری سفید این است که در حرکت بعدی اسب سیاه  h6 را به وسیلهء فیل مستقر در خانه c1 بگیرد و سپس با نشاندن وزیر در خانه f7، رقیب را مات کند. اجازه بدهید به‌ببینیم بازی چگونه ادامه پیدا می‌کند:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
+++ فرمول &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[Image:24-155-2.jpg]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;شکل شماره بیست و سه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; … مهره شاه در معرض خطر قرار گرفته و نیروهای سفید آماده هستند تا با قاطعیت ضربه‌های نهائی را وارد کنند: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
+++ فرمول &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[Image:24-155-3.jpg]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;شکل شماره بیست و چهار&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; &lt;br /&gt;
+++ صفحه ۱۵۶ غیب شده است +++&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[Image:24-156-1.jpg]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;شکل شماره بیست و پنج&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[Image:24-156-2.jpg]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;شکل شماره بیست و شش&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
توضیحات بیشتر!!!&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
وزیر سفید به دام افتاده: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
+++ فرمول &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[Image:24-157-1.jpg]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;شکل شماره بیست و هفت&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;… سفید، در بازی ششم به این دلیل شکست خرد که در شروع  کار، پیاده‌هایش را بیش از اندازه جابجا کرد….&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; حرکات ششم و نهم و یازدهم او مطلقا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; غیر ضروری بود و حریف از این فرصت به نحو شایسته‌ئی بهره گرفت و توانست با خیال راحت به امر گسترش بپردازد و عاقبت نبرد را به سود خود به پایان ببرد. حتما تعجب خواهید کرد اگر بگوئیم که هیچکدام از حرکات سفید در نفس امر اشتباه نبود: ولی هرگاه اثری را که سه حرکت فوق (در جمع) روی بازی او گذاشته‌اند مورد بررسی قرار دهید در خواهید یافت که چه نتیجه مصیبت باری در کل ماجرا داشته‌اند… درسی که از بازی‌های شماره پنج و شش می‌توانیم بگیریم این است که: هر حرکت غیرضروری به وسیله پیاده، قدمی است که به بیراهه گذاشته می‌شود. شاید در ابتدا متوجه این کج روی نشوید: ولی خواه و ناخواه نخستین قدم کج را برداشته‌اید… هم چنان که یک اشتباه بزرگ به قیمت باخت فوری تمام می‌شود، مجموعه اشتباهات کوچک نیز بی‌تردید به چنین نتیجه‌ئی منجر خواهد شد… &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;خوب به خاطر داشته باشید که در شروع بازی از پیاده‌ها به حد افراط استفاده نکنید و فقط هنگامی پیاده را از خانه‌ئی به خانهء دیگر بکشانید که این جابه جائی کمک به گسترش دیگر مهره‌های شما بکند. بنابراین قبل از گسترش فیل‌ها و اسب‌ها و نشاندن مهره شاه در قلعه نباید بیش از دو و یا حداکثر سه حرکت به وسیله پیاده انجام دهد:&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
۵. در شروع بازی مبادرت به گرفتن پیاده‌ها نکنید.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در بسیاری از بازی‌های شطرنج،‌ یکی از طرفین به‌خاطر «هیچ» پیاده‌ئی در اختیار حریف می‌گذارد که به این کار اصطلاحا گامبی Gambit می‌گویند….&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;شکل شماره بیست و هشت&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; موقعیت صحنه را پس از آن که سیاه مبادرت به گرفتن پیاده‌ئی که سفید در شروع بازی در اختیارش گذاشته نشان می‌دهد: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[Image:24-158-1.jpg]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
+++ فرمول &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سفید، تا این لحظه دو پیاده قربانی کرده و ظاهرا راهی وجود ندارد که بتواند جبران آن‌ها را بکند. البته سفید یکی از این دو پیاده را بی‌دلیل از دست نداده، ولی به هر جهت در چند حرکت آینده باید بازی را با یک پیاده کم‌تر اداره کند…با کمی توجه در خواهید یافت که سفید این امکان در اختیارش هست که در حرکت بعدی به وسیلهء اسب b1، پیاده سیاه c3 را از صحنه خارج کند. مضافا به این که یک پیاده قوی در خانه e4  دارد و هر دو فیل او می‌دوانند در طول دو قطر،‌ به دلیل نبودن مانعی بر سر راه، به آزادی حرکت کنند. با توجه به نکات فوق سفید از نظر گسترش دارای برتری مختصری است …سفید می‌اندیشد این امتیازات کوچک می‌تواند به نحوی جبران از دست رفتن پیاده‌هایش را بنماید…. هدف ما در این قسمت، بحث دربارهء بازی ‌هائی است که با گامبی شروع میشوند، نیست: فقط از این جهت به موضوع گامبی‌ها اشاره کردیم که بگوئیم زمانی که صرف گرتن گامبی پیاده می‌شود نمی‌تواند الزاما موئر در گسترش دیگر مهمره‌ها باشد…در اکثر بازی‌ها،‌ شما پس از انجام چند حرکت موقعیت برایتان پیش‌ می‌آید که می‌توانید پیاده‌ئی از حریف به غنیمت بگیرید… فراموش نکنید که گرفتن چنین پیاده‌ئی در ازاء چند حرکت بیهوده و قبل از کامل شدن گسترش مهره‌ها تحقق می‌یابد و بر شما فرض است که هرگز اغوا نشوید و خود را درگیر مسائلی از این دست نکنید...&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
بازی شمارهء هفت، سرنوشت شوم استادی گمنام را می‌نمایاند که نتوانسته در برابر وسوسه پایداری کند‪; ‬&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;مساله شطرنج شمارهء ۶&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سفید ۵ مهره:&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; Ta3 ‪-‬ Pb3 ‪-‬ Cb4 ‪-‬ Ca6 ‪-‬ Rc7 &lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سیاه ۲ مهره:&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; Pb7 ‪-‬ Rb5 &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سفید بازی را شروع و در سه حرکت سیاه را مات می‌کند&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[Image:24-159-1.jpg]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;حل مساله شطرنج  شماره ۶&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; &lt;br /&gt;
سیاه در سه حرکت مات می‌شود&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سفید&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سیاه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 1 – T – a1!&lt;br /&gt;
| 1 – P– B6&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 2 – C – a2!&lt;br /&gt;
| 2 – R – ~&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 3 – C – c3 ++ مات  &lt;br /&gt;
حرکت آزاد&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اگر&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 1 – ….&lt;br /&gt;
| 1 – P x C&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 2 – C – c6| &lt;br /&gt;
2 – P - a5&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
3- T x P ++ مات&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
پایان درس ششم&lt;br /&gt;
‫=====================‬&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Pouya</name></author>
	</entry>
	<entry>
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		<title>شطرنج جوانان پیکار اندیشه‌ها ۶</title>
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		<updated>2012-05-02T17:17:20Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;Pouya: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[Image:24-154.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۴|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۴]]&lt;br /&gt;
[[Image:24-155.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۵|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۵]]&lt;br /&gt;
[[Image:24-156.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۶|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۶]]&lt;br /&gt;
[[Image:24-157.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۷|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۷]]&lt;br /&gt;
[[Image:24-158.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۸|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۸]]&lt;br /&gt;
[[Image:24-159.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۹|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۹]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{در حال ویرایش}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[رده:کتاب جمعه ۲۴]]&lt;br /&gt;
[[رده:کتاب جمعه]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;نوشتهٔ ج. ان. واکر&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
ترجمهٔ جهانگیر افشاری&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==بازی شماره ۵==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سفید&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سیاه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| 1 – e2 – e4&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| 1 – e7 – e5&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| 2 – Cg1 – f3&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| 2 – f7 – f6? &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سیاه برای دفاع از پیاده - ای- سوراخ دعا را گم کرده است، اولا: با این حرکت نه مهره‌ئی گسترش می‌یابد و نه راه برای گسترش دیگر مهرهئی گشوده می‌شود. ثانیا: پیاده در خانه‌ئی مستفر شده که در مورد نیاز اسب ** جی ۸ می‌باشد. ثالثا: اشغال خانه اف ۶ به وسیلهء پیاده، راه عبور وزیر سیاه دی۸ را مسدود کرده: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| 3 – Ff1 – c4&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| 3 – a7 – a6?&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| 4 – 0 – 0 قلعه کوچک&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| 4 – b7 – b5&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| 5 – Fc4 – b3&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| 5 – Fc8 – b7&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سیاه، پس از این که چهار حرکت به وسیلهء پیاده‌هایش انجام داد، بالاخره دل به دریا زد و فیل c8 را از خانه اصلی خود خارج کرد… این حرکت متاسفانه خیلی دیر انجام شده و نمی‌تواند مفید واقع شود، چرا که سفید قبلا دو مهره را فعالانه وارد عرصه نبرد کرده و شاهش نیز در نقطه امنی جای گرفته و وزیر d1  نیز آماده است تا هر لحظه ضورت ایجاب کند قدم به میدان بگذارد:‌&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 6 – cf3 x e5!! &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 6 – . . . . . . . .&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{پایان چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[Image:24-154-1.jpg]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;شکل شماره بیست و یک …&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; سیاه نمی‌تواند اسب سفید را با حرکت: 6… f6.e5  بگیرد، زیرا حرکت سفید کیش 7-Dd1-h5+ به قیمت یک رخ برای سیاه تمام می‌شود…دلیل این امر روشن است: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;7 – Od1 - h5 + کیش&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 7 – g7 - g6&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
 | &amp;#039;&amp;#039; 8 – Dh5 x e5 + کیش&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
   | 8 – …….&amp;#039;&amp;#039; &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{پایان چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در این وضعیت، سیاه ناچار است کیش وارده را دفع کند و سفید از فرصت بهره می‌گیرد و در حرکت بعدی رخ f8 را به وسیلهء وزیر از گردونه خارج می‌کند… و اگر سیاه بخواهد به مانور زیر دست یازد، در دم مات خواهد شد:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
*******&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
خوب! در شریط موجود سیاه می‌کوشد با شتاب مهره‌هایش را گسترش بدهد: ولی باید اعتراف کرد که حتی با این تلاش موفق نمی‌شود جلوی حملات حریف را بگیرد: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[Image:24-155-1.jpg]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;شکل شماره بیست و دو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;…. تهدید فوری سفید این است که در حرکت بعدی اسب سیاه  h6 را به وسیلهء فیل مستقر در خانه c1 بگیرد و سپس با نشاندن وزیر در خانه f7، رقیب را مات کند. اجازه بدهید به‌ببینیم بازی چگونه ادامه پیدا می‌کند:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
***&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[Image:24-155-2.jpg]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;شکل شماره بیست و سه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; … مهره شاه در معرض خطر قرار گرفته و نیروهای سفید آماده هستند تا با قاطعیت ضربه‌های نهائی را وارد کنند: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
***&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[Image:24-155-3.jpg]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;شکل شماره بیست و چهار&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; &lt;br /&gt;
+++ صفحه ۱۵۶ غیب شده است +++&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[Image:24-156-1.jpg]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;شکل شماره بیست و پنج&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[Image:24-156-2.jpg]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;شکل شماره بیست و شش&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
توضیحات بیشتر!!!&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
وزیر سفید به دام افتاده: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
****&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[Image:24-157-1.jpg]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;شکل شماره بیست و هفت&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;… سفید، در بازی ششم به این دلیل شکست خرد که در شروع  کار، پیاده‌هایش را بیش از اندازه جابجا کرد….&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; حرکات ششم و نهم و یازدهم او مطلقا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; غیر ضروری بود و حریف از این فرصت به نحو شایسته‌ئی بهره گرفت و توانست با خیال راحت به امر گسترش بپردازد و عاقبت نبرد را به سود خود به پایان ببرد. حتما تعجب خواهید کرد اگر بگوئیم که هیچ‌کدام از حرکات سفید در نفس امر اشتباه نبود: ولی هرگاه اثری را که سه حرکت فوق (در جمع) روی بازی او گذاشته‌اند مورد بررسی قرار دهید در خواهید یافت که چه نتیجه مصیبت باری در کل ماجرا داشته‌اند… درسی که از بازی‌های شماره پنج و شش می‌توانیم بگیریم این است که: هر حرکت غیرضروری به وسیله پیاده، قدمی است که به بیراهه گذاشته می‌شود. شاید در ابتدا متوجه این کج روی نشوید: ولی خواه و ناخواه نخستین قدم کج را برداشته‌اید… هم چنان که یک اشتباه بزرگ به قیمت باخت فوری تمام می‌شود، مجموعه اشتباهات کوچک نیز بی‌تردید به چنین نتیجه‌ئی منجر خواهد شد… &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;خوب به خاطر داشته باشید که در شروع بازی از پیاده‌ها به حد افراط استفاده نکنید و فقط هنگامی پیاده را از خانه‌ئی به خانهء دیگر بکشانید که این جابه جائی کمک به گسترش دیگر مهره‌های شما بکند. بنابراین قبل از گسترش فیل‌ها و اسب‌ها و نشاندن مهره شاه در قلعه نباید بیش از دو و یا حداکثر سه حرکت به وسیله پیاده انجام دهد:&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
۵. در شروع بازی مبادرت به گرفتن پیاده‌ها نکنید.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در بسیاری از بازی‌های شطرنج،‌ یکی از طرفین به‌خاطر «هیچ» پیاده‌ئی در اختیار حریف می‌گذارد که به این کار اصطلاحا گامبی Gambit می‌گویند….&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;شکل شماره بیست و هشت&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; موقعیت صحنه را پس از آن که سیاه مبادرت به گرفتن پیاده‌ئی که سفید در شروع بازی در اختیارش گذاشته نشان می‌دهد: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[Image:24-158-1.jpg]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
****&lt;br /&gt;
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سفید، تا این لحظه دو پیاده قربانی کرده و ظاهرا راهی وجود ندارد که بتواند جبران آن‌ها را بکند. البته سفید یکی از این دو پیاده را بی‌دلیل از دست نداده، ولی به هر جهت در چند حرکت آینده باید بازی را با یک پیاده کم‌تر اداره کند…با کمی توجه در خواهید یافت که سفید این امکان در اختیارش هست که در حرکت بعدی به وسیلهء اسب b1، پیاده سیاه c3 را از صحنه خارج کند. مضافا به این که یک پیاده قوی در خانه e4  دارد و هر دو فیل او می‌دوانند در طول دو قطر،‌ به دلیل نبودن مانعی بر سر راه، به آزادی حرکت کنند. با توجه به نکات فوق سفید از نظر گسترش دارای برتری مختصری است …سفید می‌اندیشد این امتیازات کوچک می‌تواند به نحوی جبران از دست رفتن پیاده‌هایش را بنماید…. هدف ما در این قسمت، بحث دربارهء بازی ‌هائی است که با گامبی شروع میشوند، نیست: فقط از این جهت به موضوع گامبی‌ها اشاره کردیم که بگوئیم زمانی که صرف گرتن گامبی پیاده می‌شود نمی‌تواند الزاما موئر در گسترش دیگر مهمره‌ها باشد…در اکثر بازی‌ها،‌ شما پس از انجام چند حرکت موقعیت برایتان پیش‌ می‌آید که می‌توانید پیاده‌ئی از حریف به غنیمت بگیرید… فراموش نکنید که گرفتن چنین پیاده‌ئی در ازاء چند حرکت بیهوده و قبل از کامل شدن گسترش مهره‌ها تحقق می‌یابد و بر شما فرض است که هرگز اغوا نشوید و خود را درگیر مسائلی از این دست نکنید...&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
بازی شمارهء هفت، سرنوشت شوم استادی گمنام را می‌نمایاند که نتوانسته در برابر وسوسه پایداری کند‪; ‬&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;مساله شطرنج شمارهء ۶&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سفید ۵ مهره:&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; Ta3 ‪-‬ Pb3 ‪-‬ Cb4 ‪-‬ Ca6 ‪-‬ Rc7 &lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سیاه ۲ مهره:&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; Pb7 ‪-‬ Rb5 &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سفید بازی را شروع و در سه حرکت سیاه را مات می‌کند&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[Image:24-159-1.jpg]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;حل مساله شطرنج  شماره ۶&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; &lt;br /&gt;
سیاه در سه حرکت مات می‌شود&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
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| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سیاه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
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| 1 – T – a1!&lt;br /&gt;
| 1 – P– B6&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 2 – C – a2!&lt;br /&gt;
| 2 – R – ~&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 3 – C – c3 ++ مات  &lt;br /&gt;
حرکت آزاد&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اگر&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 1 – ….&lt;br /&gt;
| 1 – P x C&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 2 – C – c6| &lt;br /&gt;
2 – P - a5&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
3- T x P ++ مات&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‫***‬  عکس صفحهء ۱۵۹ *** &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
پایان درس ششم&lt;br /&gt;
‫=====================‬&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Pouya</name></author>
	</entry>
	<entry>
		<id>http://irpress.org/index.php?title=%D8%B4%D8%B7%D8%B1%D9%86%D8%AC_%D8%AC%D9%88%D8%A7%D9%86%D8%A7%D9%86_%D9%BE%DB%8C%DA%A9%D8%A7%D8%B1_%D8%A7%D9%86%D8%AF%DB%8C%D8%B4%D9%87%E2%80%8C%D9%87%D8%A7_%DB%B6&amp;diff=31212</id>
		<title>شطرنج جوانان پیکار اندیشه‌ها ۶</title>
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		<updated>2012-05-02T17:14:51Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;Pouya: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[Image:24-154.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۴|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۴]]&lt;br /&gt;
[[Image:24-155.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۵|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۵]]&lt;br /&gt;
[[Image:24-156.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۶|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۶]]&lt;br /&gt;
[[Image:24-157.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۷|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۷]]&lt;br /&gt;
[[Image:24-158.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۸|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۸]]&lt;br /&gt;
[[Image:24-159.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۹|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۹]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{در حال ویرایش}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[رده:کتاب جمعه ۲۴]]&lt;br /&gt;
[[رده:کتاب جمعه]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;نوشتهٔ ج. ان. واکر&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
ترجمهٔ جهانگیر افشاری&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==بازی شماره ۵==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
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|-&lt;br /&gt;
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| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سفید&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سیاه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| 1 – e2 – e4&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| 1 – e7 – e5&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| 2 – Cg1 – f3&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| 2 – f7 – f6? &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سیاه برای دفاع از پیاده - ای- سوراخ دعا را گم کرده است، اولا: با این حرکت نه مهره‌ئی گسترش می‌یابد و نه راه برای گسترش دیگر مهرهئی گشوده می‌شود. ثانیا: پیاده در خانه‌ئی مستفر شده که در مورد نیاز اسب ** جی ۸ می‌باشد. ثالثا: اشغال خانه اف ۶ به وسیلهء پیاده، راه عبور وزیر سیاه دی۸ را مسدود کرده: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| 3 – Ff1 – c4&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| 3 – a7 – a6?&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| 4 – 0 – 0 قلعه کوچک&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| 4 – b7 – b5&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| 5 – Fc4 – b3&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| 5 – Fc8 – b7&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سیاه، پس از این که چهار حرکت به وسیلهء پیاده‌هایش انجام داد، بالاخره دل به دریا زد و فیل c8 را از خانه اصلی خود خارج کرد… این حرکت متاسفانه خیلی دیر انجام شده و نمی‌تواند مفید واقع شود، چرا که سفید قبلا دو مهره را فعالانه وارد عرصه نبرد کرده و شاهش نیز در نقطه امنی جای گرفته و وزیر d1  نیز آماده است تا هر لحظه ضورت ایجاب کند قدم به میدان بگذارد:‌&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 6 – cf3 x e5!! &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 6 – . . . . . . . .&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{پایان چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[Image:21-154-1.jpg]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;شکل شماره بیست و یک …&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; سیاه نمی‌تواند اسب سفید را با حرکت: 6… f6.e5  بگیرد، زیرا حرکت سفید کیش 7-Dd1-h5+ به قیمت یک رخ برای سیاه تمام می‌شود…دلیل این امر روشن است: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;7 – Od1 - h5 + کیش&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 7 – g7 - g6&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
 | &amp;#039;&amp;#039; 8 – Dh5 x e5 + کیش&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
   | 8 – …….&amp;#039;&amp;#039; &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{پایان چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در این وضعیت، سیاه ناچار است کیش وارده را دفع کند و سفید از فرصت بهره می‌گیرد و در حرکت بعدی رخ f8 را به وسیلهء وزیر از گردونه خارج می‌کند… و اگر سیاه بخواهد به مانور زیر دست یازد، در دم مات خواهد شد:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
*******&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
خوب! در شریط موجود سیاه می‌کوشد با شتاب مهره‌هایش را گسترش بدهد: ولی باید اعتراف کرد که حتی با این تلاش موفق نمی‌شود جلوی حملات حریف را بگیرد: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[Image:21-155-1.jpg]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;شکل شماره بیست و دو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;…. تهدید فوری سفید این است که در حرکت بعدی اسب سیاه  h6 را به وسیلهء فیل مستقر در خانه c1 بگیرد و سپس با نشاندن وزیر در خانه f7، رقیب را مات کند. اجازه بدهید به‌ببینیم بازی چگونه ادامه پیدا می‌کند:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
***&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[Image:21-155-2.jpg]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;شکل شماره بیست و سه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; … مهره شاه در معرض خطر قرار گرفته و نیروهای سفید آماده هستند تا با قاطعیت ضربه‌های نهائی را وارد کنند: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
***&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[Image:21-155-3.jpg]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;شکل شماره بیست و چهار&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; &lt;br /&gt;
+++ صفحه ۱۵۶ غیب شده است +++&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[Image:21-156-1.jpg]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;شکل شماره بیست و پنج&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[Image:21-156-2.jpg]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;شکل شماره بیست و شش&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
توضیحات بیشتر!!!&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
وزیر سفید به دام افتاده: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
****&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[Image:21-157-1.jpg]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;شکل شماره بیست و هفت&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;… سفید، در بازی ششم به این دلیل شکست خرد که در شروع  کار، پیاده‌هایش را بیش از اندازه جابجا کرد….&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; حرکات ششم و نهم و یازدهم او مطلقا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; غیر ضروری بود و حریف از این فرصت به نحو شایسته‌ئی بهره گرفت و توانست با خیال راحت به امر گسترش بپردازد و عاقبت نبرد را به سود خود به پایان ببرد. حتما تعجب خواهید کرد اگر بگوئیم که هیچ‌کدام از حرکات سفید در نفس امر اشتباه نبود: ولی هرگاه اثری را که سه حرکت فوق (در جمع) روی بازی او گذاشته‌اند مورد بررسی قرار دهید در خواهید یافت که چه نتیجه مصیبت باری در کل ماجرا داشته‌اند… درسی که از بازی‌های شماره پنج و شش می‌توانیم بگیریم این است که: هر حرکت غیرضروری به وسیله پیاده، قدمی است که به بیراهه گذاشته می‌شود. شاید در ابتدا متوجه این کج روی نشوید: ولی خواه و ناخواه نخستین قدم کج را برداشته‌اید… هم چنان که یک اشتباه بزرگ به قیمت باخت فوری تمام می‌شود، مجموعه اشتباهات کوچک نیز بی‌تردید به چنین نتیجه‌ئی منجر خواهد شد… &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;خوب به خاطر داشته باشید که در شروع بازی از پیاده‌ها به حد افراط استفاده نکنید و فقط هنگامی پیاده را از خانه‌ئی به خانهء دیگر بکشانید که این جابه جائی کمک به گسترش دیگر مهره‌های شما بکند. بنابراین قبل از گسترش فیل‌ها و اسب‌ها و نشاندن مهره شاه در قلعه نباید بیش از دو و یا حداکثر سه حرکت به وسیله پیاده انجام دهد:&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
۵. در شروع بازی مبادرت به گرفتن پیاده‌ها نکنید.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در بسیاری از بازی‌های شطرنج،‌ یکی از طرفین به‌خاطر «هیچ» پیاده‌ئی در اختیار حریف می‌گذارد که به این کار اصطلاحا گامبی Gambit می‌گویند….&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;شکل شماره بیست و هشت&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; موقعیت صحنه را پس از آن که سیاه مبادرت به گرفتن پیاده‌ئی که سفید در شروع بازی در اختیارش گذاشته نشان می‌دهد: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[Image:21-158-1.jpg]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
****&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سفید، تا این لحظه دو پیاده قربانی کرده و ظاهرا راهی وجود ندارد که بتواند جبران آن‌ها را بکند. البته سفید یکی از این دو پیاده را بی‌دلیل از دست نداده، ولی به هر جهت در چند حرکت آینده باید بازی را با یک پیاده کم‌تر اداره کند…با کمی توجه در خواهید یافت که سفید این امکان در اختیارش هست که در حرکت بعدی به وسیلهء اسب b1، پیاده سیاه c3 را از صحنه خارج کند. مضافا به این که یک پیاده قوی در خانه e4  دارد و هر دو فیل او می‌دوانند در طول دو قطر،‌ به دلیل نبودن مانعی بر سر راه، به آزادی حرکت کنند. با توجه به نکات فوق سفید از نظر گسترش دارای برتری مختصری است …سفید می‌اندیشد این امتیازات کوچک می‌تواند به نحوی جبران از دست رفتن پیاده‌هایش را بنماید…. هدف ما در این قسمت، بحث دربارهء بازی ‌هائی است که با گامبی شروع میشوند، نیست: فقط از این جهت به موضوع گامبی‌ها اشاره کردیم که بگوئیم زمانی که صرف گرتن گامبی پیاده می‌شود نمی‌تواند الزاما موئر در گسترش دیگر مهمره‌ها باشد…در اکثر بازی‌ها،‌ شما پس از انجام چند حرکت موقعیت برایتان پیش‌ می‌آید که می‌توانید پیاده‌ئی از حریف به غنیمت بگیرید… فراموش نکنید که گرفتن چنین پیاده‌ئی در ازاء چند حرکت بیهوده و قبل از کامل شدن گسترش مهره‌ها تحقق می‌یابد و بر شما فرض است که هرگز اغوا نشوید و خود را درگیر مسائلی از این دست نکنید...&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
بازی شمارهء هفت، سرنوشت شوم استادی گمنام را می‌نمایاند که نتوانسته در برابر وسوسه پایداری کند‪; ‬&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;مساله شطرنج شمارهء ۶&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سفید ۵ مهره:&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; Ta3 ‪-‬ Pb3 ‪-‬ Cb4 ‪-‬ Ca6 ‪-‬ Rc7 &lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سیاه ۲ مهره:&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; Pb7 ‪-‬ Rb5 &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سفید بازی را شروع و در سه حرکت سیاه را مات می‌کند&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[Image:21-159-1.jpg]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;حل مساله شطرنج  شماره ۶&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; &lt;br /&gt;
سیاه در سه حرکت مات می‌شود&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سفید&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سیاه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 1 – T – a1!&lt;br /&gt;
| 1 – P– B6&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 2 – C – a2!&lt;br /&gt;
| 2 – R – ~&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 3 – C – c3 ++ مات  &lt;br /&gt;
حرکت آزاد&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اگر&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 1 – ….&lt;br /&gt;
| 1 – P x C&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 2 – C – c6| &lt;br /&gt;
2 – P - a5&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
3- T x P ++ مات&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‫***‬  عکس صفحهء ۱۵۹ *** &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
پایان درس ششم&lt;br /&gt;
‫=====================‬&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Pouya</name></author>
	</entry>
	<entry>
		<id>http://irpress.org/index.php?title=%D8%B4%D8%B7%D8%B1%D9%86%D8%AC_%D8%AC%D9%88%D8%A7%D9%86%D8%A7%D9%86_%D9%BE%DB%8C%DA%A9%D8%A7%D8%B1_%D8%A7%D9%86%D8%AF%DB%8C%D8%B4%D9%87%E2%80%8C%D9%87%D8%A7_%DB%B7&amp;diff=31211</id>
		<title>شطرنج جوانان پیکار اندیشه‌ها ۷</title>
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		<updated>2012-05-02T17:02:20Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;Pouya: /* بازی شماره هشت: */&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[Image:26-156.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۵۶|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۵۶]]&lt;br /&gt;
[[Image:26-157.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۵۷|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۵۷]]&lt;br /&gt;
[[Image:26-158.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۵۸|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۵۸]]&lt;br /&gt;
[[Image:26-159.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۵۹|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۵۹]]&lt;br /&gt;
[[Image:26-160.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۶۰|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۶۰]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{در حال ویرایش}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
شطرنج جوانان&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;نوشتهٔ ج. ان. واکر&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
ترجمهٔ جهانگیر افشاری&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==بازی شماره هفت==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سفید&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سیاه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 1 – e2 – e4&lt;br /&gt;
| 1 – e7 – e5&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 2 – Cg1 – f3&lt;br /&gt;
| 2 – d7 – d6&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 3 – d2 – d4&lt;br /&gt;
| 3 – Cg8 – f6&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 4 – d4 x e5&lt;br /&gt;
| 4 – Cf6 x e4&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 5 – Ff1 – c4&lt;br /&gt;
| 5 – …….&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سفید تهدید کرده که با مانور زیر:&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 6 – Fc4 x F7 +کیش&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 6 – Re8 x f7&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 7 – Dd1 - d5 +کیش &lt;br /&gt;
| 7 – ……..&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
پیاده‌ئی از حریف به غنیمت خواهد گرفت … اجازه بدهید ببینیم نبرد چگونه ادامه پیدا می‌کند:&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 5 – …….&lt;br /&gt;
| 5 – Fc8 – e6&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 6 – Fc4 x e6 &lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 6 – f7 x e6&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 7 – Dd1 - e2&lt;br /&gt;
| 7 – ……..&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سفید مصمم است به نبرد پیاده ‪(‬b‪)‬ برود… به طوری که خواهیم دید، سفید به هدف خود می‌رسد منتهی این موفقت در ازاء انجام چهار حرکت و به وسیلهء دو مهره‌ئی که در حال حاضر عملا فعالیت می‌کنند و درگیر ماجرا هستند، به دست می آید. ‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬شکل شماره بیست و نه…‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[Image:26-156-1.jpg]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 7 – ……..&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 7 – d6 - d5&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 8 – De2 - b5‫ کیش +‬&lt;br /&gt;
| 8 – Cb8 - c6&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 9 – Cf3 - d4&lt;br /&gt;
| 9 – …….. &lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اگر سفید بلافاصله از وزیر e2  مدد میگرفت و پیاده سیاه b7 را از میدان خارج می‌کرد، در حقیقت با دست خود طناب‌دار را به گردن خویش می‌بست: زیرا سیاه بی‌آن که لحظه‌ئی تردید کند به صورت زیر عکس‌العمل نشان می‌داد. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 9 – De2 x b7 &lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 9 – Cc6 - b4&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10 – Db7 - b5‫ کیش +‬&lt;br /&gt;
| 10 – c7 - c6&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11 – Db5 - a4&lt;br /&gt;
| 11 – Ce4 - c5&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 12 – Da4 x b4&lt;br /&gt;
| 12 – Cc5 - d3&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
و بدین سان ‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬وزیر سفید‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬ از دست‌ می‌رفت:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 9 – ……..&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 9 – Dd8 - d7&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10 – Ob5 x b7&lt;br /&gt;
| 10 – ……….&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[Image:26-157-1.jpg]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; شکل شماره سی ‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬… سفید، به هدف خود رسید و پیاده سیاه ‪(‬b‪)‬ را از صحنه خارج کرد… در همین حال سیاه به آرامی و متانت مهره‌های خود را گسترش داده و آماده است حریف را به‌زانو در بیآورد:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 10 – …….&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 10 – Ff8 - b4! ‫ ‬کیش‫+‬&lt;br /&gt;
  |-&lt;br /&gt;
| 11 – c2 - c3‫ ‬&lt;br /&gt;
| 11 – Cc6 x d4!! &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 12 – Db7 x a8 کیش‫+‬ &lt;br /&gt;
| 12 – ……..&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اگر سفید به جای حرکت فوق، فیل سیاه b4 را به وسیله پیاده c3 از فعالیت باز می‌داشت، وضعش پس از نشستنِ شاه سیاه در قلعه، از آنچه که فعلا هست ناامید کننده‌تر می‌شد:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 12 – …….&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 12 – Re8 - f7&lt;br /&gt;
  |-&lt;br /&gt;
| 13 – Da8 x h8&lt;br /&gt;
| 11 – Dh7 -b5!&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 14– Dتسلیم می‌شود &lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[Image:26-157-2.jpg]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;شکل شمارهء سی و یک‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬ سیاه، تهدید کرده وزیر را از خانه b5 به خانه e2 خواهد کشاند و رقیب را مات خواهد کرد… سفید در برابر این تهدید نمی‌تواند مقاومت کند و بناچار تسلیم می‌شود… سفید مبهوت است و نمی‌داند چه عاملی سبب شده به این روز بیفتد‪.‬ ولی ما دلیل آن را می‌دانیم، در حرکت دهم، سفید پیاد‌ه‌ئی را که قبلا قصد جانش را جرده بود با موفقیت از فعالیت باز داشت و خود، بعد از انجام سه حرکت در زیر توده‌ئی از مشکلات دفن گردید… این چنین پی‌آمدها در برابر حرکات بی‌رویه پیاده‌ها امری عادی است. توجه داشته باشید که یورش در این بازی آن چنان که باید سهمگین و ویرانگر نبود… بازی شماره هشت نمونه دیگری است که حمله به گونه‌ئی «متدیک» و نه «پُر تب و تاب» انجام می‌شود. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==بازی شماره هشت:==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سفید&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سیاه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 1 – e2 – e4&lt;br /&gt;
| 1 – e7 – e5&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 2 – f2 – f4&lt;br /&gt;
| 2 – Ff8 – c5&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 3 – Cg1 – f3&lt;br /&gt;
| 3 – d7 – d6&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 4 – Ff1 - c4&lt;br /&gt;
| 4 – Cg8 - f6&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 5 – Cb1 – c3&lt;br /&gt;
| 5 – 0 -0 قلعه کوچک&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 6 – d2 – d3&lt;br /&gt;
| 6 – g4 - Cf6&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
یک حرکت ضعیف، اسب سیاه، قبلا به میدان آمده: مهره‌های جناح وزیر باید گسترش بیابند: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 7 – Th1 - f1&lt;br /&gt;
| 7 – Cg4 x h2&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[Image:26-158-1.jpg]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
شکل شمارهء سی و دو… سیاه، یک پیاده از حریف به غنیمت گرفته و امیدش این است که پس از حرکت:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 8 – Cf3 x h2&lt;br /&gt;
| 8 – Dd8 - h4&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اسب از دست رفته را با یک یورش قوی جبران کند…سفید، ابدا به نقشه حریف توجه ندارد. و خیالات دیگری در سر می پرورد. او نه تنها در گسترش مهره‌ها از رقیب پیشی گرفته، بلکه در نظر دارد به دلیل عدم حضور پیاده h2، به حمله جانانه‌ئی در ستون (h) دست یازد: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 8 – Tf1 – h1&lt;br /&gt;
| 8 – Ch2 – g4&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 9 – dD1 – e2&lt;br /&gt;
| 9 – Fc5 – i2 + کیش&lt;br /&gt;
-|&lt;br /&gt;
| 10 – Re1 – f1&lt;br /&gt;
| 10 – Cb8 – c6&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سیاه، بالاخره با تاخیر چهار حرکت، به گسترش مهره‌های جناح وزیر پرداخت… در همین شرایط مهره‌های سفید در سنگرهای مناسب مستقر هستند و آماده‌اند حمله نهائی را آغاز کنند….&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;شکل شماره سی و سه:&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[Image:26-158-2.jpg]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سفید&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سیاه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11 – f4 – f5 !&lt;br /&gt;
| 11 – Ff2 – c5&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 12 – Cf3 – g5&lt;br /&gt;
| 12 – Cg4 – h6&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اگر سیاه به عوض حرکت فوق، اسب g4 را در خانه f6 مستقر می‌کرد، سفید با انتخاب: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
| &amp;#039;&amp;#039;13 – Cg5 x h7&lt;br /&gt;
| 13 – Cf6 x h7&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| &amp;#039;&amp;#039;14 – De2 – h5&lt;br /&gt;
| 14 – ……….&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
بازی را به سود خود به پایان می‌برد. ولی اکنون: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
| 13 – De2 - h5&lt;br /&gt;
| 13 – Dd8 - e8&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سفید، این آمادگی را پیدا کرد، که ضربه نهائی را وارد نماید و در مواضع حریف رخنه کند: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
| 14 – Cg5 x h7!!&lt;br /&gt;
| 14 – Rg8 x h7&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 15 – Fc1 x h6&lt;br /&gt;
| 15 – g7 - g6&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اگر سیاه، فیل سفید h6 را به وسیله پیاده g7 از میان بر می‌داشت، باز هم در وضعش تغییری حاصل نمی‌شد و بزودی در برابر عکس‌العمل: &lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
| &amp;#039;&amp;#039;16 – Dh5 x h6 کیش +&lt;br /&gt;
| 16 – Rh7 - g8&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| &amp;#039;&amp;#039;17 – Dh6 – h7&lt;br /&gt;
| 17 – ….…….&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
خاموش می‌شد:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|16 – Dh5 x g6!! &lt;br /&gt;
| 16 – ………….&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سفید، راه بسیار خوبی برای پایان دادن به تقلای سیاه برگزیده:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|16 – ………….&lt;br /&gt;
| 16 – f7 x g6&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 17 – Fh6 x f8 +  مات&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سیاه، از حول حلیم در دیگ افتاد! و سزای آزمندی خود را دید و در «ستونی» مات شد که در همان ستون یک پیاده از حریف هوشیار به فنیمت گرفته بود. شکل شماره چهل .. آنچه از بازی‌های شماره هفت و هشت می‌آموزیم این است: گرفت پیاده در آغاز مبارزه ممکن است از نظر کمی برتری محسوب شود، ولی این برتری دیری نمی‌پاید و به علت انجام حرکات بی‌رویه خنثی می‌شود.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;خلاصه آنچه گذشت&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در شروع هر مبارزه، بیش‌ترین کوشش باید صرف گسترش مهر‌ه‌ها شود. مادامی که مهره‌ها را در خانه‌های مناسب قرار نداده‌اید،‌نه تنها قادر نیستید به حمله دست یازید،‌بلکه امکان «دفاعی» شما تقریبا به صفر می‌رسد. هدف، باید کسب برتری در گسترش مهره‌ها باشد تا بتوانید قبل از آمادگی حریف به اوی یورش ببرید… اگر حریف به طرز صحیحی با شما مقابله می‌کند و اجازه نمی‌دهد در گسترش مهر‌ه‌ها بر او پیشی بگیرید، باید بکوشید حریمی به وجود بیاورید تا نتواند گام نخستین را به ضرر شما بردارد… در هشت مثاله که از نظرتان گذشت، پیروزی از آن حریفی بود که با رعایت اصول، مهره‌هایش را به سرعت گسترش داد و طرف مقابل را به دلیل گمراهی، قرین شکست کرد… در هیچ یک از بازی ‌های قبل، نمی‌توان عیب و ایرادی در نحوه مبارزه بازیکنی که نبرد را به سود خود به پایان برده، پیدا کرد… در هر یک از مثال‌ها: برنده به گونه‌ئی چشمگیر رقیب را به خاطر سهل‌انگاری در گسترش مهر‌ها شکست داده… نمونه‌هایی را که بررسی کردید، مبیین این واقعیت‌اند که در برابر گسترش ضعیف می‌توان قاطعانه بر حریف پیروز شد… ممکن است حریفان در انتخاب راه صحیح ناتوان باشند، بر شما فرض است که هرگز امکان پیدا کردن راه صحیح را به آن‌ها ندهید. بنابراین در شروع بازی: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
+ هرگز کمر به قتل پیاده‌ ها نبندید.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
+ هر مهره را پیش از یک بار حرکت ندهید. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
+ قبل از تکمیل شدن «گسترش» مهره‌ها، به حمله دست نیازید. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
+با انجام حرکات بیهوده پیاده‌ها، وقت تلف نکنید.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
+ با گسترش تهاجمی از نظر زمان جلو بیفتید.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
راستی تا به حال چند بار به هنگام مبارزه با افسوس از خود سوال کرده‌اید: «اگر می‌توانستم دو حرکت دیگر انجام بدهم….؟» حتما خیلی! در شطرنج حرکت یعنی زمان… هر حرکتی که انجام می‌دهید، گامی است که به جلو یا به عقب بر‌می‌دارید و دیگر نمی‌توانید آن را تصحیح کنید و حرکت دیگری جایگزینش نمائید. اگر قدمی به خطا بردارید به حریف فرصت می‌دهید دو قدم بر شما پیشی بگیرد. حرکت «بیهوده»، یعنی تلف کردن «وقت»: یعنی این که در یک مسابقه دو و میدانی در کوران دویدن،‌ برای بستن بند کشف خود،‌در جا لحظه‌ای مکث کنید! &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[Image:26-160-1.jpg]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;مسئله شطرنج شماره ۷&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
Pb2 - Re3 - Tg4 - Da6 - Pg6.&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سفید ۵ مهره&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
Pg7 - Pf7 - Re5 - Pb4 - Pb3.    &lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سیاه ۵ مهره&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سفید بازی را شروع و در سه حرکت سیاه را مات میکند.&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
حل مسئله شطرنج شماره ۷ &lt;br /&gt;
سیاه در سه حرکت مات میشود&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سفید&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سیاه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 1 – T - g1!&lt;br /&gt;
| 1 – R - f5&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 2 – R - d4&lt;br /&gt;
| 2 – R - f4&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 3 – D - f1 ++ مات &lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اگر&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
| 1 – ……..&lt;br /&gt;
| 1 – P - f5&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 2 – T - g4&lt;br /&gt;
| 2 – R - d5&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 3 – T x Pf5 ++ مات &lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Pouya</name></author>
	</entry>
	<entry>
		<id>http://irpress.org/index.php?title=%D8%B4%D8%B7%D8%B1%D9%86%D8%AC_%D8%AC%D9%88%D8%A7%D9%86%D8%A7%D9%86_%D9%BE%DB%8C%DA%A9%D8%A7%D8%B1_%D8%A7%D9%86%D8%AF%DB%8C%D8%B4%D9%87%E2%80%8C%D9%87%D8%A7_%DB%B7&amp;diff=31210</id>
		<title>شطرنج جوانان پیکار اندیشه‌ها ۷</title>
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		<updated>2012-05-02T16:59:58Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;Pouya: /* بازی شماره هشت: */&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[Image:26-156.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۵۶|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۵۶]]&lt;br /&gt;
[[Image:26-157.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۵۷|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۵۷]]&lt;br /&gt;
[[Image:26-158.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۵۸|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۵۸]]&lt;br /&gt;
[[Image:26-159.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۵۹|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۵۹]]&lt;br /&gt;
[[Image:26-160.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۶۰|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۶۰]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{در حال ویرایش}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
شطرنج جوانان&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;نوشتهٔ ج. ان. واکر&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
ترجمهٔ جهانگیر افشاری&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==بازی شماره هفت==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سفید&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سیاه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 1 – e2 – e4&lt;br /&gt;
| 1 – e7 – e5&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 2 – Cg1 – f3&lt;br /&gt;
| 2 – d7 – d6&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 3 – d2 – d4&lt;br /&gt;
| 3 – Cg8 – f6&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 4 – d4 x e5&lt;br /&gt;
| 4 – Cf6 x e4&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 5 – Ff1 – c4&lt;br /&gt;
| 5 – …….&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سفید تهدید کرده که با مانور زیر:&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 6 – Fc4 x F7 +کیش&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 6 – Re8 x f7&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 7 – Dd1 - d5 +کیش &lt;br /&gt;
| 7 – ……..&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
پیاده‌ئی از حریف به غنیمت خواهد گرفت … اجازه بدهید ببینیم نبرد چگونه ادامه پیدا می‌کند:&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 5 – …….&lt;br /&gt;
| 5 – Fc8 – e6&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 6 – Fc4 x e6 &lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 6 – f7 x e6&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 7 – Dd1 - e2&lt;br /&gt;
| 7 – ……..&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سفید مصمم است به نبرد پیاده ‪(‬b‪)‬ برود… به طوری که خواهیم دید، سفید به هدف خود می‌رسد منتهی این موفقت در ازاء انجام چهار حرکت و به وسیلهء دو مهره‌ئی که در حال حاضر عملا فعالیت می‌کنند و درگیر ماجرا هستند، به دست می آید. ‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬شکل شماره بیست و نه…‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[Image:26-156-1.jpg]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 7 – ……..&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 7 – d6 - d5&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 8 – De2 - b5‫ کیش +‬&lt;br /&gt;
| 8 – Cb8 - c6&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 9 – Cf3 - d4&lt;br /&gt;
| 9 – …….. &lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اگر سفید بلافاصله از وزیر e2  مدد میگرفت و پیاده سیاه b7 را از میدان خارج می‌کرد، در حقیقت با دست خود طناب‌دار را به گردن خویش می‌بست: زیرا سیاه بی‌آن که لحظه‌ئی تردید کند به صورت زیر عکس‌العمل نشان می‌داد. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 9 – De2 x b7 &lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 9 – Cc6 - b4&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10 – Db7 - b5‫ کیش +‬&lt;br /&gt;
| 10 – c7 - c6&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11 – Db5 - a4&lt;br /&gt;
| 11 – Ce4 - c5&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 12 – Da4 x b4&lt;br /&gt;
| 12 – Cc5 - d3&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
و بدین سان ‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬وزیر سفید‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬ از دست‌ می‌رفت:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 9 – ……..&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 9 – Dd8 - d7&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10 – Ob5 x b7&lt;br /&gt;
| 10 – ……….&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[Image:26-157-1.jpg]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; شکل شماره سی ‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬… سفید، به هدف خود رسید و پیاده سیاه ‪(‬b‪)‬ را از صحنه خارج کرد… در همین حال سیاه به آرامی و متانت مهره‌های خود را گسترش داده و آماده است حریف را به‌زانو در بیآورد:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 10 – …….&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 10 – Ff8 - b4! ‫ ‬کیش‫+‬&lt;br /&gt;
  |-&lt;br /&gt;
| 11 – c2 - c3‫ ‬&lt;br /&gt;
| 11 – Cc6 x d4!! &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 12 – Db7 x a8 کیش‫+‬ &lt;br /&gt;
| 12 – ……..&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اگر سفید به جای حرکت فوق، فیل سیاه b4 را به وسیله پیاده c3 از فعالیت باز می‌داشت، وضعش پس از نشستنِ شاه سیاه در قلعه، از آنچه که فعلا هست ناامید کننده‌تر می‌شد:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 12 – …….&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 12 – Re8 - f7&lt;br /&gt;
  |-&lt;br /&gt;
| 13 – Da8 x h8&lt;br /&gt;
| 11 – Dh7 -b5!&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 14– Dتسلیم می‌شود &lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[Image:26-157-2.jpg]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;شکل شمارهء سی و یک‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬ سیاه، تهدید کرده وزیر را از خانه b5 به خانه e2 خواهد کشاند و رقیب را مات خواهد کرد… سفید در برابر این تهدید نمی‌تواند مقاومت کند و بناچار تسلیم می‌شود… سفید مبهوت است و نمی‌داند چه عاملی سبب شده به این روز بیفتد‪.‬ ولی ما دلیل آن را می‌دانیم، در حرکت دهم، سفید پیاد‌ه‌ئی را که قبلا قصد جانش را جرده بود با موفقیت از فعالیت باز داشت و خود، بعد از انجام سه حرکت در زیر توده‌ئی از مشکلات دفن گردید… این چنین پی‌آمدها در برابر حرکات بی‌رویه پیاده‌ها امری عادی است. توجه داشته باشید که یورش در این بازی آن چنان که باید سهمگین و ویرانگر نبود… بازی شماره هشت نمونه دیگری است که حمله به گونه‌ئی «متدیک» و نه «پُر تب و تاب» انجام می‌شود. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==بازی شماره هشت:==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سفید&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سیاه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 1 – e2 – e4&lt;br /&gt;
| 1 – e7 – e5&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 2 – f2 – f4&lt;br /&gt;
| 2 – Ff8 – c5&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 3 – Cg1 – f3&lt;br /&gt;
| 3 – d7 – d6&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 4 – Ff1 - c4&lt;br /&gt;
| 4 – Cg8 - f6&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 5 – Cb1 – c3&lt;br /&gt;
| 5 – 0 -0 قلعه کوچک&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 6 – d2 – d3&lt;br /&gt;
| 6 – g4 - Cf6&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
یک حرکت ضعیف، اسب سیاه، قبلا به میدان آمده: مهره‌های جناح وزیر باید گسترش بیابند: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 7 – Th1 - f1&lt;br /&gt;
| 7 – Cg4 x h2&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[Image:26-158-1.jpg]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
شکل شمارهء سی و دو… سیاه، یک پیاده از حریف به غنیمت گرفته و امیدش این است که پس از حرکت:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 8 – Cf3 x h2&lt;br /&gt;
| 8 – Dd8 - h4&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اسب از دست رفته را با یک یورش قوی جبران کند…سفید، ابدا به نقشه حریف توجه ندارد. و خیالات دیگری در سر می پرورد. او نه تنها در گسترش مهره‌ها از رقیب پیشی گرفته، بلکه در نظر دارد به دلیل عدم حضور پیاده h2، به حمله جانانه‌ئی در ستون (h) دست یازد: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 8 – Tf1 – h1&lt;br /&gt;
| 8 – Ch2 – g4&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 9 – dD1 – e2&lt;br /&gt;
| 9 – Fc5 – i2 + کیش&lt;br /&gt;
-|&lt;br /&gt;
| 10 – Re1 – f1&lt;br /&gt;
| 10 – Cb8 – c6&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سیاه، بالاخره با تاخیر چهار حرکت، به گسترش مهره‌های جناح وزیر پرداخت… در همین شرایط مهره‌های سفید در سنگرهای مناسب مستقر هستند و آماده‌اند حمله نهائی را آغاز کنند….&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;شکل شماره سی و سه:&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[Image:26-158-2.jpg]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سفید&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سیاه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11 – f4 – f5 !&lt;br /&gt;
| 11 – Ff2 – c5&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 12 – Cf3 – g5&lt;br /&gt;
| 12 – Cg4 – h6&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اگر سیاه به عوض حرکت فوق، اسب g4 را در خانه f6 مستقر می‌کرد، سفید با انتخاب: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
| &amp;#039;&amp;#039;13 – Cg5 x h7&lt;br /&gt;
| 13 – Cf6 x h7&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| &amp;#039;&amp;#039;14 – De2 – h5&lt;br /&gt;
| 14 – ……….&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
بازی را به سود خود به پایان می‌برد. ولی اکنون: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
| 13 – De2 - h5&lt;br /&gt;
| 13 – Dd8 - e8&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سفید، این آمادگی را پیدا کرد، که ضربه نهائی را وارد نماید و در مواضع حریف رخنه کند: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
| 14 – Cg5 x h7!!&lt;br /&gt;
| 14 – Rg8 x h7&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 15 – Fc1 x h6&lt;br /&gt;
| 15 – g7 - g6&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اگر سیاه، فیل سفید h6 را به وسیله پیاده g7 از میان بر می‌داشت، باز هم در وضعش تغییری حاصل نمی‌شد و بزودی در برابر عکس‌العمل: &lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
| &amp;#039;&amp;#039;16 – Dh5 x h6 کیش +&lt;br /&gt;
| 16 – Rh7 - g8&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| &amp;#039;&amp;#039;17 – Dh6 – h7&lt;br /&gt;
| 17 – ….…….&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
خاموش می‌شد:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|16 – Dh5 x g6!! &lt;br /&gt;
| 16 – ………….&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سفید، راه بسیار خوبی برای پایان دادن به تقلای سیاه برگزیده:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|16 – ………….&lt;br /&gt;
| 16 – f7 x g6&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 17 – Fh6 x f8 +  مات&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سیاه، از حول حلیم در دیگ افتاد! و سزای آزمندی خود را دید و در «ستونی» مات شد که در همان ستون یک پیاده از حریف هوشیار به فنیمت گرفته بود. شکل شماره چهل .. آنچه از بازی‌های شماره هفت و هشت می‌آموزیم این است: گرفت پیاده در آغاز مبارزه ممکن است از نظر کمی برتری محسوب شود، ولی این برتری دیری نمی‌پاید و به علت انجام حرکات بی‌رویه خنثی می‌شود.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;خلاصه آنچه گذشت&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در شروع هر مبارزه، بیش‌ترین کوشش باید صرف گسترش مهر‌ه‌ها شود. مادامی که مهره‌ها را در خانه‌های مناسب قرار نداده‌اید،‌نه تنها قادر نیستید به حمله دست یازید،‌بلکه امکان «دفاعی» شما تقریبا به صفر می‌رسد. هدف، باید کسب برتری در گسترش مهره‌ها باشد تا بتوانید قبل از آمادگی حریف به اوی یورش ببرید… اگر حریف به طرز صحیحی با شما مقابله می‌کند و اجازه نمی‌دهد در گسترش مهر‌ه‌ها بر او پیشی بگیرید، باید بکوشید حریمی به وجود بیاورید تا نتواند گام نخستین را به ضرر شما بردارد… در هشت مثاله که از نظرتان گذشت، پیروزی از آن حریفی بود که با رعایت اصول، مهره‌هایش را به سرعت گسترش داد و طرف مقابل را به دلیل گمراهی، قرین شکست کرد… در هیچ یک از بازی ‌های قبل، نمی‌توان عیب و ایرادی در نحوه مبارزه بازیکنی که نبرد را به سود خود به پایان برده، پیدا کرد… در هر یک از مثال‌ها: برنده به گونه‌ئی چشمگیر رقیب را به خاطر سهل‌انگاری در گسترش مهر‌ها شکست داده… نمونه‌هایی را که بررسی کردید، مبیین این واقعیت‌اند که در برابر گسترش ضعیف می‌توان قاطعانه بر حریف پیروز شد… ممکن است حریفان در انتخاب راه صحیح ناتوان باشند، بر شما فرض است که هرگز امکان پیدا کردن راه صحیح را به آن‌ها ندهید. بنابراین در شروع بازی: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
+ هرگز کمر به قتل پیا‌د‌ه‌ها نبندید.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
+ هر مهره را پیش از یک بار حرکت ندهید. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
+ قبل از تکمیل شدن «گسترش» مهره‌ها، به حمله دست نیازید. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
+با انجام حرکات بیهوده پیاده‌ها، وقت تلف نکنید.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
+ با گسترش تهاجمی از نظر زمان جلو بیفتید.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
راستی تا به حال چند بار به هنگام مبارزه با افسوس از خود سوال کرده‌اید: «اگر می‌توانستم دو حرکت دیگر انجام بدهم….؟» حتما خیلی! در شطرنج حرکت یعنی زمان… هر حرکتی که انجام می‌دهید، گامی است که به جلو یا به عقب بر‌می‌دارید و دیگر نمی‌توانید آن را تصحیح کنید و حرکت دیگری جایگزینش نمائید. اگر قدمی به خطا بردارید به حریف فرصت می‌دهید دو قدم بر شما پیشی بگیرد. حرکت «بیهوده»، یعنی تلف کردن «وقت»: یعنی این که در یک مسابقه دو و میدانی در کوران دویدن،‌ برای بستن بند کشف خود،‌در جا لحظه‌ای مکث کنید! &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[Image:26-160-1.jpg]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;مسئله شطرنج شماره ۷&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
Pb2 - Re3 - Tg4 - Da6 - Pg6.   سفید ۵ مهره&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
Pg7 - Pf7 - Re5 - Pb4 - Pb3.    سیاه ۵ مهره &lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سفید بازی را شروع و در سه حرکت&lt;br /&gt;
 سیاه را مات میکند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
حل مسئله شطرنج شماره ۷ &lt;br /&gt;
سیاه در سه حرکت مات می‌شود&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سفید&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سیاه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 1 – T - g1!&lt;br /&gt;
| 1 – R - f5&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 2 – R - d4&lt;br /&gt;
| 2 – R - f4&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 3 – D - f1 ++ مات &lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اگر&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
| 1 – ……..&lt;br /&gt;
| 1 – P - f5&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 2 – T - g4&lt;br /&gt;
| 2 – R - d5&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 3 – T x Pf5 ++ مات &lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Pouya</name></author>
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		<title>شطرنج جوانان پیکار اندیشه‌ها ۷</title>
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		<updated>2012-05-02T16:57:52Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;Pouya: &lt;/p&gt;
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&lt;div&gt;[[Image:26-156.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۵۶|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۵۶]]&lt;br /&gt;
[[Image:26-157.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۵۷|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۵۷]]&lt;br /&gt;
[[Image:26-158.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۵۸|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۵۸]]&lt;br /&gt;
[[Image:26-159.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۵۹|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۵۹]]&lt;br /&gt;
[[Image:26-160.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۶۰|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۶۰]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{در حال ویرایش}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
شطرنج جوانان&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;نوشتهٔ ج. ان. واکر&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
ترجمهٔ جهانگیر افشاری&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==بازی شماره هفت==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سفید&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سیاه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 1 – e2 – e4&lt;br /&gt;
| 1 – e7 – e5&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 2 – Cg1 – f3&lt;br /&gt;
| 2 – d7 – d6&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 3 – d2 – d4&lt;br /&gt;
| 3 – Cg8 – f6&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 4 – d4 x e5&lt;br /&gt;
| 4 – Cf6 x e4&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 5 – Ff1 – c4&lt;br /&gt;
| 5 – …….&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سفید تهدید کرده که با مانور زیر:&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 6 – Fc4 x F7 +کیش&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 6 – Re8 x f7&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 7 – Dd1 - d5 +کیش &lt;br /&gt;
| 7 – ……..&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
پیاده‌ئی از حریف به غنیمت خواهد گرفت … اجازه بدهید ببینیم نبرد چگونه ادامه پیدا می‌کند:&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 5 – …….&lt;br /&gt;
| 5 – Fc8 – e6&lt;br /&gt;
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| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 6 – Fc4 x e6 &lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 6 – f7 x e6&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 7 – Dd1 - e2&lt;br /&gt;
| 7 – ……..&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سفید مصمم است به نبرد پیاده ‪(‬b‪)‬ برود… به طوری که خواهیم دید، سفید به هدف خود می‌رسد منتهی این موفقت در ازاء انجام چهار حرکت و به وسیلهء دو مهره‌ئی که در حال حاضر عملا فعالیت می‌کنند و درگیر ماجرا هستند، به دست می آید. ‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬شکل شماره بیست و نه…‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[Image:26-156-1.jpg]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
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| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 7 – ……..&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 7 – d6 - d5&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 8 – De2 - b5‫ کیش +‬&lt;br /&gt;
| 8 – Cb8 - c6&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 9 – Cf3 - d4&lt;br /&gt;
| 9 – …….. &lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اگر سفید بلافاصله از وزیر e2  مدد میگرفت و پیاده سیاه b7 را از میدان خارج می‌کرد، در حقیقت با دست خود طناب‌دار را به گردن خویش می‌بست: زیرا سیاه بی‌آن که لحظه‌ئی تردید کند به صورت زیر عکس‌العمل نشان می‌داد. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 9 – De2 x b7 &lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 9 – Cc6 - b4&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10 – Db7 - b5‫ کیش +‬&lt;br /&gt;
| 10 – c7 - c6&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11 – Db5 - a4&lt;br /&gt;
| 11 – Ce4 - c5&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 12 – Da4 x b4&lt;br /&gt;
| 12 – Cc5 - d3&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
و بدین سان ‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬وزیر سفید‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬ از دست‌ می‌رفت:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 9 – ……..&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 9 – Dd8 - d7&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10 – Ob5 x b7&lt;br /&gt;
| 10 – ……….&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[Image:26-157-1.jpg]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; شکل شماره سی ‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬… سفید، به هدف خود رسید و پیاده سیاه ‪(‬b‪)‬ را از صحنه خارج کرد… در همین حال سیاه به آرامی و متانت مهره‌های خود را گسترش داده و آماده است حریف را به‌زانو در بیآورد:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 10 – …….&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 10 – Ff8 - b4! ‫ ‬کیش‫+‬&lt;br /&gt;
  |-&lt;br /&gt;
| 11 – c2 - c3‫ ‬&lt;br /&gt;
| 11 – Cc6 x d4!! &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 12 – Db7 x a8 کیش‫+‬ &lt;br /&gt;
| 12 – ……..&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اگر سفید به جای حرکت فوق، فیل سیاه b4 را به وسیله پیاده c3 از فعالیت باز می‌داشت، وضعش پس از نشستنِ شاه سیاه در قلعه، از آنچه که فعلا هست ناامید کننده‌تر می‌شد:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 12 – …….&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 12 – Re8 - f7&lt;br /&gt;
  |-&lt;br /&gt;
| 13 – Da8 x h8&lt;br /&gt;
| 11 – Dh7 -b5!&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 14– Dتسلیم می‌شود &lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[Image:26-157-2.jpg]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;شکل شمارهء سی و یک‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬ سیاه، تهدید کرده وزیر را از خانه b5 به خانه e2 خواهد کشاند و رقیب را مات خواهد کرد… سفید در برابر این تهدید نمی‌تواند مقاومت کند و بناچار تسلیم می‌شود… سفید مبهوت است و نمی‌داند چه عاملی سبب شده به این روز بیفتد‪.‬ ولی ما دلیل آن را می‌دانیم، در حرکت دهم، سفید پیاد‌ه‌ئی را که قبلا قصد جانش را جرده بود با موفقیت از فعالیت باز داشت و خود، بعد از انجام سه حرکت در زیر توده‌ئی از مشکلات دفن گردید… این چنین پی‌آمدها در برابر حرکات بی‌رویه پیاده‌ها امری عادی است. توجه داشته باشید که یورش در این بازی آن چنان که باید سهمگین و ویرانگر نبود… بازی شماره هشت نمونه دیگری است که حمله به گونه‌ئی «متدیک» و نه «پُر تب و تاب» انجام می‌شود. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==بازی شماره هشت:==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سفید&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سیاه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 1 – e2 – e4&lt;br /&gt;
| 1 – e7 – e5&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 2 – f2 – f4&lt;br /&gt;
| 2 – Ff8 – c5&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 3 – Cg1 – f3&lt;br /&gt;
| 3 – d7 – d6&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 4 – Ff1 - c4&lt;br /&gt;
| 4 – Cg8 - f6&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 5 – Cb1 – c3&lt;br /&gt;
| 5 – 0 -0 قلعه کوچک&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 6 – d2 – d3&lt;br /&gt;
| 6 – g4 - Cf6&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
یک حرکت ضعیف، اسب سیاه، قبلا به میدان آمده: مهره‌های جناح وزیر باید گسترش بیابند: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 7 – Th1 - f1&lt;br /&gt;
| 7 – Cg4 x h2&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[Image:26-158-1.jpg]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
شکل شمارهء سی و دو… سیاه، یک پیاده از حریف به غنیمت گرفته و امیدش این است که پس از حرکت:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 8 – Cf3 x h2&lt;br /&gt;
| 8 – Dd8 - h4&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اسب از دست رفته را با یک یورش قوی جبران کند…سفید، ابدا به نقشه حریف توجه ندارد. و خیالات دیگری در سر می پرورد. او نه تنها در گسترش مهره‌ها از رقیب پیشی گرفته، بلکه در نظر دارد به دلیل عدم حضور پیاده h2، به حمله جانانه‌ئی در ستون (h) دست یازد: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 8 – Tf1 – h1&lt;br /&gt;
| 8 – Ch2 – g4&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 9 – dD1 – e2&lt;br /&gt;
| 9 – Fc5 – i2 + کیش&lt;br /&gt;
-|&lt;br /&gt;
| 10 – Re1 – f1&lt;br /&gt;
| 10 – Cb8 – c6&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سیاه، بالاخره با تاخیر چهار حرکت، به گسترش مهره‌های جناح وزیر پرداخت… در همین شرایط مهره‌های سفید در سنگرهای مناسب مستقر هستند و آماده‌اند حمله نهائی را آغاز کنند….&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;شکل شماره سی و سه:&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[Image:26-158-2.jpg]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سفید&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سیاه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11 – f4 – f5 !&lt;br /&gt;
| 11 – Ff2 – c5&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 12 – Cf3 – g5&lt;br /&gt;
| 12 – Cg4 – h6&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اگر سیاه به عوض حرکت فوق، اسب g4 را در خانه f6 مستقر می‌کرد، سفید با انتخاب: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
| &amp;#039;&amp;#039;13 – Cg5 x h7&lt;br /&gt;
| 13 – Cf6 x h7&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| &amp;#039;&amp;#039;14 – De2 – h5&lt;br /&gt;
| 14 – ……….&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
بازی را به سود خود به پایان می‌برد. ولی اکنون: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
| 13 – De2 - h5&lt;br /&gt;
| 13 – Dd8 - e8&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سفید، این آمادگی را پیدا کرد، که ضربه نهائی را وارد نماید و در مواضع حریف رخنه کند: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
| 14 – Cg5 x h7!!&lt;br /&gt;
| 14 – Rg8 x h7&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 15 – Fc1 x h6&lt;br /&gt;
| 15 – g7 - g6&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اگر سیاه، فیل سفید h6 را به وسیله پیاده g7 از میان بر می‌داشت، باز هم در وضعش تغییری حاصل نمی‌شد و بزودی در برابر عکس‌العمل: &lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
| &amp;#039;&amp;#039;16 – Dh5 x h6 کیش +&lt;br /&gt;
| 16 – Rh7 - g8&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| &amp;#039;&amp;#039;17 – Dh6 – h7&lt;br /&gt;
| 17 – ….…….&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
خاموش می‌شد:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|16 – Dh5 x g6!! &lt;br /&gt;
| 16 – ………….&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سفید، راه بسیار خوبی برای پایان دادن به تقلای سیاه برگزیده:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|16 – ………….&lt;br /&gt;
| 16 – f7 x g6&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 17 – Fh6 x f8 +  مات&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سیاه، از حول حلیم در دیگ افتاد! و سزای آزمندی خود را دید و در «ستونی» مات شد که در همان ستون یک پیاده از حریف هوشیار به فنیمت گرفته بود. شکل شماره چهل .. آنچه از بازی‌های شماره هفت و هشت می‌آموزیم این است: گرفت پیاده در آغاز مبارزه ممکن است از نظر کمی برتری محسوب شود، ولی این برتری دیری نمی‌پاید و به علت انجام حرکات بی‌رویه خنثی می‌شود.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;خلاصه آنچه گذشت&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در شروع هر مبارزه، بیش‌ترین کوشش باید صرف گسترش مهر‌ه‌ها شود. مادامی که مهره‌ها را در خانه‌های مناسب قرار نداده‌اید،‌نه تنها قادر نیستید به حمله دست یازید،‌بلکه امکان «دفاعی» شما تقریبا به صفر می‌رسد. هدف، باید کسب برتری در گسترش مهره‌ها باشد تا بتوانید قبل از آمادگی حریف به اوی یورش ببرید… اگر حریف به طرز صحیحی با شما مقابله می‌کند و اجازه نمی‌دهد در گسترش مهر‌ه‌ها بر او پیشی بگیرید، باید بکوشید حریمی به وجود بیاورید تا نتواند گام نخستین را به ضرر شما بردارد… در هشت مثاله که از نظرتان گذشت، پیروزی از آن حریفی بود که با رعایت اصول، مهره‌هایش را به سرعت گسترش داد و طرف مقابل را به دلیل گمراهی، قرین شکست کرد… در هیچ یک از بازی ‌های قبل، نمی‌توان عیب و ایرادی در نحوه مبارزه بازیکنی که نبرد را به سود خود به پایان برده، پیدا کرد… در هر یک از مثال‌ها: برنده به گونه‌ئی چشمگیر رقیب را به خاطر سهل‌انگاری در گسترش مهر‌ها شکست داده… نمونه‌هایی را که بررسی کردید، مبیین این واقعیت‌اند که در برابر گسترش ضعیف می‌توان قاطعانه بر حریف پیروز شد… ممکن است حریفان در انتخاب راه صحیح ناتوان باشند، بر شما فرض است که هرگز امکان پیدا کردن راه صحیح را به آن‌ها ندهید. بنابر‌این در شروع بازی: &lt;br /&gt;
+ هرگز کمر به قتل پیا‌د‌ه‌ها نبندید.&lt;br /&gt;
+ هر مهره را پیش از یک بار حرکت ندهید. &lt;br /&gt;
+ قبل از تکمیل شدن «گسترش» مهره‌ها، به حمله دست نیازید. &lt;br /&gt;
+با انجام حرکات بیهوده پیاده‌ها، وقت تلف نکنید.&lt;br /&gt;
+ با گسترش تهاجمی از نظر زمان جلو بیفتید.&lt;br /&gt;
راستی تا به حال چند بار به هنگام مبارزه با افسوس از خود سوال کرده‌اید: «اگر می‌توانستم دو حرکت دیگر انجام بدهم….؟» حتما خیلی! در شطرنج حرکت یعنی زمان… هر حرکتی که انجام می‌دهید، گامی است که به جلو یا به عقب بر‌می‌دارید و دیگر نمی‌توانید آن را تصحیح کنید و حرکت دیگری جایگزینش نمائید. اگر قدمی به خطا بردارید به حریف فرصت می‌دهید دو قدم بر شما پیشی بگیرد. حرکت «بیهوده»، یعنی تلف کردن «وقت»: یعنی این که در یک مسابقه دو و میدانی در کوران دویدن،‌ برای بستن بند کشف خود،‌در جا لحظه‌ای مکث کنید! &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[Image:26-160-1.jpg]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;مسئله شطرنج شماره ۷&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
Pb2 - Re3 - Tg4 - Da6 - Pg6.   سفید ۵ مهره&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
Pg7 - Pf7 - Re5 - Pb4 - Pb3.    سیاه ۵ مهره &lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سفید بازری را شروع و در سه حرکت&lt;br /&gt;
 سیاه را مات میکند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
حل مسئله شطرنج شماره ۷ &lt;br /&gt;
سیاه در سه حرکت مات می‌شود&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سفید&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سیاه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 1 – T - g1!&lt;br /&gt;
| 1 – R - f5&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 2 – R - d4&lt;br /&gt;
| 2 – R - f4&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 3 – D - f1 ++ مات &lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اگر&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
| 1 – ……..&lt;br /&gt;
| 1 – P - f5&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 2 – T - g4&lt;br /&gt;
| 2 – R - d5&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 3 – T x Pf5 ++ مات &lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Pouya</name></author>
	</entry>
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		<title>شطرنج جوانان پیکار اندیشه‌ها ۷</title>
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		<updated>2012-05-02T16:41:46Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;Pouya: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[Image:26-156.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۵۶|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۵۶]]&lt;br /&gt;
[[Image:26-157.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۵۷|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۵۷]]&lt;br /&gt;
[[Image:26-158.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۵۸|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۵۸]]&lt;br /&gt;
[[Image:26-159.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۵۹|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۵۹]]&lt;br /&gt;
[[Image:26-160.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۶۰|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۶۰]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{در حال ویرایش}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
شطرنج جوانان&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;نوشتهٔ ج. ان. واکر&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
ترجمهٔ جهانگیر افشاری&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==بازی شماره هفت==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سفید&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سیاه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 1 – e2 – e4&lt;br /&gt;
| 1 – e7 – e5&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 2 – Cg1 – f3&lt;br /&gt;
| 2 – d7 – d6&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 3 – d2 – d4&lt;br /&gt;
| 3 – Cg8 – f6&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 4 – d4 x e5&lt;br /&gt;
| 4 – Cf6 x e4&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 5 – Ff1 – c4&lt;br /&gt;
| 5 – …….&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سفید تهدید کرده که با مانور زیر:&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 6 – Fc4 x F7 +کیش&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 6 – Re8 x f7&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 7 – Dd1 - d5 +کیش &lt;br /&gt;
| 7 – ……..&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
پیاده‌ئی از حریف به غنیمت خواهد گرفت … اجازه بدهید ببینیم نبرد چگونه ادامه پیدا می‌کند:&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 5 – …….&lt;br /&gt;
| 5 – Fc8 – e6&lt;br /&gt;
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| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 6 – Fc4 x e6 &lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 6 – f7 x e6&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 7 – Dd1 - e2&lt;br /&gt;
| 7 – ……..&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سفید مصمم است به نبرد پیاده ‪(‬b‪)‬ برود… به طوری که خواهیم دید، سفید به هدف خود می‌رسد منتهی این موفقت در ازاء انجام چهار حرکت و به وسیلهء دو مهره‌ئی که در حال حاضر عملا فعالیت می‌کنند و درگیر ماجرا هستند، به‌دست می‌آید. ‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬شکل شماره بیست و نه…‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[Image:26-156-1.jpg]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
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| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 7 – ……..&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 7 – d6 - d5&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 8 – De2 - b5‫ کیش +‬&lt;br /&gt;
| 8 – Cb8 - c6&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 9 – Cf3 - d4&lt;br /&gt;
| 9 – …….. &lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اگر سفید بلافاصله از وزیر e2  مدد میگرفت و پیاده سیاه b7 را از میدان خارج می‌کرد، در حقیقت با دست خود طناب‌دار را به گردن خویش می‌بست: زیرا سیاه بی‌آن که لحظه‌ئی تردید کند به صورت زیر عکس‌العمل نشان می‌داد. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 9 – De2 x b7 &lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 9 – Cc6 - b4&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10 – Db7 - b5‫ کیش +‬&lt;br /&gt;
| 10 – c7 - c6&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11 – Db5 - a4&lt;br /&gt;
| 11 – Ce4 - c5&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 12 – Da4 x b4&lt;br /&gt;
| 12 – Cc5 - d3&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
و بدین سان ‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬وزیر سفید‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬ از دست‌ می‌رفت:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 9 – ……..&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 9 – Dd8 - d7&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10 – Ob5 x b7&lt;br /&gt;
| 10 – ……….&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; شکل شماره سی ‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬… سفید، به هدف خود رسید و پیاده سیاه ‪(‬b‪)‬ را از صحنه خارج کرد… در همین حال سیاه به آرامی و متانت مهره‌های خود را گسترش داده و آماده است حریف را به‌زانو در بیآورد:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 10 – …….&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 10 – Ff8 - b4! ‫ ‬کیش‫+‬&lt;br /&gt;
  |-&lt;br /&gt;
| 11 – c2 - c3‫ ‬&lt;br /&gt;
| 11 – Cc6 x d4!! &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 12 – Db7 x a8 کیش‫+‬ &lt;br /&gt;
| 12 – ……..&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اگر سفید به جای حرکت فوق، فیل سیاه b4 را به وسیله پیاده c3 از فعالیت باز می‌داشت، وضعش پس از نشستنِ شاه سیاه در قلعه، از آنچه که فعلا هست ناامید کننده‌تر می‌شد:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 12 – …….&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 12 – Re8 - f7&lt;br /&gt;
  |-&lt;br /&gt;
| 13 – Da8 x h8&lt;br /&gt;
| 11 – Dh7 -b5!&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 14– Dتسلیم می‌شود &lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;شکل شمارهء سی و یک‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬ سیاه، تهدید کرده وزیر را از خانه b5 به خانه e2 خواهد کشاند و رقیب را مات خواهد کرد… سفید در برابر این تهدید نمی‌تواند مقاومت کند و بناچار تسلیم می‌شود… سفید مبهوت است و نمی‌داند چه عاملی سبب شده به این روز بیفتد‪.‬ ولی ما دلیل آن را می‌دانیم، در حرکت دهم، سفید پیاد‌ه‌ئی را که قبلا قصد جانش را جرده بود با موفقیت از فعالیت باز داشت و خود، بعد از انجام سه حرکت در زیر توده‌ئی از مشکلات دفن گردید… این چنین پی‌آمدها در برابر حرکات بی‌رویه پیاده‌ها امری عادی است. توجه داشته باشید که یورش در این بازی آن چنان که باید سهمگین و ویرانگر نبود… بازی شماره هشت نمونه دیگری است که حمله به گونه‌ئی «متدیک» و نه «پُر تب و تاب» انجام می‌شود. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==بازی شماره هشت:==&lt;br /&gt;
‫******‬ ۱ تا ۶ &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
یک حرکت ضعیف، اسب سیاه، قبلا به میدان آمده: مهره‌های جناح وزیر باید گسترش بیابند: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
صفحه ۱۵۸ ادامه قسمت ۷&lt;br /&gt;
شکل شمارهء سی و دو… سیاه، یکپیاده از حریف به غنیمت گرفته و امیدش این است که پس از حرکت:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سفید&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سیاه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 8 – Cf3 x h2&lt;br /&gt;
| 8 – Dd8 - h4&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اسب از دست رفته را با یک یورش قوی جبران کند…سفید، ابدا به نقشه حریف توجه ندارد. و خیالات دیگری در سر می‌پرورد. او نه تنها در گسترش مهره‌ها از رقیب پیشی گرفته، بلکه در نظر دارد به دلیل عدم حضور پیاده h2، به حمله جانانه‌ئی در ستون (h) دست یازد: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سفید&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سیاه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 8 – Tf1 – h1&lt;br /&gt;
| 8 – Ch2 – g4&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 9 – dD1 – e2&lt;br /&gt;
| 9 – Fc5 – i2 + کیش&lt;br /&gt;
-|&lt;br /&gt;
| 10 – Re1 – f1&lt;br /&gt;
| 10 – Cb8 – c6&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سیاه، بالاخره با تاخیر چهار حرکت، به گسترش مهره‌های جناح وزیر پرداخت… در همین شرایط مهره‌های سفید در سنگرهای مناسب مستقر هستند و آماده‌اند حمله نهائی را آغاز کنند….&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;شکل شماره سی و سه:&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سفید&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سیاه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11 – f4 – f5 !&lt;br /&gt;
| 11 – Ff2 – c5&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 12 – Cf3 – g5&lt;br /&gt;
| 12 – Cg4 – h6&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اگر سیاه به عوض حرکت فوق، اسب g4 را در خانه f6 مستقر می‌کرد، سفید با انتخاب: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
| &amp;#039;&amp;#039;13 – Cg5 x h7&lt;br /&gt;
| 13 – Cf6 x h7&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| &amp;#039;&amp;#039;14 – De2 – h5&lt;br /&gt;
| 14 – ……….&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
بازی را به سود خود به پایان می‌برد. ولی اکنون: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
| 13 – De2 - h5&lt;br /&gt;
| 13 – Dd8 - e8&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سفید، این آمادگی را پیدا کرد، که ضربه نهائی را وارد نماید و در مواضع حریف رخنه کند: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
| 14 – Cg5 x h7!!&lt;br /&gt;
| 14 – Rg8 x h7&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 15 – Fc1 x h6&lt;br /&gt;
| 15 – g7 - g6&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اگر سیاه، فیل سفید h6 را به وسیله پیاده g7 از میان بر می‌داشت، باز هم در وضعش تغییری حاصل نمی‌شد و بزودی در برابر عکس‌العمل: &lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
| &amp;#039;&amp;#039;16 – Dh5 x h6 کیش +&lt;br /&gt;
| 16 – Rh7 - g8&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| &amp;#039;&amp;#039;17 – Dh6 – h7&lt;br /&gt;
| 17 – ….…….&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
خاموش می‌شد:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|16 – Dh5 x g6!! &lt;br /&gt;
| 16 – ………….&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سفید، راه بسیار خوبی برای پایان دادن به تقلای سیاه برگزیده:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|16 – ………….&lt;br /&gt;
| 16 – f7 x g6&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 17 – Fh6 x f8 +  مات&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سیاه، از حول حلیم در دیگ افتاد! و سزای آزمندی خود را دید و در «ستونی» مات شد که در همان ستون یک پیاده از حریف هوشیار به فنیمت گرفته بود. شکل شماره چهل .. آنچه از بازی‌های شماره هفت و هشت می‌آموزیم این است: گرفت پیاده در آغاز مبارزه ممکن است از نظر کمی برتری محسوب شود، ولی این برتری دیری نمی‌پاید و به علت انجام حرکات بی‌رویه خنثی می‌شود.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
خلاصه آنچه گذشت&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در شروع هر مبارزه، بیش‌ترین کوشش باید صرف گسترش مهر‌ه‌ها شود. مادامی که مهره‌ها را در خانه‌های مناسب قرار نداده‌اید،‌نه تنها قادر نیستید به حمله دست یازید،‌بلکه امکان «دفاعی» شما تقریبا به صفر می‌رسد. هدف، باید کسب برتری در گسترش مهره‌ها باشد تا بتوانید قبل از آمادگی حریف به اوی یورش ببرید… اگر حریف به طرز صحیحی با شما مقابله می‌کند و اجازه نمی‌دهد در گسترش مهر‌ه‌ها بر او پیشی بگیرید، باید بکوشید حریمی به وجود بیاورید تا نتواند گام نخستین را به ضرر شما بردارد… در هشت مثاله که از نظرتان گذشت، پیروزی از آن حریفی بود که با رعایت اصول، مهره‌هایش را به سرعت گسترش داد و طرف مقابل را به دلیل گمراهی، قرین شکست کرد… در هیچ یک از بازی ‌های قبل، نمی‌توان عیب و ایرادی در نحوه مبارزه بازیکنی که نبرد را به سود خود به پایان برده، پیدا کرد… در هر یک از مثال‌ها: برنده به گونه‌ئی چشمگیر رقیب را به خاطر سهل‌انگاری در گسترش مهر‌ها شکست داده… نمونه‌هایی را که بررسی کردید، مبیین این واقعیت‌اند که در برابر گسترش ضعیف می‌توان قاطعانه بر حریف پیروز شد… ممکن است حریفان در انتخاب راه صحیح ناتوان باشند، بر شما فرض است که هرگز امکان پیدا کردن راه صحیح را به آن‌ها ندهید. بنابر‌این در شروع بازی: &lt;br /&gt;
+ هرگز کمر به قتل پیا‌د‌ه‌ها نبندید.&lt;br /&gt;
+ هر مهره را پیش از یک بار حرکت ندهید. &lt;br /&gt;
+ قبل از تکمیل شدن «گسترش» مهره‌ها، به حمله دست نیازید. &lt;br /&gt;
+با انجام حرکات بیهوده پیاده‌ها، وقت تلف نکنید.&lt;br /&gt;
+ با گسترش تهاجمی از نظر زمان جلو بیفتید.&lt;br /&gt;
راستی تا به حال چند بار به هنگام مبارزه با افسوس از خود سوال کرده‌اید: «اگر می‌توانستم دو حرکت دیگر انجام بدهم….؟» حتما خیلی! در شطرنج حرکت یعنی زمان… هر حرکتی که انجام می‌دهید، گامی است که به جلو یا به عقب بر‌می‌دارید و دیگر نمی‌توانید آن را تصحیح کنید و حرکت دیگری جایگزینش نمائید. اگر قدمی به خطا بردارید به حریف فرصت می‌دهید دو قدم بر شما پیشی بگیرد. حرکت «بیهوده»، یعنی تلف کردن «وقت»: یعنی این که در یک مسابقه دو و میدانی در کوران دویدن،‌ برای بستن بند کشف خود،‌در جا لحظه‌ای مکث کنید! &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
مسئله شطرنج شماره ۷ &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
Pb2 - Re3 - Tg4 - Da6 - Pg6.   سفید ۵ مهره&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
Pg7 - Pf7 - Re5 - Pb4 - Pb3.    سیاه ۵ مهره &lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سفید بازری را شروع و در سه حرکت&lt;br /&gt;
 سیاه را مات میکند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
حل مسئله شطرنج شماره ۷ &lt;br /&gt;
سیاه در سه حرکت مات می‌شود&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سفید&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سیاه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 1 – T - g1!&lt;br /&gt;
| 1 – R - f5&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 2 – R - d4&lt;br /&gt;
| 2 – R - f4&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 3 – D - f1 ++ مات &lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اگر&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
| 1 – ……..&lt;br /&gt;
| 1 – P - f5&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 2 – T - g4&lt;br /&gt;
| 2 – R - d5&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 3 – T x Pf5 ++ مات &lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Pouya</name></author>
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		<title>شطرنج جوانان پیکار اندیشه‌ها ۷</title>
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		<updated>2012-05-02T16:23:35Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;Pouya: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[Image:26-156.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۵۶|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۵۶]]&lt;br /&gt;
[[Image:26-157.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۵۷|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۵۷]]&lt;br /&gt;
[[Image:26-158.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۵۸|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۵۸]]&lt;br /&gt;
[[Image:26-159.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۵۹|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۵۹]]&lt;br /&gt;
[[Image:26-160.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۶۰|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۶۰]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{در حال ویرایش}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
شطرنج جوانان&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;نوشتهٔ ج. ان. واکر&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
ترجمهٔ جهانگیر افشاری&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==بازی شماره هفت==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سفید&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سیاه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 1 – e2 – e4&lt;br /&gt;
| 1 – e7 – e5&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 2 – Cg1 – f3&lt;br /&gt;
| 2 – d7 – d6&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 3 – d2 – d4&lt;br /&gt;
| 3 – Cg8 – f6&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 4 – d4 x e5&lt;br /&gt;
| 4 – Cf6 x e4&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 5 – Ff1 – c4&lt;br /&gt;
| 5 – …….&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سفید تهدید کرده که با مانور زیر:&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
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| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 6 – Fc4 x F7 +کیش&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 6 – Re8 x f7&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 7 – Dd1 - d5 +کیش &lt;br /&gt;
| 7 – ……..&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
پیاده‌ئی از حریف به غنیمت خواهد گرفت … اجازه بدهید ببینیم نبرد چگونه ادامه پیدا می‌کند:&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
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| 5 – Fc8 – e6&lt;br /&gt;
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| 7 – Dd1 - e2&lt;br /&gt;
| 7 – ……..&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سفید مصمم است به نبرد پیاده ‪(‬b‪)‬ برود… به طوری که خواهیم دید، سفید به هدف خود می‌رسد منتهی این موفقت در ازاء انجام چهار حرکت و به وسیلهء دو مهره‌ئی که در حال حاضر عملا فعالیت می‌کنند و درگیر ماجرا هستند، به‌دست می‌آید. ‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬شکل شماره بیست و نه…‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[images/1/12/26-156-1.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۵۷|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۵۷]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
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| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 7 – ……..&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 7 – d6 - d5&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 8 – De2 - b5‫ کیش +‬&lt;br /&gt;
| 8 – Cb8 - c6&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 9 – Cf3 - d4&lt;br /&gt;
| 9 – …….. &lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اگر سفید بلافاصله از وزیر e2  مدد میگرفت و پیاده سیاه b7 را از میدان خارج می‌کرد، در حقیقت با دست خود طناب‌دار را به گردن خویش می‌بست: زیرا سیاه بی‌آن که لحظه‌ئی تردید کند به صورت زیر عکس‌العمل نشان می‌داد. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 9 – De2 x b7 &lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 9 – Cc6 - b4&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10 – Db7 - b5‫ کیش +‬&lt;br /&gt;
| 10 – c7 - c6&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11 – Db5 - a4&lt;br /&gt;
| 11 – Ce4 - c5&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 12 – Da4 x b4&lt;br /&gt;
| 12 – Cc5 - d3&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
و بدین سان ‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬وزیر سفید‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬ از دست‌ می‌رفت:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 9 – ……..&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 9 – Dd8 - d7&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10 – Ob5 x b7&lt;br /&gt;
| 10 – ……….&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; شکل شماره سی ‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬… سفید، به هدف خود رسید و پیاده سیاه ‪(‬b‪)‬ را از صحنه خارج کرد… در همین حال سیاه به آرامی و متانت مهره‌های خود را گسترش داده و آماده است حریف را به‌زانو در بیآورد:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 10 – …….&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 10 – Ff8 - b4! ‫ ‬کیش‫+‬&lt;br /&gt;
  |-&lt;br /&gt;
| 11 – c2 - c3‫ ‬&lt;br /&gt;
| 11 – Cc6 x d4!! &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 12 – Db7 x a8 کیش‫+‬ &lt;br /&gt;
| 12 – ……..&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اگر سفید به جای حرکت فوق، فیل سیاه b4 را به وسیله پیاده c3 از فعالیت باز می‌داشت، وضعش پس از نشستنِ شاه سیاه در قلعه، از آنچه که فعلا هست ناامید کننده‌تر می‌شد:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 12 – …….&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 12 – Re8 - f7&lt;br /&gt;
  |-&lt;br /&gt;
| 13 – Da8 x h8&lt;br /&gt;
| 11 – Dh7 -b5!&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 14– Dتسلیم می‌شود &lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;شکل شمارهء سی و یک‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬ سیاه، تهدید کرده وزیر را از خانه b5 به خانه e2 خواهد کشاند و رقیب را مات خواهد کرد… سفید در برابر این تهدید نمی‌تواند مقاومت کند و بناچار تسلیم می‌شود… سفید مبهوت است و نمی‌داند چه عاملی سبب شده به این روز بیفتد‪.‬ ولی ما دلیل آن را می‌دانیم، در حرکت دهم، سفید پیاد‌ه‌ئی را که قبلا قصد جانش را جرده بود با موفقیت از فعالیت باز داشت و خود، بعد از انجام سه حرکت در زیر توده‌ئی از مشکلات دفن گردید… این چنین پی‌آمدها در برابر حرکات بی‌رویه پیاده‌ها امری عادی است. توجه داشته باشید که یورش در این بازی آن چنان که باید سهمگین و ویرانگر نبود… بازی شماره هشت نمونه دیگری است که حمله به گونه‌ئی «متدیک» و نه «پُر تب و تاب» انجام می‌شود. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==بازی شماره هشت:==&lt;br /&gt;
‫******‬ ۱ تا ۶ &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
یک حرکت ضعیف، اسب سیاه، قبلا به میدان آمده: مهره‌های جناح وزیر باید گسترش بیابند: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
صفحه ۱۵۸ ادامه قسمت ۷&lt;br /&gt;
شکل شمارهء سی و دو… سیاه، یکپیاده از حریف به غنیمت گرفته و امیدش این است که پس از حرکت:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سفید&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سیاه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 8 – Cf3 x h2&lt;br /&gt;
| 8 – Dd8 - h4&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اسب از دست رفته را با یک یورش قوی جبران کند…سفید، ابدا به نقشه حریف توجه ندارد. و خیالات دیگری در سر می‌پرورد. او نه تنها در گسترش مهره‌ها از رقیب پیشی گرفته، بلکه در نظر دارد به دلیل عدم حضور پیاده h2، به حمله جانانه‌ئی در ستون (h) دست یازد: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سفید&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سیاه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 8 – Tf1 – h1&lt;br /&gt;
| 8 – Ch2 – g4&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 9 – dD1 – e2&lt;br /&gt;
| 9 – Fc5 – i2 + کیش&lt;br /&gt;
-|&lt;br /&gt;
| 10 – Re1 – f1&lt;br /&gt;
| 10 – Cb8 – c6&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سیاه، بالاخره با تاخیر چهار حرکت، به گسترش مهره‌های جناح وزیر پرداخت… در همین شرایط مهره‌های سفید در سنگرهای مناسب مستقر هستند و آماده‌اند حمله نهائی را آغاز کنند….&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;شکل شماره سی و سه:&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سفید&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سیاه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11 – f4 – f5 !&lt;br /&gt;
| 11 – Ff2 – c5&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 12 – Cf3 – g5&lt;br /&gt;
| 12 – Cg4 – h6&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اگر سیاه به عوض حرکت فوق، اسب g4 را در خانه f6 مستقر می‌کرد، سفید با انتخاب: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
| &amp;#039;&amp;#039;13 – Cg5 x h7&lt;br /&gt;
| 13 – Cf6 x h7&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| &amp;#039;&amp;#039;14 – De2 – h5&lt;br /&gt;
| 14 – ……….&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
بازی را به سود خود به پایان می‌برد. ولی اکنون: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
| 13 – De2 - h5&lt;br /&gt;
| 13 – Dd8 - e8&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سفید، این آمادگی را پیدا کرد، که ضربه نهائی را وارد نماید و در مواضع حریف رخنه کند: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
| 14 – Cg5 x h7!!&lt;br /&gt;
| 14 – Rg8 x h7&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 15 – Fc1 x h6&lt;br /&gt;
| 15 – g7 - g6&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اگر سیاه، فیل سفید h6 را به وسیله پیاده g7 از میان بر می‌داشت، باز هم در وضعش تغییری حاصل نمی‌شد و بزودی در برابر عکس‌العمل: &lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
| &amp;#039;&amp;#039;16 – Dh5 x h6 کیش +&lt;br /&gt;
| 16 – Rh7 - g8&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| &amp;#039;&amp;#039;17 – Dh6 – h7&lt;br /&gt;
| 17 – ….…….&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
خاموش می‌شد:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|16 – Dh5 x g6!! &lt;br /&gt;
| 16 – ………….&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سفید، راه بسیار خوبی برای پایان دادن به تقلای سیاه برگزیده:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|16 – ………….&lt;br /&gt;
| 16 – f7 x g6&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 17 – Fh6 x f8 +  مات&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سیاه، از حول حلیم در دیگ افتاد! و سزای آزمندی خود را دید و در «ستونی» مات شد که در همان ستون یک پیاده از حریف هوشیار به فنیمت گرفته بود. شکل شماره چهل .. آنچه از بازی‌های شماره هفت و هشت می‌آموزیم این است: گرفت پیاده در آغاز مبارزه ممکن است از نظر کمی برتری محسوب شود، ولی این برتری دیری نمی‌پاید و به علت انجام حرکات بی‌رویه خنثی می‌شود.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
خلاصه آنچه گذشت&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در شروع هر مبارزه، بیش‌ترین کوشش باید صرف گسترش مهر‌ه‌ها شود. مادامی که مهره‌ها را در خانه‌های مناسب قرار نداده‌اید،‌نه تنها قادر نیستید به حمله دست یازید،‌بلکه امکان «دفاعی» شما تقریبا به صفر می‌رسد. هدف، باید کسب برتری در گسترش مهره‌ها باشد تا بتوانید قبل از آمادگی حریف به اوی یورش ببرید… اگر حریف به طرز صحیحی با شما مقابله می‌کند و اجازه نمی‌دهد در گسترش مهر‌ه‌ها بر او پیشی بگیرید، باید بکوشید حریمی به وجود بیاورید تا نتواند گام نخستین را به ضرر شما بردارد… در هشت مثاله که از نظرتان گذشت، پیروزی از آن حریفی بود که با رعایت اصول، مهره‌هایش را به سرعت گسترش داد و طرف مقابل را به دلیل گمراهی، قرین شکست کرد… در هیچ یک از بازی ‌های قبل، نمی‌توان عیب و ایرادی در نحوه مبارزه بازیکنی که نبرد را به سود خود به پایان برده، پیدا کرد… در هر یک از مثال‌ها: برنده به گونه‌ئی چشمگیر رقیب را به خاطر سهل‌انگاری در گسترش مهر‌ها شکست داده… نمونه‌هایی را که بررسی کردید، مبیین این واقعیت‌اند که در برابر گسترش ضعیف می‌توان قاطعانه بر حریف پیروز شد… ممکن است حریفان در انتخاب راه صحیح ناتوان باشند، بر شما فرض است که هرگز امکان پیدا کردن راه صحیح را به آن‌ها ندهید. بنابر‌این در شروع بازی: &lt;br /&gt;
+ هرگز کمر به قتل پیا‌د‌ه‌ها نبندید.&lt;br /&gt;
+ هر مهره را پیش از یک بار حرکت ندهید. &lt;br /&gt;
+ قبل از تکمیل شدن «گسترش» مهره‌ها، به حمله دست نیازید. &lt;br /&gt;
+با انجام حرکات بیهوده پیاده‌ها، وقت تلف نکنید.&lt;br /&gt;
+ با گسترش تهاجمی از نظر زمان جلو بیفتید.&lt;br /&gt;
راستی تا به حال چند بار به هنگام مبارزه با افسوس از خود سوال کرده‌اید: «اگر می‌توانستم دو حرکت دیگر انجام بدهم….؟» حتما خیلی! در شطرنج حرکت یعنی زمان… هر حرکتی که انجام می‌دهید، گامی است که به جلو یا به عقب بر‌می‌دارید و دیگر نمی‌توانید آن را تصحیح کنید و حرکت دیگری جایگزینش نمائید. اگر قدمی به خطا بردارید به حریف فرصت می‌دهید دو قدم بر شما پیشی بگیرد. حرکت «بیهوده»، یعنی تلف کردن «وقت»: یعنی این که در یک مسابقه دو و میدانی در کوران دویدن،‌ برای بستن بند کشف خود،‌در جا لحظه‌ای مکث کنید! &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
مسئله شطرنج شماره ۷ &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
Pb2 - Re3 - Tg4 - Da6 - Pg6.   سفید ۵ مهره&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
Pg7 - Pf7 - Re5 - Pb4 - Pb3.    سیاه ۵ مهره &lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سفید بازری را شروع و در سه حرکت&lt;br /&gt;
 سیاه را مات میکند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
حل مسئله شطرنج شماره ۷ &lt;br /&gt;
سیاه در سه حرکت مات می‌شود&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سفید&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سیاه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 1 – T - g1!&lt;br /&gt;
| 1 – R - f5&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 2 – R - d4&lt;br /&gt;
| 2 – R - f4&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 3 – D - f1 ++ مات &lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اگر&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
| 1 – ……..&lt;br /&gt;
| 1 – P - f5&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 2 – T - g4&lt;br /&gt;
| 2 – R - d5&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 3 – T x Pf5 ++ مات &lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Pouya</name></author>
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		<title>شطرنج جوانان پیکار اندیشه‌ها ۷</title>
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		<updated>2012-05-02T16:22:35Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;Pouya: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[Image:26-156.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۵۶|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۵۶]]&lt;br /&gt;
[[Image:26-157.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۵۷|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۵۷]]&lt;br /&gt;
[[Image:26-158.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۵۸|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۵۸]]&lt;br /&gt;
[[Image:26-159.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۵۹|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۵۹]]&lt;br /&gt;
[[Image:26-160.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۶۰|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۶۰]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{در حال ویرایش}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
شطرنج جوانان&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;نوشتهٔ ج. ان. واکر&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
ترجمهٔ جهانگیر افشاری&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==بازی شماره هفت==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سفید&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سیاه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 1 – e2 – e4&lt;br /&gt;
| 1 – e7 – e5&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 2 – Cg1 – f3&lt;br /&gt;
| 2 – d7 – d6&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 3 – d2 – d4&lt;br /&gt;
| 3 – Cg8 – f6&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 4 – d4 x e5&lt;br /&gt;
| 4 – Cf6 x e4&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 5 – Ff1 – c4&lt;br /&gt;
| 5 – …….&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سفید تهدید کرده که با مانور زیر:&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 6 – Fc4 x F7 +کیش&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 6 – Re8 x f7&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 7 – Dd1 - d5 +کیش &lt;br /&gt;
| 7 – ……..&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
پیاده‌ئی از حریف به غنیمت خواهد گرفت … اجازه بدهید ببینیم نبرد چگونه ادامه پیدا می‌کند:&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 5 – …….&lt;br /&gt;
| 5 – Fc8 – e6&lt;br /&gt;
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| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 6 – Fc4 x e6 &lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 6 – f7 x e6&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 7 – Dd1 - e2&lt;br /&gt;
| 7 – ……..&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سفید مصمم است به نبرد پیاده ‪(‬b‪)‬ برود… به طوری که خواهیم دید، سفید به هدف خود می‌رسد منتهی این موفقت در ازاء انجام چهار حرکت و به وسیلهء دو مهره‌ئی که در حال حاضر عملا فعالیت می‌کنند و درگیر ماجرا هستند، به‌دست می‌آید. ‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬شکل شماره بیست و نه…‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[images/1/12/26-156-1.jpg]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 7 – ……..&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 7 – d6 - d5&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 8 – De2 - b5‫ کیش +‬&lt;br /&gt;
| 8 – Cb8 - c6&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 9 – Cf3 - d4&lt;br /&gt;
| 9 – …….. &lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اگر سفید بلافاصله از وزیر e2  مدد میگرفت و پیاده سیاه b7 را از میدان خارج می‌کرد، در حقیقت با دست خود طناب‌دار را به گردن خویش می‌بست: زیرا سیاه بی‌آن که لحظه‌ئی تردید کند به صورت زیر عکس‌العمل نشان می‌داد. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 9 – De2 x b7 &lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 9 – Cc6 - b4&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10 – Db7 - b5‫ کیش +‬&lt;br /&gt;
| 10 – c7 - c6&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11 – Db5 - a4&lt;br /&gt;
| 11 – Ce4 - c5&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 12 – Da4 x b4&lt;br /&gt;
| 12 – Cc5 - d3&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
و بدین سان ‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬وزیر سفید‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬ از دست‌ می‌رفت:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 9 – ……..&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 9 – Dd8 - d7&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10 – Ob5 x b7&lt;br /&gt;
| 10 – ……….&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; شکل شماره سی ‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬… سفید، به هدف خود رسید و پیاده سیاه ‪(‬b‪)‬ را از صحنه خارج کرد… در همین حال سیاه به آرامی و متانت مهره‌های خود را گسترش داده و آماده است حریف را به‌زانو در بیآورد:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 10 – …….&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 10 – Ff8 - b4! ‫ ‬کیش‫+‬&lt;br /&gt;
  |-&lt;br /&gt;
| 11 – c2 - c3‫ ‬&lt;br /&gt;
| 11 – Cc6 x d4!! &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 12 – Db7 x a8 کیش‫+‬ &lt;br /&gt;
| 12 – ……..&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اگر سفید به جای حرکت فوق، فیل سیاه b4 را به وسیله پیاده c3 از فعالیت باز می‌داشت، وضعش پس از نشستنِ شاه سیاه در قلعه، از آنچه که فعلا هست ناامید کننده‌تر می‌شد:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 12 – …….&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 12 – Re8 - f7&lt;br /&gt;
  |-&lt;br /&gt;
| 13 – Da8 x h8&lt;br /&gt;
| 11 – Dh7 -b5!&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 14– Dتسلیم می‌شود &lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;شکل شمارهء سی و یک‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬ سیاه، تهدید کرده وزیر را از خانه b5 به خانه e2 خواهد کشاند و رقیب را مات خواهد کرد… سفید در برابر این تهدید نمی‌تواند مقاومت کند و بناچار تسلیم می‌شود… سفید مبهوت است و نمی‌داند چه عاملی سبب شده به این روز بیفتد‪.‬ ولی ما دلیل آن را می‌دانیم، در حرکت دهم، سفید پیاد‌ه‌ئی را که قبلا قصد جانش را جرده بود با موفقیت از فعالیت باز داشت و خود، بعد از انجام سه حرکت در زیر توده‌ئی از مشکلات دفن گردید… این چنین پی‌آمدها در برابر حرکات بی‌رویه پیاده‌ها امری عادی است. توجه داشته باشید که یورش در این بازی آن چنان که باید سهمگین و ویرانگر نبود… بازی شماره هشت نمونه دیگری است که حمله به گونه‌ئی «متدیک» و نه «پُر تب و تاب» انجام می‌شود. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==بازی شماره هشت:==&lt;br /&gt;
‫******‬ ۱ تا ۶ &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
یک حرکت ضعیف، اسب سیاه، قبلا به میدان آمده: مهره‌های جناح وزیر باید گسترش بیابند: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
صفحه ۱۵۸ ادامه قسمت ۷&lt;br /&gt;
شکل شمارهء سی و دو… سیاه، یکپیاده از حریف به غنیمت گرفته و امیدش این است که پس از حرکت:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سفید&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سیاه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 8 – Cf3 x h2&lt;br /&gt;
| 8 – Dd8 - h4&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اسب از دست رفته را با یک یورش قوی جبران کند…سفید، ابدا به نقشه حریف توجه ندارد. و خیالات دیگری در سر می‌پرورد. او نه تنها در گسترش مهره‌ها از رقیب پیشی گرفته، بلکه در نظر دارد به دلیل عدم حضور پیاده h2، به حمله جانانه‌ئی در ستون (h) دست یازد: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سفید&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سیاه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 8 – Tf1 – h1&lt;br /&gt;
| 8 – Ch2 – g4&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 9 – dD1 – e2&lt;br /&gt;
| 9 – Fc5 – i2 + کیش&lt;br /&gt;
-|&lt;br /&gt;
| 10 – Re1 – f1&lt;br /&gt;
| 10 – Cb8 – c6&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سیاه، بالاخره با تاخیر چهار حرکت، به گسترش مهره‌های جناح وزیر پرداخت… در همین شرایط مهره‌های سفید در سنگرهای مناسب مستقر هستند و آماده‌اند حمله نهائی را آغاز کنند….&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;شکل شماره سی و سه:&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سفید&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سیاه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11 – f4 – f5 !&lt;br /&gt;
| 11 – Ff2 – c5&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 12 – Cf3 – g5&lt;br /&gt;
| 12 – Cg4 – h6&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اگر سیاه به عوض حرکت فوق، اسب g4 را در خانه f6 مستقر می‌کرد، سفید با انتخاب: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
| &amp;#039;&amp;#039;13 – Cg5 x h7&lt;br /&gt;
| 13 – Cf6 x h7&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| &amp;#039;&amp;#039;14 – De2 – h5&lt;br /&gt;
| 14 – ……….&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
بازی را به سود خود به پایان می‌برد. ولی اکنون: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
| 13 – De2 - h5&lt;br /&gt;
| 13 – Dd8 - e8&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سفید، این آمادگی را پیدا کرد، که ضربه نهائی را وارد نماید و در مواضع حریف رخنه کند: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
| 14 – Cg5 x h7!!&lt;br /&gt;
| 14 – Rg8 x h7&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 15 – Fc1 x h6&lt;br /&gt;
| 15 – g7 - g6&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اگر سیاه، فیل سفید h6 را به وسیله پیاده g7 از میان بر می‌داشت، باز هم در وضعش تغییری حاصل نمی‌شد و بزودی در برابر عکس‌العمل: &lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
| &amp;#039;&amp;#039;16 – Dh5 x h6 کیش +&lt;br /&gt;
| 16 – Rh7 - g8&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| &amp;#039;&amp;#039;17 – Dh6 – h7&lt;br /&gt;
| 17 – ….…….&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
خاموش می‌شد:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|16 – Dh5 x g6!! &lt;br /&gt;
| 16 – ………….&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سفید، راه بسیار خوبی برای پایان دادن به تقلای سیاه برگزیده:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|16 – ………….&lt;br /&gt;
| 16 – f7 x g6&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 17 – Fh6 x f8 +  مات&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سیاه، از حول حلیم در دیگ افتاد! و سزای آزمندی خود را دید و در «ستونی» مات شد که در همان ستون یک پیاده از حریف هوشیار به فنیمت گرفته بود. شکل شماره چهل .. آنچه از بازی‌های شماره هفت و هشت می‌آموزیم این است: گرفت پیاده در آغاز مبارزه ممکن است از نظر کمی برتری محسوب شود، ولی این برتری دیری نمی‌پاید و به علت انجام حرکات بی‌رویه خنثی می‌شود.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
خلاصه آنچه گذشت&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در شروع هر مبارزه، بیش‌ترین کوشش باید صرف گسترش مهر‌ه‌ها شود. مادامی که مهره‌ها را در خانه‌های مناسب قرار نداده‌اید،‌نه تنها قادر نیستید به حمله دست یازید،‌بلکه امکان «دفاعی» شما تقریبا به صفر می‌رسد. هدف، باید کسب برتری در گسترش مهره‌ها باشد تا بتوانید قبل از آمادگی حریف به اوی یورش ببرید… اگر حریف به طرز صحیحی با شما مقابله می‌کند و اجازه نمی‌دهد در گسترش مهر‌ه‌ها بر او پیشی بگیرید، باید بکوشید حریمی به وجود بیاورید تا نتواند گام نخستین را به ضرر شما بردارد… در هشت مثاله که از نظرتان گذشت، پیروزی از آن حریفی بود که با رعایت اصول، مهره‌هایش را به سرعت گسترش داد و طرف مقابل را به دلیل گمراهی، قرین شکست کرد… در هیچ یک از بازی ‌های قبل، نمی‌توان عیب و ایرادی در نحوه مبارزه بازیکنی که نبرد را به سود خود به پایان برده، پیدا کرد… در هر یک از مثال‌ها: برنده به گونه‌ئی چشمگیر رقیب را به خاطر سهل‌انگاری در گسترش مهر‌ها شکست داده… نمونه‌هایی را که بررسی کردید، مبیین این واقعیت‌اند که در برابر گسترش ضعیف می‌توان قاطعانه بر حریف پیروز شد… ممکن است حریفان در انتخاب راه صحیح ناتوان باشند، بر شما فرض است که هرگز امکان پیدا کردن راه صحیح را به آن‌ها ندهید. بنابر‌این در شروع بازی: &lt;br /&gt;
+ هرگز کمر به قتل پیا‌د‌ه‌ها نبندید.&lt;br /&gt;
+ هر مهره را پیش از یک بار حرکت ندهید. &lt;br /&gt;
+ قبل از تکمیل شدن «گسترش» مهره‌ها، به حمله دست نیازید. &lt;br /&gt;
+با انجام حرکات بیهوده پیاده‌ها، وقت تلف نکنید.&lt;br /&gt;
+ با گسترش تهاجمی از نظر زمان جلو بیفتید.&lt;br /&gt;
راستی تا به حال چند بار به هنگام مبارزه با افسوس از خود سوال کرده‌اید: «اگر می‌توانستم دو حرکت دیگر انجام بدهم….؟» حتما خیلی! در شطرنج حرکت یعنی زمان… هر حرکتی که انجام می‌دهید، گامی است که به جلو یا به عقب بر‌می‌دارید و دیگر نمی‌توانید آن را تصحیح کنید و حرکت دیگری جایگزینش نمائید. اگر قدمی به خطا بردارید به حریف فرصت می‌دهید دو قدم بر شما پیشی بگیرد. حرکت «بیهوده»، یعنی تلف کردن «وقت»: یعنی این که در یک مسابقه دو و میدانی در کوران دویدن،‌ برای بستن بند کشف خود،‌در جا لحظه‌ای مکث کنید! &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
مسئله شطرنج شماره ۷ &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
Pb2 - Re3 - Tg4 - Da6 - Pg6.   سفید ۵ مهره&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
Pg7 - Pf7 - Re5 - Pb4 - Pb3.    سیاه ۵ مهره &lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سفید بازری را شروع و در سه حرکت&lt;br /&gt;
 سیاه را مات میکند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
حل مسئله شطرنج شماره ۷ &lt;br /&gt;
سیاه در سه حرکت مات می‌شود&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سفید&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سیاه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 1 – T - g1!&lt;br /&gt;
| 1 – R - f5&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 2 – R - d4&lt;br /&gt;
| 2 – R - f4&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 3 – D - f1 ++ مات &lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اگر&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
| 1 – ……..&lt;br /&gt;
| 1 – P - f5&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 2 – T - g4&lt;br /&gt;
| 2 – R - d5&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 3 – T x Pf5 ++ مات &lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Pouya</name></author>
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		<title>شطرنج جوانان پیکار اندیشه‌ها ۷</title>
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		<updated>2012-05-02T16:21:21Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;Pouya: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[Image:26-156.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۵۶|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۵۶]]&lt;br /&gt;
[[Image:26-157.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۵۷|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۵۷]]&lt;br /&gt;
[[Image:26-158.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۵۸|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۵۸]]&lt;br /&gt;
[[Image:26-159.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۵۹|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۵۹]]&lt;br /&gt;
[[Image:26-160.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۶۰|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۶۰]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{در حال ویرایش}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
شطرنج جوانان&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;نوشتهٔ ج. ان. واکر&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
ترجمهٔ جهانگیر افشاری&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==بازی شماره هفت==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سفید&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سیاه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 1 – e2 – e4&lt;br /&gt;
| 1 – e7 – e5&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 2 – Cg1 – f3&lt;br /&gt;
| 2 – d7 – d6&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 3 – d2 – d4&lt;br /&gt;
| 3 – Cg8 – f6&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 4 – d4 x e5&lt;br /&gt;
| 4 – Cf6 x e4&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 5 – Ff1 – c4&lt;br /&gt;
| 5 – …….&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سفید تهدید کرده که با مانور زیر:&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 6 – Fc4 x F7 +کیش&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 6 – Re8 x f7&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 7 – Dd1 - d5 +کیش &lt;br /&gt;
| 7 – ……..&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
پیاده‌ئی از حریف به غنیمت خواهد گرفت … اجازه بدهید ببینیم نبرد چگونه ادامه پیدا می‌کند:&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
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| 5 – …….&lt;br /&gt;
| 5 – Fc8 – e6&lt;br /&gt;
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| 7 – Dd1 - e2&lt;br /&gt;
| 7 – ……..&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سفید مصمم است به نبرد پیاده ‪(‬b‪)‬ برود… به طوری که خواهیم دید، سفید به هدف خود می‌رسد منتهی این موفقت در ازاء انجام چهار حرکت و به وسیلهء دو مهره‌ئی که در حال حاضر عملا فعالیت می‌کنند و درگیر ماجرا هستند، به‌دست می‌آید. ‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬شکل شماره بیست و نه…‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[images/1/12/26-156-1.jpg|alt= ۲۹]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[پرونده:images/1/12/26-156-1.jpg]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
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| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 7 – ……..&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 7 – d6 - d5&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 8 – De2 - b5‫ کیش +‬&lt;br /&gt;
| 8 – Cb8 - c6&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 9 – Cf3 - d4&lt;br /&gt;
| 9 – …….. &lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اگر سفید بلافاصله از وزیر e2  مدد میگرفت و پیاده سیاه b7 را از میدان خارج می‌کرد، در حقیقت با دست خود طناب‌دار را به گردن خویش می‌بست: زیرا سیاه بی‌آن که لحظه‌ئی تردید کند به صورت زیر عکس‌العمل نشان می‌داد. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 9 – De2 x b7 &lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 9 – Cc6 - b4&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10 – Db7 - b5‫ کیش +‬&lt;br /&gt;
| 10 – c7 - c6&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11 – Db5 - a4&lt;br /&gt;
| 11 – Ce4 - c5&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 12 – Da4 x b4&lt;br /&gt;
| 12 – Cc5 - d3&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
و بدین سان ‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬وزیر سفید‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬ از دست‌ می‌رفت:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 9 – ……..&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 9 – Dd8 - d7&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10 – Ob5 x b7&lt;br /&gt;
| 10 – ……….&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; شکل شماره سی ‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬… سفید، به هدف خود رسید و پیاده سیاه ‪(‬b‪)‬ را از صحنه خارج کرد… در همین حال سیاه به آرامی و متانت مهره‌های خود را گسترش داده و آماده است حریف را به‌زانو در بیآورد:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 10 – …….&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 10 – Ff8 - b4! ‫ ‬کیش‫+‬&lt;br /&gt;
  |-&lt;br /&gt;
| 11 – c2 - c3‫ ‬&lt;br /&gt;
| 11 – Cc6 x d4!! &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 12 – Db7 x a8 کیش‫+‬ &lt;br /&gt;
| 12 – ……..&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اگر سفید به جای حرکت فوق، فیل سیاه b4 را به وسیله پیاده c3 از فعالیت باز می‌داشت، وضعش پس از نشستنِ شاه سیاه در قلعه، از آنچه که فعلا هست ناامید کننده‌تر می‌شد:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 12 – …….&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 12 – Re8 - f7&lt;br /&gt;
  |-&lt;br /&gt;
| 13 – Da8 x h8&lt;br /&gt;
| 11 – Dh7 -b5!&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 14– Dتسلیم می‌شود &lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;شکل شمارهء سی و یک‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬ سیاه، تهدید کرده وزیر را از خانه b5 به خانه e2 خواهد کشاند و رقیب را مات خواهد کرد… سفید در برابر این تهدید نمی‌تواند مقاومت کند و بناچار تسلیم می‌شود… سفید مبهوت است و نمی‌داند چه عاملی سبب شده به این روز بیفتد‪.‬ ولی ما دلیل آن را می‌دانیم، در حرکت دهم، سفید پیاد‌ه‌ئی را که قبلا قصد جانش را جرده بود با موفقیت از فعالیت باز داشت و خود، بعد از انجام سه حرکت در زیر توده‌ئی از مشکلات دفن گردید… این چنین پی‌آمدها در برابر حرکات بی‌رویه پیاده‌ها امری عادی است. توجه داشته باشید که یورش در این بازی آن چنان که باید سهمگین و ویرانگر نبود… بازی شماره هشت نمونه دیگری است که حمله به گونه‌ئی «متدیک» و نه «پُر تب و تاب» انجام می‌شود. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==بازی شماره هشت:==&lt;br /&gt;
‫******‬ ۱ تا ۶ &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
یک حرکت ضعیف، اسب سیاه، قبلا به میدان آمده: مهره‌های جناح وزیر باید گسترش بیابند: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
صفحه ۱۵۸ ادامه قسمت ۷&lt;br /&gt;
شکل شمارهء سی و دو… سیاه، یکپیاده از حریف به غنیمت گرفته و امیدش این است که پس از حرکت:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سفید&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سیاه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 8 – Cf3 x h2&lt;br /&gt;
| 8 – Dd8 - h4&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اسب از دست رفته را با یک یورش قوی جبران کند…سفید، ابدا به نقشه حریف توجه ندارد. و خیالات دیگری در سر می‌پرورد. او نه تنها در گسترش مهره‌ها از رقیب پیشی گرفته، بلکه در نظر دارد به دلیل عدم حضور پیاده h2، به حمله جانانه‌ئی در ستون (h) دست یازد: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سفید&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سیاه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 8 – Tf1 – h1&lt;br /&gt;
| 8 – Ch2 – g4&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 9 – dD1 – e2&lt;br /&gt;
| 9 – Fc5 – i2 + کیش&lt;br /&gt;
-|&lt;br /&gt;
| 10 – Re1 – f1&lt;br /&gt;
| 10 – Cb8 – c6&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سیاه، بالاخره با تاخیر چهار حرکت، به گسترش مهره‌های جناح وزیر پرداخت… در همین شرایط مهره‌های سفید در سنگرهای مناسب مستقر هستند و آماده‌اند حمله نهائی را آغاز کنند….&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;شکل شماره سی و سه:&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سفید&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سیاه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11 – f4 – f5 !&lt;br /&gt;
| 11 – Ff2 – c5&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 12 – Cf3 – g5&lt;br /&gt;
| 12 – Cg4 – h6&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اگر سیاه به عوض حرکت فوق، اسب g4 را در خانه f6 مستقر می‌کرد، سفید با انتخاب: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
| &amp;#039;&amp;#039;13 – Cg5 x h7&lt;br /&gt;
| 13 – Cf6 x h7&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| &amp;#039;&amp;#039;14 – De2 – h5&lt;br /&gt;
| 14 – ……….&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
بازی را به سود خود به پایان می‌برد. ولی اکنون: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
| 13 – De2 - h5&lt;br /&gt;
| 13 – Dd8 - e8&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سفید، این آمادگی را پیدا کرد، که ضربه نهائی را وارد نماید و در مواضع حریف رخنه کند: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
| 14 – Cg5 x h7!!&lt;br /&gt;
| 14 – Rg8 x h7&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 15 – Fc1 x h6&lt;br /&gt;
| 15 – g7 - g6&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اگر سیاه، فیل سفید h6 را به وسیله پیاده g7 از میان بر می‌داشت، باز هم در وضعش تغییری حاصل نمی‌شد و بزودی در برابر عکس‌العمل: &lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
| &amp;#039;&amp;#039;16 – Dh5 x h6 کیش +&lt;br /&gt;
| 16 – Rh7 - g8&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| &amp;#039;&amp;#039;17 – Dh6 – h7&lt;br /&gt;
| 17 – ….…….&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
خاموش می‌شد:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|16 – Dh5 x g6!! &lt;br /&gt;
| 16 – ………….&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سفید، راه بسیار خوبی برای پایان دادن به تقلای سیاه برگزیده:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|16 – ………….&lt;br /&gt;
| 16 – f7 x g6&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 17 – Fh6 x f8 +  مات&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سیاه، از حول حلیم در دیگ افتاد! و سزای آزمندی خود را دید و در «ستونی» مات شد که در همان ستون یک پیاده از حریف هوشیار به فنیمت گرفته بود. شکل شماره چهل .. آنچه از بازی‌های شماره هفت و هشت می‌آموزیم این است: گرفت پیاده در آغاز مبارزه ممکن است از نظر کمی برتری محسوب شود، ولی این برتری دیری نمی‌پاید و به علت انجام حرکات بی‌رویه خنثی می‌شود.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
خلاصه آنچه گذشت&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در شروع هر مبارزه، بیش‌ترین کوشش باید صرف گسترش مهر‌ه‌ها شود. مادامی که مهره‌ها را در خانه‌های مناسب قرار نداده‌اید،‌نه تنها قادر نیستید به حمله دست یازید،‌بلکه امکان «دفاعی» شما تقریبا به صفر می‌رسد. هدف، باید کسب برتری در گسترش مهره‌ها باشد تا بتوانید قبل از آمادگی حریف به اوی یورش ببرید… اگر حریف به طرز صحیحی با شما مقابله می‌کند و اجازه نمی‌دهد در گسترش مهر‌ه‌ها بر او پیشی بگیرید، باید بکوشید حریمی به وجود بیاورید تا نتواند گام نخستین را به ضرر شما بردارد… در هشت مثاله که از نظرتان گذشت، پیروزی از آن حریفی بود که با رعایت اصول، مهره‌هایش را به سرعت گسترش داد و طرف مقابل را به دلیل گمراهی، قرین شکست کرد… در هیچ یک از بازی ‌های قبل، نمی‌توان عیب و ایرادی در نحوه مبارزه بازیکنی که نبرد را به سود خود به پایان برده، پیدا کرد… در هر یک از مثال‌ها: برنده به گونه‌ئی چشمگیر رقیب را به خاطر سهل‌انگاری در گسترش مهر‌ها شکست داده… نمونه‌هایی را که بررسی کردید، مبیین این واقعیت‌اند که در برابر گسترش ضعیف می‌توان قاطعانه بر حریف پیروز شد… ممکن است حریفان در انتخاب راه صحیح ناتوان باشند، بر شما فرض است که هرگز امکان پیدا کردن راه صحیح را به آن‌ها ندهید. بنابر‌این در شروع بازی: &lt;br /&gt;
+ هرگز کمر به قتل پیا‌د‌ه‌ها نبندید.&lt;br /&gt;
+ هر مهره را پیش از یک بار حرکت ندهید. &lt;br /&gt;
+ قبل از تکمیل شدن «گسترش» مهره‌ها، به حمله دست نیازید. &lt;br /&gt;
+با انجام حرکات بیهوده پیاده‌ها، وقت تلف نکنید.&lt;br /&gt;
+ با گسترش تهاجمی از نظر زمان جلو بیفتید.&lt;br /&gt;
راستی تا به حال چند بار به هنگام مبارزه با افسوس از خود سوال کرده‌اید: «اگر می‌توانستم دو حرکت دیگر انجام بدهم….؟» حتما خیلی! در شطرنج حرکت یعنی زمان… هر حرکتی که انجام می‌دهید، گامی است که به جلو یا به عقب بر‌می‌دارید و دیگر نمی‌توانید آن را تصحیح کنید و حرکت دیگری جایگزینش نمائید. اگر قدمی به خطا بردارید به حریف فرصت می‌دهید دو قدم بر شما پیشی بگیرد. حرکت «بیهوده»، یعنی تلف کردن «وقت»: یعنی این که در یک مسابقه دو و میدانی در کوران دویدن،‌ برای بستن بند کشف خود،‌در جا لحظه‌ای مکث کنید! &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
مسئله شطرنج شماره ۷ &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
Pb2 - Re3 - Tg4 - Da6 - Pg6.   سفید ۵ مهره&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
Pg7 - Pf7 - Re5 - Pb4 - Pb3.    سیاه ۵ مهره &lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سفید بازری را شروع و در سه حرکت&lt;br /&gt;
 سیاه را مات میکند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
حل مسئله شطرنج شماره ۷ &lt;br /&gt;
سیاه در سه حرکت مات می‌شود&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سفید&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سیاه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 1 – T - g1!&lt;br /&gt;
| 1 – R - f5&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 2 – R - d4&lt;br /&gt;
| 2 – R - f4&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 3 – D - f1 ++ مات &lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اگر&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
| 1 – ……..&lt;br /&gt;
| 1 – P - f5&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 2 – T - g4&lt;br /&gt;
| 2 – R - d5&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 3 – T x Pf5 ++ مات &lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Pouya</name></author>
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		<title>شطرنج جوانان پیکار اندیشه‌ها ۷</title>
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		<updated>2012-05-02T16:19:47Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;Pouya: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[Image:26-156.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۵۶|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۵۶]]&lt;br /&gt;
[[Image:26-157.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۵۷|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۵۷]]&lt;br /&gt;
[[Image:26-158.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۵۸|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۵۸]]&lt;br /&gt;
[[Image:26-159.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۵۹|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۵۹]]&lt;br /&gt;
[[Image:26-160.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۶۰|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۶۰]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{در حال ویرایش}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
شطرنج جوانان&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;نوشتهٔ ج. ان. واکر&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
ترجمهٔ جهانگیر افشاری&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==بازی شماره هفت==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سفید&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سیاه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 1 – e2 – e4&lt;br /&gt;
| 1 – e7 – e5&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 2 – Cg1 – f3&lt;br /&gt;
| 2 – d7 – d6&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 3 – d2 – d4&lt;br /&gt;
| 3 – Cg8 – f6&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 4 – d4 x e5&lt;br /&gt;
| 4 – Cf6 x e4&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 5 – Ff1 – c4&lt;br /&gt;
| 5 – …….&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سفید تهدید کرده که با مانور زیر:&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 6 – Fc4 x F7 +کیش&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 6 – Re8 x f7&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 7 – Dd1 - d5 +کیش &lt;br /&gt;
| 7 – ……..&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
پیاده‌ئی از حریف به غنیمت خواهد گرفت … اجازه بدهید ببینیم نبرد چگونه ادامه پیدا می‌کند:&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 5 – …….&lt;br /&gt;
| 5 – Fc8 – e6&lt;br /&gt;
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| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 6 – Fc4 x e6 &lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 6 – f7 x e6&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 7 – Dd1 - e2&lt;br /&gt;
| 7 – ……..&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سفید مصمم است به نبرد پیاده ‪(‬b‪)‬ برود… به طوری که خواهیم دید، سفید به هدف خود می‌رسد منتهی این موفقت در ازاء انجام چهار حرکت و به وسیلهء دو مهره‌ئی که در حال حاضر عملا فعالیت می‌کنند و درگیر ماجرا هستند، به‌دست می‌آید. ‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬شکل شماره بیست و نه…‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[پرونده:images/1/12/26-156-1.jpg]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 7 – ……..&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 7 – d6 - d5&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 8 – De2 - b5‫ کیش +‬&lt;br /&gt;
| 8 – Cb8 - c6&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 9 – Cf3 - d4&lt;br /&gt;
| 9 – …….. &lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اگر سفید بلافاصله از وزیر e2  مدد میگرفت و پیاده سیاه b7 را از میدان خارج می‌کرد، در حقیقت با دست خود طناب‌دار را به گردن خویش می‌بست: زیرا سیاه بی‌آن که لحظه‌ئی تردید کند به صورت زیر عکس‌العمل نشان می‌داد. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 9 – De2 x b7 &lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 9 – Cc6 - b4&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10 – Db7 - b5‫ کیش +‬&lt;br /&gt;
| 10 – c7 - c6&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11 – Db5 - a4&lt;br /&gt;
| 11 – Ce4 - c5&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 12 – Da4 x b4&lt;br /&gt;
| 12 – Cc5 - d3&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
و بدین سان ‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬وزیر سفید‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬ از دست‌ می‌رفت:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 9 – ……..&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 9 – Dd8 - d7&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10 – Ob5 x b7&lt;br /&gt;
| 10 – ……….&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; شکل شماره سی ‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬… سفید، به هدف خود رسید و پیاده سیاه ‪(‬b‪)‬ را از صحنه خارج کرد… در همین حال سیاه به آرامی و متانت مهره‌های خود را گسترش داده و آماده است حریف را به‌زانو در بیآورد:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 10 – …….&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 10 – Ff8 - b4! ‫ ‬کیش‫+‬&lt;br /&gt;
  |-&lt;br /&gt;
| 11 – c2 - c3‫ ‬&lt;br /&gt;
| 11 – Cc6 x d4!! &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 12 – Db7 x a8 کیش‫+‬ &lt;br /&gt;
| 12 – ……..&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اگر سفید به جای حرکت فوق، فیل سیاه b4 را به وسیله پیاده c3 از فعالیت باز می‌داشت، وضعش پس از نشستنِ شاه سیاه در قلعه، از آنچه که فعلا هست ناامید کننده‌تر می‌شد:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 12 – …….&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 12 – Re8 - f7&lt;br /&gt;
  |-&lt;br /&gt;
| 13 – Da8 x h8&lt;br /&gt;
| 11 – Dh7 -b5!&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 14– Dتسلیم می‌شود &lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;شکل شمارهء سی و یک‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬ سیاه، تهدید کرده وزیر را از خانه b5 به خانه e2 خواهد کشاند و رقیب را مات خواهد کرد… سفید در برابر این تهدید نمی‌تواند مقاومت کند و بناچار تسلیم می‌شود… سفید مبهوت است و نمی‌داند چه عاملی سبب شده به این روز بیفتد‪.‬ ولی ما دلیل آن را می‌دانیم، در حرکت دهم، سفید پیاد‌ه‌ئی را که قبلا قصد جانش را جرده بود با موفقیت از فعالیت باز داشت و خود، بعد از انجام سه حرکت در زیر توده‌ئی از مشکلات دفن گردید… این چنین پی‌آمدها در برابر حرکات بی‌رویه پیاده‌ها امری عادی است. توجه داشته باشید که یورش در این بازی آن چنان که باید سهمگین و ویرانگر نبود… بازی شماره هشت نمونه دیگری است که حمله به گونه‌ئی «متدیک» و نه «پُر تب و تاب» انجام می‌شود. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==بازی شماره هشت:==&lt;br /&gt;
‫******‬ ۱ تا ۶ &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
یک حرکت ضعیف، اسب سیاه، قبلا به میدان آمده: مهره‌های جناح وزیر باید گسترش بیابند: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
صفحه ۱۵۸ ادامه قسمت ۷&lt;br /&gt;
شکل شمارهء سی و دو… سیاه، یکپیاده از حریف به غنیمت گرفته و امیدش این است که پس از حرکت:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سفید&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سیاه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 8 – Cf3 x h2&lt;br /&gt;
| 8 – Dd8 - h4&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اسب از دست رفته را با یک یورش قوی جبران کند…سفید، ابدا به نقشه حریف توجه ندارد. و خیالات دیگری در سر می‌پرورد. او نه تنها در گسترش مهره‌ها از رقیب پیشی گرفته، بلکه در نظر دارد به دلیل عدم حضور پیاده h2، به حمله جانانه‌ئی در ستون (h) دست یازد: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سفید&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سیاه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 8 – Tf1 – h1&lt;br /&gt;
| 8 – Ch2 – g4&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 9 – dD1 – e2&lt;br /&gt;
| 9 – Fc5 – i2 + کیش&lt;br /&gt;
-|&lt;br /&gt;
| 10 – Re1 – f1&lt;br /&gt;
| 10 – Cb8 – c6&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سیاه، بالاخره با تاخیر چهار حرکت، به گسترش مهره‌های جناح وزیر پرداخت… در همین شرایط مهره‌های سفید در سنگرهای مناسب مستقر هستند و آماده‌اند حمله نهائی را آغاز کنند….&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;شکل شماره سی و سه:&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سفید&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سیاه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11 – f4 – f5 !&lt;br /&gt;
| 11 – Ff2 – c5&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 12 – Cf3 – g5&lt;br /&gt;
| 12 – Cg4 – h6&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اگر سیاه به عوض حرکت فوق، اسب g4 را در خانه f6 مستقر می‌کرد، سفید با انتخاب: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
| &amp;#039;&amp;#039;13 – Cg5 x h7&lt;br /&gt;
| 13 – Cf6 x h7&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| &amp;#039;&amp;#039;14 – De2 – h5&lt;br /&gt;
| 14 – ……….&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
بازی را به سود خود به پایان می‌برد. ولی اکنون: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
| 13 – De2 - h5&lt;br /&gt;
| 13 – Dd8 - e8&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سفید، این آمادگی را پیدا کرد، که ضربه نهائی را وارد نماید و در مواضع حریف رخنه کند: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
| 14 – Cg5 x h7!!&lt;br /&gt;
| 14 – Rg8 x h7&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 15 – Fc1 x h6&lt;br /&gt;
| 15 – g7 - g6&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اگر سیاه، فیل سفید h6 را به وسیله پیاده g7 از میان بر می‌داشت، باز هم در وضعش تغییری حاصل نمی‌شد و بزودی در برابر عکس‌العمل: &lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
| &amp;#039;&amp;#039;16 – Dh5 x h6 کیش +&lt;br /&gt;
| 16 – Rh7 - g8&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| &amp;#039;&amp;#039;17 – Dh6 – h7&lt;br /&gt;
| 17 – ….…….&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
خاموش می‌شد:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|16 – Dh5 x g6!! &lt;br /&gt;
| 16 – ………….&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سفید، راه بسیار خوبی برای پایان دادن به تقلای سیاه برگزیده:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|16 – ………….&lt;br /&gt;
| 16 – f7 x g6&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 17 – Fh6 x f8 +  مات&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سیاه، از حول حلیم در دیگ افتاد! و سزای آزمندی خود را دید و در «ستونی» مات شد که در همان ستون یک پیاده از حریف هوشیار به فنیمت گرفته بود. شکل شماره چهل .. آنچه از بازی‌های شماره هفت و هشت می‌آموزیم این است: گرفت پیاده در آغاز مبارزه ممکن است از نظر کمی برتری محسوب شود، ولی این برتری دیری نمی‌پاید و به علت انجام حرکات بی‌رویه خنثی می‌شود.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
خلاصه آنچه گذشت&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در شروع هر مبارزه، بیش‌ترین کوشش باید صرف گسترش مهر‌ه‌ها شود. مادامی که مهره‌ها را در خانه‌های مناسب قرار نداده‌اید،‌نه تنها قادر نیستید به حمله دست یازید،‌بلکه امکان «دفاعی» شما تقریبا به صفر می‌رسد. هدف، باید کسب برتری در گسترش مهره‌ها باشد تا بتوانید قبل از آمادگی حریف به اوی یورش ببرید… اگر حریف به طرز صحیحی با شما مقابله می‌کند و اجازه نمی‌دهد در گسترش مهر‌ه‌ها بر او پیشی بگیرید، باید بکوشید حریمی به وجود بیاورید تا نتواند گام نخستین را به ضرر شما بردارد… در هشت مثاله که از نظرتان گذشت، پیروزی از آن حریفی بود که با رعایت اصول، مهره‌هایش را به سرعت گسترش داد و طرف مقابل را به دلیل گمراهی، قرین شکست کرد… در هیچ یک از بازی ‌های قبل، نمی‌توان عیب و ایرادی در نحوه مبارزه بازیکنی که نبرد را به سود خود به پایان برده، پیدا کرد… در هر یک از مثال‌ها: برنده به گونه‌ئی چشمگیر رقیب را به خاطر سهل‌انگاری در گسترش مهر‌ها شکست داده… نمونه‌هایی را که بررسی کردید، مبیین این واقعیت‌اند که در برابر گسترش ضعیف می‌توان قاطعانه بر حریف پیروز شد… ممکن است حریفان در انتخاب راه صحیح ناتوان باشند، بر شما فرض است که هرگز امکان پیدا کردن راه صحیح را به آن‌ها ندهید. بنابر‌این در شروع بازی: &lt;br /&gt;
+ هرگز کمر به قتل پیا‌د‌ه‌ها نبندید.&lt;br /&gt;
+ هر مهره را پیش از یک بار حرکت ندهید. &lt;br /&gt;
+ قبل از تکمیل شدن «گسترش» مهره‌ها، به حمله دست نیازید. &lt;br /&gt;
+با انجام حرکات بیهوده پیاده‌ها، وقت تلف نکنید.&lt;br /&gt;
+ با گسترش تهاجمی از نظر زمان جلو بیفتید.&lt;br /&gt;
راستی تا به حال چند بار به هنگام مبارزه با افسوس از خود سوال کرده‌اید: «اگر می‌توانستم دو حرکت دیگر انجام بدهم….؟» حتما خیلی! در شطرنج حرکت یعنی زمان… هر حرکتی که انجام می‌دهید، گامی است که به جلو یا به عقب بر‌می‌دارید و دیگر نمی‌توانید آن را تصحیح کنید و حرکت دیگری جایگزینش نمائید. اگر قدمی به خطا بردارید به حریف فرصت می‌دهید دو قدم بر شما پیشی بگیرد. حرکت «بیهوده»، یعنی تلف کردن «وقت»: یعنی این که در یک مسابقه دو و میدانی در کوران دویدن،‌ برای بستن بند کشف خود،‌در جا لحظه‌ای مکث کنید! &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
مسئله شطرنج شماره ۷ &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
Pb2 - Re3 - Tg4 - Da6 - Pg6.   سفید ۵ مهره&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
Pg7 - Pf7 - Re5 - Pb4 - Pb3.    سیاه ۵ مهره &lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سفید بازری را شروع و در سه حرکت&lt;br /&gt;
 سیاه را مات میکند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
حل مسئله شطرنج شماره ۷ &lt;br /&gt;
سیاه در سه حرکت مات می‌شود&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سفید&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سیاه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 1 – T - g1!&lt;br /&gt;
| 1 – R - f5&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 2 – R - d4&lt;br /&gt;
| 2 – R - f4&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 3 – D - f1 ++ مات &lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اگر&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
| 1 – ……..&lt;br /&gt;
| 1 – P - f5&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 2 – T - g4&lt;br /&gt;
| 2 – R - d5&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 3 – T x Pf5 ++ مات &lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Pouya</name></author>
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		<title>شطرنج جوانان پیکار اندیشه‌ها ۷</title>
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		<updated>2012-05-02T16:18:51Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;Pouya: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[Image:26-156.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۵۶|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۵۶]]&lt;br /&gt;
[[Image:26-157.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۵۷|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۵۷]]&lt;br /&gt;
[[Image:26-158.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۵۸|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۵۸]]&lt;br /&gt;
[[Image:26-159.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۵۹|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۵۹]]&lt;br /&gt;
[[Image:26-160.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۶۰|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۶۰]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{در حال ویرایش}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
شطرنج جوانان&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;نوشتهٔ ج. ان. واکر&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
ترجمهٔ جهانگیر افشاری&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==بازی شماره هفت==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سفید&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سیاه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 1 – e2 – e4&lt;br /&gt;
| 1 – e7 – e5&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 2 – Cg1 – f3&lt;br /&gt;
| 2 – d7 – d6&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 3 – d2 – d4&lt;br /&gt;
| 3 – Cg8 – f6&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 4 – d4 x e5&lt;br /&gt;
| 4 – Cf6 x e4&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 5 – Ff1 – c4&lt;br /&gt;
| 5 – …….&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سفید تهدید کرده که با مانور زیر:&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 6 – Fc4 x F7 +کیش&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 6 – Re8 x f7&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 7 – Dd1 - d5 +کیش &lt;br /&gt;
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|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
پیاده‌ئی از حریف به غنیمت خواهد گرفت … اجازه بدهید ببینیم نبرد چگونه ادامه پیدا می‌کند:&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 5 – …….&lt;br /&gt;
| 5 – Fc8 – e6&lt;br /&gt;
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| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 6 – f7 x e6&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 7 – Dd1 - e2&lt;br /&gt;
| 7 – ……..&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سفید مصمم است به نبرد پیاده ‪(‬b‪)‬ برود… به طوری که خواهیم دید، سفید به هدف خود می‌رسد منتهی این موفقت در ازاء انجام چهار حرکت و به وسیلهء دو مهره‌ئی که در حال حاضر عملا فعالیت می‌کنند و درگیر ماجرا هستند، به‌دست می‌آید. ‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬شکل شماره بیست و نه…‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[پرونده:http://irpress.org/images/1/12/26-156-1.jpg]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
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| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 7 – ……..&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 7 – d6 - d5&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 8 – De2 - b5‫ کیش +‬&lt;br /&gt;
| 8 – Cb8 - c6&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 9 – Cf3 - d4&lt;br /&gt;
| 9 – …….. &lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اگر سفید بلافاصله از وزیر e2  مدد میگرفت و پیاده سیاه b7 را از میدان خارج می‌کرد، در حقیقت با دست خود طناب‌دار را به گردن خویش می‌بست: زیرا سیاه بی‌آن که لحظه‌ئی تردید کند به صورت زیر عکس‌العمل نشان می‌داد. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 9 – De2 x b7 &lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 9 – Cc6 - b4&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10 – Db7 - b5‫ کیش +‬&lt;br /&gt;
| 10 – c7 - c6&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11 – Db5 - a4&lt;br /&gt;
| 11 – Ce4 - c5&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 12 – Da4 x b4&lt;br /&gt;
| 12 – Cc5 - d3&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
و بدین سان ‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬وزیر سفید‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬ از دست‌ می‌رفت:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 9 – ……..&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 9 – Dd8 - d7&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10 – Ob5 x b7&lt;br /&gt;
| 10 – ……….&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; شکل شماره سی ‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬… سفید، به هدف خود رسید و پیاده سیاه ‪(‬b‪)‬ را از صحنه خارج کرد… در همین حال سیاه به آرامی و متانت مهره‌های خود را گسترش داده و آماده است حریف را به‌زانو در بیآورد:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 10 – …….&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 10 – Ff8 - b4! ‫ ‬کیش‫+‬&lt;br /&gt;
  |-&lt;br /&gt;
| 11 – c2 - c3‫ ‬&lt;br /&gt;
| 11 – Cc6 x d4!! &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 12 – Db7 x a8 کیش‫+‬ &lt;br /&gt;
| 12 – ……..&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اگر سفید به جای حرکت فوق، فیل سیاه b4 را به وسیله پیاده c3 از فعالیت باز می‌داشت، وضعش پس از نشستنِ شاه سیاه در قلعه، از آنچه که فعلا هست ناامید کننده‌تر می‌شد:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 12 – …….&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 12 – Re8 - f7&lt;br /&gt;
  |-&lt;br /&gt;
| 13 – Da8 x h8&lt;br /&gt;
| 11 – Dh7 -b5!&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 14– Dتسلیم می‌شود &lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;شکل شمارهء سی و یک‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬ سیاه، تهدید کرده وزیر را از خانه b5 به خانه e2 خواهد کشاند و رقیب را مات خواهد کرد… سفید در برابر این تهدید نمی‌تواند مقاومت کند و بناچار تسلیم می‌شود… سفید مبهوت است و نمی‌داند چه عاملی سبب شده به این روز بیفتد‪.‬ ولی ما دلیل آن را می‌دانیم، در حرکت دهم، سفید پیاد‌ه‌ئی را که قبلا قصد جانش را جرده بود با موفقیت از فعالیت باز داشت و خود، بعد از انجام سه حرکت در زیر توده‌ئی از مشکلات دفن گردید… این چنین پی‌آمدها در برابر حرکات بی‌رویه پیاده‌ها امری عادی است. توجه داشته باشید که یورش در این بازی آن چنان که باید سهمگین و ویرانگر نبود… بازی شماره هشت نمونه دیگری است که حمله به گونه‌ئی «متدیک» و نه «پُر تب و تاب» انجام می‌شود. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==بازی شماره هشت:==&lt;br /&gt;
‫******‬ ۱ تا ۶ &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
یک حرکت ضعیف، اسب سیاه، قبلا به میدان آمده: مهره‌های جناح وزیر باید گسترش بیابند: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
صفحه ۱۵۸ ادامه قسمت ۷&lt;br /&gt;
شکل شمارهء سی و دو… سیاه، یکپیاده از حریف به غنیمت گرفته و امیدش این است که پس از حرکت:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سفید&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سیاه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 8 – Cf3 x h2&lt;br /&gt;
| 8 – Dd8 - h4&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اسب از دست رفته را با یک یورش قوی جبران کند…سفید، ابدا به نقشه حریف توجه ندارد. و خیالات دیگری در سر می‌پرورد. او نه تنها در گسترش مهره‌ها از رقیب پیشی گرفته، بلکه در نظر دارد به دلیل عدم حضور پیاده h2، به حمله جانانه‌ئی در ستون (h) دست یازد: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سفید&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سیاه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 8 – Tf1 – h1&lt;br /&gt;
| 8 – Ch2 – g4&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 9 – dD1 – e2&lt;br /&gt;
| 9 – Fc5 – i2 + کیش&lt;br /&gt;
-|&lt;br /&gt;
| 10 – Re1 – f1&lt;br /&gt;
| 10 – Cb8 – c6&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سیاه، بالاخره با تاخیر چهار حرکت، به گسترش مهره‌های جناح وزیر پرداخت… در همین شرایط مهره‌های سفید در سنگرهای مناسب مستقر هستند و آماده‌اند حمله نهائی را آغاز کنند….&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;شکل شماره سی و سه:&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سفید&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سیاه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11 – f4 – f5 !&lt;br /&gt;
| 11 – Ff2 – c5&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 12 – Cf3 – g5&lt;br /&gt;
| 12 – Cg4 – h6&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اگر سیاه به عوض حرکت فوق، اسب g4 را در خانه f6 مستقر می‌کرد، سفید با انتخاب: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
| &amp;#039;&amp;#039;13 – Cg5 x h7&lt;br /&gt;
| 13 – Cf6 x h7&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| &amp;#039;&amp;#039;14 – De2 – h5&lt;br /&gt;
| 14 – ……….&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
بازی را به سود خود به پایان می‌برد. ولی اکنون: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
| 13 – De2 - h5&lt;br /&gt;
| 13 – Dd8 - e8&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سفید، این آمادگی را پیدا کرد، که ضربه نهائی را وارد نماید و در مواضع حریف رخنه کند: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
| 14 – Cg5 x h7!!&lt;br /&gt;
| 14 – Rg8 x h7&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 15 – Fc1 x h6&lt;br /&gt;
| 15 – g7 - g6&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اگر سیاه، فیل سفید h6 را به وسیله پیاده g7 از میان بر می‌داشت، باز هم در وضعش تغییری حاصل نمی‌شد و بزودی در برابر عکس‌العمل: &lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
| &amp;#039;&amp;#039;16 – Dh5 x h6 کیش +&lt;br /&gt;
| 16 – Rh7 - g8&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| &amp;#039;&amp;#039;17 – Dh6 – h7&lt;br /&gt;
| 17 – ….…….&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
خاموش می‌شد:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|16 – Dh5 x g6!! &lt;br /&gt;
| 16 – ………….&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سفید، راه بسیار خوبی برای پایان دادن به تقلای سیاه برگزیده:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|16 – ………….&lt;br /&gt;
| 16 – f7 x g6&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 17 – Fh6 x f8 +  مات&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سیاه، از حول حلیم در دیگ افتاد! و سزای آزمندی خود را دید و در «ستونی» مات شد که در همان ستون یک پیاده از حریف هوشیار به فنیمت گرفته بود. شکل شماره چهل .. آنچه از بازی‌های شماره هفت و هشت می‌آموزیم این است: گرفت پیاده در آغاز مبارزه ممکن است از نظر کمی برتری محسوب شود، ولی این برتری دیری نمی‌پاید و به علت انجام حرکات بی‌رویه خنثی می‌شود.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
خلاصه آنچه گذشت&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در شروع هر مبارزه، بیش‌ترین کوشش باید صرف گسترش مهر‌ه‌ها شود. مادامی که مهره‌ها را در خانه‌های مناسب قرار نداده‌اید،‌نه تنها قادر نیستید به حمله دست یازید،‌بلکه امکان «دفاعی» شما تقریبا به صفر می‌رسد. هدف، باید کسب برتری در گسترش مهره‌ها باشد تا بتوانید قبل از آمادگی حریف به اوی یورش ببرید… اگر حریف به طرز صحیحی با شما مقابله می‌کند و اجازه نمی‌دهد در گسترش مهر‌ه‌ها بر او پیشی بگیرید، باید بکوشید حریمی به وجود بیاورید تا نتواند گام نخستین را به ضرر شما بردارد… در هشت مثاله که از نظرتان گذشت، پیروزی از آن حریفی بود که با رعایت اصول، مهره‌هایش را به سرعت گسترش داد و طرف مقابل را به دلیل گمراهی، قرین شکست کرد… در هیچ یک از بازی ‌های قبل، نمی‌توان عیب و ایرادی در نحوه مبارزه بازیکنی که نبرد را به سود خود به پایان برده، پیدا کرد… در هر یک از مثال‌ها: برنده به گونه‌ئی چشمگیر رقیب را به خاطر سهل‌انگاری در گسترش مهر‌ها شکست داده… نمونه‌هایی را که بررسی کردید، مبیین این واقعیت‌اند که در برابر گسترش ضعیف می‌توان قاطعانه بر حریف پیروز شد… ممکن است حریفان در انتخاب راه صحیح ناتوان باشند، بر شما فرض است که هرگز امکان پیدا کردن راه صحیح را به آن‌ها ندهید. بنابر‌این در شروع بازی: &lt;br /&gt;
+ هرگز کمر به قتل پیا‌د‌ه‌ها نبندید.&lt;br /&gt;
+ هر مهره را پیش از یک بار حرکت ندهید. &lt;br /&gt;
+ قبل از تکمیل شدن «گسترش» مهره‌ها، به حمله دست نیازید. &lt;br /&gt;
+با انجام حرکات بیهوده پیاده‌ها، وقت تلف نکنید.&lt;br /&gt;
+ با گسترش تهاجمی از نظر زمان جلو بیفتید.&lt;br /&gt;
راستی تا به حال چند بار به هنگام مبارزه با افسوس از خود سوال کرده‌اید: «اگر می‌توانستم دو حرکت دیگر انجام بدهم….؟» حتما خیلی! در شطرنج حرکت یعنی زمان… هر حرکتی که انجام می‌دهید، گامی است که به جلو یا به عقب بر‌می‌دارید و دیگر نمی‌توانید آن را تصحیح کنید و حرکت دیگری جایگزینش نمائید. اگر قدمی به خطا بردارید به حریف فرصت می‌دهید دو قدم بر شما پیشی بگیرد. حرکت «بیهوده»، یعنی تلف کردن «وقت»: یعنی این که در یک مسابقه دو و میدانی در کوران دویدن،‌ برای بستن بند کشف خود،‌در جا لحظه‌ای مکث کنید! &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
مسئله شطرنج شماره ۷ &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
Pb2 - Re3 - Tg4 - Da6 - Pg6.   سفید ۵ مهره&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
Pg7 - Pf7 - Re5 - Pb4 - Pb3.    سیاه ۵ مهره &lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سفید بازری را شروع و در سه حرکت&lt;br /&gt;
 سیاه را مات میکند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
حل مسئله شطرنج شماره ۷ &lt;br /&gt;
سیاه در سه حرکت مات می‌شود&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سفید&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سیاه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 1 – T - g1!&lt;br /&gt;
| 1 – R - f5&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 2 – R - d4&lt;br /&gt;
| 2 – R - f4&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 3 – D - f1 ++ مات &lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اگر&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
| 1 – ……..&lt;br /&gt;
| 1 – P - f5&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 2 – T - g4&lt;br /&gt;
| 2 – R - d5&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 3 – T x Pf5 ++ مات &lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Pouya</name></author>
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		<title>شطرنج جوانان پیکار اندیشه‌ها ۷</title>
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		<updated>2012-04-29T21:47:11Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;Pouya: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[Image:26-156.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۵۶|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۵۶]]&lt;br /&gt;
[[Image:26-157.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۵۷|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۵۷]]&lt;br /&gt;
[[Image:26-158.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۵۸|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۵۸]]&lt;br /&gt;
[[Image:26-159.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۵۹|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۵۹]]&lt;br /&gt;
[[Image:26-160.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۶۰|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۶۰]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{در حال ویرایش}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
شطرنج جوانان&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;نوشتهٔ ج. ان. واکر&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
ترجمهٔ جهانگیر افشاری&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==بازی شماره هفت==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سفید&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سیاه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 1 – e2 – e4&lt;br /&gt;
| 1 – e7 – e5&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 2 – Cg1 – f3&lt;br /&gt;
| 2 – d7 – d6&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 3 – d2 – d4&lt;br /&gt;
| 3 – Cg8 – f6&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 4 – d4 x e5&lt;br /&gt;
| 4 – Cf6 x e4&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 5 – Ff1 – c4&lt;br /&gt;
| 5 – …….&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سفید تهدید کرده که با مانور زیر:&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 6 – Fc4 x F7 +کیش&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 6 – Re8 x f7&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 7 – Dd1 - d5 +کیش &lt;br /&gt;
| 7 – …….. |}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
پیاده‌ئی از حریف به غنیمت خواهد گرفت … اجازه بدهید ببینیم نبرد چگونه ادامه پیدا می‌کند:&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 5 – …….&lt;br /&gt;
| 5 – Fc8 – e6&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 6 – Fc4 x e6 &lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 6 – f7 x e6|-&lt;br /&gt;
| 7 – Dd1 - e2&lt;br /&gt;
| 7 – …….. |}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سفید مصمم است به نبرد پیاده ‪(‬b‪)‬ برود… به طوری که خواهیم دید، سفید به هدف خود می‌رسد منتهی این موفقت در ازاء انجام چهار حرکت و به وسیلهء دو مهره‌ئی که در حال حاضر عملا فعالیت می‌کنند و درگیر ماجرا هستند، به‌دست می‌آید. ‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬شکل شماره بیست و نه…‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 7 – ……..&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 7 – d6 - d5&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 8 – De2 - b5‫ کیش +‬&lt;br /&gt;
| 8 – Cb8 - c6&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 9 – Cf3 - d4&lt;br /&gt;
| 9 – …….. |}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اگر سفید بلافاصله از وزیر e2  مدد میگرفت و پیاده سیاه b7 را از میدان خارج می‌کرد، در حقیقت با دست خود طناب‌دار را به گردن خویش می‌بست: زیرا سیاه بی‌آن که لحظه‌ئی تردید کند به صورت زیر عکس‌العمل نشان می‌داد. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 9 – De2 x b7 &lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 9 – Cc6 - b4&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10 – Db7 - b5‫ کیش +‬&lt;br /&gt;
| 10 – c7 - c6&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11 – Db5 - a4&lt;br /&gt;
| 11 – Ce4 - c5&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 12 – Da4 x b4&lt;br /&gt;
| 12 – Cc5 - d3&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
و بدین سان ‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬وزیر سفید‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬ از دست‌ می‌رفت:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 9 – ……..&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 9 – Dd8 - d7&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10 – Ob5 x b7&lt;br /&gt;
| 10 – ……….&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; شکل شماره سی ‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬… سفید، به هدف خود رسید و پیاده سیاه ‪(‬b‪)‬ را از صحنه خارج کرد… در همین حال سیاه به آرامی و متانت مهره‌های خود را گسترش داده و آماده است حریف را به‌زانو در بیآورد:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 10 – …….&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 10 – Ff8 - b4! ‫ ‬کیش‫+‬&lt;br /&gt;
  |-&lt;br /&gt;
| 11 – c2 - c3‫ ‬&lt;br /&gt;
| 11 – Cc6 x d4!! &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 12 – Db7 x a8 کیش‫+‬ &lt;br /&gt;
| 12 – ……..&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اگر سفید به جای حرکت فوق، فیل سیاه b4 را به وسیله پیاده c3 از فعالیت باز می‌داشت، وضعش پس از نشستنِ شاه سیاه در قلعه، از آنچه که فعلا هست ناامید کننده‌تر می‌شد:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 12 – …….&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 12 – Re8 - f7&lt;br /&gt;
  |-&lt;br /&gt;
| 13 – Da8 x h8&lt;br /&gt;
| 11 – Dh7 -b5!&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 14– Dتسلیم می‌شود &lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;شکل شمارهء سی و یک‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬ سیاه، تهدید کرده وزیر را از خانه b5 به خانه e2 خواهد کشاند و رقیب را مات خواهد کرد… سفید در برابر این تهدید نمی‌تواند مقاومت کند و بناچار تسلیم می‌شود… سفید مبهوت است و نمی‌داند چه عاملی سبب شده به این روز بیفتد‪.‬ ولی ما دلیل آن را می‌دانیم، در حرکت دهم، سفید پیاد‌ه‌ئی را که قبلا قصد جانش را جرده بود با موفقیت از فعالیت باز داشت و خود، بعد از انجام سه حرکت در زیر توده‌ئی از مشکلات دفن گردید… این چنین پی‌آمدها در برابر حرکات بی‌رویه پیاده‌ها امری عادی است. توجه داشته باشید که یورش در این بازی آن چنان که باید سهمگین و ویرانگر نبود… بازی شماره هشت نمونه دیگری است که حمله به گونه‌ئی «متدیک» و نه «پُر تب و تاب» انجام می‌شود. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==بازی شماره هشت:==&lt;br /&gt;
‫******‬ ۱ تا ۶ &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
یک حرکت ضعیف، اسب سیاه، قبلا به میدان آمده: مهره‌های جناح وزیر باید گسترش بیابند: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
صفحه ۱۵۸ ادامه قسمت ۷&lt;br /&gt;
شکل شمارهء سی و دو… سیاه، یکپیاده از حریف به غنیمت گرفته و امیدش این است که پس از حرکت:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سفید&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سیاه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 8 – Cf3 x h2&lt;br /&gt;
| 8 – Dd8 - h4&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اسب از دست رفته را با یک یورش قوی جبران کند…سفید، ابدا به نقشه حریف توجه ندارد. و خیالات دیگری در سر می‌پرورد. او نه تنها در گسترش مهره‌ها از رقیب پیشی گرفته، بلکه در نظر دارد به دلیل عدم حضور پیاده h2، به حمله جانانه‌ئی در ستون (h) دست یازد: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سفید&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سیاه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 8 – Tf1 – h1&lt;br /&gt;
| 8 – Ch2 – g4&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 9 – dD1 – e2&lt;br /&gt;
| 9 – Fc5 – i2 + کیش&lt;br /&gt;
-|&lt;br /&gt;
| 10 – Re1 – f1&lt;br /&gt;
| 10 – Cb8 – c6&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سیاه، بالاخره با تاخیر چهار حرکت، به گسترش مهره‌های جناح وزیر پرداخت… در همین شرایط مهره‌های سفید در سنگرهای مناسب مستقر هستند و آماده‌اند حمله نهائی را آغاز کنند….&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;شکل شماره سی و سه:&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سفید&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سیاه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11 – f4 – f5 !&lt;br /&gt;
| 11 – Ff2 – c5&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 12 – Cf3 – g5&lt;br /&gt;
| 12 – Cg4 – h6&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اگر سیاه به عوض حرکت فوق، اسب g4 را در خانه f6 مستقر می‌کرد، سفید با انتخاب: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
| &amp;#039;&amp;#039;13 – Cg5 x h7&lt;br /&gt;
| 13 – Cf6 x h7&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| &amp;#039;&amp;#039;14 – De2 – h5&lt;br /&gt;
| 14 – ……….&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
بازی را به سود خود به پایان می‌برد. ولی اکنون: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
| 13 – De2 - h5&lt;br /&gt;
| 13 – Dd8 - e8&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سفید، این آمادگی را پیدا کرد، که ضربه نهائی را وارد نماید و در مواضع حریف رخنه کند: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
| 14 – Cg5 x h7!!&lt;br /&gt;
| 14 – Rg8 x h7&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 15 – Fc1 x h6&lt;br /&gt;
| 15 – g7 - g6&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اگر سیاه، فیل سفید h6 را به وسیله پیاده g7 از میان بر می‌داشت، باز هم در وضعش تغییری حاصل نمی‌شد و بزودی در برابر عکس‌العمل: &lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
| &amp;#039;&amp;#039;16 – Dh5 x h6 کیش +&lt;br /&gt;
| 16 – Rh7 - g8&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| &amp;#039;&amp;#039;17 – Dh6 – h7&lt;br /&gt;
| 17 – ….…….&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
خاموش می‌شد:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|16 – Dh5 x g6!! &lt;br /&gt;
| 16 – ………….&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سفید، راه بسیار خوبی برای پایان دادن به تقلای سیاه برگزیده:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|16 – ………….&lt;br /&gt;
| 16 – f7 x g6&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 17 – Fh6 x f8 +  مات&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سیاه، از حول حلیم در دیگ افتاد! و سزای آزمندی خود را دید و در «ستونی» مات شد که در همان ستون یک پیاده از حریف هوشیار به فنیمت گرفته بود. شکل شماره چهل .. آنچه از بازی‌های شماره هفت و هشت می‌آموزیم این است: گرفت پیاده در آغاز مبارزه ممکن است از نظر کمی برتری محسوب شود، ولی این برتری دیری نمی‌پاید و به علت انجام حرکات بی‌رویه خنثی می‌شود.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
خلاصه آنچه گذشت&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در شروع هر مبارزه، بیش‌ترین کوشش باید صرف گسترش مهر‌ه‌ها شود. مادامی که مهره‌ها را در خانه‌های مناسب قرار نداده‌اید،‌نه تنها قادر نیستید به حمله دست یازید،‌بلکه امکان «دفاعی» شما تقریبا به صفر می‌رسد. هدف، باید کسب برتری در گسترش مهره‌ها باشد تا بتوانید قبل از آمادگی حریف به اوی یورش ببرید… اگر حریف به طرز صحیحی با شما مقابله می‌کند و اجازه نمی‌دهد در گسترش مهر‌ه‌ها بر او پیشی بگیرید، باید بکوشید حریمی به وجود بیاورید تا نتواند گام نخستین را به ضرر شما بردارد… در هشت مثاله که از نظرتان گذشت، پیروزی از آن حریفی بود که با رعایت اصول، مهره‌هایش را به سرعت گسترش داد و طرف مقابل را به دلیل گمراهی، قرین شکست کرد… در هیچ یک از بازی ‌های قبل، نمی‌توان عیب و ایرادی در نحوه مبارزه بازیکنی که نبرد را به سود خود به پایان برده، پیدا کرد… در هر یک از مثال‌ها: برنده به گونه‌ئی چشمگیر رقیب را به خاطر سهل‌انگاری در گسترش مهر‌ها شکست داده… نمونه‌هایی را که بررسی کردید، مبیین این واقعیت‌اند که در برابر گسترش ضعیف می‌توان قاطعانه بر حریف پیروز شد… ممکن است حریفان در انتخاب راه صحیح ناتوان باشند، بر شما فرض است که هرگز امکان پیدا کردن راه صحیح را به آن‌ها ندهید. بنابر‌این در شروع بازی: &lt;br /&gt;
+ هرگز کمر به قتل پیا‌د‌ه‌ها نبندید.&lt;br /&gt;
+ هر مهره را پیش از یک بار حرکت ندهید. &lt;br /&gt;
+ قبل از تکمیل شدن «گسترش» مهره‌ها، به حمله دست نیازید. &lt;br /&gt;
+با انجام حرکات بیهوده پیاده‌ها، وقت تلف نکنید.&lt;br /&gt;
+ با گسترش تهاجمی از نظر زمان جلو بیفتید.&lt;br /&gt;
راستی تا به حال چند بار به هنگام مبارزه با افسوس از خود سوال کرده‌اید: «اگر می‌توانستم دو حرکت دیگر انجام بدهم….؟» حتما خیلی! در شطرنج حرکت یعنی زمان… هر حرکتی که انجام می‌دهید، گامی است که به جلو یا به عقب بر‌می‌دارید و دیگر نمی‌توانید آن را تصحیح کنید و حرکت دیگری جایگزینش نمائید. اگر قدمی به خطا بردارید به حریف فرصت می‌دهید دو قدم بر شما پیشی بگیرد. حرکت «بیهوده»، یعنی تلف کردن «وقت»: یعنی این که در یک مسابقه دو و میدانی در کوران دویدن،‌ برای بستن بند کشف خود،‌در جا لحظه‌ای مکث کنید! &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
مسئله شطرنج شماره ۷ &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
Pb2 - Re3 - Tg4 - Da6 - Pg6.   سفید ۵ مهره&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
Pg7 - Pf7 - Re5 - Pb4 - Pb3.    سیاه ۵ مهره &lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سفید بازری را شروع و در سه حرکت&lt;br /&gt;
 سیاه را مات میکند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
حل مسئله شطرنج شماره ۷ &lt;br /&gt;
سیاه در سه حرکت مات می‌شود&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سفید&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سیاه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 1 – T - g1!&lt;br /&gt;
| 1 – R - f5&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 2 – R - d4&lt;br /&gt;
| 2 – R - f4&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 3 – D - f1 ++ مات &lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اگر&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
| 1 – ……..&lt;br /&gt;
| 1 – P - f5&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 2 – T - g4&lt;br /&gt;
| 2 – R - d5&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 3 – T x Pf5 ++ مات &lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Pouya</name></author>
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		<title>شطرنج جوانان پیکار اندیشه‌ها ۷</title>
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		<updated>2012-04-25T20:44:57Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;Pouya: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[Image:26-156.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۵۶|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۵۶]]&lt;br /&gt;
[[Image:26-157.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۵۷|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۵۷]]&lt;br /&gt;
[[Image:26-158.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۵۸|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۵۸]]&lt;br /&gt;
[[Image:26-159.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۵۹|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۵۹]]&lt;br /&gt;
[[Image:26-160.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۶۰|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۶۰]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{در حال ویرایش}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
شطرنج جوانان&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;نوشتهٔ ج. ان. واکر&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
ترجمهٔ جهانگیر افشاری&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==بازی شماره هفت==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سفید&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سیاه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 1 – e2 – e4&lt;br /&gt;
| 1 – e7 – e5&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 2 – Cg1 – f3&lt;br /&gt;
| 2 – d7 – d6&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 3 – d2 – d4&lt;br /&gt;
| 3 – Cg8 – f6&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 4 – d4 x e5&lt;br /&gt;
| 4 – Cf6 x e4&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 5 – Ff1 – c4&lt;br /&gt;
| 5 – …….&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سفید تهدید کرده که با مانور زیر:&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 6 – Fc4 x F7 +کیش&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 6 – Re8 x f7&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 7 – Dd1 - d5 +کیش &lt;br /&gt;
| 7 – …….. |}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
پیاده‌ئی از حریف به غنیمت خواهد گرفت … اجازه بدهید ببینیم نبرد چگونه ادامه پیدا می‌کند:&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 5 – …….&lt;br /&gt;
| 5 – Fc8 – e6&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 6 – Fc4 x e6 &lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 6 – f7 x e6|-&lt;br /&gt;
| 7 – Dd1 - e2&lt;br /&gt;
| 7 – …….. |}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سفید مصمم است به نبرد پیاده ‪(‬b‪)‬ برود… به طوری که خواهیم دید، سفید به هدف خود می‌رسد منتهی این موفقت در ازاء انجام چهار حرکت و به وسیلهء دو مهره‌ئی که در حال حاضر عملا فعالیت می‌کنند و درگیر ماجرا هستند، به‌دست می‌آید. ‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬شکل شماره بیست و نه…‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
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| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 7 – ……..&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 7 – d6 - d5&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 8 – De2 - b5‫ کیش +‬&lt;br /&gt;
| 8 – Cb8 - c6&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 9 – Cf3 - d4&lt;br /&gt;
| 9 – …….. |}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اگر سفید بلافاصله از وزیر e2  مدد میگرفت و پیاده سیاه b7 را از میدان خارج می‌کرد، در حقیقت با دست خود طناب‌دار را به گردن خویش می‌بست: زیرا سیاه بی‌آن که لحظه‌ئی تردید کند به صورت زیر عکس‌العمل نشان می‌داد. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 9 – De2 x b7 &lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 9 – Cc6 - b4&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10 – Db7 - b5‫ کیش +‬&lt;br /&gt;
| 10 – c7 - c6&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11 – Db5 - a4&lt;br /&gt;
| 11 – Ce4 - c5&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 12 – Da4 x b4&lt;br /&gt;
| 12 – Cc5 - d3&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
و بدین سان ‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬وزیر سفید‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬ از دست‌ می‌رفت:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 9 – ……..&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 9 – Dd8 - d7&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10 – Ob5 x b7&lt;br /&gt;
| 10 – ……….&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; شکل شماره سی ‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬… سفید، به هدف خود رسید و پیاده سیاه ‪(‬b‪)‬ را از صحنه خارج کرد… در همین حال سیاه به آرامی و متانت مهره‌های خود را گسترش داده و آماده است حریف را به‌زانو در بیآورد:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 10 – …….&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 10 – Ff8 - b4! ‫ ‬کیش‫+‬&lt;br /&gt;
  |-&lt;br /&gt;
| 11 – c2 - c3‫ ‬&lt;br /&gt;
| 11 – Cc6 x d4!! &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 12 – Db7 x a8 کیش‫+‬ &lt;br /&gt;
| 12 – ……..&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اگر سفید به جای حرکت فوق، فیل سیاه b4 را به وسیله پیاده c3 از فعالیت باز می‌داشت، وضعش پس از نشستنِ شاه سیاه در قلعه، از آنچه که فعلا هست ناامید کننده‌تر می‌شد:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 12 – …….&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 12 – Re8 - f7&lt;br /&gt;
  |-&lt;br /&gt;
| 13 – Da8 x h8&lt;br /&gt;
| 11 – Dh7 -b5!&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 14– Dتسلیم می‌شود &lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;شکل شمارهء سی و یک‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬ سیاه، تهدید کرده وزیر را از خانه b5 به خانه e2 خواهد کشاند و رقیب را مات خواهد کرد… سفید در برابر این تهدید نمی‌تواند مقاومت کند و بناچار تسلیم می‌شود… سفید مبهوت است و نمی‌داند چه عاملی سبب شده به این روز بیفتد‪.‬ ولی ما دلیل آن را می‌دانیم، در حرکت دهم، سفید پیاد‌ه‌ئی را که قبلا قصد جانش را جرده بود با موفقیت از فعالیت باز داشت و خود، بعد از انجام سه حرکت در زیر توده‌ئی از مشکلات دفن گردید… این چنین پی‌آمدها در برابر حرکات بی‌رویه پیاده‌ها امری عادی است. توجه داشته باشید که یورش در این بازی آن چنان که باید سهمگین و ویرانگر نبود… بازی شماره هشت نمونه دیگری است که حمله به گونه‌ئی «متدیک» و نه «پُر تب و تاب» انجام می‌شود. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==بازی شماره هشت:==&lt;br /&gt;
‫******‬ ۱ تا ۶ &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
یک حرکت ضعیف، اسب سیاه، قبلا به میدان آمده: مهره‌های جناح وزیر باید گسترش بیابند: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
صفحه ۱۵۸ ادامه قسمت ۷&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Pouya</name></author>
	</entry>
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		<title>شطرنج جوانان پیکار اندیشه‌ها ۶</title>
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		<updated>2012-04-25T20:24:33Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;Pouya: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[Image:24-154.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۴|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۴]]&lt;br /&gt;
[[Image:24-155.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۵|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۵]]&lt;br /&gt;
[[Image:24-156.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۶|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۶]]&lt;br /&gt;
[[Image:24-157.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۷|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۷]]&lt;br /&gt;
[[Image:24-158.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۸|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۸]]&lt;br /&gt;
[[Image:24-159.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۹|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۹]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{در حال ویرایش}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[رده:کتاب جمعه ۲۴]]&lt;br /&gt;
[[رده:کتاب جمعه]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;نوشتهٔ ج. ان. واکر&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
ترجمهٔ جهانگیر افشاری&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==بازی شماره ۵==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
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| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سفید&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
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| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سیاه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| 1 – e2 – e4&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| 1 – e7 – e5&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| 2 – Cg1 – f3&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| 2 – f7 – f6? &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
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{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
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سیاه برای دفاع از پیاده - ای- سوراخ دعا را گم کرده است، اولا: با این حرکت نه مهره‌ئی گسترش می‌یابد و نه راه برای گسترش دیگر مهرهئی گشوده می‌شود. ثانیا: پیاده در خانه‌ئی مستفر شده که در مورد نیاز اسب ** جی ۸ می‌باشد. ثالثا: اشغال خانه اف ۶ به وسیلهء پیاده، راه عبور وزیر سیاه دی۸ را مسدود کرده: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
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| 3 – a7 – a6?&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
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&lt;br /&gt;
| 4 – 0 – 0 قلعه کوچک&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| 4 – b7 – b5&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
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| 5 – Fc4 – b3&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| 5 – Fc8 – b7&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
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&lt;br /&gt;
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سیاه، پس از این که چهار حرکت به وسیلهء پیاده‌هایش انجام داد، بالاخره دل به دریا زد و فیل c8 را از خانه اصلی خود خارج کرد… این حرکت متاسفانه خیلی دیر انجام شده و نمی‌تواند مفید واقع شود، چرا که سفید قبلا دو مهره را فعالانه وارد عرصه نبرد کرده و شاهش نیز در نقطه امنی جای گرفته و وزیر d1  نیز آماده است تا هر لحظه ضورت ایجاب کند قدم به میدان بگذارد:‌&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
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{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
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&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
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&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;شکل شماره بیست و یک …&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; سیاه نمی‌تواند اسب سفید را با حرکت: 6… f6.e5  بگیرد، زیرا حرکت سفید کیش 7-Dd1-h5+ به قیمت یک رخ برای سیاه تمام می‌شود…دلیل این امر روشن است: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
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&lt;br /&gt;
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&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;7 – Od1 - h5 + کیش&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 7 – g7 - g6&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
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&lt;br /&gt;
   | 8 – …….&amp;#039;&amp;#039; &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{پایان چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در این وضعیت، سیاه ناچار است کیش وارده را دفع کند و سفید از فرصت بهره می‌گیرد و در حرکت بعدی رخ f8 را به وسیلهء وزیر از گردونه خارج می‌کند… و اگر سیاه بخواهد به مانور زیر دست یازد، در دم مات خواهد شد:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
*******&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
خوب! در شریط موجود سیاه می‌کوشد با شتاب مهره‌هایش را گسترش بدهد: ولی باید اعتراف کرد که حتی با این تلاش موفق نمی‌شود جلوی حملات حریف را بگیرد: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
شکل شماره بیست و دو…. تهدید فوری سفید این است که در حرکت بعدی اسب سیاه  h6 را به وسیلهء فیل مستقر در خانه c1 بگیرد و سپس با نشاندن وزیر در خانه f7، رقیب را مات کند. اجازه بدهید به‌ببینیم بازی چگونه ادامه پیدا می‌کند:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
***&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
شکل شماره بیست و سه … مهره شاه در معرض خطر قرار گرفته و نیروهای سفید آماده هستند تا با قاطعیت ضربه‌های نهائی را وارد کنند: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
***صفحه ۱۵۶&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
وزیر سفید به دام افتاده: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
** &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
شکل شماره بیست و هفت… سفید، در بازی ششم به این دلیل شکست خرد که در شروع  کار، پیاده‌هایش را بیش از اندازه جابجا کرد….&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; حرکات ششم و نهم و یازدهم او مطلقا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; غیر ضروری بود و حریف از این فرصت به نحو شایسته‌ئی بهره گرفت و توانست با خیال راحت به امر گسترش بپردازد و عاقبت نبرد را به سود خود به پایان ببرد. حتما تعجب خواهید کرد اگر بگوئیم که هیچ‌کدام از حرکات سفید در نفس امر اشتباه نبود: ولی هرگاه اثری را که سه حرکت فوق (در جمع) روی بازی او گذاشته‌اند مورد بررسی قرار دهید در خواهید یافت که چه نتیجه مصیبت باری در کل ماجرا داشته‌اند… درسی که از بازی‌های شماره پنج و شش می‌توانیم بگیریم این است که: هر حرکت غیرضروری به وسیله پیاده، قدمی است که به بیراهه گذاشته می‌شود. شاید در ابتدا متوجه این کج روی نشوید: ولی خواه و ناخواه نخستین قدم کج را برداشته‌اید… هم چنان که یک اشتباه بزرگ به قیمت باخت فوری تمام می‌شود، مجموعه اشتباهات کوچک نیز بی‌تردید به چنین نتیجه‌ئی منجر خواهد شد… &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;خوب به خاطر داشته باشید که در شروع بازی از پیاده‌ها به حد افراط استفاده نکنید و فقط هنگامی پیاده را از خانه‌ئی به خانهء دیگر بکشانید که این جابه جائی کمک به گسترش دیگر مهره‌های شما بکند. بنابراین قبل از گسترش فیل‌ها و اسب‌ها و نشاندن مهره شاه در قلعه نباید بیش از دو و یا حداکثر سه حرکت به وسیله پیاده انجام دهد:&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
۵. در شروع بازی مبادرت به گرفتن پیاده‌ها نکنید.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در بسیاری از بازی‌های شطرنج،‌ یکی از طرفین به‌خاطر «هیچ» پیاده‌ئی در اختیار حریف می‌گذارد که به این کار اصطلاحا گامبی Gambit می‌گویند….&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
شکل شماره بیست و هشت موقعیت صحنه را پس از آن که سیاه مبادرت به گرفتن پیاده‌ئی که سفید در شروع بازی در اختیارش گذاشته نشان می‌دهد: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
****&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سفید، تا این لحظه دو پیاده قربانی کرده و ظاهرا راهی وجود ندارد که بتواند جبران آن‌ها را بکند. البته سفید یکی از این دو پیاده را بی‌دلیل از دست نداده، ولی به هر جهت در چند حرکت آینده باید بازی را با یک پیاده کم‌تر اداره کند…با کمی توجه در خواهید یافت که سفید این امکان در اختیارش هست که در حرکت بعدی به وسیلهء اسب b1، پیاده سیاه c3 را از صحنه خارج کند. مضافا به این که یک پیاده قوی در خانه e4  دارد و هر دو فیل او می‌دوانند در طول دو قطر،‌ به دلیل نبودن مانعی بر سر راه، به آزادی حرکت کنند. با توجه به نکات فوق سفید از نظر گسترش دارای برتری مختصری است …سفید می‌اندیشد این امتیازات کوچک می‌تواند به نحوی جبران از دست رفتن پیاده‌هایش را بنماید…. هدف ما در این قسمت، بحث دربارهء بازی ‌هائی است که با گامبی شروع میشوند، نیست: فقط از این جهت به موضوع گامبی‌ها اشاره کردیم که بگوئیم زمانی که صرف گرتن گامبی پیاده می‌شود نمی‌تواند الزاما موئر در گسترش دیگر مهمره‌ها باشد…در اکثر بازی‌ها،‌ شما پس از انجام چند حرکت موقعیت برایتان پیش‌ می‌آید که می‌توانید پیاده‌ئی از حریف به غنیمت بگیرید… فراموش نکنید که گرفتن چنین پیاده‌ئی در ازاء چند حرکت بیهوده و قبل از کامل شدن گسترش مهره‌ها تحقق می‌یابد و بر شما فرض است که هرگز اغوا نشوید و خود را درگیر مسائلی از این دست نکنید...&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
بازی شمارهء هفت، سرنوشت شوم استادی گمنام را می‌نمایاند که نتوانسته در برابر وسوسه پایداری کند‪; ‬&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
مساله شطرنج شمارهء ۶ &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سفید ۵ مهره: Ta3 ‪-‬ Pb3 ‪-‬ Cb4 ‪-‬ Ca6 ‪-‬ Rc7 &lt;br /&gt;
سیاه ۲ مهره: Pb7 ‪-‬ Rb5 &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سفید بازی را شروع و در سه حرکت سیاه را مات می‌کند&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
حل مساله شطرنج  شماره ۶ &lt;br /&gt;
سیاه در سه حرکت مات می‌شود&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سفید&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سیاه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 1 – T – a1!&lt;br /&gt;
| 1 – P– B6&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 2 – C – a2!&lt;br /&gt;
| 2 – R – ~&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 3 – C – c3 ++ مات  &lt;br /&gt;
حرکت آزاد&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اگر&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 1 – ….&lt;br /&gt;
| 1 – P x C&lt;br /&gt;
|- &lt;br /&gt;
| 2 – C – c6| &lt;br /&gt;
2 – P - a5&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
3- T x P ++ مات&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‫***‬  عکس صفحهء ۱۵۹ *** &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
پایان درس ششم&lt;br /&gt;
‫=====================‬&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Pouya</name></author>
	</entry>
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		<id>http://irpress.org/index.php?title=%D8%A8%D8%AD%D8%AB_%DA%A9%D8%A7%D8%B1%D8%A8%D8%B1:Pouya&amp;diff=31110</id>
		<title>بحث کاربر:Pouya</title>
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		<updated>2012-04-25T20:23:10Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;Pouya: /* یادآوری */&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;&lt;br /&gt;
==یادآوری==&lt;br /&gt;
* سلام پویا. می‌شه لطفاً [[شطرنج جوانان پیکار اندیشه‌ها ۶]] و [[شطرنج جوانان پیکار اندیشه‌ها ۷]] را تکمیل کنی؟‌ ممنون.--[[کاربر:Mohaddese|Mohaddese]] ‏۱۱ آوریل ۲۰۱۲، ساعت ۰۹:۰۵ (PDT)&lt;br /&gt;
* چشم. در حال مکامله هست! :)‌ ببخشید انقدر طول کشید.&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Pouya</name></author>
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		<title>شطرنج جوانان پیکار اندیشه‌ها ۷</title>
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		<updated>2012-02-07T15:42:37Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;Pouya: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[Image:26-156.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۵۶|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۵۶]]&lt;br /&gt;
[[Image:26-157.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۵۷|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۵۷]]&lt;br /&gt;
[[Image:26-158.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۵۸|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۵۸]]&lt;br /&gt;
[[Image:26-159.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۵۹|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۵۹]]&lt;br /&gt;
[[Image:26-160.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۶۰|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۶۰]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{در حال ویرایش}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
شطرنج جوانان&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;نوشتهٔ ج. ان. واکر&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
ترجمهٔ جهانگیر افشاری&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==بازی شماره هفت==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سفید&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سیاه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 1 – e2 – e4&lt;br /&gt;
| 1 – e7 – e5&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 2 – Cg1 – f3&lt;br /&gt;
| 2 – d7 – d6&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 3 – d2 – d4&lt;br /&gt;
| 3 – Cg8 – f6&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 4 – d4 x e5&lt;br /&gt;
| 4 – Cf6 x e4&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 5 – Ff1 – c4&lt;br /&gt;
| 5 – …….&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سفید تهدید کرده که با مانور زیر:&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 6 – Fc4 x F7 +کیش&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 6 – Re8 x f7&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 7 – Dd1 - d5 +کیش &lt;br /&gt;
| 7 – …….. |}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
پیاده‌ئی از حریف به غنیمت خواهد گرفت … اجازه بدهید ببینیم نبرد چگونه ادامه پیدا می‌کند:&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 5 – …….&lt;br /&gt;
| 5 – Fc8 – e6&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 6 – Fc4 x e6 &lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 6 – Re8 x f7&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 7 – Dd1 - e2&lt;br /&gt;
| 7 – …….. |}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سفید مصمم است به نبرد پیاده ‪(‬b‪)‬ برود… به طوری که خواهیم دید، سفید به هدف خود می‌رسد منتهی این موفقت در ازاء انجام چهار حرکت و به وسیلهء دو مهره‌ئی که در حال حاضر عملا فعالیت می‌کنند و درگیر ماجرا هستند، به‌دست می‌آید. ‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬شکل شماره بیست و نه…‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 7 – ……..&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 7 – d6 - d5&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 8 – De2 - b5‫ کیش +‬&lt;br /&gt;
| 8 – Cb8 - c6&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 9 – Cf3 - d4&lt;br /&gt;
| 9 – …….. |}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اگر سفید بلافاصله از وزیر e2  مدد میگرفت و پیاده سیاه b7 را از میدان خارج می‌کرد، در حقیقت&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Pouya</name></author>
	</entry>
	<entry>
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		<title>شطرنج جوانان پیکار اندیشه‌ها ۶</title>
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		<updated>2012-02-07T15:41:18Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;Pouya: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[Image:24-154.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۴|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۴]]&lt;br /&gt;
[[Image:24-155.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۵|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۵]]&lt;br /&gt;
[[Image:24-156.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۶|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۶]]&lt;br /&gt;
[[Image:24-157.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۷|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۷]]&lt;br /&gt;
[[Image:24-158.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۸|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۸]]&lt;br /&gt;
[[Image:24-159.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۹|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۹]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{در حال ویرایش}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[رده:کتاب جمعه ۲۴]]&lt;br /&gt;
[[رده:کتاب جمعه]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;نوشتهٔ ج. ان. واکر&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
ترجمهٔ جهانگیر افشاری&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==بازی شماره ۵==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
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| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سفید&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
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| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سیاه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| 1 – e2 – e4&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| 1 – e7 – e5&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| 2 – Cg1 – f3&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| 2 – f7 – f6? &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
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{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
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&lt;br /&gt;
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سیاه برای دفاع از پیاده - ای- سوراخ دعا را گم کرده است، اولا: با این حرکت نه مهره‌ئی گسترش می‌یابد و نه راه برای گسترش دیگر مهرهئی گشوده می‌شود. ثانیا: پیاده در خانه‌ئی مستفر شده که در مورد نیاز اسب ** جی ۸ می‌باشد. ثالثا: اشغال خانه اف ۶ به وسیلهء پیاده، راه عبور وزیر سیاه دی۸ را مسدود کرده: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
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&lt;br /&gt;
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{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
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|-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| 3 – Ff1 – c4&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| 3 – a7 – a6?&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| 4 – 0 – 0 قلعه کوچک&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| 4 – b7 – b5&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| 5 – Fc4 – b3&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| 5 – Fc8 – b7&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
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&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سیاه، پس از این که چهار حرکت به وسیلهء پیاده‌هایش انجام داد، بالاخره دل به دریا زد و فیل c8 را از خانه اصلی خود خارج کرد… این حرکت متاسفانه خیلی دیر انجام شده و نمی‌تواند مفید واقع شود، چرا که سفید قبلا دو مهره را فعالانه وارد عرصه نبرد کرده و شاهش نیز در نقطه امنی جای گرفته و وزیر d1  نیز آماده است تا هر لحظه ضورت ایجاب کند قدم به میدان بگذارد:‌&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
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| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 6 – cf3 x e5!! &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 6 – . . . . . . . .&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{پایان چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;شکل شماره بیست و یک …&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; سیاه نمی‌تواند اسب سفید را با حرکت: 6… f6.e5  بگیرد، زیرا حرکت سفید کیش 7-Dd1-h5+ به قیمت یک رخ برای سیاه تمام می‌شود…دلیل این امر روشن است: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
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&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;7 – Od1 - h5 + کیش&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 7 – g7 - g6&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
 | &amp;#039;&amp;#039; 8 – Dh5 x e5 + کیش&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
   | 8 – …….&amp;#039;&amp;#039; &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{پایان چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در این وضعیت، سیاه ناچار است کیش وارده را دفع کند و سفید از فرصت بهره می‌گیرد و در حرکت بعدی رخ f8 را به وسیلهء وزیر از گردونه خارج می‌کند… و اگر سیاه بخواهد به مانور زیر دست یازد، در دم مات خواهد شد:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
*******&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
خوب! در شریط موجود سیاه می‌کوشد با شتاب مهره‌هایش را گسترش بدهد: ولی باید اعتراف کرد که حتی با این تلاش موفق نمی‌شود جلوی حملات حریف را بگیرد: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
شکل شماره بیست و دو…. تهدید فوری سفید این است که در حرکت بعدی اسب سیاه  h6 را به وسیلهء فیل مستقر در خانه c1 بگیرد و سپس با نشاندن وزیر در خانه f7، رقیب را مات کند. اجازه بدهید به‌ببینیم بازی چگونه ادامه پیدا می‌کند:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
***&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
شکل شماره بیست و سه … مهره شاه در معرض خطر قرار گرفته و نیروهای سفید آماده هستند تا با قاطعیت ضربه‌های نهائی را وارد کنند: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
***صفحه ۱۵۶&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
وزیر سفید به دام افتاده: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
** &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
شکل شماره بیست و هفت… سفید، در بازی ششم به این دلیل شکست خرد که در شروع  کار، پیاده‌هایش را بیش از اندازه جابجا کرد….&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; حرکات ششم و نهم و یازدهم او مطلقا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; غیر ضروری بود و حریف از این فرصت به نحو شایسته‌ئی بهره گرفت و توانست با خیال راحت به امر گسترش بپردازد و عاقبت نبرد را به سود خود به پایان ببرد. حتما تعجب خواهید کرد اگر بگوئیم که هیچ‌کدام از حرکات سفید در نفس امر اشتباه نبود: ولی هرگاه اثری را که سه حرکت فوق (در جمع) روی بازی او گذاشته‌اند مورد بررسی قرار دهید در خواهید یافت که چه نتیجه مصیبت باری در کل ماجرا داشته‌اند… درسی که از بازی‌های شماره پنج و شش می‌توانیم بگیریم این است که: هر حرکت غیرضروری به وسیله پیاده، قدمی است که به بیراهه گذاشته می‌شود. شاید در ابتدا متوجه این کج روی نشوید: ولی خواه و ناخواه نخستین قدم کج را برداشته‌اید… هم چنان که یک اشتباه بزرگ به قیمت باخت فوری تمام می‌شود، مجموعه اشتباهات کوچک نیز بی‌تردید به چنین نتیجه‌ئی منجر خواهد شد… &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;خوب به خاطر داشته باشید که در شروع بازی از پیاده‌ها به حد افراط استفاده نکنید و فقط هنگامی پیاده را از خانه‌ئی به خانهء دیگر بکشانید که این جابه جائی کمک به گسترش دیگر مهره‌های شما بکند. بنابراین قبل از گسترش فیل‌ها و اسب‌ها و نشاندن مهره شاه در قلعه نباید بیش از دو و یا حداکثر سه حرکت به وسیله پیاده انجام دهد:&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
۵. در شروع بازی مبادرت به گرفتن پیاده‌ها نکنید.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در بسیاری از بازی‌های شطرنج،‌ یکی از طرفین به‌خاطر «هیچ» پیاده‌ئی در اختیار حریف می‌گذارد که به این کار اصطلاحا گامبی Gambit می‌گویند….&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
شکل شماره بیست و هشت موقعیت صحنه را پس از آن که سیاه مبادرت به گرفتن پیاده‌ئی که سفید در شروع بازی در اختیارش گذاشته نشان می‌دهد: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
****&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سفید، تا این لحظه دو پیاده قربانی کرده و ظاهرا راهی وجود ندارد که بتواند جبران آن‌ها را بکند. البته سفید یکی از این دو پیاده را بی‌دلیل از دست نداده، ولی به هر جهت در چند حرکت آینده باید بازی را با یک پیاده کم‌تر اداره کند…با کمی توجه در خواهید یافت که سفید این امکان در اختیارش هست که در حرکت بعدی به وسیلهء اسب b1، پیاده سیاه c3 را از صحنه خارج کند. مضافا به این که یک پیاده قوی در خانه e4  دارد و هر دو فیل او می‌دوانند در طول دو قطر،‌ به دلیل نبودن مانعی بر سر راه، به آزادی حرکت کنند. با توجه به نکات فوق سفید از نظر گسترش دارای برتری مختصری است …سفید می‌اندیشد این امتیازات کوچک می‌تواند به نحوی جبران از دست رفتن پیاده‌هایش را بنماید…. هدف ما در این قسمت، بحث دربارهء بازی ‌هائی است که با گامبی شروع میشوند، نیست: فقط از این جهت به موضوع گامبی‌ها اشاره کردیم که بگوئیم زمانی که صرف گرتن گامبی پیاده می‌شود نمی‌تواند الزاما موئر در گسترش دیگر مهمره‌ها باشد…در اکثر بازی‌ها،‌ شما پس از انجام چند حرکت موقعیت برایتان پیش‌ می‌آید که می‌توانید پیاده‌ئی از حریف به غنیمت بگیرید… فراموش نکنید که گرفتن چنین پیاده‌ئی در ازاء چند حرکت بیهوده و قبل از کامل شدن گسترش مهره‌ها تحقق می‌یابد و بر شما فرض است که هرگز اغوا نشوید و خود را درگیر مسائلی از این دست نکنید...&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Pouya</name></author>
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		<title>شطرنج جوانان پیکار اندیشه‌ها ۷</title>
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		<updated>2012-01-16T00:33:56Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;Pouya: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[Image:26-156.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۵۶|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۵۶]]&lt;br /&gt;
[[Image:26-157.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۵۷|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۵۷]]&lt;br /&gt;
[[Image:26-158.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۵۸|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۵۸]]&lt;br /&gt;
[[Image:26-159.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۵۹|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۵۹]]&lt;br /&gt;
[[Image:26-160.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۶۰|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۶۰]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{ناقص}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
شطرنج جوانان&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;نوشتهٔ ج. ان. واکر&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
ترجمهٔ جهانگیر افشاری&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==بازی شماره هفت==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سفید&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سیاه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 1 – e2 – e4&lt;br /&gt;
| 1 – e7 – e5&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 2 – Cg1 – f3&lt;br /&gt;
| 2 – d7 – d6&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 3 – d2 – d4&lt;br /&gt;
| 3 – Cg8 – f6&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 4 – d4 x e5&lt;br /&gt;
| 4 – Cf6 x e4&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 5 – Ff1 – c4&lt;br /&gt;
| 5 – …….&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
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سفید تهدید کرده که با مانور زیر:&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
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| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 6 – Fc4 x F7 +کیش&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 6 – Re8 x f7&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 7 – Dd1 - d5 +کیش &lt;br /&gt;
| 7 – …….. |}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
پیاده‌ئی از حریف به غنیمت خواهد گرفت … اجازه بدهید ببینیم نبرد چگونه ادامه پیدا می‌کند:&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
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| 5 – …….&lt;br /&gt;
| 5 – Fc8 – e6&lt;br /&gt;
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| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 6 – Fc4 x e6 &lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 6 – Re8 x f7&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 7 – Dd1 - e2&lt;br /&gt;
| 7 – …….. |}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سفید مصمم است به نبرد پیاده ‪(‬b‪)‬ برود… به طوری که خواهیم دید، سفید به هدف خود می‌رسد منتهی این موفقت در ازاء انجام چهار حرکت و به وسیلهء دو مهره‌ئی که در حال حاضر عملا فعالیت می‌کنند و درگیر ماجرا هستند، به‌دست می‌آید. ‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬شکل شماره بیست و نه…‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 7 – ……..&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 7 – d6 - d5&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 8 – De2 - b5‫ کیش +‬&lt;br /&gt;
| 8 – Cb8 - c6&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 9 – Cf3 - d4&lt;br /&gt;
| 9 – …….. |}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اگر سفید بلافاصله از وزیر e2  مدد میگرفت و پیاده سیاه b7 را از میدان خارج می‌کرد، در حقیقت با دست خود طناب‌دار را به گردن خویش می‌بست: زیرا سیاه بی‌آن که لحظه‌ئی تردید کند به صورت زیر عکس‌العمل نشان می‌داد. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 9 – De2 x b7 &lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 9 – Cc6 - b4&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10 – Db7 - b5‫ کیش +‬&lt;br /&gt;
| 10 – c7 - c6&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 11 – Db5 - a4&lt;br /&gt;
| 11 – Ce4 - c5&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 12 – Da4 x b4&lt;br /&gt;
| 12 – Cc5 - d3&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
و بدین سان ‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬وزیر سفید‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬ از دست‌ می‌رفت:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 9 – ……..&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 9 – Dd8 - d7&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 10 – b5 x b7&lt;br /&gt;
| 10 – ……….&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; شکل شماره سی ‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬… سفید، به هدف خود رسید و پیاده سیاه ‪(‬b‪)‬ را از صحنه خارج کرد… در همین حال سیاه به آرامی و متانت مهره‌های خود را گسترش داده و آماده است حریف را به‌زانو در بیآورد:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 10 – …….&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 10 – Ff8 - b4! ‫ ‬کیش‫+‬&lt;br /&gt;
  |-&lt;br /&gt;
| 11 – c2 - c3‫ ‬&lt;br /&gt;
| 11 – Cc6 x d4!! &lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 12 – Db7 x a8 کیش‫+‬ &lt;br /&gt;
| 12 – ……..&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اگر سفید به جای حرکت فوق، فیل سیاه b4 را به وسیله پیاده c3 از فعالیت باز می‌داشت، وضعش پس از نشستنِ شاه سیاه در قلعه، از آنچه که فعلا هست ناامید کننده‌تر می‌شد:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 12 – …….&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 12 – Re8 - f7&lt;br /&gt;
  |-&lt;br /&gt;
| 13 – Da8 x h8&lt;br /&gt;
| 11 – Dh7 -b5!&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
| 14– Dتسلیم می‌شود &lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
{{پایان چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;شکل شمارهء سی و یک‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬ سیاه، تهدید کرده وزیر را از خانه b5 به خانه e2 خواهد کشاند و رقیب را مات خواهد کرد… سفید در برابر این تهدید نمی‌تواند مقاومت کند و بناچار تسلیم می‌شود… سفید مبهوت است و نمی‌داند چه عاملی سبب شده به این روز بیفتد‪.‬ ولی ما دلیل آن را می‌دانیم، در حرکت دهم، سفید پیاد‌ه‌ئی را که قبلا قصد جانش را جرده بود با موفقیت از فعالیت باز داشت و خود، بعد از انجام سه حرکت در زیر توده‌ئی از مشکلات دفن گردید… این چنین پی‌آمدها در برابر حرکات بی‌رویه پیاده‌ها امری عادی است. توجه داشته باشید که یورش در این بازی آن چنان که باید سهمگین و ویرانگر نبود… بازی شماره هشت نمونه دیگری است که حمله به گونه‌ئی «متدیک» و نه «پُر تب و تاب» انجام می‌شود. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==بازی شماره هشت:==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[رده:کتاب جمعه ۲۶]]&lt;br /&gt;
[[رده:کتاب جمعه]]&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Pouya</name></author>
	</entry>
	<entry>
		<id>http://irpress.org/index.php?title=%D8%B4%D8%B7%D8%B1%D9%86%D8%AC_%D8%AC%D9%88%D8%A7%D9%86%D8%A7%D9%86_%D9%BE%DB%8C%DA%A9%D8%A7%D8%B1_%D8%A7%D9%86%D8%AF%DB%8C%D8%B4%D9%87%E2%80%8C%D9%87%D8%A7_%DB%B6&amp;diff=27343</id>
		<title>شطرنج جوانان پیکار اندیشه‌ها ۶</title>
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		<updated>2011-12-09T10:20:11Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;Pouya: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[Image:24-154.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۴|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۴]]&lt;br /&gt;
[[Image:24-155.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۵|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۵]]&lt;br /&gt;
[[Image:24-156.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۶|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۶]]&lt;br /&gt;
[[Image:24-157.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۷|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۷]]&lt;br /&gt;
[[Image:24-158.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۸|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۸]]&lt;br /&gt;
[[Image:24-159.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۹|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۹]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{ناقص}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[رده:کتاب جمعه ۲۴]]&lt;br /&gt;
[[رده:کتاب جمعه]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;نوشتهٔ ج. ان. واکر&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
ترجمهٔ جهانگیر افشاری&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==بازی شماره ۵==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
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| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سفید&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
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| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سیاه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| 1 – e2 – e4&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| 1 – e7 – e5&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| 2 – Cg1 – f3&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| 2 – f7 – f6? &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
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سیاه برای دفاع از پیاده - ای- سوراخ دعا را گم کرده است، اولا: با این حرکت نه مهره‌ئی گسترش می‌یابد و نه راه برای گسترش دیگر مهرهئی گشوده می‌شود. ثانیا: پیاده در خانه‌ئی مستفر شده که در مورد نیاز اسب ** جی ۸ می‌باشد. ثالثا: اشغال خانه اف ۶ به وسیلهء پیاده، راه عبور وزیر سیاه دی۸ را مسدود کرده: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
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{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
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| 3 – Ff1 – c4&lt;br /&gt;
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| 3 – a7 – a6?&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
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| 4 – 0 – 0 قلعه کوچک&lt;br /&gt;
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| 4 – b7 – b5&lt;br /&gt;
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{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
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&lt;br /&gt;
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&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سیاه، پس از این که چهار حرکت به وسیلهء پیاده‌هایش انجام داد، بالاخره دل به دریا زد و فیل c8 را از خانه اصلی خود خارج کرد… این حرکت متاسفانه خیلی دیر انجام شده و نمی‌تواند مفید واقع شود، چرا که سفید قبلا دو مهره را فعالانه وارد عرصه نبرد کرده و شاهش نیز در نقطه امنی جای گرفته و وزیر d1  نیز آماده است تا هر لحظه ضورت ایجاب کند قدم به میدان بگذارد:‌&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
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{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
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&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;شکل شماره بیست و یک …&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; سیاه نمی‌تواند اسب سفید را با حرکت: 6… f6.e5  بگیرد، زیرا حرکت سفید کیش 7-Dd1-h5+ به قیمت یک رخ برای سیاه تمام می‌شود…دلیل این امر روشن است: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;7 – Od1 - h5 + کیش&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 7 – g7 - g6&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
 | &amp;#039;&amp;#039; 8 – Dh5 x e5 + کیش&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
   | 8 – …….&amp;#039;&amp;#039; &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{پایان چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در این وضعیت، سیاه ناچار است کیش وارده را دفع کند و سفید از فرصت بهره می‌گیرد و در حرکت بعدی رخ f8 را به وسیلهء وزیر از گردونه خارج می‌کند… و اگر سیاه بخواهد به مانور زیر دست یازد، در دم مات خواهد شد:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
*******&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
خوب! در شریط موجود سیاه می‌کوشد با شتاب مهره‌هایش را گسترش بدهد: ولی باید اعتراف کرد که حتی با این تلاش موفق نمی‌شود جلوی حملات حریف را بگیرد: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
شکل شماره بیست و دو…. تهدید فوری سفید این است که در حرکت بعدی اسب سیاه  h6 را به وسیلهء فیل مستقر در خانه c1 بگیرد و سپس با نشاندن وزیر در خانه f7، رقیب را مات کند. اجازه بدهید به‌ببینیم بازی چگونه ادامه پیدا می‌کند:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
***&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
شکل شماره بیست و سه … مهره شاه در معرض خطر قرار گرفته و نیروهای سفید آماده هستند تا با قاطعیت ضربه‌های نهائی را وارد کنند: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
***صفحه ۱۵۶&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
وزیر سفید به دام افتاده: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
** &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
شکل شماره بیست و هفت… سفید، در بازی ششم به این دلیل شکست خرد که در شروع  کار، پیاده‌هایش را بیش از اندازه جابجا کرد….&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; حرکات ششم و نهم و یازدهم او مطلقا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; غیر ضروری بود و حریف از این فرصت به نحو شایسته‌ئی بهره گرفت و توانست با خیال راحت به امر گسترش بپردازد و عاقبت نبرد را به سود خود به پایان ببرد. حتما تعجب خواهید کرد اگر بگوئیم که هیچ‌کدام از حرکات سفید در نفس امر اشتباه نبود: ولی هرگاه اثری را که سه حرکت فوق (در جمع) روی بازی او گذاشته‌اند مورد بررسی قرار دهید در خواهید یافت که چه نتیجه مصیبت باری در کل ماجرا داشته‌اند… درسی که از بازی‌های شماره پنج و شش می‌توانیم بگیریم این است که: هر حرکت غیرضروری به وسیله پیاده، قدمی است که به بیراهه گذاشته می‌شود. شاید در ابتدا متوجه این کج روی نشوید: ولی خواه و ناخواه نخستین قدم کج را برداشته‌اید… هم چنان که یک اشتباه بزرگ به قیمت باخت فوری تمام می‌شود، مجموعه اشتباهات کوچک نیز بی‌تردید به چنین نتیجه‌ئی منجر خواهد شد… &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;خوب به خاطر داشته باشید که در شروع بازی از پیاده‌ها به حد افراط استفاده نکنید و فقط هنگامی پیاده را از خانه‌ئی به خانهء دیگر بکشانید که این جابه جائی کمک به گسترش دیگر مهره‌های شما بکند. بنابراین قبل از گسترش فیل‌ها و اسب‌ها و نشاندن مهره شاه در قلعه نباید بیش از دو و یا حداکثر سه حرکت به وسیله پیاده انجام دهد:&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
۵. در شروع بازی مبادرت به گرفتن پیاده‌ها نکنید.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در بسیاری از بازی‌های شطرنج،‌ یکی از طرفین به‌خاطر «هیچ» پیاده‌ئی در اختیار حریف می‌گذارد که به این کار اصطلاحا گامبی Gambit می‌گویند….&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
شکل شماره بیست و هشت موقعیت صحنه را پس از آن که سیاه مبادرت به گرفتن پیاده‌ئی که سفید در شروع بازی در اختیارش گذاشته نشان می‌دهد: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
****&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سفید، تا این لحظه دو پیاده قربانی کرده و ظاهرا راهی وجود ندارد که بتواند جبران آن‌ها را بکند. البته سفید یکی از این دو پیاده را بی‌دلیل از دست نداده، ولی به هر جهت در چند حرکت آینده باید بازی را با یک پیاده کم‌تر اداره کند…با کمی توجه در خواهید یافت که سفید این امکان در اختیارش هست که در حرکت بعدی به وسیلهء اسب b1، پیاده سیاه c3 را از صحنه خارج کند. مضافا به این که یک پیاده قوی در خانه e4  دارد و هر دو فیل او می‌دوانند در طول دو قطر،‌ به دلیل نبودن مانعی بر سر راه، به آزادی حرکت کنند. با توجه به نکات فوق سفید از نظر گسترش دارای برتری مختصری است …سفید می‌اندیشد این امتیازات کوچک می‌تواند به نحوی جبران از دست رفتن پیاده‌هایش را بنماید…. هدف ما در این قسمت، بحث دربارهء بازی ‌هائی است که با گامبی شروع میشوند، نیست: فقط از این جهت به موضوع گامبی‌ها اشاره کردیم که بگوئیم زمانی که صرف گرتن گامبی پیاده می‌شود نمی‌تواند الزاما موئر در گسترش دیگر مهمره‌ها باشد…در اکثر بازی‌ها،‌ شما پس از انجام چند حرکت موقعیت برایتان پیش‌ می‌آید که می‌توانید پیاده‌ئی از حریف به غنیمت بگیرید… فراموش نکنید که گرفتن چنین پیاده‌ئی در ازاء چند حرکت بیهوده و قبل از کامل شدن گسترش مهره‌ها تحقق می‌یابد و بر شما فرض است که هرگز اغوا نشوید و خود را درگیر مسائلی از این دست نکنید...&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Pouya</name></author>
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		<title>شطرنج جوانان پیکار اندیشه‌ها ۶</title>
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		<updated>2011-12-09T10:19:13Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;Pouya: /* بازی شماره ۵ */&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[Image:24-154.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۴|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۴]]&lt;br /&gt;
[[Image:24-155.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۵|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۵]]&lt;br /&gt;
[[Image:24-156.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۶|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۶]]&lt;br /&gt;
[[Image:24-157.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۷|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۷]]&lt;br /&gt;
[[Image:24-158.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۸|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۸]]&lt;br /&gt;
[[Image:24-159.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۹|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۹]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{ناقص}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[رده:کتاب جمعه ۲۴]]&lt;br /&gt;
[[رده:کتاب جمعه]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;نوشتهٔ ج. ان. واکر&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
ترجمهٔ جهانگیر افشاری&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==بازی شماره ۵==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
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{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
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{|&lt;br /&gt;
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|-&lt;br /&gt;
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| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سفید&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سیاه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
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| 1 – e2 – e4&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| 1 – e7 – e5&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
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| 2 – Cg1 – f3&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| 2 – f7 – f6? &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سیاه برای دفاع از پیاده - ای- سوراخ دعا را گم کرده است، اولا: با این حرکت نه مهره‌ئی گسترش می‌یابد و نه راه برای گسترش دیگر مهرهئی گشوده می‌شود. ثانیا: پیاده در خانه‌ئی مستفر شده که در مورد نیاز اسب ** جی ۸ می‌باشد. ثالثا: اشغال خانه اف ۶ به وسیلهء پیاده، راه عبور وزیر سیاه دی۸ را مسدود کرده: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
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|-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| 3 – Ff1 – c4&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| 3 – a7 – a6?&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| 4 – 0 – 0 قلعه کوچک&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| 4 – b7 – b5&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| 5 – Fc4 – b3&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| 5 – Fc8 – b7&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سیاه، پس از این که چهار حرکت به وسیلهء پیاده‌هایش انجام داد، بالاخره دل به دریا زد و فیل c8 را از خانه اصلی خود خارج کرد… این حرکت متاسفانه خیلی دیر انجام شده و نمی‌تواند مفید واقع شود، چرا که سفید قبلا دو مهره را فعالانه وارد عرصه نبرد کرده و شاهش نیز در نقطه امنی جای گرفته و وزیر d1  نیز آماده است تا هر لحظه ضورت ایجاب کند قدم به میدان بگذارد:‌&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
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|-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 6 – cf3 x e5!! &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 6 – . . . . . . . .&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
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{{پایان چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;شکل شماره بیست و یک …&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; سیاه نمی‌تواند اسب سفید را با حرکت: 6… f6.e5  بگیرد، زیرا حرکت سفید کیش 7-Dd1-h5+ به قیمت یک رخ برای سیاه تمام می‌شود…دلیل این امر روشن است: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
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|-&lt;br /&gt;
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| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;7 – Od1 - h5 + کیش&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 7 – g7 - g6&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
 | &amp;#039;&amp;#039; 8 – Dh5 x e5 + کیش&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
   | 8 – …….&amp;#039;&amp;#039; &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{پایان چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در این وضعیت، سیاه ناچار است کیش وارده را دفع کند و سفید از فرصت بهره می‌گیرد و در حرکت بعدی رخ f8 را به وسیلهء وزیر از گردونه خارج می‌کند… و اگر سیاه بخواهد به مانور زیر دست یازد، در دم مات خواهد شد:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
*******&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
خوب! در شریط موجود سیاه می‌کوشد با شتاب مهره‌هایش را گسترش بدهد: ولی باید اعتراف کرد که حتی با این تلاش موفق نمی‌شود جلوی حملات حریف را بگیرد: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
شکل شماره بیست و دو…. تهدید فوری سفید این است که در حرکت بعدی اسب سیاه  h6 را به وسیلهء فیل مستقر در خانه c1 بگیرد و سپس با نشاندن وزیر در خانه f7، رقیب را مات کند. اجازه بدهید به‌ببینیم بازی چگونه ادامه پیدا می‌کند:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
***&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
شکل شماره بیست و سه … مهره شاه در معرض خطر قرار گرفته و نیروهای سفید آماده هستند تا با قاطعیت ضربه‌های نهائی را وارد کنند: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
***صفحه ۱۵۶&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
وزیر سفید به دام افتاده: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
** &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
شکل شماره بیست و هفت… سفید، در بازی ششم به این دلیل شکست خرد که در شروع  کار، پیاده‌هایش را بیش از اندازه جابجا کرد….&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; حرکات ششم و نهم و یازدهم او مطلقا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; غیر ضروری بود و حریف از این فرصت به نحو شایسته‌ئی بهره گرفت و توانست با خیال راحت به امر گسترش بپردازد و عاقبت نبرد را به سود خود به پایان ببرد. حتما تعجب خواهید کرد اگر بگوئیم که هیچ‌کدام از حرکات سفید در نفس امر اشتباه نبود: ولی هرگاه اثری را که سه حرکت فوق (در جمع) روی بازی او گذاشته‌اند مورد بررسی قرار دهید در خواهید یافت که چه نتیجه مصیبت باری در کل ماجرا داشته‌اند… درسی که از بازی‌های شماره پنج و شش می‌توانیم بگیریم این است که: هر حرکت غیرضروری به وسیله پیاده، قدمی است که به بیراهه گذاشته می‌شود. شاید در ابتدا متوجه این کج روی نشوید: ولی خواه و ناخواه نخستین قدم کج را برداشته‌اید… هم چنان که یک اشتباه بزرگ به قیمت باخت فوری تمام می‌شود، مجموعه اشتباهات کوچک نیز بی‌تردید به چنین نتیجه‌ئی منجر خواهد شد… &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;خوب به خاطر داشته باشید که در شروع بازی از پیاده‌ها به حد افراط استفاده نکنید و فقط هنگامی پیاده را از خانه‌ئی به خانهء دیگر بکشانید که این جابه جائی کمک به گسترش دیگر مهره‌های شما بکند. بنابراین قبل از گسترش فیل‌ها و اسب‌ها و نشاندن مهره شاه در قلعه نباید بیش از دو و یا حداکثر سه حرکت به وسیله پیاده انجام دهد:&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
۵. در شروع بازی مبادرت به گرفتن پیاده‌ها نکنید.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در بسیاری از بازی‌های شطرنج،‌ یکی از طرفین به‌خاطر «هیچ» پیاده‌ئی در اختیار حریف می‌گذارد که به این کار اصطلاحا گامبی Gambit می‌گویند….&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
شکل شماره بیست و هشت موقعیت صحنه را پس از آن که سیاه مبادرت به گرفتن پیاده‌ئی که سفید در شروع بازی در اختیارش گذاشته نشان می‌دهد: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
****&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سفید، تا این لحظه دو پیاده قربانی کرده و ظاهرا راهی وجود ندارد که بتواند جبران آن‌ها را بکند. البته سفید یکی از این دو پیاده را بی‌دلیل از دست نداده، ولی به هر جهت در چند حرکت آینده باید بازی را با یک پیاده کم‌تر اداره کند…با کمی توجه در خواهید یافت که سفید این امکان در اختیارش هست که در حرکت بعدی به وسیلهء اسب b1&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
 پیاده سیاه c3 را از صحنه خارج کند. مضافا به این که یک پیاده قوی در خانه e4  دارد و هر دو فیل او می‌دوانند در طول دو قطر،‌ به دلیل نبودن مانعی بر سر راه، به آزادی حرکت کنند. با توجه به نکات فوق سفید از نظر گسترش دارای برتری مختصری است …سفید می‌اندیشد این امتیازات کوچک می‌تواند به نحوی جبران از دست رفتن پیاده‌هایش را بنماید…. هدف ما در این قسمت، بحث دربارهء بازی ‌هائی است که با گامبی شروع میشوند، نیست: فقط از این جهت به موضوع گامبی‌ها اشاره کردیم که بگوئیم زمانی که صرف گرتن گامبی پیاده می‌شود نمی‌تواند الزاما موئر در گسترش دیگر مهمره‌ها باشد…در اکثر بازی‌ها،‌ شما پس از انجام چند حرکت موقعیت برایتان پیش‌ می‌آید که می‌توانید پیاده‌ئی از حریف به غنیمت بگیرید… فراموش نکنید که گرفتن چنین پیاده‌ئی در ازاء چند حرکت بیهوده و قبل از کامل شدن گسترش مهره‌ها تحقق می‌یابد و بر شما فرض است که هرگز اغوا نشوید و خود را درگیر مسائلی از این دست نکنید...&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Pouya</name></author>
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		<title>شطرنج جوانان پیکار اندیشه‌ها ۶</title>
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		<updated>2011-12-09T09:55:19Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;Pouya: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[Image:24-154.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۴|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۴]]&lt;br /&gt;
[[Image:24-155.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۵|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۵]]&lt;br /&gt;
[[Image:24-156.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۶|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۶]]&lt;br /&gt;
[[Image:24-157.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۷|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۷]]&lt;br /&gt;
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[[Image:24-159.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۹|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۴ صفحه ۱۵۹]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{ناقص}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[رده:کتاب جمعه ۲۴]]&lt;br /&gt;
[[رده:کتاب جمعه]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;نوشتهٔ ج. ان. واکر&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
ترجمهٔ جهانگیر افشاری&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
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==بازی شماره ۵==&lt;br /&gt;
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{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
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| 1 – e2 – e4&lt;br /&gt;
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| 1 – e7 – e5&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
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| 2 – Cg1 – f3&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| 2 – f7 – f6? &lt;br /&gt;
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|}&lt;br /&gt;
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{{پایان چپ چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
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سیاه برای دفاع از پیاده - ای- سوراخ دعا را گم کرده است، اولا: با این حرکت نه مهره‌ئی گسترش می‌یابد و نه راه برای گسترش دیگر مهرهئی گشوده می‌شود. ثانیا: پیاده در خانه‌ئی مستفر شده که در مورد نیاز اسب ** جی ۸ می‌باشد. ثالثا: اشغال خانه اف ۶ به وسیلهء پیاده، راه عبور وزیر سیاه دی۸ را مسدود کرده: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
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| 3 – a7 – a6?&lt;br /&gt;
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| 4 – 0 – 0 قلعه کوچک&lt;br /&gt;
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| 4 – b7 – b5&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
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| 5 – Fc4 – b3&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
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سیاه، پس از این که چهار حرکت به وسیلهء پیاده‌هایش انجام داد، بالاخره دل به دریا زد و فیل c8 را از خانه اصلی خود خارج کرد… این حرکت متاسفانه خیلی دیر انجام شده و نمی‌تواند مفید واقع شود، چرا که سفید قبلا دو مهره را فعالانه وارد عرصه نبرد کرده و شاهش نیز در نقطه امنی جای گرفته و وزیر d1  نیز آماده است تا هر لحظه ضورت ایجاب کند قدم به میدان بگذارد:‌&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
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{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
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{{پایان چپ به راست}}&lt;br /&gt;
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&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;شکل شماره بیست و یک …&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; سیاه نمی‌تواند اسب سفید را با حرکت: 6… f6.e5  بگیرد، زیرا حرکت سفید کیش 7-Dd1-h5+ به قیمت یک رخ برای سیاه تمام می‌شود…دلیل این امر روشن است: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
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{{چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{|&lt;br /&gt;
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|-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| &amp;#039;&amp;#039;7 – Od1 - h5 + کیش&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
| width=&amp;quot;120pt&amp;quot;| 7 – g7 - g6&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
|-&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
 | &amp;#039;&amp;#039; 8 – Dh5 x e5 + کیش&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
   | 8 – …….&amp;#039;&amp;#039; |}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{پایان چپ به راست}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در این وضعیت، سیاه ناچار است کیش وارده را دفع کند و سفید از فرصت بهره می‌گیرد و در حرکت بعدی رخ f8 را به وسیلهء وزیر از گردونه خارج می‌کند… و اگر سیاه بخواهد به مانور زیر دست یازد، در دم مات خواهد شد:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
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*******&lt;br /&gt;
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&lt;br /&gt;
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خوب! در شریط موجود سیاه می‌کوشد با شتاب مهره‌هایش را گسترش بدهد: ولی باید اعتراف کرد که حتی با این تلاش موفق نمی‌شود جلوی حملات حریف را بگیرد: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
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&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
شکل شماره بیست و دو…. تهدید فوری سفید این است که در حرکت بعدی اسب سیاه  h6 را به وسیلهء فیل مستقر در خانه c1 بگیرد و سپس با نشاندن وزیر در خانه f7، رقیب را مات کند. اجازه بدهید به‌ببینیم بازی چگونه ادامه پیدا می‌کند:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
***&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
شکل شماره بیست و سه … مهره شاه در معرض خطر قرار گرفته و نیروهای سفید آماده هستند تا با قاطعیت ضربه‌های نهائی را وارد کنند: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
***صفحه ۱۵۶&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
وزیر سفید به دام افتاده: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
** &lt;br /&gt;
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&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
شکل شماره بیست و هفت… سفید، در بازی ششم به این دلیل شکست خرد که در شروع  کار، پیاده‌هایش را بیش از اندازه جابجا کرد….&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; حرکات ششم و نهم و یازدهم او مطلقا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; غیر ضروری بود و حریف از این فرصت به نحو شایسته‌ئی بهره گرفت و توانست با خیال راحت به امر گسترش بپردازد و عاقبت نبرد را به سود خود به پایان ببرد. حتما تعجب خواهید کرد اگر بگوئیم که هیچ‌کدام از حرکات سفید در نفس امر اشتباه نبود: ولی هرگاه اثری را که سه حرکت فوق (در جمع) روی بازی او گذاشته‌اند مورد بررسی قرار دهید در خواهید یافت که چه نتیجه مصیبت باری در کل ماجرا داشته‌اند… درسی که از بازی‌های شماره پنج و شش می‌توانیم بگیریم این است که: هر حرکت غیرضروری به وسیله پیاده، قدمی است که به بیراهه گذاشته می‌شود. شاید در ابتدا متوجه این کج روی نشوید: ولی خواه و ناخواه نخستین قدم کج را برداشته‌اید… هم چنان که یک اشتباه بزرگ به قیمت باخت فوری تمام می‌شود، مجموعه اشتباهات کوچک نیز بی‌تردید به چنین نتیجه‌ئی منجر خواهد شد… &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;خوب به خاطر داشته باشید که در شروع بازی از پیاده‌ها به حد افراط استفاده نکنید و فقط هنگامی پیاده را از خانه‌ئی به خانهء دیگر بکشانید که این جابه جائی کمک به گسترش دیگر مهره‌های شما بکند. بنابراین قبل از گسترش فیل‌ها و اسب‌ها و نشاندن مهره شاه در قلعه نباید بیش از دو و یا حداکثر سه حرکت به وسیله پیاده انجام دهد:&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
۵. در شروع بازی مبادرت به گرفتن پیاده‌ها نکنید.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در بسیاری از بازی‌های شطرنج،‌ یکی از طرفین به‌خاطر «هیچ» پیاده‌ئی در اختیار حریف می‌گذارد که به این کار اصطلاحا گامبی Gambit می‌گویند….&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
شکل شماره بیست و هشت موقعیت صحنه را پس از آن که سیاه مبادرت به گرفتن پیاده‌ئی که سفید در شروع بازی در اختیارش گذاشته نشان می‌دهد: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
****&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سفید، تا این لحظه دو پیاده قربانی کرده و ظاهرا راهی وجود ندارد که بتواند جبران آن‌ها را بکند. البته سفید یکی از این دو پیاده را بی‌دلیل از دست نداده، ولی به هر جهت در چند حرکت آینده باید بازی را با یک پیاده کم‌تر اداره کند…با کمی توجه در خواهید یافت که سفید این امکان در اختیارش هست که در حرکت بعدی به وسیلهء اسب b1&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
 پیاده سیاه c3 را از صحنه خارج کند. مضافا به این که یک پیاده قوی در خانه e4  دارد و هر دو فیل او می‌دوانند در طول دو قطر،‌ به دلیل نبودن مانعی بر سر راه، به آزادی حرکت کنند. با توجه به نکات فوق سفید از نظر گسترش دارای برتری مختصری است …سفید می‌اندیشد این امتیازات کوچک می‌تواند به نحوی جبران از دست رفتن پیاده‌هایش را بنماید…. هدف ما در این قسمت، بحث دربارهء بازی ‌هائی است که با گامبی شروع میشوند، نیست: فقط از این جهت به موضوع گامبی‌ها اشاره کردیم که بگوئیم زمانی که صرف گرتن گامبی پیاده می‌شود نمی‌تواند الزاما موئر در گسترش دیگر مهمره‌ها باشد…در اکثر بازی‌ها،‌ شما پس از انجام چند حرکت موقعیت برایتان پیش‌ می‌آید که می‌توانید پیاده‌ئی از حریف به غنیمت بگیرید… فراموش نکنید که گرفتن چنین پیاده‌ئی در ازاء چند حرکت بیهوده و قبل از کامل شدن گسترش مهره‌ها تحقق می‌یابد و بر شما فرض است که هرگز اغوا نشوید و خود را درگیر مسائلی از این دست نکنید...&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Pouya</name></author>
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		<title>سینمای مستند سیاسی ۲</title>
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		<updated>2011-10-25T10:54:24Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;Pouya: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[Image:26-128.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۲۸|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۲۸]]&lt;br /&gt;
[[Image:26-129.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۲۹|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۲۹]]&lt;br /&gt;
[[Image:26-130.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۳۰|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۳۰]]&lt;br /&gt;
[[Image:26-131.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۳۱|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۳۱]]&lt;br /&gt;
[[Image:26-132.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۳۲|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۳۲]]&lt;br /&gt;
[[Image:26-133.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۳۳|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۳۳]]&lt;br /&gt;
[[Image:26-134.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۳۴|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۳۴]]&lt;br /&gt;
[[Image:26-135.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۳۵|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۳۵]]&lt;br /&gt;
[[Image:26-136.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۳۶|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۳۶]]&lt;br /&gt;
[[Image:26-137.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۳۷|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۳۷]]&lt;br /&gt;
[[Image:26-138.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۳۸|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۳۸]]&lt;br /&gt;
[[Image:26-139.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۳۹|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۳۹]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{در حال ویرایش}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‫{{‬تک ستاره}}  &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;این درگیری‌های شدید ایدئولوژیکی در «شیلی فیلمز» در متن مبارزه، چه‌گونه در سایر بخش‌های رسانه‌های ارتباط جمعی آن زمان تاثیر داشت؟ &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{گلوله}} وقایعی که در سازمان اتفاق افتاد شباهت زیادی دارد با آن‌چه در تلویزیون، روزنامه  و ایستگاه‌های رادیوئی اتفاق افتاد. تفاوت فقط اینجا بود که ایستگاه‌های رادیو در دست مالکان خصوصی بود. اگر شما یک ایستگاه رادیوئی در اختیار داشته باشید می‌توانید آن نظرگاه ایدئولوژیکی را که نمایانگر این ایستگاه به خصوص است کنترل کنید. اگر این ایستگاه را حزب به خصوصی کنترل کند،‌باید پیرو همان خط به خصوص حزبی باشد و هیچ‌گونه درگیری داخلی وجود ندارد. همین نکته دربارهء مطبوعات هم صادق است. نظریات مختلف بیانگر آرا و نظرگاه‌های گوناگون منافع افرادی است که بر آن‌ها نظارت دارند. مبارزه در مدار تلویزیونی نیز مبارزهء بسیار شدیدی بود چون همهء خطوط سیاسی می‌بایست در یک کانال منحصر به فرد در کنار هم قرار‌ بگیرند. ولی لااقل تصویر جبههء مخالف در این رسانهء جمعی آشکارتر بود. در کشور شیلی هیچ‌گونه فیلمساز دست راستی وجود دنداشت. کارکنانی که بخشی از «شیلی‌فیلمز» را تشکیل می‌دادند همگی دست‌چپی بودند ولی بیش از نیمی از تلویزیون در دست تکنسین‌ها و کارگردان‌هائی بود که به احزاب راست‌گرا یا دمکرات مسیحی‌ها تعلق داشتند. کانال هتف دولتی بود که می‌بایست میان همهء نیروهای سیاسی موجود، مشتمل بر گروه‌های دست راستی مشترک باشد. امّا  کانال ۹ کاملاُ در دست افراد گروه‌های چپی بود. قانون {شیلی} تصریح داشت که هر ایستگاه تلویزیونی باید زمان معینی را در اختیار حزب ملی و یا حزب دمکرات مسیحی و جز آن بگذارد و به‌همین ترتیب وقت معین را در احتیار هر بخش جداگانه حزب ائتلافی چپ قرار دهد. کانال ۹ تنها کانالی بود که هدفش طبقهء کارگر بود. گرچه وسائل با ارزش و مفید فنی در اختیار نداشت و به همین دلیل آنتن آن بسیار ضعیف بود و فقط در پایتخت قابل استفاده بود نه در شهرستان‌ها. به طور کلی دست راستی‌ها دائما در مبارزات ایدئولوژیک پیروز می‌شند زیرا تسهیلات بیش‌تری در اختیار داشتند، منجمله هفتاد درصد ایستگاه‌های رادیو و هشتاد درصد مطبوعات را، در تیجه همواره به زیان ما بود. هیچ‌گونه راهی برای غلبه به این مشکل وجود نداشت و این خاطر وضع ناجوری بود که درگیر آن بودیم. ولی مساله به خاطر این واقعیت که ما دست چپی‌ها همیشه به حداقل دو   یا سه استراتژی رقابت‌آمیز تقسیم می‌شدیم، تشدید می‌شد. مثلاً یک گروه‌ احساس می‌کرد که تلویزیون باید آرام و محتاطانه و به‌صورت عینی فعالیت کند. زیرا اکثریت آن‌هائی که درمنزل‌شان تلویزیون دارند افراد خرده بورژوائی هستند که طبیعتا حامی دمکرات مسیحی‌ها هستند. بنابراین با یکدیگر بگومگوهائی داشتند که اگر بتوان به‌قصد به‌حرکت در آرودن مردم نوعی مبارزه و جنبش را برنامه‌ریزی کرد، در آن صورت با این گروه از جمعیت کشور به مخالفت برخاسته‌ایم. سپس آن‌ّا غوغا به‌راه انداخته اعتراض خواهند کرد که دولت سعی‌ داشته که مردم را با زیرکی خاصی وادار به انجام کاری کند و معهذا درگیری دیگری برای ما ایجاد شده است. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
گروه دیگری عقیده داشت که در کار برنامه‌ریزی محتاط یا آرام بودن اهمیتی ندارد زیرا همواره هدف آماج اتهام‌های طبقهء خرده بورژوا هستیم و چون همواره این قضیه به یان ما بوده است بهتر است از هرگونه امتیاز جشم‌پوشی کرده در عوض کلیهء نیروهای خود را در راه ایجاد نوعی برنامه‌رزیزی مبارزه‌جویانه  به نیّت به حرکت در آوردن کارگران و روستائیان در جهت تهاجمی به‌کار گیریم. رسانه‌ها مستقل یا منزوی نبوده بلکه بخشی از مبارزهء سیاسی محسوب می‌شدند. دو قطب مضاد، یعنی نیروی ملی و استراتژی جبههء ضد فاشیستی، بین خودشان به مبارزه پرداخته دائماً بحث می‌کردند تا بالاخره روز کودتا فرا رسید. گرچه این واقعیتی است که منافع امپریالیستی، بازتاب‌های بین‌المللی و بورژوای ملی در کودتا مسئولیتی مشترک دارند، ولی شکست به واسطهء فقدانرهبری سیاسی متحد در میان نیروهای چپ و حرکت نوسانی دائم بین دو استراتژی مخالف و بحث‌های ایدئولوژیکی دربارهء مسائلی بود که باید انجام گیرد. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‫{{‬تک ستاره}} ‫ &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;آیا کلیه فعالیت‌های شما با کودتای یازدهم سپتامبر ۱۹۷۳ متوقف شد؟&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{گلوله}} ما در واقع پس از کودتا نیز تا آنجا که فیلم خام داشتیم به کار فیلمسازی ادامه دادیم ولی بیش‌تر از گوشهء امن اطاق‌های نشیمن خود و از صفحه تلویزیون بود. مثلا هیچ‌کس در دنیا از ما انتظار نداشت که از نخستین اعلامیهء حکومت نظامی در نخستین شب کودتا از تلویزیون فیلمبرداری کنیم. فیلم‌های دیگری نیز داشتیم مانند مراسم سوگند خوردن رهبران نظامی کودتا، بمباران کاخ «آلنده» از نظرگاه ارتش وغیره. در حال حاضر به نظر باور کردنی نمی‌رسد که آن‌ها چنین چیز‌هائی را از طریق تلویزیون نشان‌داده باشند این  مساله نشانهء نادرستی قضاوت آن‌ها و جهل آن‌ها از سرشت وسائل ارتباط جمعی است. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‫{{‬تک ستاره}}  &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;آیا کودتا اعضای گروه سازندهء فیلم را در خطری حتمی قرار داد؟ چند نفر ازشما کشور را ترک گفتید؟ &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{گلوله}}  پس از کودتا، همهء اعضای گروه سازندهء فیلم به استثنای یک نمونه وخیم و بسیار سخت شیلی را ترک‌ گفتند. ما در نظر داشتیم که منظماً به‌طور متناوب، بدون تقاضای پناهندگی از هر یک از سفارتخانه‌ها از این طریق از کشور خارج شویم،‌چون می‌دانستیم که افراد بسیاری مهم‌تر از ما نیز هستند، به نحوی خود را استتار کرده بودیم که هیچ کس نتواند بفهمد فیلمساز هستیم و به این ترتیب اجازه خروج از کشور را داشته باشیم. چنان که گفتم ما طی یک نظم و ترتیب از پیش سازمان یافته شیلی را ترک کردیم، دستایر کارگردان نخستین کسی بود که از شیلی بیرون آمد. او اسپانیائی بود که همچون سایر افراد خارجی به خاطر بیگانه‌ترسی دولت نظامی در معرض خطر بزرگی قرار داشت. دومین نفر من بودم و پس از من تهیه‌کننده و بعد صدابردار به ما پیوستند. قرار بر این شده بود که فیلمبردار ما &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;یورگ مولر&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;  آخرین نفر باشد. او می‌خواست که در کارهای تبلیغاتی کاری به عنوان یک تکنیسین داشته باشد ولی در ماه نوامبر سال ۱۹۷۴ که بیش از یک سال از کودتا می‌گذشت او و دوستش «کارمن بوئینتو« دستگیر و زندانی شدند. این حرکت رژیم یک حرکت کاملا نامنتظره بود. هیچ‌ گونه دلیلی علیه آن‌ها وجود نداشت و تاکنون نیز اتهامی به آن‌ها زده نشده است. می‌توان گفت که آن دو نفر اساسا ناپدید شده‌اند. خانوادهء آن‌ها با همهء تلاش‌هائی که کردند هرگز نتیجه نگرفتند. دولست‌های سوئد و آلمان رسما آزادی «مولر» را تقاضا کرده‌اند ولی دولت ژنرال پینوشه همچنان جتی دستگیر شدن آن‌ها را هم تکذیب می‌کند. یقین ما در مورد «کارمن بوئینو» این است که در حقیقت رژیم نظامی او را کشته است ولی از &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; مولر&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;  هیچ خبری در دست نیست. اقدامات اساسی برای آزادی او همچنان ادامه دارد و همین‌طور ادامه خواهد یافت تا رژیم «پینوشه: در این باره توضیحی بدهد.  {{نشان|۱}} من درست کمی پس از کودتا دستگیر شدم و مدت دو هفته در استادیوم ملی سانتیاگو زندانی بودم. یکی از همسایگانم مرا لو داده بود. آن‌ها منزل مرا پنج بار گشتند و به این نتیجه رسیدند که حرفهء من معلمی و تکنیسین ارتباطات ایت. چیز دیگری دستگیرشان نشد. هرگز نفهمیدند که یک فیلمسازم، در مدت بازداشتم، سایر اعضای گروه دور هم گرد آمده و خود را برای هرگونه اتفاقی د آینده آماده کرده بودند، [می پنداشتند] که به عنوان یک گروه دستگیرشان می‌کنند. گمان‌ می‌کردند که با دستگیر شدن من کار همه‌شان ساخته است. به هر حال با نقشه‌های زیرکانه‌ئی فیلم را قطعه قطعه از کشور خارج کردند و بعدها در کوبا ۶ ماه کشید تا آن‌ها را به یکدیگر متصل کردیم، از پنج نفر اعضای گروه چهارنفرشان تا مدتی پس از کودتا در زندان ماندند. منزل «فردریکو التون» مدیر تهیه فیلم، را گشته دوبار زیر و رو کردند. او را در زندان دانشکدهء افسری بازداشت کردند. زمانی که «برناردو منز» صدابردار،‌قسمتهای زیادی از فیلم را در اختیار داشت. آن‌ها ساختمانی که او در آن زندگی می‌کرد از بالا تا پایین گشتند، ولی آپارتمان او تصادفا مصون ماند. این خود یک تصادف محض و بازتابی از اوضاع نابسامان و استبدادی سراسری بود که در آن زمان تمام شیلی را فرا گرفته بود. دوران استبدادی فشار و اختناق تقریبا ۶ ماه طول کشید. مدتی بعد همهء سازمان‌های پلیسی و امنیتی تمرکز یافته تحت لوای‌«دینا» (سازمان اطلاعات و امنیت شیلی) گرد آمدند و با افزایش فشار و اختناق، خارج شدن از کشور از گذشته بسیار سخت‌تر شد.  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{تک ستاره}} ‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬آیا اعضای گروه خارج از کوبا هم در کنار هم بودند؟‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬ &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‫{{‬گلوله}} گرچه بیش‌تر ما اساسا راهی کشورهای متفاوت اروپائی شده بودیم ولی مجددا در هاوانا دور هم جمع شدیم. در مدت تدوین قسمت اول و دوم فیلم همهء ما، به جز «یورگ مولر»، در کنار هم بودیم. دستیار من گرچه دیگر در کوبا نیست ولی هنوز با ما در تماس است. تهیه‌کنندهء فیلم که در حال حاضر مسئول پخش جهانی فیلم است. در پاریس زندگی می‌کند، صدابردار فیلم با ‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬ کارلوس سائورا‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬ {{نشان|۲}} در اسپانیا همکاری دارد ولی تماس خود را همچنان با ما حفظ کرده است. «پدرو چاسکل» تدوینگر فیلم و «مارتا هارنکر» که جز مشاوران بود در کوبا هستند.  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{تک ستاره}} ‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬آیا قبل از آن که به کوبا بیائید هیچ تلاش کردید که برای پایان دادن به فیلم از کشورهای اروپائی کمک مالی بگیرید؟‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‫{{‬گلوله}} بله. ما از «کریس مارکر» که به‌هر حال در جریان ساختن فیلم بود تقاضای کمک مالی کردیم. «کریس» با ‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬سیمون سینیوره‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬، ‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬ایرمونتان‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬ و ‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬فردریک دوزیف‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬ و دیگران صحبت کرد. ولی من به تدریج به این نکته پی بردم که این فیلم کار عظیمی است، و یک فیلم نیست بلکه چندین فیلم است. دیگر آن که برای این که تدوین فیلم با آرامش کامل صورت گیرد، نیاز به امنیت و آسودگی خاطر است. نمی‌بایست فیلم را درجریان برنامهء فیلمسازی رایج انداخت، به این معنی که مثلا سه ماه برای تدوین، سه ماه برای صدابرداری و غیره وقت صرف کرد، که به این طریق ناممکن بود و بنابراین به «کریس» گفتم که ما واقعا به خیلی پول نیاز داریم،‌زیرا باید زندگی اعضای گروه و خانوادهء آن‌ها را تامین کنیم. حتی باید با آدم‌های تازه‌ئی قرارداد ببندیم تا کارها به سرانجام برسد. از نظر ما زمان چندان مهم نبود چون ده سال دیگر هم این فیلم اهمیت خود را از دست نمی‌دهد. «کریس» این استدلال مرا درک کرد. مدت‌ها ملاقات‌ها و مذاکرات ما با افراد گوناگون بی‌نتیجه ماند. بعد زمانی فرا رسید که ما با ‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬آلفردو گوئه وارا ‪ &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬ و  ‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬سول یلین‪  &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬ {{نشان|۳}} از سازمان سینمایی کوبا ملاقات کردیم. آن ها به ما گفتند که مایلند از ما دعوت کنند که به هاوانا آمده فیلم را تمام کنیم و به‌این ترتیب همهء کارها مرتب شد. طی دوران فیلمبرداری از طریق مکاتبه از راهنمائی‌های مفید «کریس مارکر» استفاده کردیم.  «کریس مارکر» یکی از سالم‌ترین فیلمسازان فرانسوی است که از نظر دانش سیاسی و ایدئولوژیکی با ما همفکری داشت و از واقعیتگرایی سیاسی ‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬خولیو گارسیا اسپینوزا‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬، با توجه به‌فیلمی که ساخته بود و مطلب او به‌نام «برای یک سینمای ناقص» بسیار بهره بردیم. وقتی به کوبا رسیدیم هنوز هم گیج و مات بودیم و از یکدیگر می‌پرسیدیم که این قضیه چگونه اتفاق افتاد؟ و این «خولیو» به ما کمک کرد تا خود را تئوری‌وار به آن‌چه در شیلی رخ داده بود همساز کرده با آرامش کافی کار کنیم. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‫{{‬تک ستاره}} ‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬آیا از استقبال جهانی که از فیلم «نبرد شیلی» کردند،‌ تعجب کردید؟ ‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‫{{‬گلوله}} بله. چون فکر می‌کردم که فیلم سنگین و مشکلی است و با تماشاگر هیچ‌ گونه رابطه‌ئی برقرار نمی‌کند. فیلمی بود خشک و ظاهرا سرد،‌ ولی علی رغم همه این ها فیلم را به جشنواره های سینمائی اروپا خواستند که این استقبال برای یک فیلم مستند بیسابقه بود. در بعضی از کشورهای اروپائی که موازنه های سیاسی ویژه ئی با آن چه در شیلی می گذشت، مانند، فرانسه و ایتالیا یا اسپانیا و حتی پرتقال، کوجود بود، نمایش فیلم تاثیر فراوانی داشت. به طور کلی فیلم های مختلف براساس محتوائی که ارائه می دهند، بازتاب های متفاوتی دارند. یک فیلم بر اسا سطح به خصوص آگاهی طبقاتی موجود پذیرفته می شود یا نمی شود. مثلا در اسپانیا واکنش به این فیلم و هر کادر آن به قدری شدید بود که اگر به آنجا می رفتید آن واکنش را تقریبا به عنوان نوعی از خود بیگانه سازی می دیدید. وقتی که دیدم پنج هزار تماشاگر با احترامی باورنکردنی و تقریبا مذهبی به تماشای فیلم نشسته اند، همان احساسی به من دست داد که هنگام دیدن فیلمی از سانتیاگو آلوترز{{نشان|۴}} در شیلی داشتم، می دانید اصلا خوبی و بدی فیلم مطرح نبود این مهم بود که ما در دوره بسیار سختی از مبارزات طبقاتی زندگی می کردیم که ما را وادار می کرد به آن چه سخت بر پرده سینما در جریان بود پاسخ دهیم.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‫{{‬تک ستاره}} &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;واکنش مردم در فرانسه به این فیلم چه بود؟&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{گلوله}} در فرانسه فیلم یشتر در سطح توده مردم به نمایش درآمد، ولی روشنفکران که معمولا جزو بینندگان این گونه فیلم ها هستند بسیار بی علاقه اند. آن ها عادت دارند که آن چه فیلم می بینند مورد انتقاد قرار قرار داده آن را در بوته تجزیه و تحلیل روشنفکرانه سختی قرار می دهند. ولی بسیاری از منتقدان دست چپی فرانسوی پس از دیدن قسمت دوم فیلم سخت به تعجب افتادند. مثلا مارسل مارتن پنج بار این فیلم را دید. چیزی به من نگفت ولی وقتی از سینما بیرون می آمد ه من لبخند زد. لوئی مارکول چهار بار فیلم را دید. آن ها فهمیدند که این اثر فیلمی به مفهوم سنتی نیست زیرا هیچ گونه ساخت داستانی، تقطه اوج و نتیجه گیری ندارد و از تراکم اطلاعات برخوردار است که در کم تر اثر مستندی دیده شده است. ولی سایر منتقدان که عادت داشتند نوعی نقد نویسی آسان و فرمولی انجام دهند کاملا فلج شده بودند. به طور کلی نظرات شان در مورد فیلم ناقص بود. این قضیه تا حدی به نومیدی نیروهای انقلابی فرانسه بستگی دارد. حیات بیشتر گروه های دست چپی از میان رفته، مرام ضد شوروی آن ها، نداشتن نمونه های انقلابی، و شکست آن ها در همکاری نکردن واقعی با جوانان در یک جنبش مبارز، خود موجب بیعلاقگی روزافزون مردم شده است. روشی که مردم در فرانسه در مورد درک&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==یادداشت‌ها==&lt;br /&gt;
#{{پاورقی|۱}}. نگاه کنید به مطلب &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;«شکنجه و کشتار فیلمسازان در آمریکای لاتین»&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; در شمارهٔ ۱۷ &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;کتاب جمعه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;.&lt;br /&gt;
#{{پاورقی|۲}}. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;کارلوس سائو را&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، یکی از فیلمسازان بزرگ و اندیشمند اسپانیائی است که آخرین اثرش به نام Raise Ravens برندهٔ جایزهٔ ویژهٔ هیآت داوران &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;جشنواره سینمائی کان&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; در سال ۱۹۷۶ شد.&lt;br /&gt;
#{{پاورقی|۳}}. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;آلفردو گوئه‌وارا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، یکی از سینماگران &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سازمان سینمایی کوبا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; از زمان پیدایش این مؤسسه در سال ۱۹۶۹ است. او اخیراً به‌َنوان معاون فرهنگی انجام وظیفه می‌کند. «سول یلین» رئیس توسعه و روابط بین‌المللی و نیروی عظیم رهبری در همین سازمان بود. او در فوریه سال ۱۹۷۷ بر اثر حملهٔٔ قلبی در گذشت.&lt;br /&gt;
#{{پاورقی|۴}}. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سانتیاگو آلوارز&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، کارگردان مجموعهٔ فیلم‌های «اخبار هفتگی آمریکای لاتین» از &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سازمان سینمائی کوبا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; است که به خاطر ساختن فیلم‌های مستند تجربیش شهرت بین‌المللی فراوانی کسب کرده است. در میان فیلم‌های مشهوری که او ساخته می‌توان از این فیلم‌ها یاد کرد: &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;«حالا» (۱۹۶۳)&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، دربارهٔ تبعیضات نژادی آمریکا و &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;«هفتاد و نُه بهار هوشی مین» (۱۹۶۹)&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; که ستایشی شاعرانه از رهبر ویتنام است.&lt;br /&gt;
#{{پاورقی|۵}}. فیلم &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;«قلب‌ها و مغزها»&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; به کارگردانی «پیتر دیویس» از آثار جدیدی است که دربارهٔ ویتنام ساخته‌اند. این فیلم مستند رنگی در یک بررسی دقیق و شتابزده وضعیت تاریخی ویتنام را نشان می‌دهد. این فیلم تا کنون دوبار در تلویزیون جمهوری اسلامی به‌نمایش در آمده است.&lt;br /&gt;
#{{پاورقی|۶}}. فیلم &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;«مارپیچ»&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; را «والری مایو» دستیار «کریس مارکر» در تدوین فیلم «نبرد ده میلیونی» و «آرمان ماتلار» و «میشل ماتلار» ساخته‌اند. دو نفر اخیر در بررسی امپریالیسم فرهنگی و رسانه‌های گروهی در جهان سوم نظریه‌پردازان معروف محسوب می‌شوند. این دو نفر قبل از آن که در اثر کودتا مجبور به‌ترک شیلی شوند بیش از ده سال در این کشور زندگی کرده و به‌مطالعات با ارزش خود ادامه داده‌اند. «کریس مارکر» نیز در ساختن فیلم «مارپیچ» با آن‌ها همکاری داشته است.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[رده:کتاب جمعه ۲۶]]&lt;br /&gt;
[[رده:کتاب جمعه]]&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Pouya</name></author>
	</entry>
	<entry>
		<id>http://irpress.org/index.php?title=%D8%B3%DB%8C%D9%86%D9%85%D8%A7%DB%8C_%D9%85%D8%B3%D8%AA%D9%86%D8%AF_%D8%B3%DB%8C%D8%A7%D8%B3%DB%8C_%DB%B2&amp;diff=25503</id>
		<title>سینمای مستند سیاسی ۲</title>
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		<updated>2011-10-25T10:50:07Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;Pouya: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[Image:26-128.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۲۸|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۲۸]]&lt;br /&gt;
[[Image:26-129.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۲۹|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۲۹]]&lt;br /&gt;
[[Image:26-130.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۳۰|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۳۰]]&lt;br /&gt;
[[Image:26-131.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۳۱|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۳۱]]&lt;br /&gt;
[[Image:26-132.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۳۲|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۳۲]]&lt;br /&gt;
[[Image:26-133.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۳۳|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۳۳]]&lt;br /&gt;
[[Image:26-134.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۳۴|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۳۴]]&lt;br /&gt;
[[Image:26-135.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۳۵|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۳۵]]&lt;br /&gt;
[[Image:26-136.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۳۶|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۳۶]]&lt;br /&gt;
[[Image:26-137.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۳۷|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۳۷]]&lt;br /&gt;
[[Image:26-138.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۳۸|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۳۸]]&lt;br /&gt;
[[Image:26-139.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۳۹|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۳۹]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{در حال ویرایش}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‫{{‬تک ستاره}}  &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;این درگیری‌های شدید ایدئولوژیکی در «شیلی فیلمز» در متن مبارزه، چه‌گونه در سایر بخش‌های رسانه‌های ارتباط جمعی آن زمان تاثیر داشت؟ &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{گلوله}} وقایعی که در سازمان اتفاق افتاد شباهت زیادی دارد با آن‌چه در تلویزیون، روزنامه  و ایستگاه‌های رادیوئی اتفاق افتاد. تفاوت فقط اینجا بود که ایستگاه‌های رادیو در دست مالکان خصوصی بود. اگر شما یک ایستگاه رادیوئی در اختیار داشته باشید می‌توانید آن نظرگاه ایدئولوژیکی را که نمایانگر این ایستگاه به خصوص است کنترل کنید. اگر این ایستگاه را حزب به خصوصی کنترل کند،‌باید پیرو همان خط به خصوص حزبی باشد و هیچ‌گونه درگیری داخلی وجود ندارد. همین نکته دربارهء مطبوعات هم صادق است. نظریات مختلف بیانگر آرا و نظرگاه‌های گوناگون منافع افرادی است که بر آن‌ها نظارت دارند. مبارزه در مدار تلویزیونی نیز مبارزهء بسیار شدیدی بود چون همهء خطوط سیاسی می‌بایست در یک کانال منحصر به فرد در کنار هم قرار‌ بگیرند. ولی لااقل تصویر جبههء مخالف در این رسانهء جمعی آشکارتر بود. در کشور شیلی هیچ‌گونه فیلمساز دست راستی وجود دنداشت. کارکنانی که بخشی از «شیلی‌فیلمز» را تشکیل می‌دادند همگی دست‌چپی بودند ولی بیش از نیمی از تلویزیون در دست تکنسین‌ها و کارگردان‌هائی بود که به احزاب راست‌گرا یا دمکرات مسیحی‌ها تعلق داشتند. کانال هتف دولتی بود که می‌بایست میان همهء نیروهای سیاسی موجود، مشتمل بر گروه‌های دست راستی مشترک باشد. امّا  کانال ۹ کاملاُ در دست افراد گروه‌های چپی بود. قانون {شیلی} تصریح داشت که هر ایستگاه تلویزیونی باید زمان معینی را در اختیار حزب ملی و یا حزب دمکرات مسیحی و جز آن بگذارد و به‌همین ترتیب وقت معین را در احتیار هر بخش جداگانه حزب ائتلافی چپ قرار دهد. کانال ۹ تنها کانالی بود که هدفش طبقهء کارگر بود. گرچه وسائل با ارزش و مفید فنی در اختیار نداشت و به همین دلیل آنتن آن بسیار ضعیف بود و فقط در پایتخت قابل استفاده بود نه در شهرستان‌ها. به طور کلی دست راستی‌ها دائما در مبارزات ایدئولوژیک پیروز می‌شند زیرا تسهیلات بیش‌تری در اختیار داشتند، منجمله هفتاد درصد ایستگاه‌های رادیو و هشتاد درصد مطبوعات را، در تیجه همواره به زیان ما بود. هیچ‌گونه راهی برای غلبه به این مشکل وجود نداشت و این خاطر وضع ناجوری بود که درگیر آن بودیم. ولی مساله به خاطر این واقعیت که ما دست چپی‌ها همیشه به حداقل دو   یا سه استراتژی رقابت‌آمیز تقسیم می‌شدیم، تشدید می‌شد. مثلاً یک گروه‌ احساس می‌کرد که تلویزیون باید آرام و محتاطانه و به‌صورت عینی فعالیت کند. زیرا اکثریت آن‌هائی که درمنزل‌شان تلویزیون دارند افراد خرده بورژوائی هستند که طبیعتا حامی دمکرات مسیحی‌ها هستند. بنابراین با یکدیگر بگومگوهائی داشتند که اگر بتوان به‌قصد به‌حرکت در آرودن مردم نوعی مبارزه و جنبش را برنامه‌ریزی کرد، در آن صورت با این گروه از جمعیت کشور به مخالفت برخاسته‌ایم. سپس آن‌ّا غوغا به‌راه انداخته اعتراض خواهند کرد که دولت سعی‌ داشته که مردم را با زیرکی خاصی وادار به انجام کاری کند و معهذا درگیری دیگری برای ما ایجاد شده است. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
گروه دیگری عقیده داشت که در کار برنامه‌ریزی محتاط یا آرام بودن اهمیتی ندارد زیرا همواره هدف آماج اتهام‌های طبقهء خرده بورژوا هستیم و چون همواره این قضیه به یان ما بوده است بهتر است از هرگونه امتیاز جشم‌پوشی کرده در عوض کلیهء نیروهای خود را در راه ایجاد نوعی برنامه‌رزیزی مبارزه‌جویانه  به نیّت به حرکت در آوردن کارگران و روستائیان در جهت تهاجمی به‌کار گیریم. رسانه‌ها مستقل یا منزوی نبوده بلکه بخشی از مبارزهء سیاسی محسوب می‌شدند. دو قطب مضاد، یعنی نیروی ملی و استراتژی جبههء ضد فاشیستی، بین خودشان به مبارزه پرداخته دائماً بحث می‌کردند تا بالاخره روز کودتا فرا رسید. گرچه این واقعیتی است که منافع امپریالیستی، بازتاب‌های بین‌المللی و بورژوای ملی در کودتا مسئولیتی مشترک دارند، ولی شکست به واسطهء فقدانرهبری سیاسی متحد در میان نیروهای چپ و حرکت نوسانی دائم بین دو استراتژی مخالف و بحث‌های ایدئولوژیکی دربارهء مسائلی بود که باید انجام گیرد. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‫{{‬تک ستاره}} ‫ &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;آیا کلیه فعالیت‌های شما با کودتای یازدهم سپتامبر ۱۹۷۳ متوقف شد؟&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{گلوله}} ما در واقع پس از کودتا نیز تا آنجا که فیلم خام داشتیم به کار فیلمسازی ادامه دادیم ولی بیش‌تر از گوشهء امن اطاق‌های نشیمن خود و از صفحه تلویزیون بود. مثلا هیچ‌کس در دنیا از ما انتظار نداشت که از نخستین اعلامیهء حکومت نظامی در نخستین شب کودتا از تلویزیون فیلمبرداری کنیم. فیلم‌های دیگری نیز داشتیم مانند مراسم سوگند خوردن رهبران نظامی کودتا، بمباران کاخ «آلنده» از نظرگاه ارتش وغیره. در حال حاضر به نظر باور کردنی نمی‌رسد که آن‌ها چنین چیز‌هائی را از طریق تلویزیون نشان‌داده باشند این  مساله نشانهء نادرستی قضاوت آن‌ها و جهل آن‌ها از سرشت وسائل ارتباط جمعی است. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‫{{‬تک ستاره}}  &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;آیا کودتا اعضای گروه سازندهء فیلم را در خطری حتمی قرار داد؟ چند نفر ازشما کشور را ترک گفتید؟ &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{گلوله}}  پس از کودتا، همهء اعضای گروه سازندهء فیلم به استثنای یک نمونه وخیم و بسیار سخت شیلی را ترک‌ گفتند. ما در نظر داشتیم که منظماً به‌طور متناوب، بدون تقاضای پناهندگی از هر یک از سفارتخانه‌ها از این طریق از کشور خارج شویم،‌چون می‌دانستیم که افراد بسیاری مهم‌تر از ما نیز هستند، به نحوی خود را استتار کرده بودیم که هیچ کس نتواند بفهمد فیلمساز هستیم و به این ترتیب اجازه خروج از کشور را داشته باشیم. چنان که گفتم ما طی یک نظم و ترتیب از پیش سازمان یافته شیلی را ترک کردیم، دستایر کارگردان نخستین کسی بود که از شیلی بیرون آمد. او اسپانیائی بود که همچون سایر افراد خارجی به خاطر بیگانه‌ترسی دولت نظامی در معرض خطر بزرگی قرار داشت. دومین نفر من بودم و پس از من تهیه‌کننده و بعد صدابردار به ما پیوستند. قرار بر این شده بود که فیلمبردار ما &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;یورگ مولر&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;  آخرین نفر باشد. او می‌خواست که در کارهای تبلیغاتی کاری به عنوان یک تکنیسین داشته باشد ولی در ماه نوامبر سال ۱۹۷۴ که بیش از یک سال از کودتا می‌گذشت او و دوستش «کارمن بوئینتو« دستگیر و زندانی شدند. این حرکت رژیم یک حرکت کاملا نامنتظره بود. هیچ‌ گونه دلیلی علیه آن‌ها وجود نداشت و تاکنون نیز اتهامی به آن‌ها زده نشده است. می‌توان گفت که آن دو نفر اساسا ناپدید شده‌اند. خانوادهء آن‌ها با همهء تلاش‌هائی که کردند هرگز نتیجه نگرفتند. دولست‌های سوئد و آلمان رسما آزادی «مولر» را تقاضا کرده‌اند ولی دولت ژنرال پینوشه همچنان جتی دستگیر شدن آن‌ها را هم تکذیب می‌کند. یقین ما در مورد «کارمن بوئینو» این است که در حقیقت رژیم نظامی او را کشته است ولی از &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; مولر&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;  هیچ خبری در دست نیست. اقدامات اساسی برای آزادی او همچنان ادامه دارد و همین‌طور ادامه خواهد یافت تا رژیم «پینوشه: در این باره توضیحی بدهد.  {{پاورقی|۱}} من درست کمی پس از کودتا دستگیر شدم و مدت دو هفته در استادیوم ملی سانتیاگو زندانی بودم. یکی از همسایگانم مرا لو داده بود. آن‌ها منزل مرا پنج بار گشتند و به این نتیجه رسیدند که حرفهء من معلمی و تکنیسین ارتباطات ایت. چیز دیگری دستگیرشان نشد. هرگز نفهمیدند که یک فیلمسازم، در مدت بازداشتم، سایر اعضای گروه دور هم گرد آمده و خود را برای هرگونه اتفاقی د آینده آماده کرده بودند، [می پنداشتند] که به عنوان یک گروه دستگیرشان می‌کنند. گمان‌ می‌کردند که با دستگیر شدن من کار همه‌شان ساخته است. به هر حال با نقشه‌های زیرکانه‌ئی فیلم را قطعه قطعه از کشور خارج کردند و بعدها در کوبا ۶ ماه کشید تا آن‌ها را به یکدیگر متصل کردیم، از پنج نفر اعضای گروه چهارنفرشان تا مدتی پس از کودتا در زندان ماندند. منزل «فردریکو التون» مدیر تهیه فیلم، را گشته دوبار زیر و رو کردند. او را در زندان دانشکدهء افسری بازداشت کردند. زمانی که «برناردو منز» صدابردار،‌قسمتهای زیادی از فیلم را در اختیار داشت. آن‌ها ساختمانی که او در آن زندگی می‌کرد از بالا تا پایین گشتند، ولی آپارتمان او تصادفا مصون ماند. این خود یک تصادف محض و بازتابی از اوضاع نابسامان و استبدادی سراسری بود که در آن زمان تمام شیلی را فرا گرفته بود. دوران استبدادی فشار و اختناق تقریبا ۶ ماه طول کشید. مدتی بعد همهء سازمان‌های پلیسی و امنیتی تمرکز یافته تحت لوای‌«دینا» (سازمان اطلاعات و امنیت شیلی) گرد آمدند و با افزایش فشار و اختناق، خارج شدن از کشور از گذشته بسیار سخت‌تر شد.  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{تک ستاره}} ‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬آیا اعضای گروه خارج از کوبا هم در کنار هم بودند؟‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬ &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‫{{‬گلوله}} گرچه بیش‌تر ما اساسا راهی کشورهای متفاوت اروپائی شده بودیم ولی مجددا در هاوانا دور هم جمع شدیم. در مدت تدوین قسمت اول و دوم فیلم همهء ما، به جز «یورگ مولر»، در کنار هم بودیم. دستیار من گرچه دیگر در کوبا نیست ولی هنوز با ما در تماس است. تهیه‌کنندهء فیلم که در حال حاضر مسئول پخش جهانی فیلم است. در پاریس زندگی می‌کند، صدابردار فیلم با ‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬ کارلوس سائورا‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬ {{پاورقی|۲}} در اسپانیا همکاری دارد ولی تماس خود را همچنان با ما حفظ کرده است. «پدرو چاسکل» تدوینگر فیلم و «مارتا هارنکر» که جز مشاوران بود در کوبا هستند.  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{تک ستاره}} ‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬آیا قبل از آن که به کوبا بیائید هیچ تلاش کردید که برای پایان دادن به فیلم از کشورهای اروپائی کمک مالی بگیرید؟‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‫{{‬گلوله}} بله. ما از «کریس مارکر» که به‌هر حال در جریان ساختن فیلم بود تقاضای کمک مالی کردیم. «کریس» با ‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬سیمون سینیوره‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬، ‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬ایرمونتان‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬ و ‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬فردریک دوزیف‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬ و دیگران صحبت کرد. ولی من به تدریج به این نکته پی بردم که این فیلم کار عظیمی است، و یک فیلم نیست بلکه چندین فیلم است. دیگر آن که برای این که تدوین فیلم با آرامش کامل صورت گیرد، نیاز به امنیت و آسودگی خاطر است. نمی‌بایست فیلم را درجریان برنامهء فیلمسازی رایج انداخت، به این معنی که مثلا سه ماه برای تدوین، سه ماه برای صدابرداری و غیره وقت صرف کرد، که به این طریق ناممکن بود و بنابراین به «کریس» گفتم که ما واقعا به خیلی پول نیاز داریم،‌زیرا باید زندگی اعضای گروه و خانوادهء آن‌ها را تامین کنیم. حتی باید با آدم‌های تازه‌ئی قرارداد ببندیم تا کارها به سرانجام برسد. از نظر ما زمان چندان مهم نبود چون ده سال دیگر هم این فیلم اهمیت خود را از دست نمی‌دهد. «کریس» این استدلال مرا درک کرد. مدت‌ها ملاقات‌ها و مذاکرات ما با افراد گوناگون بی‌نتیجه ماند. بعد زمانی فرا رسید که ما با ‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬آلفردو گوئه وارا ‪ &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬ و  ‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬سول یلین‪  &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬ {{پاورقی|۳}} از سازمان سینمایی کوبا ملاقات کردیم. آن ها به ما گفتند که مایلند از ما دعوت کنند که به هاوانا آمده فیلم را تمام کنیم و به‌این ترتیب همهء کارها مرتب شد. طی دوران فیلمبرداری از طریق مکاتبه از راهنمائی‌های مفید «کریس مارکر» استفاده کردیم.  «کریس مارکر» یکی از سالم‌ترین فیلمسازان فرانسوی است که از نظر دانش سیاسی و ایدئولوژیکی با ما همفکری داشت و از واقعیتگرایی سیاسی ‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬خولیو گارسیا اسپینوزا‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬، با توجه به‌فیلمی که ساخته بود و مطلب او به‌نام «برای یک سینمای ناقص» بسیار بهره بردیم. وقتی به کوبا رسیدیم هنوز هم گیج و مات بودیم و از یکدیگر می‌پرسیدیم که این قضیه چگونه اتفاق افتاد؟ و این «خولیو» به ما کمک کرد تا خود را تئوری‌وار به آن‌چه در شیلی رخ داده بود همساز کرده با آرامش کافی کار کنیم. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‫{{‬تک ستاره}} ‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬آیا از استقبال جهانی که از فیلم «نبرد شیلی» کردند،‌ تعجب کردید؟ ‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‫{{‬گلوله}} بله. چون فکر می‌کردم که فیلم سنگین و مشکلی است و با تماشاگر هیچ‌ گونه رابطه‌ئی برقرار نمی‌کند. فیلمی بود خشک و ظاهرا سرد،‌ ولی علی رغم همه این ها فیلم را به جشنواره های سینمائی اروپا خواستند که این استقبال برای یک فیلم مستند بیسابقه بود. در بعضی از کشورهای اروپائی که موازنه های سیاسی ویژه ئی با آن چه در شیلی می گذشت، مانند، فرانسه و ایتالیا یا اسپانیا و حتی پرتقال، کوجود بود، نمایش فیلم تاثیر فراوانی داشت. به طور کلی فیلم های مختلف براساس محتوائی که ارائه می دهند، بازتاب های متفاوتی دارند. یک فیلم بر اسا سطح به خصوص آگاهی طبقاتی موجود پذیرفته می شود یا نمی شود. مثلا در اسپانیا واکنش به این فیلم و هر کادر آن به قدری شدید بود که اگر به آنجا می رفتید آن واکنش را تقریبا به عنوان نوعی از خود بیگانه سازی می دیدید. وقتی که دیدم پنج هزار تماشاگر با احترامی باورنکردنی و تقریبا مذهبی به تماشای فیلم نشسته اند، همان احساسی به من دست داد که هنگام دیدن فیلمی از سانتیاگو آلوترز{{نشان|۴}} در شیلی داشتم، می دانید اصلا خوبی و بدی فیلم مطرح نبود این مهم بود که ما در دوره بسیار سختی از مبارزات طبقاتی زندگی می کردیم که ما را وادار می کرد به آن چه سخت بر پرده سینما در جریان بود پاسخ دهیم.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‫{{‬تک ستاره}} &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;واکنش مردم در فرانسه به این فیلم چه بود؟&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{گلوله}} در فرانسه فیلم یشتر در سطح توده مردم به نمایش درآمد، ولی روشنفکران که معمولا جزو بینندگان این گونه فیلم ها هستند بسیار بی علاقه اند. آن ها عادت دارند که آن چه فیلم می بینند مورد انتقاد قرار قرار داده آن را در بوته تجزیه و تحلیل روشنفکرانه سختی قرار می دهند. ولی بسیاری از منتقدان دست چپی فرانسوی پس از دیدن قسمت دوم فیلم سخت به تعجب افتادند. مثلا مارسل مارتن پنج بار این فیلم را دید. چیزی به من نگفت ولی وقتی از سینما بیرون می آمد ه من لبخند زد. لوئی مارکول چهار بار فیلم را دید. آن ها فهمیدند که این اثر فیلمی به مفهوم سنتی نیست زیرا هیچ گونه ساخت داستانی، تقطه اوج و نتیجه گیری ندارد و از تراکم اطلاعات برخوردار است که در کم تر اثر مستندی دیده شده است. ولی سایر منتقدان که عادت داشتند نوعی نقد نویسی آسان و فرمولی انجام دهند کاملا فلج شده بودند. به طور کلی نظرات شان در مورد فیلم ناقص بود. این قضیه تا حدی به نومیدی نیروهای انقلابی فرانسه بستگی دارد. حیات بیشتر گروه های دست چپی از میان رفته، مرام ضد شوروی آن ها، نداشتن نمونه های انقلابی، و شکست آن ها در همکاری نکردن واقعی با جوانان در یک جنبش مبارز، خود موجب بیعلاقگی روزافزون مردم شده است. روشی که مردم در فرانسه در مورد درک&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==یادداشت‌ها==&lt;br /&gt;
#{{پاورقی|۱}}. نگاه کنید به مطلب &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;«شکنجه و کشتار فیلمسازان در آمریکای لاتین»&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; در شمارهٔ ۱۷ &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;کتاب جمعه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;.&lt;br /&gt;
#{{پاورقی|۲}}. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;کارلوس سائو را&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، یکی از فیلمسازان بزرگ و اندیشمند اسپانیائی است که آخرین اثرش به نام Raise Ravens برندهٔ جایزهٔ ویژهٔ هیآت داوران &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;جشنواره سینمائی کان&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; در سال ۱۹۷۶ شد.&lt;br /&gt;
#{{پاورقی|۳}}. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;آلفردو گوئه‌وارا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، یکی از سینماگران &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سازمان سینمایی کوبا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; از زمان پیدایش این مؤسسه در سال ۱۹۶۹ است. او اخیراً به‌َنوان معاون فرهنگی انجام وظیفه می‌کند. «سول یلین» رئیس توسعه و روابط بین‌المللی و نیروی عظیم رهبری در همین سازمان بود. او در فوریه سال ۱۹۷۷ بر اثر حملهٔٔ قلبی در گذشت.&lt;br /&gt;
#{{پاورقی|۴}}. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سانتیاگو آلوارز&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، کارگردان مجموعهٔ فیلم‌های «اخبار هفتگی آمریکای لاتین» از &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سازمان سینمائی کوبا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; است که به خاطر ساختن فیلم‌های مستند تجربیش شهرت بین‌المللی فراوانی کسب کرده است. در میان فیلم‌های مشهوری که او ساخته می‌توان از این فیلم‌ها یاد کرد: &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;«حالا» (۱۹۶۳)&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، دربارهٔ تبعیضات نژادی آمریکا و &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;«هفتاد و نُه بهار هوشی مین» (۱۹۶۹)&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; که ستایشی شاعرانه از رهبر ویتنام است.&lt;br /&gt;
#{{پاورقی|۵}}. فیلم &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;«قلب‌ها و مغزها»&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; به کارگردانی «پیتر دیویس» از آثار جدیدی است که دربارهٔ ویتنام ساخته‌اند. این فیلم مستند رنگی در یک بررسی دقیق و شتابزده وضعیت تاریخی ویتنام را نشان می‌دهد. این فیلم تا کنون دوبار در تلویزیون جمهوری اسلامی به‌نمایش در آمده است.&lt;br /&gt;
#{{پاورقی|۶}}. فیلم &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;«مارپیچ»&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; را «والری مایو» دستیار «کریس مارکر» در تدوین فیلم «نبرد ده میلیونی» و «آرمان ماتلار» و «میشل ماتلار» ساخته‌اند. دو نفر اخیر در بررسی امپریالیسم فرهنگی و رسانه‌های گروهی در جهان سوم نظریه‌پردازان معروف محسوب می‌شوند. این دو نفر قبل از آن که در اثر کودتا مجبور به‌ترک شیلی شوند بیش از ده سال در این کشور زندگی کرده و به‌مطالعات با ارزش خود ادامه داده‌اند. «کریس مارکر» نیز در ساختن فیلم «مارپیچ» با آن‌ها همکاری داشته است.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[رده:کتاب جمعه ۲۶]]&lt;br /&gt;
[[رده:کتاب جمعه]]&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Pouya</name></author>
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		<title>سینمای مستند سیاسی ۲</title>
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		<updated>2011-10-25T10:47:44Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;Pouya: &lt;/p&gt;
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&lt;div&gt;[[Image:26-128.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۲۸|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۲۸]]&lt;br /&gt;
[[Image:26-129.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۲۹|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۲۹]]&lt;br /&gt;
[[Image:26-130.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۳۰|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۳۰]]&lt;br /&gt;
[[Image:26-131.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۳۱|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۳۱]]&lt;br /&gt;
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[[Image:26-133.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۳۳|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۳۳]]&lt;br /&gt;
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[[Image:26-138.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۳۸|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۳۸]]&lt;br /&gt;
[[Image:26-139.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۳۹|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۳۹]]&lt;br /&gt;
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‫{{‬تک ستاره}}  &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;این درگیری‌های شدید ایدئولوژیکی در «شیلی فیلمز» در متن مبارزه، چه‌گونه در سایر بخش‌های رسانه‌های ارتباط جمعی آن زمان تاثیر داشت؟ &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{گلوله}} وقایعی که در سازمان اتفاق افتاد شباهت زیادی دارد با آن‌چه در تلویزیون، روزنامه  و ایستگاه‌های رادیوئی اتفاق افتاد. تفاوت فقط اینجا بود که ایستگاه‌های رادیو در دست مالکان خصوصی بود. اگر شما یک ایستگاه رادیوئی در اختیار داشته باشید می‌توانید آن نظرگاه ایدئولوژیکی را که نمایانگر این ایستگاه به خصوص است کنترل کنید. اگر این ایستگاه را حزب به خصوصی کنترل کند،‌باید پیرو همان خط به خصوص حزبی باشد و هیچ‌گونه درگیری داخلی وجود ندارد. همین نکته دربارهء مطبوعات هم صادق است. نظریات مختلف بیانگر آرا و نظرگاه‌های گوناگون منافع افرادی است که بر آن‌ها نظارت دارند. مبارزه در مدار تلویزیونی نیز مبارزهء بسیار شدیدی بود چون همهء خطوط سیاسی می‌بایست در یک کانال منحصر به فرد در کنار هم قرار‌ بگیرند. ولی لااقل تصویر جبههء مخالف در این رسانهء جمعی آشکارتر بود. در کشور شیلی هیچ‌گونه فیلمساز دست راستی وجود دنداشت. کارکنانی که بخشی از «شیلی‌فیلمز» را تشکیل می‌دادند همگی دست‌چپی بودند ولی بیش از نیمی از تلویزیون در دست تکنسین‌ها و کارگردان‌هائی بود که به احزاب راست‌گرا یا دمکرات مسیحی‌ها تعلق داشتند. کانال هتف دولتی بود که می‌بایست میان همهء نیروهای سیاسی موجود، مشتمل بر گروه‌های دست راستی مشترک باشد. امّا  کانال ۹ کاملاُ در دست افراد گروه‌های چپی بود. قانون {شیلی} تصریح داشت که هر ایستگاه تلویزیونی باید زمان معینی را در اختیار حزب ملی و یا حزب دمکرات مسیحی و جز آن بگذارد و به‌همین ترتیب وقت معین را در احتیار هر بخش جداگانه حزب ائتلافی چپ قرار دهد. کانال ۹ تنها کانالی بود که هدفش طبقهء کارگر بود. گرچه وسائل با ارزش و مفید فنی در اختیار نداشت و به همین دلیل آنتن آن بسیار ضعیف بود و فقط در پایتخت قابل استفاده بود نه در شهرستان‌ها. به طور کلی دست راستی‌ها دائما در مبارزات ایدئولوژیک پیروز می‌شند زیرا تسهیلات بیش‌تری در اختیار داشتند، منجمله هفتاد درصد ایستگاه‌های رادیو و هشتاد درصد مطبوعات را، در تیجه همواره به زیان ما بود. هیچ‌گونه راهی برای غلبه به این مشکل وجود نداشت و این خاطر وضع ناجوری بود که درگیر آن بودیم. ولی مساله به خاطر این واقعیت که ما دست چپی‌ها همیشه به حداقل دو   یا سه استراتژی رقابت‌آمیز تقسیم می‌شدیم، تشدید می‌شد. مثلاً یک گروه‌ احساس می‌کرد که تلویزیون باید آرام و محتاطانه و به‌صورت عینی فعالیت کند. زیرا اکثریت آن‌هائی که درمنزل‌شان تلویزیون دارند افراد خرده بورژوائی هستند که طبیعتا حامی دمکرات مسیحی‌ها هستند. بنابراین با یکدیگر بگومگوهائی داشتند که اگر بتوان به‌قصد به‌حرکت در آرودن مردم نوعی مبارزه و جنبش را برنامه‌ریزی کرد، در آن صورت با این گروه از جمعیت کشور به مخالفت برخاسته‌ایم. سپس آن‌ّا غوغا به‌راه انداخته اعتراض خواهند کرد که دولت سعی‌ داشته که مردم را با زیرکی خاصی وادار به انجام کاری کند و معهذا درگیری دیگری برای ما ایجاد شده است. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
گروه دیگری عقیده داشت که در کار برنامه‌ریزی محتاط یا آرام بودن اهمیتی ندارد زیرا همواره هدف آماج اتهام‌های طبقهء خرده بورژوا هستیم و چون همواره این قضیه به یان ما بوده است بهتر است از هرگونه امتیاز جشم‌پوشی کرده در عوض کلیهء نیروهای خود را در راه ایجاد نوعی برنامه‌رزیزی مبارزه‌جویانه  به نیّت به حرکت در آوردن کارگران و روستائیان در جهت تهاجمی به‌کار گیریم. رسانه‌ها مستقل یا منزوی نبوده بلکه بخشی از مبارزهء سیاسی محسوب می‌شدند. دو قطب مضاد، یعنی نیروی ملی و استراتژی جبههء ضد فاشیستی، بین خودشان به مبارزه پرداخته دائماً بحث می‌کردند تا بالاخره روز کودتا فرا رسید. گرچه این واقعیتی است که منافع امپریالیستی، بازتاب‌های بین‌المللی و بورژوای ملی در کودتا مسئولیتی مشترک دارند، ولی شکست به واسطهء فقدانرهبری سیاسی متحد در میان نیروهای چپ و حرکت نوسانی دائم بین دو استراتژی مخالف و بحث‌های ایدئولوژیکی دربارهء مسائلی بود که باید انجام گیرد. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‫{{‬تک ستاره}} ‫ &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;آیا کلیه فعالیت‌های شما با کودتای یازدهم سپتامبر ۱۹۷۳ متوقف شد؟&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{گلوله}} ما در واقع پس از کودتا نیز تا آنجا که فیلم خام داشتیم به کار فیلمسازی ادامه دادیم ولی بیش‌تر از گوشهء امن اطاق‌های نشیمن خود و از صفحه تلویزیون بود. مثلا هیچ‌کس در دنیا از ما انتظار نداشت که از نخستین اعلامیهء حکومت نظامی در نخستین شب کودتا از تلویزیون فیلمبرداری کنیم. فیلم‌های دیگری نیز داشتیم مانند مراسم سوگند خوردن رهبران نظامی کودتا، بمباران کاخ «آلنده» از نظرگاه ارتش وغیره. در حال حاضر به نظر باور کردنی نمی‌رسد که آن‌ها چنین چیز‌هائی را از طریق تلویزیون نشان‌داده باشند این  مساله نشانهء نادرستی قضاوت آن‌ها و جهل آن‌ها از سرشت وسائل ارتباط جمعی است. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‫{{‬تک ستاره}}  &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;آیا کودتا اعضای گروه سازندهء فیلم را در خطری حتمی قرار داد؟ چند نفر ازشما کشور را ترک گفتید؟ &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{گلوله}}  پس از کودتا، همهء اعضای گروه سازندهء فیلم به استثنای یک نمونه وخیم و بسیار سخت شیلی را ترک‌ گفتند. ما در نظر داشتیم که منظماً به‌طور متناوب، بدون تقاضای پناهندگی از هر یک از سفارتخانه‌ها از این طریق از کشور خارج شویم،‌چون می‌دانستیم که افراد بسیاری مهم‌تر از ما نیز هستند، به نحوی خود را استتار کرده بودیم که هیچ کس نتواند بفهمد فیلمساز هستیم و به این ترتیب اجازه خروج از کشور را داشته باشیم. چنان که گفتم ما طی یک نظم و ترتیب از پیش سازمان یافته شیلی را ترک کردیم، دستایر کارگردان نخستین کسی بود که از شیلی بیرون آمد. او اسپانیائی بود که همچون سایر افراد خارجی به خاطر بیگانه‌ترسی دولت نظامی در معرض خطر بزرگی قرار داشت. دومین نفر من بودم و پس از من تهیه‌کننده و بعد صدابردار به ما پیوستند. قرار بر این شده بود که فیلمبردار ما &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;یورگ مولر&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;  آخرین نفر باشد. او می‌خواست که در کارهای تبلیغاتی کاری به عنوان یک تکنیسین داشته باشد ولی در ماه نوامبر سال ۱۹۷۴ که بیش از یک سال از کودتا می‌گذشت او و دوستش «کارمن بوئینتو« دستگیر و زندانی شدند. این حرکت رژیم یک حرکت کاملا نامنتظره بود. هیچ‌ گونه دلیلی علیه آن‌ها وجود نداشت و تاکنون نیز اتهامی به آن‌ها زده نشده است. می‌توان گفت که آن دو نفر اساسا ناپدید شده‌اند. خانوادهء آن‌ها با همهء تلاش‌هائی که کردند هرگز نتیجه نگرفتند. دولست‌های سوئد و آلمان رسما آزادی «مولر» را تقاضا کرده‌اند ولی دولت ژنرال پینوشه همچنان جتی دستگیر شدن آن‌ها را هم تکذیب می‌کند. یقین ما در مورد «کارمن بوئینو» این است که در حقیقت رژیم نظامی او را کشته است ولی از &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; مولر&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;  هیچ خبری در دست نیست. اقدامات اساسی برای آزادی او همچنان ادامه دارد و همین‌طور ادامه خواهد یافت تا رژیم «پینوشه: در این باره توضیحی بدهد.  {{پاورقی|۱}} من درست کمی پس از کودتا دستگیر شدم و مدت دو هفته در استادیوم ملی سانتیاگو زندانی بودم. یکی از همسایگانم مرا لو داده بود. آن‌ها منزل مرا پنج بار گشتند و به این نتیجه رسیدند که حرفهء من معلمی و تکنیسین ارتباطات ایت. چیز دیگری دستگیرشان نشد. هرگز نفهمیدند که یک فیلمسازم، در مدت بازداشتم، سایر اعضای گروه دور هم گرد آمده و خود را برای هرگونه اتفاقی د آینده آماده کرده بودند، {می پنداشتند} که به عنوان یک گروه دستگیرشان می‌کنند. گمان‌ می‌کردند که با دستگیر شدن من کار همه‌شان ساخته است. به هر حال با نقشه‌های زیرکانه‌ئی فیلم را قطعه قطعه از کشور خارج کردند و بعدها در کوبا ۶ ماه کشید تا آن‌ها را به یکدیگر متصل کردیم، از پنج نفر اعضای گروه چهارنفرشان تا مدتی پس از کودتا در زندان ماندند. منزل «فردریکو التون» مدیر تهیه فیلم، را گشته دوبار زیر و رو کردند. او را در زندان دانشکدهء افسری بازداشت کردند. زمانی که «برناردو منز» صدابردار،‌قسمتهای زیادی از فیلم را در اختیار داشت. آن‌ها ساختمانی که او در آن زندگی می‌کرد از بالا تا پایین گشتند، ولی آپارتمان او تصادفا مصون ماند. این خود یک تصادف محض و بازتابی از اوضاع نابسامان و استبدادی سراسری بود که در آن زمان تمام شیلی را فرا گرفته بود. دوران استبدادی فشار و اختناق تقریبا ۶ ماه طول کشید. مدتی بعد همهء سازمان‌های پلیسی و امنیتی تمرکز یافته تحت لوای‌«دینا» (سازمان اطلاعات و امنیت شیلی) گرد آمدند و با افزایش فشار و اختناق، خارج شدن از کشور از گذشته بسیار سخت‌تر شد.  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{تک ستاره}} ‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬آیا اعضای گروه خارج از کوبا هم در کنار هم بودند؟‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬ &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‫{{‬گلوله}} گرچه بیش‌تر ما اساسا راهی کشورهای متفاوت اروپائی شده بودیم ولی مجددا در هاوانا دور هم جمع شدیم. در مدت تدوین قسمت اول و دوم فیلم همهء ما، به جز «یورگ مولر»، در کنار هم بودیم. دستیار من گرچه دیگر در کوبا نیست ولی هنوز با ما در تماس است. تهیه‌کنندهء فیلم که در حال حاضر مسئول پخش جهانی فیلم است. در پاریس زندگی می‌کند، صدابردار فیلم با ‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬ کارلوس سائورا‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬ {{پاورقی|۲}} در اسپانیا همکاری دارد ولی تماس خود را همچنان با ما حفظ کرده است. «پدرو چاسکل» تدوینگر فیلم و «مارتا هارنکر» که جز مشاوران بود در کوبا هستند.  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{تک ستاره}} ‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬آیا قبل از آن که به کوبا بیائید هیچ تلاش کردید که برای پایان دادن به فیلم از کشورهای اروپائی کمک مالی بگیرید؟‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‫{{‬گلوله}} بله. ما از «کریس مارکر» که به‌هر حال در جریان ساختن فیلم بود تقاضای کمک مالی کردیم. «کریس» با ‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬سیمون سینیوره‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬، ‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬ایرمونتان‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬ و ‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬فردریک دوزیف‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬ و دیگران صحبت کرد. ولی من به تدریج به این نکته پی بردم که این فیلم کار عظیمی است، و یک فیلم نیست بلکه چندین فیلم است. دیگر آن که برای این که تدوین فیلم با آرامش کامل صورت گیرد، نیاز به امنیت و آسودگی خاطر است. نمی‌بایست فیلم را درجریان برنامهء فیلمسازی رایج انداخت، به این معنی که مثلا سه ماه برای تدوین، سه ماه برای صدابرداری و غیره وقت صرف کرد، که به این طریق ناممکن بود و بنابراین به «کریس» گفتم که ما واقعا به خیلی پول نیاز داریم،‌زیرا باید زندگی اعضای گروه و خانوادهء آن‌ها را تامین کنیم. حتی باید با آدم‌های تازه‌ئی قرارداد ببندیم تا کارها به سرانجام برسد. از نظر ما زمان چندان مهم نبود چون ده سال دیگر هم این فیلم اهمیت خود را از دست نمی‌دهد. «کریس» این استدلال مرا درک کرد. مدت‌ها ملاقات‌ها و مذاکرات ما با افراد گوناگون بی‌نتیجه ماند. بعد زمانی فرا رسید که ما با ‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬آلفردو گوئه وارا‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬ و ‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬سول یلین‪&amp;quot;&amp;#039;‬ {{پاورقی|۳}} از سازمان سینمایی کوبا ملاقات کردیم. آن ها به ما گفتند که مایلند از ما دعوت کنند که به هاوانا آمده فیلم را تمام کنیم و به‌این ترتیب همهء کارها مرتب شد. طی دوران فیلمبرداری از طریق مکاتبه از راهنمائی‌های مفید «کریس مارکر» استفاده کردیم.  «کریس مارکر» یکی از سالم‌ترین فیلمسازان فرانسوی است که از نظر دانش سیاسی و ایدئولوژیکی با ما همفکری داشت و از واقعیتگرایی سیاسی ‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬خولیو گارسیا اسپینوزا‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬، با توجه به‌فیلمی که ساخته بود و مطلب او به‌نام «برای یک سینمای ناقص» بسیار بهره بردیم. وقتی به کوبا رسیدیم هنوز هم گیج و مات بودیم و از یکدیگر می‌پرسیدیم که این قضیه چگونه اتفاق افتاد؟ و این «خولیو» به ما کمک کرد تا خود را تئوری‌وار به آن‌چه در شیلی رخ داده بود همساز کرده با آرامش کافی کار کنیم. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‫{{‬تک ستاره}} ‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬آیا از استقبال جهانی که از فیلم «نبرد شیلی» کردند،‌ تعجب کردید؟ ‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‫{{‬گلوله}} بله. چون فکر می‌کردم که فیلم سنگین و مشکلی است و با تماشاگر هیچ‌ گونه رابطه‌ئی برقرار نمی‌کند. فیلمی بود خشک و ظاهرا سرد،‌ ولی علی رغم همه این ها فیلم را به جشنواره های سینمائی اروپا خواستند که این استقبال برای یک فیلم مستند بیسابقه بود. در بعضی از کشورهای اروپائی که موازنه های سیاسی ویژه ئی با آن چه در شیلی می گذشت، مانند، فرانسه و ایتالیا یا اسپانیا و حتی پرتقال، کوجود بود، نمایش فیلم تاثیر فراوانی داشت. به طور کلی فیلم های مختلف براساس محتوائی که ارائه می دهند، بازتاب های متفاوتی دارند. یک فیلم بر اسا سطح به خصوص آگاهی طبقاتی موجود پذیرفته می شود یا نمی شود. مثلا در اسپانیا واکنش به این فیلم و هر کادر آن به قدری شدید بود که اگر به آنجا می رفتید آن واکنش را تقریبا به عنوان نوعی از خود بیگانه سازی می دیدید. وقتی که دیدم پنج هزار تماشاگر با احترامی باورنکردنی و تقریبا مذهبی به تماشای فیلم نشسته اند، همان احساسی به من دست داد که هنگام دیدن فیلمی از سانتیاگو آلوترز{{نشان|۴}} در شیلی داشتم، می دانید اصلا خوبی و بدی فیلم مطرح نبود این مهم بود که ما در دوره بسیار سختی از مبارزات طبقاتی زندگی می کردیم که ما را وادار می کرد به آن چه سخت بر پرده سینما در جریان بود پاسخ دهیم.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‫{{‬تک ستاره}} &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;واکنش مردم در فرانسه به این فیلم چه بود؟&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{گلوله}} در فرانسه فیلم یشتر در سطح توده مردم به نمایش درآمد، ولی روشنفکران که معمولا جزو بینندگان این گونه فیلم ها هستند بسیار بی علاقه اند. آن ها عادت دارند که آن چه فیلم می بینند مورد انتقاد قرار قرار داده آن را در بوته تجزیه و تحلیل روشنفکرانه سختی قرار می دهند. ولی بسیاری از منتقدان دست چپی فرانسوی پس از دیدن قسمت دوم فیلم سخت به تعجب افتادند. مثلا مارسل مارتن پنج بار این فیلم را دید. چیزی به من نگفت ولی وقتی از سینما بیرون می آمد ه من لبخند زد. لوئی مارکول چهار بار فیلم را دید. آن ها فهمیدند که این اثر فیلمی به مفهوم سنتی نیست زیرا هیچ گونه ساخت داستانی، تقطه اوج و نتیجه گیری ندارد و از تراکم اطلاعات برخوردار است که در کم تر اثر مستندی دیده شده است. ولی سایر منتقدان که عادت داشتند نوعی نقد نویسی آسان و فرمولی انجام دهند کاملا فلج شده بودند. به طور کلی نظرات شان در مورد فیلم ناقص بود. این قضیه تا حدی به نومیدی نیروهای انقلابی فرانسه بستگی دارد. حیات بیشتر گروه های دست چپی از میان رفته، مرام ضد شوروی آن ها، نداشتن نمونه های انقلابی، و شکست آن ها در همکاری نکردن واقعی با جوانان در یک جنبش مبارز، خود موجب بیعلاقگی روزافزون مردم شده است. روشی که مردم در فرانسه در مورد درک&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==یادداشت‌ها==&lt;br /&gt;
#{{پاورقی|۱}}. نگاه کنید به مطلب &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;«شکنجه و کشتار فیلمسازان در آمریکای لاتین»&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; در شمارهٔ ۱۷ &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;کتاب جمعه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;.&lt;br /&gt;
#{{پاورقی|۲}}. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;کارلوس سائو را&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، یکی از فیلمسازان بزرگ و اندیشمند اسپانیائی است که آخرین اثرش به نام Raise Ravens برندهٔ جایزهٔ ویژهٔ هیآت داوران &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;جشنواره سینمائی کان&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; در سال ۱۹۷۶ شد.&lt;br /&gt;
#{{پاورقی|۳}}. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;آلفردو گوئه‌وارا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، یکی از سینماگران &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سازمان سینمایی کوبا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; از زمان پیدایش این مؤسسه در سال ۱۹۶۹ است. او اخیراً به‌َنوان معاون فرهنگی انجام وظیفه می‌کند. «سول یلین» رئیس توسعه و روابط بین‌المللی و نیروی عظیم رهبری در همین سازمان بود. او در فوریه سال ۱۹۷۷ بر اثر حملهٔٔ قلبی در گذشت.&lt;br /&gt;
#{{پاورقی|۴}}. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سانتیاگو آلوارز&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، کارگردان مجموعهٔ فیلم‌های «اخبار هفتگی آمریکای لاتین» از &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سازمان سینمائی کوبا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; است که به خاطر ساختن فیلم‌های مستند تجربیش شهرت بین‌المللی فراوانی کسب کرده است. در میان فیلم‌های مشهوری که او ساخته می‌توان از این فیلم‌ها یاد کرد: &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;«حالا» (۱۹۶۳)&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، دربارهٔ تبعیضات نژادی آمریکا و &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;«هفتاد و نُه بهار هوشی مین» (۱۹۶۹)&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; که ستایشی شاعرانه از رهبر ویتنام است.&lt;br /&gt;
#{{پاورقی|۵}}. فیلم &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;«قلب‌ها و مغزها»&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; به کارگردانی «پیتر دیویس» از آثار جدیدی است که دربارهٔ ویتنام ساخته‌اند. این فیلم مستند رنگی در یک بررسی دقیق و شتابزده وضعیت تاریخی ویتنام را نشان می‌دهد. این فیلم تا کنون دوبار در تلویزیون جمهوری اسلامی به‌نمایش در آمده است.&lt;br /&gt;
#{{پاورقی|۶}}. فیلم &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;«مارپیچ»&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; را «والری مایو» دستیار «کریس مارکر» در تدوین فیلم «نبرد ده میلیونی» و «آرمان ماتلار» و «میشل ماتلار» ساخته‌اند. دو نفر اخیر در بررسی امپریالیسم فرهنگی و رسانه‌های گروهی در جهان سوم نظریه‌پردازان معروف محسوب می‌شوند. این دو نفر قبل از آن که در اثر کودتا مجبور به‌ترک شیلی شوند بیش از ده سال در این کشور زندگی کرده و به‌مطالعات با ارزش خود ادامه داده‌اند. «کریس مارکر» نیز در ساختن فیلم «مارپیچ» با آن‌ها همکاری داشته است.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[رده:کتاب جمعه ۲۶]]&lt;br /&gt;
[[رده:کتاب جمعه]]&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Pouya</name></author>
	</entry>
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		<id>http://irpress.org/index.php?title=%D8%B3%DB%8C%D9%86%D9%85%D8%A7%DB%8C_%D9%85%D8%B3%D8%AA%D9%86%D8%AF_%D8%B3%DB%8C%D8%A7%D8%B3%DB%8C_%DB%B2&amp;diff=25501</id>
		<title>سینمای مستند سیاسی ۲</title>
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		<updated>2011-10-25T10:46:39Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;Pouya: &lt;/p&gt;
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&lt;div&gt;[[Image:26-128.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۲۸|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۲۸]]&lt;br /&gt;
[[Image:26-129.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۲۹|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۲۹]]&lt;br /&gt;
[[Image:26-130.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۳۰|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۳۰]]&lt;br /&gt;
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[[Image:26-134.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۳۴|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۳۴]]&lt;br /&gt;
[[Image:26-135.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۳۵|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۳۵]]&lt;br /&gt;
[[Image:26-136.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۳۶|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۳۶]]&lt;br /&gt;
[[Image:26-137.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۳۷|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۳۷]]&lt;br /&gt;
[[Image:26-138.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۳۸|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۳۸]]&lt;br /&gt;
[[Image:26-139.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۳۹|کتاب جمعه سال اول شماره ۲۶ صفحه ۱۳۹]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{در حال ویرایش}}&lt;br /&gt;
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‫{{‬تک ستاره}}  این درگیری‌های شدید ایدئولوژیکی در «شیلی فیلمز» در متن مبارزه، چه‌گونه در سایر بخش‌های رسانه‌های ارتباط جمعی آن زمان تاثیر داشت؟ &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{‫{‬گلوله}} وقایعی که در سازمان اتفاق افتاد شباهت زیادی دارد با آن‌چه در تلویزیون، روزنامه  و ایستگاه‌های رادیوئی اتفاق افتاد. تفاوت فقط اینجا بود که ایستگاه‌های رادیو در دست مالکان خصوصی بود. اگر شما یک ایستگاه رادیوئی در اختیار داشته باشید می‌توانید آن نظرگاه ایدئولوژیکی را که نمایانگر این ایستگاه به خصوص است کنترل کنید. اگر این ایستگاه را حزب به خصوصی کنترل کند،‌باید پیرو همان خط به خصوص حزبی باشد و هیچ‌گونه درگیری داخلی وجود ندارد. همین نکته دربارهء مطبوعات هم صادق است. نظریات مختلف بیانگر آرا و نظرگاه‌های گوناگون منافع افرادی است که بر آن‌ها نظارت دارند. مبارزه در مدار تلویزیونی نیز مبارزهء بسیار شدیدی بود چون همهء خطوط سیاسی می‌بایست در یک کانال منحصر به فرد در کنار هم قرار‌ بگیرند. ولی لااقل تصویر جبههء مخالف در این رسانهء جمعی آشکارتر بود. در کشور شیلی هیچ‌گونه فیلمساز دست راستی وجود دنداشت. کارکنانی که بخشی از «شیلی‌فیلمز» را تشکیل می‌دادند همگی دست‌چپی بودند ولی بیش از نیمی از تلویزیون در دست تکنسین‌ها و کارگردان‌هائی بود که به احزاب راست‌گرا یا دمکرات مسیحی‌ها تعلق داشتند. کانال هتف دولتی بود که می‌بایست میان همهء نیروهای سیاسی موجود، مشتمل بر گروه‌های دست راستی مشترک باشد. امّا  کانال ۹ کاملاُ در دست افراد گروه‌های چپی بود. قانون {شیلی} تصریح داشت که هر ایستگاه تلویزیونی باید زمان معینی را در اختیار حزب ملی و یا حزب دمکرات مسیحی و جز آن بگذارد و به‌همین ترتیب وقت معین را در احتیار هر بخش جداگانه حزب ائتلافی چپ قرار دهد. کانال ۹ تنها کانالی بود که هدفش طبقهء کارگر بود. گرچه وسائل با ارزش و مفید فنی در اختیار نداشت و به همین دلیل آنتن آن بسیار ضعیف بود و فقط در پایتخت قابل استفاده بود نه در شهرستان‌ها. به طور کلی دست راستی‌ها دائما در مبارزات ایدئولوژیک پیروز می‌شند زیرا تسهیلات بیش‌تری در اختیار داشتند، منجمله هفتاد درصد ایستگاه‌های رادیو و هشتاد درصد مطبوعات را، در تیجه همواره به زیان ما بود. هیچ‌گونه راهی برای غلبه به این مشکل وجود نداشت و این خاطر وضع ناجوری بود که درگیر آن بودیم. ولی مساله به خاطر این واقعیت که ما دست چپی‌ها همیشه به حداقل دو   یا سه استراتژی رقابت‌آمیز تقسیم می‌شدیم، تشدید می‌شد. مثلاً یک گروه‌ احساس می‌کرد که تلویزیون باید آرام و محتاطانه و به‌صورت عینی فعالیت کند. زیرا اکثریت آن‌هائی که درمنزل‌شان تلویزیون دارند افراد خرده بورژوائی هستند که طبیعتا حامی دمکرات مسیحی‌ها هستند. بنابراین با یکدیگر بگومگوهائی داشتند که اگر بتوان به‌قصد به‌حرکت در آرودن مردم نوعی مبارزه و جنبش را برنامه‌ریزی کرد، در آن صورت با این گروه از جمعیت کشور به مخالفت برخاسته‌ایم. سپس آن‌ّا غوغا به‌راه انداخته اعتراض خواهند کرد که دولت سعی‌ داشته که مردم را با زیرکی خاصی وادار به انجام کاری کند و معهذا درگیری دیگری برای ما ایجاد شده است. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
گروه دیگری عقیده داشت که در کار برنامه‌ریزی محتاط یا آرام بودن اهمیتی ندارد زیرا همواره هدف آماج اتهام‌های طبقهء خرده بورژوا هستیم و چون همواره این قضیه به یان ما بوده است بهتر است از هرگونه امتیاز جشم‌پوشی کرده در عوض کلیهء نیروهای خود را در راه ایجاد نوعی برنامه‌رزیزی مبارزه‌جویانه  به نیّت به حرکت در آوردن کارگران و روستائیان در جهت تهاجمی به‌کار گیریم. رسانه‌ها مستقل یا منزوی نبوده بلکه بخشی از مبارزهء سیاسی محسوب می‌شدند. دو قطب مضاد، یعنی نیروی ملی و استراتژی جبههء ضد فاشیستی، بین خودشان به مبارزه پرداخته دائماً بحث می‌کردند تا بالاخره روز کودتا فرا رسید. گرچه این واقعیتی است که منافع امپریالیستی، بازتاب‌های بین‌المللی و بورژوای ملی در کودتا مسئولیتی مشترک دارند، ولی شکست به واسطهء فقدانرهبری سیاسی متحد در میان نیروهای چپ و حرکت نوسانی دائم بین دو استراتژی مخالف و بحث‌های ایدئولوژیکی دربارهء مسائلی بود که باید انجام گیرد. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‫{{‬تک ستاره}} ‫ &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;آیا کلیه فعالیت‌های شما با کودتای یازدهم سپتامبر ۱۹۷۳ متوقف شد؟&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{گلوله}} ما در واقع پس از کودتا نیز تا آنجا که فیلم خام داشتیم به کار فیلمسازی ادامه دادیم ولی بیش‌تر از گوشهء امن اطاق‌های نشیمن خود و از صفحه تلویزیون بود. مثلا هیچ‌کس در دنیا از ما انتظار نداشت که از نخستین اعلامیهء حکومت نظامی در نخستین شب کودتا از تلویزیون فیلمبرداری کنیم. فیلم‌های دیگری نیز داشتیم مانند مراسم سوگند خوردن رهبران نظامی کودتا، بمباران کاخ «آلنده» از نظرگاه ارتش وغیره. در حال حاضر به نظر باور کردنی نمی‌رسد که آن‌ها چنین چیز‌هائی را از طریق تلویزیون نشان‌داده باشند این  مساله نشانهء نادرستی قضاوت آن‌ها و جهل آن‌ها از سرشت وسائل ارتباط جمعی است. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‫{{‬تک ستاره}}  &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;آیا کودتا اعضای گروه سازندهء فیلم را در خطری حتمی قرار داد؟ چند نفر ازشما کشور را ترک گفتید؟ &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{گلوله}}  پس از کودتا، همهء اعضای گروه سازندهء فیلم به استثنای یک نمونه وخیم و بسیار سخت شیلی را ترک‌ گفتند. ما در نظر داشتیم که منظماً به‌طور متناوب، بدون تقاضای پناهندگی از هر یک از سفارتخانه‌ها از این طریق از کشور خارج شویم،‌چون می‌دانستیم که افراد بسیاری مهم‌تر از ما نیز هستند، به نحوی خود را استتار کرده بودیم که هیچ کس نتواند بفهمد فیلمساز هستیم و به این ترتیب اجازه خروج از کشور را داشته باشیم. چنان که گفتم ما طی یک نظم و ترتیب از پیش سازمان یافته شیلی را ترک کردیم، دستایر کارگردان نخستین کسی بود که از شیلی بیرون آمد. او اسپانیائی بود که همچون سایر افراد خارجی به خاطر بیگانه‌ترسی دولت نظامی در معرض خطر بزرگی قرار داشت. دومین نفر من بودم و پس از من تهیه‌کننده و بعد صدابردار به ما پیوستند. قرار بر این شده بود که فیلمبردار ما &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;یورگ مولر&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;  آخرین نفر باشد. او می‌خواست که در کارهای تبلیغاتی کاری به عنوان یک تکنیسین داشته باشد ولی در ماه نوامبر سال ۱۹۷۴ که بیش از یک سال از کودتا می‌گذشت او و دوستش «کارمن بوئینتو« دستگیر و زندانی شدند. این حرکت رژیم یک حرکت کاملا نامنتظره بود. هیچ‌ گونه دلیلی علیه آن‌ها وجود نداشت و تاکنون نیز اتهامی به آن‌ها زده نشده است. می‌توان گفت که آن دو نفر اساسا ناپدید شده‌اند. خانوادهء آن‌ها با همهء تلاش‌هائی که کردند هرگز نتیجه نگرفتند. دولست‌های سوئد و آلمان رسما آزادی «مولر» را تقاضا کرده‌اند ولی دولت ژنرال پینوشه همچنان جتی دستگیر شدن آن‌ها را هم تکذیب می‌کند. یقین ما در مورد «کارمن بوئینو» این است که در حقیقت رژیم نظامی او را کشته است ولی از &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; مولر&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;  هیچ خبری در دست نیست. اقدامات اساسی برای آزادی او همچنان ادامه دارد و همین‌طور ادامه خواهد یافت تا رژیم «پینوشه: در این باره توضیحی بدهد.  {{پاورقی|۱}} من درست کمی پس از کودتا دستگیر شدم و مدت دو هفته در استادیوم ملی سانتیاگو زندانی بودم. یکی از همسایگانم مرا لو داده بود. آن‌ها منزل مرا پنج بار گشتند و به این نتیجه رسیدند که حرفهء من معلمی و تکنیسین ارتباطات ایت. چیز دیگری دستگیرشان نشد. هرگز نفهمیدند که یک فیلمسازم، در مدت بازداشتم، سایر اعضای گروه دور هم گرد آمده و خود را برای هرگونه اتفاقی د آینده آماده کرده بودند، {می پنداشتند} که به عنوان یک گروه دستگیرشان می‌کنند. گمان‌ می‌کردند که با دستگیر شدن من کار همه‌شان ساخته است. به هر حال با نقشه‌های زیرکانه‌ئی فیلم را قطعه قطعه از کشور خارج کردند و بعدها در کوبا ۶ ماه کشید تا آن‌ها را به یکدیگر متصل کردیم، از پنج نفر اعضای گروه چهارنفرشان تا مدتی پس از کودتا در زندان ماندند. منزل «فردریکو التون» مدیر تهیه فیلم، را گشته دوبار زیر و رو کردند. او را در زندان دانشکدهء افسری بازداشت کردند. زمانی که «برناردو منز» صدابردار،‌قسمتهای زیادی از فیلم را در اختیار داشت. آن‌ها ساختمانی که او در آن زندگی می‌کرد از بالا تا پایین گشتند، ولی آپارتمان او تصادفا مصون ماند. این خود یک تصادف محض و بازتابی از اوضاع نابسامان و استبدادی سراسری بود که در آن زمان تمام شیلی را فرا گرفته بود. دوران استبدادی فشار و اختناق تقریبا ۶ ماه طول کشید. مدتی بعد همهء سازمان‌های پلیسی و امنیتی تمرکز یافته تحت لوای‌«دینا» (سازمان اطلاعات و امنیت شیلی) گرد آمدند و با افزایش فشار و اختناق، خارج شدن از کشور از گذشته بسیار سخت‌تر شد.  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{تک ستاره}} ‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬آیا اعضای گروه خارج از کوبا هم در کنار هم بودند؟‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬ &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‫{{‬گلوله}} گرچه بیش‌تر ما اساسا راهی کشورهای متفاوت اروپائی شده بودیم ولی مجددا در هاوانا دور هم جمع شدیم. در مدت تدوین قسمت اول و دوم فیلم همهء ما، به جز «یورگ مولر»، در کنار هم بودیم. دستیار من گرچه دیگر در کوبا نیست ولی هنوز با ما در تماس است. تهیه‌کنندهء فیلم که در حال حاضر مسئول پخش جهانی فیلم است. در پاریس زندگی می‌کند، صدابردار فیلم با ‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬ کارلوس سائورا‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬ {{پاورقی|۲}} در اسپانیا همکاری دارد ولی تماس خود را همچنان با ما حفظ کرده است. «پدرو چاسکل» تدوینگر فیلم و «مارتا هارنکر» که جز مشاوران بود در کوبا هستند.  &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{تک ستاره}} ‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬آیا قبل از آن که به کوبا بیائید هیچ تلاش کردید که برای پایان دادن به فیلم از کشورهای اروپائی کمک مالی بگیرید؟‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‫{{‬گلوله}} بله. ما از «کریس مارکر» که به‌هر حال در جریان ساختن فیلم بود تقاضای کمک مالی کردیم. «کریس» با ‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬سیمون سینیوره‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬، ‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬ایرمونتان‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬ و ‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬فردریک دوزیف‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬ و دیگران صحبت کرد. ولی من به تدریج به این نکته پی بردم که این فیلم کار عظیمی است، و یک فیلم نیست بلکه چندین فیلم است. دیگر آن که برای این که تدوین فیلم با آرامش کامل صورت گیرد، نیاز به امنیت و آسودگی خاطر است. نمی‌بایست فیلم را درجریان برنامهء فیلمسازی رایج انداخت، به این معنی که مثلا سه ماه برای تدوین، سه ماه برای صدابرداری و غیره وقت صرف کرد، که به این طریق ناممکن بود و بنابراین به «کریس» گفتم که ما واقعا به خیلی پول نیاز داریم،‌زیرا باید زندگی اعضای گروه و خانوادهء آن‌ها را تامین کنیم. حتی باید با آدم‌های تازه‌ئی قرارداد ببندیم تا کارها به سرانجام برسد. از نظر ما زمان چندان مهم نبود چون ده سال دیگر هم این فیلم اهمیت خود را از دست نمی‌دهد. «کریس» این استدلال مرا درک کرد. مدت‌ها ملاقات‌ها و مذاکرات ما با افراد گوناگون بی‌نتیجه ماند. بعد زمانی فرا رسید که ما با ‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬آلفردو گوئه وارا‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬ و ‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬سول یلین‪&amp;quot;&amp;#039;‬ {{پاورقی|۳}} از سازمان سینمایی کوبا ملاقات کردیم. آن ها به ما گفتند که مایلند از ما دعوت کنند که به هاوانا آمده فیلم را تمام کنیم و به‌این ترتیب همهء کارها مرتب شد. طی دوران فیلمبرداری از طریق مکاتبه از راهنمائی‌های مفید «کریس مارکر» استفاده کردیم.  «کریس مارکر» یکی از سالم‌ترین فیلمسازان فرانسوی است که از نظر دانش سیاسی و ایدئولوژیکی با ما همفکری داشت و از واقعیتگرایی سیاسی ‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬خولیو گارسیا اسپینوزا‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬، با توجه به‌فیلمی که ساخته بود و مطلب او به‌نام «برای یک سینمای ناقص» بسیار بهره بردیم. وقتی به کوبا رسیدیم هنوز هم گیج و مات بودیم و از یکدیگر می‌پرسیدیم که این قضیه چگونه اتفاق افتاد؟ و این «خولیو» به ما کمک کرد تا خود را تئوری‌وار به آن‌چه در شیلی رخ داده بود همساز کرده با آرامش کافی کار کنیم. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‫{{‬تک ستاره}} ‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬آیا از استقبال جهانی که از فیلم «نبرد شیلی» کردند،‌ تعجب کردید؟ ‪&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;‬&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‫{{‬گلوله}} بله. چون فکر می‌کردم که فیلم سنگین و مشکلی است و با تماشاگر هیچ‌ گونه رابطه‌ئی برقرار نمی‌کند. فیلمی بود خشک و ظاهرا سرد،‌ ولی علی رغم همه این ها فیلم را به جشنواره های سینمائی اروپا خواستند که این استقبال برای یک فیلم مستند بیسابقه بود. در بعضی از کشورهای اروپائی که موازنه های سیاسی ویژه ئی با آن چه در شیلی می گذشت، مانند، فرانسه و ایتالیا یا اسپانیا و حتی پرتقال، کوجود بود، نمایش فیلم تاثیر فراوانی داشت. به طور کلی فیلم های مختلف براساس محتوائی که ارائه می دهند، بازتاب های متفاوتی دارند. یک فیلم بر اسا سطح به خصوص آگاهی طبقاتی موجود پذیرفته می شود یا نمی شود. مثلا در اسپانیا واکنش به این فیلم و هر کادر آن به قدری شدید بود که اگر به آنجا می رفتید آن واکنش را تقریبا به عنوان نوعی از خود بیگانه سازی می دیدید. وقتی که دیدم پنج هزار تماشاگر با احترامی باورنکردنی و تقریبا مذهبی به تماشای فیلم نشسته اند، همان احساسی به من دست داد که هنگام دیدن فیلمی از سانتیاگو آلوترز{{نشان|۴}} در شیلی داشتم، می دانید اصلا خوبی و بدی فیلم مطرح نبود این مهم بود که ما در دوره بسیار سختی از مبارزات طبقاتی زندگی می کردیم که ما را وادار می کرد به آن چه سخت بر پرده سینما در جریان بود پاسخ دهیم.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‫{{‬تک ستاره}} &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;واکنش مردم در فرانسه به این فیلم چه بود؟&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{گلوله}} در فرانسه فیلم یشتر در سطح توده مردم به نمایش درآمد، ولی روشنفکران که معمولا جزو بینندگان این گونه فیلم ها هستند بسیار بی علاقه اند. آن ها عادت دارند که آن چه فیلم می بینند مورد انتقاد قرار قرار داده آن را در بوته تجزیه و تحلیل روشنفکرانه سختی قرار می دهند. ولی بسیاری از منتقدان دست چپی فرانسوی پس از دیدن قسمت دوم فیلم سخت به تعجب افتادند. مثلا مارسل مارتن پنج بار این فیلم را دید. چیزی به من نگفت ولی وقتی از سینما بیرون می آمد ه من لبخند زد. لوئی مارکول چهار بار فیلم را دید. آن ها فهمیدند که این اثر فیلمی به مفهوم سنتی نیست زیرا هیچ گونه ساخت داستانی، تقطه اوج و نتیجه گیری ندارد و از تراکم اطلاعات برخوردار است که در کم تر اثر مستندی دیده شده است. ولی سایر منتقدان که عادت داشتند نوعی نقد نویسی آسان و فرمولی انجام دهند کاملا فلج شده بودند. به طور کلی نظرات شان در مورد فیلم ناقص بود. این قضیه تا حدی به نومیدی نیروهای انقلابی فرانسه بستگی دارد. حیات بیشتر گروه های دست چپی از میان رفته، مرام ضد شوروی آن ها، نداشتن نمونه های انقلابی، و شکست آن ها در همکاری نکردن واقعی با جوانان در یک جنبش مبارز، خود موجب بیعلاقگی روزافزون مردم شده است. روشی که مردم در فرانسه در مورد درک&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==یادداشت‌ها==&lt;br /&gt;
#{{پاورقی|۱}}. نگاه کنید به مطلب &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;«شکنجه و کشتار فیلمسازان در آمریکای لاتین»&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; در شمارهٔ ۱۷ &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;کتاب جمعه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;.&lt;br /&gt;
#{{پاورقی|۲}}. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;کارلوس سائو را&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، یکی از فیلمسازان بزرگ و اندیشمند اسپانیائی است که آخرین اثرش به نام Raise Ravens برندهٔ جایزهٔ ویژهٔ هیآت داوران &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;جشنواره سینمائی کان&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; در سال ۱۹۷۶ شد.&lt;br /&gt;
#{{پاورقی|۳}}. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;آلفردو گوئه‌وارا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، یکی از سینماگران &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سازمان سینمایی کوبا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; از زمان پیدایش این مؤسسه در سال ۱۹۶۹ است. او اخیراً به‌َنوان معاون فرهنگی انجام وظیفه می‌کند. «سول یلین» رئیس توسعه و روابط بین‌المللی و نیروی عظیم رهبری در همین سازمان بود. او در فوریه سال ۱۹۷۷ بر اثر حملهٔٔ قلبی در گذشت.&lt;br /&gt;
#{{پاورقی|۴}}. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سانتیاگو آلوارز&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، کارگردان مجموعهٔ فیلم‌های «اخبار هفتگی آمریکای لاتین» از &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سازمان سینمائی کوبا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; است که به خاطر ساختن فیلم‌های مستند تجربیش شهرت بین‌المللی فراوانی کسب کرده است. در میان فیلم‌های مشهوری که او ساخته می‌توان از این فیلم‌ها یاد کرد: &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;«حالا» (۱۹۶۳)&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، دربارهٔ تبعیضات نژادی آمریکا و &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;«هفتاد و نُه بهار هوشی مین» (۱۹۶۹)&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; که ستایشی شاعرانه از رهبر ویتنام است.&lt;br /&gt;
#{{پاورقی|۵}}. فیلم &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;«قلب‌ها و مغزها»&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; به کارگردانی «پیتر دیویس» از آثار جدیدی است که دربارهٔ ویتنام ساخته‌اند. این فیلم مستند رنگی در یک بررسی دقیق و شتابزده وضعیت تاریخی ویتنام را نشان می‌دهد. این فیلم تا کنون دوبار در تلویزیون جمهوری اسلامی به‌نمایش در آمده است.&lt;br /&gt;
#{{پاورقی|۶}}. فیلم &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;«مارپیچ»&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; را «والری مایو» دستیار «کریس مارکر» در تدوین فیلم «نبرد ده میلیونی» و «آرمان ماتلار» و «میشل ماتلار» ساخته‌اند. دو نفر اخیر در بررسی امپریالیسم فرهنگی و رسانه‌های گروهی در جهان سوم نظریه‌پردازان معروف محسوب می‌شوند. این دو نفر قبل از آن که در اثر کودتا مجبور به‌ترک شیلی شوند بیش از ده سال در این کشور زندگی کرده و به‌مطالعات با ارزش خود ادامه داده‌اند. «کریس مارکر» نیز در ساختن فیلم «مارپیچ» با آن‌ها همکاری داشته است.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[رده:کتاب جمعه ۲۶]]&lt;br /&gt;
[[رده:کتاب جمعه]]&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Pouya</name></author>
	</entry>
	<entry>
		<id>http://irpress.org/index.php?title=%D9%85%D8%AD%D8%A7%DA%A9%D9%85%D9%87_%D9%88_%D8%A7%D8%B9%D8%AF%D8%A7%D9%85_%D8%AD%D8%A7%D8%AC_%D8%B4%DB%8C%D8%AE_%D9%81%D8%B6%D9%84%E2%80%8C%D8%A7%D9%84%D9%84%D9%87_%D9%85%D8%AC%D8%AA%D9%87%D8%AF_%D9%86%D9%88%D8%B1%DB%8C&amp;diff=25342</id>
		<title>محاکمه و اعدام حاج شیخ فضل‌الله مجتهد نوری</title>
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		<updated>2011-10-16T10:47:26Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;Pouya: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[Image:35-137.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۳۵ صفحه ۱۳۷|کتاب جمعه سال اول شماره ۳۵ صفحه ۱۳۷]]&lt;br /&gt;
[[Image:35-138.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۳۵ صفحه ۱۳۸|کتاب جمعه سال اول شماره ۳۵ صفحه ۱۳۸]]&lt;br /&gt;
[[Image:35-139.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۳۵ صفحه ۱۳۹|کتاب جمعه سال اول شماره ۳۵ صفحه ۱۳۹]]&lt;br /&gt;
[[Image:35-140.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۳۵ صفحه ۱۴۰|کتاب جمعه سال اول شماره ۳۵ صفحه ۱۴۰]]&lt;br /&gt;
[[Image:35-141.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۳۵ صفحه ۱۴۱|کتاب جمعه سال اول شماره ۳۵ صفحه ۱۴۱]]&lt;br /&gt;
[[Image:35-142.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۳۵ صفحه ۱۴۲|کتاب جمعه سال اول شماره ۳۵ صفحه ۱۴۲]]&lt;br /&gt;
[[Image:35-143.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۳۵ صفحه ۱۴۳|کتاب جمعه سال اول شماره ۳۵ صفحه ۱۴۳]]&lt;br /&gt;
[[Image:35-144.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۳۵ صفحه ۱۴۴|کتاب جمعه سال اول شماره ۳۵ صفحه ۱۴۴]]&lt;br /&gt;
[[Image:35-145.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۳۵ صفحه ۱۴۵|کتاب جمعه سال اول شماره ۳۵ صفحه ۱۴۵]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{در حال ویرایش}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
به دنبال مطلب آقای دکتر فریدون آدمیت، یکی از خوانندگان گرامی ما چند صفحه از کتابی را که به نقل پخش اصلی ادعانامهٔ دادگاه انقلابی در مورد شیخ فضل‌الله نوری پرداخته برای ما فرستاده است که عیناً به چاپ می‌رسد. متأسفانه ایشان قید نکرده‌اند که این صفحات از کدام کتاب برداشته شده.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
----&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
روز دوم فتح طهران، محکمۀ انقلابی در عمارت جنوبی میدان توپخانه با عضویت رؤسای مجاهدین تشکیل گردید و به‌همان نحوی که صنیع حضرت و آجودان‌باشی را محاکمه کردند و به‌دار زدند حاج شیخ‌فضل‌الله را هم حاظر و محاکمه نمودند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
دادستان آقا شیخ‌ابراهیم زنجانی مجتهد [بود] که در نجف زمان تحصیل با مرحوم آقای حاج شیخ فضل الله هم‌دوره بوده‌اند. چون ادعانامه دارای مقدمه طولانی بود و درجش هم چیزی بر معلومات خوانندگان اضافه نمی‌کرد لذا از آن صرفنظر [شد] و اصل ادعانامه را که دادستان از محکمه تقاضای اعدام متهم را نموده ذیلاً از نظر خوانندگان عزیز می‌گذراند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{ستاره}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
وقتی که شدت ظلم و جور مقتدرین و عالم نمایان با احکام ناسخ و منسوخ و نا حق ایشان و تعطیل احکام اسلام و هرج‌و‌مرج امور خاص و عام در ایران به‌نهایت شدت رسید، عموم خلق علاج را به‌مشروطیت دولت دیدند که اساس آن این است که تصرفات امرا و عالم نمایان و پادشاه در نفوس و اعراض و اموال خلایق به‌طور دلخواه و مطلق نبوده حدی در تصرف پادشاه و حکام و امرا و دیگران باشد و احکام همیشه چنانچه در اسلام مقرر است فرقی بین سیدقریشی و غلام حبشی نگذارده در حق همه جاری شود.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
از این که وقتی مقتدرین مرتکب فساد بشوند منعی نباشد ولی ضعیفان در مقابل مجازات شوند، و همیشه در کمال راحت و معبودیت دسترنج دیگران را کرانه به‌مصرف عیش و نوش رسانیده و ایشان را در ذلت و بدبختی نگاه‌داشته و همیشه آن‌ها را برای حفظ خود به‌میدان نیستی روانه می‌نمایند، لذا باید جمعی از عقلا از طرف مردم جمع شده و مشاوره در اصلاح امور مملکت و معیشت و حفظ آب و خاک و دفع‌تعدی متعدیان نموده و نگران باشند که آنچه مردم به‌عنوان مالیات برای حفظ امنیت می‌دهند به‌مصرف عیاشی نرسد.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
مظفرالدین شاه و بعد از او محمدعلیشاه مخلوع این استدعای ملت را قبول کرده قانون و عهدنامۀ اساسی را امضاء کردند و جناب‌عالی هم با چند نفر از معروفین علما در استحکام این اساس دخالت داشته و زیاده از هشت ماه اغلب خودتان حاظر مجلس شورای بودید و با حضور شما و جمعی دیگر مواد قانون اساسی نوشته شده و با تصحیح شما انجام گردیده جه شد که ناگهان شق عصای امت نموده ایجاد خلاف میان مردم نموده و علم مخالفت بلندکرده جمعی از اشرار را به‌دور خود جمع کرده و مفسد عظیم و علت اولیۀ خونریزی پنجاه هزار نفر نفوس ایرانی بی‌گناه و هتک اعتراض و رعب قلوب و سلب بیش‌تر از صد کرور اموال و تخریب آبادی‌ها گردیدید؟&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اگر این عنوان حرام بود، چرا خود هشت ماه در استحکام آن کوشیدی؟ و اگر حلال و واجب بود، چرا با آن شدت مخالفت نمودی و مردم را به‌ضدیت یکدیگر دعوت فرمودی؟ چرا بعد از اینکه اظهار مخالفت کردی مکرر به‌تو نصیحت نکردند، یک شب خود من بودم در خانۀ میرزاسید محمدطباطبائی، و سید عبدالله بهبهانی هم با بیست و پنج نفر از معتبرین وکلا حاضر بودند که قسم غلیظ و شدید در حضور کلام‌الله مجید یاد کردید که خیانت به‌ملت نکرده و همیشه موافقت با مشروطیت نمائید.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
چه شد که بهد از چندی مجدداً قسم و تعهد را شکسته ندای فساد دادی و چادر مخالفت زدی، بعد جماعتی را گردآورده گفتی خلاف من فقط در سرِ آن یک مادۀ قانون اساسی است، که باز جمعی همان ماده را برداشته در خانۀ خودت آوردند، بنده هم بودم، و به‌اتفاق بیست نفر از وکلا مدلل کردیم که همان ماده، همان‌طور که نوشته شده، باشد باز قرآن حاضر کرده قسم مؤکد یاد کردیم که دیگر ابداً مخالفت نکنی و فردایش به‌مجلس بیائی.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
به‌ناگاه قسم و عهد را شکسته و به‌حضرت عبدالعظیم رفتی، کتباً و نطقاً چه افترا [ها] که به‌وکلا نزدی! چه فساد بود که نکردی! به‌چه دلیل بی‌دین و دهری خواندی؟ ایا تصور کردی که در قانون انتخابات به‌عموم اهل ایران دستورالعمل داده شده که هر کس را متدین و امین دانند انتخاب نکنند؟&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
آیا همۀ مردم بی‌دین و ایمان بودند که بابی را انتخاب کردند؟ یا سایرین غیر بابی بودند و در میان خود امین را غیر بابی نیافتند؟ یا این که خاصیت دیوارهای بهارستان بود که کسانی که آن‌جا آمده بودند بعد از چند ماه به‌واسطۀ پول‌هائی که شما گرفتید بابی شدند؟&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در حضرت عبدالعظیم هر مجمع فساد که شد شما رئیس آن بودید. جمعی از اوباش مفتخوار را از چند هزار تومان تا چند دینار خرج می‌دادید؛ آیا این پول‌ها را که به‌شما داده بود که فساد کنید؟ آیا از خود می‌دادید؟ اگر از خود می‌دادید جناب‌عالی هم مثل من از عتبات در حال فلاکت عودت کردید، این پول را از کدام تجارت و یا صناعت یا کسب گرد آوردید؟ به‌چه‌دلیل در پیش چشم خودت فقرا و ضعفا و ایتام با کمال عسرت معیشت می‌کردند و تو این اموال فقرا را ضبط کرده زیاده از عیش با وسعت در چنین مقام به‌اشرار می‌دادی ؟&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اگر شما مشروعیت را حرام دانستید، دیدید که عموم علماء مرجع تقلیدِ عتبات و سایر بلاد اسلام ایران، جز چند ریاست طلبِ دنیا پرست، همه آن را واجب دانستند، و اقلاً نُه عشرِ مردم ایران در طلب آن جان می‌دادند. آیا ممکن است حرمت چنین چیزی ضروری دین باشد تا منکر آن کافر و مرتد و مستحق قتل گردد؟ نهایت این‌که بی‌انصافی کرده می‌گفتند مسألۀ خلافی است، رأی من این است که باید تائید مقتدرین و ظلام کرد. در چنین مسألۀ خلافی مخالفت آن عاصی نیست تا چه رسد به‌آن که کافر باشد.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
بعد از آن که آن مقدار پول‌ها که گرفتید در حضرت عبدالعظیم به‌مصرف فساد رسانیدید، نمی‌دانم چقدر ذخیره کردید؟ و بالاخره از آن‌جا مأیوس شدید. این حرام که می‌گفتید، کم‌کم حلال شد و سکوت جایز گردید، زیرا شما تابع اشارات بودید. در واقعۀ میدان توپخانه نمی‌دانم وجه ماخوذی به‌چه کثرت بود که به‌آن شدت اقدامات وحشیانه و متجاهرانه نمودید. خود را رئیس اسلام نامیده با مهتر و قاطرچی و ساربان و کلاه‌نمدی‌های محلات و اشرار همدست شده چادر در میدان زده در حضور مبارک شما، آن اشرار،مشتانه فریادِ «ما چای و پلو خواهیم، مشروطه نمی‌خواهیم»بلند کرده و همه قسم رذالت و فحاشی کردند و چند نفر بی‌گناه را کشتند و به‌اشاره و سکوت شما از درخت آویخته چشم مقتول را با خنجر در حضور عالی درآوردند. بفرمائید آن مقدار مصارف که به‌آن جمعیت با شرارت صرف می‌شد و جناب‌عالی شرکت داشتید از چه محل حلال بود؟ تلگرافات افساد شما به‌شهرها، در تلگرافخانه‌ها موجود است. کدام افساد و شرارت را در آن چند روز محض میل محمدعلی میرزا فروگذار کردید؟ آیا می‌توان گفت که این است حمایت اسلام؟ شما را به‌هرچه اعتقاد دارید قسم می‌دهم اگر حضرت پیغمبر یا امام علیه‌السلام حاضر بودند، آم مجمع شما را به‌چه نام می‌دادند؟ &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
بعد از این که از فساد میدان توپخانه نتیجۀ مطلوبه حاصل نکردید، با دست‌های مخفی که هوشیاران می‌دیدند، در همه قسم فساد و هرج‌ومرج در اجتماعات و انجمن‌ها و اغتشاش بلاد و مغشوش کردن ذهن محمدعلی میرزا و تقویت او به‌مخالفت با ملت اقدام کافیه گردید.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در بیرون رفتن محمدعلی‌میرزا از شهر به‌باغ‌شاه، و ترتیب مقدماتِ تخریب مجلس شورا و محل امید مردم ایران به‌دست شاپشال یهودی و امیربهادر و مفاخرالملک و صنیع حضرت و مجدالدوله و حاج‌محمداسمعیل مغازه و امثال ایشان، سر سلسله شما بودید و اکثر دستورالعمل‌ها را شما می‌دادید.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
آیا در شکستن عهد و قسم و توپ بستن به‌خانۀ خدا و قتل نفوس و هتک قرآن و زدن افترا و بهتان به‌وکلای مردم بی‌تقصیر و کشتن آن جمع کثیر، محمدعلی‌میرزا را مصاب می‌دانستید یا مخطی؟ اگر مخطی می‌دانستید چرا نهی نکردید؟ و اگر قدرت نداشتید چرا مثل ملت علمِ مخالفت و اعتراض و تحصن به‌حضرت عبدالعظیم و جمع کردن مردم و جلوگیری از منکر و رفع فساد نکردید؛ بلکه با کمال خرمی و انبساط به‌تبریک رفته و اظهار شادمانی کردید و تائیر شدت‌هائی که کردید نمودید؟&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
آیا قتل نفوس و گرفتاری و تبعید محترمین، تصرفات در اموال ملت که ذخیرۀ چندین سالۀ ایرانیان بود، و اخذ نقدی بر حکومت‌ها و اعطاء مناسب، و تصرفات در خرانه و مالیۀ مملکت از مالیات و گمرک و تلگرافخانه و غیره، و اتلاف اشیاء ذخیره، پامال کردن اسلحۀ قورخانه و تقویت فرستادن علیه شهر معتبر ایران- تبریز- که چندین هزار ضعفا و عجزه و نسوان و اطفال دارد و در خانه خود نشسته هجوم بر کسی نمی‌کردند بلکه در مقابل زورگوئی آن‌ها از خود دفاع می‌کردند؛ این فرستادن توپ‌ها و افواج و امثال رحیم‌خان‌ها و بستنِ راهِ آذوقه بر مردم یک شهر، و تخریب و غارت دهات آذربایجان و هتک نسوان و تصرف در تمام امور و اموال مردم به‌هوای نفس به‌دست محمدعلی‌میرزا و مشیرالسلطنه و قوام‌الدوله و مجدالدوله و امیربهادر و سایر شرکاء که بودند، آیا سلطنت مشروعه عبارت از این گونه کارها است؟ این‌ها را شرعی و مصاب می‌دانستید؟&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اگر شرعی نمی‌دانستید به‌خط خود نوشته بدهید. اگر شرعی نمی‌دانستید به‌چه جهت تائید می‌کردید و شب و روز با مشیرالسلطنه و امیر بهادر ترتیبات می‌دادید؟ لامحاله مشروطیت از این حرام‌تر نبود. پس چرا برای منع این کارها اقداماتی نکردید، به‌حضرت عبدالعظیم نرفتید و به‌میدان توپخانه جمع نشدید و فریاد نکردید؟&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در این استبداد صغیر چه پول‌ها از مردم برای احکام و توسط و نصب احکام و اعطای مناصب گرفتید! و چه پول‌ها از مال ملت از دست محمدعلی‌میرزا گرفتید! اگر راست بگوئید، باید بیش از صد هزار تومان از این میان برده باشید. آخر این چه بیرحمی است! این مال رعیت بیچاره است. بگوئید کجا ذخیره شده؟ بدهید به‌هزار قسم مورد حاجت خرج کنند. این وسط چه تحریکاتی شما و امام‌جمعه (حاج میرزاابواقاسم امام جمعه) با میرزاحسن تبریزی و ملاباقرزنجانی و سایر علما نمایان و اشقیا کردید!&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
تلگرافات و مکتوبات شما، همه را در دست دارند  که القاء فساد کرده به شرکت ایشان خون‌ها ریخته و خانه‌ها برباد دادید و آتش به دودمان‌ها زدید که هنوز دود آن فضا را تیره کرده. مگر این مردم بیچاره به‌شما چه کرده‌اند؟ مگر از برکت مال و خدمات ایشان محترم و مکرم و صدرنشین و معبود و مسجود و نافذالکلمه و صاحب مال و عیش و پارک نشدید؟ آیا جزای خدمات این مردم بیچاره این بود؟.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
این قتال میان لشکری که محمدعلی‌میرزا و امیربهادر جمع کرده به تبریز فرستادند و درآن‌جا باسران ملک جنگ کردند، حکم خداوند این بود که اصلاح در میان این دو طایفه کنید. چه اصلاحی کردید؟&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
آیا به قدر سعی در کشتن ملک المتکلمین و میرزاجهانگیرخان و قاضی قزوینی اقدام کردید؟ برفرض عدم اصلاح، حکم خداوند این است که هریک از این دو دسته را یاغی بدانید با او جنگ کنید. شما آیا تبریزی‌ها را که در خانهٔ خود نشسته بودند و یا سرداران ملت را که می‌خواستند به این شهر آمده مطالب خود را بگویند و جلو راه ایشان را گرفته مانع شدید، اگر این‌ها را یاغی می‌دانید پس چرا مخلوط سرباز و قزاق و الواط صنیع حضرت شده با آن‌ها جنگ کردید؟&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اگر لشکریان امیربهادر را یاغی می‌دانستید چرا یاغی می‌دانستید چرا با ملت موافقت نکرده با آن‌ها جنگ نکردید؟ نگوئید چون عمامه داریم و زحمت و مشقت و سینه به گلوله دادن و در مقابل آفتاب در خاک خوابیدن را به سرباز داده‌ایم و خود باید از لذایذ متنعم باشیم. مگر حضرت پیغمبر و علی‌علیه‌السلام عالم نبودند یا عمامه نداشتند که اسلحه برداشته جهاد می‌کردند؟&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
بعد از توپ بستن مجلس و مسجد و هتک قرآن و قتل نفوس، چه محبوبیت در دربار محمدعلی‌میرزا پیدا شد که شما شب و روز و اکثر اوقات را با محمدعلی‌میرزا و امیربهادر، و غالب اوقات در کالسکهٔ مشیرالسلطنه تشریف برده خلوت‌ها کرده و نقشه برای تخریب بلاد و تعذیب عباد کشیدید؟ با آن همه قدس و مسجد و عمامه، علناً بر عداوت حجج اسلام و آیات‌الله فی‌الانام که مرجع خاص و عام در عتبات مقدسه هستند اظهار عناد کردید بلکه تفسیق هم نمودید.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
آیا مجدالدوله، امیربهادر، و ارشدالدوله را بهتر از مرحوم حاج میرزاحسین و آقای خراسانی و آقای مازندرانی تصور می‌کردید؟ چرا خود و امثال خودتان از ملّاهای رشوه‌گیر، اجتماع کرده کنکاش‌ها برای سختگیری به مردم و اذیت عدالت‌طلبان می‌نمودید؛ آزاد حرف می‌زدید و هرکجا می‌رفتید، اما بندگان خدا را از اجتماع و مراوده با یکدیگر و گفتن حرف حق منع می‌کردید؟ در این سیزده ماه چه‌قدر سرباز و قزاق مسلح در هر معبر گماشته هر نوع اهانت و خواری به مردم کردید؟ اگر آزادی در حرکات خوب است، چرا مردم را منع می‌کردید؟ بد است، چرا داشتید؟&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
وقتی محمدعلی میرزا اعلان کرده بود ۱۹ شوال انتخابات و افتتاح مجلس شورا است، شما امثال خودتان را که برای یک فلوس از دین و مذهب دست می‌کشند جمع کرده برضد عموم ملت ایران و تمام مسلمانان عالم و علمای عتبات و علمای بی‌غرض احکام نوشته و مهر زده و گفتید باید مشروطه داده نشود، مشروطه حرام است. از طرف ملت گفتید مردم نمی‌خواهند. بااین‌که از آفتاب روشن‌تر است که همه عمداً از روی کنکاش محض دریافته‌اند این‌ها جزئی وجه رذالت بود مسلماً شما حرام دانسته ردع کردید.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
شما که خود را از رؤسای اسلام نامیده و می‌گوئید نهی از منکر می‌کردید. آیا چرا سایر منکرات را ردع نکردید؟ آیا این حبس و زجرها و گوش بریدن و دهان توپ گذاردن و مهار کردن و جریمه‌ها و رشوه‌ها و غارت‌ها و تعرض به عرض مسلمانان و چوب بستن و شلاق زدن و شکنجه کردن و داغ نمودن و تعطیل حدود اسلام و مساجد و احکام و رشوه و شهادت ناحق و ناسخ و منسوخ و خوردن اوقاف، وصیت‌های اجباری، و جمع مال فقرا و صرف تجملات و فسق و معصیت‌های واضح و تعطیل مساجد، منکرات نیستند؟ چرا به نهی و ردع اقدام نکردید و مضبطه ننوشتید و فریادِ «نمی‌خواهم» بلند نکردید؟ همه را برسر عدالت و حقانیت نیآوردید؟ مرتکب خَمر و هر معصیت بلکه هر کافر و مرتد در امان بود؛ ولی مشروطه‌خواه در امان نبودند. حتی این که مردم برای خلاص شُرور شما زیر بیرق فرنگی‌ها و کفر رفتند و به بلاد خارجه گریختند و در پناه خارجه درآمدند، معذلک امان نیافتند. مثل دوستداران اهل بیت در زمان معاویه.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
شما گفتید مشروطه‌خواه واجب القتل است و کافر است. - آیا تمام رعایای عثمانی و نُه عُشرِ ایرانی و تمام مسلمانان هند و قفقاز و مصر و افریقا، تونس، الجزایر، ترکستان، و سایر بلاد که شب و روز برای آزادی از قید عبودیت کوشش می‌کنند و نشر عدالت را می‌طلبند، همه کفار و واجب‌القتل هستند جز شما و اشرار و حامیان ظلم و استبداد و معاونان شر و فساد؟ نعوذبالله من شرّالفساد! آيا شما چرا در همهٔ اقدامات محمدعلی‌میرزا و امیربهادر و مشیرالسلطنه و مجدالدوله از همه پیشقدم‌تر و نقشه‌کش‌تر بودید؟ اِهلاک و تخریب آذربایجان و فشار به اهل طهران و جَعل اکاذیب بی‌پایان، مواضعه با بدخواهان ایران از اتباع خارجه و فروختنِ این مشت خاک و تنگ‌گیری به متحصنین سفارت عثمانیه و مانع شدن مردم از تحصن و منع آذوقه از ایشان مدتی، بلکه کنکاش در قتل ایشان به ارسال مارها و عقارب و همه قسم تهدید و تعرض.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
آیا شما امر کردید به شکستنِ نمره‌های درهای عمارات مردم که مبلغی به‌جای آن‌ها صرف شده بود؟ آیا آن‌ها غیر از این که مسبب هدایت جوینده می‌شد ضرری داشت؟ شما که این قدر دقت داشته‌اید چرا از اجتماعات براستماع نقالی و دروغ پردازی‌ها، بلکه بیعِ مسکرات و سایر معاصی را منع نکردید؟ چرا از تهریب در و دیوار و سقف مجلس شورا مانع نشدید؟&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اگر مال محمدعلی‌میرزا بود، تضییع مال بود؟ اگر مال دیگری بود، ظلم و عدوان؟ به چه‌جهت توپ‌بستن به خانهٔ ظل‌السلطان و ظهیرالدوله و سایر خانه‌ها و غارت اموال آنها و میرزاصالح خان حلال شد و از جناب شما اقدامی در منع دیده نشد، بلکه ترغیب و تحریم نمودید و می‌گفتید شما برای حفظ اسلام می‌روید خانهٔ خدا به کمک، تا این که ایشان موفق شده مسلمانان را بکشند؟ چه تو را واداشته بود که با آن که خود را حجة‌الاسلام می‌خواندی، شب و روز با مشیرالسلطنه و امیربهادر و مفاخرالملک و صنیع حضرت و مجلل و امثال ایشان در دربار و خانه خودت خلوت و کنکاش کنی؟ با این که خودتان معاشرت با جباران را ممنوع و خلاف شئون علمای دین بلکه از جمله اعانت به عدوان می‌شمردید.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
چگونه ایشان حامی اسلام و علمای عتبات مخرب اسلام شدند؟ چگونه [وقتی که] کلاه‌نمدی‌ها فریاد می‌کردند «ما دین می‌خواهیم، مشروطه نمی‌خواهیم» با ایشان بودید، اما جمعی از ولایات، که هریک را اقلاً ده هزار نفر منتخب و متدین دانسته‌اند، ایشان را بابی و هُرهُری و مخرّبِ شرع می‌نامیدید؟ چرا محمدعلی‌میرزا را گول زده و مانع شدید که وفای به‌عهد نکند و سبب این قدر خونریزی بزرگ در ایران و ویرانی هزاران دودمان بلکه دخولِ خارجه به خاک ایران و توحش مردمان شدید؟&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
این‌ها به‌یک طرف. بدترین جنایت این که نقشهٔ قتل و دستگیری را در مقام محترم حضرت عبدالعظیم خصوصاً با آقا سیدعلی آقا یزدی کشیدید، و مفاخر الملک و صنیع حضرت را با اشرارِ نابکارِ سیدکمال و سیدجمال واداشتید که شبانه ریختند بیچاره میرزا مصطفی آشتیانی و میرزاغلامحسین و رفیقان ایشان را با موحش‌ترین وضعی به قتل رسانیدند. چرا با همهٔ این که دیدید تمام ولایات ایران به‌هم خورده و هیجان ملت از قتل جوانانِ امت به نهایت رسیده اِعلامِ عمل به قانون اساسی را می‌طلبند، و محمدعلی‌میرزا جز قبول علاجی نداشت و اعلام کرد، باز تو از خون مردم ایران سیر نشده اصرار داشتی که حرام است، و هم مسلکان خود را جمع و کنکاش داشتی که بازی‌ها در آورده فریادِ «ما پول و پلو خواهیم، مشروطه نمی‌خواهیم» بلند کنید؟ حتی این که تمام مردم دانستند به دستور شما صد توپ تنزیب از بازار گرفته قاطرچی و مهتر و بنا را عمامه‌ای کردید و باطل‌السحر این نقشه را بکار بردید.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
چرا بعد از اعلام قانون اساسی در ماه ربیع‌الثانی، با آن همه زحماتِ ملت و تشکرات که از این اعلان گردید شروع شد که شورش بلاد تمام بشود، باز هم شماها – که عمده خود شما بودید – نگذاردید محمدعلی‌میرزا که همهٔ بلاد از دستش رفته و طهران مانده بود، آن وقت جلبِ قلوبِ ملت کرده و بلاد را امنیت داده به‌طور حقیقت اقدام به معیت کرده و فساد را خاتمه دهند؟ بلکه برای حفظ منافع خودتان سلطنت او را فدا ساخته و واداشتید تا به همان تنها کتابت قناعت کرد، ابداً تغییری به وضع استبداد و سختگیری نداد و قدمی برای مستدعیات ملت برنداشت تا بالاخره ملت مجدداً مایوس شدند و چاره را منحصر به علاج قطعی دیدند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
چرا بالاتر {از} همه خیانت‌ها طرح و نقشه ریختید که بلاد اسلام را به دست خارجه بدهید و دیگران را بر ایرانیان حکم روا سازید؟ تمام سعی شما و تهدید ملت منحصر به فروش مملکت بود که التجا به دیگران قرار دادید.  در باطن اجانب را دعوت به مملکت کردید، و با کمال بشاشت و خرمی اظهار و انتشار دادید که سالدات چنین و قزاق چنان؛ مثل این که برادران عزیز خود را به مهمانی خوانده‌اید! البته با این نقشهء تو و شرکاء تو بود که محمد‌علی‌میرزا اقدام به جنگ اخیر با ملت کرد. و تو بزرگوار، دویست تفنگ گرفته و به دست اشرار سپرده و در خانهء خودت جمع و سنگربندی کردی که ملت را بکشی و از هر نوع اقدام مضری کوتاهی نکردید. به چه دلیل اسلحهء ملت را به تصرف اشرار داده و آن‌ها را تحریص به قتل ملت کردید؟ چرا تو با همدستان معیت، و محمدعلی میرزا را اقلا در آخر وقت دعوت نکردی که لامحاله شرف یک دودمان سلطنت را نبرده پناه به دولت اجتبی نبرد و لامحاله با ملت معیت کند و یا تسلیم ملت شود؟ آیا این ملت نجیب گمان داشتی با او محترمانه معامله نکنند؟ یااین که یک مرده به نام به که صدزنده به ننگ؟ &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{ستاره}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اتهام نامه در یک محیط بهت و سکوت قرائت شد. حاج شیخ‌فضل‌الله به دقت به مندرجات آن گوش می‌داد. پس از خاتمهء قرائتِ ادعانامه یا اتهام‌نامهء مذکور، چند دقیقه صحبتی به میان نیامد. همه منتظر بودند که شیخ در مقابل اتهامات مندرجه در لایحه چه عکس‌العملی از خود نشان خواهد داد و چگونه از خود دفاع خواهد کرد. ولی شیخ سکت بود.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
مستعان الملک - رئیس کمیتهء جهانگیر، که از طارع مشروطیت خود شاهد و ناظر کلیه وقایع و حوداث بود و از مردان با ایمان به مشروطیت و آژادی بود و فقط چند نفری مانند مستعان با حقیقت و راستگو و با علاقه در این راه جانفشانی و استقامات می‌کردند که مردم حاضر به همراهی می‌شدند - به شیخ‌فضل‌الله گفت که: «در مقابل اتهامات وارده که قرائت شد چه جواب می‌دهید؟».&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
مطالبی که در اتهام نامه قید شده بود بر دو نوع بود: بعضی ها به درجه‌ئی مسلم و غیرقابل انکار بود که شیخ جواب بر رد آن‌ها  نداشت. مثلا واقعهء میدان توپخانه و منبر رفتن شیخ، و تکفیر کردن مشروطه خواهان، و بی‌دین خواندن وکلاء، و تشویق کردند الواط و اشرار و اوباش بر ضد مجلس، و یا رساله در تحریم مشروطیت که به خط خود نوشته و  در همه بلاد منتشر شده بود، و همچنین تلگرافاتی که به روحانیون شهرستان‌ها کرده بود و آن‌ها را به مخالفت با مشروطیت تحریک نموده بود که در موقع تصرف تلگرافخانه به دست مجاهدین افتاد.  و فتوائی که به امضاء خود و جمعی از علمای مستبد طهران نوشته در باغ‌شاه تسلیم محمد‌علی‌شاه کرده بود، و اعلامیه‌هائی که به امضاء خود در حضرت عبدالعظیم و مدرسهء مروی منتشر  نموده بود و از این قبیل … دیگر. سئوالاتِ‌  قابل دفاع بود که شیخ می‌توانست رد یا انکار کند. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
قسمت اول را، چون نمی‌توانست تکذیب کند جواب داد:« من مجتهد هستم و برطبق الهامات قوهء اجتهادیه و شمِ فقاهت راهی را که مطابق شرع تشخیص دادم پیروی و عمل نمودم.»&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
وسائل اعدام از چند روز پیش فراهم شده شده بود و داری که صنیع حضرت و آجودان‌باشی را به آن آویخته بودند در میان میدان توپخانه سرپا بود. مامورین اجرا، حکم محکمه انقلاب را به حاج شیخ‌فضل‌الله ابلاغ کردند و بلادرنگ او را در میان گرفته و از پله‌های طبقهء فوقانی عمارت توپخانه پایین {آوردند} و وارد میدان شدند. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سطح میدان، پشت بام‌ها، ایوان‌ها، از هزار‌ها نفوس زن و مرد طهران پوشیده شده بود. عدهء زیادی مجاهد مسلح دو طرفِ راهی که محکوم را به طرف دار هدایت می‌کردند صف کشیده بودند. هیاهو و جنجال برپا بود. صدای «زنده باد مشروطه» و «مرگ بر مستبدین» فضای میدان و خیابان‌های اطراف را فرا گرفته و برق تفنگ و سرنیزه در زیر آفتاب گرم تابستان چشم را خیره می‌کرد. محکوم فاصلهء میانهپ مجلس و محل اعدام را با خونسردی کامل و متانت طی نمیوده با کبرسن و پیری، ضعف و ناتوانی از خود نشان نمی‌داد و در دقایق آخر عمر، ثبات و استقامت خود را به ظهور رسانید. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
به محض رسیدن به پای چوبهءدار، دو نفر از مجاهدین طناب را به گردن محکوم انداخته و او را بالا کشیدند...&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
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&lt;br /&gt;
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[[رده:کتاب جمعه ۳۵]]&lt;br /&gt;
[[رده:کتاب جمعه]]&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Pouya</name></author>
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		<title>محاکمه و اعدام حاج شیخ فضل‌الله مجتهد نوری</title>
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		<updated>2011-10-16T10:44:28Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;Pouya: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[Image:35-137.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۳۵ صفحه ۱۳۷|کتاب جمعه سال اول شماره ۳۵ صفحه ۱۳۷]]&lt;br /&gt;
[[Image:35-138.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۳۵ صفحه ۱۳۸|کتاب جمعه سال اول شماره ۳۵ صفحه ۱۳۸]]&lt;br /&gt;
[[Image:35-139.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۳۵ صفحه ۱۳۹|کتاب جمعه سال اول شماره ۳۵ صفحه ۱۳۹]]&lt;br /&gt;
[[Image:35-140.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۳۵ صفحه ۱۴۰|کتاب جمعه سال اول شماره ۳۵ صفحه ۱۴۰]]&lt;br /&gt;
[[Image:35-141.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۳۵ صفحه ۱۴۱|کتاب جمعه سال اول شماره ۳۵ صفحه ۱۴۱]]&lt;br /&gt;
[[Image:35-142.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۳۵ صفحه ۱۴۲|کتاب جمعه سال اول شماره ۳۵ صفحه ۱۴۲]]&lt;br /&gt;
[[Image:35-143.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۳۵ صفحه ۱۴۳|کتاب جمعه سال اول شماره ۳۵ صفحه ۱۴۳]]&lt;br /&gt;
[[Image:35-144.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۳۵ صفحه ۱۴۴|کتاب جمعه سال اول شماره ۳۵ صفحه ۱۴۴]]&lt;br /&gt;
[[Image:35-145.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۳۵ صفحه ۱۴۵|کتاب جمعه سال اول شماره ۳۵ صفحه ۱۴۵]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{در حال ویرایش}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
به دنبال مطلب آقای دکتر فریدون آدمیت، یکی از خوانندگان گرامی ما چند صفحه از کتابی را که به نقل پخش اصلی ادعانامهٔ دادگاه انقلابی در مورد شیخ فضل‌الله نوری پرداخته برای ما فرستاده است که عیناً به چاپ می‌رسد. متأسفانه ایشان قید نکرده‌اند که این صفحات از کدام کتاب برداشته شده.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
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روز دوم فتح طهران، محکمۀ انقلابی در عمارت جنوبی میدان توپخانه با عضویت رؤسای مجاهدین تشکیل گردید و به‌همان نحوی که صنیع حضرت و آجودان‌باشی را محاکمه کردند و به‌دار زدند حاج شیخ‌فضل‌الله را هم حاظر و محاکمه نمودند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
دادستان آقا شیخ‌ابراهیم زنجانی مجتهد [بود] که در نجف زمان تحصیل با مرحوم آقای حاج شیخ فضل الله هم‌دوره بوده‌اند. چون ادعانامه دارای مقدمه طولانی بود و درجش هم چیزی بر معلومات خوانندگان اضافه نمی‌کرد لذا از آن صرفنظر [شد] و اصل ادعانامه را که دادستان از محکمه تقاضای اعدام متهم را نموده ذیلاً از نظر خوانندگان عزیز می‌گذراند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{ستاره}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
وقتی که شدت ظلم و جور مقتدرین و عالم نمایان با احکام ناسخ و منسوخ و نا حق ایشان و تعطیل احکام اسلام و هرج‌و‌مرج امور خاص و عام در ایران به‌نهایت شدت رسید، عموم خلق علاج را به‌مشروطیت دولت دیدند که اساس آن این است که تصرفات امرا و عالم نمایان و پادشاه در نفوس و اعراض و اموال خلایق به‌طور دلخواه و مطلق نبوده حدی در تصرف پادشاه و حکام و امرا و دیگران باشد و احکام همیشه چنانچه در اسلام مقرر است فرقی بین سیدقریشی و غلام حبشی نگذارده در حق همه جاری شود.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
از این که وقتی مقتدرین مرتکب فساد بشوند منعی نباشد ولی ضعیفان در مقابل مجازات شوند، و همیشه در کمال راحت و معبودیت دسترنج دیگران را کرانه به‌مصرف عیش و نوش رسانیده و ایشان را در ذلت و بدبختی نگاه‌داشته و همیشه آن‌ها را برای حفظ خود به‌میدان نیستی روانه می‌نمایند، لذا باید جمعی از عقلا از طرف مردم جمع شده و مشاوره در اصلاح امور مملکت و معیشت و حفظ آب و خاک و دفع‌تعدی متعدیان نموده و نگران باشند که آنچه مردم به‌عنوان مالیات برای حفظ امنیت می‌دهند به‌مصرف عیاشی نرسد.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
مظفرالدین شاه و بعد از او محمدعلیشاه مخلوع این استدعای ملت را قبول کرده قانون و عهدنامۀ اساسی را امضاء کردند و جناب‌عالی هم با چند نفر از معروفین علما در استحکام این اساس دخالت داشته و زیاده از هشت ماه اغلب خودتان حاظر مجلس شورای بودید و با حضور شما و جمعی دیگر مواد قانون اساسی نوشته شده و با تصحیح شما انجام گردیده جه شد که ناگهان شق عصای امت نموده ایجاد خلاف میان مردم نموده و علم مخالفت بلندکرده جمعی از اشرار را به‌دور خود جمع کرده و مفسد عظیم و علت اولیۀ خونریزی پنجاه هزار نفر نفوس ایرانی بی‌گناه و هتک اعتراض و رعب قلوب و سلب بیش‌تر از صد کرور اموال و تخریب آبادی‌ها گردیدید؟&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اگر این عنوان حرام بود، چرا خود هشت ماه در استحکام آن کوشیدی؟ و اگر حلال و واجب بود، چرا با آن شدت مخالفت نمودی و مردم را به‌ضدیت یکدیگر دعوت فرمودی؟ چرا بعد از اینکه اظهار مخالفت کردی مکرر به‌تو نصیحت نکردند، یک شب خود من بودم در خانۀ میرزاسید محمدطباطبائی، و سید عبدالله بهبهانی هم با بیست و پنج نفر از معتبرین وکلا حاضر بودند که قسم غلیظ و شدید در حضور کلام‌الله مجید یاد کردید که خیانت به‌ملت نکرده و همیشه موافقت با مشروطیت نمائید.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
چه شد که بهد از چندی مجدداً قسم و تعهد را شکسته ندای فساد دادی و چادر مخالفت زدی، بعد جماعتی را گردآورده گفتی خلاف من فقط در سرِ آن یک مادۀ قانون اساسی است، که باز جمعی همان ماده را برداشته در خانۀ خودت آوردند، بنده هم بودم، و به‌اتفاق بیست نفر از وکلا مدلل کردیم که همان ماده، همان‌طور که نوشته شده، باشد باز قرآن حاضر کرده قسم مؤکد یاد کردیم که دیگر ابداً مخالفت نکنی و فردایش به‌مجلس بیائی.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
به‌ناگاه قسم و عهد را شکسته و به‌حضرت عبدالعظیم رفتی، کتباً و نطقاً چه افترا [ها] که به‌وکلا نزدی! چه فساد بود که نکردی! به‌چه دلیل بی‌دین و دهری خواندی؟ ایا تصور کردی که در قانون انتخابات به‌عموم اهل ایران دستورالعمل داده شده که هر کس را متدین و امین دانند انتخاب نکنند؟&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
آیا همۀ مردم بی‌دین و ایمان بودند که بابی را انتخاب کردند؟ یا سایرین غیر بابی بودند و در میان خود امین را غیر بابی نیافتند؟ یا این که خاصیت دیوارهای بهارستان بود که کسانی که آن‌جا آمده بودند بعد از چند ماه به‌واسطۀ پول‌هائی که شما گرفتید بابی شدند؟&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در حضرت عبدالعظیم هر مجمع فساد که شد شما رئیس آن بودید. جمعی از اوباش مفتخوار را از چند هزار تومان تا چند دینار خرج می‌دادید؛ آیا این پول‌ها را که به‌شما داده بود که فساد کنید؟ آیا از خود می‌دادید؟ اگر از خود می‌دادید جناب‌عالی هم مثل من از عتبات در حال فلاکت عودت کردید، این پول را از کدام تجارت و یا صناعت یا کسب گرد آوردید؟ به‌چه‌دلیل در پیش چشم خودت فقرا و ضعفا و ایتام با کمال عسرت معیشت می‌کردند و تو این اموال فقرا را ضبط کرده زیاده از عیش با وسعت در چنین مقام به‌اشرار می‌دادی ؟&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اگر شما مشروعیت را حرام دانستید، دیدید که عموم علماء مرجع تقلیدِ عتبات و سایر بلاد اسلام ایران، جز چند ریاست طلبِ دنیا پرست، همه آن را واجب دانستند، و اقلاً نُه عشرِ مردم ایران در طلب آن جان می‌دادند. آیا ممکن است حرمت چنین چیزی ضروری دین باشد تا منکر آن کافر و مرتد و مستحق قتل گردد؟ نهایت این‌که بی‌انصافی کرده می‌گفتند مسألۀ خلافی است، رأی من این است که باید تائید مقتدرین و ظلام کرد. در چنین مسألۀ خلافی مخالفت آن عاصی نیست تا چه رسد به‌آن که کافر باشد.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
بعد از آن که آن مقدار پول‌ها که گرفتید در حضرت عبدالعظیم به‌مصرف فساد رسانیدید، نمی‌دانم چقدر ذخیره کردید؟ و بالاخره از آن‌جا مأیوس شدید. این حرام که می‌گفتید، کم‌کم حلال شد و سکوت جایز گردید، زیرا شما تابع اشارات بودید. در واقعۀ میدان توپخانه نمی‌دانم وجه ماخوذی به‌چه کثرت بود که به‌آن شدت اقدامات وحشیانه و متجاهرانه نمودید. خود را رئیس اسلام نامیده با مهتر و قاطرچی و ساربان و کلاه‌نمدی‌های محلات و اشرار همدست شده چادر در میدان زده در حضور مبارک شما، آن اشرار،مشتانه فریادِ «ما چای و پلو خواهیم، مشروطه نمی‌خواهیم»بلند کرده و همه قسم رذالت و فحاشی کردند و چند نفر بی‌گناه را کشتند و به‌اشاره و سکوت شما از درخت آویخته چشم مقتول را با خنجر در حضور عالی درآوردند. بفرمائید آن مقدار مصارف که به‌آن جمعیت با شرارت صرف می‌شد و جناب‌عالی شرکت داشتید از چه محل حلال بود؟ تلگرافات افساد شما به‌شهرها، در تلگرافخانه‌ها موجود است. کدام افساد و شرارت را در آن چند روز محض میل محمدعلی میرزا فروگذار کردید؟ آیا می‌توان گفت که این است حمایت اسلام؟ شما را به‌هرچه اعتقاد دارید قسم می‌دهم اگر حضرت پیغمبر یا امام علیه‌السلام حاضر بودند، آم مجمع شما را به‌چه نام می‌دادند؟ &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
بعد از این که از فساد میدان توپخانه نتیجۀ مطلوبه حاصل نکردید، با دست‌های مخفی که هوشیاران می‌دیدند، در همه قسم فساد و هرج‌ومرج در اجتماعات و انجمن‌ها و اغتشاش بلاد و مغشوش کردن ذهن محمدعلی میرزا و تقویت او به‌مخالفت با ملت اقدام کافیه گردید.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در بیرون رفتن محمدعلی‌میرزا از شهر به‌باغ‌شاه، و ترتیب مقدماتِ تخریب مجلس شورا و محل امید مردم ایران به‌دست شاپشال یهودی و امیربهادر و مفاخرالملک و صنیع حضرت و مجدالدوله و حاج‌محمداسمعیل مغازه و امثال ایشان، سر سلسله شما بودید و اکثر دستورالعمل‌ها را شما می‌دادید.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
آیا در شکستن عهد و قسم و توپ بستن به‌خانۀ خدا و قتل نفوس و هتک قرآن و زدن افترا و بهتان به‌وکلای مردم بی‌تقصیر و کشتن آن جمع کثیر، محمدعلی‌میرزا را مصاب می‌دانستید یا مخطی؟ اگر مخطی می‌دانستید چرا نهی نکردید؟ و اگر قدرت نداشتید چرا مثل ملت علمِ مخالفت و اعتراض و تحصن به‌حضرت عبدالعظیم و جمع کردن مردم و جلوگیری از منکر و رفع فساد نکردید؛ بلکه با کمال خرمی و انبساط به‌تبریک رفته و اظهار شادمانی کردید و تائیر شدت‌هائی که کردید نمودید؟&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
آیا قتل نفوس و گرفتاری و تبعید محترمین، تصرفات در اموال ملت که ذخیرۀ چندین سالۀ ایرانیان بود، و اخذ نقدی بر حکومت‌ها و اعطاء مناسب، و تصرفات در خرانه و مالیۀ مملکت از مالیات و گمرک و تلگرافخانه و غیره، و اتلاف اشیاء ذخیره، پامال کردن اسلحۀ قورخانه و تقویت فرستادن علیه شهر معتبر ایران- تبریز- که چندین هزار ضعفا و عجزه و نسوان و اطفال دارد و در خانه خود نشسته هجوم بر کسی نمی‌کردند بلکه در مقابل زورگوئی آن‌ها از خود دفاع می‌کردند؛ این فرستادن توپ‌ها و افواج و امثال رحیم‌خان‌ها و بستنِ راهِ آذوقه بر مردم یک شهر، و تخریب و غارت دهات آذربایجان و هتک نسوان و تصرف در تمام امور و اموال مردم به‌هوای نفس به‌دست محمدعلی‌میرزا و مشیرالسلطنه و قوام‌الدوله و مجدالدوله و امیربهادر و سایر شرکاء که بودند، آیا سلطنت مشروعه عبارت از این گونه کارها است؟ این‌ها را شرعی و مصاب می‌دانستید؟&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اگر شرعی نمی‌دانستید به‌خط خود نوشته بدهید. اگر شرعی نمی‌دانستید به‌چه جهت تائید می‌کردید و شب و روز با مشیرالسلطنه و امیر بهادر ترتیبات می‌دادید؟ لامحاله مشروطیت از این حرام‌تر نبود. پس چرا برای منع این کارها اقداماتی نکردید، به‌حضرت عبدالعظیم نرفتید و به‌میدان توپخانه جمع نشدید و فریاد نکردید؟&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در این استبداد صغیر چه پول‌ها از مردم برای احکام و توسط و نصب احکام و اعطای مناصب گرفتید! و چه پول‌ها از مال ملت از دست محمدعلی‌میرزا گرفتید! اگر راست بگوئید، باید بیش از صد هزار تومان از این میان برده باشید. آخر این چه بیرحمی است! این مال رعیت بیچاره است. بگوئید کجا ذخیره شده؟ بدهید به‌هزار قسم مورد حاجت خرج کنند. این وسط چه تحریکاتی شما و امام‌جمعه (حاج میرزاابواقاسم امام جمعه) با میرزاحسن تبریزی و ملاباقرزنجانی و سایر علما نمایان و اشقیا کردید!&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
تلگرافات و مکتوبات شما، همه را در دست دارند  که القاء فساد کرده به شرکت ایشان خون‌ها ریخته و خانه‌ها برباد دادید و آتش به دودمان‌ها زدید که هنوز دود آن فضا را تیره کرده. مگر این مردم بیچاره به‌شما چه کرده‌اند؟ مگر از برکت مال و خدمات ایشان محترم و مکرم و صدرنشین و معبود و مسجود و نافذالکلمه و صاحب مال و عیش و پارک نشدید؟ آیا جزای خدمات این مردم بیچاره این بود؟.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
این قتال میان لشکری که محمدعلی‌میرزا و امیربهادر جمع کرده به تبریز فرستادند و درآن‌جا باسران ملک جنگ کردند، حکم خداوند این بود که اصلاح در میان این دو طایفه کنید. چه اصلاحی کردید؟&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
آیا به قدر سعی در کشتن ملک المتکلمین و میرزاجهانگیرخان و قاضی قزوینی اقدام کردید؟ برفرض عدم اصلاح، حکم خداوند این است که هریک از این دو دسته را یاغی بدانید با او جنگ کنید. شما آیا تبریزی‌ها را که در خانهٔ خود نشسته بودند و یا سرداران ملت را که می‌خواستند به این شهر آمده مطالب خود را بگویند و جلو راه ایشان را گرفته مانع شدید، اگر این‌ها را یاغی می‌دانید پس چرا مخلوط سرباز و قزاق و الواط صنیع حضرت شده با آن‌ها جنگ کردید؟&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اگر لشکریان امیربهادر را یاغی می‌دانستید چرا یاغی می‌دانستید چرا با ملت موافقت نکرده با آن‌ها جنگ نکردید؟ نگوئید چون عمامه داریم و زحمت و مشقت و سینه به گلوله دادن و در مقابل آفتاب در خاک خوابیدن را به سرباز داده‌ایم و خود باید از لذایذ متنعم باشیم. مگر حضرت پیغمبر و علی‌علیه‌السلام عالم نبودند یا عمامه نداشتند که اسلحه برداشته جهاد می‌کردند؟&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
بعد از توپ بستن مجلس و مسجد و هتک قرآن و قتل نفوس، چه محبوبیت در دربار محمدعلی‌میرزا پیدا شد که شما شب و روز و اکثر اوقات را با محمدعلی‌میرزا و امیربهادر، و غالب اوقات در کالسکهٔ مشیرالسلطنه تشریف برده خلوت‌ها کرده و نقشه برای تخریب بلاد و تعذیب عباد کشیدید؟ با آن همه قدس و مسجد و عمامه، علناً بر عداوت حجج اسلام و آیات‌الله فی‌الانام که مرجع خاص و عام در عتبات مقدسه هستند اظهار عناد کردید بلکه تفسیق هم نمودید.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
آیا مجدالدوله، امیربهادر، و ارشدالدوله را بهتر از مرحوم حاج میرزاحسین و آقای خراسانی و آقای مازندرانی تصور می‌کردید؟ چرا خود و امثال خودتان از ملّاهای رشوه‌گیر، اجتماع کرده کنکاش‌ها برای سختگیری به مردم و اذیت عدالت‌طلبان می‌نمودید؛ آزاد حرف می‌زدید و هرکجا می‌رفتید، اما بندگان خدا را از اجتماع و مراوده با یکدیگر و گفتن حرف حق منع می‌کردید؟ در این سیزده ماه چه‌قدر سرباز و قزاق مسلح در هر معبر گماشته هر نوع اهانت و خواری به مردم کردید؟ اگر آزادی در حرکات خوب است، چرا مردم را منع می‌کردید؟ بد است، چرا داشتید؟&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
وقتی محمدعلی میرزا اعلان کرده بود ۱۹ شوال انتخابات و افتتاح مجلس شورا است، شما امثال خودتان را که برای یک فلوس از دین و مذهب دست می‌کشند جمع کرده برضد عموم ملت ایران و تمام مسلمانان عالم و علمای عتبات و علمای بی‌غرض احکام نوشته و مهر زده و گفتید باید مشروطه داده نشود، مشروطه حرام است. از طرف ملت گفتید مردم نمی‌خواهند. بااین‌که از آفتاب روشن‌تر است که همه عمداً از روی کنکاش محض دریافته‌اند این‌ها جزئی وجه رذالت بود مسلماً شما حرام دانسته ردع کردید.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
شما که خود را از رؤسای اسلام نامیده و می‌گوئید نهی از منکر می‌کردید. آیا چرا سایر منکرات را ردع نکردید؟ آیا این حبس و زجرها و گوش بریدن و دهان توپ گذاردن و مهار کردن و جریمه‌ها و رشوه‌ها و غارت‌ها و تعرض به عرض مسلمانان و چوب بستن و شلاق زدن و شکنجه کردن و داغ نمودن و تعطیل حدود اسلام و مساجد و احکام و رشوه و شهادت ناحق و ناسخ و منسوخ و خوردن اوقاف، وصیت‌های اجباری، و جمع مال فقرا و صرف تجملات و فسق و معصیت‌های واضح و تعطیل مساجد، منکرات نیستند؟ چرا به نهی و ردع اقدام نکردید و مضبطه ننوشتید و فریادِ «نمی‌خواهم» بلند نکردید؟ همه را برسر عدالت و حقانیت نیآوردید؟ مرتکب خَمر و هر معصیت بلکه هر کافر و مرتد در امان بود؛ ولی مشروطه‌خواه در امان نبودند. حتی این که مردم برای خلاص شُرور شما زیر بیرق فرنگی‌ها و کفر رفتند و به بلاد خارجه گریختند و در پناه خارجه درآمدند، معذلک امان نیافتند. مثل دوستداران اهل بیت در زمان معاویه.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
شما گفتید مشروطه‌خواه واجب القتل است و کافر است. - آیا تمام رعایای عثمانی و نُه عُشرِ ایرانی و تمام مسلمانان هند و قفقاز و مصر و افریقا، تونس، الجزایر، ترکستان، و سایر بلاد که شب و روز برای آزادی از قید عبودیت کوشش می‌کنند و نشر عدالت را می‌طلبند، همه کفار و واجب‌القتل هستند جز شما و اشرار و حامیان ظلم و استبداد و معاونان شر و فساد؟ نعوذبالله من شرّالفساد! آيا شما چرا در همهٔ اقدامات محمدعلی‌میرزا و امیربهادر و مشیرالسلطنه و مجدالدوله از همه پیشقدم‌تر و نقشه‌کش‌تر بودید؟ اِهلاک و تخریب آذربایجان و فشار به اهل طهران و جَعل اکاذیب بی‌پایان، مواضعه با بدخواهان ایران از اتباع خارجه و فروختنِ این مشت خاک و تنگ‌گیری به متحصنین سفارت عثمانیه و مانع شدن مردم از تحصن و منع آذوقه از ایشان مدتی، بلکه کنکاش در قتل ایشان به ارسال مارها و عقارب و همه قسم تهدید و تعرض.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
آیا شما امر کردید به شکستنِ نمره‌های درهای عمارات مردم که مبلغی به‌جای آن‌ها صرف شده بود؟ آیا آن‌ها غیر از این که مسبب هدایت جوینده می‌شد ضرری داشت؟ شما که این قدر دقت داشته‌اید چرا از اجتماعات براستماع نقالی و دروغ پردازی‌ها، بلکه بیعِ مسکرات و سایر معاصی را منع نکردید؟ چرا از تهریب در و دیوار و سقف مجلس شورا مانع نشدید؟&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اگر مال محمدعلی‌میرزا بود، تضییع مال بود؟ اگر مال دیگری بود، ظلم و عدوان؟ به چه‌جهت توپ‌بستن به خانهٔ ظل‌السلطان و ظهیرالدوله و سایر خانه‌ها و غارت اموال آنها و میرزاصالح خان حلال شد و از جناب شما اقدامی در منع دیده نشد، بلکه ترغیب و تحریم نمودید و می‌گفتید شما برای حفظ اسلام می‌روید خانهٔ خدا به کمک، تا این که ایشان موفق شده مسلمانان را بکشند؟ چه تو را واداشته بود که با آن که خود را حجة‌الاسلام می‌خواندی، شب و روز با مشیرالسلطنه و امیربهادر و مفاخرالملک و صنیع حضرت و مجلل و امثال ایشان در دربار و خانه خودت خلوت و کنکاش کنی؟ با این که خودتان معاشرت با جباران را ممنوع و خلاف شئون علمای دین بلکه از جمله اعانت به عدوان می‌شمردید.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
چگونه ایشان حامی اسلام و علمای عتبات مخرب اسلام شدند؟ چگونه [وقتی که] کلاه‌نمدی‌ها فریاد می‌کردند «ما دین می‌خواهیم، مشروطه نمی‌خواهیم» با ایشان بودید، اما جمعی از ولایات، که هریک را اقلاً ده هزار نفر منتخب و متدین دانسته‌اند، ایشان را بابی و هُرهُری و مخرّبِ شرع می‌نامیدید؟ چرا محمدعلی‌میرزا را گول زده و مانع شدید که وفای به‌عهد نکند و سبب این قدر خونریزی بزرگ در ایران و ویرانی هزاران دودمان بلکه دخولِ خارجه به خاک ایران و توحش مردمان شدید؟&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
این‌ها به‌یک طرف. بدترین جنایت این که نقشهٔ قتل و دستگیری را در مقام محترم حضرت عبدالعظیم خصوصاً با آقا سیدعلی آقا یزدی کشیدید، و مفاخر الملک و صنیع حضرت را با اشرارِ نابکارِ سیدکمال و سیدجمال واداشتید که شبانه ریختند بیچاره میرزا مصطفی آشتیانی و میرزاغلامحسین و رفیقان ایشان را با موحش‌ترین وضعی به قتل رسانیدند. چرا با همهٔ این که دیدید تمام ولایات ایران به‌هم خورده و هیجان ملت از قتل جوانانِ امت به نهایت رسیده اِعلامِ عمل به قانون اساسی را می‌طلبند، و محمدعلی‌میرزا جز قبول علاجی نداشت و اعلام کرد، باز تو از خون مردم ایران سیر نشده اصرار داشتی که حرام است، و هم مسلکان خود را جمع و کنکاش داشتی که بازی‌ها در آورده فریادِ «ما پول و پلو خواهیم، مشروطه نمی‌خواهیم» بلند کنید؟ حتی این که تمام مردم دانستند به دستور شما صد توپ تنزیب از بازار گرفته قاطرچی و مهتر و بنا را عمامه‌ای کردید و باطل‌السحر این نقشه را بکار بردید.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
چرا بعد از اعلام قانون اساسی در ماه ربیع‌الثانی، با آن همه زحماتِ ملت و تشکرات که از این اعلان گردید شروع شد که شورش بلاد تمام بشود، باز هم شماها – که عمده خود شما بودید – نگذاردید محمدعلی‌میرزا که همهٔ بلاد از دستش رفته و طهران مانده بود، آن وقت جلبِ قلوبِ ملت کرده و بلاد را امنیت داده به‌طور حقیقت اقدام به معیت کرده و فساد را خاتمه دهند؟ بلکه برای حفظ منافع خودتان سلطنت او را فدا ساخته و واداشتید تا به همان تنها کتابت قناعت کرد، ابداً تغییری به وضع استبداد و سختگیری نداد و قدمی برای مستدعیات ملت برنداشت تا بالاخره ملت مجدداً مایوس شدند و چاره را منحصر به علاج قطعی دیدند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
چرا بالاتر {از} همه خیانت‌ها طرح و نقشه ریختید که بلاد اسلام را به دست خارجه بدهید و دیگران را بر ایرانیان حکم روا سازید؟ تمام سعی شما و تهدید ملت منحصر به فروش مملکت بود که التجا به دیگران قرار دادید.  در باطن اجانب را دعوت به مملکت کردید، و با کمال بشاشت و خرمی اظهار و انتشار دادید که سالدات چنین و قزاق چنان؛ مثل این که برادران عزیز خود را به مهمانی خوانده‌اید! البته با این نقشهء تو و شرکاء تو بود که محمد‌علی‌میرزا اقدام به جنگ اخیر با ملت کرد. و تو بزرگوار، دویست تفنگ گرفته و به دست اشرار سپرده و در خانهء خودت جمع و سنگربندی کردی که ملت را بکشی و از هر نوع اقدام مضری کوتاهی نکردید. به چه دلیل اسلحهء ملت را به تصرف اشرار داده و آن‌ها را تحریص به قتل ملت کردید؟ چرا تو با همدستان معیت، و محمدعلی میرزا را اقلا در آخر وقت دعوت نکردی که لامحاله شرف یک دودمان سلطنت را نبرده پناه به دولت اجتبی نبرد و لامحاله با ملت معیت کند و یا تسلیم ملت شود؟ آیا این ملت نجیب گمان داشتی با او محترمانه معامله نکنند؟ یااین که یک مرده به نام به که صدزنده به ننگ؟ &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{ستاره}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اتهام نامه در یک محیط بهت و سکوت قرائت شد. حاج شیخ‌فضل‌الله به دقت به مندرجات آن گوش می‌داد. پس از خاتمهء قرائتِ ادعانامه یا اتهام‌نامهء مذکور، چند دقیقه صحبتی به میان نیامد. همه منتظر بودند که شیخ در مقابل اتهامات مندرجه در لایحه چه عکس‌العملی از خود نشان خواهد داد و چگونه از خود دفاع خواهد کرد. ولی شیخ سکت بود.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
مستعان الملک - رئیس کمیتهء جهانگیر، که از طارع مشروطیت خود شاهد و ناظر کلیه وقایع و حوداث بود و از مردان با ایمان به مشروطیت و آژادی بود و فقط چند نفری مانند مستعان با حقیقت و راستگو و با علاقه در این راه جانفشانی و استقامات می‌کردند که مردم حاضر به همراهی می‌شدند - به شیخ‌فضل‌الله گفت که: «در مقابل اتهامات وارده که قرائت شد چه جواب می‌دهید؟».&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
مطالبی که در اتهام نامه قید شده بود بر دو نوع بود: بعضی ها به درجه‌ئی مسلم و غیرقابل انکار بود که شیخ جواب بر رد آن‌ها  نداشت. مثلا واقعهء میدان توپخانه و منبر رفتن شیخ، و تکفیر کردن مشروطه خواهان، و بی‌دین خواندن وکلاء، و تشویق کردند الواط و اشرار و اوباش بر ضد مجلس، و یا رساله در تحریم مشروطیت که به خط خود نوشته و  در همه بلاد منتشر شده بود، و همچنین تلگرافاتی که به روحانیون شهرستان‌ها کرده بود و آن‌ها را به مخالفت با مشروطیت تحریک نموده بود که در موقع تصرف تلگرافخانه به دست مجاهدین افتاد.  و فتوائی که به امضاء خود و جمعی از علمای مستبد طهران نوشته در باغ‌شاه تسلیم محمد‌علی‌شاه کرده بود، و اعلامیه‌هائی که به امضاء خود در حضرت عبدالعظیم و مدرسهء مروی منتشر  نموده بود و از این قبیل … دیگر. سئوالاتِ‌  قابل دفاع بود که شیخ می‌توانست رد یا انکار کند. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
قسمت اول را، چون نمی‌توانست تکذیب کند جواب داد:« من مجتهد هستم و برطبق الهامات قوهء اجتهادیه و شمِ فقاهت راهی را که مطابق شرع تشخیص دادم پیروی و عمل نمودم.»&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
وسائل اعدام از چند روز پیش فراهم شده شده بود و داری که صنیع حضرت و آجودان‌باشی را به آن آویخته بودند در میان میدان توپخانه سرپا بود. مامورین اجرا، حکم محکمه انقلاب را به حاج شیخ‌فضل‌الله ابلاغ کردند و بلادرنگ او را در میان گرفته و از پله‌های طبقهء فوقانی عمارت توپخانه پایین {آوردند} و وارد میدان شدند. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سطح میدان، پشت بام‌ها، ایوان‌ها، از هزار‌ها نفوس زن و مرد طهران پوشیده شده بود. عدهء زیادی مجاهد مسلح دو طرفِ راهی که محکوم را به طرف دار هدایت می‌کردند صف کشیده بودند. هیاهو و جنجال برپا بود. صدای «زنده باد مشروطه» و «مرگ بر مستبدین» فضای میدان و خیابان‌های اطراف را فرا گرفته و برق تفنگ و سرنیزه در زیر آفتاب گرم تابستان چشم را خیره می‌کرد. محکوم فاصلهء میانهپ مجلس و محل اعدام را با خونسردی کامل و متانت طی نمیوده با کبرسن و پیری، ضعف و ناتوانی از خود نشان نمی‌داد و در دقایق آخر عمر، ثبات و استقامت خود را به ظهور رسانید. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
به محض رسیدن به پای چوبهءدار، دو نفر از مجاهدین طناب را به گردن محکوم انداخته و او را بالا کشیدند...{{مربع}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
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----&lt;br /&gt;
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[[رده:کتاب جمعه ۳۵]]&lt;br /&gt;
[[رده:کتاب جمعه]]&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Pouya</name></author>
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		<updated>2011-10-16T09:40:28Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;Pouya: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[Image:10-092.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۰ صفحه ۹۲|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۰ صفحه ۹۲]]&lt;br /&gt;
[[Image:10-093.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۰ صفحه ۹۳|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۰ صفحه ۹۳]]&lt;br /&gt;
[[Image:10-094.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۰ صفحه ۹۴|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۰ صفحه ۹۴]]&lt;br /&gt;
[[Image:10-095.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۰ صفحه ۹۵|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۰ صفحه ۹۵]]&lt;br /&gt;
[[Image:10-096.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۰ صفحه ۹۶|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۰ صفحه ۹۶]]&lt;br /&gt;
[[Image:10-097.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۰ صفحه ۹۷|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۰ صفحه ۹۷]]&lt;br /&gt;
[[Image:10-098.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۰ صفحه ۹۸|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۰ صفحه ۹۸]]&lt;br /&gt;
[[Image:10-099.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۰ صفحه ۹۹|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۰ صفحه ۹۹]]&lt;br /&gt;
[[Image:10-100.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۰ صفحه ۱۰۰|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۰ صفحه ۱۰۰]]&lt;br /&gt;
[[Image:10-101.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۰ صفحه ۱۰۱|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۰ صفحه ۱۰۱]]&lt;br /&gt;
[[Image:10-102.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۰ صفحه ۱۰۲|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۰ صفحه ۱۰۲]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{در حال ویرایش}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==دگرگونی‌های==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==جامعۀ فلسطین==&lt;br /&gt;
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یهودین گیل‌واریه فینکلستین&lt;br /&gt;
&amp;lt;/u&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
جامعۀ غیربومی صهیونیست بر خرابه‌های جامعه فلسطین که صهیونیسم استعمارگر آن را از میان برده، بنا شده است. آن عده از فلسطینی‌ها که پس از سال 1948 در خاک اسرائیل و تحت حکومت صهیونیست باقی ماندند، از آن تاریخ تا امروز دستخوش تغییرات اجتماعی عمیقی شده است. مثلاً وقتی زمین‌های فلسطینی‌ها را گرفتند، دهقانان فلسطینی اجباراً دست از کشاورزی کشیدند و به‌کار روزمزدی روی آوردند. در این مقاله ما اهمیت دگرگونی‌ها و اثرات آن‌ها را بر ساخت جامعۀ روستائی فلسطین داخل اسرائیل و بالاخص در موقعیت زنان بررسی می‌کنیم.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;lt;u&amp;gt;&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;حموله&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; {{نشان|1}}&lt;br /&gt;
&amp;lt;/u&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
نهادهای جامعه روستائی فلسطین از شرایط اقتصادی خاص مایه گرفته است رشد نهادهای اصلی روستائی یعنی حموله بر مبنای مالکیت زمین، اقتصاد زمین‌داری و ضعف تماس با مراکز شهری رشد یافته و فرهنگ، سنت و مذهب عرب آن را تقویت کرده است. حتی در قرن نوزدهم که نیروهای امپریالیست در منطقه حضور داشتند، فقط جامعه کوچک شهرنشین فلسطین با تمدن غربی و ارزش‌های آن تماس داشت و روستا تا قبل از تشدید فعالیت‌های استعمارگران اسرائیل از نفوذ [تمدن ]اروپائی برکنار ماند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
نهضت صهیونیستی بعد از شکست اعراب در جنگ 1949-1948 فلسطینی‌هائی که در اسرائیل مانده بودند زیر نفوذ سیاسی خود قرار داد.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اما سیاست صهیونیسم در مورد فلسطینی‌های اسرائیل مخلوطی از رو تمایل متناقض است. صهیونیست‌ها از یک طرف برای آن که فلسطینی‌ها را آسان‌تر به‌زیر سلطه خود درآورند، به‌حفظ ساخت سنتی حموله توجه کردند و از طرف دیگر با سلب مالکیت ارضی از فلسطینی‌ها پایه اقتصادی این ساخت سنتی را که می‌خواهند نگه دارند، از بین برده‌اند. حموله بدون زمین بنیان اقتصادیش ا از دست داده است. اعضای آن به‌عنوان کارگر روزمزد در نظام اقتصادی اسرائیل پراکنده شده‌اند و بندهائی که آنان را به‌هم وصل می‌کرد بریده شده است. اما به‌رغم این‌ها حموله از هم نپاشیده است.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در ممالکی مانند انگلستان که انقلاب صنعتی را پشت سر گذاشته است سلب مالکیت ارضی از دهقانان سبب از بین رفتن جامعۀ روستائی قبلی شد. دهقانان در جستجوی منابع تازه معیشت به‌شهرها مهاجرت کردند و به‌طبقه کارگر صنعتی تبدیل شدند و متناسب با طبقه نوین خود چارچوب‌های اجتماعی جدیدی خلق کردند. اما در انگلستان هم آن‌هائی که زمین‌ها را تصرف کرده بودند و هم صاحبان اصلی این زمین‌ها انگلیسی بودند. ریشه این فرایند در ذات انکشاف اقتصادی انگلستان بود.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
به‌عکس در فلسطین فرآیندی که طی آن زمین دهقانان تصرف شد ناشی از برخورد میان حرکت استعماری مهاجران و ساکنان محل بود. در نتیجه این فرایند نمی‌توانست معلول رشد اقتصادی این کشور باشد. گرچه در این جا هم مانند انگلستان، دهقانانی که زمین‌هایشان تصرف شده بود به‌طبقۀ کارگر تبدیل شدند. اما چارچوب سنتی جامعه روستائی فلسطینی به‌هم نریخت. چون این کارگران جدید به‌شهرها مهاجرت نکردند. اِعمال محدودیت‌های قانونی (یعنی حکومت نظامی که برای اعراب داخل اسرائیل وضع شده بود که از طریق یک نظام گذرنامه‌ئی عمل می‌کرد و فقط ده سال پیش لغو شد.) {{نشان|2}} و تبعیضات نژادیِ قدرتمندان و مردم کوچه و بازار این کارگران را از رفتن به‌شهرهای یهودی‌نشین نزدیک محل کارشان باز می‌داشت. دهکده‌ها به‌خوابگاه‌های طبقۀ کارگر تبدیل شد. اما ساخت پیشین حموله همچنان در این دهکده‌ها حفظ شده است. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
چرا؟ شکست 1948 فلسطینیان داخل اسرائیل را از هم متلاشی کرد. قسمت عمدۀ جمعیت شهرنشین و ساکنان بیش از 350 دهکده را از حیطۀ حکومت صهیونیستی بیرون راندند، و فقط سازمان اجتماعی حموله باقی ماند که آن هم بدل شد به‌هستۀ مرکزی احیاء و حفظ هویت فلسطینی‌های داخل اسرائیل. کوشش صهیونیست‌ها در ندیده گرفتن وامحای هویت ملی فلسطینی‌ها منجر به‌این شد که آنان به‌تقویت ساخت‌های سنتی خود رو کنند و این واکنش است که همه اقلیت‌های ستمدیده در چنین شرایطی از خود بروز می‌دهند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اما ساخت‌های اجتماعی سنتی نمی‌توانست چارچوب مقاومت و مقابله با فشار باشد و به‌همین علت این ساخت‌ها اسباب دست صاحبان قدرت شد. کافی بود که مقامات اسرائیلی به‌منظور سلطه بر حداکثر اعضای حموله، شیخ قبیله را مهار کنند. هر حزبی که می‌توانست شیخ قبیله را بخرد اکثر اعضای حمولۀ او را به‌دست می‌آورد. به‌این طریق ساخت حموله به‌جای آنکه پایگاه مقاومت در برابر سیاست صهیونیستی باشد به‌چارچوب سازمان یافته‌ئی مبدل شد که صهیونیست‌ها از طریق آن تفوق خود را بر جامعۀ فلسطینی اعمال کردند. حتی آنجا هم که شیخ قبیله خود را به‌آنان نمی‌فروخت باز حموله پایگاه مقابله گسترده‌ئی به‌شمار نمی‌آمد. چون تقویت وحدت هر حموله فقط به‌اعضای همان حموله بستگی دارد نه به‌تمام تودۀ مردم. (یعنی به‌تمام حموله‌ها ارتباط ندارد.)&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
حفظ حیثیت و نفوذ حموله موجب حفظ ارزش‌ها و رسومی است که وجه مشخصۀ جامعه سنتی عرب به‌شمار می‌آید. و حفظ حموله بیش از همه به‌زن فلسطینی آسیب رسانده است. بدین گونه بر زن فلسطینی دو ستم می‌رود، یکی آن که او از مردم فلسطین است و از تبعیض رنج می‌برد و دیگر آن که زن است و در نتیجه محروم و فرودست.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;lt;u&amp;gt;&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;موقعیت زن در جامعۀ فلسطینی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&amp;lt;/u&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
آزادی زن فلسطینی در چارچوب مفهوم «شرف خانوادگی»بیش از پیش محدود می‌شود. علی‌الخصوص با جدا نگه داشتن پسر و دختر از یکدیگر بیش از همه به‌آزادی زن فلسطینی آسیب می‌رسد. این جدائی مبتنی است بر ارزش‌های مذهبی و سنتی و قواعد عشیره‌ئی. زن مجرد حق ندارد که نه در خانه و نه در بیرون در فعالیت‌های اجتماعی-فرهنگی مردان شرکت کند. یعنی زن فلسطینی نه فقط حق ندارد به‌سینما یا کافه برود بلکه گاهی در خانه خود هم نمی‌تواند همنشین مهمان‌های مرد باشد. آزادی زن متاهل هم محدود است. او فقط همراه با شوهر خود می‌تواند در فعالیت‌های فرهنگی-اجتماعی مشارکت کند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در جامعۀ فلسطینی بنا به‌عرف اجتماع، زن (و همین طور مرد)نمی‌تواند به‌انتخاب خود ازدواج کند. ازدواج در آن جا وسیله مهمی است برای حفظ موقعیت‌های اجتماعی و به‌طور کلی یک معامله اقتصادی است. دختر یا پسر خانواده ثروتمند حتماً باید با خانواده ثروتمند دیگری وصلت کند. برای حفظ این قاعده برای دختر قیمتی معین می‌کنند و به‌این ترتیب مردی که قادر به‌پرداختن این مبلغ گزاف نباشد نمی‌تواند با آن دختر ازدواج کند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اتفاقاً میان یهودیان اسرائیل هم پدیده‌ئی مانند این دیده می‌شود. جامعۀ یهودی اسرائیل جامعه «باز»تری است و در آن دختر و پسر حق دارند که همسر خود‌را انتخاب کنند. اما غالباً قبل از ازدواج خانواده های دو طرف یک‌دیگر را می‌بینند و در این ملاقات معامله اقتصادی به انجام می‌رسد یعنی معلوم می‌شود که هر یک از دو طرف چه مبلغی باید بپردازد تا موقعیت اقتصادی خانواده حفظ شود. گاهی عروسی پیش از رسیدن به این مرحله به هم می‌خورد. یعنی مخالفت والدین به عشق و حق انتخاب غلبه می‌کند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اما در جامعه فلسطینی شرایط به مرابت بدتر است. در خانواده فلسطینی نفوذ و قدرت پدر بیش‌تر از و فقط عده کمی از جوانان جرات می‌کنند به خانواده پشت کرده و به میل خود ازدواج کنند. جدائی تحمیلی دختر و پسر مانع به وجود آمدن روابط عاشقانه نباشد مقاومت دختر و پسر در برابر پدر کم‌تر می‌شود و او عقیده خود را آسان‌تر به آن‌ها تحمیل میکند. اما برابر پدر کم‌تر می‌شود و او عقیده خود را آسان‌تر به آن‌ها تحمیل می‌کند. اما این وضع مانند دیگر موارد اجتماعی به تدریج اصلاح می‌شود. هرچند این درگرگونی در حال حاضر بعلتی است اما به تدریج تسریع می‌شود. شکی نیست که تغییر این شرایط به خود دختران و پسران بستگی دارد.‌آن‌ها مایلند از سلطه این سنت حموله آزاد شوند تا برخوردی آزادتر میان خود، چه قبل از ازدواج و چه بعد از ‌آن، ایجاد کنند و حق داشته باشند که همسر خودرا انتخاب کنند. اولین قدم مهم در این راه مبارزه برای از بین بردن نهاد {تعیین} قیمت برای عروس است. طی تاریخ زنان حق‌ نداشتند در فرایند اجتماعی تولید مشارکت کنند. چون این کار برخلاف مفهوم «شرف خانوادگی» بود. و صهیونیست‌ها با سلب مالکیت ارضی از فلسطینی‌ها،‌ شرایط را برای زن فلسطینی دشوارتر کردند. در گذشته زنان در لوید خانوادگی یعنی در کشاورزی مشارکت می‌کردند. اما آنگاه که صهیونیستها زمین‌ها را تصرف کردند مردها برای کار به شهر رفتند و عواعد عشیره‌ئی زنان را خانه‌نشین کرد. واقعیت‌های خشن اقتصادی سالهای اخیر یعنی‌- افزایش سریع قیمت‌ها و افزایش ناچیز دستمزدها - فلسطینیان را مجبور کرد که برای جبرای کمبود  درآمد خانواده به زن اجازه دهند که از خانه بیرون برود و به عنوان کارگر روزمزد کار کند. اقتصاد اسرائیل به نیروی انسانی ارزان قیمت به خصوص در صنایع غذایی و نساجی احتیاج مبرم داشته و زنان فلسطینی این نیاز بازار کار را برآورده کردند. از سال ۱۹۶۷ تا ۱۹۷۲ قریب ۷۰۰۰ زن فلسطینی در  صنایع اسرائیل به کار مشغول شدند. هزاران زن در مزارع یهودیان استخدام شدند. به این ترتیب واقعیت «شرف خانوادگی» برملا شد و به وضوح معلوم شد که نقش آن حفظ مناسبات قدرتمندان است، یعنی آن مناسباتی که مبتنی بر یک موقعیت اقتصادی - اجتماعی  متعلق به گذشته است اما وقتی با شرایط اقتصادی - اجتماعی «شرف خانوادگی» دیگر نمی‌توانست زنان را در خانه نگه‌دارد.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
زنان کارگز در نظام سرمایه داری سیاه ذخیره کار ارزان به شمار می‌آیند و بنا به نیازهای اقتصادی جامعه به کار گرفته  می‌شوند. زن کارگر تنها نان‌آور خانواده نیست و صاحبان صنایع به همین بهانه به زنان دستمزد کمی می‌پردازند. یعنی در قبال یک کار معین به زن دستمزدی کمتر از مرد می‌دهند. اما در اسرائیل علاوه بر اختلاف دستمزد میان زن و مرد به دلیل تبعیضات نژادی میان دسمتمزد یهودیان و اعراب هم اختلاف وجود دارد. به این ترتیب زن فلسطینی در نظام اقتصادی اسرائیل بیش از همه استثمار می‌شود.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
زنان کارگر فلسطینی بنا به مقتضایت خانواده پدرسالاری از مردان کارگر فلسطینی موقعیتی پائین‌تر دارند. و با این که در کار از زنان بهره‌کشی را می‌کنند اما برای آنان مبارزه، این استثمار بسیار مشکل است. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
وقتی در جامعه سنتی روستائی زنان حق نداشته باشند که از خانه بیرون روند و کار کردن آنان غیرعادی و نامطلوب شمرده شود پس باید دید واکنش جامعه در مقابل تشکیلات پیدا کردن و مبارزه مستقل آنان چه خواهد بود؟ «شرف خانوادگی» مانع شکل‌گیری سیاسی زنان است و حتی آنان به همین خاطر حق ندارند در فعالیت‌های سیاسی با مردان همگام شوند. به طور کلی اگر زنان حق ندارند که با استثمار ملی که همهء فلسطینیان از آن در رنجند، مبارزه کنند. پس برای تشکیلات پیدا کردن در راه به دست آوردن آزادی زنان به مراتب محدود‌ترند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
می‌بینیم که منبع اصلی ضعف زن فلسطینی حموله است که حافظ «شرف خانوادگی» به‌شمار می‌آید. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;lt;u&amp;gt;&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;واقعیت متغیر در مقابل محافظه کاری سرسختانه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&amp;lt;/u&amp;gt;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
واقعیت اقتصادی بالا جبار در جامعه محافظه کار روستائی تغییراتی به‌وجود می‌آورد. زنان فلسطینی هنوز هم نمی‌توانند در صنعت همراه با مردان کار‌کنند. در واقع پیش‌تر زنان فلسطینی جدا از مردان کار می‌کنند. اما این زنان به تدریج حق کارکردن به دست می‌آوردند و در مورد {نحوهء مصرف} درآمد خود اختیارات بیشتری پیدا‌ می‌کنند. امروزه زنان علی‌آلخصوص زنان مجرد همهء درآمدشان را به رئیس خانواده تحویل نمی‌دهند و بخشی از آن‌را برای خود نگه‌میدارند. درآمد تولید مشارکت میکنند و استقلال اقتصادی آنان ( اگرچه این امر نسبی است) رو به رشد است. مجموعهء این عوامل شرایط مناسبی برای موفقیت زنان در مبارزه با قیود محافظه کارانه حموله به وجود آورده است. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
عوامل دیگری هم هست که قدرت محافظه کارانه حموله را تضعیت می‌کند. تائیر ارزش‌های اجتماعی غربی یکی از این عوامل است. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در جامعه فلسطین ارزش‌های بورژوازی غرب که استعمارگران صهیونیست آن را به فلسطین آوردند فاسد شمرده می‌شود. اما در واقع این ارز‌ش‌ها از نظر تاریخی نسبت به ارزش‌های مذهبی - فئودالی قدیم تکامل‌یافته‌تر است. عده زیادی از فلسطینی‌های این ارزش‌ها را با استثمار صهیونیسم یکی ‌می‌دانند و هم چنین فلسطینی‌های متعصب از این راه به مردم تلقین می‌کنند که دموکراسی و سوسیالیسم هم ارزش‌های صهیونیستی است و باید با آن‌ها مبازه کرد. در نتیجه وابستگی به ارزش‌های اجتماعی سنتی مانع رشد جامعه فلسطین است و سبب آن می‌شود که مبارزه با صهیونیسم چنان که باید پیش‌نرود. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اعتقاد به این که زن موجود فروست‌تری است و لیاقت آن را ندارد که در مبارزه اجتماعی مشارکت کند، به نهضت مقاومت فلسطین در مقابل صهیونیست،‌آسیب رسانده است. چون به این ترتیب نیمی از جمعیت {یعنی زنان} نمی‌توانند نیرو و کوشش خودر ا در راه مبارزه به کار‌ گیرند. (پدیده‌ئی نظیر این، در کشور‌های عربی دیگر‌هم وجود داشت. اما زنان در این کشورهائی که مبارزه برای رهائی ملی و اجتماعی در آن‌جا به ناگزیر با نیروهای ارتجاعی و محافظه کار برخورد کرد، در مبارزه نقش موءثری داشتند. چنین وضعی در مرحله خاصی از مبارزات الجزایر و یمن جنوبی پیش‌آمده است. و نیز زنان در سرزمین های اشغالی ساحل غربی و نوار غزه در مبارزه با اشغال منطقه نقش مهم و موءثری دارند.)&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
با گذشت زمان روشن می‌شود که فلسطینی‌ها دیگر ارزش‌های دموکراتیک و سوسیالیستی را با صهیونیسم در یک ردیق قرار نمی‌دهند. (این موضوع هم اصول سیاسی و هم ارزش‌های اجتماعی-فرهنگی را در بر می‌گیرد) و به همین علت به کارگیری این ارزش‌ها با مقاومت کم‌تری روبه‌رو می‌شود.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
به عنوان مثال از جمله قوانینی که حکومت انگلستان در فلسطین به وجود آورد و بعدها هم صهیونیست‌ها این قانون را به کار بردند، قانون منع تعدد زوجات است که در اسلام آزاد شناخته می‌شود. اما امروزه برای فلسطینیان منع تعدد زوجات، یک ارزش صهیونیستی به شمار نمی‌آید که با آن مبارزه کرده است. شکی نیست که هنوز مسائل زیادی وجود دارد که مبتنی بر عرف و محتوای این نهاد است. اما موقعیت زن فلسطینی از طریق قانون منع تعدد زوجات بهتر شده است) به همین علت هیچ فلسطینی به طور جدی خواستار گنجاندن قانون تعدد زوجات در برنامه رهائی بخش ملی فلسطین نیست.   &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[رده:کتاب جمعه ۱۰]]&lt;br /&gt;
[[رده:کتاب جمعه]]&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Pouya</name></author>
	</entry>
	<entry>
		<id>http://irpress.org/index.php?title=%D8%A7%D8%B2_%D8%B1%D9%88%D8%A8%D9%87%E2%80%8C%D8%B1%D9%88%D8%8C_%D8%A8%D8%A7_%D8%B4%D9%84%D8%A7%D9%82_%DB%B1%DB%B2&amp;diff=25279</id>
		<title>از روبه‌رو، با شلاق ۱۲</title>
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		<updated>2011-10-13T00:13:54Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;Pouya: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[Image:12-148.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۲ صفحه ۱۴۸|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۲ صفحه ۱۴۸]]&lt;br /&gt;
[[Image:12-149.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۲ صفحه ۱۴۹|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۲ صفحه ۱۴۹]]&lt;br /&gt;
[[Image:12-150.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۲ صفحه ۱۵۰|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۲ صفحه ۱۵۰]]&lt;br /&gt;
[[Image:12-151.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۲ صفحه ۱۵۱|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۲ صفحه ۱۵۱]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{بازنگری}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==از&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
روبه‌رو&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
با شلاق==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;کیومرث منشی‌زاده&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{گلوله}} ما ایرانی‌ها بیش از این که اهل ایران باشیم اهل افراط و تفریطیم، یک جا چهل ستون می‌سازیم، یک جا بی‌ستون. اگر هم شیخی بسازیم یا می‌شود شیخ سعدی یا می‌شود شیخ شیپور.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اشتراط: اگر سعدی را مطابق گلستان تربیت می‌کردند می‌شد حاج میرزا آقاسی.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{گلوله}} در طول تاریخ حکیمان در پیرامون اهمیت بچه حرف‌هائی زده‌اند که فقط به‌درد بچه‌ها می‌خورد، ولی من در این باره چیزی خواهم گفت که ردخور نداشته باشد و آن این است که بچه خیلی خوب است. فقط حیف که بزرگ می‌شود.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اخطار&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;: نپذیرفتن این تعریف، کوششی است از برای اثبات عدم درک خودتان از بعد چهارم.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;قاطیفوریاس&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;: حُسن بچه‌دار شدن این است که بالاخره جدول ضرب را یاد می‌گیریم و مسأله «بازرگانی دو توپ پارچه داشت...»را حل می‌کنیم.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;تعلیل&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;: تنها علت نازائی این است که کودکی که هرگز نبوده است برای به‌دنیا آمدن علتی نمی‌بیند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;تبصره&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;: نازائی تصور مرگِ یاخته‌هائی است که هرگز به‌وجود نمی‌آیند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;نتیجۀ اخلاقی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;: برخی از اشخاص عقیم می‌پندارند که عقیم بودن در خانواده‌شان موروثی است.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;المصراع&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;: میراث پدرخواهی علم پدر آموز.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{گلوله}} بعد از مدت‌ها خدا چهار نابغه به‌منطقۀ دانوبِ اروپا عطا کرد: &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;انیشتین، مارکس، فروید و کافکا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; (این بار را درست فهمیدید: همگی یهودی هستند).&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;تکمله&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;: خداوندِ خدا چون می‌دانست که کار از محکم‌کاری عیب نمی‌کند برای اثبات علاقه خود به‌یهودیان، &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;هیتلر&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; را مسیحی خلق کرد (نقطه)&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{گلوله}} شعر نباید موزون باشد، چرا که انسان موزون فکر نمی‌کند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{گلوله}}  مردی که عاشق زن خود باشد باید به‌چشم پزشک مراجعه کند. (راستی برای یک نفر نزدیک‌بین جز مراجعه به‌چشم پزشک چه راهی وجود دارد؟)&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{گلوله}} فالکنر گفته است: «اولین نویسندۀ امریکا &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;وولف&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; است، دومّیش &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ویلیام&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; فالکنر (!)، سومیّش، &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;جان دس پاسوس&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; و چهارمیش&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ارنست همینگوی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;».&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سؤال&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;: بی‌آن که دربارۀ علت شکسته‌نفسی آقای فالکنر سئوالی بکنم می‌خواستم بپرسم مگر نویسندگی مسابقۀ اسبدوانی است که اول و دوم داشته باشد؟&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;نتیجۀ اخلاقی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;: امان از دست این امریکائی‌ها!&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{گلوله}}  قاضی واقعی کسی است که هرگز قضاوت نکند، و دزد واقعی کسی است که حداقل یک بار قضاوت کرده باشد. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{گلوله}} ادوارد هشتم، امپراتوری انگلستان را با ازدواج با یک بیوه زن آمریکائی عوض کرد. (سیاست انگلیسی‌ها را می‌بینید؟)&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;نتیجه اخلاقی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;: دو کس در دو چیز اشتباه نمی‌کنند: انگلیسی در سیاست، و احمق در خوشبختی.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;قاطیغوریاس&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;: اگر هدف سیاست خوشبختی باشد، لاجرم انگلیسی احمق است.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{گلوله}} زن، عمیقاً سطحی است. (وای به‌آن که عمیق هم باشد).&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{گلوله}} در آن دیار که نامش را به‌شما نخواهم گفت پهلوانی بود که عادت داشت روزهای عید الاغی را با دندان بلند کند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سؤال&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;: به‌نظر شما، در آن لحظات تاریخی، الاغ دربارۀ انسانیت چه فکر می‌کرد؟ (می‌خواهم فکر شما را بسنجم.)&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{گلوله}} اسپانیولی گفته است که بهترین رفیق یک مرد، در بچگی مادر اوست، در جوانی اسبش.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;نتیجۀ ریاضی قضیه در سلسلۀ&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; برای این که مادر انسان همیشه رفیق او باشد به‌ناچار مادر انسان باید یک اسب باشد.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;نتیجۀ اخلاقی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;: بی‌چاره &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سروانتس&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; که در میان ملتی به‌دنیا آمد که چنین ضرب‌المثل‌هائی دارد، و بیچاره‌تر از&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سروانتس&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; ،اسبش، که مادری را در حق او تمام کرد!&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{گلوله}} حمایت از برّه‌ها بسیار منطقی است ولی گرگ‌ها هم در این میان حقی دارند. (راستی مگر خدا، تنها خدایِ بره‌هاست؟)&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{گلوله}} تنها فرق شعر و قطار این است که قطار همیشه در لحظه‌ئی که &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;باید&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; می‌آید، و شعر همیشه در لحظه‌ئی که&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;نباید. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;تبصره&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;: هیچ چیز بیش‌تر از میهمان ناخوانده به‌شعر شبیه نیست، و دریغا که میهمان اگر درماندن پافشاری کند نفس‌گیر می‌شود (البته برای خواننده).&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{گلوله}} فیلسوفان را به‌سه دسته می‌توان تقسیم کرد:&lt;br /&gt;
دسته ء اول کسانی که ریاضیات می‌دانند. مانند ارسطو، دکارت،‌ کانت،‌اسپی‌نوزا، مارکس،‌انیشتین و هایزنبرگ. ( این‌ها فکر می‌کنند که فیلسوف هستند). &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
دستهء دوم کسانی که ریاضیات نمی‌دانند. مانند سقراط،‌ نیچه، شوپن‌هاور، هایدگر و شاگردش سارتر. (این‌ها فکر می‌کنند که فیلسوف هستند).&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
دستهء سوم کسانی که حتی فکرش را هم نمی‌کنند. مثل استادان دانشگاه و آقای پاپادوک.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پارنتز&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;: آقای&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; پاپادوک &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;یکی از توطئه‌های خلقت علیه انسان بود. او که دوست می‌داشت مردم پسر آفتابش بدانند دوست‌تر می‌داش که هر دوره بیش از دورهء پیش، مردمِ شیر قهوه‌ئی رنگِ هائیتی به او رای بدهند.  چنین مردی، با باروت و آهن تا مُرد رئیس جمهوری بود و تازه خرقه را هم به پسرش بخشید.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;نتیجهء اجتماعی:&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; در برخی جاها ریاست جمهوری می‌تواند سلطنتی باشد. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پرانتز در پرانتز&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;: البته آقای پاپادوک یک چیز دیگر را هم فراوان دوست‌می‌داشت و آن گرد آوری تمبر بود، و لاجرم ارز لازم از برای خریدن تمبر را از فروش خون پریده رنگِ ملتِ هائیتی به بیمارستان‌های آمریکائی تامین می‌کرد. (بیچاره)&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;مساله&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;: تعیین کنید چه کسی بیچاره است؛ پاپادوک یاملت هائیتی یا تمبر پست یا شما.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;مادهء واحده&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;: چه خوشبخت می‌بودم من، اگر می‌توانستم کاغذ عاشقانه‌ئی برای آقای پاپادوک بنویسم.(در آن صورت با نچسباندن تمبر به روی پاکت می‌توانستم حسابی دلخورش کنم).&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{گلوله}} یک عیب دیگر شعر خوب هم این است که گاهی منتقدان آن را نمی‌فهمند.&lt;br /&gt;
اخطار: منظور از گاهی، همان همیشه است که عوام آن را گاهیهماره نیز تلفظ می‌کنند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{گلوله}} انتظار خوشبختی، انتظار ملاقات با کسی است که نمی‌شناسیم در ایستگاه راه‌آهن شلوغی که هنوز ساخته نشده. &lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;تبصره&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;: خوشبختی قلمرو ابلهان است. &lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;نتیجه اخلاقی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;: بلاهت آمرزش است، در همین دنیا. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{گلوله}} ازدواج با نزدیکان،‌خودشکی از دور است. &lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ارشاد العوام&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;: کسی که بلند بلند فکر می‌کند نزدیکان خود را دور می‌کند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{گلوله}} من بیش‌تر از آن وقت دارم که شعر بلند بنویسم.&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اخطار&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;: کسانی که شعر بلند می‌نویسند وقت این را ندارند که قسمتی از آن را خط بزنند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{گلوله}} به حکمت همهء چیزها می‌شود پی برد مگر به حکمت دوشاخگی ریش رستم.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{گلوله}} نام اکثر نوابغ فرانسه یا ژان است یا پُل و یا ژان-پُل.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ضد عقیده&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;: خدا با خلق ژان - پُل بِلموندو به نبوغ فرانسه خیانت کرد.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{گلوله}} زندگی ما با ششصد - هفتصدسال پیش فرقی نکرده است چرا که ما هنوز هم که هنوز است زن خوب و فرمانبر و پارسا را بر زن ناخوب و نافرمان و ناپارسا ترجیح می‌دهیم. (این نشان می‌دهد که ما زنی میگیریم که باب دندان شیخ اجل باشد نه خودمان).&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{گلوله}} بزرگترین اختراعی که بعد از رادیو شده، تلویزیون است. و بزرگترین اختراع بعد از تلویزیون، پاره‌آجری که به سوی آن پرتاب می‌کنیم.&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اخطار&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;: این کار سبب دلخوری کلفت‌ها می‌شود و رواج سلف‌سرویس.&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;نتیجه اخلاقی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;: تلویزیون تراکتور مغز است.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{گلوله}} پارسائی در انزوا، انزوا در پارسائی است.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اگر &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;گاندی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; به اندازهء &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;خروشچف &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;چاق و چله بود هند هرگز به استقلال نمی‌رسید.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;نتیچه پارا کلینیکوس&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;: استقلال هر کشور رابطهء مسقیم دارد با طرز کار غدد مترشحه رهبران آن.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{گلوله}} گفته شده است که پول خوشبختی نمی‌آورد. &lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;برهان خلف&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;: بی‌پولی خوشبختی می‌آورد. (البته برای نزول‌خوران)&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[رده:کتاب جمعه ۱۲]]&lt;br /&gt;
[[رده:کتاب جمعه]]&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Pouya</name></author>
	</entry>
	<entry>
		<id>http://irpress.org/index.php?title=%D8%A7%D8%B2_%D8%B1%D9%88%D8%A8%D9%87%E2%80%8C%D8%B1%D9%88%D8%8C_%D8%A8%D8%A7_%D8%B4%D9%84%D8%A7%D9%82_%DB%B1%DB%B2&amp;diff=25274</id>
		<title>از روبه‌رو، با شلاق ۱۲</title>
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		<updated>2011-10-12T23:05:11Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;Pouya: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[Image:12-148.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۲ صفحه ۱۴۸|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۲ صفحه ۱۴۸]]&lt;br /&gt;
[[Image:12-149.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۲ صفحه ۱۴۹|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۲ صفحه ۱۴۹]]&lt;br /&gt;
[[Image:12-150.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۲ صفحه ۱۵۰|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۲ صفحه ۱۵۰]]&lt;br /&gt;
[[Image:12-151.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۲ صفحه ۱۵۱|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۲ صفحه ۱۵۱]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{بازنگری}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==از&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
روبه‌رو&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
با شلاق==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;کیومرث منشی‌زاده&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
. ما ایرانی‌ها بیش از این که اهل ایران باشیم اهل افراط و تفریطیم، یک جا چهل ستون می‌سازیم، یک جا بی‌ستون. اگر هم شیخی بسازیم یا می‌شود شیخ سعدی یا می‌شود شیخ شیپور.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اشتراط: اگر سعدی را مطابق گلستان تربیت می‌کردند می‌شد حاج میرزا آقاسی.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
. در طول تاریخ حکیمان در پیرامون اهمیت بچه حرف‌هائی زده‌اند که فقط به‌درد بچه‌ها می‌خورد، ولی من در این باره چیزی خواهم گفت که ردخور نداشته باشد و آن این است که بچه خیلی خوب است. فقط حیف که بزرگ می‌شود.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اخطار&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;: نپذیرفتن این تعریف، کوششی است از برای اثبات عدم درک خودتان از بعد چهارم.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;قاطیفوریاس&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;: حُسن بچه‌دار شدن این است که بالاخره جدول ضرب را یاد می‌گیریم و مسأله «بازرگانی دو توپ پارچه داشت...»را حل می‌کنیم.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;تعلیل&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;: تنها علت نازائی این است که کودکی که هرگز نبوده است برای به‌دنیا آمدن علتی نمی‌بیند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;تبصره&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;: نازائی تصور مرگِ یاخته‌هائی است که هرگز به‌وجود نمی‌آیند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;نتیجۀ اخلاقی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;: برخی از اشخاص عقیم می‌پندارند که عقیم بودن در خانواده‌شان موروثی است.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;المصراع&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;: میراث پدرخواهی علم پدر آموز.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
. بعد از مدت‌ها خدا چهار نابغه به‌منطقۀ دانوبِ اروپا عطا کرد: &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;انیشتین، مارکس، فروید و کافکا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; (این بار را درست فهمیدید: همگی یهودی هستند).&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;تکمله&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;: خداوندِ خدا چون می‌دانست که کار از محکم‌کاری عیب نمی‌کند برای اثبات علاقه خود به‌یهودیان، &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;هیتلر&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; را مسیحی خلق کرد (نقطه)&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
. شعر نباید موزون باشد، چرا که انسان موزون فکر نمی‌کند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
. مردی که عاشق زن خود باشد باید به‌چشم پزشک مراجعه کند. (راستی برای یک نفر نزدیک‌بین جز مراجعه به‌چشم پزشک چه راهی وجود دارد؟)&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
. فالکنر گفته است: «اولین نویسندۀ امریکا &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;وولف&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; است، دومّیش &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ویلیام&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; فالکنر (!)، سومیّش، &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;جان دس پاسوس&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; و چهارمیش&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ارنست همینگوی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;».&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سؤال&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;: بی‌آن که دربارۀ علت شکسته‌نفسی آقای فالکنر سئوالی بکنم می‌خواستم بپرسم مگر نویسندگی مسابقۀ اسبدوانی است که اول و دوم داشته باشد؟&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;نتیجۀ اخلاقی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;: امان از دست این امریکائی‌ها!&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
. قاضی واقعی کسی است که هرگز قضاوت نکند، و دزد واقعی کسی است که حداقل یک بار قضاوت کرده باشد. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
. ادوارد هشتم، امپراتوری انگلستان را با ازدواج با یک بیوه زن آمریکائی عوض کرد. (سیاست انگلیسی‌ها را می‌بینید؟)&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;نتیجه اخلاقی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;: دو کس در دو چیز اشتباه نمی‌کنند: انگلیسی در سیاست، و احمق در خوشبختی.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;قاطیغوریاس&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;: اگر هدف سیاست خوشبختی باشد، لاجرم انگلیسی احمق است.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
. زن، عمیقاً سطحی است. (وای به‌آن که عمیق هم باشد).&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
. در آن دیار که نامش را به‌شما نخواهم گفت پهلوانی بود که عادت داشت روزهای عید الاغی را با دندان بلند کند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سؤال&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;: به‌نظر شما، در آن لحظات تاریخی، الاغ دربارۀ انسانیت چه فکر می‌کرد؟ (می‌خواهم فکر شما را بسنجم.)&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
. اسپانیولی گفته است که بهترین رفیق یک مرد، در بچگی مادر اوست، در جوانی اسبش.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;نتیجۀ ریاضی قضیه در سلسلۀ&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; برای این که مادر انسان همیشه رفیق او باشد به‌ناچار مادر انسان باید یک اسب باشد.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;نتیجۀ اخلاقی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;: بی‌چاره &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سروانتس&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; که در میان ملتی به‌دنیا آمد که چنین ضرب‌المثل‌هائی دارد، و بیچاره‌تر از&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سروانتس&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; ،اسبش، که مادری را در حق او تمام کرد!&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
. حمایت از برّه‌ها بسیار منطقی است ولی گرگ‌ها هم در این میان حقی دارند. (راستی مگر خدا، تنها خدایِ بره‌هاست؟)&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
. تنها فرق شعر و قطار این است که قطار همیشه در لحظه‌ئی که &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;باید&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; می‌آید، و شعر همیشه در لحظه‌ئی که&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;نباید. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;تبصره&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;: هیچ چیز بیش‌تر از میهمان ناخوانده به‌شعر شبیه نیست، و دریغا که میهمان اگر درماندن پافشاری کند نفس‌گیر می‌شود (البته برای خواننده).&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
. فیلسوفان را به‌سه دسته می‌توان تقسیم کرد:&lt;br /&gt;
دسته ء اول کسانی که ریاضیات می‌دانند. مانند ارسطو، دکارت،‌ کانت،‌اسپی‌نوزا، مارکس،‌انیشتین و هایزنبرگ. ( این‌ها فکر می‌کنند که فیلسوف هستند). &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
دستهء دوم کسانی که ریاضیات نمی‌دانند. مانند سقراط،‌ نیچه، شوپن‌هاور، هایدگر و شاگردش سارتر. (این‌ها فکر می‌کنند که فیلسوف هستند).&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
دستهء سوم کسانی که حتی فکرش را هم نمی‌کنند. مثل استادان دانشگاه و آقای پاپادوک.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پارنتز&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;: آقای&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; پاپادوک &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;یکی از توطئه‌های خلقت علیه انسان بود. او که دوست می‌داشت مردم پسر آفتابش بدانند دوست‌تر می‌داش که هر دوره بیش از دورهء پیش، مردمِ شیر قهوه‌ئی رنگِ هائیتی به او رای بدهند.  چنین مردی، با باروت و آهن تا مُرد رئیس جمهوری بود و تازه خرقه را هم به پسرش بخشید.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;نتیجهء اجتماعی:&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; در برخی جاها ریاست جمهوری می‌تواند سلطنتی باشد. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پرانتز در پرانتز&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;: البته آقای پاپادوک یک چیز دیگر را هم فراوان دوست‌می‌داشت و آن گرد آوری تمبر بود، و لاجرم ارز لازم از برای خریدن تمبر را از فروش خون پریده رنگِ ملتِ هائیتی به بیمارستان‌های آمریکائی تامین می‌کرد. (بیچاره)&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;مساله&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;: تعیین کنید چه کسی بیچاره است؛ پاپادوک یاملت هائیتی یا تمبر پست یا شما.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;مادهء واحده&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;: چه خوشبخت می‌بودم من، اگر می‌توانستم کاغذ عاشقانه‌ئی برای آقای پاپادوک بنویسم.(در آن صورت با نچسباندن تمبر به روی پاکت می‌توانستم حسابی دلخورش کنم).&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
. یک عیب دیگر شعر خوب هم این است که گاهی منتقدان آن را نمی‌فهمند.&lt;br /&gt;
اخطار: منظور از گاهی، همان همیشه است که عوام آن را گاهیهماره نیز تلفظ می‌کنند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
. انتظار خوشبختی، انتظار ملاقات با کسی است که نمی‌شناسیم در ایستگاه راه‌آهن شلوغی که هنوز ساخته نشده. &lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;تبصره&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;: خوشبختی قلمرو ابلهان است. &lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;نتیجه اخلاقی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;: بلاهت آمرزش است، در همین دنیا. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
. ازدواج با نزدیکان،‌خودشکی از دور است. &lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ارشاد العوام&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;: کسی که بلند بلند فکر می‌کند نزدیکان خود را دور می‌کند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
.من بیش‌تر از آن وقت دارم که شعر بلند بنویسم.&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اخطار&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;: کسانی که شعر بلند می‌نویسند وقت این را ندارند که قسمتی از آن را خط بزنند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
.به حکمت همهء چیزها می‌شود پی برد مگر به حکمت دوشاخگی ریش رستم.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
.نام اکثر نوابغ فرانسه یا ژان است یا پُل و یا ژان-پُل.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ضد عقیده&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;: خدا با خلق ژان - پُل بِلموندو به نبوغ فرانسه خیانت کرد.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
.زندگی ما با ششصد - هفتصدسال پیش فرقی نکرده است چرا که ما هنوز هم که هنوز است زن خوب و فرمانبر و پارسا را بر زن ناخوب و نافرمان و ناپارسا ترجیح می‌دهیم. (این نشان می‌دهد که ما زنی میگیریم که باب دندان شیخ اجل باشد نه خودمان).&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
.بزرگترین اختراعی که بعد از رادیو شده، تلویزیون است. و بزرگترین اختراع بعد از تلویزیون، پاره‌آجری که به سوی آن پرتاب می‌کنیم.&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اخطار&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;: این کار سبب دلخوری کلفت‌ها می‌شود و رواج سلف‌سرویس.&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;نتیجه اخلاقی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;: تلویزیون تراکتور مغز است.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
.پارسائی در انزوا، انزوا در پارسائی است.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اگر &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;گاندی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; به اندازهء &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;خروشچف &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;چاق و چله بود هند هرگز به استقلال نمی‌رسید.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;نتیچه پارا کلینیکوس&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;: استقلال هر کشور رابطهء مسقیم دارد با طرز کار غدد مترشحه رهبران آن.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
. گفته شده است که پول خوشبختی نمی‌آورد. &lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;برهان خلف&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;: بی‌پولی خوشبختی می‌آورد. (البته برای نزول‌خوران)&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[رده:کتاب جمعه ۱۲]]&lt;br /&gt;
[[رده:کتاب جمعه]]&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Pouya</name></author>
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		<title>از روبه‌رو، با شلاق ۱۲</title>
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		<updated>2011-10-12T23:00:38Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;Pouya: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[Image:12-148.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۲ صفحه ۱۴۸|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۲ صفحه ۱۴۸]]&lt;br /&gt;
[[Image:12-149.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۲ صفحه ۱۴۹|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۲ صفحه ۱۴۹]]&lt;br /&gt;
[[Image:12-150.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۲ صفحه ۱۵۰|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۲ صفحه ۱۵۰]]&lt;br /&gt;
[[Image:12-151.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۲ صفحه ۱۵۱|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۲ صفحه ۱۵۱]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{در حال ویرایش}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==از&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
روبه‌رو&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
با شلاق==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;کیومرث منشی‌زاده&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
. ما ایرانی‌ها بیش از این که اهل ایران باشیم اهل افراط و تفریطیم، یک جا چهل ستون می‌سازیم، یک جا بی‌ستون. اگر هم شیخی بسازیم یا می‌شود شیخ سعدی یا می‌شود شیخ شیپور.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اشتراط: اگر سعدی را مطابق گلستان تربیت می‌کردند می‌شد حاج میرزا آقاسی.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
. در طول تاریخ حکیمان در پیرامون اهمیت بچه حرف‌هائی زده‌اند که فقط به‌درد بچه‌ها می‌خورد، ولی من در این باره چیزی خواهم گفت که ردخور نداشته باشد و آن این است که بچه خیلی خوب است. فقط حیف که بزرگ می‌شود.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اخطار&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;: نپذیرفتن این تعریف، کوششی است از برای اثبات عدم درک خودتان از بعد چهارم.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;قاطیفوریاس&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;: حُسن بچه‌دار شدن این است که بالاخره جدول ضرب را یاد می‌گیریم و مسأله «بازرگانی دو توپ پارچه داشت...»را حل می‌کنیم.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;تعلیل&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;: تنها علت نازائی این است که کودکی که هرگز نبوده است برای به‌دنیا آمدن علتی نمی‌بیند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;تبصره&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;: نازائی تصور مرگِ یاخته‌هائی است که هرگز به‌وجود نمی‌آیند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;نتیجۀ اخلاقی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;: برخی از اشخاص عقیم می‌پندارند که عقیم بودن در خانواده‌شان موروثی است.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;المصراع&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;: میراث پدرخواهی علم پدر آموز.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
. بعد از مدت‌ها خدا چهار نابغه به‌منطقۀ دانوبِ اروپا عطا کرد: &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;انیشتین، مارکس، فروید و کافکا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; (این بار را درست فهمیدید: همگی یهودی هستند).&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;تکمله&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;: خداوندِ خدا چون می‌دانست که کار از محکم‌کاری عیب نمی‌کند برای اثبات علاقه خود به‌یهودیان، &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;هیتلر&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; را مسیحی خلق کرد (نقطه)&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
. شعر نباید موزون باشد، چرا که انسان موزون فکر نمی‌کند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
. مردی که عاشق زن خود باشد باید به‌چشم پزشک مراجعه کند. (راستی برای یک نفر نزدیک‌بین جز مراجعه به‌چشم پزشک چه راهی وجود دارد؟)&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
. فالکنر گفته است: «اولین نویسندۀ امریکا &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;وولف&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; است، دومّیش &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ویلیام&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; فالکنر (!)، سومیّش، &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;جان دس پاسوس&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; و چهارمیش&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ارنست همینگوی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;».&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سؤال&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;: بی‌آن که دربارۀ علت شکسته‌نفسی آقای فالکنر سئوالی بکنم می‌خواستم بپرسم مگر نویسندگی مسابقۀ اسبدوانی است که اول و دوم داشته باشد؟&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;نتیجۀ اخلاقی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;: امان از دست این امریکائی‌ها!&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
. قاضی واقعی کسی است که هرگز قضاوت نکند، و دزد واقعی کسی است که حداقل یک بار قضاوت کرده باشد. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
. ادوارد هشتم، امپراتوری انگلستان را با ازدواج با یک بیوه زن آمریکائی عوض کرد. (سیاست انگلیسی‌ها را می‌بینید؟)&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;نتیجه اخلاقی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;: دو کس در دو چیز اشتباه نمی‌کنند: انگلیسی در سیاست، و احمق در خوشبختی.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;قاطیغوریاس&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;: اگر هدف سیاست خوشبختی باشد، لاجرم انگلیسی احمق است.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
. زن، عمیقاً سطحی است. (وای به‌آن که عمیق هم باشد).&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
. در آن دیار که نامش را به‌شما نخواهم گفت پهلوانی بود که عادت داشت روزهای عید الاغی را با دندان بلند کند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سؤال&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;: به‌نظر شما، در آن لحظات تاریخی، الاغ دربارۀ انسانیت چه فکر می‌کرد؟ (می‌خواهم فکر شما را بسنجم.)&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
. اسپانیولی گفته است که بهترین رفیق یک مرد، در بچگی مادر اوست، در جوانی اسبش.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;نتیجۀ ریاضی قضیه در سلسلۀ&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; برای این که مادر انسان همیشه رفیق او باشد به‌ناچار مادر انسان باید یک اسب باشد.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;نتیجۀ اخلاقی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;: بی‌چاره &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سروانتس&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; که در میان ملتی به‌دنیا آمد که چنین ضرب‌المثل‌هائی دارد، و بیچاره‌تر از&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سروانتس&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; ،اسبش، که مادری را در حق او تمام کرد!&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
. حمایت از برّه‌ها بسیار منطقی است ولی گرگ‌ها هم در این میان حقی دارند. (راستی مگر خدا، تنها خدایِ بره‌هاست؟)&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
. تنها فرق شعر و قطار این است که قطار همیشه در لحظه‌ئی که &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;باید&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; می‌آید، و شعر همیشه در لحظه‌ئی که&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;نباید. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;تبصره&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;: هیچ چیز بیش‌تر از میهمان ناخوانده به‌شعر شبیه نیست، و دریغا که میهمان اگر درماندن پافشاری کند نفس‌گیر می‌شود (البته برای خواننده).&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
. فیلسوفان را به‌سه دسته می‌توان تقسیم کرد:&lt;br /&gt;
دسته ء اول کسانی که ریاضیات می‌دانند. مانند ارسطو، دکارت،‌ کانت،‌اسپی‌نوزا، مارکس،‌انیشتین و هایزنبرگ. ( این‌ها فکر می‌کنند که فیلسوف هستند). &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
دستهء دوم کسانی که ریاضیات نمی‌دانند. مانند سقراط،‌ نیچه، شوپن‌هاور، هایدگر و شاگردش سارتر. (این‌ها فکر می‌کنند که فیلسوف هستند).&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
دستهء سوم کسانی که حتی فکرش را هم نمی‌کنند. مثل استادان دانشگاه و آقای پاپادوک.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پارنتز&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;: آقای&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; پاپادوک &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;یکی از توطئه‌های خلقت علیه انسان بود. او که دوست می‌داشت مردم پسر آفتابش بدانند دوست‌تر می‌داش که هر دوره بیش از دورهء پیش، مردمِ شیر قهوه‌ئی رنگِ هائیتی به او رای بدهند.  چنین مردی، با باروت و آهن تا مُرد رئیس جمهوری بود و تازه خرقه را هم به پسرش بخشید.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;نتیجهء اجتماعی:&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; در برخی جاها ریاست جمهوری می‌تواند سلطنتی باشد. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پرانتز در پرانتز&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;: البته آقای پاپادوک یک چیز دیگر را هم فراوان دوست‌می‌داشت و آن گرد آوری تمبر بود، و لاجرم ارز لازم از برای خریدن تمبر را از فروش خون پریده رنگِ ملتِ هائیتی به بیمارستان‌های آمریکائی تامین می‌کرد. (بیچاره)&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;مساله&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;: تعیین کنید چه کسی بیچاره است؛ پاپادوک یاملت هائیتی یا تمبر پست یا شما.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;مادهء واحده&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;: چه خوشبخت می‌بودم من، اگر می‌توانستم کاغذ عاشقانه‌ئی برای آقای پاپادوک بنویسم.(در آن صورت با نچسباندن تمبر به روی پاکت می‌توانستم حسابی دلخورش کنم).&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
. یک عیب دیگر شعر خوب هم این است که گاهی منتقدان آن را نمی‌فهمند.&lt;br /&gt;
اخطار: منظور از گاهی، همان همیشه است که عوام آن را گاهیهماره نیز تلفظ می‌کنند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
. انتظار خوشبختی، انتظار ملاقات با کسی است که نمی‌شناسیم در ایستگاه راه‌آهن شلوغی که هنوز ساخته نشده. &lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;تبصره&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;: خوشبختی قلمرو ابلهان است. &lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;نتیجه اخلاقی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;: بلاهت آمرزش است، در همین دنیا. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
. ازدواج با نزدیکان،‌خودشکی از دور است. &lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ارشاد العوام&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;: کسی که بلند بلند فکر می‌کند نزدیکان خود را دور می‌کند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
.من بیش‌تر از آن وقت دارم که شعر بلند بنویسم.&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اخطار&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;: کسانی که شعر بلند می‌نویسند وقت این را ندارند که قسمتی از آن را خط بزنند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
.به حکمت همهء چیزها می‌شود پی برد مگر به حکمت دوشاخگی ریش رستم.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
.نام اکثر نوابغ فرانسه یا ژان است یا پُل و یا ژان-پُل.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ضد عقیده&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;: خدا با خلق ژان - پُل بِلموندو به نبوغ فرانسه خیانت کرد.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
.زندگی ما با ششصد - هفتصدسال پیش فرقی نکرده است چرا که ما هنوز هم که هنوز است زن خوب و فرمانبر و پارسا را بر زن ناخوب و نافرمان و ناپارسا ترجیح می‌دهیم. (این نشان می‌دهد که ما زنی میگیریم که باب دندان شیخ اجل باشد نه خودمان).&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
.بزرگترین اختراعی که بعد از رادیو شده، تلویزیون است. و بزرگترین اختراع بعد از تلویزیون، پاره‌آجری که به سوی آن پرتاب می‌کنیم.&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اخطار&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;: این کار سبب دلخوری کلفت‌ها می‌شود و رواج سلف‌سرویس.&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;نتیجه اخلاقی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;: تلویزیون تراکتور مغز است.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
.پارسائی در انزوا، انزوا در پارسائی است.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اگر &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;گاندی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; به اندازهء &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;خروشچف &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;چاق و چله بود هند هرگز به استقلال نمی‌رسید.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;نتیچه پارا کلینیکوس&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;: استقلال هر کشور رابطهء مسقیم دارد با طرز کار غدد مترشحه رهبران آن.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
. گفته شده است که پول خوشبختی نمی‌آورد. &lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;برهان خلف&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;: بی‌پولی خوشبختی می‌آورد. (البته برای نزول‌خوران)&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[رده:کتاب جمعه ۱۲]]&lt;br /&gt;
[[رده:کتاب جمعه]]&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Pouya</name></author>
	</entry>
	<entry>
		<id>http://irpress.org/index.php?title=%D8%A7%D8%B2_%D8%B1%D9%88%D8%A8%D9%87%E2%80%8C%D8%B1%D9%88%D8%8C_%D8%A8%D8%A7_%D8%B4%D9%84%D8%A7%D9%82_%DB%B1%DB%B2&amp;diff=25272</id>
		<title>از روبه‌رو، با شلاق ۱۲</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="http://irpress.org/index.php?title=%D8%A7%D8%B2_%D8%B1%D9%88%D8%A8%D9%87%E2%80%8C%D8%B1%D9%88%D8%8C_%D8%A8%D8%A7_%D8%B4%D9%84%D8%A7%D9%82_%DB%B1%DB%B2&amp;diff=25272"/>
		<updated>2011-10-12T22:56:27Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;Pouya: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[Image:12-148.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۲ صفحه ۱۴۸|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۲ صفحه ۱۴۸]]&lt;br /&gt;
[[Image:12-149.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۲ صفحه ۱۴۹|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۲ صفحه ۱۴۹]]&lt;br /&gt;
[[Image:12-150.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۲ صفحه ۱۵۰|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۲ صفحه ۱۵۰]]&lt;br /&gt;
[[Image:12-151.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۲ صفحه ۱۵۱|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۲ صفحه ۱۵۱]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{در حال ویرایش}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
==از&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
روبه‌رو&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
با شلاق==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;کیومرث منشی‌زاده&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
. ما ایرانی‌ها بیش از این که اهل ایران باشیم اهل افراط و تفریطیم، یک جا چهل ستون می‌سازیم، یک جا بی‌ستون. اگر هم شیخی بسازیم یا می‌شود شیخ سعدی یا می‌شود شیخ شیپور.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اشتراط: اگر سعدی را مطابق گلستان تربیت می‌کردند می‌شد حاج میرزا آقاسی.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
. در طول تاریخ حکیمان در پیرامون اهمیت بچه حرف‌هائی زده‌اند که فقط به‌درد بچه‌ها می‌خورد، ولی من در این باره چیزی خواهم گفت که ردخور نداشته باشد و آن این است که بچه خیلی خوب است. فقط حیف که بزرگ می‌شود.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اخطار&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;: نپذیرفتن این تعریف، کوششی است از برای اثبات عدم درک خودتان از بعد چهارم.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;قاطیفوریاس&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;: حُسن بچه‌دار شدن این است که بالاخره جدول ضرب را یاد می‌گیریم و مسأله «بازرگانی دو توپ پارچه داشت...»را حل می‌کنیم.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;تعلیل&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;: تنها علت نازائی این است که کودکی که هرگز نبوده است برای به‌دنیا آمدن علتی نمی‌بیند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;تبصره&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;: نازائی تصور مرگِ یاخته‌هائی است که هرگز به‌وجود نمی‌آیند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;نتیجۀ اخلاقی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;: برخی از اشخاص عقیم می‌پندارند که عقیم بودن در خانواده‌شان موروثی است.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;المصراع&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;: میراث پدرخواهی علم پدر آموز.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
. بعد از مدت‌ها خدا چهار نابغه به‌منطقۀ دانوبِ اروپا عطا کرد: &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;انیشتین، مارکس، فروید و کافکا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; (این بار را درست فهمیدید: همگی یهودی هستند).&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;تکمله&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;: خداوندِ خدا چون می‌دانست که کار از محکم‌کاری عیب نمی‌کند برای اثبات علاقه خود به‌یهودیان، &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;هیتلر&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; را مسیحی خلق کرد (نقطه)&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
. شعر نباید موزون باشد، چرا که انسان موزون فکر نمی‌کند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
. مردی که عاشق زن خود باشد باید به‌چشم پزشک مراجعه کند. (راستی برای یک نفر نزدیک‌بین جز مراجعه به‌چشم پزشک چه راهی وجود دارد؟)&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
. فالکنر گفته است: «اولین نویسندۀ امریکا &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;وولف&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; است، دومّیش &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ویلیام&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; فالکنر (!)، سومیّش، &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;جان دس پاسوس&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; و چهارمیش&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ارنست همینگوی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;».&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سؤال&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;: بی‌آن که دربارۀ علت شکسته‌نفسی آقای فالکنر سئوالی بکنم می‌خواستم بپرسم مگر نویسندگی مسابقۀ اسبدوانی است که اول و دوم داشته باشد؟&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;نتیجۀ اخلاقی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;: امان از دست این امریکائی‌ها!&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
. قاضی واقعی کسی است که هرگز قضاوت نکند، و دزد واقعی کسی است که حداقل یک بار قضاوت کرده باشد. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
. ادوارد هشتم، امپراتوری انگلستان را با ازدواج با یک بیوه زن آمریکائی عوض کرد. (سیاست انگلیسی‌ها را می‌بینید؟)&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;نتیجه اخلاقی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;: دو کس در دو چیز اشتباه نمی‌کنند: انگلیسی در سیاست، و احمق در خوشبختی.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;قاطیغوریاس&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;: اگر هدف سیاست خوشبختی باشد، لاجرم انگلیسی احمق است.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
. زن، عمیقاً سطحی است. (وای به‌آن که عمیق هم باشد).&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
. در آن دیار که نامش را به‌شما نخواهم گفت پهلوانی بود که عادت داشت روزهای عید الاغی را با دندان بلند کند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سؤال&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;: به‌نظر شما، در آن لحظات تاریخی، الاغ دربارۀ انسانیت چه فکر می‌کرد؟ (می‌خواهم فکر شما را بسنجم.)&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
. اسپانیولی گفته است که بهترین رفیق یک مرد، در بچگی مادر اوست، در جوانی اسبش.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;نتیجۀ ریاضی قضیه در سلسلۀ&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; برای این که مادر انسان همیشه رفیق او باشد به‌ناچار مادر انسان باید یک اسب باشد.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;نتیجۀ اخلاقی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;: بی‌چاره &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سروانتس&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; که در میان ملتی به‌دنیا آمد که چنین ضرب‌المثل‌هائی دارد، و بیچاره‌تر از&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سروانتس&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; ،اسبش، که مادری را در حق او تمام کرد!&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
. حمایت از برّه‌ها بسیار منطقی است ولی گرگ‌ها هم در این میان حقی دارند. (راستی مگر خدا، تنها خدایِ بره‌هاست؟)&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
. تنها فرق شعر و قطار این است که قطار همیشه در لحظه‌ئی که &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;باید&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; می‌آید، و شعر همیشه در لحظه‌ئی که&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;نباید. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;تبصره&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;: هیچ چیز بیش‌تر از میهمان ناخوانده به‌شعر شبیه نیست، و دریغا که میهمان اگر درماندن پافشاری کند نفس‌گیر می‌شود (البته برای خواننده).&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
. فیلسوفان را به‌سه دسته می‌توان تقسیم کرد:&lt;br /&gt;
دسته ء اول کسانی که ریاضیات می‌دانند. مانند ارسطو، دکارت،‌ کانت،‌اسپی‌نوزا، مارکس،‌انیشتین و هایزنبرگ. ( این‌ها فکر می‌کنند که فیلسوف هستند). &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
دستهء دوم کسانی که ریاضیات نمی‌دانند. مانند سقراط،‌ نیچه، شوپن‌هاور، هایدگر و شاگردش سارتر. (این‌ها فکر می‌کنند که فیلسوف هستند).&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
دستهء سوم کسانی که حتی فکرش را هم نمی‌کنند. مثل استادان دانشگاه و آقای پاپادوک.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
 پارنتز: آقای پاپادوک یکی از توطئه‌های خلقت علیه انسان بود. او که دوست می‌داشت مردم پسر آفتابش بدانند دوست‌تر می‌داش که هر دوره بیش از دورهء پیش، مردمِ شیر قهوه‌ئی رنگِ هائیتی به او رای بدهند.  چنین مردی، با باروت و آهن تا مُرد رئیس جمهوری بود و تازه خرقه را هم به پسرش بخشید.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
نتیجهء اجتماعی: در برخی جاها ریاست جمهوری می‌تواند سلطنتی باشد. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
پرانتز در پرانتز: البته آقای پاپادوک یک چیز دیگر را هم فراوان دوست‌می‌داشت و آن گرد آوری تمبر بود، و لاجرم ارز لازم از برای خریدن تمبر را از فروش خون پریده رنگِ ملتِ هائیتی به بیمارستان‌های آمریکائی تامین می‌کرد. (بیچاره)&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
مساله: تعیین کنید چه کسی بیچاره است؛ پاپادوک یاملت هائیتی یا تمبر پست یا شما.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
مادهء واحده: چه خوشبخت می‌بودم من، اگر می‌توانستم کاغذ عاشقانه‌ئی برای آقای پاپادوک بنویسم.(در آن صورت با نچسباندن تمبر به روی پاکت می‌توانستم حسابی دلخورش کنم).&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
یک عیب دیگر شعر خوب هم این است که گاهی منتقدان آن را نمی‌فهمند.&lt;br /&gt;
اخطار: منظور از گاهی، همان همیشه است که عوام آن را گاهیهماره نیز تلفظ می‌کنند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
انتظار خوشبختی، انتظار ملاقات با کسی است که نمی‌شناسیم در ایستگاه راه‌آهن شلوغی که هنوز ساخته نشده. &lt;br /&gt;
تبصره: خوشبختی قلمرو ابلهان است. &lt;br /&gt;
نتیجه اخلاقی: بلاهت آمرزش است، در همین دنیا. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
ازدواج با نزدیکان،‌خودشکی از دور است. &lt;br /&gt;
ارشاد العوام: کسی که بلند بلند فکر می‌کند نزدیکان خود را دور می‌کند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
من بیش‌تر از آن وقت دارم که شعر بلند بنویسم.&lt;br /&gt;
اخطار: کسانی که شعر بلند می‌نویسند وقت این را ندارند که قسمتی از آن را خط بزنند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
به حکمت همهء چیزها می‌شود پی برد مگر به حکمت دوشاخگی ریش رستم.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
نام اکثر نوابغ فرانسه یا ژان است یا پُل و یا ژان-پُل.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
ضد عقیده: خدا با خلق ژان - پُل بِلموندو به نبوغ فرانسه خیانت کرد.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
زندگی ما با ششصد - هفتصدسال پیش فرقی نکرده است چرا که ما هنوز هم که هنوز است زن خوب و فرمانبر و پارسا را بر زن ناخوب و نافرمان و ناپارسا ترجیح می‌دهیم. (این نشان می‌دهد که ما زنی میگیریم که باب دندان شیخ اجل باشد نه خودمان).&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
بزرگترین اختراعی که بعد از رادیو شده، تلویزیون است. و بزرگترین اختراع بعد از تلویزیون، پاره‌آجری که به سوی آن پرتاب می‌کنیم.&lt;br /&gt;
اخطار: این کار سبب دلخوری کلفت‌ها می‌شود و رواج سلف‌سرویس.&lt;br /&gt;
نتیجه اخلاقی: تلویزیون تراکتور مغز است.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
پارسائی در انزوا، انزوا در پارسائی است.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اگر گاندی به اندازهء خروشچف چاق و چله بود هند هرگز به استقلال نمی‌رسید.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
نتیچه پارا کلینیکوس: استقلال هر کشور رابطهء مسقیم دارد با طرز کار غدد مترشحه رهبران آن.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
. گفته شده است که پول خوشبختی نمی‌آورد. &lt;br /&gt;
برهان خلف: بی‌پولی خوشبختی می‌آورد. (البته برای نزول‌خوران)&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[رده:کتاب جمعه ۱۲]]&lt;br /&gt;
[[رده:کتاب جمعه]]&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Pouya</name></author>
	</entry>
	<entry>
		<id>http://irpress.org/index.php?title=%D9%BE%D8%B3_%D8%A7%D8%B2_%D9%87%D9%81%D8%AA_%D8%B3%D8%A7%D9%84&amp;diff=25168</id>
		<title>پس از هفت سال</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="http://irpress.org/index.php?title=%D9%BE%D8%B3_%D8%A7%D8%B2_%D9%87%D9%81%D8%AA_%D8%B3%D8%A7%D9%84&amp;diff=25168"/>
		<updated>2011-09-28T21:20:35Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;Pouya: /* یادداشت‌ها */&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[Image:13-003.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۳|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۳]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-004.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۴|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۴]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-005.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۵|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۵]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-006.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۶|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۶]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-007.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۷|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۷]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-008.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۸|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۸]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-009.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۹|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۹]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-010.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۰|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۰]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-011.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۱|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۱]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-012.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۲|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۲]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-013.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۳|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۳]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-014.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۴|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۴]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-015.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۵|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۵]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-016.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۶|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۶]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-017.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۷|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۷]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-018.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۸|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۸]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-019.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۹|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۹]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-020.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۰|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۰]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-021.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۱|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۱]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-022.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۲|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۲]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-023.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۳|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۳]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-024.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۴|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۴]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-025.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۵|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۵]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-026.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۶|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۶]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-027.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۷|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۷]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-028.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۸|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۸]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-029.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۹|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۹]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-030.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۳۰|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۳۰]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-031.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۳۱|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۳۱]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-032.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۳۲|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۳۲]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-033.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۳۳|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۳۳]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{در حال ویرایش}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
«نوشتن چه سودی دارد اگر برای مبارزه با موانعی نباشد که نظام حاکم در برابر پیام مخالفان قرار می‌دهد؟» این، پیام دلاورانۀ &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ادواردو گالیانو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; است. آری، به‌راستی سودش چیست؟- نوشتن یا آفرینش هنری، اگر برای محکوم کردن بی‌انسانیتی نظام حاکم و زمانِ ما نباشد معنایش چیست؟&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
هرچند درست است که هنر و ادبیات از راه ستایش لحظه‌های آسایش زندگی، زندگی را زیور می‌بخشد. و درست است که نقش هنر و ادبیات و شعر و موسیقی، لذت بردن هرچه بیش‌تر ما از زندگی، و ژرف‌تر و آهنگین‌تر و پر معنا کردنِ روابط، با یکدیگر است؛ اما انسان چه‌گونه می‌تواند ستایشگر دنیائی باشد که در آن، بیش‌تر انسان‌ها تنها از آن رو «می‌زیند»که لذایذ بیرحمانۀ حیات گروهی اندک را که به‌اصطلاح «صاحبان امتیازات ویژه»‌اند تأمین کنند؟ انسان چه‌گونه می‌تواند با نظامی هماهنگ شود که پیوسته در کارِ مکیدنِ خونِ رگ‌های باز است؟ - رگ‌های باز، تنها در آمریکای لاتین نیست بلکه یک سر از ویژگی‌هایِ تمامی جهان سوم است.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
برای ما، در جهان سوم، زمان، زمان بحران است نه زمان ستایش و شادمانی! زمان نگرش به‌واقعیت خویش و تفکر و اندیشۀ انتقادی است، نه خیالبافی‌های عرفانی. زمان مبارزه است و در این مبارزه، ما نیاز به‌صدائی داریم که نظام ستمگر را رسوا و بی‌انسانیّتیِ آن را محکوم کند و امید به‌آینده را به‌ما دهد. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ادواردو گالیانو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; چنین صدای راستینی است که نه تنها برای آمریکای لاتین، بل برای سراسر جهان سوم و در واقع برای تمامی بشریت سخن می‌گوید.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
۱&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
هفت سال از زمان چاپ نخست&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;رگ‌های بازِ آمریکای لاتین&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; می‌گذرد. این کتاب برای آن نوشته شده بود که با مردم به‌گفت‌و گو بپردازد. نویسنده‌ئی ناخبره، مردمی ناخبره را مورد خطاب قرار داده بود تا پاره‌ئی حقایق را که تاریخ رسمی- تاریخی که فاتحان نوشته‌اند- پنهان داشته یا تحریف کرده است فاش شود.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
هیجان‌آمیزترین پاسخ‌ها و واکنش‌ها نه از صفحات ادبی روزنامه‌ها، بل از متن زندگی واقعی رخ نمود، آن هم به‌صورت رویدادهائی در کوچه و خیابان. به‌عنوان مثال، دختری که در اتوبوسی کتاب را برای دوستی که پهلویش نشسته بود می‌خواند، سر انجام به‌پا خواسته در حالی که اتوبوس از خیابان‌های &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بوگوتا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; می‌گذشت، قسمتی از آن را به‌صدای بلند برای همۀ مسافران خوانده بود. یا، زنی که طی روزهای کشتار از &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سانتیاگو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; (پایتخت شیلی)می‌گریخت کتاب را لای قنداقۀ کودکش پنهان کرده بود. یا،  دانشجوئی که قدرت خرید کتاب را نداشت یک هفتۀ تمام در خیابان&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;کوری‌یِن‌تِس&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; محلۀ کتابفروش‌های &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;شهر بوئنوس آیرس&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; از این کتابفروشی به‌آن کتابفروشی رفته در هر کدام چند صفحه از کتاب را خوانده بود!&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
هم‌چنین بهترین تعریفی که از این کتاب شد از طرف نقدنویسان متخصص نبود، این تعریف را دیکتاتورهای نظامی کردند، آن هم از طریق ممنوع کردن کتاب! – به‌عنوان مثال، &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;رگ‌های باز&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; در کشور خود من- &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اروگوئه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;- قابل چاپ و پخش نیست. همین طور در&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;شیلی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;. در&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;آرژانتین&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; هم مقامات دولتی در رادیو و تلویزیون و روزنامه‌ها آن را به‌عنوان «وسیلۀ فساد جوانان»محکوم کرده‌اند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بلاس داوته‌رو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; [شاعر معاصر برجستۀ اسپانیولی]می‌گفت: «آن‌ها اجازه نمی‌دهند چیزهائی که من می‌نویسم دیده شود، چون من فقط چیزهائی را که می‌بینم می‌نویسم!»&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
به‌عقیدۀ من، با توجه به‌تمامی چیزهائی که گفته شده و انجام گرفته است، اگر شادمانه ادعا شود که &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;رگ‌های باز&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; کتابی نبوده که پژواکی نداشته باشد، نباید به‌قمپز در کردن تعبیرش کنند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
۲&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
این نکته که &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;رگ‌های باز&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; – این&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;کتاب راهنمایِ&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; پرده دری‌ها و فاش‌سازی‌ها- اقتصاد سیاسی را به‌سبک سرگذشت عشقی با قصۀ دزدهای دریائی مورد بحث قرار داده است باید سخت کفرآمیز به‌نظر آمده باشد. این را خودم هم می‌دانم. امّا باید اعتراف کنم که برای من، خواندن پاره‌ئی از مطالعات پرارزشی که بعضی جامعه‌شناسان، سیاست‌شناسان، اقتصاددانان و مورخان به‌زبان رمز می‌نویسند کاری بس دشوار است. زبان سربستۀ علمی، همیشه هم الزاماً بهای عمق و دانش زیاد نیست. حتی در پاره‌ئی موارد ناتوانی امر برقرار کردنِ ارتباط به‌سادگی تمام ممکن است، اعتلای فضایل روشنفکرانه جلوه کند. به‌گمان من دلزدگی ناشی از این امر بیش‌تر نظام مستقر را تبّرک می‌کند و تأکید می‌کند که دانش، امتیاز ویژۀ &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;نخبگان&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; است.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
به‌طور گذرا می‌توان گفت مشتی از آثار ادبیات مبارز نیز که برای مردمی معتقد نوشته می‌شود، معمولاً به‌چنین سرنوشتی گرفتار می‌آیند. زبانی که همین جور سرسری جمله‌های حاضر و آماده را با همان صفت‌ها و موصوف‌های مرسوم و همان شیوۀ بیان آهنگین معمول برای همان گوش‌های همیشگی تکرار می‌کند، هر قدر هم که فصاحت انقلابی داشته باشد به‌نظر من سازشکارانه می‌نماید. شاید این نوع ادبیاتِ محدودِ کم‌مایه به‌همان اندازه از انقلاب به‌دور باشد که ادبیات هرزۀ جنسی از ادبیات عاشقانه.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
۳&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
انسان می‌نویسد، تا سؤال‌هائی را که در سرش وزوز می‌کنند، این مگس‌های سمجی را که خواب از چشمش می‌ربایند، بیازماید و برای‌شان پاسخی پیدا کند و آن چه انسان می‌نویسد، اگر به‌ترتیبی با نیاز جامعه به‌یافتن فلان پاسخ منطبق شود، می‌تواند معنائی جمعی به‌دست آورد. من &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;رگ‌های باز&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; را برای آن نوشتم که اندیشه‌ها و تجارب شخصی گوناگونم را منتشر کنم تا شاید خصوصیت واقع‌بینانۀ آن‌ها بتواند کم‌و بیش مشتی از آن همه سؤال را که علی‌الدوام آزارمان داده است روشن کند: آیا آمریکای لاتین منطقه‌ئی از دنیاست که محکوم به‌تحمل خفت و فقر است؟ محکوم از طرف که و به‌چه دلیل؟ خطای خدا یا خطای طبیعت؟ آب و هوای طاقت‌فرسا و نژادهای پست؟ مذهب و آداب و رسوم؟ آیا این تیره‌بختی منتجّۀ تاریخ نیست که آن را انسان ساخته است؟ و بنابراین، آیا انسان نمی‌تواند آنها را دیگرگون کند؟&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
تجلیل گذشته، به‌نظر من، همیشه امری ارتجاعی بوده است. دست راستی‌ها&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;گذشته&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; را برمی‌گزینند چون&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;گذشته&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، مردگان را برتر و بهتر می‌شمارد: دنیائی ناآشفته و دوران‌هائی ناآشفته. قدرتمندان که امتیازات ویژۀ خود را از طریق ارث بردن مشروع می‌کنند دلتنگیِ خیال‌انگیزِ گذشته را می‌پرورند. انسان هنگامی که به‌تماشای موزه‌ئی می‌رود، به‌مطالعۀ تاریخ می‌پردازد. و این مجموعۀ مومیائی‌ها وسیله‌ئی است برای سوء‌استفاده از اعتماد و اطمینان مردم. آن‌ها دربارۀ گذشته به‌ما دروغ می‌گویند هم‌چنان که دربارۀ زمان حاضر نیز دروغ می‌گویند: واقعیت را پنهان می‌کنند و ستم‌دیده را وامی‌دارند خاطره‌ئی را که ستمگر برای او ساخته و چیزی ناآشنا هزار وصله و بیهوده است از آن خود بداند، تا بدین سان او خود را کنار کشد و زندگی‌ئی را بپذیرد که از آنِ او نیست، امّا انگار تنها زندگی‌ئی است که برای او ممکن است.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;رگ‌های باز&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، چنین می‌نماید که گذشته، بسان خاطرۀ زندۀ روزگارِ ما، از سوی زمان حاضر فراخوانده شده است. این کتاب، جست‌و جوئی است برای یافتن کلیدهای تاریخ گذشته، تا شاید از آن رهگذر زمان حاضر را (که آن نیز در حال ساختن تاریخ است)تشریح و تبیین بتوان کرد، و منطق حکم کرده است که نخستین شرطِ دگرگون کردنِ واقعیت، شناختن آن است. در این جا، فهرست قهرمانانی که پنداری برای شرکت در مجلس رقص البسۀ عجیب و غریب پوشیده‌اند یا به‌هنگام مرگِ در عرصۀ کارزار جمله‌های شکوهمند و پرهیبت و بالا بلند بر زبان می‌آورند در دسترس ما‌قرار نمی‌گیرد، بلکه صدا و گذرِ گام‌های گروه‌های عظیمی را وارسی می‌کنیم که گام‌های امروزین ما را پیشگوئی می‌کند. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;رگ‌های باز&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; از واقعیت مایه گرفته، اما از کتاب‌هائی دیگر و از خودش بهتری نیز سود برده است که، ما را یاری کرده‌اند تا بدانیم چیستیم، تا بدانیم چه می‌توانیم باشیم؛ ما را یاری کرده‌اند تا یقین کنیم که از کجا آمده‌ایم و بهتر بتوانیم حدس بزنیم که به‌کجا می‌رویم. آن واقعیت و آن کتاب‌ها نشان می‌دهند که توسعه نیافتن آمریکای لاتین نتیجۀ توسعه یافتن بیگانگان است: مردم آمریکای لاتین فقیرند چون خاکی که بر آن گام می‌گذاریم غنی است و جاهائی را که طبیعت مزیت و نعمت بخشیده باشد تاریخ نفرین کرده است. در این دنیای ما، دنیای مراکز قدرتمند و حومه‌های قدرت زده و زیر سلطه، ثروتی نیست که به‌دست آوردن آن دست کم«مشکوک»نبوده باشد.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
۴&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در این مدت زمانی که از نخستین چاپِ&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;رگ‌های باز&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; گذشته، تاریخ برای ما هم‌چنان معشوقی ستمکار بوده است.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
نظام حاکم، ترس و گرسنگی را چند برابر کرده است. ثروت به‌تمرکز، و فقر به‌گسترده شدن ادامه داده است. در اسناد و مدارک سازمان‌های&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;تخصصی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; بین‌المللی که زبان بی‌آلایش‌شان &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;مناطق ستم‌زدۀ&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; ما را «کشورهای در فرایند توسعه»و &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;فقرزدگی کینه‌توزانۀ طبقۀ کارگر&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; را «توزیع نزولی درآمد»نام‌گذاری کرده است ما را چنین شناخته‌اند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;عَصّارخانۀ بین‌المللی به‌کار خود ادامه داده است: کشورها در خدمت کالاها، انسان‌ها در خدمت اشیاء&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
با گذشت زمان، آن‌ها شیوه‌های صدور بحران را تکامل می‌دهند. سرمایۀ انحصاری به‌ذروۀ تمرکز خود می‌رسد و تسّلط بین‌المللی بر بازارها و اعتبارات و سرمایه‌گذاری‌ها انتقال مرتب و منظم و فزایندۀ تضادها را امکان‌پذیر می‌کند: حومه‌ها، بدون این که آشفتگی‌ها و نابسامانی‌های مهم رخ دهد، بهای رونق و کامکاری مراکز را می‌پردازند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
«بازار بین‌المللی»هنوز یکی از شاه کلیدهای این عملیات است. در این بازار، شرکت‌های چندملّیتی دیکتاتوری خود را اعمال می‌کنند (چندملّیتی، زیرا چنان که &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سویزی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; [اقتصاددان مشهور آمریکائی]توجیه کرده است در چند کشور عمل می‌کنند اما البته از نظر مالکّیت و کنترلی که دارند در واقع ملی هستند)سازمان جهانی نابرابری، با این واقعیت که امروزه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;برزیل&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;- به‌عنوان مثال- اتومبیل فولکس‌واگن به‌کشورهای دیگر آمریکای جنوبی و بازارهای دوردستِ آفریقا و خاورنزدیک صادر می‌کند، دگرگون نمی‌شود. در واقع، این، شرکتِ فولکس‌واگن&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;آلمانی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; است که دریافته است اگر محصولش را برای پاره‌ئی از بازارها، از واحد فرعی &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;برزیلی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; خود صادر کند برایش با صرفه‌تر است: هزینۀ پائینِ تولید و کارگرِ ارزان از برزیل، و سودهای کلان از آنِ آلمان.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در ضمن، هنگامی هم که بعضِ اقلام مواد خام به‌طرزی معجزه‌آسا از نفرین قیمت‌های پائین رهائی یابد هرگز مخاطره‌ئی پیش نمی‌آورد. وضع نفت از سال 1973 به‌این طرف چنین بوده است. مگر نفت دادوستدی بین‌المللی نیست؟ &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;استاندارد اویل&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; نیوجرسی، که اکنون&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اکسان&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; نام دارد،&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;رویال داچ‌شِل&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; یا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;گُلف&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;. – آیا این‌ها کشورهای عربی هستند یا کشورهای آمریکائی لاتین؟ سهم بیش‌تر از آنِ کیست؟ و بسیار فاش کننده بود تهمت‌های پر سروصدائی که به کشورهای تولیدکنندۀ نفت وارد آوردند.- آن‌ها جرأت کرده بودند از بهای نفت خود دفاع کنند و بی‌درنگ سپر بلای تورم و بیکاریِ کارگران اروپا و آمریکا شدند. آیا کشورهای- «توسعه یافته»هرگز پیش از بالا بردن بهای هر یک از فراورده‌های خود با کسی مشورت می‌کنند؟ بیست سال بود که بهای نفت مرتب پائین آمده بود. مظنۀ پائین و شرم‌آور آن نشانۀ کمک مالی عظیمی بود که به‌مراکز صنعتی بزرگ دنیا می‌شد. از سوی دیگر، فراورده‌های این مراکز روز به‌روز گران‌تر می‌شد. مظنۀ جدید نفت، در ارتباط با افزایش پایان‌ناپذیر بهای فراورده‌های اروپائی و آمریکای شمالی، جز این که آن را به‌سطح سال 1952 بازگرداند کاری نکرده بود. در سال 1973، نفت خام بار دیگر قدرت خریدی را که در دهۀ پیش داشت بازیافت. فقط همین.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
۵&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
یکی از رویدادهای مهم هفت سال اخیر ملی شدن نفت&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ونزوئلا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; است. این «ملی شدن»وابستگی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ونزوئلا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; در مسایل مربوط به‌تصفیه و عرضۀ نفت به‌بازارها را از میان نبرد، اما حیطه و گسترۀ جدیدی برای خودمختاری به‌وجود آورد. هنوز مدتی از تشکیل شرکت دولتیِ &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;نفت را به‌کار می‌برند]نگذشته بود Petroven که بیش‌تر مخفف آن Petroleos de VENEZUELA]ونزوئلا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; &lt;br /&gt;
که، این شرکت در میان 500 شرکت بسیار مهم آمریکای لاتین مقام اول را به‌دست آورد. برای یافتن بازارهائی جدید سوایِ بازارهای سنتی به‌جست‌وجو پرداخت و خیلی زود توانست مشتریانی تازه پیدا کند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
به‌هر حال هنگامی که دولت مالک ثروت اصلی سرزمین خود می‌شود همیشه به‌جا است که پرسیده شود «مالک خود دولت کیست؟»- ملی شدن منابع اساسی یک کشور، فی‌نفسه مفهومش توزیع مجدد درآمد به‌سودِ اکثریت مردم نیست، و ضرورتاً قدرت یا امتیازات ویژۀ اقلیت حاکم را به‌مخاطره نمی‌افکند. در ونزوئلا، اقتصاد اسراف و اتلاف، دست‌نخورده به‌حیات خود ادامه می‌دهد و در مرکز آن، زیر نور چراغ‌های نئون، یک طبقۀ اجتماعی میلیونر و ولخرج می‌درخشد. در سال 1976، واردات کشور 25 درصد افزایش یافت؛ اقدامی تمام عیار برای تأمین هزینۀ کالاهای فوق تجملی که به‌بازار ونزوئلا سرازیر شده و آن را در خود غرق کرده است. پرستش بت‌وارِ کالاها همچون نشانه و نماد قدرت اوج گرفته است و روابط انسانی به‌حدّ رقابت در مصرف تنزل یافته: در میان اقیانوس توسعه نیافتگی، اقلیتی که دارای امتیازات ویژه است روش زندگی و مدپرستیِ ثروتمندترین افرادِ توانگرترین جوامع دنیا را تقلید می‌کند؛ و در خودنمائی‌های &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;کاراکاس&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; هم، مانند&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;نیویورک&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، سرمایه‌های عالی «طبیعی»- یعنی هوا و نور و سکوت- بیش از پیش گران‌تر و  اَبَرمردِ ناسیونالیسمJuan Pablo Perez Alfonsoکمیاب‌تر می‌شوند. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;خوآن پابلو پِرِز آلفونسو  &lt;br /&gt;
ونزوئلا و پیامبر باز پس‌گرفتن و ملی کردنِ نفت، چنین هشدار می‌دهد: «آهای،مواظب باشید. انسان ممکن است از سوء هاضمه هم مثل گرسنگی بمیرد!» {{نشان|1}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
۶&lt;br /&gt;
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 من نوشتن&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;رگ‌های باز&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; را در آخرین روزهای سال 1970 به‌پایان رساندم.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
روی تخت عمل مرد. تابوت  Juan Velasco Alvaradoدر آخرین روزهای سال &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;1977 خوان‌ولاسکو آلوارادو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; &lt;br /&gt;
او را بزرگ‌ترین جمعیتی که در خیابان‌های &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;لیما&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; دیده شده بود روی دوش به‌گورستان برد. ژنرال &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ولاسکو آلوارادو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; که در خانه‌ئی محقر در سرزمین‌های خشک شمال &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پرو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; چشم به‌دنیا گشوده بود فرآیندِ اصلاحات اجتماعی و اقتصادی را رهبری کرد. این ژرف‌ترین و فراگیرنده‌ترین کوششی بود که در جهت دگرگونی در تاریخ معاصر کشور او صورت گرفت. با آغاز شورش سال 1968، دولت نظامی نیروی محرک و پویای اصلاحات کشاورزیِ راستین شد و راه را برای باز پس گرفتن منابع طبیعی که سرمایه‌های خارجی غصب کرده بود باز کرد. اما حتی پیش از آن که &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ولاسکو آلوارادو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; چشم از جهان فرو بندد، ختم انقلاب برچیره شده بود. فرآیند آفرینندگی ، عمری بس کوتاه داشت.- دو چیز آن را از پا در آورد: یکی باج سبیل رباخواران و دلالان، و دیگری این حقیقت مسلم که هر برنامه‌ئی، هر قدر هم پدرانه، اگر پایگاه مردمیِ سازمان یافته‌ئی نداشته باشد بی‌دوام است و محکوم به‌فنا.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در شب عید میلاد 1977، در حالی که قلب ژنرال&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ولاسکو آلوارادو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; در &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پرو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; از حرکت باز می‌ایستاد، ژنرالی دیگر که هیج گونه شباهتی به‌وی نداشت، در &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بولیویا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; مشت خود را محکم روی میز    دیکتاتور&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بولیویا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، بدین‌سان به‌تقاضای عفو زندانیان، Hogo Banzerمی‌کوبید. ژنرال &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;هوگو بانزر&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; &lt;br /&gt;
تبعیدشدگان، و کارگران اخراج شده، می‌گفت: «نه!»- چهار زن و چهارده کودک از معادن قلع به &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;لاپاز&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; (پایتخت)آمدند و دست به‌اعتصاب زدند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
قضاوت خبرگان چنین بود: «حالا زمانِ این کار نیست؛ موقعش که شد، خودمان خبرتان می‌کنیم...»&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
زن‌ها نشستند روی زمین و چنین گفتند: «ما با شما مشورت نمی‌کنیم، بلکه فقط به‌تان اطلاع می‌دهیم، تصمیم، گرفته شده است. در معادن، همیشه اعتصاب غذاست. چشم به‌دنیا نگشوده اعتصاب غذامان شروع می‌شود. در آن جا ما محکوم به‌مرگ نیز هستیم. البته آهسته آهسته، ولی به‌هر حال محکوم به‌مرگیم.»&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
دولت با مجازات و تهدید واکنش نشان نداد اما اعتصاب غذا نیروهائی را که مدت‌های طولانی در بند مانده بودند آزاد کرد. سراسر&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بولیویا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; تکان خورد و دندان‌های تیز خود را نشان داد. ده روز بعد، دیگر، مسأله فقط بر سرِ غذای چهار زن و چهارده کودک نبود: هزاروچهارصد کارگر و دانشجو دست به‌اعتصاب غذا زده بودند. رژیم دیکتاتوری احساس کرد که زمین زیر پایش دهان باز کرده است. فرمان عفو عمومی گرفته شد.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
بدین سان دو کشور &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;منطقۀ آند&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; از خط فاصل سال 1977 و 1978 گذشتند. در شمال، در &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;منطقۀ کارائیب&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، کشور&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پاناما&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; در پایان مذاکرات دشواری که با ایالات متحدۀ آمریکا انجام داد، به‌انتظار الغای قرارداد مستعمراتی کانال بود؛ و در&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;کوبا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; مردم در تکاپوی برگزاری جشن انقلاب سوسیالیستی خود بودند، جشن هفدهمین سال زندگی پیروزمند خویش. چند روز بعد، در &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;نیکاراگوا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، مردم خشمگین به‌خیابان‌ها ریختند. دیکتاتور&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سوموزا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، پسر دیکتاتور&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سوموزا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، از سوراخ کلید نگاه می‌کرد. خشم مردم ساختمان‌های چندین شرکت را به‌آتش کشید. یکی از این  ، که در آغاز سال 1978 آتش زده شد متعلق Plasmaferesisشرکت‌ها، به‌نام&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پلاسما فره‌سیس  &lt;br /&gt;
به‌تبعیدشدگان کوبائی بود که خون مردم&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;نیکاراگوا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; را به‌ایالات متحده می‌فروخت. (در دادوستد خون هم مانند هر دادوستد دیگر آنچه به‌دست تولیدکنندگان می‌رسد اندکی بیش‌تر از «پول چائی»است.  برای هر لیتر خون که در بازار آمریکای Hemo Caribbeanبه‌طور مثال شرکت &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;همو کاریبئین&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;  &lt;br /&gt;
شمالی به‌بیست و پنج دلار فروش می‌رود سه دلار به‌مردم &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;هائیتی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; می‌پردازد.)&lt;br /&gt;
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۷&lt;br /&gt;
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مقاله‌ئی چاپ، و اعلام کرد که حکومت Orlando Letelierدر ماه اوت1976،&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اورلاندو لِته‌لی‌یر&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;  &lt;br /&gt;
وحشت دیکتاتوری&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پینوشه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; و «آزادی اقتصادی»گروه‌های کوچک اداری امتیازات ویژه دو روی یک‌سکه است. {{نشان|2}}وی یکی از وزیران دولت &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سالوادور آلنده&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بود. در ایالات متحده در تبعید به‌سر می‌برد، و در همین جا بود که چندی بعد بمبی او را تکه‌تکه کرد. {{نشان|3}}او در مقاله‌اش چنین استدلال کرده بود که سخن گفتن از رقابت آزاد، در اقتصادی مانند اقتصاد شیلی- که تابع انحصاراتی است که هر وقت بخواهند با قیمت‌ها بازی می‌کنند- بیهوده است. و در کشوری که اتحادیه‌های واقعی کارگری غیرقانونی اعلام شده‌اند و حقوق و دستمزدها را شورای نظامی تعیین می‌کند، دم زدن از حقوق حقۀ کارگران خنده‌دار است. وی در این مقاله شرح می‌داد چگونه به‌دست آورده بودند Unidad popularپیروزی‌هائی که مردم شیلی در زمان دولت&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اتحاد خلق&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; &lt;br /&gt;
به‌طور کامل از میان رفته است. از انحصارات صنعتی که &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سالوادور آلنده&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; ملی کرده بود، رژیم دیکتاتوری نیمی را به‌صاحبان پیشین بازگرداند و نیمی دیگر را به‌معرض فروش گذاشت. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;فایرستون&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، ، کارخانۀ عظیم Parsonos Whitmoreکارخانۀ لاستیک‌سازی ملی را خرید و&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پارسونز و ویتمور&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; &lt;br /&gt;
خمیر کاغذسازی را... اقتصاد شیلی، به‌گفتۀ&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;لته‌لی‌یر&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، حتی از دورۀ پیش از به‌قدرت رسیدن &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;آلنده&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; هم بیش‌تر متمرکز و انحصاری شد. {{نشان|4}}&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;در آمریکای لاتین آزادی عمل شرکت‌ها با آزادی‌های مدنی هیچ سازگاری ندارد: نه این همه مذاکرات آزاد شرکت‌ها سابقه داشته است، نه این همه دستگیری و زندانی شدن مردم. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; و اما آزادی بازارها؟- از آغاز سال 1975 قیمت شیر در شیلی «آزاد»اعلام شد. نتیجۀ این اقدام طولی نکشید که ظهور کرد. دو شرکت بر بازارها مسلط شدند. قیمت شیر بلافاصله برای مصرف‌کنندگان 40 درصد افزایش یافت، در حالی که برای تولیدکنندگان 22 درصد پائین آمد!&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
مرگ‌ومیر کودکان، که در دورۀ حکومت&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اتحاد خلق&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; به‌میزان قابل توجهی پائین آمده بود، پس از به‌قدرت رسیدن&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پینوشه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; جهشی چشمگیر یافت. هنگامی که&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;لته‌لی‌یر&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; در یکی از خیابان‌های&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;واشینگتن&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; به‌قتل رسید، یک چهارم مردم شیلی هیچ درآمدی نداشتند اما یا به‌لطف صدقه‌های خیرخواهانۀ مردم کشورهای دیگر یا به‌علت سرسختی خود و بخورنمیری که به‌نحوی به‌دست می‌آوردند زنده ماندند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
شکافی که در آمریکای لاتین میان بهزیستی گروهی اندک و تیره‌روزی اکثریت مردم وجود دارد بسی عمیق‌تر از شکافی است که در اروپا یا ایالات متحده میان این دو طبقه دیده می‌شود. در نتیجۀ روش‌هائی هم که برای حفظ این شکاف لازم است وحشیانه‌تر است. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;برزیل&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; دارای ارتشی عظیم و کاملاً مجهز است، اما تنها پنج درصد بودجۀ کشور صرف آموزش و پرورش می‌شود. در&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اوروگوئه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; نیمی از بودجۀ کشور در حال حاضر به‌نیروهای مسلح و پلیس اختصاص دارد. یک پنجم جمعیت فعال کشور از راه جاسوسی و تعقیب یا مجازات دیگران زندگی می‌کنند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
بدون تردید یکی از مهم‌ترین رویدادهای این دهه، در سرزمین‌های ما، سرگذشت غمبارِ شورش نظامی در شیلی بود که در یازدهم سپتامبر، دولت دموکرات &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سالوادور آلنده&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; را واژگون کرد و کشور را در حمام خون غوطه داد.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اندکی پیش از آن، در ماه ژوئن، کودتائی در &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اوروگوئه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; پارلمان را منحل کرد، اتحادیه‌های کارگری را غیرقانونی شناخت و هرگونه فعالیت سیاسی را ممنوع اعلام داشت. {{نشان|5}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در ماه مارس 1976، ژنرال‌های&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;آرژانتین&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; به‌قدرت بازگشتند: دولت بیوۀ &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;خوآن دومینگو پرون&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;       &lt;br /&gt;
که از درون فاسد شده بود بدون ماتم و بدون سرافرازی فرو ریخت.Juan Domingo Peron&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
این سه کشور جنوبی آمریکای لاتین، اکنون، جراحتی بر پیکر دنیا هستند و منبع دائمی اخبار بد. شکنجه، آدم‌ربائی، آدمکشی، و تبعید اجباری، رسمِ روز شده است. آیا این دیکتاتوری‌ها غدّه‌هائی هستند که باید از ساز واره‌های سالم درآورده شوند یا دمل‌های چرکینی که عفونت نظام حاکم را آشکار می‌کنند؟&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
به‌اعتقاد من، همیشه رابطه‌ئی نزدیک میان شدت تهدید و وحشیانه بودن پاسخ و واکنش وجود دارد. آن چه امروز در&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;برزیل&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; و&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بولیویا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; اتفاق می‌افتد، به‌گمان من، بدون آن که تجربۀ رژیم‌های &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;خوائو   (رئیس جمهوری برزیل، 64-1961)و &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;خوآن خوزه تورس) (رئیس جمهوری  Joao Goulartگولار&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; &lt;br /&gt;
بولیویا، 71-1970)را به‌خاطر آوریم قابل درک نیست. این دولت‌ها، پیش از سقوط، یک رشته اصلاحات اجتماعی انجام داده یک سیاست اقتصادی ناسیونالیستی را به‌مرحلۀ اجرا در آورده بودند که فرایند آن در سال&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; 1964&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; در&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;برزیل&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; و در سال&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;1971&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; در&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بولیویا &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; متوقف شد. همین طور هم، می‌توان گفت که شیلی، آرژانتین و اوروگوئه کفارۀ گناه امید را می‌دهند. رشته تغییرات عمیق و بنیادین دولت &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;آلنده&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;؛ پرچم‌های عدالتی که در زمان دولت کم دوام &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;هکتور کامپورا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، در سال&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;1973&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، به‌اهتزاز درآمد و توده‌های کارگران آرژانتین را تجهیز و بسیج کرد؛ و سیاسی شدن پرشتاب جوانان اوروگوئه؛ این همه، مبارزه‌طلبی‌هائی بود که نظام حاکم بی‌قدرت و بحران‌زده نمی‌توانست تحمل کند. گاز تند آزادی نشان داد که برای اشباح خطرناک است و آن‌ها را به‌آتش می‌کشد، و گارد ویژه فراخوانده شد تا نظم را برقرار کند. عملیات پاک‌سازی، در واقع طرحی برای انهدام و نابودی است.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
۸&lt;br /&gt;
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پرونده‌های کنگرۀ ایالات متحده اغلب دارای مدارک غیرقابل انکاری دربارۀ مداخلات در آمریکای لاتین است. جوهرسوزان گناه، در اعترافات &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;امپراتوری جهانی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، وجدان‌ها را به‌درد می‌آورد و آن‌ها را تطهیر می‌کند. به‌طور مثال در این اواخر، در سوانح گوناگونی که پیش آمده، پذیرش رسمی مسؤولیت از طرف ایالات متحده چندین برابر شده است. اعترافات علنی بسیار، از جمله ثابت کرده‌اند که دولت ایالات متحده از راه رشوه، جاسوسی، و باج سبیل، در امور سیاسی شیلی شرکت مستقیم داشته است. طرح اصلی جنایت در &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;واشینگتن&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ریخته شد. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;کیسینجر&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;و دستگاه‌های جاسوسی، از سال&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;1970&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;نقشۀ سقوط &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;آلنده&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;را آماده کردند. میلیون‌ها دلار در میان دشمنان دولت قانونی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اتحاد خلق&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;توزیع شد. و به‌این ترتیب بود که، به‌طور مثال، کامیون‌داران توانستند اعتصاب طولانی خود را (که در سال&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; 1973 &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;قسمت مهمی از اقتصاد &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;شیلی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; را فلج کرد)ادامه دهند. یقین داشتن به‌این که کیفری در کار نیست زبان‌ها را باز می‌کند. در زمان کودتای ضد &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;گولار&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، سفارت ایالات متحده در&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;برزیل&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; بزرگترین سفارتخانۀ آن کشور در دنیا بود. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;لینکلن گوردون&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; که در آن زمان سفیرکبیر آمریکا بود، سه سال بعد به‌خبرنگاری اعتراف کرد که دولت او مدت‌ها به‌نیروهائی که با اصلاحات مخالفت می‌کردند کمک مالی می‌کرده است! -&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;گوردون&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; گفته بود: «چنین کاری کم و بیش در آن روزها عادی بود... &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سیا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;به‌توزیع و تقسیم وجوه سیاسی عادت کرده بود.»{{نشان|6}}در همان مصاحبه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;گوردون&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; توضیح داده بود که در روزهای کودتا،&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پنتاگون&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; یک ناو هواپیمابر بزرگ و چهار کشتی نفت‌کش به‌نزدیکی‌های سواحل برزیل فرستاده بود «که شاید نیروهای ضد&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;گولار&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; خواستار پشتیبانی ما باشند»و افزوده بود: «این پشتیبانی قرار نبود تنها برای تقویت روحیه باشد؛ بلکه، آماده بودیم مواد مورد نیاز، تدارکات، اسلحه، و نفت هم بدهیم.»&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
از زمانی که پرزیدنت&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;جیمی کارتر&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; سیاست حقوق بشر را آغاز کرد، برای رژیم‌های آمریکای لاتین- که در درجۀ اول با مداخله و کمک آمریکای شمالی به‌مردم این منطقه تحمیل شده‌اند- عادت شده است که بر ضد مداخلات آمریکای شمالی در امور داخلی خود اعلامیه‌هائی تهیه و تنظیم کنند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
کنگرۀ ایالات متحده در سال 1976 و 1977 تصمیم گرفت کمک‌های اقتصادی و نظامی به‌کشورهای مختلف را معلق نگه دارد. اما به‌هر حال قسمت اعظم کمک‌های خارجی ایالات متحده از صافی کنگره نمی‌گذرد. بدین‌سان، با وجود اعلامیه‌ها و تصمیمات و اعتراضات، رژیم ژنرال&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پینوشه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;در سال &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;1976،290 &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; میلیون دلار بدون تصویب «قوۀ قانونگذاری آمریکا» به‌صورت کمک از آن کشور  &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;- دیکتاتور آرژانتین- پس از آن که نخستین سال عمر خود را Videlaدریافت کرد رژیم ژنرال&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ویدِلا  &lt;br /&gt;
پشت سر گذاشت 500 میلیون دلار از بانک‌های خصوصی آمریکای شمالی و 415 میلیون دلار از دو مؤسسۀ بانک جهانی و &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بانک توسعۀ اینتر امریکن&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; که ایلات متحده نفوذ قاطعی در آن‌ها دارد دریافت کرد. حق برداشت ویژۀ آرژانتین از&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;صندوق بین‌المللی پول&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; که در سال 1975 بالغ بر 67 میلیون دلار بود دو سال بعد به 700 میلیون دلار افزایش یافت. نگرانی پرزیدنت &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;کارتر&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; از قصابی‌هائی که در پاره‌ئی از کشورهای آمریکای لاتین می‌شود بی‌فایده نیست، اما دیکتاتورهای کنونی هم خودآموز نبوده‌اند: آن‌ها فنون و هنر حکومت کردن را در کلاس‌های درس &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پنتاگون&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; در آمریکا و منطقۀ کانال&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پاناما&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; فراگرفته‌اند. این دوره‌های درسی هنوز هم ادامه دارد و تا آنجا که معلوم است محتوایشان ذره‌ئی تغییر نیافته. مردان نظامی آمریکای لاتین که امروزه مایۀ رسوائی ایالت متحده شده‌اند، شاگردان خوبی بوده‌اند. چهار سال پیش، هنگامی که&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;رابرت مک نامارا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;- رئیس کنونی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بانک جهانی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;- وزیر دفاع آمریکا بود گفته بود: «این‌ها رهبران جدیدند. ضرورتی ندارد که من دربارۀ ارزشِ وجود چنین مردانی در مقام رهبری که از پیش می‌دانند ما آمریکائی‌ها چگونه فکر و کار می‌کنیم، توضیح بیش‌تری بدهم. دوستی با چنین مردانی سخت پرارزش است.: {{نشان|7}}آیا کسانی که ما را &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;افلیج&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; کرده‌اند صندلی چرخدار به‌مان می‌دهند؟&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
۹&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اسقف‌های فرانسه دربارۀ نوع دیگری از مسؤلیت سخن می‌گویند که عمیق‌تر و غیرقابل رؤیت‌تر است: «ما که تعلق به‌ملت‌هائی داریم که ادعا می‌کنند پیشرفته‌ترین ملل عالمند، جزئی هستیم از کسانی که از استثمار کشورهای در حال توسعۀ استفاده می‌کنند. ما درد و رنجی را که این عمل در روح و جسم ملت‌ها به‌وجود می‌آورد نمی‌بینیم. ما تقسیم کنونی دنیا را که در آن تسلط دارا برندار و توانا بر ناتوان چشمگیر است، بیش‌تر تقویت می‌کنیم. آیا ما میدانیم که حیف و میل منابع و مواد خام از سوی ما، بدون کنترل بازرگانی بین‌المللی از طرف کشورهای غربی، امکان پذیر نیست؟ آیا ما نمی‌بینیم چه کسانی از دادوستد اسلحه استفاده می‌کنند، و کشور خود ما نمونه‌های غمباری از این سلاح‌ها را تهیه می‌کند؟ آیا ما حتی درک می‌کنیم که نظامی شدن رژیم کشورهای فقیر یکی از نتایج تسلط اقتصادی و فرهنگی است که از طرف کشورهای صنعتی اعمال می‌شود، که در آن‌ها میل شدید به‌سود بردن و قدرت پول حاکم بر زندگی است؟» {{نشان|8}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
دیکتاتورها، شکنجه‌گران، بازجویان عقیده، و ترس و وحشت هم مانند ادارات پست و بانک‌ها، کارگزاران خودش را دارد، و به‌کار بسته می‌شود چون که ضروری می‌نماید. و مسألۀ توطئۀ آدمیان پلید و اهریمنی در میان نیست. ژنرال&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پینوشه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; ممکن است شبیه یکی از اشخاص «نقاشی‌های    [نقاش برجستۀ اسپانیائی (1828-1746)]باشد، ولیمه‌ئی برای روانکاوان یا وارثِGoyaسیاه»&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;گویا &lt;br /&gt;
سنتی بیرحمانه از جمهوری‌های موز، اما خصوصیات کلینیکی یا فولکلوری چنین یا چنان دیکتاتوری فقط چاشنی تاریخ است نه خود تاریخ چه کسی امروز می‌تواند ادعا کند که جنگ جهانی اول به‌علت عقیدۀ&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;قیصر ویلهلم&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; که یک دستش کوتاه‌تر از دست دیگر بود آغاز شد؟ &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;برتولت برشت&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; در اواخر سال1940 در یادداشت‌های روزانۀ خود چنین نوشته است: «در کشورهای دموکراتیک خصوصیت خشونتی که اقتصاد دارد پنهان می‌ماند؛ در کشورهای استبدادی خصوصیت اقتصادی خشونت آشکار نمی‌شود.»&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در کشورهای جنوبی آمریکای لاتین فرماندهان نظامی قدرت را به‌دست گرفته‌اند تا نقشی را برای نظام حاکم ایفا کنند، یعنی هنگامی که طبقات حاکم دیگر نمی‌توانند از هیچ راه دیگری امور دادوستد خود را انجام دهند تروریسم دولتی را مستقر می‌کنند. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;در کشورهای ما اگر شکنجه با کارآمدی انجام نگیرد وجود نخواهد داشت؛ و دموکراسی، رسمی پایدار می‌ماند اگر تضمین شود که از کنترل صاحبان قدرت درنخواهد آمد. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; در زمان‌های سخت و دشوار، دموکراسی جنایتی بر ضدامنیت ملی شناخته می‌شود- یا شاید جنایتی بر ضدامنیت امتیاز ویژۀ داخلی و سرمایه‌گذاری‌های خارجی. دستگاه‌های ما برای ریزریز کردن گوشت انسانی به‌چرخ دنده‌های مکانیسمی بین‌المللی وصل شده‌اند. سراسر جامعۀ ما نظامی شده است. حالت استثنائی دائمی می‌شود و دستگاه زور و فشار به‌مجرد آن که از سوی مرکز نظام امپریالیستی پیچ و مهره‌ئی سفت می‌شود، مسلط می‌گردد. هنگامی که سایۀ بحران از کمین‌گاه دیده می‌شود، ضرورت پیدا می‌کند که غارت و چپاول کشورهای فقیر افزایش یابد تا اشتغال کامل، آزادی‌های مدنی، و نرخ‌های بالای توسعه را در کشورهای دارا تضمین کند. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;رابطۀ قربانی و دژخیم، دیالکتیک منحوسی است: ساختاری از خفت‌ها و خواری‌های پی‌در‌پی وجود دارد که از بازارهای بین‌المللی و مراکز مالی آغاز می‌شود و به‌خانۀ هر شهروندی پایان می‌یابد. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
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&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;هائیتی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; ندارترین کشور نیمکرۀ غربی است. در آن جا تعداد شویندگان پا از واکسی‌ها بیش‌تر است: کودکانی برای یک سکۀ پول پای مشتریان پا برهنه را که کفشی ندارند تا واکس بخورد می‌شویند. متوسط عمر مردم&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;هائیتی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، اندکی بیش از سی سال است. از هر ده نفر، نه نفر خواندن و نوشتن نمی‌دانند. در&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;هائیتی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، دامنۀ کوهستان‌های ناهموار برای مصرف داخلی کشت و زرع می‌شود و دره‌های حاصلخیز برای صادرات. بهترین زمین‌ها برای کشت قهوه، نی‌شکر، کاکائو و فرآورده‌های دیگری که مورد نیاز بازارهای آمریکای شمالی تخصیص یافته. در&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;هائیتی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; کسی &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بیس‌بال&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; بازی نمی‌کند، اما&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;هائیتی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; بزرگترین تولیدکنندۀ توپ مخصوص این بازی در سراسر دنیاست. کارگاه‌هائی که در آن‌ها کودکان با روزی یک دلار مزد کالاهای الکترونی و کاسِت مونتاژ می‌کنند  کم نیست. این فرآورده‌ها طبیعتاً صادراتی هستند؛ و طبیعتاً سود حاصل از آن‌ها نیز، پس از کسر کردن سهم مدیران ترس و وحشت، صادر می‌شود. در &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;هائیتی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; کوچکترین ظنّ اعتراض، مجازاتِ زندان یا مرگ دارد. حقوق و دستمزد کارگران&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;هائیتی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، هر چند که ممکن است باورکردنی به‌نظر نیاید، بین سال‌های 1971 و 1975 یک چهارمِ ارزش واقعیِ بسیار پائین خود را از دست داد. و این نکته واجد اهمیت است که طی این دوره، جریان تازه‌ئی از سرمایۀ آمریکا وارد&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;هائیتی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; شد!&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سرمقالۀ یکی دو سال پیشِ یکی لز روزنامه‌های&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بوئنوس آیرس&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; به‌خاطرم می‌آید. روزنامه‌ئی محافظه‌کار و قدیمی، سخت برآشفته بود که چرا در یک سند بین‌المللی، آرژانتین را کشوری کم توسعه و وابسته قلمداد کرده‌اند. چگونه یک جامعۀ با فرهنگ، اروپائی، دارای رونق اقتصادی، و سفید را می‌توان با معیارهای کشوری فقیر و سیاه مانند&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;هائیتی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; سنجید؟&lt;br /&gt;
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تردیدی نیست که تفاوت‌ها بسیار زیاد است هرچند که ارتباطی با مقولۀ تحلیل سخنگوی متنفذان&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بوئنوس آیرس&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ندارد. با وصف این، با تمام ناهمانندی‌ها و تضادهائی که ممکن است وجود داشته باشد، آرژانتین از دورِ باطلی که اقتصاد آمریکای لاتین را کلاً خفه می‌کند رهائی ندارد و هیچ کوششِ دفع شرِ روشنفکرانه‌ئی نمی‌تواند آن را از واقعیتی که، کم یا زیاد، وجه مشترک همۀ کشورهای منطقه است جدا کند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
Papa Doc Duvalierروی‌هم رفته کشتارهای ژنرال &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ویدِلا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; متمدنانه‌تر از کشتارهای&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;«پاپادوک»دووالیه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; [رئیس جمهور هائیتی، 71-1957]. یا وارث اریکۀ اونیست، هرچند که در آرژانتین زور و فشار ممکن است در سطح تکنولوژیکی بالاتری باشد. هر دو رژیم دیکتاتوری ضرورتاً در خدمت هدفی همانندند: &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;عرضۀ نیروی کاری ارزان به‌بازاری بین‌المللی که تقاضای فرآورده‌های ارزان دارد. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
دیکتاتوری &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ویدِلا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، هنوز قدرت را کاملاً در دست نگرفته بود که به‌سرعت اعتصابات را ممنوع کرد و در همان زمان که با سخت‌گیری شدیدی دستمزدها را ثابت نگاه می‌داشت با صدور تصویب‌نامه‌ئی قیمت‌ها را آزاد اعلام کرد. پنچ ماه پس از کودتا، قانون جدید سرمایه‌گذاری خارجی، شرکت‌های داخلی و خارجی را در وضعی همانند قرار داد. بدین‌سان، رقابت آزاد به‌وضع نامساعدِ غیرعادلانه‌ئی که بعضی از شرکت‌های داخلی و محلی داشتند پایان بخشید: &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;جنرال موتورز&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; بیچاره را مثل می‌زنم که حجم فروش جهانیش، به‌تنهائی به همۀ تولید ناخالص ملی &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;آرژانتین&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; برابر است!- اکنون خروج سود سرمایه‌ها از کشور، و باز پس فرستادن اصل پول‌های سرمایه‌گذاری شده نیز، صرف‌نظر از پاره‌ئی محدودیت‌هائی ناچیز، آزاد شده است.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در پایان نخستین سالی که از عمر رژیم گذشت، ارزش واقعی دستمزدها به‌چهل درصد کاهش یافت. این   Rudolfo Walshشاهکار، از طریق اعمال هراس و وحشت انجام گرفته بود. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;رودولفو والش &lt;br /&gt;
نویسنده، در نامۀ سرگشاده‌ئی رژیم را متهم می‌کند که: «پانزده هزار نفر ناپدید، ده هزار نفر زندانی،چهار هزار نفر مقتول، و ده‌ها هزار نر تبعیدی ارقام خام این نظام خوف و وحشت است.»- والش&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; این نامه را در 29 مارس 1977 برای رهبران سه گانۀ شورای نظامی فرستاد و خود او در همان روز ربوده شد و دیگر اثری از او به‌دست نیامده.&lt;br /&gt;
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۱۱&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
منابع موثق تأیید می‌کنند که از «سرمایه‌گذاری»های جدیدِ مستقیمِ خارجی در آمریکای لاتین، در واقع تنها مبالغ بسیار ناچیزی از کشور سرمایه‌گذار اصلی می‌آید: بنابر گزارشی که وزارت بازرگانی ایالات متحده منتشر کرده {{نشان|10}}تنها 12 درصد از وجوه سرمایه‌گذاری شده در خارج، از آمریکا خارج شده است. 22 درصد دیگر این به‌اصطلاح «سرمایه‌گذاری»ها مستقیماً از محل درآمدهائی تأمین شده که در خود آمریکای لاتین به‌دست آمده، و 66درصد بقیه را منابع اعتباری داخلی آن کشورها یا اعتبارات بین‌المللی پرداخت کرده‌اند!- همین نسبت‌ها در مورد سرمایه‌گذاری‌های ممالک اروپائی و ژاپن نیز مصداق دارد؛ و مخصوصاً باید به خاطر داشت که قسمت اعظم این 12 درصد «سرمایه‌گذاری»هم که مثلاً از دفاتر مرکزی این شرکت‌ها می‌آید نقدینه نیست بلکه ارزش اظهارشدۀ ماشین‌آلات فرسوده‌ئی است که منتقل کرده‌اند یا بهای دلخواهی است که شرکت‌های استعماری بابت دانش فنی، حق امتیاز و یا سرقفلی انگ و علامت تجاری خود تحمیل می‌کنند و به‌حساب می‌گذارند. بنابراین، شرکت‌های چند ملیتی، نه تنها اعتبارات داخلی کشورهائی را که در آن به‌فعالیت می‌پردازند در برابر سهم سرمایۀ مشکوکی می‌ربایند، بلکه فراتر از این، مطالبات ماوراء دریاهای خود را نیز چند برابر می‌کنند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
دیون خارجی کشورهای آمریکای لاتین در سال 1975 نزدیک به‌سه برابر بیش‌تر از سال 1969 بود {{نشان|11}}&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;برزیل، مکزیک، شیلی و اوروگوئه،&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; در سال 1975 نزدیک&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;به‌نیمی از درآمدهای صادراتی خود را به‌پرداخت استهلاک و بهرۀ دیون و به‌پرداخت&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سود شرکت‌های خارجی که در این کشورها استقرار یافته‌اند اختصاص دادند. در همان سال، بازپرداخت دیون و پرداخت سود، 55 درصد صادرات&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پاناما&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;و 60 درصد صادرات &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پرو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; را بلعید. {{نشان|12}}در سال 1969 هر فرد&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بولیویائی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;137 دلار به‌خارج مقروض بود، و در سال 1977 ای قرض به 483 دلار رسید!- مردم &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بولیویا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; هرگز در این امر مورد مشورت قرار نگرفته‌اند و هرگز یک پاپاسی این قروضی را که هم چون حلقۀ طناب‌دار به‌گردنشان افتاده است ندیده‌اند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در چند کشور آمریکای لاتین که هنوز محض خالی نبودن عریضه در آن‌ها انتخاباتی انجام می‌گیرد، نام  [یکی از بزرگ‌ترین بانک‌های ایالات متحدۀ آمریکا]به‌عنوان نامزدCity Bank&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سیتی‌بَنک&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;                &lt;br /&gt;
انتخابات»در هیچ کدام از فهرست‌های انتخاباتی دیده نمی‌شود، و نام هیچ یک از ژنرال‌های دیکتاتور هم «صندوق بین‌المللی پول»نیست. اما کدام وجدان است که حکم صادر می‌کند و چه دستی است که آن احکام را به‌اجرا درمی‌آورد؟ آن که وام می‌دهد فرمان نیز می‌راند. برای بازپرداخت وام، باید صادرات افزون شود، و نیز باید صادرات افزون شود تا پول واردات را بتوان پرداخت و خون‌ریزی بهره‌ها و&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;حق امتیازهائی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; را که شرکت‌های خارجی به‌دفاتر مرکزی‌شان می‌فرستند جبران بتوان کرد. افزایش صادرات که عواید واقعی آن به‌تدریج کم و کم‌تر می‌شود دستمزدها را به‌حد بخورو نمیر کاهش می‌دهد. فقر جمعی، که به‌عنوان کلید موفقیت اقتصادی در اختیار منافع خارجی گذاشته شده است از رشد بازارهای مصرف داخلی که برای استقرار و حفظ یک توسعۀ موزون اقتصادی ضروری است جلوگیری می‌کند. کشورهای ما اندک‌اندک صدای خود را از دست می‌دهند و به‌پژواک مبّدل می‌شوند. به‌دیگران وابستگی پیدا می‌کنند و تا زمانی که پاسخگوی نیازهای دیگران باشند هستی‌شان تأمین می‌ماند. از سوی دیگر، سر و صورتی تازه دادن به‌اقتصادی که در خدمت تقاضاهای خارج است باز هم ما را به‌همان وضع نداشتن آزادی عمل بازمی‌گرداند: دروازه‌ها را به‌روی غارت و چپاول انحصارات خارجی باز می‌کند و وامی‌داردمان که برای گرفتن وام از&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بانک جهانی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; به‌قراردادهای بزرگ‌ترین دیگری تن دهیم. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;دور باطل کامل می شود: وام خارجی و سرمایه‌گذاری خارجی افزایش صادراتی را ایجاب می‌کند که خود وام‌دهندگان به‌طور مداوم مشغول بلعیدین آنند. و این کار البته با مسالمت امکان‌پذیر نیست. کارگران آمریکای لاتین برای آن که نقش خود را به‌عنوان گروگان‌های کامکاری خارجیان بپذیرند باید زندانی باقی بمانند؛ چه این سوی و چه آن سوی میله‌های زندان. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
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استثمار وحشیانۀ نیروی کار یدی، با تکنولوژی پیش رفته ناسازگار نیست و در سرزمین‌های ما هرگز ناسازگار نبوده است؛ به‌عنوان مثال، گروه‌های عظیم کارگران بولیویا که ریه‌های خود را در  سرمایه‌دار Simon Ituri Patinoمعادن &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اورورو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; از دست داده بودند. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سیمون پاتین‌یو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
بزرگ &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بولیویائی (1947-1886) &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;مالک معادن قلع کشور خود و یکی از ثروتمندان دنیا بود و او را «سلطان قلع»می‌خواندند. در زمان او، کارگران در یک نظام بردگی مزدوری، منتها با ماشین‌آلاتی مدرن کار می‌کردند. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سلطان قلع&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; توانسته بود بالاترین سطح تکنولوژی زمان خود را با پائین‌ترین سطح دستمزد ترکیب کند. {{نشان|13}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
فراتر از این، در زمان ما، شرکت‌های چند ملیتی مقتدر هم‌زمان با دست‌اندازی و تملک فعالیت‌های صنعتی‌ئی که با سرمایه‌های داخلی ایجاد شده تکنولوژی پیشرفته‌ترین اقتصادها را هم مورد بهره‌برداری قرار می‌دهند. اقدام به‌متمرکز کردن سرمایه، از راه «&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;آتش‌زدن&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; بیرحمانۀ سطوح &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;متروک&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; فعالیت‌های اقتصادی، که به‌طور غیرتصادفی دقیقاً دولتی هم هستند»عملی شده است. {{نشان|14}}غیر دولتی کردن سریعِ صنایع آمریکای لاتین وابستگی فزایندۀ تکنولوژی را نیز به‌همراه داشته است. تکنولوژی، که شاه کلید قدرت است، در دنیای سرمایه‌داری، در انحصار مراکز استعماری است. این تکنولوژی به‌صورت دست دوم وارد می‌شود، اما مراکز استعماری نسخه بدل‌ها را هم به‌قیمت اصل می‌فروشند. در سال &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;1970 مکزیک&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; برای وارد کردن تکنولوژی خارجی دو برابر سال 1968 پرداخت کرد. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;برزیل&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; بین سال‌های 1965 و 1969 پرداخت‌هایش از این بابت دو برابر شد؛ و در همین دوره، افزایشی همانند در همین زمینه در&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;آرژانتین&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; نیز پدید آمد.&lt;br /&gt;
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انتقال تکنولوژی وام‌های سنگین خارجی را بیش‌تر می‌کند و آثار ویرانگری در بازار نیروی کار دارد. در نظامی که برای سرازیر کردن سود به‌خارج سازمان یافته است نیروی کار شرکت‌های «سنّتی»امکانات اشتغال خود را از دست می‌دهد. جزیره‌های کوچک صنایع نو، در برابر پویائی مشکوکی که در اقتصاد کشور پدید می‌آید، با کم کردن زمان کار لازم برای تولید، کارگران را قربانی می‌کنند. وجود سپاهی فزاینده و باد کرده از کارگران بیکار، به‌نوبۀ خود پائین آمدن ارزش واقعی دستمزدها را تسهیل می‌کند.&lt;br /&gt;
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اما اکنون حتی اسناد و مدارک &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;کمیسیون اقتصادی سازمان ملل برای آمریکای لاتین&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; هم از تقسیم مجدد نیروی کار در سطح بین‌المللی سخن می‌گویند. به‌طوری که خبرگان امیدوار اظهار نظر می‌کنند، طی چند سال آینده، آمریکای لاتین ممکن است به‌همان اندازه که امروز مواد خام و موادغذائی به‌خارج می‌فروشد، کالاهای ساخته شده صادر کند. «نابرابری دستمزدها بین کشورهای توسعه یافته و در حال توسعه- از جمله کشورهای آمریکای لاتین- ممکن است تقسیم‌بندی جدیدی از فعالیت‌ها را در میان این کشورها به‌وجود آورد و در نتیجه، به‌دلایل رقابتی، آن رشته از صنایع خود را که در آن هزینه‌های نیروی کار خیلی زیاد است جا به‌جا کنند. به‌طور مثال، هزینه‌های نیروی کار در صنعت کالاهای کارخانه‌ئی، در مکزیک یا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;برزیل&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; خیلی کم‌تر از ایالات متحده است» {{نشان|15}}&lt;br /&gt;
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انگیزشی برای پیشرفت، یا ماجراجوئی استعمارنو؟ ماشین‌آلات الکتریکی     &lt;br /&gt;
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اما اکنون حتی اسناد و مدارک &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; کمیسیون اقتصادی سازمان ملل برای آمریکا لاتین&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;  هم از تقسیم مجدد نیروی کار در سطح بین‌المللی سخن می‌گویند. به طوری که خبرگان امیدوار اظهارنظر میکنند، طی چند سال آینده، آمریکای لاتین ممکن است به همان اندازه که امروز مواد خام و مواد غذائی به خارج می‌فروشد، کالاهای ساخته شده صادر کند. «نابرابری دستمزدها بین کشورهای توسعه یافته و در حال توسعه - از جمله کشورهای آمریکای لاتین - ممکن است تقسیم بندی جدیدی از فعالیت‌ها را در میان این گشورها به وجود آورد و در نتیجه، به دلایلی رقابتی، آن رشته از صنایع خود را که در ان هزینه‌های نیزوی کار خیلی زیاد است جابه‌جا کنند. به طور مثال، هزینه‌های نیروی کار در صنعت کالاهای کارخانه‌ئ، در مکزیک یا &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;برزیل&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; خیلی کم‌تر از ایالات متحده‌ است.» {{نشان|15}}&lt;br /&gt;
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انگیزشی برای پیشرفت، یا ماجراجوئی استعمارنو؟ ماشین آلات الکتریکی و غیرالکتریکی اکنون در میان فراورده‌های صادرتی عمدهء مکزیک به‌طور بارز دیده می‌شود. در برزیل، فروش خارجی اتومبیل و تجهیزات جنگی در حال افزایش است. پاره‌ئی از کشورهای آمریکای لاتین مرحلهء تازه‌ئی از صنعتی شدن را می‌گذرانند که تا حد زیادی با نیازهای خارجی و صاحبان وسایل تولید خارجی کمک و هدایت شده است. آیا این فصل دیگری نیست که به تاریخ طولانی «توسعهء برون‌گرا»یِ ما افزوده خواهد شد؟ در بازارهای بین‌المللی قیمت‌هائی که مرتب بالا می‌رود به طور کلی مربوط به «کالا‌های ساخته شده» نیست، بلکه به کالاهای ظریف و پیچیده‌ئی ارتباط دارد که در ساختن آن‌ها تکنولوژی پیشرفته‌تری به کار رفته و در انحصار کشورهائی است که توسعه‌ء بیش‌تری یافته‌اند.&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;فرآوردهء عمدهء صادراتی آمریکای لاتین، هر قدر هم که مواد خام و کالاهای ساخته شده بفروشد، نیروی کار ارزان آن است. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
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مگر تجربهء تاریخی مداوم، تکه پاره شدن و خرد شدن در پوشش توسعه نبوده است؟ قرن‌ها پیش، «فتح» این قاره، زمین‌ها را با کشت فراورده‌های صادراتی، یکسره از میان برد و بومیان را در اعماق معادن و بستر رودخانه‌هائی که ته‌نشست فلزات قیمتی داشت نابود کرد تا بتواند تقاضاهای طلا و نقرهء ماوراء دریاها را برآورده کند. خوراک بومیانی که پس از کشف قاره‌شان توانسته بودندخود را از نابودی و انهدام نجات بدهند، با پیشرفت تکنولوژیکی از آن چه بود بدتر شد. امروز، مردم پِرو برا گله‌های گاو و گوسفند ایالات متحده و اروپا، نواله‌ء ماهی تهیه و تولید می‌کنند که از نظر پروتئین بسیار غنی است لیکن با وصف این آشکارا مشاهده می‌شود که در خوراک اکثریت مردم پرو پروتئین وجود ندارد، شرکت فولکس واگن در برابر هر اتومبیلی که در سویس می‌فروشد، بابت حفظ تعادلِ محیط زیست یک اصله درخت می‌کارد، در حالی که شرکت برزیلی وابستهء &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;فولکس واگن&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; صدها هکتار زمین جنگلی را کاملاً از بین برده و برای تولید متمرکز گوشت صادراتی گذاشته است. مردم برزیل - که به ندرت مزهء گوشت را زیر دندان خود احساس می‌کنند  - به طور فزاینده‌ئی گوشت به خارج می‌فروشند. چندی پیش، دارسی ری‌بیرو Darcy Roberio در گفت‌وگوئی که با من داشت می‌گفت که یک &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;جمهوری فولکس واگن &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ضرورتاً چندان تفاوتی با &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;جمهوری موز&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; ندارد. از هر یک دلاری که با صدور موز به دست می‌آید به دشواری یازده سنتش کشور تولید کننده باقی می‌ماند {{نشان|16}}، و طبعاً از این یازده سنت سهمی بسیار کوچک به کارگران درختزارهای موز می‌رسد. مگر هنگامی که یکی از کشورهای آمریکای لاتین به جای موز اتومبیل تولید کند این نسبت‌ها تغییر می‌یابد؟&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;برده فروشان دیگر در اقیانوس‌ها رفت و آمد نمی‌کنند. اکنون سوداگران برده از‌«وزارت کار» به اِعمال نقش خویش می‌پردازند.&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; به اعمال خویش می‌پردازند. دستمزدهای آفریقا، و قیمت‌های اروپا. مگر کودتاهائی که در آمریکای لاتین صورت می‌گیرد چیزی بجز رویداد‌های پی‌در‌پی غارت و چپاول است؟ دیکتاتوری‌های نوپا، بی‌درنگ شرکت‌های خارجی را به استثمار نیروی کار ارزان و فراوان، استفاده از اعتبارات نامحدود و معافیت‌های مالیاتی، و غارت مواد خامی که آسان به دست می‌آید دعوت می‌کنند. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
۱۴&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
کارگران طرح اضطراری دولت شیلی دستمزدی برابر سی دلار در ماه دریافت می‌کنند. بهای یک کیلو نان ۵۰ سنت است. بنابراین دو کیلو نان در روز به دست‌شان می‌رسد. در حال حاضر، حداقل دستمزد در &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اوروگوئه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; و &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;آرژانتین&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; برابر با قیمت شش کیلو قهوه است. حداقل دستمزد در برزیل شصت دلار در ماه است،‌ اما درآمد روزانهء کارگران سیار کشاورزی روستاها، در کشتزارهای لوبیا،‌ قهوه،‌ و فرآورده‌های صادراتی دیگر بین ۵۰ سنت تا یک دلار است. علوفه‌ئی که گله‌های گاو و گوسفند در مکزیک می‌خورند دارای دارای پروتئینی بیش‌تر از خوراک روستائیانی است که از آن‌ها نگاهداری می‌کنند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
گوشت این گله‌ها به گروهی اندک دارندگان امتیازات ویژه در داخل کشور، و بهطور عمده به بازارهای بین‌المللی اختصاص دارد. زیر پوشش حمایتی سیاستِ سخاوت‌آمیز استاده از اعتبارات دولتی با شرایطی سهل و آسان، کشاورزی صادراتی مکزیک رونق گرفته است در حالی که بین سال‌های ۱۹۷۰ و ۱۹۷۶ از میزان پروتئنی که در دسترس هر فرد مکزیکی قرار می‌گیرید &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;کاسته شده &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;و در مناطق روستائی از هر پنج کودک مکزیکی تنها یکی دارای قد و وزن طبیعی است{{نشان|17}}. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;گواتمالا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; محصول  برنج، ذرت، و لوبیای خشک که خاص مصرف داخلی است به امید خدا گذاشته شده در حالی که قهوه، پنبه، و فراورده‌های صادراتی دیگر ۸۷ درصد اعتبارات را به خود تخصیص داده است. از هر ده خانواده گواتمالایی که به کشت و برداشت قهوه، منبع عمدهء ارز خارجی کشور، می‌پردازند به زحمت فقط به یک خانواده غذای کافی می‌رسد {{نشان|18}}. در برزیل، تنها ۵ درصد اعتبارات کشاوری به برنج، لوبیای خشک، و مانیوک - که خوراک عمدهء برزیلی‌ها را تشکیل می‌دهند - تخصیص یافته. بقیه اعتبارات به سوی محصولات صادراتی سرازیر می‌شود.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سقوط اخیر قیم بین‌المللی شکر، به خلاف گذشته موجی از گرسنگی در میان روستائیان کوبا پدید نیاورد. در کوبا دیگر کم‌غذایی وجود ندارد. از سوی دیگر، افزایش تقریباً همزمانِ قیمت بن‌المللی قهوه به هیچ وجه از فقر مزمن کارگران درختزارهای قهوهء برزیل نکاست. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
افزایش مظنهء قهوه در سال ۱۹۷۶ صورت گرفت. علت این بهبود تصادفی قیمت یخبندانی بود که محصول قهوهء برزیل را از میان برد، اما آنچنان که یکی از صاحب منصبان عالی مقام &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; موسسه قهوهء برزیل&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;  اعتراف کرده است:‌«عملاً در دستمزدها بازتابی نداشت.!» {{نشان|19}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
از نظر واقعیت، محصولات صادراتی ضرورتاًبا رفاه و آسایش مردم ناسازگار نیستند، و ضرورتاً مغایرتی با توسعه‌ء اقتصادی «درون گرا» ندارند.  در کوبا، فروش شکر به خارج چون اهرمی به ایجاد دنیای نوینی که در آن همه به نعره‌های توسعه دسترس دارند، خدمت کرده است. در آنجا، همبستگی، روح اصلی روابط انسان‌هاست. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
۱۵&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اکنون دیگر ما می‌دانیم آنان که محکوم به پرداخت بهای بحران بازسازی نظام حاکم هستند کیانند؟ قیمت بیشفراورده‌هائی که آمریکای لاتین می‌فروشد، در ارتباط با قیمت فراورده‌هائی که از کشورهای دارندهء انحصار تکنولوژی و بازگانی و سرمایه گذاری و اعتبار می‌خرد، بیرحمانه پایین می‌آید. برای جبران تفاوت و به جهت رویاروئی با تعهداتی که در برابر سرمایه‌های خارجی شده، ضروری است که آنچه در «قیمت» از دست می‌رود در «مقدار» جبران شود. در این چارچوب، دیکتاتوری‌های &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; مخروط جنوبی &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; (منظور کشورهای آرژانتین و شیلی و اروگوئه است) دستمزدهای کارگران را به نصف تقلیل داده و مراکز تولید را به اردوگاه کار اجباری مبدل کرده‌اند. کارگران باید پائین آمدن ارزش کارشان را هم، به عنوان کالائی که در بازار فروخته می‌شود، جبران کنند. کارگران مجبورند با افزایش ساعاعت کار خود، آنچه را هم که قدرت خرید دستمزدشان از دست می‌دهد جبران کنند. بدین سان، قوانین بازار بیان المللی وارد دنیای کوجک زندگی هر کارگر آمریکای لاتین نیز می‌شود. برای کالرگرانی که این «بختیاری» را دارند که شغلی دائمی داشته باشند و.«روزی هشت ساعت کار» تنها در عبارتِ بی‌جانُ قانون وجود دارد. ده، دوازده، حتی چهارده ساعت کار امری کاملا عادی است و بسیارند کارگرانی که حتی یکشنبه‌هاهم کار می‌کنند. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
حوادث ناشی از کار، یا خون انسانی که پیشکش قربانگاه تولید می‌شود، به نوبه‌ء خودزیادتر شده است. اینک سه مثال از پایان سال ۱۹۷۷ در &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اوروگوئه‌&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; الف - &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;  معادن سنگ راه‌آهن، که شن و سنگ تولید می‌کنند بازده تولید خود را دو برابر می‌کنند. در آغاز بهار، پانزده کارگر در انفجار معدن جان می‌سپارند. &lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; ب‌ - &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;  بیکاران در بیرون کارخانه‌هائی که موشکهای آتش‌باری درست می‌کند صف کشیده‌اند. کودکانی چند در کار تولید هستند. رکورد شکسته می‌شود. در ۲۰ سپتامبر، انفجاری روی ‌می‌دهد: پنج گارگر می‌میرند و ده‌ها تن زخمی ‌می‌شوند.&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; پ - &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;  ۲۸ سپتامبر، ساعت هفت صبح‌، کارگران از ورود به کارخانه‌ء  کنسرو ماهی خودداری می‌کنند. چون بوی شدید گاز به مشام می‌رسد. تهدید می‌شوند که اگر نروند سرکار،‌ اخراج خواهند شد. بازهم خوددداری می‌کنند. تهدید می‌شوند که اگر نروند سرکار، سربازان فراخوانده خواهند شد ( کارخانه در مواردی دیگر تهدید، نیروهای ارتش را فراخوانده بود)، کارگران به ناچار وارد کارخانه می‌شوند. به علت نشتِ گاز آمونیاک چهار نفر می‌میرند و چندین نفر مسموم و در بیمارستان بستری می‌شوند. &lt;br /&gt;
  &lt;br /&gt;
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&lt;br /&gt;
۱۶ &lt;br /&gt;
‎&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; ماریا کارولینا دِخه‌روس&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;  Maria Carolina de Jesus  در میان خاکروبه‌ها و لاشخورها زاده شد. بزرگ شد، رنج برد، سخت کار کرد؛عاشق دو مرد شد، بچه‌هائی پیدا کرد. عادت داشت که در دفترچهء یادداشت کوچکی، به خط بد، جریان کارها و ماجراهای روزانهء خود را بنویسد. خبرنگاری به طور تصادفی این یادداشت‌ها را خواند و ماریا کارولینا نویسندهء مشهوری شد. کتاب شهر کلبه‌ها، که خاطرات پنج سال زندگی در خومهء مثیف شهر سائوپائولو است، به سیزده زبان ترجمه و در چهل کشور خوانده شد.  ماریا کارولینا »سیندرلای: برزیل، محصول دنیای مصرف، شهر کلبه‌ها را ترک گفت، دور دنیا سفر کرد، عکس‌ها و مصاحبه‌هایش در روزنامه‌ها چاپ شد، جوایز منتقدان را ربود، در مجالس تجیب‌زادگان مورد پدیرائی قرار گرفت و به ملاقات روسای جمهور نائل آمد. و سال‌ها گذشت‌... در آغاز سال ۱۹۷۷، در سپیده دم یک روز یکشنبه، ماریال کارولینا دِ خه‌زوس در میان خاکروبه‌ها و لاشخور‌ها جان سپرد. اکنون زنی را که نوشته بود: «گرسنگی دینامیت بدن انسان است. » دیگر کسی به یاد نمی‌آورد. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎او که با ته‌مانده ‌های دیگران زندگی کرده بود، به صورتی گذرا توانست یکی از برگزیدگان شود. اجازه یافت سرمیز بنشیند. اما پس از خوردن دِسِر، طلسم شکست. و در حالی که رویای او پایان می‌گرفت برزیل باز همان کشوری بود که هر روز در آن صدها گارگر در حوادث کار ناقص می‌شوند و از هر ده کودک یکه به دنیا می‌آیند، چهارتن‌شان گدا، دزد، یا شعبده باز می‌شوند. علیرغم آمار که تبسمی خوشبینانه دارند، هتکِ مردم پاره شده است. در نظام‌هائی که وارونه‌سازمان یافته اند، هنگامی که اقتصاد رشد می‌کند بیعدالتی اجتماعی نیز با آن رشد می‌یابد. در موفقیت‌ترین دورهء «معجزه» برزیل، میزان مرگ و میر کودکان در حومه‌های ثروتمندان شهر کشور افزایش یافت. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎رونق اقتصادی ناگهانی که صنعت نفت در اکوادور پدید آورد به جای مدرسه و بیمارستان، تلویزیون رنگی به مردم ارزانی داشت.  شهرها تا مرز انفجار از جمعیت انباشته می‌شوند. در سال ۱۹۵۰، در آمریکای لاتین شش شهر دارای جمعیتی بیش از بیک میلیون نفر بود. در سال ۱۹۸۰، تعداد آن‌ها به ۲۵ خواهد رسید {{نشان|21}}. گروه‌های عظیم کارگران، رانده شده از روستاها‌، در حاشیهء مراکز بزرگ شهری، در همان سرنوشتی سهیم می‌شوند که نظام حاگم به «تفاله‌» های جوان شهر‌نشین اختصاص داده است. در آمریکای لاتیت‌ِ فرومایگان،، شکل‌های هنرمندانهء زنده ماندن ای‌«لاشخور»ها کامل شده است. « نظام تولید، طی مدتی مدید نشان داده است که برای جذب نیروی فزاینده‌ء کار در منطقه، به ویژه در مجتمع‌های بزرگ کارگری شهرها به طرزی مشهود از این که اشتغال مولد ایجاد کند ناتوان است‌...»{{نشان|22}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎یکی از بررسی‌های &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سازمان بین‌المللی کار&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; چندی پیش نشان می‌داد که در آمریکای لاتین بیش از ۱۱۰ میلیون نفر در شرایط « فقر شدید» زندگی می‌کنتند. از این تعداد ۷۰ میلیون نفر را می‌توان بینوا نامید {{نشان|23}}. خورد و خوراک چند درصد جمعیت از جد لزوم پائین‌تر است؟ به زبان خبرگان ۴۲ درصد جمعیت &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;برزیل&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، ۴۳ درصد مردم &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;کولومبیا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، ۴۹ درصد مردم &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;هندوراس&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;،* ۳۱ درصد مردم &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;مکزیک&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، ۴۵ دردصد مردم &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پرو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، ۲۹ درصد مردم &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;شیلی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، ۳۵ درصد مردم &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اکوادور‌&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; «درآمدی کمتر از هزینهء حداقل تغذیهء متعادل » دارند{{نشان|24}}.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
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&lt;br /&gt;
۱۷&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎در سرزمین‌های ما، صنعت ترس و وحشت، مانند هر صنعت دیگر بهای گرانی به &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;دانش فنی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; بیگانه می‌پردازد. تکنولوژی زور و فشار آمریکای شمالی که در چهار گوشهء کرهء زمین مورد آزمایش قرار گرفته، در مقیاسی وسیع خریداری و به کار بسته شده است. اما خلاف عدل و انصاف خواهد بود اگر در این زمینه استعدادهای خلاقه‌ئی را که در میان طبقات حاکم آمریکای لاتین وجود دارد را باز نشناسیم. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎بورژوازی‌های ما، بدون وابستگی اقتصادی‌، توان توسعه نداشتند و کوشش آن‌ها برای ایجاد صنعتی ملی حالت پریدن مرغ خانگی را پیدا کرد: پروازی کم اوج و کوتاه. در جریان فرایند تاریخی ما، خداوندان قدرت نیز در فقدان تحلیل سیاسی و سترون بودن فرهنگی خود شواهد کافی ارائه کرده‌اند. اما در عوض، استقرار دستگاه عظیم ترس را ترتیب داده در فن نابود سازی انسان‌ها و اندیشه‌ها ابداعاتی هم داشته‌اند. تجربهء تازهء کشورهای منطقهء &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ریو ده لاپلاتا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; Rio de la Plata  چمصب بزرگی که بین دو کشور &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اوروگوئه &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;و &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;آرژانتین &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; قرار گرفته است در این زمینه بسیار روشنگر است. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎افسران آرژانتینی، هنگامی که قدرت را به‌دست گرفتند هشدار دادند که: «وظیفهء گندزدائی ما، مدتی به درازا خواهد کشید!» - طبقات حاکم در اوروگوئه و آرژانتین پی در پی از نیروهای مسلح خواسته‌اند نیروهای خواستار دگرگونی را در هم شکنند و ریشه‌شان را براندازند، نظام امتیازات ویژهء داخلی را استوار کنند و شرایط اقتصادی و سیاسی‌ئی به وجود آورند که جلب کنندهء سرمایه‌های خارجی باشد: پاک‌سازی سرزمین، نظم در کشور، و نیروی کار ارزان و فرمانبر و مردم کشور بلافاصله مبدل به دشمن داخلی شدند. هرگونه نشانهء زندگی، اعتراض، یا تردید ساده، از دیدگاه اصول‌ِ نظامی‌ِ امنیت‌ِ ملی تهدیدی خطرناک به شمار می‌آید. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎بدین‌ سان ، مکانیسم‌های پیچیده‌ئی برای پیشگیری و مجازات تهیه و تنظیم شده است. &lt;br /&gt;
در زیر این ظواهر منطقی ژرف نهفته است: برای آن که بتوان با &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;کارآمدی عمل کرد&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، زور و فشار باید &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;مطلق باشد&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;. جز نفس کشیدن، هر فعالیت دیگر انسانی جنایتی به شمار می‌آید. در اوروگوئه، شکنجه به مثابهء  اصلی در امر بازجوئی به کار برده می‌شود: هر کسی ممکن است قربانی آن شود، نه فقط کسانی که مظنون یا مرتکب اقدامات مخالفت آمیزند و بدین طریق هراس از شکنجه، همچون گازی فلج کننده که به خانه‌ئی راه می‌یابد و در روح هر شهروندی ریشه می‌ند، در میان همهء شهروندان پراکنده می‌شود. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎شکار انسان در شیلی ۳۰ هزار کشته بر جای گذاشته است، اما در &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;آرژانتین&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; کسی را تیرباران نمی‌کنند: بل‌که اشخاص مورد‌نظر را به سادگی می‌ربایند. قربانیان ناپدید می‌شوند. سپاهیان ناپیدای شب، وظیفه را انجام می‌دهند. دیگر نه جسدی در میان است نه این که کسی گناهکار و مسئول شناخته می‌شود. بدین سان، کشتار- که همیشه غیر رسمی است، و نه رسمی - بدون این که کم ترین مجازاتی در کار باشد انجام می‌گیرد، و &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بدین طریق نگرانی جمعی بازتابی شدیدتر پیدا می‌کند. کسی حساب پس نمی‌دهد، کسی توضیح نمی‌دهد. هر جنایتی تردیدی‌ است دردناک برای کسانی که به قربانی نزدیکند، و نیز هشداری است برای دیگران. تروریسم دولتی‌، مردم کشور را از طریق ترس فلح می‌کند.&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎در &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اوروگوئه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; برای پیدا کردن کار یا از دست ندادن آن، لازم که انسان مورد التفات مقامات نظامی باشد. در کشوری که پیدا کردن کار در خارج از مراکز پلیس و سربازخانه‌ها بسیار دشوار است. این ضرورت، تنها باعث آن نشده است از ۳۰۰ هزار شهروندانی که دست چپی شناخته شده‌اند تعداد زیادی از کشور خارج شوند، بل این فایده را هم داشته است که  ماندگارها را به شدت مورد تهدید قرار دهد. برای روزنامه‌های مونته‌ویده‌ئو چاپ توبه‌نامه‌ها و آگهی‌های شهروندانی که از راه احتیاط بر سینهء خویش می‌کوبند که‌ «من نیستم‌، هیچ وقت نبوده‌ام‌، و هرگز هم نخواهم بود‌» امری بسیار عادی شده است. &lt;br /&gt;
‎در &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;آرژانتین&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; دیگرلازم نیست کتابی را با صدور اخطاریه‌ئی ویژه ممنوع اعلام کنند. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;قانون جزای&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; جدید‌، نویسنده‌ و ناشر هر کتابی را که «مخرب» شناخته مانند گذشته مجازات می‌کند. ولی فراتر از این‌، صاحب چاپخانه را هم به مجازات می‌رساند تا کسی جرات نکند متنی را که تنها احتمال می‌رود مورد سوءظن باشد چاپ کند؛ و در صورتی که این هم کافی به نظر نیاید خواننده را نیز مجازات می کند تا کسی جرات خواندان آن را هم به خود ندهد چه رسد به این که از آن برای خودش اساس عقیده‌ئی هم بتراشد! بدین سان با مصرف کننده‌ء کتاب همان رفتاری می‌شود که برای مصرف کننده‌ء داروهای مخدر پیش‌بینی کرده است {{نشان|25}}. در این طرح جامعهء کرولال، هر شهروندی باید « مفتش عقیده‌ء» خود شود. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎در &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اوروگوئه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، لو ندادن همسایه جرم به شمار می‌آید. دانشجویان هنگام ورود به دانشگاه سوگند‌نامه‌ئی امضا می‌کنند که هر که را در محوطهء دانشگاه دست به «هر گونه فعالیتی نامرتبط با درس خواندن‌» بزند معرفی خواهندکرد. بدین سان دانشجو خود را در هر ماجرائی که تاحتمالا در حضور وی اتفاق افتد مسوول می‌کند. در این طرح جامعهء کسانی که خوابیده راه می‌روند، هر شهروندی باید پلیس خود و دیگران باشد. به هر حال، این نظام به راستی غیرقابل اعتماد است. در اوروگوئه تعداد افراد پلیس و سربازان به صد هزار نفر می‌رسد، ولی تعداد خبرچین‌ها نیز صدهزار نفر است. جاسوسان در خیابان‌ها، کافه ها و اتوبوس‌ها، در کارخانه‌ها و دبیرستان‌ها، در ادارات و در ادانشگاه به کار مشغولند. هر کس به صدای بلند زبان به شکایت بگشاید که زندگی سخت و گران است بی‌گمان گذارش به زندان خواهد افتاد زیرا « جرمی بر ضد روحیه‌ء نیروهای مسلح‌» مرتکب شده است که سزای آن سه تا شش سال زندان است. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
۱۸&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎در رفراندوم ماه ژانویه ۱۹۷۸، رای آری برای دیکتاتوری پینوشه را با علامت صلیبی زیر پرچم شیلی مشخص کرده بودند، و رای نه را زیر مستطیلی سیاه. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎نظام حاکم می‌خواهد با کشور یکی پنداشته شود. نظام حاکم، خودِ کشور است. این‌، محتوای تبلیغات رسمی است که مردم شب و روز با آن بمباران می‌شوند. دشمن‌ِ نظام‌ِ حاکم، خاٍن وبه سرزمین‌ِ اجدادی به حساب می‌آید. گواه‌ِ حدودِ خشم و نفرت مردم از بی‌عدالتی و آرزوی تغییر و دگرگونی‌، فرار از کشور است. در بسیاری از کشورهای آمریکای لاتین کسانی که به آن سوی مرزها تبعید نشده‌اند از تبعید در داخل سرزمین خود رنج می‌برند. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎اما در همان هنگامی که پینوشه پیروزی خود را جشن گرفته بود، رژیم دیکتاتوری او اعتصاباتی را که علی‌رغم حکومت ترس و وحشت در سراسر شیلی برپا می‌شد «غیبتِ دست جمعی‌ِ کارگران‌» نام گذاشته بود. اکثریت کسانی که در &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;آرژانتین&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; ربوده یا ناپدید شده‌اند کارگرانی هستند که به فعالیت‌های اتحاديهء کارگری پرداخته بودند. در تخیلات پایان‌ناپدیر مردم‌، پیوسته شکل‌های جدیدی از مبارزه بارور می‌شود: &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;کم‌کاری و عدم همکاری&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; و همبستگی‌، راه‌های تازه‌ئی برای رهائی از ترس کشف می‌کند. بسیاری از اعتصابات همکانی آژانتین‌، در سال ۱۹۷۷ روی داد که خطر از دست دادن زندگی از خطر از دست دادن کار و شغل کم‌تر نبود. قدرت واکنش نشان دادن طبقه‌ء کارگرِ سازمان یافته و دارای سنت طولانی مبارزه را نمی‌توان با یک نوشته از میان برد. در ماه مه همان سال‌، هنگامی که دیکتاتوری اوروگوئه ترازنامهء برنامه‌های شست و شوی مغزی و اخته سازی دست جمعی خود را تنظیم می‌کرد مجبور شد اعتراف کند که « هنوز سی و هفت درصد شهروندان کشور به سیاست علاقه‌مند هستند.»{{نشان|26}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎ما در این سرزمین ها با کودکی‌ِ وحشیانهء سرمایه‌داری روبه‌رو نیستیم‌، بلکه فرتوتی‌ِ خونبار آن را مشاهده می‌کنیم. کم توسعگی مرحله‌ئی از توسعه نیست‌، بلکه منتجهء آن است. کم توسعگی آمریکای لاتین ناشی از توسعهء بیگانگان است و هنوز هم به آن سوخت می رساند. نظام حاکم که به علت نقش بندگی‌ِ بین‌المللی خود ناتوان و از لحظهء تولد در حال احتضار است پایش در گل است. خود را به طور مسلم سرنوشت کشور می‌پندارد و می‌خواهد که ابدمدت انگاشته شود. هرگونه خاطره‌ئی خرابکار است، زیرا که متفاوت است‌؛ هم‌چنین هر طرح ناظر به آینده‌ئی این اژدهای خواب آلود را وادار می‌کند که بدون نمک غذا بخورد: نمک خطرناک است، ممکن است بیدارش کند. نمونهء بارز نظام حاکم را که در جامعهء ساکن‌ِ مورچگان می‌توان دید. به همچنین دلیل هر قدر هم که دگرگونی پیدا کند با تاریخ بشری سازگار نیست، چرا که در تاریخ بشری، هر اقدام ویرانگرانه‌ئی دیر یا زود با اقدامی خلاق پاسخ خواهد گرفت. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎{{چپ‌چین}}بارسلون - آوریل ۱۹۷۸{{پایان چپ‌چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
‎{{چپ‌چین}}&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ترجمهء رامین شهروند&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; {{پایان چپ‌چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
   &lt;br /&gt;
==یادداشت‌ها==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
۲. {{پاورقی|۲}}&lt;br /&gt;
۳. {{پاورقی|۳}}&lt;br /&gt;
۴. {{پاورقی|۴}}&lt;br /&gt;
۵. {{پاورقی|۵}}&lt;br /&gt;
۶. {{پاورقی|۶}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ‌چین}} 15. {{پاورقی|15}}. United Nations, ECLA, op. cit., note 19{{پایان چپ‌چین}}&lt;br /&gt;
{{چپ‌چین}}16. {{پاورقی|16}}. UNCTAD, &amp;quot;The Marketing and Distribution System for Bananas&amp;quot;, December 1974. {{پایان چپ‌چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ‌چین}} 17. &amp;quot; Reflexionses sobre la desnatricion en Mexico&amp;quot;, Comercio exterior, Benco Nacional de Comercio Exterior, S.A., vol. 28, No. 2, Mexico, Februrary 1978.{{پایان چپ‌چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
18. Roger Burbach and Patricia Flynn, &amp;quot;Agribusines Targets Latin America&amp;quot;, NACLA, vol. X11, No. 1, New York, January-February 1978.&lt;br /&gt;
19.Ibid.&lt;br /&gt;
20. Datos de funentes  sindicales y periodisticas, published in Uruguay Informations, Nos, 21+25, Paris.&lt;br /&gt;
21. United Nations, ECLA, op. Paris.&lt;br /&gt;
21.United Nations, ECLA, op. cit. , note 11.&lt;br /&gt;
22.Ibid.&lt;br /&gt;
23. International Labour Organization (ILO), &amp;quot;Empleo, crecimientoy necesidades essenciales&amp;quot; Geneva, 1976.&lt;br /&gt;
24. United Nations, ECLA, op. cit. , note 11.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
۲۵. در اروگوئه، مفتشان عقاید نوگرا شده‌اند. آمیزه‌ئی شگفت از قرون وسطی وشعور کاسبکارانه‌ء سرمایه‌داری: رژیم نظامی دیگر کتاب‌ها ارا آتش نمی‌زند. اکنون کتاب‌ها را می‌آورد و به اشکال گوناگون به بازار مصرف برمی‌گراند. این درست نیست که بگوئیم آثار &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;مارکس&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; در دسترس مردم قرار نمی‌گیرد;   &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;مارکس&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; در دسترس همه هست‌، گیرم نه به صورت کتاب، بلکه به شکل دستمال کاغذی!&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
۲۶. از مصاحبهء &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;مطبوعاتی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; پرزیدنت &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;آپاریسیو مندِس&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; در ۲۱ مه ۱۹۷۷ در شهر پای ساندو، او هم‌چنین گفته: «ما کشور را از ماجرای غم‌آنگیز شور و هیجان سیاسی نجات می‌دهیم. انسان‌های پاک‌نهاد دربارهء دیکتاتوری‌ها حرف نمی‌زنند، دربارهء دیکتاتوری فکر نمی‌کنند   فکر نمی‌کنند و خواستار حقوق مدنی نمی‌شوند.»&lt;br /&gt;
       &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[رده:کتاب جمعه ۱۳]]&lt;br /&gt;
[[رده:کتاب جمعه]]&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Pouya</name></author>
	</entry>
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		<title>پس از هفت سال</title>
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		<updated>2011-09-22T21:40:40Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;Pouya: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[Image:13-003.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۳|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۳]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-004.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۴|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۴]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-005.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۵|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۵]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-006.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۶|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۶]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-007.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۷|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۷]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-008.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۸|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۸]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-009.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۹|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۹]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-010.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۰|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۰]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-011.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۱|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۱]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-012.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۲|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۲]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-013.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۳|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۳]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-014.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۴|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۴]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-015.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۵|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۵]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-016.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۶|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۶]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-017.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۷|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۷]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-018.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۸|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۸]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-019.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۹|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۹]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-020.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۰|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۰]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-021.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۱|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۱]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-022.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۲|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۲]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-023.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۳|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۳]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-024.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۴|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۴]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-025.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۵|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۵]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-026.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۶|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۶]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-027.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۷|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۷]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-028.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۸|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۸]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-029.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۹|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۹]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-030.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۳۰|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۳۰]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-031.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۳۱|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۳۱]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-032.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۳۲|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۳۲]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-033.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۳۳|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۳۳]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{در حال ویرایش}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
«نوشتن چه سودی دارد اگر برای مبارزه با موانعی نباشد که نظام حاکم در برابر پیام مخالفان قرار می‌دهد؟» این، پیام دلاورانۀ &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ادواردو گالیانو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; است. آری، به‌راستی سودش چیست؟- نوشتن یا آفرینش هنری، اگر برای محکوم کردن بی‌انسانیتی نظام حاکم و زمانِ ما نباشد معنایش چیست؟&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
هرچند درست است که هنر و ادبیات از راه ستایش لحظه‌های آسایش زندگی، زندگی را زیور می‌بخشد. و درست است که نقش هنر و ادبیات و شعر و موسیقی، لذت بردن هرچه بیش‌تر ما از زندگی، و ژرف‌تر و آهنگین‌تر و پر معنا کردنِ روابط، با یکدیگر است؛ اما انسان چه‌گونه می‌تواند ستایشگر دنیائی باشد که در آن، بیش‌تر انسان‌ها تنها از آن رو «می‌زیند»که لذایذ بیرحمانۀ حیات گروهی اندک را که به‌اصطلاح «صاحبان امتیازات ویژه»‌اند تأمین کنند؟ انسان چه‌گونه می‌تواند با نظامی هماهنگ شود که پیوسته در کارِ مکیدنِ خونِ رگ‌های باز است؟ - رگ‌های باز، تنها در آمریکای لاتین نیست بلکه یک سر از ویژگی‌هایِ تمامی جهان سوم است.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
برای ما، در جهان سوم، زمان، زمان بحران است نه زمان ستایش و شادمانی! زمان نگرش به‌واقعیت خویش و تفکر و اندیشۀ انتقادی است، نه خیالبافی‌های عرفانی. زمان مبارزه است و در این مبارزه، ما نیاز به‌صدائی داریم که نظام ستمگر را رسوا و بی‌انسانیّتیِ آن را محکوم کند و امید به‌آینده را به‌ما دهد. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ادواردو گالیانو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; چنین صدای راستینی است که نه تنها برای آمریکای لاتین، بل برای سراسر جهان سوم و در واقع برای تمامی بشریت سخن می‌گوید.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
۱&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
هفت سال از زمان چاپ نخست&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;رگ‌های بازِ آمریکای لاتین&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; می‌گذرد. این کتاب برای آن نوشته شده بود که با مردم به‌گفت‌و گو بپردازد. نویسنده‌ئی ناخبره، مردمی ناخبره را مورد خطاب قرار داده بود تا پاره‌ئی حقایق را که تاریخ رسمی- تاریخی که فاتحان نوشته‌اند- پنهان داشته یا تحریف کرده است فاش شود.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
هیجان‌آمیزترین پاسخ‌ها و واکنش‌ها نه از صفحات ادبی روزنامه‌ها، بل از متن زندگی واقعی رخ نمود، آن هم به‌صورت رویدادهائی در کوچه و خیابان. به‌عنوان مثال، دختری که در اتوبوسی کتاب را برای دوستی که پهلویش نشسته بود می‌خواند، سر انجام به‌پا خواسته در حالی که اتوبوس از خیابان‌های &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بوگوتا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; می‌گذشت، قسمتی از آن را به‌صدای بلند برای همۀ مسافران خوانده بود. یا، زنی که طی روزهای کشتار از &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سانتیاگو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; (پایتخت شیلی)می‌گریخت کتاب را لای قنداقۀ کودکش پنهان کرده بود. یا،  دانشجوئی که قدرت خرید کتاب را نداشت یک هفتۀ تمام در خیابان&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;کوری‌یِن‌تِس&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; محلۀ کتابفروش‌های &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;شهر بوئنوس آیرس&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; از این کتابفروشی به‌آن کتابفروشی رفته در هر کدام چند صفحه از کتاب را خوانده بود!&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
هم‌چنین بهترین تعریفی که از این کتاب شد از طرف نقدنویسان متخصص نبود، این تعریف را دیکتاتورهای نظامی کردند، آن هم از طریق ممنوع کردن کتاب! – به‌عنوان مثال، &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;رگ‌های باز&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; در کشور خود من- &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اروگوئه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;- قابل چاپ و پخش نیست. همین طور در&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;شیلی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;. در&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;آرژانتین&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; هم مقامات دولتی در رادیو و تلویزیون و روزنامه‌ها آن را به‌عنوان «وسیلۀ فساد جوانان»محکوم کرده‌اند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بلاس داوته‌رو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; [شاعر معاصر برجستۀ اسپانیولی]می‌گفت: «آن‌ها اجازه نمی‌دهند چیزهائی که من می‌نویسم دیده شود، چون من فقط چیزهائی را که می‌بینم می‌نویسم!»&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
به‌عقیدۀ من، با توجه به‌تمامی چیزهائی که گفته شده و انجام گرفته است، اگر شادمانه ادعا شود که &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;رگ‌های باز&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; کتابی نبوده که پژواکی نداشته باشد، نباید به‌قمپز در کردن تعبیرش کنند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
۲&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
این نکته که &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;رگ‌های باز&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; – این&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;کتاب راهنمایِ&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; پرده دری‌ها و فاش‌سازی‌ها- اقتصاد سیاسی را به‌سبک سرگذشت عشقی با قصۀ دزدهای دریائی مورد بحث قرار داده است باید سخت کفرآمیز به‌نظر آمده باشد. این را خودم هم می‌دانم. امّا باید اعتراف کنم که برای من، خواندن پاره‌ئی از مطالعات پرارزشی که بعضی جامعه‌شناسان، سیاست‌شناسان، اقتصاددانان و مورخان به‌زبان رمز می‌نویسند کاری بس دشوار است. زبان سربستۀ علمی، همیشه هم الزاماً بهای عمق و دانش زیاد نیست. حتی در پاره‌ئی موارد ناتوانی امر برقرار کردنِ ارتباط به‌سادگی تمام ممکن است، اعتلای فضایل روشنفکرانه جلوه کند. به‌گمان من دلزدگی ناشی از این امر بیش‌تر نظام مستقر را تبّرک می‌کند و تأکید می‌کند که دانش، امتیاز ویژۀ &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;نخبگان&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; است.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
به‌طور گذرا می‌توان گفت مشتی از آثار ادبیات مبارز نیز که برای مردمی معتقد نوشته می‌شود، معمولاً به‌چنین سرنوشتی گرفتار می‌آیند. زبانی که همین جور سرسری جمله‌های حاضر و آماده را با همان صفت‌ها و موصوف‌های مرسوم و همان شیوۀ بیان آهنگین معمول برای همان گوش‌های همیشگی تکرار می‌کند، هر قدر هم که فصاحت انقلابی داشته باشد به‌نظر من سازشکارانه می‌نماید. شاید این نوع ادبیاتِ محدودِ کم‌مایه به‌همان اندازه از انقلاب به‌دور باشد که ادبیات هرزۀ جنسی از ادبیات عاشقانه.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
۳&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
انسان می‌نویسد، تا سؤال‌هائی را که در سرش وزوز می‌کنند، این مگس‌های سمجی را که خواب از چشمش می‌ربایند، بیازماید و برای‌شان پاسخی پیدا کند و آن چه انسان می‌نویسد، اگر به‌ترتیبی با نیاز جامعه به‌یافتن فلان پاسخ منطبق شود، می‌تواند معنائی جمعی به‌دست آورد. من &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;رگ‌های باز&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; را برای آن نوشتم که اندیشه‌ها و تجارب شخصی گوناگونم را منتشر کنم تا شاید خصوصیت واقع‌بینانۀ آن‌ها بتواند کم‌و بیش مشتی از آن همه سؤال را که علی‌الدوام آزارمان داده است روشن کند: آیا آمریکای لاتین منطقه‌ئی از دنیاست که محکوم به‌تحمل خفت و فقر است؟ محکوم از طرف که و به‌چه دلیل؟ خطای خدا یا خطای طبیعت؟ آب و هوای طاقت‌فرسا و نژادهای پست؟ مذهب و آداب و رسوم؟ آیا این تیره‌بختی منتجّۀ تاریخ نیست که آن را انسان ساخته است؟ و بنابراین، آیا انسان نمی‌تواند آنها را دیگرگون کند؟&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
تجلیل گذشته، به‌نظر من، همیشه امری ارتجاعی بوده است. دست راستی‌ها&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;گذشته&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; را برمی‌گزینند چون&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;گذشته&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، مردگان را برتر و بهتر می‌شمارد: دنیائی ناآشفته و دوران‌هائی ناآشفته. قدرتمندان که امتیازات ویژۀ خود را از طریق ارث بردن مشروع می‌کنند دلتنگیِ خیال‌انگیزِ گذشته را می‌پرورند. انسان هنگامی که به‌تماشای موزه‌ئی می‌رود، به‌مطالعۀ تاریخ می‌پردازد. و این مجموعۀ مومیائی‌ها وسیله‌ئی است برای سوء‌استفاده از اعتماد و اطمینان مردم. آن‌ها دربارۀ گذشته به‌ما دروغ می‌گویند هم‌چنان که دربارۀ زمان حاضر نیز دروغ می‌گویند: واقعیت را پنهان می‌کنند و ستم‌دیده را وامی‌دارند خاطره‌ئی را که ستمگر برای او ساخته و چیزی ناآشنا هزار وصله و بیهوده است از آن خود بداند، تا بدین سان او خود را کنار کشد و زندگی‌ئی را بپذیرد که از آنِ او نیست، امّا انگار تنها زندگی‌ئی است که برای او ممکن است.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;رگ‌های باز&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، چنین می‌نماید که گذشته، بسان خاطرۀ زندۀ روزگارِ ما، از سوی زمان حاضر فراخوانده شده است. این کتاب، جست‌و جوئی است برای یافتن کلیدهای تاریخ گذشته، تا شاید از آن رهگذر زمان حاضر را (که آن نیز در حال ساختن تاریخ است)تشریح و تبیین بتوان کرد، و منطق حکم کرده است که نخستین شرطِ دگرگون کردنِ واقعیت، شناختن آن است. در این جا، فهرست قهرمانانی که پنداری برای شرکت در مجلس رقص البسۀ عجیب و غریب پوشیده‌اند یا به‌هنگام مرگِ در عرصۀ کارزار جمله‌های شکوهمند و پرهیبت و بالا بلند بر زبان می‌آورند در دسترس ما‌قرار نمی‌گیرد، بلکه صدا و گذرِ گام‌های گروه‌های عظیمی را وارسی می‌کنیم که گام‌های امروزین ما را پیشگوئی می‌کند. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;رگ‌های باز&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; از واقعیت مایه گرفته، اما از کتاب‌هائی دیگر و از خودش بهتری نیز سود برده است که، ما را یاری کرده‌اند تا بدانیم چیستیم، تا بدانیم چه می‌توانیم باشیم؛ ما را یاری کرده‌اند تا یقین کنیم که از کجا آمده‌ایم و بهتر بتوانیم حدس بزنیم که به‌کجا می‌رویم. آن واقعیت و آن کتاب‌ها نشان می‌دهند که توسعه نیافتن آمریکای لاتین نتیجۀ توسعه یافتن بیگانگان است: مردم آمریکای لاتین فقیرند چون خاکی که بر آن گام می‌گذاریم غنی است و جاهائی را که طبیعت مزیت و نعمت بخشیده باشد تاریخ نفرین کرده است. در این دنیای ما، دنیای مراکز قدرتمند و حومه‌های قدرت زده و زیر سلطه، ثروتی نیست که به‌دست آوردن آن دست کم«مشکوک»نبوده باشد.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
۴&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در این مدت زمانی که از نخستین چاپِ&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;رگ‌های باز&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; گذشته، تاریخ برای ما هم‌چنان معشوقی ستمکار بوده است.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
نظام حاکم، ترس و گرسنگی را چند برابر کرده است. ثروت به‌تمرکز، و فقر به‌گسترده شدن ادامه داده است. در اسناد و مدارک سازمان‌های&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;تخصصی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; بین‌المللی که زبان بی‌آلایش‌شان &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;مناطق ستم‌زدۀ&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; ما را «کشورهای در فرایند توسعه»و &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;فقرزدگی کینه‌توزانۀ طبقۀ کارگر&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; را «توزیع نزولی درآمد»نام‌گذاری کرده است ما را چنین شناخته‌اند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;عَصّارخانۀ بین‌المللی به‌کار خود ادامه داده است: کشورها در خدمت کالاها، انسان‌ها در خدمت اشیاء&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
با گذشت زمان، آن‌ها شیوه‌های صدور بحران را تکامل می‌دهند. سرمایۀ انحصاری به‌ذروۀ تمرکز خود می‌رسد و تسّلط بین‌المللی بر بازارها و اعتبارات و سرمایه‌گذاری‌ها انتقال مرتب و منظم و فزایندۀ تضادها را امکان‌پذیر می‌کند: حومه‌ها، بدون این که آشفتگی‌ها و نابسامانی‌های مهم رخ دهد، بهای رونق و کامکاری مراکز را می‌پردازند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
«بازار بین‌المللی»هنوز یکی از شاه کلیدهای این عملیات است. در این بازار، شرکت‌های چندملّیتی دیکتاتوری خود را اعمال می‌کنند (چندملّیتی، زیرا چنان که &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سویزی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; [اقتصاددان مشهور آمریکائی]توجیه کرده است در چند کشور عمل می‌کنند اما البته از نظر مالکّیت و کنترلی که دارند در واقع ملی هستند)سازمان جهانی نابرابری، با این واقعیت که امروزه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;برزیل&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;- به‌عنوان مثال- اتومبیل فولکس‌واگن به‌کشورهای دیگر آمریکای جنوبی و بازارهای دوردستِ آفریقا و خاورنزدیک صادر می‌کند، دگرگون نمی‌شود. در واقع، این، شرکتِ فولکس‌واگن&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;آلمانی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; است که دریافته است اگر محصولش را برای پاره‌ئی از بازارها، از واحد فرعی &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;برزیلی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; خود صادر کند برایش با صرفه‌تر است: هزینۀ پائینِ تولید و کارگرِ ارزان از برزیل، و سودهای کلان از آنِ آلمان.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در ضمن، هنگامی هم که بعضِ اقلام مواد خام به‌طرزی معجزه‌آسا از نفرین قیمت‌های پائین رهائی یابد هرگز مخاطره‌ئی پیش نمی‌آورد. وضع نفت از سال 1973 به‌این طرف چنین بوده است. مگر نفت دادوستدی بین‌المللی نیست؟ &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;استاندارد اویل&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; نیوجرسی، که اکنون&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اکسان&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; نام دارد،&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;رویال داچ‌شِل&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; یا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;گُلف&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;. – آیا این‌ها کشورهای عربی هستند یا کشورهای آمریکائی لاتین؟ سهم بیش‌تر از آنِ کیست؟ و بسیار فاش کننده بود تهمت‌های پر سروصدائی که به کشورهای تولیدکنندۀ نفت وارد آوردند.- آن‌ها جرأت کرده بودند از بهای نفت خود دفاع کنند و بی‌درنگ سپر بلای تورم و بیکاریِ کارگران اروپا و آمریکا شدند. آیا کشورهای- «توسعه یافته»هرگز پیش از بالا بردن بهای هر یک از فراورده‌های خود با کسی مشورت می‌کنند؟ بیست سال بود که بهای نفت مرتب پائین آمده بود. مظنۀ پائین و شرم‌آور آن نشانۀ کمک مالی عظیمی بود که به‌مراکز صنعتی بزرگ دنیا می‌شد. از سوی دیگر، فراورده‌های این مراکز روز به‌روز گران‌تر می‌شد. مظنۀ جدید نفت، در ارتباط با افزایش پایان‌ناپذیر بهای فراورده‌های اروپائی و آمریکای شمالی، جز این که آن را به‌سطح سال 1952 بازگرداند کاری نکرده بود. در سال 1973، نفت خام بار دیگر قدرت خریدی را که در دهۀ پیش داشت بازیافت. فقط همین.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
۵&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
یکی از رویدادهای مهم هفت سال اخیر ملی شدن نفت&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ونزوئلا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; است. این «ملی شدن»وابستگی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ونزوئلا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; در مسایل مربوط به‌تصفیه و عرضۀ نفت به‌بازارها را از میان نبرد، اما حیطه و گسترۀ جدیدی برای خودمختاری به‌وجود آورد. هنوز مدتی از تشکیل شرکت دولتیِ &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;نفت را به‌کار می‌برند]نگذشته بود Petroven که بیش‌تر مخفف آن Petroleos de VENEZUELA]ونزوئلا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; &lt;br /&gt;
که، این شرکت در میان 500 شرکت بسیار مهم آمریکای لاتین مقام اول را به‌دست آورد. برای یافتن بازارهائی جدید سوایِ بازارهای سنتی به‌جست‌وجو پرداخت و خیلی زود توانست مشتریانی تازه پیدا کند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
به‌هر حال هنگامی که دولت مالک ثروت اصلی سرزمین خود می‌شود همیشه به‌جا است که پرسیده شود «مالک خود دولت کیست؟»- ملی شدن منابع اساسی یک کشور، فی‌نفسه مفهومش توزیع مجدد درآمد به‌سودِ اکثریت مردم نیست، و ضرورتاً قدرت یا امتیازات ویژۀ اقلیت حاکم را به‌مخاطره نمی‌افکند. در ونزوئلا، اقتصاد اسراف و اتلاف، دست‌نخورده به‌حیات خود ادامه می‌دهد و در مرکز آن، زیر نور چراغ‌های نئون، یک طبقۀ اجتماعی میلیونر و ولخرج می‌درخشد. در سال 1976، واردات کشور 25 درصد افزایش یافت؛ اقدامی تمام عیار برای تأمین هزینۀ کالاهای فوق تجملی که به‌بازار ونزوئلا سرازیر شده و آن را در خود غرق کرده است. پرستش بت‌وارِ کالاها همچون نشانه و نماد قدرت اوج گرفته است و روابط انسانی به‌حدّ رقابت در مصرف تنزل یافته: در میان اقیانوس توسعه نیافتگی، اقلیتی که دارای امتیازات ویژه است روش زندگی و مدپرستیِ ثروتمندترین افرادِ توانگرترین جوامع دنیا را تقلید می‌کند؛ و در خودنمائی‌های &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;کاراکاس&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; هم، مانند&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;نیویورک&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، سرمایه‌های عالی «طبیعی»- یعنی هوا و نور و سکوت- بیش از پیش گران‌تر و  اَبَرمردِ ناسیونالیسمJuan Pablo Perez Alfonsoکمیاب‌تر می‌شوند. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;خوآن پابلو پِرِز آلفونسو  &lt;br /&gt;
ونزوئلا و پیامبر باز پس‌گرفتن و ملی کردنِ نفت، چنین هشدار می‌دهد: «آهای،مواظب باشید. انسان ممکن است از سوء هاضمه هم مثل گرسنگی بمیرد!» {{نشان|1}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
۶&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
 من نوشتن&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;رگ‌های باز&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; را در آخرین روزهای سال 1970 به‌پایان رساندم.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
روی تخت عمل مرد. تابوت  Juan Velasco Alvaradoدر آخرین روزهای سال &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;1977 خوان‌ولاسکو آلوارادو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; &lt;br /&gt;
او را بزرگ‌ترین جمعیتی که در خیابان‌های &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;لیما&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; دیده شده بود روی دوش به‌گورستان برد. ژنرال &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ولاسکو آلوارادو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; که در خانه‌ئی محقر در سرزمین‌های خشک شمال &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پرو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; چشم به‌دنیا گشوده بود فرآیندِ اصلاحات اجتماعی و اقتصادی را رهبری کرد. این ژرف‌ترین و فراگیرنده‌ترین کوششی بود که در جهت دگرگونی در تاریخ معاصر کشور او صورت گرفت. با آغاز شورش سال 1968، دولت نظامی نیروی محرک و پویای اصلاحات کشاورزیِ راستین شد و راه را برای باز پس گرفتن منابع طبیعی که سرمایه‌های خارجی غصب کرده بود باز کرد. اما حتی پیش از آن که &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ولاسکو آلوارادو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; چشم از جهان فرو بندد، ختم انقلاب برچیره شده بود. فرآیند آفرینندگی ، عمری بس کوتاه داشت.- دو چیز آن را از پا در آورد: یکی باج سبیل رباخواران و دلالان، و دیگری این حقیقت مسلم که هر برنامه‌ئی، هر قدر هم پدرانه، اگر پایگاه مردمیِ سازمان یافته‌ئی نداشته باشد بی‌دوام است و محکوم به‌فنا.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در شب عید میلاد 1977، در حالی که قلب ژنرال&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ولاسکو آلوارادو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; در &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پرو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; از حرکت باز می‌ایستاد، ژنرالی دیگر که هیج گونه شباهتی به‌وی نداشت، در &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بولیویا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; مشت خود را محکم روی میز    دیکتاتور&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بولیویا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، بدین‌سان به‌تقاضای عفو زندانیان، Hogo Banzerمی‌کوبید. ژنرال &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;هوگو بانزر&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; &lt;br /&gt;
تبعیدشدگان، و کارگران اخراج شده، می‌گفت: «نه!»- چهار زن و چهارده کودک از معادن قلع به &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;لاپاز&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; (پایتخت)آمدند و دست به‌اعتصاب زدند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
قضاوت خبرگان چنین بود: «حالا زمانِ این کار نیست؛ موقعش که شد، خودمان خبرتان می‌کنیم...»&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
زن‌ها نشستند روی زمین و چنین گفتند: «ما با شما مشورت نمی‌کنیم، بلکه فقط به‌تان اطلاع می‌دهیم، تصمیم، گرفته شده است. در معادن، همیشه اعتصاب غذاست. چشم به‌دنیا نگشوده اعتصاب غذامان شروع می‌شود. در آن جا ما محکوم به‌مرگ نیز هستیم. البته آهسته آهسته، ولی به‌هر حال محکوم به‌مرگیم.»&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
دولت با مجازات و تهدید واکنش نشان نداد اما اعتصاب غذا نیروهائی را که مدت‌های طولانی در بند مانده بودند آزاد کرد. سراسر&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بولیویا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; تکان خورد و دندان‌های تیز خود را نشان داد. ده روز بعد، دیگر، مسأله فقط بر سرِ غذای چهار زن و چهارده کودک نبود: هزاروچهارصد کارگر و دانشجو دست به‌اعتصاب غذا زده بودند. رژیم دیکتاتوری احساس کرد که زمین زیر پایش دهان باز کرده است. فرمان عفو عمومی گرفته شد.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
بدین سان دو کشور &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;منطقۀ آند&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; از خط فاصل سال 1977 و 1978 گذشتند. در شمال، در &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;منطقۀ کارائیب&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، کشور&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پاناما&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; در پایان مذاکرات دشواری که با ایالات متحدۀ آمریکا انجام داد، به‌انتظار الغای قرارداد مستعمراتی کانال بود؛ و در&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;کوبا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; مردم در تکاپوی برگزاری جشن انقلاب سوسیالیستی خود بودند، جشن هفدهمین سال زندگی پیروزمند خویش. چند روز بعد، در &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;نیکاراگوا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، مردم خشمگین به‌خیابان‌ها ریختند. دیکتاتور&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سوموزا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، پسر دیکتاتور&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سوموزا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، از سوراخ کلید نگاه می‌کرد. خشم مردم ساختمان‌های چندین شرکت را به‌آتش کشید. یکی از این  ، که در آغاز سال 1978 آتش زده شد متعلق Plasmaferesisشرکت‌ها، به‌نام&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پلاسما فره‌سیس  &lt;br /&gt;
به‌تبعیدشدگان کوبائی بود که خون مردم&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;نیکاراگوا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; را به‌ایالات متحده می‌فروخت. (در دادوستد خون هم مانند هر دادوستد دیگر آنچه به‌دست تولیدکنندگان می‌رسد اندکی بیش‌تر از «پول چائی»است.  برای هر لیتر خون که در بازار آمریکای Hemo Caribbeanبه‌طور مثال شرکت &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;همو کاریبئین&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;  &lt;br /&gt;
شمالی به‌بیست و پنج دلار فروش می‌رود سه دلار به‌مردم &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;هائیتی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; می‌پردازد.)&lt;br /&gt;
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مقاله‌ئی چاپ، و اعلام کرد که حکومت Orlando Letelierدر ماه اوت1976،&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اورلاندو لِته‌لی‌یر&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;  &lt;br /&gt;
وحشت دیکتاتوری&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پینوشه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; و «آزادی اقتصادی»گروه‌های کوچک اداری امتیازات ویژه دو روی یک‌سکه است. {{نشان|2}}وی یکی از وزیران دولت &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سالوادور آلنده&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بود. در ایالات متحده در تبعید به‌سر می‌برد، و در همین جا بود که چندی بعد بمبی او را تکه‌تکه کرد. {{نشان|3}}او در مقاله‌اش چنین استدلال کرده بود که سخن گفتن از رقابت آزاد، در اقتصادی مانند اقتصاد شیلی- که تابع انحصاراتی است که هر وقت بخواهند با قیمت‌ها بازی می‌کنند- بیهوده است. و در کشوری که اتحادیه‌های واقعی کارگری غیرقانونی اعلام شده‌اند و حقوق و دستمزدها را شورای نظامی تعیین می‌کند، دم زدن از حقوق حقۀ کارگران خنده‌دار است. وی در این مقاله شرح می‌داد چگونه به‌دست آورده بودند Unidad popularپیروزی‌هائی که مردم شیلی در زمان دولت&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اتحاد خلق&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; &lt;br /&gt;
به‌طور کامل از میان رفته است. از انحصارات صنعتی که &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سالوادور آلنده&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; ملی کرده بود، رژیم دیکتاتوری نیمی را به‌صاحبان پیشین بازگرداند و نیمی دیگر را به‌معرض فروش گذاشت. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;فایرستون&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، ، کارخانۀ عظیم Parsonos Whitmoreکارخانۀ لاستیک‌سازی ملی را خرید و&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پارسونز و ویتمور&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; &lt;br /&gt;
خمیر کاغذسازی را... اقتصاد شیلی، به‌گفتۀ&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;لته‌لی‌یر&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، حتی از دورۀ پیش از به‌قدرت رسیدن &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;آلنده&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; هم بیش‌تر متمرکز و انحصاری شد. {{نشان|4}}&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;در آمریکای لاتین آزادی عمل شرکت‌ها با آزادی‌های مدنی هیچ سازگاری ندارد: نه این همه مذاکرات آزاد شرکت‌ها سابقه داشته است، نه این همه دستگیری و زندانی شدن مردم. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; و اما آزادی بازارها؟- از آغاز سال 1975 قیمت شیر در شیلی «آزاد»اعلام شد. نتیجۀ این اقدام طولی نکشید که ظهور کرد. دو شرکت بر بازارها مسلط شدند. قیمت شیر بلافاصله برای مصرف‌کنندگان 40 درصد افزایش یافت، در حالی که برای تولیدکنندگان 22 درصد پائین آمد!&lt;br /&gt;
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مرگ‌ومیر کودکان، که در دورۀ حکومت&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اتحاد خلق&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; به‌میزان قابل توجهی پائین آمده بود، پس از به‌قدرت رسیدن&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پینوشه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; جهشی چشمگیر یافت. هنگامی که&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;لته‌لی‌یر&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; در یکی از خیابان‌های&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;واشینگتن&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; به‌قتل رسید، یک چهارم مردم شیلی هیچ درآمدی نداشتند اما یا به‌لطف صدقه‌های خیرخواهانۀ مردم کشورهای دیگر یا به‌علت سرسختی خود و بخورنمیری که به‌نحوی به‌دست می‌آوردند زنده ماندند.&lt;br /&gt;
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شکافی که در آمریکای لاتین میان بهزیستی گروهی اندک و تیره‌روزی اکثریت مردم وجود دارد بسی عمیق‌تر از شکافی است که در اروپا یا ایالات متحده میان این دو طبقه دیده می‌شود. در نتیجۀ روش‌هائی هم که برای حفظ این شکاف لازم است وحشیانه‌تر است. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;برزیل&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; دارای ارتشی عظیم و کاملاً مجهز است، اما تنها پنج درصد بودجۀ کشور صرف آموزش و پرورش می‌شود. در&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اوروگوئه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; نیمی از بودجۀ کشور در حال حاضر به‌نیروهای مسلح و پلیس اختصاص دارد. یک پنجم جمعیت فعال کشور از راه جاسوسی و تعقیب یا مجازات دیگران زندگی می‌کنند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
بدون تردید یکی از مهم‌ترین رویدادهای این دهه، در سرزمین‌های ما، سرگذشت غمبارِ شورش نظامی در شیلی بود که در یازدهم سپتامبر، دولت دموکرات &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سالوادور آلنده&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; را واژگون کرد و کشور را در حمام خون غوطه داد.&lt;br /&gt;
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اندکی پیش از آن، در ماه ژوئن، کودتائی در &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اوروگوئه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; پارلمان را منحل کرد، اتحادیه‌های کارگری را غیرقانونی شناخت و هرگونه فعالیت سیاسی را ممنوع اعلام داشت. {{نشان|5}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در ماه مارس 1976، ژنرال‌های&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;آرژانتین&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; به‌قدرت بازگشتند: دولت بیوۀ &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;خوآن دومینگو پرون&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;       &lt;br /&gt;
که از درون فاسد شده بود بدون ماتم و بدون سرافرازی فرو ریخت.Juan Domingo Peron&lt;br /&gt;
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این سه کشور جنوبی آمریکای لاتین، اکنون، جراحتی بر پیکر دنیا هستند و منبع دائمی اخبار بد. شکنجه، آدم‌ربائی، آدمکشی، و تبعید اجباری، رسمِ روز شده است. آیا این دیکتاتوری‌ها غدّه‌هائی هستند که باید از ساز واره‌های سالم درآورده شوند یا دمل‌های چرکینی که عفونت نظام حاکم را آشکار می‌کنند؟&lt;br /&gt;
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به‌اعتقاد من، همیشه رابطه‌ئی نزدیک میان شدت تهدید و وحشیانه بودن پاسخ و واکنش وجود دارد. آن چه امروز در&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;برزیل&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; و&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بولیویا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; اتفاق می‌افتد، به‌گمان من، بدون آن که تجربۀ رژیم‌های &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;خوائو   (رئیس جمهوری برزیل، 64-1961)و &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;خوآن خوزه تورس) (رئیس جمهوری  Joao Goulartگولار&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; &lt;br /&gt;
بولیویا، 71-1970)را به‌خاطر آوریم قابل درک نیست. این دولت‌ها، پیش از سقوط، یک رشته اصلاحات اجتماعی انجام داده یک سیاست اقتصادی ناسیونالیستی را به‌مرحلۀ اجرا در آورده بودند که فرایند آن در سال&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; 1964&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; در&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;برزیل&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; و در سال&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;1971&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; در&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بولیویا &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; متوقف شد. همین طور هم، می‌توان گفت که شیلی، آرژانتین و اوروگوئه کفارۀ گناه امید را می‌دهند. رشته تغییرات عمیق و بنیادین دولت &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;آلنده&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;؛ پرچم‌های عدالتی که در زمان دولت کم دوام &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;هکتور کامپورا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، در سال&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;1973&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، به‌اهتزاز درآمد و توده‌های کارگران آرژانتین را تجهیز و بسیج کرد؛ و سیاسی شدن پرشتاب جوانان اوروگوئه؛ این همه، مبارزه‌طلبی‌هائی بود که نظام حاکم بی‌قدرت و بحران‌زده نمی‌توانست تحمل کند. گاز تند آزادی نشان داد که برای اشباح خطرناک است و آن‌ها را به‌آتش می‌کشد، و گارد ویژه فراخوانده شد تا نظم را برقرار کند. عملیات پاک‌سازی، در واقع طرحی برای انهدام و نابودی است.&lt;br /&gt;
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۸&lt;br /&gt;
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پرونده‌های کنگرۀ ایالات متحده اغلب دارای مدارک غیرقابل انکاری دربارۀ مداخلات در آمریکای لاتین است. جوهرسوزان گناه، در اعترافات &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;امپراتوری جهانی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، وجدان‌ها را به‌درد می‌آورد و آن‌ها را تطهیر می‌کند. به‌طور مثال در این اواخر، در سوانح گوناگونی که پیش آمده، پذیرش رسمی مسؤولیت از طرف ایالات متحده چندین برابر شده است. اعترافات علنی بسیار، از جمله ثابت کرده‌اند که دولت ایالات متحده از راه رشوه، جاسوسی، و باج سبیل، در امور سیاسی شیلی شرکت مستقیم داشته است. طرح اصلی جنایت در &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;واشینگتن&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ریخته شد. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;کیسینجر&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;و دستگاه‌های جاسوسی، از سال&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;1970&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;نقشۀ سقوط &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;آلنده&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;را آماده کردند. میلیون‌ها دلار در میان دشمنان دولت قانونی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اتحاد خلق&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;توزیع شد. و به‌این ترتیب بود که، به‌طور مثال، کامیون‌داران توانستند اعتصاب طولانی خود را (که در سال&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; 1973 &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;قسمت مهمی از اقتصاد &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;شیلی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; را فلج کرد)ادامه دهند. یقین داشتن به‌این که کیفری در کار نیست زبان‌ها را باز می‌کند. در زمان کودتای ضد &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;گولار&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، سفارت ایالات متحده در&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;برزیل&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; بزرگترین سفارتخانۀ آن کشور در دنیا بود. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;لینکلن گوردون&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; که در آن زمان سفیرکبیر آمریکا بود، سه سال بعد به‌خبرنگاری اعتراف کرد که دولت او مدت‌ها به‌نیروهائی که با اصلاحات مخالفت می‌کردند کمک مالی می‌کرده است! -&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;گوردون&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; گفته بود: «چنین کاری کم و بیش در آن روزها عادی بود... &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سیا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;به‌توزیع و تقسیم وجوه سیاسی عادت کرده بود.»{{نشان|6}}در همان مصاحبه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;گوردون&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; توضیح داده بود که در روزهای کودتا،&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پنتاگون&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; یک ناو هواپیمابر بزرگ و چهار کشتی نفت‌کش به‌نزدیکی‌های سواحل برزیل فرستاده بود «که شاید نیروهای ضد&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;گولار&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; خواستار پشتیبانی ما باشند»و افزوده بود: «این پشتیبانی قرار نبود تنها برای تقویت روحیه باشد؛ بلکه، آماده بودیم مواد مورد نیاز، تدارکات، اسلحه، و نفت هم بدهیم.»&lt;br /&gt;
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از زمانی که پرزیدنت&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;جیمی کارتر&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; سیاست حقوق بشر را آغاز کرد، برای رژیم‌های آمریکای لاتین- که در درجۀ اول با مداخله و کمک آمریکای شمالی به‌مردم این منطقه تحمیل شده‌اند- عادت شده است که بر ضد مداخلات آمریکای شمالی در امور داخلی خود اعلامیه‌هائی تهیه و تنظیم کنند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
کنگرۀ ایالات متحده در سال 1976 و 1977 تصمیم گرفت کمک‌های اقتصادی و نظامی به‌کشورهای مختلف را معلق نگه دارد. اما به‌هر حال قسمت اعظم کمک‌های خارجی ایالات متحده از صافی کنگره نمی‌گذرد. بدین‌سان، با وجود اعلامیه‌ها و تصمیمات و اعتراضات، رژیم ژنرال&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پینوشه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;در سال &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;1976،290 &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; میلیون دلار بدون تصویب «قوۀ قانونگذاری آمریکا» به‌صورت کمک از آن کشور  &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;- دیکتاتور آرژانتین- پس از آن که نخستین سال عمر خود را Videlaدریافت کرد رژیم ژنرال&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ویدِلا  &lt;br /&gt;
پشت سر گذاشت 500 میلیون دلار از بانک‌های خصوصی آمریکای شمالی و 415 میلیون دلار از دو مؤسسۀ بانک جهانی و &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بانک توسعۀ اینتر امریکن&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; که ایلات متحده نفوذ قاطعی در آن‌ها دارد دریافت کرد. حق برداشت ویژۀ آرژانتین از&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;صندوق بین‌المللی پول&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; که در سال 1975 بالغ بر 67 میلیون دلار بود دو سال بعد به 700 میلیون دلار افزایش یافت. نگرانی پرزیدنت &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;کارتر&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; از قصابی‌هائی که در پاره‌ئی از کشورهای آمریکای لاتین می‌شود بی‌فایده نیست، اما دیکتاتورهای کنونی هم خودآموز نبوده‌اند: آن‌ها فنون و هنر حکومت کردن را در کلاس‌های درس &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پنتاگون&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; در آمریکا و منطقۀ کانال&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پاناما&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; فراگرفته‌اند. این دوره‌های درسی هنوز هم ادامه دارد و تا آنجا که معلوم است محتوایشان ذره‌ئی تغییر نیافته. مردان نظامی آمریکای لاتین که امروزه مایۀ رسوائی ایالت متحده شده‌اند، شاگردان خوبی بوده‌اند. چهار سال پیش، هنگامی که&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;رابرت مک نامارا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;- رئیس کنونی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بانک جهانی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;- وزیر دفاع آمریکا بود گفته بود: «این‌ها رهبران جدیدند. ضرورتی ندارد که من دربارۀ ارزشِ وجود چنین مردانی در مقام رهبری که از پیش می‌دانند ما آمریکائی‌ها چگونه فکر و کار می‌کنیم، توضیح بیش‌تری بدهم. دوستی با چنین مردانی سخت پرارزش است.: {{نشان|7}}آیا کسانی که ما را &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;افلیج&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; کرده‌اند صندلی چرخدار به‌مان می‌دهند؟&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
۹&lt;br /&gt;
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اسقف‌های فرانسه دربارۀ نوع دیگری از مسؤلیت سخن می‌گویند که عمیق‌تر و غیرقابل رؤیت‌تر است: «ما که تعلق به‌ملت‌هائی داریم که ادعا می‌کنند پیشرفته‌ترین ملل عالمند، جزئی هستیم از کسانی که از استثمار کشورهای در حال توسعۀ استفاده می‌کنند. ما درد و رنجی را که این عمل در روح و جسم ملت‌ها به‌وجود می‌آورد نمی‌بینیم. ما تقسیم کنونی دنیا را که در آن تسلط دارا برندار و توانا بر ناتوان چشمگیر است، بیش‌تر تقویت می‌کنیم. آیا ما میدانیم که حیف و میل منابع و مواد خام از سوی ما، بدون کنترل بازرگانی بین‌المللی از طرف کشورهای غربی، امکان پذیر نیست؟ آیا ما نمی‌بینیم چه کسانی از دادوستد اسلحه استفاده می‌کنند، و کشور خود ما نمونه‌های غمباری از این سلاح‌ها را تهیه می‌کند؟ آیا ما حتی درک می‌کنیم که نظامی شدن رژیم کشورهای فقیر یکی از نتایج تسلط اقتصادی و فرهنگی است که از طرف کشورهای صنعتی اعمال می‌شود، که در آن‌ها میل شدید به‌سود بردن و قدرت پول حاکم بر زندگی است؟» {{نشان|8}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
دیکتاتورها، شکنجه‌گران، بازجویان عقیده، و ترس و وحشت هم مانند ادارات پست و بانک‌ها، کارگزاران خودش را دارد، و به‌کار بسته می‌شود چون که ضروری می‌نماید. و مسألۀ توطئۀ آدمیان پلید و اهریمنی در میان نیست. ژنرال&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پینوشه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; ممکن است شبیه یکی از اشخاص «نقاشی‌های    [نقاش برجستۀ اسپانیائی (1828-1746)]باشد، ولیمه‌ئی برای روانکاوان یا وارثِGoyaسیاه»&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;گویا &lt;br /&gt;
سنتی بیرحمانه از جمهوری‌های موز، اما خصوصیات کلینیکی یا فولکلوری چنین یا چنان دیکتاتوری فقط چاشنی تاریخ است نه خود تاریخ چه کسی امروز می‌تواند ادعا کند که جنگ جهانی اول به‌علت عقیدۀ&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;قیصر ویلهلم&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; که یک دستش کوتاه‌تر از دست دیگر بود آغاز شد؟ &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;برتولت برشت&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; در اواخر سال1940 در یادداشت‌های روزانۀ خود چنین نوشته است: «در کشورهای دموکراتیک خصوصیت خشونتی که اقتصاد دارد پنهان می‌ماند؛ در کشورهای استبدادی خصوصیت اقتصادی خشونت آشکار نمی‌شود.»&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در کشورهای جنوبی آمریکای لاتین فرماندهان نظامی قدرت را به‌دست گرفته‌اند تا نقشی را برای نظام حاکم ایفا کنند، یعنی هنگامی که طبقات حاکم دیگر نمی‌توانند از هیچ راه دیگری امور دادوستد خود را انجام دهند تروریسم دولتی را مستقر می‌کنند. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;در کشورهای ما اگر شکنجه با کارآمدی انجام نگیرد وجود نخواهد داشت؛ و دموکراسی، رسمی پایدار می‌ماند اگر تضمین شود که از کنترل صاحبان قدرت درنخواهد آمد. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; در زمان‌های سخت و دشوار، دموکراسی جنایتی بر ضدامنیت ملی شناخته می‌شود- یا شاید جنایتی بر ضدامنیت امتیاز ویژۀ داخلی و سرمایه‌گذاری‌های خارجی. دستگاه‌های ما برای ریزریز کردن گوشت انسانی به‌چرخ دنده‌های مکانیسمی بین‌المللی وصل شده‌اند. سراسر جامعۀ ما نظامی شده است. حالت استثنائی دائمی می‌شود و دستگاه زور و فشار به‌مجرد آن که از سوی مرکز نظام امپریالیستی پیچ و مهره‌ئی سفت می‌شود، مسلط می‌گردد. هنگامی که سایۀ بحران از کمین‌گاه دیده می‌شود، ضرورت پیدا می‌کند که غارت و چپاول کشورهای فقیر افزایش یابد تا اشتغال کامل، آزادی‌های مدنی، و نرخ‌های بالای توسعه را در کشورهای دارا تضمین کند. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;رابطۀ قربانی و دژخیم، دیالکتیک منحوسی است: ساختاری از خفت‌ها و خواری‌های پی‌در‌پی وجود دارد که از بازارهای بین‌المللی و مراکز مالی آغاز می‌شود و به‌خانۀ هر شهروندی پایان می‌یابد. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
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۱۰&lt;br /&gt;
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&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;هائیتی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; ندارترین کشور نیمکرۀ غربی است. در آن جا تعداد شویندگان پا از واکسی‌ها بیش‌تر است: کودکانی برای یک سکۀ پول پای مشتریان پا برهنه را که کفشی ندارند تا واکس بخورد می‌شویند. متوسط عمر مردم&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;هائیتی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، اندکی بیش از سی سال است. از هر ده نفر، نه نفر خواندن و نوشتن نمی‌دانند. در&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;هائیتی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، دامنۀ کوهستان‌های ناهموار برای مصرف داخلی کشت و زرع می‌شود و دره‌های حاصلخیز برای صادرات. بهترین زمین‌ها برای کشت قهوه، نی‌شکر، کاکائو و فرآورده‌های دیگری که مورد نیاز بازارهای آمریکای شمالی تخصیص یافته. در&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;هائیتی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; کسی &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بیس‌بال&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; بازی نمی‌کند، اما&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;هائیتی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; بزرگترین تولیدکنندۀ توپ مخصوص این بازی در سراسر دنیاست. کارگاه‌هائی که در آن‌ها کودکان با روزی یک دلار مزد کالاهای الکترونی و کاسِت مونتاژ می‌کنند  کم نیست. این فرآورده‌ها طبیعتاً صادراتی هستند؛ و طبیعتاً سود حاصل از آن‌ها نیز، پس از کسر کردن سهم مدیران ترس و وحشت، صادر می‌شود. در &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;هائیتی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; کوچکترین ظنّ اعتراض، مجازاتِ زندان یا مرگ دارد. حقوق و دستمزد کارگران&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;هائیتی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، هر چند که ممکن است باورکردنی به‌نظر نیاید، بین سال‌های 1971 و 1975 یک چهارمِ ارزش واقعیِ بسیار پائین خود را از دست داد. و این نکته واجد اهمیت است که طی این دوره، جریان تازه‌ئی از سرمایۀ آمریکا وارد&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;هائیتی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; شد!&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سرمقالۀ یکی دو سال پیشِ یکی لز روزنامه‌های&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بوئنوس آیرس&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; به‌خاطرم می‌آید. روزنامه‌ئی محافظه‌کار و قدیمی، سخت برآشفته بود که چرا در یک سند بین‌المللی، آرژانتین را کشوری کم توسعه و وابسته قلمداد کرده‌اند. چگونه یک جامعۀ با فرهنگ، اروپائی، دارای رونق اقتصادی، و سفید را می‌توان با معیارهای کشوری فقیر و سیاه مانند&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;هائیتی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; سنجید؟&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
تردیدی نیست که تفاوت‌ها بسیار زیاد است هرچند که ارتباطی با مقولۀ تحلیل سخنگوی متنفذان&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بوئنوس آیرس&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ندارد. با وصف این، با تمام ناهمانندی‌ها و تضادهائی که ممکن است وجود داشته باشد، آرژانتین از دورِ باطلی که اقتصاد آمریکای لاتین را کلاً خفه می‌کند رهائی ندارد و هیچ کوششِ دفع شرِ روشنفکرانه‌ئی نمی‌تواند آن را از واقعیتی که، کم یا زیاد، وجه مشترک همۀ کشورهای منطقه است جدا کند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
Papa Doc Duvalierروی‌هم رفته کشتارهای ژنرال &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ویدِلا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; متمدنانه‌تر از کشتارهای&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;«پاپادوک»دووالیه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; [رئیس جمهور هائیتی، 71-1957]. یا وارث اریکۀ اونیست، هرچند که در آرژانتین زور و فشار ممکن است در سطح تکنولوژیکی بالاتری باشد. هر دو رژیم دیکتاتوری ضرورتاً در خدمت هدفی همانندند: &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;عرضۀ نیروی کاری ارزان به‌بازاری بین‌المللی که تقاضای فرآورده‌های ارزان دارد. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
دیکتاتوری &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ویدِلا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، هنوز قدرت را کاملاً در دست نگرفته بود که به‌سرعت اعتصابات را ممنوع کرد و در همان زمان که با سخت‌گیری شدیدی دستمزدها را ثابت نگاه می‌داشت با صدور تصویب‌نامه‌ئی قیمت‌ها را آزاد اعلام کرد. پنچ ماه پس از کودتا، قانون جدید سرمایه‌گذاری خارجی، شرکت‌های داخلی و خارجی را در وضعی همانند قرار داد. بدین‌سان، رقابت آزاد به‌وضع نامساعدِ غیرعادلانه‌ئی که بعضی از شرکت‌های داخلی و محلی داشتند پایان بخشید: &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;جنرال موتورز&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; بیچاره را مثل می‌زنم که حجم فروش جهانیش، به‌تنهائی به همۀ تولید ناخالص ملی &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;آرژانتین&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; برابر است!- اکنون خروج سود سرمایه‌ها از کشور، و باز پس فرستادن اصل پول‌های سرمایه‌گذاری شده نیز، صرف‌نظر از پاره‌ئی محدودیت‌هائی ناچیز، آزاد شده است.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در پایان نخستین سالی که از عمر رژیم گذشت، ارزش واقعی دستمزدها به‌چهل درصد کاهش یافت. این   Rudolfo Walshشاهکار، از طریق اعمال هراس و وحشت انجام گرفته بود. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;رودولفو والش &lt;br /&gt;
نویسنده، در نامۀ سرگشاده‌ئی رژیم را متهم می‌کند که: «پانزده هزار نفر ناپدید، ده هزار نفر زندانی،چهار هزار نفر مقتول، و ده‌ها هزار نر تبعیدی ارقام خام این نظام خوف و وحشت است.»- والش&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; این نامه را در 29 مارس 1977 برای رهبران سه گانۀ شورای نظامی فرستاد و خود او در همان روز ربوده شد و دیگر اثری از او به‌دست نیامده.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
۱۱&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
منابع موثق تأیید می‌کنند که از «سرمایه‌گذاری»های جدیدِ مستقیمِ خارجی در آمریکای لاتین، در واقع تنها مبالغ بسیار ناچیزی از کشور سرمایه‌گذار اصلی می‌آید: بنابر گزارشی که وزارت بازرگانی ایالات متحده منتشر کرده {{نشان|10}}تنها 12 درصد از وجوه سرمایه‌گذاری شده در خارج، از آمریکا خارج شده است. 22 درصد دیگر این به‌اصطلاح «سرمایه‌گذاری»ها مستقیماً از محل درآمدهائی تأمین شده که در خود آمریکای لاتین به‌دست آمده، و 66درصد بقیه را منابع اعتباری داخلی آن کشورها یا اعتبارات بین‌المللی پرداخت کرده‌اند!- همین نسبت‌ها در مورد سرمایه‌گذاری‌های ممالک اروپائی و ژاپن نیز مصداق دارد؛ و مخصوصاً باید به خاطر داشت که قسمت اعظم این 12 درصد «سرمایه‌گذاری»هم که مثلاً از دفاتر مرکزی این شرکت‌ها می‌آید نقدینه نیست بلکه ارزش اظهارشدۀ ماشین‌آلات فرسوده‌ئی است که منتقل کرده‌اند یا بهای دلخواهی است که شرکت‌های استعماری بابت دانش فنی، حق امتیاز و یا سرقفلی انگ و علامت تجاری خود تحمیل می‌کنند و به‌حساب می‌گذارند. بنابراین، شرکت‌های چند ملیتی، نه تنها اعتبارات داخلی کشورهائی را که در آن به‌فعالیت می‌پردازند در برابر سهم سرمایۀ مشکوکی می‌ربایند، بلکه فراتر از این، مطالبات ماوراء دریاهای خود را نیز چند برابر می‌کنند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
دیون خارجی کشورهای آمریکای لاتین در سال 1975 نزدیک به‌سه برابر بیش‌تر از سال 1969 بود {{نشان|11}}&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;برزیل، مکزیک، شیلی و اوروگوئه،&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; در سال 1975 نزدیک&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;به‌نیمی از درآمدهای صادراتی خود را به‌پرداخت استهلاک و بهرۀ دیون و به‌پرداخت&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سود شرکت‌های خارجی که در این کشورها استقرار یافته‌اند اختصاص دادند. در همان سال، بازپرداخت دیون و پرداخت سود، 55 درصد صادرات&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پاناما&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;و 60 درصد صادرات &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پرو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; را بلعید. {{نشان|12}}در سال 1969 هر فرد&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بولیویائی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;137 دلار به‌خارج مقروض بود، و در سال 1977 ای قرض به 483 دلار رسید!- مردم &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بولیویا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; هرگز در این امر مورد مشورت قرار نگرفته‌اند و هرگز یک پاپاسی این قروضی را که هم چون حلقۀ طناب‌دار به‌گردنشان افتاده است ندیده‌اند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در چند کشور آمریکای لاتین که هنوز محض خالی نبودن عریضه در آن‌ها انتخاباتی انجام می‌گیرد، نام  [یکی از بزرگ‌ترین بانک‌های ایالات متحدۀ آمریکا]به‌عنوان نامزدCity Bank&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سیتی‌بَنک&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;                &lt;br /&gt;
انتخابات»در هیچ کدام از فهرست‌های انتخاباتی دیده نمی‌شود، و نام هیچ یک از ژنرال‌های دیکتاتور هم «صندوق بین‌المللی پول»نیست. اما کدام وجدان است که حکم صادر می‌کند و چه دستی است که آن احکام را به‌اجرا درمی‌آورد؟ آن که وام می‌دهد فرمان نیز می‌راند. برای بازپرداخت وام، باید صادرات افزون شود، و نیز باید صادرات افزون شود تا پول واردات را بتوان پرداخت و خون‌ریزی بهره‌ها و&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;حق امتیازهائی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; را که شرکت‌های خارجی به‌دفاتر مرکزی‌شان می‌فرستند جبران بتوان کرد. افزایش صادرات که عواید واقعی آن به‌تدریج کم و کم‌تر می‌شود دستمزدها را به‌حد بخورو نمیر کاهش می‌دهد. فقر جمعی، که به‌عنوان کلید موفقیت اقتصادی در اختیار منافع خارجی گذاشته شده است از رشد بازارهای مصرف داخلی که برای استقرار و حفظ یک توسعۀ موزون اقتصادی ضروری است جلوگیری می‌کند. کشورهای ما اندک‌اندک صدای خود را از دست می‌دهند و به‌پژواک مبّدل می‌شوند. به‌دیگران وابستگی پیدا می‌کنند و تا زمانی که پاسخگوی نیازهای دیگران باشند هستی‌شان تأمین می‌ماند. از سوی دیگر، سر و صورتی تازه دادن به‌اقتصادی که در خدمت تقاضاهای خارج است باز هم ما را به‌همان وضع نداشتن آزادی عمل بازمی‌گرداند: دروازه‌ها را به‌روی غارت و چپاول انحصارات خارجی باز می‌کند و وامی‌داردمان که برای گرفتن وام از&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بانک جهانی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; به‌قراردادهای بزرگ‌ترین دیگری تن دهیم. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;دور باطل کامل می شود: وام خارجی و سرمایه‌گذاری خارجی افزایش صادراتی را ایجاب می‌کند که خود وام‌دهندگان به‌طور مداوم مشغول بلعیدین آنند. و این کار البته با مسالمت امکان‌پذیر نیست. کارگران آمریکای لاتین برای آن که نقش خود را به‌عنوان گروگان‌های کامکاری خارجیان بپذیرند باید زندانی باقی بمانند؛ چه این سوی و چه آن سوی میله‌های زندان. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
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استثمار وحشیانۀ نیروی کار یدی، با تکنولوژی پیش رفته ناسازگار نیست و در سرزمین‌های ما هرگز ناسازگار نبوده است؛ به‌عنوان مثال، گروه‌های عظیم کارگران بولیویا که ریه‌های خود را در  سرمایه‌دار Simon Ituri Patinoمعادن &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اورورو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; از دست داده بودند. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سیمون پاتین‌یو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
بزرگ &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بولیویائی (1947-1886) &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;مالک معادن قلع کشور خود و یکی از ثروتمندان دنیا بود و او را «سلطان قلع»می‌خواندند. در زمان او، کارگران در یک نظام بردگی مزدوری، منتها با ماشین‌آلاتی مدرن کار می‌کردند. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سلطان قلع&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; توانسته بود بالاترین سطح تکنولوژی زمان خود را با پائین‌ترین سطح دستمزد ترکیب کند. {{نشان|13}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
فراتر از این، در زمان ما، شرکت‌های چند ملیتی مقتدر هم‌زمان با دست‌اندازی و تملک فعالیت‌های صنعتی‌ئی که با سرمایه‌های داخلی ایجاد شده تکنولوژی پیشرفته‌ترین اقتصادها را هم مورد بهره‌برداری قرار می‌دهند. اقدام به‌متمرکز کردن سرمایه، از راه «&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;آتش‌زدن&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; بیرحمانۀ سطوح &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;متروک&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; فعالیت‌های اقتصادی، که به‌طور غیرتصادفی دقیقاً دولتی هم هستند»عملی شده است. {{نشان|14}}غیر دولتی کردن سریعِ صنایع آمریکای لاتین وابستگی فزایندۀ تکنولوژی را نیز به‌همراه داشته است. تکنولوژی، که شاه کلید قدرت است، در دنیای سرمایه‌داری، در انحصار مراکز استعماری است. این تکنولوژی به‌صورت دست دوم وارد می‌شود، اما مراکز استعماری نسخه بدل‌ها را هم به‌قیمت اصل می‌فروشند. در سال &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;1970 مکزیک&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; برای وارد کردن تکنولوژی خارجی دو برابر سال 1968 پرداخت کرد. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;برزیل&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; بین سال‌های 1965 و 1969 پرداخت‌هایش از این بابت دو برابر شد؛ و در همین دوره، افزایشی همانند در همین زمینه در&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;آرژانتین&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; نیز پدید آمد.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
انتقال تکنولوژی وام‌های سنگین خارجی را بیش‌تر می‌کند و آثار ویرانگری در بازار نیروی کار دارد. در نظامی که برای سرازیر کردن سود به‌خارج سازمان یافته است نیروی کار شرکت‌های «سنّتی»امکانات اشتغال خود را از دست می‌دهد. جزیره‌های کوچک صنایع نو، در برابر پویائی مشکوکی که در اقتصاد کشور پدید می‌آید، با کم کردن زمان کار لازم برای تولید، کارگران را قربانی می‌کنند. وجود سپاهی فزاینده و باد کرده از کارگران بیکار، به‌نوبۀ خود پائین آمدن ارزش واقعی دستمزدها را تسهیل می‌کند.&lt;br /&gt;
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۱۳&lt;br /&gt;
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اما اکنون حتی اسناد و مدارک &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;کمیسیون اقتصادی سازمان ملل برای آمریکای لاتین&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; هم از تقسیم مجدد نیروی کار در سطح بین‌المللی سخن می‌گویند. به‌طوری که خبرگان امیدوار اظهار نظر می‌کنند، طی چند سال آینده، آمریکای لاتین ممکن است به‌همان اندازه که امروز مواد خام و موادغذائی به‌خارج می‌فروشد، کالاهای ساخته شده صادر کند. «نابرابری دستمزدها بین کشورهای توسعه یافته و در حال توسعه- از جمله کشورهای آمریکای لاتین- ممکن است تقسیم‌بندی جدیدی از فعالیت‌ها را در میان این کشورها به‌وجود آورد و در نتیجه، به‌دلایل رقابتی، آن رشته از صنایع خود را که در آن هزینه‌های نیروی کار خیلی زیاد است جا به‌جا کنند. به‌طور مثال، هزینه‌های نیروی کار در صنعت کالاهای کارخانه‌ئی، در مکزیک یا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;برزیل&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; خیلی کم‌تر از ایالات متحده است» {{نشان|15}}&lt;br /&gt;
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انگیزشی برای پیشرفت، یا ماجراجوئی استعمارنو؟ ماشین‌آلات الکتریکی     &lt;br /&gt;
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اما اکنون حتی اسناد و مدارک &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; کمیسیون اقتصادی سازمان ملل برای آمریکا لاتین&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;  هم از تقسیم مجدد نیروی کار در سطح بین‌المللی سخن می‌گویند. به طوری که خبرگان امیدوار اظهارنظر میکنند، طی چند سال آینده، آمریکای لاتین ممکن است به همان اندازه که امروز مواد خام و مواد غذائی به خارج می‌فروشد، کالاهای ساخته شده صادر کند. «نابرابری دستمزدها بین کشورهای توسعه یافته و در حال توسعه - از جمله کشورهای آمریکای لاتین - ممکن است تقسیم بندی جدیدی از فعالیت‌ها را در میان این گشورها به وجود آورد و در نتیجه، به دلایلی رقابتی، آن رشته از صنایع خود را که در ان هزینه‌های نیزوی کار خیلی زیاد است جابه‌جا کنند. به طور مثال، هزینه‌های نیروی کار در صنعت کالاهای کارخانه‌ئ، در مکزیک یا &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;برزیل&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; خیلی کم‌تر از ایالات متحده‌ است.» {{نشان|15}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
انگیزشی برای پیشرفت، یا ماجراجوئی استعمارنو؟ ماشین آلات الکتریکی و غیرالکتریکی اکنون در میان فراورده‌های صادرتی عمدهء مکزیک به‌طور بارز دیده می‌شود. در برزیل، فروش خارجی اتومبیل و تجهیزات جنگی در حال افزایش است. پاره‌ئی از کشورهای آمریکای لاتین مرحلهء تازه‌ئی از صنعتی شدن را می‌گذرانند که تا حد زیادی با نیازهای خارجی و صاحبان وسایل تولید خارجی کمک و هدایت شده است. آیا این فصل دیگری نیست که به تاریخ طولانی «توسعهء برون‌گرا»یِ ما افزوده خواهد شد؟ در بازارهای بین‌المللی قیمت‌هائی که مرتب بالا می‌رود به طور کلی مربوط به «کالا‌های ساخته شده» نیست، بلکه به کالاهای ظریف و پیچیده‌ئی ارتباط دارد که در ساختن آن‌ها تکنولوژی پیشرفته‌تری به کار رفته و در انحصار کشورهائی است که توسعه‌ء بیش‌تری یافته‌اند.&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;فرآوردهء عمدهء صادراتی آمریکای لاتین، هر قدر هم که مواد خام و کالاهای ساخته شده بفروشد، نیروی کار ارزان آن است. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
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مگر تجربهء تاریخی مداوم، تکه پاره شدن و خرد شدن در پوشش توسعه نبوده است؟ قرن‌ها پیش، «فتح» این قاره، زمین‌ها را با کشت فراورده‌های صادراتی، یکسره از میان برد و بومیان را در اعماق معادن و بستر رودخانه‌هائی که ته‌نشست فلزات قیمتی داشت نابود کرد تا بتواند تقاضاهای طلا و نقرهء ماوراء دریاها را برآورده کند. خوراک بومیانی که پس از کشف قاره‌شان توانسته بودندخود را از نابودی و انهدام نجات بدهند، با پیشرفت تکنولوژیکی از آن چه بود بدتر شد. امروز، مردم پِرو برا گله‌های گاو و گوسفند ایالات متحده و اروپا، نواله‌ء ماهی تهیه و تولید می‌کنند که از نظر پروتئین بسیار غنی است لیکن با وصف این آشکارا مشاهده می‌شود که در خوراک اکثریت مردم پرو پروتئین وجود ندارد، شرکت فولکس واگن در برابر هر اتومبیلی که در سویس می‌فروشد، بابت حفظ تعادلِ محیط زیست یک اصله درخت می‌کارد، در حالی که شرکت برزیلی وابستهء &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;فولکس واگن&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; صدها هکتار زمین جنگلی را کاملاً از بین برده و برای تولید متمرکز گوشت صادراتی گذاشته است. مردم برزیل - که به ندرت مزهء گوشت را زیر دندان خود احساس می‌کنند  - به طور فزاینده‌ئی گوشت به خارج می‌فروشند. چندی پیش، دارسی ری‌بیرو Darcy Roberio در گفت‌وگوئی که با من داشت می‌گفت که یک &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;جمهوری فولکس واگن &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ضرورتاً چندان تفاوتی با &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;جمهوری موز&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; ندارد. از هر یک دلاری که با صدور موز به دست می‌آید به دشواری یازده سنتش کشور تولید کننده باقی می‌ماند {{نشان|16}}، و طبعاً از این یازده سنت سهمی بسیار کوچک به کارگران درختزارهای موز می‌رسد. مگر هنگامی که یکی از کشورهای آمریکای لاتین به جای موز اتومبیل تولید کند این نسبت‌ها تغییر می‌یابد؟&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;برده فروشان دیگر در اقیانوس‌ها رفت و آمد نمی‌کنند. اکنون سوداگران برده از‌«وزارت کار» به اِعمال نقش خویش می‌پردازند.&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; به اعمال خویش می‌پردازند. دستمزدهای آفریقا، و قیمت‌های اروپا. مگر کودتاهائی که در آمریکای لاتین صورت می‌گیرد چیزی بجز رویداد‌های پی‌در‌پی غارت و چپاول است؟ دیکتاتوری‌های نوپا، بی‌درنگ شرکت‌های خارجی را به استثمار نیروی کار ارزان و فراوان، استفاده از اعتبارات نامحدود و معافیت‌های مالیاتی، و غارت مواد خامی که آسان به دست می‌آید دعوت می‌کنند. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
۱۴&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
کارگران طرح اضطراری دولت شیلی دستمزدی برابر سی دلار در ماه دریافت می‌کنند. بهای یک کیلو نان ۵۰ سنت است. بنابراین دو کیلو نان در روز به دست‌شان می‌رسد. در حال حاضر، حداقل دستمزد در &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اوروگوئه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; و &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;آرژانتین&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; برابر با قیمت شش کیلو قهوه است. حداقل دستمزد در برزیل شصت دلار در ماه است،‌ اما درآمد روزانهء کارگران سیار کشاورزی روستاها، در کشتزارهای لوبیا،‌ قهوه،‌ و فرآورده‌های صادراتی دیگر بین ۵۰ سنت تا یک دلار است. علوفه‌ئی که گله‌های گاو و گوسفند در مکزیک می‌خورند دارای دارای پروتئینی بیش‌تر از خوراک روستائیانی است که از آن‌ها نگاهداری می‌کنند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
گوشت این گله‌ها به گروهی اندک دارندگان امتیازات ویژه در داخل کشور، و بهطور عمده به بازارهای بین‌المللی اختصاص دارد. زیر پوشش حمایتی سیاستِ سخاوت‌آمیز استاده از اعتبارات دولتی با شرایطی سهل و آسان، کشاورزی صادراتی مکزیک رونق گرفته است در حالی که بین سال‌های ۱۹۷۰ و ۱۹۷۶ از میزان پروتئنی که در دسترس هر فرد مکزیکی قرار می‌گیرید &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;کاسته شده &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;و در مناطق روستائی از هر پنج کودک مکزیکی تنها یکی دارای قد و وزن طبیعی است{{نشان|17}}. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;گواتمالا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; محصول  برنج، ذرت، و لوبیای خشک که خاص مصرف داخلی است به امید خدا گذاشته شده در حالی که قهوه، پنبه، و فراورده‌های صادراتی دیگر ۸۷ درصد اعتبارات را به خود تخصیص داده است. از هر ده خانواده گواتمالایی که به کشت و برداشت قهوه، منبع عمدهء ارز خارجی کشور، می‌پردازند به زحمت فقط به یک خانواده غذای کافی می‌رسد {{نشان|18}}. در برزیل، تنها ۵ درصد اعتبارات کشاوری به برنج، لوبیای خشک، و مانیوک - که خوراک عمدهء برزیلی‌ها را تشکیل می‌دهند - تخصیص یافته. بقیه اعتبارات به سوی محصولات صادراتی سرازیر می‌شود.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سقوط اخیر قیم بین‌المللی شکر، به خلاف گذشته موجی از گرسنگی در میان روستائیان کوبا پدید نیاورد. در کوبا دیگر کم‌غذایی وجود ندارد. از سوی دیگر، افزایش تقریباً همزمانِ قیمت بن‌المللی قهوه به هیچ وجه از فقر مزمن کارگران درختزارهای قهوهء برزیل نکاست. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
افزایش مظنهء قهوه در سال ۱۹۷۶ صورت گرفت. علت این بهبود تصادفی قیمت یخبندانی بود که محصول قهوهء برزیل را از میان برد، اما آنچنان که یکی از صاحب منصبان عالی مقام &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; موسسه قهوهء برزیل&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;  اعتراف کرده است:‌«عملاً در دستمزدها بازتابی نداشت.!» {{نشان|19}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
از نظر واقعیت، محصولات صادراتی ضرورتاًبا رفاه و آسایش مردم ناسازگار نیستند، و ضرورتاً مغایرتی با توسعه‌ء اقتصادی «درون گرا» ندارند.  در کوبا، فروش شکر به خارج چون اهرمی به ایجاد دنیای نوینی که در آن همه به نعره‌های توسعه دسترس دارند، خدمت کرده است. در آنجا، همبستگی، روح اصلی روابط انسان‌هاست. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
۱۵&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اکنون دیگر ما می‌دانیم آنان که محکوم به پرداخت بهای بحران بازسازی نظام حاکم هستند کیانند؟ قیمت بیشفراورده‌هائی که آمریکای لاتین می‌فروشد، در ارتباط با قیمت فراورده‌هائی که از کشورهای دارندهء انحصار تکنولوژی و بازگانی و سرمایه گذاری و اعتبار می‌خرد، بیرحمانه پایین می‌آید. برای جبران تفاوت و به جهت رویاروئی با تعهداتی که در برابر سرمایه‌های خارجی شده، ضروری است که آنچه در «قیمت» از دست می‌رود در «مقدار» جبران شود. در این چارچوب، دیکتاتوری‌های &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; مخروط جنوبی &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; (منظور کشورهای آرژانتین و شیلی و اروگوئه است) دستمزدهای کارگران را به نصف تقلیل داده و مراکز تولید را به اردوگاه کار اجباری مبدل کرده‌اند. کارگران باید پائین آمدن ارزش کارشان را هم، به عنوان کالائی که در بازار فروخته می‌شود، جبران کنند. کارگران مجبورند با افزایش ساعاعت کار خود، آنچه را هم که قدرت خرید دستمزدشان از دست می‌دهد جبران کنند. بدین سان، قوانین بازار بیان المللی وارد دنیای کوجک زندگی هر کارگر آمریکای لاتین نیز می‌شود. برای کالرگرانی که این «بختیاری» را دارند که شغلی دائمی داشته باشند و.«روزی هشت ساعت کار» تنها در عبارتِ بی‌جانُ قانون وجود دارد. ده، دوازده، حتی چهارده ساعت کار امری کاملا عادی است و بسیارند کارگرانی که حتی یکشنبه‌هاهم کار می‌کنند. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
حوادث ناشی از کار، یا خون انسانی که پیشکش قربانگاه تولید می‌شود، به نوبه‌ء خودزیادتر شده است. اینک سه مثال از پایان سال ۱۹۷۷ در &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اوروگوئه‌&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; الف - &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;  معادن سنگ راه‌آهن، که شن و سنگ تولید می‌کنند بازده تولید خود را دو برابر می‌کنند. در آغاز بهار، پانزده کارگر در انفجار معدن جان می‌سپارند. &lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; ب‌ - &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;  بیکاران در بیرون کارخانه‌هائی که موشکهای آتش‌باری درست می‌کند صف کشیده‌اند. کودکانی چند در کار تولید هستند. رکورد شکسته می‌شود. در ۲۰ سپتامبر، انفجاری روی ‌می‌دهد: پنج گارگر می‌میرند و ده‌ها تن زخمی ‌می‌شوند.&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; پ - &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;  ۲۸ سپتامبر، ساعت هفت صبح‌، کارگران از ورود به کارخانه‌ء  کنسرو ماهی خودداری می‌کنند. چون بوی شدید گاز به مشام می‌رسد. تهدید می‌شوند که اگر نروند سرکار،‌ اخراج خواهند شد. بازهم خوددداری می‌کنند. تهدید می‌شوند که اگر نروند سرکار، سربازان فراخوانده خواهند شد ( کارخانه در مواردی دیگر تهدید، نیروهای ارتش را فراخوانده بود)، کارگران به ناچار وارد کارخانه می‌شوند. به علت نشتِ گاز آمونیاک چهار نفر می‌میرند و چندین نفر مسموم و در بیمارستان بستری می‌شوند. &lt;br /&gt;
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&lt;br /&gt;
۱۶ &lt;br /&gt;
‎&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; ماریا کارولینا دِخه‌روس&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;  Maria Carolina de Jesus  در میان خاکروبه‌ها و لاشخورها زاده شد. بزرگ شد، رنج برد، سخت کار کرد؛عاشق دو مرد شد، بچه‌هائی پیدا کرد. عادت داشت که در دفترچهء یادداشت کوچکی، به خط بد، جریان کارها و ماجراهای روزانهء خود را بنویسد. خبرنگاری به طور تصادفی این یادداشت‌ها را خواند و ماریا کارولینا نویسندهء مشهوری شد. کتاب شهر کلبه‌ها، که خاطرات پنج سال زندگی در خومهء مثیف شهر سائوپائولو است، به سیزده زبان ترجمه و در چهل کشور خوانده شد.  ماریا کارولینا »سیندرلای: برزیل، محصول دنیای مصرف، شهر کلبه‌ها را ترک گفت، دور دنیا سفر کرد، عکس‌ها و مصاحبه‌هایش در روزنامه‌ها چاپ شد، جوایز منتقدان را ربود، در مجالس تجیب‌زادگان مورد پدیرائی قرار گرفت و به ملاقات روسای جمهور نائل آمد. و سال‌ها گذشت‌... در آغاز سال ۱۹۷۷، در سپیده دم یک روز یکشنبه، ماریال کارولینا دِ خه‌زوس در میان خاکروبه‌ها و لاشخور‌ها جان سپرد. اکنون زنی را که نوشته بود: «گرسنگی دینامیت بدن انسان است. » دیگر کسی به یاد نمی‌آورد. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎او که با ته‌مانده ‌های دیگران زندگی کرده بود، به صورتی گذرا توانست یکی از برگزیدگان شود. اجازه یافت سرمیز بنشیند. اما پس از خوردن دِسِر، طلسم شکست. و در حالی که رویای او پایان می‌گرفت برزیل باز همان کشوری بود که هر روز در آن صدها گارگر در حوادث کار ناقص می‌شوند و از هر ده کودک یکه به دنیا می‌آیند، چهارتن‌شان گدا، دزد، یا شعبده باز می‌شوند. علیرغم آمار که تبسمی خوشبینانه دارند، هتکِ مردم پاره شده است. در نظام‌هائی که وارونه‌سازمان یافته اند، هنگامی که اقتصاد رشد می‌کند بیعدالتی اجتماعی نیز با آن رشد می‌یابد. در موفقیت‌ترین دورهء «معجزه» برزیل، میزان مرگ و میر کودکان در حومه‌های ثروتمندان شهر کشور افزایش یافت. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎رونق اقتصادی ناگهانی که صنعت نفت در اکوادور پدید آورد به جای مدرسه و بیمارستان، تلویزیون رنگی به مردم ارزانی داشت.  شهرها تا مرز انفجار از جمعیت انباشته می‌شوند. در سال ۱۹۵۰، در آمریکای لاتین شش شهر دارای جمعیتی بیش از بیک میلیون نفر بود. در سال ۱۹۸۰، تعداد آن‌ها به ۲۵ خواهد رسید {{نشان|21}}. گروه‌های عظیم کارگران، رانده شده از روستاها‌، در حاشیهء مراکز بزرگ شهری، در همان سرنوشتی سهیم می‌شوند که نظام حاگم به «تفاله‌» های جوان شهر‌نشین اختصاص داده است. در آمریکای لاتیت‌ِ فرومایگان،، شکل‌های هنرمندانهء زنده ماندن ای‌«لاشخور»ها کامل شده است. « نظام تولید، طی مدتی مدید نشان داده است که برای جذب نیروی فزاینده‌ء کار در منطقه، به ویژه در مجتمع‌های بزرگ کارگری شهرها به طرزی مشهود از این که اشتغال مولد ایجاد کند ناتوان است‌...»{{نشان|22}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎یکی از بررسی‌های &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سازمان بین‌المللی کار&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; چندی پیش نشان می‌داد که در آمریکای لاتین بیش از ۱۱۰ میلیون نفر در شرایط « فقر شدید» زندگی می‌کنتند. از این تعداد ۷۰ میلیون نفر را می‌توان بینوا نامید {{نشان|23}}. خورد و خوراک چند درصد جمعیت از جد لزوم پائین‌تر است؟ به زبان خبرگان ۴۲ درصد جمعیت &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;برزیل&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، ۴۳ درصد مردم &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;کولومبیا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، ۴۹ درصد مردم &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;هندوراس&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;،* ۳۱ درصد مردم &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;مکزیک&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، ۴۵ دردصد مردم &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پرو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، ۲۹ درصد مردم &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;شیلی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، ۳۵ درصد مردم &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اکوادور‌&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; «درآمدی کمتر از هزینهء حداقل تغذیهء متعادل » دارند{{نشان|24}}.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
۱۷&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎در سرزمین‌های ما، صنعت ترس و وحشت، مانند هر صنعت دیگر بهای گرانی به &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;دانش فنی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; بیگانه می‌پردازد. تکنولوژی زور و فشار آمریکای شمالی که در چهار گوشهء کرهء زمین مورد آزمایش قرار گرفته، در مقیاسی وسیع خریداری و به کار بسته شده است. اما خلاف عدل و انصاف خواهد بود اگر در این زمینه استعدادهای خلاقه‌ئی را که در میان طبقات حاکم آمریکای لاتین وجود دارد را باز نشناسیم. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎بورژوازی‌های ما، بدون وابستگی اقتصادی‌، توان توسعه نداشتند و کوشش آن‌ها برای ایجاد صنعتی ملی حالت پریدن مرغ خانگی را پیدا کرد: پروازی کم اوج و کوتاه. در جریان فرایند تاریخی ما، خداوندان قدرت نیز در فقدان تحلیل سیاسی و سترون بودن فرهنگی خود شواهد کافی ارائه کرده‌اند. اما در عوض، استقرار دستگاه عظیم ترس را ترتیب داده در فن نابود سازی انسان‌ها و اندیشه‌ها ابداعاتی هم داشته‌اند. تجربهء تازهء کشورهای منطقهء &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ریو ده لاپلاتا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; Rio de la Plata  چمصب بزرگی که بین دو کشور &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اوروگوئه &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;و &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;آرژانتین &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; قرار گرفته است در این زمینه بسیار روشنگر است. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎افسران آرژانتینی، هنگامی که قدرت را به‌دست گرفتند هشدار دادند که: «وظیفهء گندزدائی ما، مدتی به درازا خواهد کشید!» - طبقات حاکم در اوروگوئه و آرژانتین پی در پی از نیروهای مسلح خواسته‌اند نیروهای خواستار دگرگونی را در هم شکنند و ریشه‌شان را براندازند، نظام امتیازات ویژهء داخلی را استوار کنند و شرایط اقتصادی و سیاسی‌ئی به وجود آورند که جلب کنندهء سرمایه‌های خارجی باشد: پاک‌سازی سرزمین، نظم در کشور، و نیروی کار ارزان و فرمانبر و مردم کشور بلافاصله مبدل به دشمن داخلی شدند. هرگونه نشانهء زندگی، اعتراض، یا تردید ساده، از دیدگاه اصول‌ِ نظامی‌ِ امنیت‌ِ ملی تهدیدی خطرناک به شمار می‌آید. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎بدین‌ سان ، مکانیسم‌های پیچیده‌ئی برای پیشگیری و مجازات تهیه و تنظیم شده است. &lt;br /&gt;
در زیر این ظواهر منطقی ژرف نهفته است: برای آن که بتوان با &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;کارآمدی عمل کرد&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، زور و فشار باید &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;مطلق باشد&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;. جز نفس کشیدن، هر فعالیت دیگر انسانی جنایتی به شمار می‌آید. در اوروگوئه، شکنجه به مثابهء  اصلی در امر بازجوئی به کار برده می‌شود: هر کسی ممکن است قربانی آن شود، نه فقط کسانی که مظنون یا مرتکب اقدامات مخالفت آمیزند و بدین طریق هراس از شکنجه، همچون گازی فلج کننده که به خانه‌ئی راه می‌یابد و در روح هر شهروندی ریشه می‌ند، در میان همهء شهروندان پراکنده می‌شود. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎شکار انسان در شیلی ۳۰ هزار کشته بر جای گذاشته است، اما در &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;آرژانتین&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; کسی را تیرباران نمی‌کنند: بل‌که اشخاص مورد‌نظر را به سادگی می‌ربایند. قربانیان ناپدید می‌شوند. سپاهیان ناپیدای شب، وظیفه را انجام می‌دهند. دیگر نه جسدی در میان است نه این که کسی گناهکار و مسئول شناخته می‌شود. بدین سان، کشتار- که همیشه غیر رسمی است، و نه رسمی - بدون این که کم ترین مجازاتی در کار باشد انجام می‌گیرد، و &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بدین طریق نگرانی جمعی بازتابی شدیدتر پیدا می‌کند. کسی حساب پس نمی‌دهد، کسی توضیح نمی‌دهد. هر جنایتی تردیدی‌ است دردناک برای کسانی که به قربانی نزدیکند، و نیز هشداری است برای دیگران. تروریسم دولتی‌، مردم کشور را از طریق ترس فلح می‌کند.&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎در &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اوروگوئه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; برای پیدا کردن کار یا از دست ندادن آن، لازم که انسان مورد التفات مقامات نظامی باشد. در کشوری که پیدا کردن کار در خارج از مراکز پلیس و سربازخانه‌ها بسیار دشوار است. این ضرورت، تنها باعث آن نشده است از ۳۰۰ هزار شهروندانی که دست چپی شناخته شده‌اند تعداد زیادی از کشور خارج شوند، بل این فایده را هم داشته است که  ماندگارها را به شدت مورد تهدید قرار دهد. برای روزنامه‌های مونته‌ویده‌ئو چاپ توبه‌نامه‌ها و آگهی‌های شهروندانی که از راه احتیاط بر سینهء خویش می‌کوبند که‌ «من نیستم‌، هیچ وقت نبوده‌ام‌، و هرگز هم نخواهم بود‌» امری بسیار عادی شده است. &lt;br /&gt;
‎در &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;آرژانتین&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; دیگرلازم نیست کتابی را با صدور اخطاریه‌ئی ویژه ممنوع اعلام کنند. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;قانون جزای&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; جدید‌، نویسنده‌ و ناشر هر کتابی را که «مخرب» شناخته مانند گذشته مجازات می‌کند. ولی فراتر از این‌، صاحب چاپخانه را هم به مجازات می‌رساند تا کسی جرات نکند متنی را که تنها احتمال می‌رود مورد سوءظن باشد چاپ کند؛ و در صورتی که این هم کافی به نظر نیاید خواننده را نیز مجازات می کند تا کسی جرات خواندان آن را هم به خود ندهد چه رسد به این که از آن برای خودش اساس عقیده‌ئی هم بتراشد! بدین سان با مصرف کننده‌ء کتاب همان رفتاری می‌شود که برای مصرف کننده‌ء داروهای مخدر پیش‌بینی کرده است {{نشان|25}}. در این طرح جامعهء کرولال، هر شهروندی باید « مفتش عقیده‌ء» خود شود. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎در &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اوروگوئه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، لو ندادن همسایه جرم به شمار می‌آید. دانشجویان هنگام ورود به دانشگاه سوگند‌نامه‌ئی امضا می‌کنند که هر که را در محوطهء دانشگاه دست به «هر گونه فعالیتی نامرتبط با درس خواندن‌» بزند معرفی خواهندکرد. بدین سان دانشجو خود را در هر ماجرائی که تاحتمالا در حضور وی اتفاق افتد مسوول می‌کند. در این طرح جامعهء کسانی که خوابیده راه می‌روند، هر شهروندی باید پلیس خود و دیگران باشد. به هر حال، این نظام به راستی غیرقابل اعتماد است. در اوروگوئه تعداد افراد پلیس و سربازان به صد هزار نفر می‌رسد، ولی تعداد خبرچین‌ها نیز صدهزار نفر است. جاسوسان در خیابان‌ها، کافه ها و اتوبوس‌ها، در کارخانه‌ها و دبیرستان‌ها، در ادارات و در ادانشگاه به کار مشغولند. هر کس به صدای بلند زبان به شکایت بگشاید که زندگی سخت و گران است بی‌گمان گذارش به زندان خواهد افتاد زیرا « جرمی بر ضد روحیه‌ء نیروهای مسلح‌» مرتکب شده است که سزای آن سه تا شش سال زندان است. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
۱۸&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎در رفراندوم ماه ژانویه ۱۹۷۸، رای آری برای دیکتاتوری پینوشه را با علامت صلیبی زیر پرچم شیلی مشخص کرده بودند، و رای نه را زیر مستطیلی سیاه. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎نظام حاکم می‌خواهد با کشور یکی پنداشته شود. نظام حاکم، خودِ کشور است. این‌، محتوای تبلیغات رسمی است که مردم شب و روز با آن بمباران می‌شوند. دشمن‌ِ نظام‌ِ حاکم، خاٍن وبه سرزمین‌ِ اجدادی به حساب می‌آید. گواه‌ِ حدودِ خشم و نفرت مردم از بی‌عدالتی و آرزوی تغییر و دگرگونی‌، فرار از کشور است. در بسیاری از کشورهای آمریکای لاتین کسانی که به آن سوی مرزها تبعید نشده‌اند از تبعید در داخل سرزمین خود رنج می‌برند. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎اما در همان هنگامی که پینوشه پیروزی خود را جشن گرفته بود، رژیم دیکتاتوری او اعتصاباتی را که علی‌رغم حکومت ترس و وحشت در سراسر شیلی برپا می‌شد «غیبتِ دست جمعی‌ِ کارگران‌» نام گذاشته بود. اکثریت کسانی که در &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;آرژانتین&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; ربوده یا ناپدید شده‌اند کارگرانی هستند که به فعالیت‌های اتحاديهء کارگری پرداخته بودند. در تخیلات پایان‌ناپدیر مردم‌، پیوسته شکل‌های جدیدی از مبارزه بارور می‌شود: &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;کم‌کاری و عدم همکاری&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; و همبستگی‌، راه‌های تازه‌ئی برای رهائی از ترس کشف می‌کند. بسیاری از اعتصابات همکانی آژانتین‌، در سال ۱۹۷۷ روی داد که خطر از دست دادن زندگی از خطر از دست دادن کار و شغل کم‌تر نبود. قدرت واکنش نشان دادن طبقه‌ء کارگرِ سازمان یافته و دارای سنت طولانی مبارزه را نمی‌توان با یک نوشته از میان برد. در ماه مه همان سال‌، هنگامی که دیکتاتوری اوروگوئه ترازنامهء برنامه‌های شست و شوی مغزی و اخته سازی دست جمعی خود را تنظیم می‌کرد مجبور شد اعتراف کند که « هنوز سی و هفت درصد شهروندان کشور به سیاست علاقه‌مند هستند.»{{نشان|26}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎ما در این سرزمین ها با کودکی‌ِ وحشیانهء سرمایه‌داری روبه‌رو نیستیم‌، بلکه فرتوتی‌ِ خونبار آن را مشاهده می‌کنیم. کم توسعگی مرحله‌ئی از توسعه نیست‌، بلکه منتجهء آن است. کم توسعگی آمریکای لاتین ناشی از توسعهء بیگانگان است و هنوز هم به آن سوخت می رساند. نظام حاکم که به علت نقش بندگی‌ِ بین‌المللی خود ناتوان و از لحظهء تولد در حال احتضار است پایش در گل است. خود را به طور مسلم سرنوشت کشور می‌پندارد و می‌خواهد که ابدمدت انگاشته شود. هرگونه خاطره‌ئی خرابکار است، زیرا که متفاوت است‌؛ هم‌چنین هر طرح ناظر به آینده‌ئی این اژدهای خواب آلود را وادار می‌کند که بدون نمک غذا بخورد: نمک خطرناک است، ممکن است بیدارش کند. نمونهء بارز نظام حاکم را که در جامعهء ساکن‌ِ مورچگان می‌توان دید. به همچنین دلیل هر قدر هم که دگرگونی پیدا کند با تاریخ بشری سازگار نیست، چرا که در تاریخ بشری، هر اقدام ویرانگرانه‌ئی دیر یا زود با اقدامی خلاق پاسخ خواهد گرفت. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎{{چپ‌چین}}بارسلون - آوریل ۱۹۷۸{{پایان چپ‌چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
‎{{چپ‌چین}}&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ترجمهء رامین شهروند&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; {{پایان چپ‌چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
   &lt;br /&gt;
==یادداشت‌ها==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
۲. {{پاورقی|۲}}&lt;br /&gt;
۳. {{پاورقی|۳}}&lt;br /&gt;
۴. {{پاورقی|۴}}&lt;br /&gt;
۵. {{پاورقی|۵}}&lt;br /&gt;
۶. {{پاورقی|۶}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ‌چین}} 15. {{پاورقی|15}}. United Nations, ECLA, op. cit., note 19{{پایان چپ‌چین}}&lt;br /&gt;
{{چپ‌چین}}16. {{پاورقی|16}}. UNCTAD, &amp;quot;The Marketing and Distribution System for Bananas&amp;quot;, December 1974. {{پایان چپ‌چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
    &lt;br /&gt;
    &lt;br /&gt;
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&lt;br /&gt;
       &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[رده:کتاب جمعه ۱۳]]&lt;br /&gt;
[[رده:کتاب جمعه]]&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Pouya</name></author>
	</entry>
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		<id>http://irpress.org/index.php?title=%D9%BE%D8%B3_%D8%A7%D8%B2_%D9%87%D9%81%D8%AA_%D8%B3%D8%A7%D9%84&amp;diff=25143</id>
		<title>پس از هفت سال</title>
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		<updated>2011-09-22T21:39:20Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;Pouya: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[Image:13-003.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۳|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۳]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-004.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۴|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۴]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-005.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۵|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۵]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-006.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۶|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۶]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-007.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۷|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۷]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-008.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۸|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۸]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-009.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۹|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۹]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-010.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۰|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۰]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-011.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۱|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۱]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-012.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۲|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۲]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-013.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۳|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۳]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-014.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۴|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۴]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-015.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۵|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۵]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-016.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۶|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۶]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-017.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۷|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۷]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-018.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۸|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۸]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-019.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۹|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۹]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-020.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۰|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۰]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-021.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۱|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۱]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-022.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۲|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۲]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-023.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۳|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۳]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-024.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۴|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۴]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-025.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۵|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۵]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-026.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۶|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۶]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-027.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۷|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۷]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-028.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۸|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۸]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-029.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۹|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۹]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-030.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۳۰|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۳۰]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-031.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۳۱|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۳۱]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-032.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۳۲|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۳۲]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-033.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۳۳|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۳۳]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{در حال ویرایش}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
«نوشتن چه سودی دارد اگر برای مبارزه با موانعی نباشد که نظام حاکم در برابر پیام مخالفان قرار می‌دهد؟» این، پیام دلاورانۀ &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ادواردو گالیانو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; است. آری، به‌راستی سودش چیست؟- نوشتن یا آفرینش هنری، اگر برای محکوم کردن بی‌انسانیتی نظام حاکم و زمانِ ما نباشد معنایش چیست؟&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
هرچند درست است که هنر و ادبیات از راه ستایش لحظه‌های آسایش زندگی، زندگی را زیور می‌بخشد. و درست است که نقش هنر و ادبیات و شعر و موسیقی، لذت بردن هرچه بیش‌تر ما از زندگی، و ژرف‌تر و آهنگین‌تر و پر معنا کردنِ روابط، با یکدیگر است؛ اما انسان چه‌گونه می‌تواند ستایشگر دنیائی باشد که در آن، بیش‌تر انسان‌ها تنها از آن رو «می‌زیند»که لذایذ بیرحمانۀ حیات گروهی اندک را که به‌اصطلاح «صاحبان امتیازات ویژه»‌اند تأمین کنند؟ انسان چه‌گونه می‌تواند با نظامی هماهنگ شود که پیوسته در کارِ مکیدنِ خونِ رگ‌های باز است؟ - رگ‌های باز، تنها در آمریکای لاتین نیست بلکه یک سر از ویژگی‌هایِ تمامی جهان سوم است.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
برای ما، در جهان سوم، زمان، زمان بحران است نه زمان ستایش و شادمانی! زمان نگرش به‌واقعیت خویش و تفکر و اندیشۀ انتقادی است، نه خیالبافی‌های عرفانی. زمان مبارزه است و در این مبارزه، ما نیاز به‌صدائی داریم که نظام ستمگر را رسوا و بی‌انسانیّتیِ آن را محکوم کند و امید به‌آینده را به‌ما دهد. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ادواردو گالیانو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; چنین صدای راستینی است که نه تنها برای آمریکای لاتین، بل برای سراسر جهان سوم و در واقع برای تمامی بشریت سخن می‌گوید.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
۱&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
هفت سال از زمان چاپ نخست&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;رگ‌های بازِ آمریکای لاتین&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; می‌گذرد. این کتاب برای آن نوشته شده بود که با مردم به‌گفت‌و گو بپردازد. نویسنده‌ئی ناخبره، مردمی ناخبره را مورد خطاب قرار داده بود تا پاره‌ئی حقایق را که تاریخ رسمی- تاریخی که فاتحان نوشته‌اند- پنهان داشته یا تحریف کرده است فاش شود.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
هیجان‌آمیزترین پاسخ‌ها و واکنش‌ها نه از صفحات ادبی روزنامه‌ها، بل از متن زندگی واقعی رخ نمود، آن هم به‌صورت رویدادهائی در کوچه و خیابان. به‌عنوان مثال، دختری که در اتوبوسی کتاب را برای دوستی که پهلویش نشسته بود می‌خواند، سر انجام به‌پا خواسته در حالی که اتوبوس از خیابان‌های &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بوگوتا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; می‌گذشت، قسمتی از آن را به‌صدای بلند برای همۀ مسافران خوانده بود. یا، زنی که طی روزهای کشتار از &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سانتیاگو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; (پایتخت شیلی)می‌گریخت کتاب را لای قنداقۀ کودکش پنهان کرده بود. یا،  دانشجوئی که قدرت خرید کتاب را نداشت یک هفتۀ تمام در خیابان&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;کوری‌یِن‌تِس&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; محلۀ کتابفروش‌های &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;شهر بوئنوس آیرس&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; از این کتابفروشی به‌آن کتابفروشی رفته در هر کدام چند صفحه از کتاب را خوانده بود!&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
هم‌چنین بهترین تعریفی که از این کتاب شد از طرف نقدنویسان متخصص نبود، این تعریف را دیکتاتورهای نظامی کردند، آن هم از طریق ممنوع کردن کتاب! – به‌عنوان مثال، &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;رگ‌های باز&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; در کشور خود من- &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اروگوئه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;- قابل چاپ و پخش نیست. همین طور در&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;شیلی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;. در&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;آرژانتین&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; هم مقامات دولتی در رادیو و تلویزیون و روزنامه‌ها آن را به‌عنوان «وسیلۀ فساد جوانان»محکوم کرده‌اند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بلاس داوته‌رو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; [شاعر معاصر برجستۀ اسپانیولی]می‌گفت: «آن‌ها اجازه نمی‌دهند چیزهائی که من می‌نویسم دیده شود، چون من فقط چیزهائی را که می‌بینم می‌نویسم!»&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
به‌عقیدۀ من، با توجه به‌تمامی چیزهائی که گفته شده و انجام گرفته است، اگر شادمانه ادعا شود که &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;رگ‌های باز&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; کتابی نبوده که پژواکی نداشته باشد، نباید به‌قمپز در کردن تعبیرش کنند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
۲&lt;br /&gt;
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این نکته که &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;رگ‌های باز&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; – این&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;کتاب راهنمایِ&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; پرده دری‌ها و فاش‌سازی‌ها- اقتصاد سیاسی را به‌سبک سرگذشت عشقی با قصۀ دزدهای دریائی مورد بحث قرار داده است باید سخت کفرآمیز به‌نظر آمده باشد. این را خودم هم می‌دانم. امّا باید اعتراف کنم که برای من، خواندن پاره‌ئی از مطالعات پرارزشی که بعضی جامعه‌شناسان، سیاست‌شناسان، اقتصاددانان و مورخان به‌زبان رمز می‌نویسند کاری بس دشوار است. زبان سربستۀ علمی، همیشه هم الزاماً بهای عمق و دانش زیاد نیست. حتی در پاره‌ئی موارد ناتوانی امر برقرار کردنِ ارتباط به‌سادگی تمام ممکن است، اعتلای فضایل روشنفکرانه جلوه کند. به‌گمان من دلزدگی ناشی از این امر بیش‌تر نظام مستقر را تبّرک می‌کند و تأکید می‌کند که دانش، امتیاز ویژۀ &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;نخبگان&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; است.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
به‌طور گذرا می‌توان گفت مشتی از آثار ادبیات مبارز نیز که برای مردمی معتقد نوشته می‌شود، معمولاً به‌چنین سرنوشتی گرفتار می‌آیند. زبانی که همین جور سرسری جمله‌های حاضر و آماده را با همان صفت‌ها و موصوف‌های مرسوم و همان شیوۀ بیان آهنگین معمول برای همان گوش‌های همیشگی تکرار می‌کند، هر قدر هم که فصاحت انقلابی داشته باشد به‌نظر من سازشکارانه می‌نماید. شاید این نوع ادبیاتِ محدودِ کم‌مایه به‌همان اندازه از انقلاب به‌دور باشد که ادبیات هرزۀ جنسی از ادبیات عاشقانه.&lt;br /&gt;
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۳&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
انسان می‌نویسد، تا سؤال‌هائی را که در سرش وزوز می‌کنند، این مگس‌های سمجی را که خواب از چشمش می‌ربایند، بیازماید و برای‌شان پاسخی پیدا کند و آن چه انسان می‌نویسد، اگر به‌ترتیبی با نیاز جامعه به‌یافتن فلان پاسخ منطبق شود، می‌تواند معنائی جمعی به‌دست آورد. من &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;رگ‌های باز&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; را برای آن نوشتم که اندیشه‌ها و تجارب شخصی گوناگونم را منتشر کنم تا شاید خصوصیت واقع‌بینانۀ آن‌ها بتواند کم‌و بیش مشتی از آن همه سؤال را که علی‌الدوام آزارمان داده است روشن کند: آیا آمریکای لاتین منطقه‌ئی از دنیاست که محکوم به‌تحمل خفت و فقر است؟ محکوم از طرف که و به‌چه دلیل؟ خطای خدا یا خطای طبیعت؟ آب و هوای طاقت‌فرسا و نژادهای پست؟ مذهب و آداب و رسوم؟ آیا این تیره‌بختی منتجّۀ تاریخ نیست که آن را انسان ساخته است؟ و بنابراین، آیا انسان نمی‌تواند آنها را دیگرگون کند؟&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
تجلیل گذشته، به‌نظر من، همیشه امری ارتجاعی بوده است. دست راستی‌ها&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;گذشته&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; را برمی‌گزینند چون&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;گذشته&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، مردگان را برتر و بهتر می‌شمارد: دنیائی ناآشفته و دوران‌هائی ناآشفته. قدرتمندان که امتیازات ویژۀ خود را از طریق ارث بردن مشروع می‌کنند دلتنگیِ خیال‌انگیزِ گذشته را می‌پرورند. انسان هنگامی که به‌تماشای موزه‌ئی می‌رود، به‌مطالعۀ تاریخ می‌پردازد. و این مجموعۀ مومیائی‌ها وسیله‌ئی است برای سوء‌استفاده از اعتماد و اطمینان مردم. آن‌ها دربارۀ گذشته به‌ما دروغ می‌گویند هم‌چنان که دربارۀ زمان حاضر نیز دروغ می‌گویند: واقعیت را پنهان می‌کنند و ستم‌دیده را وامی‌دارند خاطره‌ئی را که ستمگر برای او ساخته و چیزی ناآشنا هزار وصله و بیهوده است از آن خود بداند، تا بدین سان او خود را کنار کشد و زندگی‌ئی را بپذیرد که از آنِ او نیست، امّا انگار تنها زندگی‌ئی است که برای او ممکن است.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;رگ‌های باز&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، چنین می‌نماید که گذشته، بسان خاطرۀ زندۀ روزگارِ ما، از سوی زمان حاضر فراخوانده شده است. این کتاب، جست‌و جوئی است برای یافتن کلیدهای تاریخ گذشته، تا شاید از آن رهگذر زمان حاضر را (که آن نیز در حال ساختن تاریخ است)تشریح و تبیین بتوان کرد، و منطق حکم کرده است که نخستین شرطِ دگرگون کردنِ واقعیت، شناختن آن است. در این جا، فهرست قهرمانانی که پنداری برای شرکت در مجلس رقص البسۀ عجیب و غریب پوشیده‌اند یا به‌هنگام مرگِ در عرصۀ کارزار جمله‌های شکوهمند و پرهیبت و بالا بلند بر زبان می‌آورند در دسترس ما‌قرار نمی‌گیرد، بلکه صدا و گذرِ گام‌های گروه‌های عظیمی را وارسی می‌کنیم که گام‌های امروزین ما را پیشگوئی می‌کند. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;رگ‌های باز&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; از واقعیت مایه گرفته، اما از کتاب‌هائی دیگر و از خودش بهتری نیز سود برده است که، ما را یاری کرده‌اند تا بدانیم چیستیم، تا بدانیم چه می‌توانیم باشیم؛ ما را یاری کرده‌اند تا یقین کنیم که از کجا آمده‌ایم و بهتر بتوانیم حدس بزنیم که به‌کجا می‌رویم. آن واقعیت و آن کتاب‌ها نشان می‌دهند که توسعه نیافتن آمریکای لاتین نتیجۀ توسعه یافتن بیگانگان است: مردم آمریکای لاتین فقیرند چون خاکی که بر آن گام می‌گذاریم غنی است و جاهائی را که طبیعت مزیت و نعمت بخشیده باشد تاریخ نفرین کرده است. در این دنیای ما، دنیای مراکز قدرتمند و حومه‌های قدرت زده و زیر سلطه، ثروتی نیست که به‌دست آوردن آن دست کم«مشکوک»نبوده باشد.&lt;br /&gt;
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۴&lt;br /&gt;
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در این مدت زمانی که از نخستین چاپِ&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;رگ‌های باز&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; گذشته، تاریخ برای ما هم‌چنان معشوقی ستمکار بوده است.&lt;br /&gt;
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نظام حاکم، ترس و گرسنگی را چند برابر کرده است. ثروت به‌تمرکز، و فقر به‌گسترده شدن ادامه داده است. در اسناد و مدارک سازمان‌های&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;تخصصی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; بین‌المللی که زبان بی‌آلایش‌شان &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;مناطق ستم‌زدۀ&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; ما را «کشورهای در فرایند توسعه»و &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;فقرزدگی کینه‌توزانۀ طبقۀ کارگر&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; را «توزیع نزولی درآمد»نام‌گذاری کرده است ما را چنین شناخته‌اند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;عَصّارخانۀ بین‌المللی به‌کار خود ادامه داده است: کشورها در خدمت کالاها، انسان‌ها در خدمت اشیاء&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
با گذشت زمان، آن‌ها شیوه‌های صدور بحران را تکامل می‌دهند. سرمایۀ انحصاری به‌ذروۀ تمرکز خود می‌رسد و تسّلط بین‌المللی بر بازارها و اعتبارات و سرمایه‌گذاری‌ها انتقال مرتب و منظم و فزایندۀ تضادها را امکان‌پذیر می‌کند: حومه‌ها، بدون این که آشفتگی‌ها و نابسامانی‌های مهم رخ دهد، بهای رونق و کامکاری مراکز را می‌پردازند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
«بازار بین‌المللی»هنوز یکی از شاه کلیدهای این عملیات است. در این بازار، شرکت‌های چندملّیتی دیکتاتوری خود را اعمال می‌کنند (چندملّیتی، زیرا چنان که &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سویزی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; [اقتصاددان مشهور آمریکائی]توجیه کرده است در چند کشور عمل می‌کنند اما البته از نظر مالکّیت و کنترلی که دارند در واقع ملی هستند)سازمان جهانی نابرابری، با این واقعیت که امروزه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;برزیل&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;- به‌عنوان مثال- اتومبیل فولکس‌واگن به‌کشورهای دیگر آمریکای جنوبی و بازارهای دوردستِ آفریقا و خاورنزدیک صادر می‌کند، دگرگون نمی‌شود. در واقع، این، شرکتِ فولکس‌واگن&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;آلمانی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; است که دریافته است اگر محصولش را برای پاره‌ئی از بازارها، از واحد فرعی &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;برزیلی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; خود صادر کند برایش با صرفه‌تر است: هزینۀ پائینِ تولید و کارگرِ ارزان از برزیل، و سودهای کلان از آنِ آلمان.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در ضمن، هنگامی هم که بعضِ اقلام مواد خام به‌طرزی معجزه‌آسا از نفرین قیمت‌های پائین رهائی یابد هرگز مخاطره‌ئی پیش نمی‌آورد. وضع نفت از سال 1973 به‌این طرف چنین بوده است. مگر نفت دادوستدی بین‌المللی نیست؟ &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;استاندارد اویل&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; نیوجرسی، که اکنون&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اکسان&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; نام دارد،&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;رویال داچ‌شِل&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; یا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;گُلف&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;. – آیا این‌ها کشورهای عربی هستند یا کشورهای آمریکائی لاتین؟ سهم بیش‌تر از آنِ کیست؟ و بسیار فاش کننده بود تهمت‌های پر سروصدائی که به کشورهای تولیدکنندۀ نفت وارد آوردند.- آن‌ها جرأت کرده بودند از بهای نفت خود دفاع کنند و بی‌درنگ سپر بلای تورم و بیکاریِ کارگران اروپا و آمریکا شدند. آیا کشورهای- «توسعه یافته»هرگز پیش از بالا بردن بهای هر یک از فراورده‌های خود با کسی مشورت می‌کنند؟ بیست سال بود که بهای نفت مرتب پائین آمده بود. مظنۀ پائین و شرم‌آور آن نشانۀ کمک مالی عظیمی بود که به‌مراکز صنعتی بزرگ دنیا می‌شد. از سوی دیگر، فراورده‌های این مراکز روز به‌روز گران‌تر می‌شد. مظنۀ جدید نفت، در ارتباط با افزایش پایان‌ناپذیر بهای فراورده‌های اروپائی و آمریکای شمالی، جز این که آن را به‌سطح سال 1952 بازگرداند کاری نکرده بود. در سال 1973، نفت خام بار دیگر قدرت خریدی را که در دهۀ پیش داشت بازیافت. فقط همین.&lt;br /&gt;
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۵&lt;br /&gt;
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یکی از رویدادهای مهم هفت سال اخیر ملی شدن نفت&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ونزوئلا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; است. این «ملی شدن»وابستگی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ونزوئلا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; در مسایل مربوط به‌تصفیه و عرضۀ نفت به‌بازارها را از میان نبرد، اما حیطه و گسترۀ جدیدی برای خودمختاری به‌وجود آورد. هنوز مدتی از تشکیل شرکت دولتیِ &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;نفت را به‌کار می‌برند]نگذشته بود Petroven که بیش‌تر مخفف آن Petroleos de VENEZUELA]ونزوئلا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; &lt;br /&gt;
که، این شرکت در میان 500 شرکت بسیار مهم آمریکای لاتین مقام اول را به‌دست آورد. برای یافتن بازارهائی جدید سوایِ بازارهای سنتی به‌جست‌وجو پرداخت و خیلی زود توانست مشتریانی تازه پیدا کند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
به‌هر حال هنگامی که دولت مالک ثروت اصلی سرزمین خود می‌شود همیشه به‌جا است که پرسیده شود «مالک خود دولت کیست؟»- ملی شدن منابع اساسی یک کشور، فی‌نفسه مفهومش توزیع مجدد درآمد به‌سودِ اکثریت مردم نیست، و ضرورتاً قدرت یا امتیازات ویژۀ اقلیت حاکم را به‌مخاطره نمی‌افکند. در ونزوئلا، اقتصاد اسراف و اتلاف، دست‌نخورده به‌حیات خود ادامه می‌دهد و در مرکز آن، زیر نور چراغ‌های نئون، یک طبقۀ اجتماعی میلیونر و ولخرج می‌درخشد. در سال 1976، واردات کشور 25 درصد افزایش یافت؛ اقدامی تمام عیار برای تأمین هزینۀ کالاهای فوق تجملی که به‌بازار ونزوئلا سرازیر شده و آن را در خود غرق کرده است. پرستش بت‌وارِ کالاها همچون نشانه و نماد قدرت اوج گرفته است و روابط انسانی به‌حدّ رقابت در مصرف تنزل یافته: در میان اقیانوس توسعه نیافتگی، اقلیتی که دارای امتیازات ویژه است روش زندگی و مدپرستیِ ثروتمندترین افرادِ توانگرترین جوامع دنیا را تقلید می‌کند؛ و در خودنمائی‌های &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;کاراکاس&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; هم، مانند&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;نیویورک&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، سرمایه‌های عالی «طبیعی»- یعنی هوا و نور و سکوت- بیش از پیش گران‌تر و  اَبَرمردِ ناسیونالیسمJuan Pablo Perez Alfonsoکمیاب‌تر می‌شوند. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;خوآن پابلو پِرِز آلفونسو  &lt;br /&gt;
ونزوئلا و پیامبر باز پس‌گرفتن و ملی کردنِ نفت، چنین هشدار می‌دهد: «آهای،مواظب باشید. انسان ممکن است از سوء هاضمه هم مثل گرسنگی بمیرد!» {{نشان|1}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
۶&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
 من نوشتن&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;رگ‌های باز&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; را در آخرین روزهای سال 1970 به‌پایان رساندم.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
روی تخت عمل مرد. تابوت  Juan Velasco Alvaradoدر آخرین روزهای سال &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;1977 خوان‌ولاسکو آلوارادو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; &lt;br /&gt;
او را بزرگ‌ترین جمعیتی که در خیابان‌های &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;لیما&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; دیده شده بود روی دوش به‌گورستان برد. ژنرال &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ولاسکو آلوارادو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; که در خانه‌ئی محقر در سرزمین‌های خشک شمال &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پرو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; چشم به‌دنیا گشوده بود فرآیندِ اصلاحات اجتماعی و اقتصادی را رهبری کرد. این ژرف‌ترین و فراگیرنده‌ترین کوششی بود که در جهت دگرگونی در تاریخ معاصر کشور او صورت گرفت. با آغاز شورش سال 1968، دولت نظامی نیروی محرک و پویای اصلاحات کشاورزیِ راستین شد و راه را برای باز پس گرفتن منابع طبیعی که سرمایه‌های خارجی غصب کرده بود باز کرد. اما حتی پیش از آن که &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ولاسکو آلوارادو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; چشم از جهان فرو بندد، ختم انقلاب برچیره شده بود. فرآیند آفرینندگی ، عمری بس کوتاه داشت.- دو چیز آن را از پا در آورد: یکی باج سبیل رباخواران و دلالان، و دیگری این حقیقت مسلم که هر برنامه‌ئی، هر قدر هم پدرانه، اگر پایگاه مردمیِ سازمان یافته‌ئی نداشته باشد بی‌دوام است و محکوم به‌فنا.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در شب عید میلاد 1977، در حالی که قلب ژنرال&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ولاسکو آلوارادو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; در &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پرو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; از حرکت باز می‌ایستاد، ژنرالی دیگر که هیج گونه شباهتی به‌وی نداشت، در &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بولیویا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; مشت خود را محکم روی میز    دیکتاتور&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بولیویا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، بدین‌سان به‌تقاضای عفو زندانیان، Hogo Banzerمی‌کوبید. ژنرال &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;هوگو بانزر&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; &lt;br /&gt;
تبعیدشدگان، و کارگران اخراج شده، می‌گفت: «نه!»- چهار زن و چهارده کودک از معادن قلع به &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;لاپاز&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; (پایتخت)آمدند و دست به‌اعتصاب زدند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
قضاوت خبرگان چنین بود: «حالا زمانِ این کار نیست؛ موقعش که شد، خودمان خبرتان می‌کنیم...»&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
زن‌ها نشستند روی زمین و چنین گفتند: «ما با شما مشورت نمی‌کنیم، بلکه فقط به‌تان اطلاع می‌دهیم، تصمیم، گرفته شده است. در معادن، همیشه اعتصاب غذاست. چشم به‌دنیا نگشوده اعتصاب غذامان شروع می‌شود. در آن جا ما محکوم به‌مرگ نیز هستیم. البته آهسته آهسته، ولی به‌هر حال محکوم به‌مرگیم.»&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
دولت با مجازات و تهدید واکنش نشان نداد اما اعتصاب غذا نیروهائی را که مدت‌های طولانی در بند مانده بودند آزاد کرد. سراسر&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بولیویا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; تکان خورد و دندان‌های تیز خود را نشان داد. ده روز بعد، دیگر، مسأله فقط بر سرِ غذای چهار زن و چهارده کودک نبود: هزاروچهارصد کارگر و دانشجو دست به‌اعتصاب غذا زده بودند. رژیم دیکتاتوری احساس کرد که زمین زیر پایش دهان باز کرده است. فرمان عفو عمومی گرفته شد.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
بدین سان دو کشور &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;منطقۀ آند&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; از خط فاصل سال 1977 و 1978 گذشتند. در شمال، در &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;منطقۀ کارائیب&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، کشور&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پاناما&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; در پایان مذاکرات دشواری که با ایالات متحدۀ آمریکا انجام داد، به‌انتظار الغای قرارداد مستعمراتی کانال بود؛ و در&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;کوبا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; مردم در تکاپوی برگزاری جشن انقلاب سوسیالیستی خود بودند، جشن هفدهمین سال زندگی پیروزمند خویش. چند روز بعد، در &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;نیکاراگوا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، مردم خشمگین به‌خیابان‌ها ریختند. دیکتاتور&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سوموزا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، پسر دیکتاتور&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سوموزا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، از سوراخ کلید نگاه می‌کرد. خشم مردم ساختمان‌های چندین شرکت را به‌آتش کشید. یکی از این  ، که در آغاز سال 1978 آتش زده شد متعلق Plasmaferesisشرکت‌ها، به‌نام&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پلاسما فره‌سیس  &lt;br /&gt;
به‌تبعیدشدگان کوبائی بود که خون مردم&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;نیکاراگوا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; را به‌ایالات متحده می‌فروخت. (در دادوستد خون هم مانند هر دادوستد دیگر آنچه به‌دست تولیدکنندگان می‌رسد اندکی بیش‌تر از «پول چائی»است.  برای هر لیتر خون که در بازار آمریکای Hemo Caribbeanبه‌طور مثال شرکت &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;همو کاریبئین&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;  &lt;br /&gt;
شمالی به‌بیست و پنج دلار فروش می‌رود سه دلار به‌مردم &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;هائیتی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; می‌پردازد.)&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
۷&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
مقاله‌ئی چاپ، و اعلام کرد که حکومت Orlando Letelierدر ماه اوت1976،&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اورلاندو لِته‌لی‌یر&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;  &lt;br /&gt;
وحشت دیکتاتوری&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پینوشه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; و «آزادی اقتصادی»گروه‌های کوچک اداری امتیازات ویژه دو روی یک‌سکه است. {{نشان|2}}وی یکی از وزیران دولت &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سالوادور آلنده&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بود. در ایالات متحده در تبعید به‌سر می‌برد، و در همین جا بود که چندی بعد بمبی او را تکه‌تکه کرد. {{نشان|3}}او در مقاله‌اش چنین استدلال کرده بود که سخن گفتن از رقابت آزاد، در اقتصادی مانند اقتصاد شیلی- که تابع انحصاراتی است که هر وقت بخواهند با قیمت‌ها بازی می‌کنند- بیهوده است. و در کشوری که اتحادیه‌های واقعی کارگری غیرقانونی اعلام شده‌اند و حقوق و دستمزدها را شورای نظامی تعیین می‌کند، دم زدن از حقوق حقۀ کارگران خنده‌دار است. وی در این مقاله شرح می‌داد چگونه به‌دست آورده بودند Unidad popularپیروزی‌هائی که مردم شیلی در زمان دولت&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اتحاد خلق&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; &lt;br /&gt;
به‌طور کامل از میان رفته است. از انحصارات صنعتی که &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سالوادور آلنده&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; ملی کرده بود، رژیم دیکتاتوری نیمی را به‌صاحبان پیشین بازگرداند و نیمی دیگر را به‌معرض فروش گذاشت. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;فایرستون&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، ، کارخانۀ عظیم Parsonos Whitmoreکارخانۀ لاستیک‌سازی ملی را خرید و&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پارسونز و ویتمور&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; &lt;br /&gt;
خمیر کاغذسازی را... اقتصاد شیلی، به‌گفتۀ&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;لته‌لی‌یر&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، حتی از دورۀ پیش از به‌قدرت رسیدن &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;آلنده&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; هم بیش‌تر متمرکز و انحصاری شد. {{نشان|4}}&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;در آمریکای لاتین آزادی عمل شرکت‌ها با آزادی‌های مدنی هیچ سازگاری ندارد: نه این همه مذاکرات آزاد شرکت‌ها سابقه داشته است، نه این همه دستگیری و زندانی شدن مردم. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; و اما آزادی بازارها؟- از آغاز سال 1975 قیمت شیر در شیلی «آزاد»اعلام شد. نتیجۀ این اقدام طولی نکشید که ظهور کرد. دو شرکت بر بازارها مسلط شدند. قیمت شیر بلافاصله برای مصرف‌کنندگان 40 درصد افزایش یافت، در حالی که برای تولیدکنندگان 22 درصد پائین آمد!&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
مرگ‌ومیر کودکان، که در دورۀ حکومت&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اتحاد خلق&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; به‌میزان قابل توجهی پائین آمده بود، پس از به‌قدرت رسیدن&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پینوشه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; جهشی چشمگیر یافت. هنگامی که&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;لته‌لی‌یر&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; در یکی از خیابان‌های&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;واشینگتن&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; به‌قتل رسید، یک چهارم مردم شیلی هیچ درآمدی نداشتند اما یا به‌لطف صدقه‌های خیرخواهانۀ مردم کشورهای دیگر یا به‌علت سرسختی خود و بخورنمیری که به‌نحوی به‌دست می‌آوردند زنده ماندند.&lt;br /&gt;
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شکافی که در آمریکای لاتین میان بهزیستی گروهی اندک و تیره‌روزی اکثریت مردم وجود دارد بسی عمیق‌تر از شکافی است که در اروپا یا ایالات متحده میان این دو طبقه دیده می‌شود. در نتیجۀ روش‌هائی هم که برای حفظ این شکاف لازم است وحشیانه‌تر است. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;برزیل&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; دارای ارتشی عظیم و کاملاً مجهز است، اما تنها پنج درصد بودجۀ کشور صرف آموزش و پرورش می‌شود. در&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اوروگوئه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; نیمی از بودجۀ کشور در حال حاضر به‌نیروهای مسلح و پلیس اختصاص دارد. یک پنجم جمعیت فعال کشور از راه جاسوسی و تعقیب یا مجازات دیگران زندگی می‌کنند.&lt;br /&gt;
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بدون تردید یکی از مهم‌ترین رویدادهای این دهه، در سرزمین‌های ما، سرگذشت غمبارِ شورش نظامی در شیلی بود که در یازدهم سپتامبر، دولت دموکرات &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سالوادور آلنده&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; را واژگون کرد و کشور را در حمام خون غوطه داد.&lt;br /&gt;
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اندکی پیش از آن، در ماه ژوئن، کودتائی در &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اوروگوئه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; پارلمان را منحل کرد، اتحادیه‌های کارگری را غیرقانونی شناخت و هرگونه فعالیت سیاسی را ممنوع اعلام داشت. {{نشان|5}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در ماه مارس 1976، ژنرال‌های&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;آرژانتین&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; به‌قدرت بازگشتند: دولت بیوۀ &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;خوآن دومینگو پرون&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;       &lt;br /&gt;
که از درون فاسد شده بود بدون ماتم و بدون سرافرازی فرو ریخت.Juan Domingo Peron&lt;br /&gt;
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این سه کشور جنوبی آمریکای لاتین، اکنون، جراحتی بر پیکر دنیا هستند و منبع دائمی اخبار بد. شکنجه، آدم‌ربائی، آدمکشی، و تبعید اجباری، رسمِ روز شده است. آیا این دیکتاتوری‌ها غدّه‌هائی هستند که باید از ساز واره‌های سالم درآورده شوند یا دمل‌های چرکینی که عفونت نظام حاکم را آشکار می‌کنند؟&lt;br /&gt;
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به‌اعتقاد من، همیشه رابطه‌ئی نزدیک میان شدت تهدید و وحشیانه بودن پاسخ و واکنش وجود دارد. آن چه امروز در&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;برزیل&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; و&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بولیویا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; اتفاق می‌افتد، به‌گمان من، بدون آن که تجربۀ رژیم‌های &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;خوائو   (رئیس جمهوری برزیل، 64-1961)و &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;خوآن خوزه تورس) (رئیس جمهوری  Joao Goulartگولار&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; &lt;br /&gt;
بولیویا، 71-1970)را به‌خاطر آوریم قابل درک نیست. این دولت‌ها، پیش از سقوط، یک رشته اصلاحات اجتماعی انجام داده یک سیاست اقتصادی ناسیونالیستی را به‌مرحلۀ اجرا در آورده بودند که فرایند آن در سال&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; 1964&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; در&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;برزیل&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; و در سال&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;1971&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; در&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بولیویا &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; متوقف شد. همین طور هم، می‌توان گفت که شیلی، آرژانتین و اوروگوئه کفارۀ گناه امید را می‌دهند. رشته تغییرات عمیق و بنیادین دولت &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;آلنده&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;؛ پرچم‌های عدالتی که در زمان دولت کم دوام &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;هکتور کامپورا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، در سال&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;1973&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، به‌اهتزاز درآمد و توده‌های کارگران آرژانتین را تجهیز و بسیج کرد؛ و سیاسی شدن پرشتاب جوانان اوروگوئه؛ این همه، مبارزه‌طلبی‌هائی بود که نظام حاکم بی‌قدرت و بحران‌زده نمی‌توانست تحمل کند. گاز تند آزادی نشان داد که برای اشباح خطرناک است و آن‌ها را به‌آتش می‌کشد، و گارد ویژه فراخوانده شد تا نظم را برقرار کند. عملیات پاک‌سازی، در واقع طرحی برای انهدام و نابودی است.&lt;br /&gt;
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پرونده‌های کنگرۀ ایالات متحده اغلب دارای مدارک غیرقابل انکاری دربارۀ مداخلات در آمریکای لاتین است. جوهرسوزان گناه، در اعترافات &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;امپراتوری جهانی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، وجدان‌ها را به‌درد می‌آورد و آن‌ها را تطهیر می‌کند. به‌طور مثال در این اواخر، در سوانح گوناگونی که پیش آمده، پذیرش رسمی مسؤولیت از طرف ایالات متحده چندین برابر شده است. اعترافات علنی بسیار، از جمله ثابت کرده‌اند که دولت ایالات متحده از راه رشوه، جاسوسی، و باج سبیل، در امور سیاسی شیلی شرکت مستقیم داشته است. طرح اصلی جنایت در &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;واشینگتن&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ریخته شد. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;کیسینجر&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;و دستگاه‌های جاسوسی، از سال&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;1970&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;نقشۀ سقوط &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;آلنده&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;را آماده کردند. میلیون‌ها دلار در میان دشمنان دولت قانونی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اتحاد خلق&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;توزیع شد. و به‌این ترتیب بود که، به‌طور مثال، کامیون‌داران توانستند اعتصاب طولانی خود را (که در سال&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; 1973 &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;قسمت مهمی از اقتصاد &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;شیلی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; را فلج کرد)ادامه دهند. یقین داشتن به‌این که کیفری در کار نیست زبان‌ها را باز می‌کند. در زمان کودتای ضد &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;گولار&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، سفارت ایالات متحده در&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;برزیل&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; بزرگترین سفارتخانۀ آن کشور در دنیا بود. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;لینکلن گوردون&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; که در آن زمان سفیرکبیر آمریکا بود، سه سال بعد به‌خبرنگاری اعتراف کرد که دولت او مدت‌ها به‌نیروهائی که با اصلاحات مخالفت می‌کردند کمک مالی می‌کرده است! -&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;گوردون&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; گفته بود: «چنین کاری کم و بیش در آن روزها عادی بود... &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سیا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;به‌توزیع و تقسیم وجوه سیاسی عادت کرده بود.»{{نشان|6}}در همان مصاحبه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;گوردون&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; توضیح داده بود که در روزهای کودتا،&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پنتاگون&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; یک ناو هواپیمابر بزرگ و چهار کشتی نفت‌کش به‌نزدیکی‌های سواحل برزیل فرستاده بود «که شاید نیروهای ضد&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;گولار&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; خواستار پشتیبانی ما باشند»و افزوده بود: «این پشتیبانی قرار نبود تنها برای تقویت روحیه باشد؛ بلکه، آماده بودیم مواد مورد نیاز، تدارکات، اسلحه، و نفت هم بدهیم.»&lt;br /&gt;
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از زمانی که پرزیدنت&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;جیمی کارتر&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; سیاست حقوق بشر را آغاز کرد، برای رژیم‌های آمریکای لاتین- که در درجۀ اول با مداخله و کمک آمریکای شمالی به‌مردم این منطقه تحمیل شده‌اند- عادت شده است که بر ضد مداخلات آمریکای شمالی در امور داخلی خود اعلامیه‌هائی تهیه و تنظیم کنند.&lt;br /&gt;
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کنگرۀ ایالات متحده در سال 1976 و 1977 تصمیم گرفت کمک‌های اقتصادی و نظامی به‌کشورهای مختلف را معلق نگه دارد. اما به‌هر حال قسمت اعظم کمک‌های خارجی ایالات متحده از صافی کنگره نمی‌گذرد. بدین‌سان، با وجود اعلامیه‌ها و تصمیمات و اعتراضات، رژیم ژنرال&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پینوشه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;در سال &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;1976،290 &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; میلیون دلار بدون تصویب «قوۀ قانونگذاری آمریکا» به‌صورت کمک از آن کشور  &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;- دیکتاتور آرژانتین- پس از آن که نخستین سال عمر خود را Videlaدریافت کرد رژیم ژنرال&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ویدِلا  &lt;br /&gt;
پشت سر گذاشت 500 میلیون دلار از بانک‌های خصوصی آمریکای شمالی و 415 میلیون دلار از دو مؤسسۀ بانک جهانی و &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بانک توسعۀ اینتر امریکن&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; که ایلات متحده نفوذ قاطعی در آن‌ها دارد دریافت کرد. حق برداشت ویژۀ آرژانتین از&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;صندوق بین‌المللی پول&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; که در سال 1975 بالغ بر 67 میلیون دلار بود دو سال بعد به 700 میلیون دلار افزایش یافت. نگرانی پرزیدنت &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;کارتر&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; از قصابی‌هائی که در پاره‌ئی از کشورهای آمریکای لاتین می‌شود بی‌فایده نیست، اما دیکتاتورهای کنونی هم خودآموز نبوده‌اند: آن‌ها فنون و هنر حکومت کردن را در کلاس‌های درس &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پنتاگون&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; در آمریکا و منطقۀ کانال&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پاناما&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; فراگرفته‌اند. این دوره‌های درسی هنوز هم ادامه دارد و تا آنجا که معلوم است محتوایشان ذره‌ئی تغییر نیافته. مردان نظامی آمریکای لاتین که امروزه مایۀ رسوائی ایالت متحده شده‌اند، شاگردان خوبی بوده‌اند. چهار سال پیش، هنگامی که&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;رابرت مک نامارا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;- رئیس کنونی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بانک جهانی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;- وزیر دفاع آمریکا بود گفته بود: «این‌ها رهبران جدیدند. ضرورتی ندارد که من دربارۀ ارزشِ وجود چنین مردانی در مقام رهبری که از پیش می‌دانند ما آمریکائی‌ها چگونه فکر و کار می‌کنیم، توضیح بیش‌تری بدهم. دوستی با چنین مردانی سخت پرارزش است.: {{نشان|7}}آیا کسانی که ما را &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;افلیج&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; کرده‌اند صندلی چرخدار به‌مان می‌دهند؟&lt;br /&gt;
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اسقف‌های فرانسه دربارۀ نوع دیگری از مسؤلیت سخن می‌گویند که عمیق‌تر و غیرقابل رؤیت‌تر است: «ما که تعلق به‌ملت‌هائی داریم که ادعا می‌کنند پیشرفته‌ترین ملل عالمند، جزئی هستیم از کسانی که از استثمار کشورهای در حال توسعۀ استفاده می‌کنند. ما درد و رنجی را که این عمل در روح و جسم ملت‌ها به‌وجود می‌آورد نمی‌بینیم. ما تقسیم کنونی دنیا را که در آن تسلط دارا برندار و توانا بر ناتوان چشمگیر است، بیش‌تر تقویت می‌کنیم. آیا ما میدانیم که حیف و میل منابع و مواد خام از سوی ما، بدون کنترل بازرگانی بین‌المللی از طرف کشورهای غربی، امکان پذیر نیست؟ آیا ما نمی‌بینیم چه کسانی از دادوستد اسلحه استفاده می‌کنند، و کشور خود ما نمونه‌های غمباری از این سلاح‌ها را تهیه می‌کند؟ آیا ما حتی درک می‌کنیم که نظامی شدن رژیم کشورهای فقیر یکی از نتایج تسلط اقتصادی و فرهنگی است که از طرف کشورهای صنعتی اعمال می‌شود، که در آن‌ها میل شدید به‌سود بردن و قدرت پول حاکم بر زندگی است؟» {{نشان|8}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
دیکتاتورها، شکنجه‌گران، بازجویان عقیده، و ترس و وحشت هم مانند ادارات پست و بانک‌ها، کارگزاران خودش را دارد، و به‌کار بسته می‌شود چون که ضروری می‌نماید. و مسألۀ توطئۀ آدمیان پلید و اهریمنی در میان نیست. ژنرال&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پینوشه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; ممکن است شبیه یکی از اشخاص «نقاشی‌های    [نقاش برجستۀ اسپانیائی (1828-1746)]باشد، ولیمه‌ئی برای روانکاوان یا وارثِGoyaسیاه»&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;گویا &lt;br /&gt;
سنتی بیرحمانه از جمهوری‌های موز، اما خصوصیات کلینیکی یا فولکلوری چنین یا چنان دیکتاتوری فقط چاشنی تاریخ است نه خود تاریخ چه کسی امروز می‌تواند ادعا کند که جنگ جهانی اول به‌علت عقیدۀ&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;قیصر ویلهلم&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; که یک دستش کوتاه‌تر از دست دیگر بود آغاز شد؟ &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;برتولت برشت&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; در اواخر سال1940 در یادداشت‌های روزانۀ خود چنین نوشته است: «در کشورهای دموکراتیک خصوصیت خشونتی که اقتصاد دارد پنهان می‌ماند؛ در کشورهای استبدادی خصوصیت اقتصادی خشونت آشکار نمی‌شود.»&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در کشورهای جنوبی آمریکای لاتین فرماندهان نظامی قدرت را به‌دست گرفته‌اند تا نقشی را برای نظام حاکم ایفا کنند، یعنی هنگامی که طبقات حاکم دیگر نمی‌توانند از هیچ راه دیگری امور دادوستد خود را انجام دهند تروریسم دولتی را مستقر می‌کنند. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;در کشورهای ما اگر شکنجه با کارآمدی انجام نگیرد وجود نخواهد داشت؛ و دموکراسی، رسمی پایدار می‌ماند اگر تضمین شود که از کنترل صاحبان قدرت درنخواهد آمد. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; در زمان‌های سخت و دشوار، دموکراسی جنایتی بر ضدامنیت ملی شناخته می‌شود- یا شاید جنایتی بر ضدامنیت امتیاز ویژۀ داخلی و سرمایه‌گذاری‌های خارجی. دستگاه‌های ما برای ریزریز کردن گوشت انسانی به‌چرخ دنده‌های مکانیسمی بین‌المللی وصل شده‌اند. سراسر جامعۀ ما نظامی شده است. حالت استثنائی دائمی می‌شود و دستگاه زور و فشار به‌مجرد آن که از سوی مرکز نظام امپریالیستی پیچ و مهره‌ئی سفت می‌شود، مسلط می‌گردد. هنگامی که سایۀ بحران از کمین‌گاه دیده می‌شود، ضرورت پیدا می‌کند که غارت و چپاول کشورهای فقیر افزایش یابد تا اشتغال کامل، آزادی‌های مدنی، و نرخ‌های بالای توسعه را در کشورهای دارا تضمین کند. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;رابطۀ قربانی و دژخیم، دیالکتیک منحوسی است: ساختاری از خفت‌ها و خواری‌های پی‌در‌پی وجود دارد که از بازارهای بین‌المللی و مراکز مالی آغاز می‌شود و به‌خانۀ هر شهروندی پایان می‌یابد. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
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&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;هائیتی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; ندارترین کشور نیمکرۀ غربی است. در آن جا تعداد شویندگان پا از واکسی‌ها بیش‌تر است: کودکانی برای یک سکۀ پول پای مشتریان پا برهنه را که کفشی ندارند تا واکس بخورد می‌شویند. متوسط عمر مردم&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;هائیتی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، اندکی بیش از سی سال است. از هر ده نفر، نه نفر خواندن و نوشتن نمی‌دانند. در&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;هائیتی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، دامنۀ کوهستان‌های ناهموار برای مصرف داخلی کشت و زرع می‌شود و دره‌های حاصلخیز برای صادرات. بهترین زمین‌ها برای کشت قهوه، نی‌شکر، کاکائو و فرآورده‌های دیگری که مورد نیاز بازارهای آمریکای شمالی تخصیص یافته. در&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;هائیتی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; کسی &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بیس‌بال&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; بازی نمی‌کند، اما&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;هائیتی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; بزرگترین تولیدکنندۀ توپ مخصوص این بازی در سراسر دنیاست. کارگاه‌هائی که در آن‌ها کودکان با روزی یک دلار مزد کالاهای الکترونی و کاسِت مونتاژ می‌کنند  کم نیست. این فرآورده‌ها طبیعتاً صادراتی هستند؛ و طبیعتاً سود حاصل از آن‌ها نیز، پس از کسر کردن سهم مدیران ترس و وحشت، صادر می‌شود. در &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;هائیتی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; کوچکترین ظنّ اعتراض، مجازاتِ زندان یا مرگ دارد. حقوق و دستمزد کارگران&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;هائیتی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، هر چند که ممکن است باورکردنی به‌نظر نیاید، بین سال‌های 1971 و 1975 یک چهارمِ ارزش واقعیِ بسیار پائین خود را از دست داد. و این نکته واجد اهمیت است که طی این دوره، جریان تازه‌ئی از سرمایۀ آمریکا وارد&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;هائیتی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; شد!&lt;br /&gt;
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سرمقالۀ یکی دو سال پیشِ یکی لز روزنامه‌های&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بوئنوس آیرس&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; به‌خاطرم می‌آید. روزنامه‌ئی محافظه‌کار و قدیمی، سخت برآشفته بود که چرا در یک سند بین‌المللی، آرژانتین را کشوری کم توسعه و وابسته قلمداد کرده‌اند. چگونه یک جامعۀ با فرهنگ، اروپائی، دارای رونق اقتصادی، و سفید را می‌توان با معیارهای کشوری فقیر و سیاه مانند&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;هائیتی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; سنجید؟&lt;br /&gt;
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تردیدی نیست که تفاوت‌ها بسیار زیاد است هرچند که ارتباطی با مقولۀ تحلیل سخنگوی متنفذان&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بوئنوس آیرس&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ندارد. با وصف این، با تمام ناهمانندی‌ها و تضادهائی که ممکن است وجود داشته باشد، آرژانتین از دورِ باطلی که اقتصاد آمریکای لاتین را کلاً خفه می‌کند رهائی ندارد و هیچ کوششِ دفع شرِ روشنفکرانه‌ئی نمی‌تواند آن را از واقعیتی که، کم یا زیاد، وجه مشترک همۀ کشورهای منطقه است جدا کند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
Papa Doc Duvalierروی‌هم رفته کشتارهای ژنرال &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ویدِلا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; متمدنانه‌تر از کشتارهای&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;«پاپادوک»دووالیه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; [رئیس جمهور هائیتی، 71-1957]. یا وارث اریکۀ اونیست، هرچند که در آرژانتین زور و فشار ممکن است در سطح تکنولوژیکی بالاتری باشد. هر دو رژیم دیکتاتوری ضرورتاً در خدمت هدفی همانندند: &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;عرضۀ نیروی کاری ارزان به‌بازاری بین‌المللی که تقاضای فرآورده‌های ارزان دارد. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
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دیکتاتوری &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ویدِلا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، هنوز قدرت را کاملاً در دست نگرفته بود که به‌سرعت اعتصابات را ممنوع کرد و در همان زمان که با سخت‌گیری شدیدی دستمزدها را ثابت نگاه می‌داشت با صدور تصویب‌نامه‌ئی قیمت‌ها را آزاد اعلام کرد. پنچ ماه پس از کودتا، قانون جدید سرمایه‌گذاری خارجی، شرکت‌های داخلی و خارجی را در وضعی همانند قرار داد. بدین‌سان، رقابت آزاد به‌وضع نامساعدِ غیرعادلانه‌ئی که بعضی از شرکت‌های داخلی و محلی داشتند پایان بخشید: &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;جنرال موتورز&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; بیچاره را مثل می‌زنم که حجم فروش جهانیش، به‌تنهائی به همۀ تولید ناخالص ملی &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;آرژانتین&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; برابر است!- اکنون خروج سود سرمایه‌ها از کشور، و باز پس فرستادن اصل پول‌های سرمایه‌گذاری شده نیز، صرف‌نظر از پاره‌ئی محدودیت‌هائی ناچیز، آزاد شده است.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در پایان نخستین سالی که از عمر رژیم گذشت، ارزش واقعی دستمزدها به‌چهل درصد کاهش یافت. این   Rudolfo Walshشاهکار، از طریق اعمال هراس و وحشت انجام گرفته بود. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;رودولفو والش &lt;br /&gt;
نویسنده، در نامۀ سرگشاده‌ئی رژیم را متهم می‌کند که: «پانزده هزار نفر ناپدید، ده هزار نفر زندانی،چهار هزار نفر مقتول، و ده‌ها هزار نر تبعیدی ارقام خام این نظام خوف و وحشت است.»- والش&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; این نامه را در 29 مارس 1977 برای رهبران سه گانۀ شورای نظامی فرستاد و خود او در همان روز ربوده شد و دیگر اثری از او به‌دست نیامده.&lt;br /&gt;
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۱۱&lt;br /&gt;
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منابع موثق تأیید می‌کنند که از «سرمایه‌گذاری»های جدیدِ مستقیمِ خارجی در آمریکای لاتین، در واقع تنها مبالغ بسیار ناچیزی از کشور سرمایه‌گذار اصلی می‌آید: بنابر گزارشی که وزارت بازرگانی ایالات متحده منتشر کرده {{نشان|10}}تنها 12 درصد از وجوه سرمایه‌گذاری شده در خارج، از آمریکا خارج شده است. 22 درصد دیگر این به‌اصطلاح «سرمایه‌گذاری»ها مستقیماً از محل درآمدهائی تأمین شده که در خود آمریکای لاتین به‌دست آمده، و 66درصد بقیه را منابع اعتباری داخلی آن کشورها یا اعتبارات بین‌المللی پرداخت کرده‌اند!- همین نسبت‌ها در مورد سرمایه‌گذاری‌های ممالک اروپائی و ژاپن نیز مصداق دارد؛ و مخصوصاً باید به خاطر داشت که قسمت اعظم این 12 درصد «سرمایه‌گذاری»هم که مثلاً از دفاتر مرکزی این شرکت‌ها می‌آید نقدینه نیست بلکه ارزش اظهارشدۀ ماشین‌آلات فرسوده‌ئی است که منتقل کرده‌اند یا بهای دلخواهی است که شرکت‌های استعماری بابت دانش فنی، حق امتیاز و یا سرقفلی انگ و علامت تجاری خود تحمیل می‌کنند و به‌حساب می‌گذارند. بنابراین، شرکت‌های چند ملیتی، نه تنها اعتبارات داخلی کشورهائی را که در آن به‌فعالیت می‌پردازند در برابر سهم سرمایۀ مشکوکی می‌ربایند، بلکه فراتر از این، مطالبات ماوراء دریاهای خود را نیز چند برابر می‌کنند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
دیون خارجی کشورهای آمریکای لاتین در سال 1975 نزدیک به‌سه برابر بیش‌تر از سال 1969 بود {{نشان|11}}&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;برزیل، مکزیک، شیلی و اوروگوئه،&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; در سال 1975 نزدیک&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;به‌نیمی از درآمدهای صادراتی خود را به‌پرداخت استهلاک و بهرۀ دیون و به‌پرداخت&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سود شرکت‌های خارجی که در این کشورها استقرار یافته‌اند اختصاص دادند. در همان سال، بازپرداخت دیون و پرداخت سود، 55 درصد صادرات&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پاناما&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;و 60 درصد صادرات &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پرو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; را بلعید. {{نشان|12}}در سال 1969 هر فرد&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بولیویائی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;137 دلار به‌خارج مقروض بود، و در سال 1977 ای قرض به 483 دلار رسید!- مردم &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بولیویا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; هرگز در این امر مورد مشورت قرار نگرفته‌اند و هرگز یک پاپاسی این قروضی را که هم چون حلقۀ طناب‌دار به‌گردنشان افتاده است ندیده‌اند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در چند کشور آمریکای لاتین که هنوز محض خالی نبودن عریضه در آن‌ها انتخاباتی انجام می‌گیرد، نام  [یکی از بزرگ‌ترین بانک‌های ایالات متحدۀ آمریکا]به‌عنوان نامزدCity Bank&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سیتی‌بَنک&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;                &lt;br /&gt;
انتخابات»در هیچ کدام از فهرست‌های انتخاباتی دیده نمی‌شود، و نام هیچ یک از ژنرال‌های دیکتاتور هم «صندوق بین‌المللی پول»نیست. اما کدام وجدان است که حکم صادر می‌کند و چه دستی است که آن احکام را به‌اجرا درمی‌آورد؟ آن که وام می‌دهد فرمان نیز می‌راند. برای بازپرداخت وام، باید صادرات افزون شود، و نیز باید صادرات افزون شود تا پول واردات را بتوان پرداخت و خون‌ریزی بهره‌ها و&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;حق امتیازهائی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; را که شرکت‌های خارجی به‌دفاتر مرکزی‌شان می‌فرستند جبران بتوان کرد. افزایش صادرات که عواید واقعی آن به‌تدریج کم و کم‌تر می‌شود دستمزدها را به‌حد بخورو نمیر کاهش می‌دهد. فقر جمعی، که به‌عنوان کلید موفقیت اقتصادی در اختیار منافع خارجی گذاشته شده است از رشد بازارهای مصرف داخلی که برای استقرار و حفظ یک توسعۀ موزون اقتصادی ضروری است جلوگیری می‌کند. کشورهای ما اندک‌اندک صدای خود را از دست می‌دهند و به‌پژواک مبّدل می‌شوند. به‌دیگران وابستگی پیدا می‌کنند و تا زمانی که پاسخگوی نیازهای دیگران باشند هستی‌شان تأمین می‌ماند. از سوی دیگر، سر و صورتی تازه دادن به‌اقتصادی که در خدمت تقاضاهای خارج است باز هم ما را به‌همان وضع نداشتن آزادی عمل بازمی‌گرداند: دروازه‌ها را به‌روی غارت و چپاول انحصارات خارجی باز می‌کند و وامی‌داردمان که برای گرفتن وام از&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بانک جهانی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; به‌قراردادهای بزرگ‌ترین دیگری تن دهیم. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;دور باطل کامل می شود: وام خارجی و سرمایه‌گذاری خارجی افزایش صادراتی را ایجاب می‌کند که خود وام‌دهندگان به‌طور مداوم مشغول بلعیدین آنند. و این کار البته با مسالمت امکان‌پذیر نیست. کارگران آمریکای لاتین برای آن که نقش خود را به‌عنوان گروگان‌های کامکاری خارجیان بپذیرند باید زندانی باقی بمانند؛ چه این سوی و چه آن سوی میله‌های زندان. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
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&lt;br /&gt;
استثمار وحشیانۀ نیروی کار یدی، با تکنولوژی پیش رفته ناسازگار نیست و در سرزمین‌های ما هرگز ناسازگار نبوده است؛ به‌عنوان مثال، گروه‌های عظیم کارگران بولیویا که ریه‌های خود را در  سرمایه‌دار Simon Ituri Patinoمعادن &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اورورو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; از دست داده بودند. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سیمون پاتین‌یو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
بزرگ &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بولیویائی (1947-1886) &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;مالک معادن قلع کشور خود و یکی از ثروتمندان دنیا بود و او را «سلطان قلع»می‌خواندند. در زمان او، کارگران در یک نظام بردگی مزدوری، منتها با ماشین‌آلاتی مدرن کار می‌کردند. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سلطان قلع&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; توانسته بود بالاترین سطح تکنولوژی زمان خود را با پائین‌ترین سطح دستمزد ترکیب کند. {{نشان|13}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
فراتر از این، در زمان ما، شرکت‌های چند ملیتی مقتدر هم‌زمان با دست‌اندازی و تملک فعالیت‌های صنعتی‌ئی که با سرمایه‌های داخلی ایجاد شده تکنولوژی پیشرفته‌ترین اقتصادها را هم مورد بهره‌برداری قرار می‌دهند. اقدام به‌متمرکز کردن سرمایه، از راه «&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;آتش‌زدن&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; بیرحمانۀ سطوح &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;متروک&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; فعالیت‌های اقتصادی، که به‌طور غیرتصادفی دقیقاً دولتی هم هستند»عملی شده است. {{نشان|14}}غیر دولتی کردن سریعِ صنایع آمریکای لاتین وابستگی فزایندۀ تکنولوژی را نیز به‌همراه داشته است. تکنولوژی، که شاه کلید قدرت است، در دنیای سرمایه‌داری، در انحصار مراکز استعماری است. این تکنولوژی به‌صورت دست دوم وارد می‌شود، اما مراکز استعماری نسخه بدل‌ها را هم به‌قیمت اصل می‌فروشند. در سال &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;1970 مکزیک&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; برای وارد کردن تکنولوژی خارجی دو برابر سال 1968 پرداخت کرد. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;برزیل&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; بین سال‌های 1965 و 1969 پرداخت‌هایش از این بابت دو برابر شد؛ و در همین دوره، افزایشی همانند در همین زمینه در&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;آرژانتین&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; نیز پدید آمد.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
انتقال تکنولوژی وام‌های سنگین خارجی را بیش‌تر می‌کند و آثار ویرانگری در بازار نیروی کار دارد. در نظامی که برای سرازیر کردن سود به‌خارج سازمان یافته است نیروی کار شرکت‌های «سنّتی»امکانات اشتغال خود را از دست می‌دهد. جزیره‌های کوچک صنایع نو، در برابر پویائی مشکوکی که در اقتصاد کشور پدید می‌آید، با کم کردن زمان کار لازم برای تولید، کارگران را قربانی می‌کنند. وجود سپاهی فزاینده و باد کرده از کارگران بیکار، به‌نوبۀ خود پائین آمدن ارزش واقعی دستمزدها را تسهیل می‌کند.&lt;br /&gt;
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۱۳&lt;br /&gt;
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اما اکنون حتی اسناد و مدارک &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;کمیسیون اقتصادی سازمان ملل برای آمریکای لاتین&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; هم از تقسیم مجدد نیروی کار در سطح بین‌المللی سخن می‌گویند. به‌طوری که خبرگان امیدوار اظهار نظر می‌کنند، طی چند سال آینده، آمریکای لاتین ممکن است به‌همان اندازه که امروز مواد خام و موادغذائی به‌خارج می‌فروشد، کالاهای ساخته شده صادر کند. «نابرابری دستمزدها بین کشورهای توسعه یافته و در حال توسعه- از جمله کشورهای آمریکای لاتین- ممکن است تقسیم‌بندی جدیدی از فعالیت‌ها را در میان این کشورها به‌وجود آورد و در نتیجه، به‌دلایل رقابتی، آن رشته از صنایع خود را که در آن هزینه‌های نیروی کار خیلی زیاد است جا به‌جا کنند. به‌طور مثال، هزینه‌های نیروی کار در صنعت کالاهای کارخانه‌ئی، در مکزیک یا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;برزیل&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; خیلی کم‌تر از ایالات متحده است» {{نشان|15}}&lt;br /&gt;
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انگیزشی برای پیشرفت، یا ماجراجوئی استعمارنو؟ ماشین‌آلات الکتریکی     &lt;br /&gt;
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اما اکنون حتی اسناد و مدارک &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; کمیسیون اقتصادی سازمان ملل برای آمریکا لاتین&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;  هم از تقسیم مجدد نیروی کار در سطح بین‌المللی سخن می‌گویند. به طوری که خبرگان امیدوار اظهارنظر میکنند، طی چند سال آینده، آمریکای لاتین ممکن است به همان اندازه که امروز مواد خام و مواد غذائی به خارج می‌فروشد، کالاهای ساخته شده صادر کند. «نابرابری دستمزدها بین کشورهای توسعه یافته و در حال توسعه - از جمله کشورهای آمریکای لاتین - ممکن است تقسیم بندی جدیدی از فعالیت‌ها را در میان این گشورها به وجود آورد و در نتیجه، به دلایلی رقابتی، آن رشته از صنایع خود را که در ان هزینه‌های نیزوی کار خیلی زیاد است جابه‌جا کنند. به طور مثال، هزینه‌های نیروی کار در صنعت کالاهای کارخانه‌ئ، در مکزیک یا &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;برزیل&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; خیلی کم‌تر از ایالات متحده‌ است.» {{نشان|15}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
انگیزشی برای پیشرفت، یا ماجراجوئی استعمارنو؟ ماشین آلات الکتریکی و غیرالکتریکی اکنون در میان فراورده‌های صادرتی عمدهء مکزیک به‌طور بارز دیده می‌شود. در برزیل، فروش خارجی اتومبیل و تجهیزات جنگی در حال افزایش است. پاره‌ئی از کشورهای آمریکای لاتین مرحلهء تازه‌ئی از صنعتی شدن را می‌گذرانند که تا حد زیادی با نیازهای خارجی و صاحبان وسایل تولید خارجی کمک و هدایت شده است. آیا این فصل دیگری نیست که به تاریخ طولانی «توسعهء برون‌گرا»یِ ما افزوده خواهد شد؟ در بازارهای بین‌المللی قیمت‌هائی که مرتب بالا می‌رود به طور کلی مربوط به «کالا‌های ساخته شده» نیست، بلکه به کالاهای ظریف و پیچیده‌ئی ارتباط دارد که در ساختن آن‌ها تکنولوژی پیشرفته‌تری به کار رفته و در انحصار کشورهائی است که توسعه‌ء بیش‌تری یافته‌اند.&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;فرآوردهء عمدهء صادراتی آمریکای لاتین، هر قدر هم که مواد خام و کالاهای ساخته شده بفروشد، نیروی کار ارزان آن است. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
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مگر تجربهء تاریخی مداوم، تکه پاره شدن و خرد شدن در پوشش توسعه نبوده است؟ قرن‌ها پیش، «فتح» این قاره، زمین‌ها را با کشت فراورده‌های صادراتی، یکسره از میان برد و بومیان را در اعماق معادن و بستر رودخانه‌هائی که ته‌نشست فلزات قیمتی داشت نابود کرد تا بتواند تقاضاهای طلا و نقرهء ماوراء دریاها را برآورده کند. خوراک بومیانی که پس از کشف قاره‌شان توانسته بودندخود را از نابودی و انهدام نجات بدهند، با پیشرفت تکنولوژیکی از آن چه بود بدتر شد. امروز، مردم پِرو برا گله‌های گاو و گوسفند ایالات متحده و اروپا، نواله‌ء ماهی تهیه و تولید می‌کنند که از نظر پروتئین بسیار غنی است لیکن با وصف این آشکارا مشاهده می‌شود که در خوراک اکثریت مردم پرو پروتئین وجود ندارد، شرکت فولکس واگن در برابر هر اتومبیلی که در سویس می‌فروشد، بابت حفظ تعادلِ محیط زیست یک اصله درخت می‌کارد، در حالی که شرکت برزیلی وابستهء &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;فولکس واگن&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; صدها هکتار زمین جنگلی را کاملاً از بین برده و برای تولید متمرکز گوشت صادراتی گذاشته است. مردم برزیل - که به ندرت مزهء گوشت را زیر دندان خود احساس می‌کنند  - به طور فزاینده‌ئی گوشت به خارج می‌فروشند. چندی پیش، دارسی ری‌بیرو Darcy Roberio در گفت‌وگوئی که با من داشت می‌گفت که یک &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;جمهوری فولکس واگن &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ضرورتاً چندان تفاوتی با &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;جمهوری موز&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; ندارد. از هر یک دلاری که با صدور موز به دست می‌آید به دشواری یازده سنتش کشور تولید کننده باقی می‌ماند {{نشان|16}}، و طبعاً از این یازده سنت سهمی بسیار کوچک به کارگران درختزارهای موز می‌رسد. مگر هنگامی که یکی از کشورهای آمریکای لاتین به جای موز اتومبیل تولید کند این نسبت‌ها تغییر می‌یابد؟&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;برده فروشان دیگر در اقیانوس‌ها رفت و آمد نمی‌کنند. اکنون سوداگران برده از‌«وزارت کار» به اِعمال نقش خویش می‌پردازند.&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; به اعمال خویش می‌پردازند. دستمزدهای آفریقا، و قیمت‌های اروپا. مگر کودتاهائی که در آمریکای لاتین صورت می‌گیرد چیزی بجز رویداد‌های پی‌در‌پی غارت و چپاول است؟ دیکتاتوری‌های نوپا، بی‌درنگ شرکت‌های خارجی را به استثمار نیروی کار ارزان و فراوان، استفاده از اعتبارات نامحدود و معافیت‌های مالیاتی، و غارت مواد خامی که آسان به دست می‌آید دعوت می‌کنند. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
۱۴&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
کارگران طرح اضطراری دولت شیلی دستمزدی برابر سی دلار در ماه دریافت می‌کنند. بهای یک کیلو نان ۵۰ سنت است. بنابراین دو کیلو نان در روز به دست‌شان می‌رسد. در حال حاضر، حداقل دستمزد در &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اوروگوئه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; و &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;آرژانتین&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; برابر با قیمت شش کیلو قهوه است. حداقل دستمزد در برزیل شصت دلار در ماه است،‌ اما درآمد روزانهء کارگران سیار کشاورزی روستاها، در کشتزارهای لوبیا،‌ قهوه،‌ و فرآورده‌های صادراتی دیگر بین ۵۰ سنت تا یک دلار است. علوفه‌ئی که گله‌های گاو و گوسفند در مکزیک می‌خورند دارای دارای پروتئینی بیش‌تر از خوراک روستائیانی است که از آن‌ها نگاهداری می‌کنند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
گوشت این گله‌ها به گروهی اندک دارندگان امتیازات ویژه در داخل کشور، و بهطور عمده به بازارهای بین‌المللی اختصاص دارد. زیر پوشش حمایتی سیاستِ سخاوت‌آمیز استاده از اعتبارات دولتی با شرایطی سهل و آسان، کشاورزی صادراتی مکزیک رونق گرفته است در حالی که بین سال‌های ۱۹۷۰ و ۱۹۷۶ از میزان پروتئنی که در دسترس هر فرد مکزیکی قرار می‌گیرید &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;کاسته شده &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;و در مناطق روستائی از هر پنج کودک مکزیکی تنها یکی دارای قد و وزن طبیعی است{{نشان|17}}. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;گواتمالا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; محصول  برنج، ذرت، و لوبیای خشک که خاص مصرف داخلی است به امید خدا گذاشته شده در حالی که قهوه، پنبه، و فراورده‌های صادراتی دیگر ۸۷ درصد اعتبارات را به خود تخصیص داده است. از هر ده خانواده گواتمالایی که به کشت و برداشت قهوه، منبع عمدهء ارز خارجی کشور، می‌پردازند به زحمت فقط به یک خانواده غذای کافی می‌رسد {{نشان|18}}. در برزیل، تنها ۵ درصد اعتبارات کشاوری به برنج، لوبیای خشک، و مانیوک - که خوراک عمدهء برزیلی‌ها را تشکیل می‌دهند - تخصیص یافته. بقیه اعتبارات به سوی محصولات صادراتی سرازیر می‌شود.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سقوط اخیر قیم بین‌المللی شکر، به خلاف گذشته موجی از گرسنگی در میان روستائیان کوبا پدید نیاورد. در کوبا دیگر کم‌غذایی وجود ندارد. از سوی دیگر، افزایش تقریباً همزمانِ قیمت بن‌المللی قهوه به هیچ وجه از فقر مزمن کارگران درختزارهای قهوهء برزیل نکاست. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
افزایش مظنهء قهوه در سال ۱۹۷۶ صورت گرفت. علت این بهبود تصادفی قیمت یخبندانی بود که محصول قهوهء برزیل را از میان برد، اما آنچنان که یکی از صاحب منصبان عالی مقام &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; موسسه قهوهء برزیل&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;  اعتراف کرده است:‌«عملاً در دستمزدها بازتابی نداشت.!» {{نشان|19}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
از نظر واقعیت، محصولات صادراتی ضرورتاًبا رفاه و آسایش مردم ناسازگار نیستند، و ضرورتاً مغایرتی با توسعه‌ء اقتصادی «درون گرا» ندارند.  در کوبا، فروش شکر به خارج چون اهرمی به ایجاد دنیای نوینی که در آن همه به نعره‌های توسعه دسترس دارند، خدمت کرده است. در آنجا، همبستگی، روح اصلی روابط انسان‌هاست. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
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۱۵&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اکنون دیگر ما می‌دانیم آنان که محکوم به پرداخت بهای بحران بازسازی نظام حاکم هستند کیانند؟ قیمت بیشفراورده‌هائی که آمریکای لاتین می‌فروشد، در ارتباط با قیمت فراورده‌هائی که از کشورهای دارندهء انحصار تکنولوژی و بازگانی و سرمایه گذاری و اعتبار می‌خرد، بیرحمانه پایین می‌آید. برای جبران تفاوت و به جهت رویاروئی با تعهداتی که در برابر سرمایه‌های خارجی شده، ضروری است که آنچه در «قیمت» از دست می‌رود در «مقدار» جبران شود. در این چارچوب، دیکتاتوری‌های &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; مخروط جنوبی &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; (منظور کشورهای آرژانتین و شیلی و اروگوئه است) دستمزدهای کارگران را به نصف تقلیل داده و مراکز تولید را به اردوگاه کار اجباری مبدل کرده‌اند. کارگران باید پائین آمدن ارزش کارشان را هم، به عنوان کالائی که در بازار فروخته می‌شود، جبران کنند. کارگران مجبورند با افزایش ساعاعت کار خود، آنچه را هم که قدرت خرید دستمزدشان از دست می‌دهد جبران کنند. بدین سان، قوانین بازار بیان المللی وارد دنیای کوجک زندگی هر کارگر آمریکای لاتین نیز می‌شود. برای کالرگرانی که این «بختیاری» را دارند که شغلی دائمی داشته باشند و.«روزی هشت ساعت کار» تنها در عبارتِ بی‌جانُ قانون وجود دارد. ده، دوازده، حتی چهارده ساعت کار امری کاملا عادی است و بسیارند کارگرانی که حتی یکشنبه‌هاهم کار می‌کنند. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
حوادث ناشی از کار، یا خون انسانی که پیشکش قربانگاه تولید می‌شود، به نوبه‌ء خودزیادتر شده است. اینک سه مثال از پایان سال ۱۹۷۷ در &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اوروگوئه‌&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; الف - &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;  معادن سنگ راه‌آهن، که شن و سنگ تولید می‌کنند بازده تولید خود را دو برابر می‌کنند. در آغاز بهار، پانزده کارگر در انفجار معدن جان می‌سپارند. &lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; ب‌ - &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;  بیکاران در بیرون کارخانه‌هائی که موشکهای آتش‌باری درست می‌کند صف کشیده‌اند. کودکانی چند در کار تولید هستند. رکورد شکسته می‌شود. در ۲۰ سپتامبر، انفجاری روی ‌می‌دهد: پنج گارگر می‌میرند و ده‌ها تن زخمی ‌می‌شوند.&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; پ - &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;  ۲۸ سپتامبر، ساعت هفت صبح‌، کارگران از ورود به کارخانه‌ء  کنسرو ماهی خودداری می‌کنند. چون بوی شدید گاز به مشام می‌رسد. تهدید می‌شوند که اگر نروند سرکار،‌ اخراج خواهند شد. بازهم خوددداری می‌کنند. تهدید می‌شوند که اگر نروند سرکار، سربازان فراخوانده خواهند شد ( کارخانه در مواردی دیگر تهدید، نیروهای ارتش را فراخوانده بود)، کارگران به ناچار وارد کارخانه می‌شوند. به علت نشتِ گاز آمونیاک چهار نفر می‌میرند و چندین نفر مسموم و در بیمارستان بستری می‌شوند. &lt;br /&gt;
  &lt;br /&gt;
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&lt;br /&gt;
۱۶ &lt;br /&gt;
‎&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; ماریا کارولینا دِخه‌روس&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;  Maria Carolina de Jesus  در میان خاکروبه‌ها و لاشخورها زاده شد. بزرگ شد، رنج برد، سخت کار کرد؛عاشق دو مرد شد، بچه‌هائی پیدا کرد. عادت داشت که در دفترچهء یادداشت کوچکی، به خط بد، جریان کارها و ماجراهای روزانهء خود را بنویسد. خبرنگاری به طور تصادفی این یادداشت‌ها را خواند و ماریا کارولینا نویسندهء مشهوری شد. کتاب شهر کلبه‌ها، که خاطرات پنج سال زندگی در خومهء مثیف شهر سائوپائولو است، به سیزده زبان ترجمه و در چهل کشور خوانده شد.  ماریا کارولینا »سیندرلای: برزیل، محصول دنیای مصرف، شهر کلبه‌ها را ترک گفت، دور دنیا سفر کرد، عکس‌ها و مصاحبه‌هایش در روزنامه‌ها چاپ شد، جوایز منتقدان را ربود، در مجالس تجیب‌زادگان مورد پدیرائی قرار گرفت و به ملاقات روسای جمهور نائل آمد. و سال‌ها گذشت‌... در آغاز سال ۱۹۷۷، در سپیده دم یک روز یکشنبه، ماریال کارولینا دِ خه‌زوس در میان خاکروبه‌ها و لاشخور‌ها جان سپرد. اکنون زنی را که نوشته بود: «گرسنگی دینامیت بدن انسان است. » دیگر کسی به یاد نمی‌آورد. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎او که با ته‌مانده ‌های دیگران زندگی کرده بود، به صورتی گذرا توانست یکی از برگزیدگان شود. اجازه یافت سرمیز بنشیند. اما پس از خوردن دِسِر، طلسم شکست. و در حالی که رویای او پایان می‌گرفت برزیل باز همان کشوری بود که هر روز در آن صدها گارگر در حوادث کار ناقص می‌شوند و از هر ده کودک یکه به دنیا می‌آیند، چهارتن‌شان گدا، دزد، یا شعبده باز می‌شوند. علیرغم آمار که تبسمی خوشبینانه دارند، هتکِ مردم پاره شده است. در نظام‌هائی که وارونه‌سازمان یافته اند، هنگامی که اقتصاد رشد می‌کند بیعدالتی اجتماعی نیز با آن رشد می‌یابد. در موفقیت‌ترین دورهء «معجزه» برزیل، میزان مرگ و میر کودکان در حومه‌های ثروتمندان شهر کشور افزایش یافت. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎رونق اقتصادی ناگهانی که صنعت نفت در اکوادور پدید آورد به جای مدرسه و بیمارستان، تلویزیون رنگی به مردم ارزانی داشت.  شهرها تا مرز انفجار از جمعیت انباشته می‌شوند. در سال ۱۹۵۰، در آمریکای لاتین شش شهر دارای جمعیتی بیش از بیک میلیون نفر بود. در سال ۱۹۸۰، تعداد آن‌ها به ۲۵ خواهد رسید {{نشان|21}}. گروه‌های عظیم کارگران، رانده شده از روستاها‌، در حاشیهء مراکز بزرگ شهری، در همان سرنوشتی سهیم می‌شوند که نظام حاگم به «تفاله‌» های جوان شهر‌نشین اختصاص داده است. در آمریکای لاتیت‌ِ فرومایگان،، شکل‌های هنرمندانهء زنده ماندن ای‌«لاشخور»ها کامل شده است. « نظام تولید، طی مدتی مدید نشان داده است که برای جذب نیروی فزاینده‌ء کار در منطقه، به ویژه در مجتمع‌های بزرگ کارگری شهرها به طرزی مشهود از این که اشتغال مولد ایجاد کند ناتوان است‌...»{{نشان|22}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎یکی از بررسی‌های &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سازمان بین‌المللی کار&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; چندی پیش نشان می‌داد که در آمریکای لاتین بیش از ۱۱۰ میلیون نفر در شرایط « فقر شدید» زندگی می‌کنتند. از این تعداد ۷۰ میلیون نفر را می‌توان بینوا نامید {{نشان|23}}. خورد و خوراک چند درصد جمعیت از جد لزوم پائین‌تر است؟ به زبان خبرگان ۴۲ درصد جمعیت &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;برزیل&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، ۴۳ درصد مردم &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;کولومبیا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، ۴۹ درصد مردم &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;هندوراس&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;،* ۳۱ درصد مردم &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;مکزیک&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، ۴۵ دردصد مردم &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پرو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، ۲۹ درصد مردم &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;شیلی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، ۳۵ درصد مردم &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اکوادور‌&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; «درآمدی کمتر از هزینهء حداقل تغذیهء متعادل » دارند{{نشان|24}}.&lt;br /&gt;
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‎در سرزمین‌های ما، صنعت ترس و وحشت، مانند هر صنعت دیگر بهای گرانی به &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;دانش فنی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; بیگانه می‌پردازد. تکنولوژی زور و فشار آمریکای شمالی که در چهار گوشهء کرهء زمین مورد آزمایش قرار گرفته، در مقیاسی وسیع خریداری و به کار بسته شده است. اما خلاف عدل و انصاف خواهد بود اگر در این زمینه استعدادهای خلاقه‌ئی را که در میان طبقات حاکم آمریکای لاتین وجود دارد را باز نشناسیم. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎بورژوازی‌های ما، بدون وابستگی اقتصادی‌، توان توسعه نداشتند و کوشش آن‌ها برای ایجاد صنعتی ملی حالت پریدن مرغ خانگی را پیدا کرد: پروازی کم اوج و کوتاه. در جریان فرایند تاریخی ما، خداوندان قدرت نیز در فقدان تحلیل سیاسی و سترون بودن فرهنگی خود شواهد کافی ارائه کرده‌اند. اما در عوض، استقرار دستگاه عظیم ترس را ترتیب داده در فن نابود سازی انسان‌ها و اندیشه‌ها ابداعاتی هم داشته‌اند. تجربهء تازهء کشورهای منطقهء &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ریو ده لاپلاتا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; Rio de la Plata  چمصب بزرگی که بین دو کشور &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اوروگوئه &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;و &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;آرژانتین &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; قرار گرفته است در این زمینه بسیار روشنگر است. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎افسران آرژانتینی، هنگامی که قدرت را به‌دست گرفتند هشدار دادند که: «وظیفهء گندزدائی ما، مدتی به درازا خواهد کشید!» - طبقات حاکم در اوروگوئه و آرژانتین پی در پی از نیروهای مسلح خواسته‌اند نیروهای خواستار دگرگونی را در هم شکنند و ریشه‌شان را براندازند، نظام امتیازات ویژهء داخلی را استوار کنند و شرایط اقتصادی و سیاسی‌ئی به وجود آورند که جلب کنندهء سرمایه‌های خارجی باشد: پاک‌سازی سرزمین، نظم در کشور، و نیروی کار ارزان و فرمانبر و مردم کشور بلافاصله مبدل به دشمن داخلی شدند. هرگونه نشانهء زندگی، اعتراض، یا تردید ساده، از دیدگاه اصول‌ِ نظامی‌ِ امنیت‌ِ ملی تهدیدی خطرناک به شمار می‌آید. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎بدین‌ سان ، مکانیسم‌های پیچیده‌ئی برای پیشگیری و مجازات تهیه و تنظیم شده است. &lt;br /&gt;
در زیر این ظواهر منطقی ژرف نهفته است: برای آن که بتوان با &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;کارآمدی عمل کرد&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، زور و فشار باید &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;مطلق باشد&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;. جز نفس کشیدن، هر فعالیت دیگر انسانی جنایتی به شمار می‌آید. در اوروگوئه، شکنجه به مثابهء  اصلی در امر بازجوئی به کار برده می‌شود: هر کسی ممکن است قربانی آن شود، نه فقط کسانی که مظنون یا مرتکب اقدامات مخالفت آمیزند و بدین طریق هراس از شکنجه، همچون گازی فلج کننده که به خانه‌ئی راه می‌یابد و در روح هر شهروندی ریشه می‌ند، در میان همهء شهروندان پراکنده می‌شود. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎شکار انسان در شیلی ۳۰ هزار کشته بر جای گذاشته است، اما در &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;آرژانتین&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; کسی را تیرباران نمی‌کنند: بل‌که اشخاص مورد‌نظر را به سادگی می‌ربایند. قربانیان ناپدید می‌شوند. سپاهیان ناپیدای شب، وظیفه را انجام می‌دهند. دیگر نه جسدی در میان است نه این که کسی گناهکار و مسئول شناخته می‌شود. بدین سان، کشتار- که همیشه غیر رسمی است، و نه رسمی - بدون این که کم ترین مجازاتی در کار باشد انجام می‌گیرد، و &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بدین طریق نگرانی جمعی بازتابی شدیدتر پیدا می‌کند. کسی حساب پس نمی‌دهد، کسی توضیح نمی‌دهد. هر جنایتی تردیدی‌ است دردناک برای کسانی که به قربانی نزدیکند، و نیز هشداری است برای دیگران. تروریسم دولتی‌، مردم کشور را از طریق ترس فلح می‌کند.&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎در &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اوروگوئه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; برای پیدا کردن کار یا از دست ندادن آن، لازم که انسان مورد التفات مقامات نظامی باشد. در کشوری که پیدا کردن کار در خارج از مراکز پلیس و سربازخانه‌ها بسیار دشوار است. این ضرورت، تنها باعث آن نشده است از ۳۰۰ هزار شهروندانی که دست چپی شناخته شده‌اند تعداد زیادی از کشور خارج شوند، بل این فایده را هم داشته است که  ماندگارها را به شدت مورد تهدید قرار دهد. برای روزنامه‌های مونته‌ویده‌ئو چاپ توبه‌نامه‌ها و آگهی‌های شهروندانی که از راه احتیاط بر سینهء خویش می‌کوبند که‌ «من نیستم‌، هیچ وقت نبوده‌ام‌، و هرگز هم نخواهم بود‌» امری بسیار عادی شده است. &lt;br /&gt;
‎در &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;آرژانتین&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; دیگرلازم نیست کتابی را با صدور اخطاریه‌ئی ویژه ممنوع اعلام کنند. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;قانون جزای&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; جدید‌، نویسنده‌ و ناشر هر کتابی را که «مخرب» شناخته مانند گذشته مجازات می‌کند. ولی فراتر از این‌، صاحب چاپخانه را هم به مجازات می‌رساند تا کسی جرات نکند متنی را که تنها احتمال می‌رود مورد سوءظن باشد چاپ کند؛ و در صورتی که این هم کافی به نظر نیاید خواننده را نیز مجازات می کند تا کسی جرات خواندان آن را هم به خود ندهد چه رسد به این که از آن برای خودش اساس عقیده‌ئی هم بتراشد! بدین سان با مصرف کننده‌ء کتاب همان رفتاری می‌شود که برای مصرف کننده‌ء داروهای مخدر پیش‌بینی کرده است {{نشان|25}}. در این طرح جامعهء کرولال، هر شهروندی باید « مفتش عقیده‌ء» خود شود. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎در &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اوروگوئه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، لو ندادن همسایه جرم به شمار می‌آید. دانشجویان هنگام ورود به دانشگاه سوگند‌نامه‌ئی امضا می‌کنند که هر که را در محوطهء دانشگاه دست به «هر گونه فعالیتی نامرتبط با درس خواندن‌» بزند معرفی خواهندکرد. بدین سان دانشجو خود را در هر ماجرائی که تاحتمالا در حضور وی اتفاق افتد مسوول می‌کند. در این طرح جامعهء کسانی که خوابیده راه می‌روند، هر شهروندی باید پلیس خود و دیگران باشد. به هر حال، این نظام به راستی غیرقابل اعتماد است. در اوروگوئه تعداد افراد پلیس و سربازان به صد هزار نفر می‌رسد، ولی تعداد خبرچین‌ها نیز صدهزار نفر است. جاسوسان در خیابان‌ها، کافه ها و اتوبوس‌ها، در کارخانه‌ها و دبیرستان‌ها، در ادارات و در ادانشگاه به کار مشغولند. هر کس به صدای بلند زبان به شکایت بگشاید که زندگی سخت و گران است بی‌گمان گذارش به زندان خواهد افتاد زیرا « جرمی بر ضد روحیه‌ء نیروهای مسلح‌» مرتکب شده است که سزای آن سه تا شش سال زندان است. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
۱۸&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎در رفراندوم ماه ژانویه ۱۹۷۸، رای آری برای دیکتاتوری پینوشه را با علامت صلیبی زیر پرچم شیلی مشخص کرده بودند، و رای نه را زیر مستطیلی سیاه. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎نظام حاکم می‌خواهد با کشور یکی پنداشته شود. نظام حاکم، خودِ کشور است. این‌، محتوای تبلیغات رسمی است که مردم شب و روز با آن بمباران می‌شوند. دشمن‌ِ نظام‌ِ حاکم، خاٍن وبه سرزمین‌ِ اجدادی به حساب می‌آید. گواه‌ِ حدودِ خشم و نفرت مردم از بی‌عدالتی و آرزوی تغییر و دگرگونی‌، فرار از کشور است. در بسیاری از کشورهای آمریکای لاتین کسانی که به آن سوی مرزها تبعید نشده‌اند از تبعید در داخل سرزمین خود رنج می‌برند. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎اما در همان هنگامی که پینوشه پیروزی خود را جشن گرفته بود، رژیم دیکتاتوری او اعتصاباتی را که علی‌رغم حکومت ترس و وحشت در سراسر شیلی برپا می‌شد «غیبتِ دست جمعی‌ِ کارگران‌» نام گذاشته بود. اکثریت کسانی که در &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;آرژانتین&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; ربوده یا ناپدید شده‌اند کارگرانی هستند که به فعالیت‌های اتحاديهء کارگری پرداخته بودند. در تخیلات پایان‌ناپدیر مردم‌، پیوسته شکل‌های جدیدی از مبارزه بارور می‌شود: &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;کم‌کاری و عدم همکاری&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; و همبستگی‌، راه‌های تازه‌ئی برای رهائی از ترس کشف می‌کند. بسیاری از اعتصابات همکانی آژانتین‌، در سال ۱۹۷۷ روی داد که خطر از دست دادن زندگی از خطر از دست دادن کار و شغل کم‌تر نبود. قدرت واکنش نشان دادن طبقه‌ء کارگرِ سازمان یافته و دارای سنت طولانی مبارزه را نمی‌توان با یک نوشته از میان برد. در ماه مه همان سال‌، هنگامی که دیکتاتوری اوروگوئه ترازنامهء برنامه‌های شست و شوی مغزی و اخته سازی دست جمعی خود را تنظیم می‌کرد مجبور شد اعتراف کند که « هنوز سی و هفت درصد شهروندان کشور به سیاست علاقه‌مند هستند.»{{نشان|26}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎ما در این سرزمین ها با کودکی‌ِ وحشیانهء سرمایه‌داری روبه‌رو نیستیم‌، بلکه فرتوتی‌ِ خونبار آن را مشاهده می‌کنیم. کم توسعگی مرحله‌ئی از توسعه نیست‌، بلکه منتجهء آن است. کم توسعگی آمریکای لاتین ناشی از توسعهء بیگانگان است و هنوز هم به آن سوخت می رساند. نظام حاکم که به علت نقش بندگی‌ِ بین‌المللی خود ناتوان و از لحظهء تولد در حال احتضار است پایش در گل است. خود را به طور مسلم سرنوشت کشور می‌پندارد و می‌خواهد که ابدمدت انگاشته شود. هرگونه خاطره‌ئی خرابکار است، زیرا که متفاوت است‌؛ هم‌چنین هر طرح ناظر به آینده‌ئی این اژدهای خواب آلود را وادار می‌کند که بدون نمک غذا بخورد: نمک خطرناک است، ممکن است بیدارش کند. نمونهء بارز نظام حاکم را که در جامعهء ساکن‌ِ مورچگان می‌توان دید. به همچنین دلیل هر قدر هم که دگرگونی پیدا کند با تاریخ بشری سازگار نیست، چرا که در تاریخ بشری، هر اقدام ویرانگرانه‌ئی دیر یا زود با اقدامی خلاق پاسخ خواهد گرفت. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎{{چپ‌چین}}بارسلون - آوریل ۱۹۷۸{{پایان چپ‌چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
‎{{چپ‌چین}}&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ترجمهء رامین شهروند&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; {{پایان چپ‌چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
   &lt;br /&gt;
==یادداشت‌ها==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
 ۱. {{پاورقی|۱}}&lt;br /&gt;
۲. {{پاورقی|۲}}&lt;br /&gt;
۳. {{پاورقی|۳}}&lt;br /&gt;
۴. {{پاورقی|۴}}&lt;br /&gt;
۵. {{پاورقی|۵}}&lt;br /&gt;
۶. {{پاورقی|۶}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ‌چین}} 15. {{پاورقی|15}}. United Nations, ECLA, op. cit., note 19{{پایان چپ‌چین}}&lt;br /&gt;
{{چپ‌چین}}16. {{پاورقی|16}}. UNCTAD, &amp;quot;The Marketing and Distribution System for Bananas&amp;quot;, December 1974. {{پایان چپ‌چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
    &lt;br /&gt;
    &lt;br /&gt;
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&lt;br /&gt;
[[رده:کتاب جمعه ۱۳]]&lt;br /&gt;
[[رده:کتاب جمعه]]&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Pouya</name></author>
	</entry>
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		<id>http://irpress.org/index.php?title=%D9%BE%D8%B3_%D8%A7%D8%B2_%D9%87%D9%81%D8%AA_%D8%B3%D8%A7%D9%84&amp;diff=25142</id>
		<title>پس از هفت سال</title>
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		<updated>2011-09-22T21:36:52Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;Pouya: /* یادداشت‌ها */&lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[Image:13-003.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۳|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۳]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-004.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۴|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۴]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-005.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۵|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۵]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-006.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۶|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۶]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-007.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۷|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۷]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-008.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۸|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۸]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-009.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۹|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۹]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-010.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۰|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۰]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-011.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۱|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۱]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-012.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۲|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۲]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-013.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۳|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۳]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-014.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۴|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۴]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-015.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۵|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۵]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-016.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۶|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۶]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-017.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۷|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۷]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-018.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۸|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۸]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-019.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۹|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۹]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-020.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۰|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۰]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-021.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۱|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۱]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-022.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۲|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۲]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-023.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۳|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۳]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-024.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۴|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۴]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-025.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۵|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۵]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-026.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۶|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۶]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-027.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۷|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۷]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-028.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۸|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۸]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-029.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۹|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۹]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-030.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۳۰|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۳۰]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-031.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۳۱|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۳۱]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-032.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۳۲|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۳۲]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-033.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۳۳|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۳۳]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{در حال ویرایش}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
«نوشتن چه سودی دارد اگر برای مبارزه با موانعی نباشد که نظام حاکم در برابر پیام مخالفان قرار می‌دهد؟» این، پیام دلاورانۀ &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ادواردو گالیانو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; است. آری، به‌راستی سودش چیست؟- نوشتن یا آفرینش هنری، اگر برای محکوم کردن بی‌انسانیتی نظام حاکم و زمانِ ما نباشد معنایش چیست؟&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
هرچند درست است که هنر و ادبیات از راه ستایش لحظه‌های آسایش زندگی، زندگی را زیور می‌بخشد. و درست است که نقش هنر و ادبیات و شعر و موسیقی، لذت بردن هرچه بیش‌تر ما از زندگی، و ژرف‌تر و آهنگین‌تر و پر معنا کردنِ روابط، با یکدیگر است؛ اما انسان چه‌گونه می‌تواند ستایشگر دنیائی باشد که در آن، بیش‌تر انسان‌ها تنها از آن رو «می‌زیند»که لذایذ بیرحمانۀ حیات گروهی اندک را که به‌اصطلاح «صاحبان امتیازات ویژه»‌اند تأمین کنند؟ انسان چه‌گونه می‌تواند با نظامی هماهنگ شود که پیوسته در کارِ مکیدنِ خونِ رگ‌های باز است؟ - رگ‌های باز، تنها در آمریکای لاتین نیست بلکه یک سر از ویژگی‌هایِ تمامی جهان سوم است.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
برای ما، در جهان سوم، زمان، زمان بحران است نه زمان ستایش و شادمانی! زمان نگرش به‌واقعیت خویش و تفکر و اندیشۀ انتقادی است، نه خیالبافی‌های عرفانی. زمان مبارزه است و در این مبارزه، ما نیاز به‌صدائی داریم که نظام ستمگر را رسوا و بی‌انسانیّتیِ آن را محکوم کند و امید به‌آینده را به‌ما دهد. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ادواردو گالیانو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; چنین صدای راستینی است که نه تنها برای آمریکای لاتین، بل برای سراسر جهان سوم و در واقع برای تمامی بشریت سخن می‌گوید.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
۱&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
هفت سال از زمان چاپ نخست&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;رگ‌های بازِ آمریکای لاتین&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; می‌گذرد. این کتاب برای آن نوشته شده بود که با مردم به‌گفت‌و گو بپردازد. نویسنده‌ئی ناخبره، مردمی ناخبره را مورد خطاب قرار داده بود تا پاره‌ئی حقایق را که تاریخ رسمی- تاریخی که فاتحان نوشته‌اند- پنهان داشته یا تحریف کرده است فاش شود.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
هیجان‌آمیزترین پاسخ‌ها و واکنش‌ها نه از صفحات ادبی روزنامه‌ها، بل از متن زندگی واقعی رخ نمود، آن هم به‌صورت رویدادهائی در کوچه و خیابان. به‌عنوان مثال، دختری که در اتوبوسی کتاب را برای دوستی که پهلویش نشسته بود می‌خواند، سر انجام به‌پا خواسته در حالی که اتوبوس از خیابان‌های &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بوگوتا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; می‌گذشت، قسمتی از آن را به‌صدای بلند برای همۀ مسافران خوانده بود. یا، زنی که طی روزهای کشتار از &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سانتیاگو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; (پایتخت شیلی)می‌گریخت کتاب را لای قنداقۀ کودکش پنهان کرده بود. یا،  دانشجوئی که قدرت خرید کتاب را نداشت یک هفتۀ تمام در خیابان&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;کوری‌یِن‌تِس&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; محلۀ کتابفروش‌های &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;شهر بوئنوس آیرس&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; از این کتابفروشی به‌آن کتابفروشی رفته در هر کدام چند صفحه از کتاب را خوانده بود!&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
هم‌چنین بهترین تعریفی که از این کتاب شد از طرف نقدنویسان متخصص نبود، این تعریف را دیکتاتورهای نظامی کردند، آن هم از طریق ممنوع کردن کتاب! – به‌عنوان مثال، &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;رگ‌های باز&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; در کشور خود من- &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اروگوئه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;- قابل چاپ و پخش نیست. همین طور در&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;شیلی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;. در&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;آرژانتین&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; هم مقامات دولتی در رادیو و تلویزیون و روزنامه‌ها آن را به‌عنوان «وسیلۀ فساد جوانان»محکوم کرده‌اند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بلاس داوته‌رو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; [شاعر معاصر برجستۀ اسپانیولی]می‌گفت: «آن‌ها اجازه نمی‌دهند چیزهائی که من می‌نویسم دیده شود، چون من فقط چیزهائی را که می‌بینم می‌نویسم!»&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
به‌عقیدۀ من، با توجه به‌تمامی چیزهائی که گفته شده و انجام گرفته است، اگر شادمانه ادعا شود که &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;رگ‌های باز&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; کتابی نبوده که پژواکی نداشته باشد، نباید به‌قمپز در کردن تعبیرش کنند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
۲&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
این نکته که &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;رگ‌های باز&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; – این&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;کتاب راهنمایِ&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; پرده دری‌ها و فاش‌سازی‌ها- اقتصاد سیاسی را به‌سبک سرگذشت عشقی با قصۀ دزدهای دریائی مورد بحث قرار داده است باید سخت کفرآمیز به‌نظر آمده باشد. این را خودم هم می‌دانم. امّا باید اعتراف کنم که برای من، خواندن پاره‌ئی از مطالعات پرارزشی که بعضی جامعه‌شناسان، سیاست‌شناسان، اقتصاددانان و مورخان به‌زبان رمز می‌نویسند کاری بس دشوار است. زبان سربستۀ علمی، همیشه هم الزاماً بهای عمق و دانش زیاد نیست. حتی در پاره‌ئی موارد ناتوانی امر برقرار کردنِ ارتباط به‌سادگی تمام ممکن است، اعتلای فضایل روشنفکرانه جلوه کند. به‌گمان من دلزدگی ناشی از این امر بیش‌تر نظام مستقر را تبّرک می‌کند و تأکید می‌کند که دانش، امتیاز ویژۀ &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;نخبگان&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; است.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
به‌طور گذرا می‌توان گفت مشتی از آثار ادبیات مبارز نیز که برای مردمی معتقد نوشته می‌شود، معمولاً به‌چنین سرنوشتی گرفتار می‌آیند. زبانی که همین جور سرسری جمله‌های حاضر و آماده را با همان صفت‌ها و موصوف‌های مرسوم و همان شیوۀ بیان آهنگین معمول برای همان گوش‌های همیشگی تکرار می‌کند، هر قدر هم که فصاحت انقلابی داشته باشد به‌نظر من سازشکارانه می‌نماید. شاید این نوع ادبیاتِ محدودِ کم‌مایه به‌همان اندازه از انقلاب به‌دور باشد که ادبیات هرزۀ جنسی از ادبیات عاشقانه.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
۳&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
انسان می‌نویسد، تا سؤال‌هائی را که در سرش وزوز می‌کنند، این مگس‌های سمجی را که خواب از چشمش می‌ربایند، بیازماید و برای‌شان پاسخی پیدا کند و آن چه انسان می‌نویسد، اگر به‌ترتیبی با نیاز جامعه به‌یافتن فلان پاسخ منطبق شود، می‌تواند معنائی جمعی به‌دست آورد. من &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;رگ‌های باز&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; را برای آن نوشتم که اندیشه‌ها و تجارب شخصی گوناگونم را منتشر کنم تا شاید خصوصیت واقع‌بینانۀ آن‌ها بتواند کم‌و بیش مشتی از آن همه سؤال را که علی‌الدوام آزارمان داده است روشن کند: آیا آمریکای لاتین منطقه‌ئی از دنیاست که محکوم به‌تحمل خفت و فقر است؟ محکوم از طرف که و به‌چه دلیل؟ خطای خدا یا خطای طبیعت؟ آب و هوای طاقت‌فرسا و نژادهای پست؟ مذهب و آداب و رسوم؟ آیا این تیره‌بختی منتجّۀ تاریخ نیست که آن را انسان ساخته است؟ و بنابراین، آیا انسان نمی‌تواند آنها را دیگرگون کند؟&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
تجلیل گذشته، به‌نظر من، همیشه امری ارتجاعی بوده است. دست راستی‌ها&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;گذشته&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; را برمی‌گزینند چون&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;گذشته&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، مردگان را برتر و بهتر می‌شمارد: دنیائی ناآشفته و دوران‌هائی ناآشفته. قدرتمندان که امتیازات ویژۀ خود را از طریق ارث بردن مشروع می‌کنند دلتنگیِ خیال‌انگیزِ گذشته را می‌پرورند. انسان هنگامی که به‌تماشای موزه‌ئی می‌رود، به‌مطالعۀ تاریخ می‌پردازد. و این مجموعۀ مومیائی‌ها وسیله‌ئی است برای سوء‌استفاده از اعتماد و اطمینان مردم. آن‌ها دربارۀ گذشته به‌ما دروغ می‌گویند هم‌چنان که دربارۀ زمان حاضر نیز دروغ می‌گویند: واقعیت را پنهان می‌کنند و ستم‌دیده را وامی‌دارند خاطره‌ئی را که ستمگر برای او ساخته و چیزی ناآشنا هزار وصله و بیهوده است از آن خود بداند، تا بدین سان او خود را کنار کشد و زندگی‌ئی را بپذیرد که از آنِ او نیست، امّا انگار تنها زندگی‌ئی است که برای او ممکن است.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;رگ‌های باز&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، چنین می‌نماید که گذشته، بسان خاطرۀ زندۀ روزگارِ ما، از سوی زمان حاضر فراخوانده شده است. این کتاب، جست‌و جوئی است برای یافتن کلیدهای تاریخ گذشته، تا شاید از آن رهگذر زمان حاضر را (که آن نیز در حال ساختن تاریخ است)تشریح و تبیین بتوان کرد، و منطق حکم کرده است که نخستین شرطِ دگرگون کردنِ واقعیت، شناختن آن است. در این جا، فهرست قهرمانانی که پنداری برای شرکت در مجلس رقص البسۀ عجیب و غریب پوشیده‌اند یا به‌هنگام مرگِ در عرصۀ کارزار جمله‌های شکوهمند و پرهیبت و بالا بلند بر زبان می‌آورند در دسترس ما‌قرار نمی‌گیرد، بلکه صدا و گذرِ گام‌های گروه‌های عظیمی را وارسی می‌کنیم که گام‌های امروزین ما را پیشگوئی می‌کند. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;رگ‌های باز&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; از واقعیت مایه گرفته، اما از کتاب‌هائی دیگر و از خودش بهتری نیز سود برده است که، ما را یاری کرده‌اند تا بدانیم چیستیم، تا بدانیم چه می‌توانیم باشیم؛ ما را یاری کرده‌اند تا یقین کنیم که از کجا آمده‌ایم و بهتر بتوانیم حدس بزنیم که به‌کجا می‌رویم. آن واقعیت و آن کتاب‌ها نشان می‌دهند که توسعه نیافتن آمریکای لاتین نتیجۀ توسعه یافتن بیگانگان است: مردم آمریکای لاتین فقیرند چون خاکی که بر آن گام می‌گذاریم غنی است و جاهائی را که طبیعت مزیت و نعمت بخشیده باشد تاریخ نفرین کرده است. در این دنیای ما، دنیای مراکز قدرتمند و حومه‌های قدرت زده و زیر سلطه، ثروتی نیست که به‌دست آوردن آن دست کم«مشکوک»نبوده باشد.&lt;br /&gt;
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۴&lt;br /&gt;
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در این مدت زمانی که از نخستین چاپِ&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;رگ‌های باز&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; گذشته، تاریخ برای ما هم‌چنان معشوقی ستمکار بوده است.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
نظام حاکم، ترس و گرسنگی را چند برابر کرده است. ثروت به‌تمرکز، و فقر به‌گسترده شدن ادامه داده است. در اسناد و مدارک سازمان‌های&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;تخصصی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; بین‌المللی که زبان بی‌آلایش‌شان &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;مناطق ستم‌زدۀ&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; ما را «کشورهای در فرایند توسعه»و &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;فقرزدگی کینه‌توزانۀ طبقۀ کارگر&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; را «توزیع نزولی درآمد»نام‌گذاری کرده است ما را چنین شناخته‌اند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;عَصّارخانۀ بین‌المللی به‌کار خود ادامه داده است: کشورها در خدمت کالاها، انسان‌ها در خدمت اشیاء&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
با گذشت زمان، آن‌ها شیوه‌های صدور بحران را تکامل می‌دهند. سرمایۀ انحصاری به‌ذروۀ تمرکز خود می‌رسد و تسّلط بین‌المللی بر بازارها و اعتبارات و سرمایه‌گذاری‌ها انتقال مرتب و منظم و فزایندۀ تضادها را امکان‌پذیر می‌کند: حومه‌ها، بدون این که آشفتگی‌ها و نابسامانی‌های مهم رخ دهد، بهای رونق و کامکاری مراکز را می‌پردازند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
«بازار بین‌المللی»هنوز یکی از شاه کلیدهای این عملیات است. در این بازار، شرکت‌های چندملّیتی دیکتاتوری خود را اعمال می‌کنند (چندملّیتی، زیرا چنان که &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سویزی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; [اقتصاددان مشهور آمریکائی]توجیه کرده است در چند کشور عمل می‌کنند اما البته از نظر مالکّیت و کنترلی که دارند در واقع ملی هستند)سازمان جهانی نابرابری، با این واقعیت که امروزه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;برزیل&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;- به‌عنوان مثال- اتومبیل فولکس‌واگن به‌کشورهای دیگر آمریکای جنوبی و بازارهای دوردستِ آفریقا و خاورنزدیک صادر می‌کند، دگرگون نمی‌شود. در واقع، این، شرکتِ فولکس‌واگن&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;آلمانی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; است که دریافته است اگر محصولش را برای پاره‌ئی از بازارها، از واحد فرعی &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;برزیلی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; خود صادر کند برایش با صرفه‌تر است: هزینۀ پائینِ تولید و کارگرِ ارزان از برزیل، و سودهای کلان از آنِ آلمان.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در ضمن، هنگامی هم که بعضِ اقلام مواد خام به‌طرزی معجزه‌آسا از نفرین قیمت‌های پائین رهائی یابد هرگز مخاطره‌ئی پیش نمی‌آورد. وضع نفت از سال 1973 به‌این طرف چنین بوده است. مگر نفت دادوستدی بین‌المللی نیست؟ &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;استاندارد اویل&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; نیوجرسی، که اکنون&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اکسان&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; نام دارد،&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;رویال داچ‌شِل&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; یا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;گُلف&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;. – آیا این‌ها کشورهای عربی هستند یا کشورهای آمریکائی لاتین؟ سهم بیش‌تر از آنِ کیست؟ و بسیار فاش کننده بود تهمت‌های پر سروصدائی که به کشورهای تولیدکنندۀ نفت وارد آوردند.- آن‌ها جرأت کرده بودند از بهای نفت خود دفاع کنند و بی‌درنگ سپر بلای تورم و بیکاریِ کارگران اروپا و آمریکا شدند. آیا کشورهای- «توسعه یافته»هرگز پیش از بالا بردن بهای هر یک از فراورده‌های خود با کسی مشورت می‌کنند؟ بیست سال بود که بهای نفت مرتب پائین آمده بود. مظنۀ پائین و شرم‌آور آن نشانۀ کمک مالی عظیمی بود که به‌مراکز صنعتی بزرگ دنیا می‌شد. از سوی دیگر، فراورده‌های این مراکز روز به‌روز گران‌تر می‌شد. مظنۀ جدید نفت، در ارتباط با افزایش پایان‌ناپذیر بهای فراورده‌های اروپائی و آمریکای شمالی، جز این که آن را به‌سطح سال 1952 بازگرداند کاری نکرده بود. در سال 1973، نفت خام بار دیگر قدرت خریدی را که در دهۀ پیش داشت بازیافت. فقط همین.&lt;br /&gt;
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۵&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
یکی از رویدادهای مهم هفت سال اخیر ملی شدن نفت&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ونزوئلا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; است. این «ملی شدن»وابستگی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ونزوئلا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; در مسایل مربوط به‌تصفیه و عرضۀ نفت به‌بازارها را از میان نبرد، اما حیطه و گسترۀ جدیدی برای خودمختاری به‌وجود آورد. هنوز مدتی از تشکیل شرکت دولتیِ &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;نفت را به‌کار می‌برند]نگذشته بود Petroven که بیش‌تر مخفف آن Petroleos de VENEZUELA]ونزوئلا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; &lt;br /&gt;
که، این شرکت در میان 500 شرکت بسیار مهم آمریکای لاتین مقام اول را به‌دست آورد. برای یافتن بازارهائی جدید سوایِ بازارهای سنتی به‌جست‌وجو پرداخت و خیلی زود توانست مشتریانی تازه پیدا کند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
به‌هر حال هنگامی که دولت مالک ثروت اصلی سرزمین خود می‌شود همیشه به‌جا است که پرسیده شود «مالک خود دولت کیست؟»- ملی شدن منابع اساسی یک کشور، فی‌نفسه مفهومش توزیع مجدد درآمد به‌سودِ اکثریت مردم نیست، و ضرورتاً قدرت یا امتیازات ویژۀ اقلیت حاکم را به‌مخاطره نمی‌افکند. در ونزوئلا، اقتصاد اسراف و اتلاف، دست‌نخورده به‌حیات خود ادامه می‌دهد و در مرکز آن، زیر نور چراغ‌های نئون، یک طبقۀ اجتماعی میلیونر و ولخرج می‌درخشد. در سال 1976، واردات کشور 25 درصد افزایش یافت؛ اقدامی تمام عیار برای تأمین هزینۀ کالاهای فوق تجملی که به‌بازار ونزوئلا سرازیر شده و آن را در خود غرق کرده است. پرستش بت‌وارِ کالاها همچون نشانه و نماد قدرت اوج گرفته است و روابط انسانی به‌حدّ رقابت در مصرف تنزل یافته: در میان اقیانوس توسعه نیافتگی، اقلیتی که دارای امتیازات ویژه است روش زندگی و مدپرستیِ ثروتمندترین افرادِ توانگرترین جوامع دنیا را تقلید می‌کند؛ و در خودنمائی‌های &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;کاراکاس&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; هم، مانند&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;نیویورک&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، سرمایه‌های عالی «طبیعی»- یعنی هوا و نور و سکوت- بیش از پیش گران‌تر و  اَبَرمردِ ناسیونالیسمJuan Pablo Perez Alfonsoکمیاب‌تر می‌شوند. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;خوآن پابلو پِرِز آلفونسو  &lt;br /&gt;
ونزوئلا و پیامبر باز پس‌گرفتن و ملی کردنِ نفت، چنین هشدار می‌دهد: «آهای،مواظب باشید. انسان ممکن است از سوء هاضمه هم مثل گرسنگی بمیرد!» {{نشان|1}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
۶&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
 من نوشتن&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;رگ‌های باز&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; را در آخرین روزهای سال 1970 به‌پایان رساندم.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
روی تخت عمل مرد. تابوت  Juan Velasco Alvaradoدر آخرین روزهای سال &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;1977 خوان‌ولاسکو آلوارادو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; &lt;br /&gt;
او را بزرگ‌ترین جمعیتی که در خیابان‌های &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;لیما&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; دیده شده بود روی دوش به‌گورستان برد. ژنرال &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ولاسکو آلوارادو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; که در خانه‌ئی محقر در سرزمین‌های خشک شمال &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پرو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; چشم به‌دنیا گشوده بود فرآیندِ اصلاحات اجتماعی و اقتصادی را رهبری کرد. این ژرف‌ترین و فراگیرنده‌ترین کوششی بود که در جهت دگرگونی در تاریخ معاصر کشور او صورت گرفت. با آغاز شورش سال 1968، دولت نظامی نیروی محرک و پویای اصلاحات کشاورزیِ راستین شد و راه را برای باز پس گرفتن منابع طبیعی که سرمایه‌های خارجی غصب کرده بود باز کرد. اما حتی پیش از آن که &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ولاسکو آلوارادو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; چشم از جهان فرو بندد، ختم انقلاب برچیره شده بود. فرآیند آفرینندگی ، عمری بس کوتاه داشت.- دو چیز آن را از پا در آورد: یکی باج سبیل رباخواران و دلالان، و دیگری این حقیقت مسلم که هر برنامه‌ئی، هر قدر هم پدرانه، اگر پایگاه مردمیِ سازمان یافته‌ئی نداشته باشد بی‌دوام است و محکوم به‌فنا.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در شب عید میلاد 1977، در حالی که قلب ژنرال&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ولاسکو آلوارادو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; در &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پرو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; از حرکت باز می‌ایستاد، ژنرالی دیگر که هیج گونه شباهتی به‌وی نداشت، در &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بولیویا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; مشت خود را محکم روی میز    دیکتاتور&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بولیویا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، بدین‌سان به‌تقاضای عفو زندانیان، Hogo Banzerمی‌کوبید. ژنرال &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;هوگو بانزر&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; &lt;br /&gt;
تبعیدشدگان، و کارگران اخراج شده، می‌گفت: «نه!»- چهار زن و چهارده کودک از معادن قلع به &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;لاپاز&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; (پایتخت)آمدند و دست به‌اعتصاب زدند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
قضاوت خبرگان چنین بود: «حالا زمانِ این کار نیست؛ موقعش که شد، خودمان خبرتان می‌کنیم...»&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
زن‌ها نشستند روی زمین و چنین گفتند: «ما با شما مشورت نمی‌کنیم، بلکه فقط به‌تان اطلاع می‌دهیم، تصمیم، گرفته شده است. در معادن، همیشه اعتصاب غذاست. چشم به‌دنیا نگشوده اعتصاب غذامان شروع می‌شود. در آن جا ما محکوم به‌مرگ نیز هستیم. البته آهسته آهسته، ولی به‌هر حال محکوم به‌مرگیم.»&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
دولت با مجازات و تهدید واکنش نشان نداد اما اعتصاب غذا نیروهائی را که مدت‌های طولانی در بند مانده بودند آزاد کرد. سراسر&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بولیویا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; تکان خورد و دندان‌های تیز خود را نشان داد. ده روز بعد، دیگر، مسأله فقط بر سرِ غذای چهار زن و چهارده کودک نبود: هزاروچهارصد کارگر و دانشجو دست به‌اعتصاب غذا زده بودند. رژیم دیکتاتوری احساس کرد که زمین زیر پایش دهان باز کرده است. فرمان عفو عمومی گرفته شد.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
بدین سان دو کشور &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;منطقۀ آند&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; از خط فاصل سال 1977 و 1978 گذشتند. در شمال، در &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;منطقۀ کارائیب&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، کشور&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پاناما&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; در پایان مذاکرات دشواری که با ایالات متحدۀ آمریکا انجام داد، به‌انتظار الغای قرارداد مستعمراتی کانال بود؛ و در&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;کوبا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; مردم در تکاپوی برگزاری جشن انقلاب سوسیالیستی خود بودند، جشن هفدهمین سال زندگی پیروزمند خویش. چند روز بعد، در &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;نیکاراگوا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، مردم خشمگین به‌خیابان‌ها ریختند. دیکتاتور&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سوموزا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، پسر دیکتاتور&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سوموزا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، از سوراخ کلید نگاه می‌کرد. خشم مردم ساختمان‌های چندین شرکت را به‌آتش کشید. یکی از این  ، که در آغاز سال 1978 آتش زده شد متعلق Plasmaferesisشرکت‌ها، به‌نام&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پلاسما فره‌سیس  &lt;br /&gt;
به‌تبعیدشدگان کوبائی بود که خون مردم&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;نیکاراگوا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; را به‌ایالات متحده می‌فروخت. (در دادوستد خون هم مانند هر دادوستد دیگر آنچه به‌دست تولیدکنندگان می‌رسد اندکی بیش‌تر از «پول چائی»است.  برای هر لیتر خون که در بازار آمریکای Hemo Caribbeanبه‌طور مثال شرکت &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;همو کاریبئین&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;  &lt;br /&gt;
شمالی به‌بیست و پنج دلار فروش می‌رود سه دلار به‌مردم &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;هائیتی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; می‌پردازد.)&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
۷&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
مقاله‌ئی چاپ، و اعلام کرد که حکومت Orlando Letelierدر ماه اوت1976،&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اورلاندو لِته‌لی‌یر&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;  &lt;br /&gt;
وحشت دیکتاتوری&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پینوشه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; و «آزادی اقتصادی»گروه‌های کوچک اداری امتیازات ویژه دو روی یک‌سکه است. {{نشان|2}}وی یکی از وزیران دولت &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سالوادور آلنده&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بود. در ایالات متحده در تبعید به‌سر می‌برد، و در همین جا بود که چندی بعد بمبی او را تکه‌تکه کرد. {{نشان|3}}او در مقاله‌اش چنین استدلال کرده بود که سخن گفتن از رقابت آزاد، در اقتصادی مانند اقتصاد شیلی- که تابع انحصاراتی است که هر وقت بخواهند با قیمت‌ها بازی می‌کنند- بیهوده است. و در کشوری که اتحادیه‌های واقعی کارگری غیرقانونی اعلام شده‌اند و حقوق و دستمزدها را شورای نظامی تعیین می‌کند، دم زدن از حقوق حقۀ کارگران خنده‌دار است. وی در این مقاله شرح می‌داد چگونه به‌دست آورده بودند Unidad popularپیروزی‌هائی که مردم شیلی در زمان دولت&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اتحاد خلق&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; &lt;br /&gt;
به‌طور کامل از میان رفته است. از انحصارات صنعتی که &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سالوادور آلنده&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; ملی کرده بود، رژیم دیکتاتوری نیمی را به‌صاحبان پیشین بازگرداند و نیمی دیگر را به‌معرض فروش گذاشت. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;فایرستون&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، ، کارخانۀ عظیم Parsonos Whitmoreکارخانۀ لاستیک‌سازی ملی را خرید و&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پارسونز و ویتمور&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; &lt;br /&gt;
خمیر کاغذسازی را... اقتصاد شیلی، به‌گفتۀ&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;لته‌لی‌یر&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، حتی از دورۀ پیش از به‌قدرت رسیدن &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;آلنده&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; هم بیش‌تر متمرکز و انحصاری شد. {{نشان|4}}&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;در آمریکای لاتین آزادی عمل شرکت‌ها با آزادی‌های مدنی هیچ سازگاری ندارد: نه این همه مذاکرات آزاد شرکت‌ها سابقه داشته است، نه این همه دستگیری و زندانی شدن مردم. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; و اما آزادی بازارها؟- از آغاز سال 1975 قیمت شیر در شیلی «آزاد»اعلام شد. نتیجۀ این اقدام طولی نکشید که ظهور کرد. دو شرکت بر بازارها مسلط شدند. قیمت شیر بلافاصله برای مصرف‌کنندگان 40 درصد افزایش یافت، در حالی که برای تولیدکنندگان 22 درصد پائین آمد!&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
مرگ‌ومیر کودکان، که در دورۀ حکومت&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اتحاد خلق&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; به‌میزان قابل توجهی پائین آمده بود، پس از به‌قدرت رسیدن&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پینوشه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; جهشی چشمگیر یافت. هنگامی که&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;لته‌لی‌یر&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; در یکی از خیابان‌های&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;واشینگتن&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; به‌قتل رسید، یک چهارم مردم شیلی هیچ درآمدی نداشتند اما یا به‌لطف صدقه‌های خیرخواهانۀ مردم کشورهای دیگر یا به‌علت سرسختی خود و بخورنمیری که به‌نحوی به‌دست می‌آوردند زنده ماندند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
شکافی که در آمریکای لاتین میان بهزیستی گروهی اندک و تیره‌روزی اکثریت مردم وجود دارد بسی عمیق‌تر از شکافی است که در اروپا یا ایالات متحده میان این دو طبقه دیده می‌شود. در نتیجۀ روش‌هائی هم که برای حفظ این شکاف لازم است وحشیانه‌تر است. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;برزیل&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; دارای ارتشی عظیم و کاملاً مجهز است، اما تنها پنج درصد بودجۀ کشور صرف آموزش و پرورش می‌شود. در&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اوروگوئه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; نیمی از بودجۀ کشور در حال حاضر به‌نیروهای مسلح و پلیس اختصاص دارد. یک پنجم جمعیت فعال کشور از راه جاسوسی و تعقیب یا مجازات دیگران زندگی می‌کنند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
بدون تردید یکی از مهم‌ترین رویدادهای این دهه، در سرزمین‌های ما، سرگذشت غمبارِ شورش نظامی در شیلی بود که در یازدهم سپتامبر، دولت دموکرات &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سالوادور آلنده&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; را واژگون کرد و کشور را در حمام خون غوطه داد.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اندکی پیش از آن، در ماه ژوئن، کودتائی در &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اوروگوئه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; پارلمان را منحل کرد، اتحادیه‌های کارگری را غیرقانونی شناخت و هرگونه فعالیت سیاسی را ممنوع اعلام داشت. {{نشان|5}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در ماه مارس 1976، ژنرال‌های&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;آرژانتین&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; به‌قدرت بازگشتند: دولت بیوۀ &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;خوآن دومینگو پرون&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;       &lt;br /&gt;
که از درون فاسد شده بود بدون ماتم و بدون سرافرازی فرو ریخت.Juan Domingo Peron&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
این سه کشور جنوبی آمریکای لاتین، اکنون، جراحتی بر پیکر دنیا هستند و منبع دائمی اخبار بد. شکنجه، آدم‌ربائی، آدمکشی، و تبعید اجباری، رسمِ روز شده است. آیا این دیکتاتوری‌ها غدّه‌هائی هستند که باید از ساز واره‌های سالم درآورده شوند یا دمل‌های چرکینی که عفونت نظام حاکم را آشکار می‌کنند؟&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
به‌اعتقاد من، همیشه رابطه‌ئی نزدیک میان شدت تهدید و وحشیانه بودن پاسخ و واکنش وجود دارد. آن چه امروز در&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;برزیل&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; و&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بولیویا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; اتفاق می‌افتد، به‌گمان من، بدون آن که تجربۀ رژیم‌های &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;خوائو   (رئیس جمهوری برزیل، 64-1961)و &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;خوآن خوزه تورس) (رئیس جمهوری  Joao Goulartگولار&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; &lt;br /&gt;
بولیویا، 71-1970)را به‌خاطر آوریم قابل درک نیست. این دولت‌ها، پیش از سقوط، یک رشته اصلاحات اجتماعی انجام داده یک سیاست اقتصادی ناسیونالیستی را به‌مرحلۀ اجرا در آورده بودند که فرایند آن در سال&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; 1964&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; در&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;برزیل&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; و در سال&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;1971&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; در&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بولیویا &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; متوقف شد. همین طور هم، می‌توان گفت که شیلی، آرژانتین و اوروگوئه کفارۀ گناه امید را می‌دهند. رشته تغییرات عمیق و بنیادین دولت &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;آلنده&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;؛ پرچم‌های عدالتی که در زمان دولت کم دوام &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;هکتور کامپورا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، در سال&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;1973&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، به‌اهتزاز درآمد و توده‌های کارگران آرژانتین را تجهیز و بسیج کرد؛ و سیاسی شدن پرشتاب جوانان اوروگوئه؛ این همه، مبارزه‌طلبی‌هائی بود که نظام حاکم بی‌قدرت و بحران‌زده نمی‌توانست تحمل کند. گاز تند آزادی نشان داد که برای اشباح خطرناک است و آن‌ها را به‌آتش می‌کشد، و گارد ویژه فراخوانده شد تا نظم را برقرار کند. عملیات پاک‌سازی، در واقع طرحی برای انهدام و نابودی است.&lt;br /&gt;
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۸&lt;br /&gt;
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پرونده‌های کنگرۀ ایالات متحده اغلب دارای مدارک غیرقابل انکاری دربارۀ مداخلات در آمریکای لاتین است. جوهرسوزان گناه، در اعترافات &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;امپراتوری جهانی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، وجدان‌ها را به‌درد می‌آورد و آن‌ها را تطهیر می‌کند. به‌طور مثال در این اواخر، در سوانح گوناگونی که پیش آمده، پذیرش رسمی مسؤولیت از طرف ایالات متحده چندین برابر شده است. اعترافات علنی بسیار، از جمله ثابت کرده‌اند که دولت ایالات متحده از راه رشوه، جاسوسی، و باج سبیل، در امور سیاسی شیلی شرکت مستقیم داشته است. طرح اصلی جنایت در &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;واشینگتن&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ریخته شد. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;کیسینجر&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;و دستگاه‌های جاسوسی، از سال&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;1970&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;نقشۀ سقوط &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;آلنده&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;را آماده کردند. میلیون‌ها دلار در میان دشمنان دولت قانونی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اتحاد خلق&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;توزیع شد. و به‌این ترتیب بود که، به‌طور مثال، کامیون‌داران توانستند اعتصاب طولانی خود را (که در سال&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; 1973 &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;قسمت مهمی از اقتصاد &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;شیلی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; را فلج کرد)ادامه دهند. یقین داشتن به‌این که کیفری در کار نیست زبان‌ها را باز می‌کند. در زمان کودتای ضد &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;گولار&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، سفارت ایالات متحده در&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;برزیل&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; بزرگترین سفارتخانۀ آن کشور در دنیا بود. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;لینکلن گوردون&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; که در آن زمان سفیرکبیر آمریکا بود، سه سال بعد به‌خبرنگاری اعتراف کرد که دولت او مدت‌ها به‌نیروهائی که با اصلاحات مخالفت می‌کردند کمک مالی می‌کرده است! -&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;گوردون&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; گفته بود: «چنین کاری کم و بیش در آن روزها عادی بود... &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سیا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;به‌توزیع و تقسیم وجوه سیاسی عادت کرده بود.»{{نشان|6}}در همان مصاحبه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;گوردون&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; توضیح داده بود که در روزهای کودتا،&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پنتاگون&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; یک ناو هواپیمابر بزرگ و چهار کشتی نفت‌کش به‌نزدیکی‌های سواحل برزیل فرستاده بود «که شاید نیروهای ضد&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;گولار&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; خواستار پشتیبانی ما باشند»و افزوده بود: «این پشتیبانی قرار نبود تنها برای تقویت روحیه باشد؛ بلکه، آماده بودیم مواد مورد نیاز، تدارکات، اسلحه، و نفت هم بدهیم.»&lt;br /&gt;
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از زمانی که پرزیدنت&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;جیمی کارتر&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; سیاست حقوق بشر را آغاز کرد، برای رژیم‌های آمریکای لاتین- که در درجۀ اول با مداخله و کمک آمریکای شمالی به‌مردم این منطقه تحمیل شده‌اند- عادت شده است که بر ضد مداخلات آمریکای شمالی در امور داخلی خود اعلامیه‌هائی تهیه و تنظیم کنند.&lt;br /&gt;
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کنگرۀ ایالات متحده در سال 1976 و 1977 تصمیم گرفت کمک‌های اقتصادی و نظامی به‌کشورهای مختلف را معلق نگه دارد. اما به‌هر حال قسمت اعظم کمک‌های خارجی ایالات متحده از صافی کنگره نمی‌گذرد. بدین‌سان، با وجود اعلامیه‌ها و تصمیمات و اعتراضات، رژیم ژنرال&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پینوشه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;در سال &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;1976،290 &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; میلیون دلار بدون تصویب «قوۀ قانونگذاری آمریکا» به‌صورت کمک از آن کشور  &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;- دیکتاتور آرژانتین- پس از آن که نخستین سال عمر خود را Videlaدریافت کرد رژیم ژنرال&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ویدِلا  &lt;br /&gt;
پشت سر گذاشت 500 میلیون دلار از بانک‌های خصوصی آمریکای شمالی و 415 میلیون دلار از دو مؤسسۀ بانک جهانی و &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بانک توسعۀ اینتر امریکن&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; که ایلات متحده نفوذ قاطعی در آن‌ها دارد دریافت کرد. حق برداشت ویژۀ آرژانتین از&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;صندوق بین‌المللی پول&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; که در سال 1975 بالغ بر 67 میلیون دلار بود دو سال بعد به 700 میلیون دلار افزایش یافت. نگرانی پرزیدنت &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;کارتر&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; از قصابی‌هائی که در پاره‌ئی از کشورهای آمریکای لاتین می‌شود بی‌فایده نیست، اما دیکتاتورهای کنونی هم خودآموز نبوده‌اند: آن‌ها فنون و هنر حکومت کردن را در کلاس‌های درس &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پنتاگون&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; در آمریکا و منطقۀ کانال&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پاناما&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; فراگرفته‌اند. این دوره‌های درسی هنوز هم ادامه دارد و تا آنجا که معلوم است محتوایشان ذره‌ئی تغییر نیافته. مردان نظامی آمریکای لاتین که امروزه مایۀ رسوائی ایالت متحده شده‌اند، شاگردان خوبی بوده‌اند. چهار سال پیش، هنگامی که&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;رابرت مک نامارا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;- رئیس کنونی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بانک جهانی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;- وزیر دفاع آمریکا بود گفته بود: «این‌ها رهبران جدیدند. ضرورتی ندارد که من دربارۀ ارزشِ وجود چنین مردانی در مقام رهبری که از پیش می‌دانند ما آمریکائی‌ها چگونه فکر و کار می‌کنیم، توضیح بیش‌تری بدهم. دوستی با چنین مردانی سخت پرارزش است.: {{نشان|7}}آیا کسانی که ما را &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;افلیج&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; کرده‌اند صندلی چرخدار به‌مان می‌دهند؟&lt;br /&gt;
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اسقف‌های فرانسه دربارۀ نوع دیگری از مسؤلیت سخن می‌گویند که عمیق‌تر و غیرقابل رؤیت‌تر است: «ما که تعلق به‌ملت‌هائی داریم که ادعا می‌کنند پیشرفته‌ترین ملل عالمند، جزئی هستیم از کسانی که از استثمار کشورهای در حال توسعۀ استفاده می‌کنند. ما درد و رنجی را که این عمل در روح و جسم ملت‌ها به‌وجود می‌آورد نمی‌بینیم. ما تقسیم کنونی دنیا را که در آن تسلط دارا برندار و توانا بر ناتوان چشمگیر است، بیش‌تر تقویت می‌کنیم. آیا ما میدانیم که حیف و میل منابع و مواد خام از سوی ما، بدون کنترل بازرگانی بین‌المللی از طرف کشورهای غربی، امکان پذیر نیست؟ آیا ما نمی‌بینیم چه کسانی از دادوستد اسلحه استفاده می‌کنند، و کشور خود ما نمونه‌های غمباری از این سلاح‌ها را تهیه می‌کند؟ آیا ما حتی درک می‌کنیم که نظامی شدن رژیم کشورهای فقیر یکی از نتایج تسلط اقتصادی و فرهنگی است که از طرف کشورهای صنعتی اعمال می‌شود، که در آن‌ها میل شدید به‌سود بردن و قدرت پول حاکم بر زندگی است؟» {{نشان|8}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
دیکتاتورها، شکنجه‌گران، بازجویان عقیده، و ترس و وحشت هم مانند ادارات پست و بانک‌ها، کارگزاران خودش را دارد، و به‌کار بسته می‌شود چون که ضروری می‌نماید. و مسألۀ توطئۀ آدمیان پلید و اهریمنی در میان نیست. ژنرال&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پینوشه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; ممکن است شبیه یکی از اشخاص «نقاشی‌های    [نقاش برجستۀ اسپانیائی (1828-1746)]باشد، ولیمه‌ئی برای روانکاوان یا وارثِGoyaسیاه»&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;گویا &lt;br /&gt;
سنتی بیرحمانه از جمهوری‌های موز، اما خصوصیات کلینیکی یا فولکلوری چنین یا چنان دیکتاتوری فقط چاشنی تاریخ است نه خود تاریخ چه کسی امروز می‌تواند ادعا کند که جنگ جهانی اول به‌علت عقیدۀ&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;قیصر ویلهلم&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; که یک دستش کوتاه‌تر از دست دیگر بود آغاز شد؟ &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;برتولت برشت&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; در اواخر سال1940 در یادداشت‌های روزانۀ خود چنین نوشته است: «در کشورهای دموکراتیک خصوصیت خشونتی که اقتصاد دارد پنهان می‌ماند؛ در کشورهای استبدادی خصوصیت اقتصادی خشونت آشکار نمی‌شود.»&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در کشورهای جنوبی آمریکای لاتین فرماندهان نظامی قدرت را به‌دست گرفته‌اند تا نقشی را برای نظام حاکم ایفا کنند، یعنی هنگامی که طبقات حاکم دیگر نمی‌توانند از هیچ راه دیگری امور دادوستد خود را انجام دهند تروریسم دولتی را مستقر می‌کنند. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;در کشورهای ما اگر شکنجه با کارآمدی انجام نگیرد وجود نخواهد داشت؛ و دموکراسی، رسمی پایدار می‌ماند اگر تضمین شود که از کنترل صاحبان قدرت درنخواهد آمد. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; در زمان‌های سخت و دشوار، دموکراسی جنایتی بر ضدامنیت ملی شناخته می‌شود- یا شاید جنایتی بر ضدامنیت امتیاز ویژۀ داخلی و سرمایه‌گذاری‌های خارجی. دستگاه‌های ما برای ریزریز کردن گوشت انسانی به‌چرخ دنده‌های مکانیسمی بین‌المللی وصل شده‌اند. سراسر جامعۀ ما نظامی شده است. حالت استثنائی دائمی می‌شود و دستگاه زور و فشار به‌مجرد آن که از سوی مرکز نظام امپریالیستی پیچ و مهره‌ئی سفت می‌شود، مسلط می‌گردد. هنگامی که سایۀ بحران از کمین‌گاه دیده می‌شود، ضرورت پیدا می‌کند که غارت و چپاول کشورهای فقیر افزایش یابد تا اشتغال کامل، آزادی‌های مدنی، و نرخ‌های بالای توسعه را در کشورهای دارا تضمین کند. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;رابطۀ قربانی و دژخیم، دیالکتیک منحوسی است: ساختاری از خفت‌ها و خواری‌های پی‌در‌پی وجود دارد که از بازارهای بین‌المللی و مراکز مالی آغاز می‌شود و به‌خانۀ هر شهروندی پایان می‌یابد. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
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&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;هائیتی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; ندارترین کشور نیمکرۀ غربی است. در آن جا تعداد شویندگان پا از واکسی‌ها بیش‌تر است: کودکانی برای یک سکۀ پول پای مشتریان پا برهنه را که کفشی ندارند تا واکس بخورد می‌شویند. متوسط عمر مردم&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;هائیتی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، اندکی بیش از سی سال است. از هر ده نفر، نه نفر خواندن و نوشتن نمی‌دانند. در&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;هائیتی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، دامنۀ کوهستان‌های ناهموار برای مصرف داخلی کشت و زرع می‌شود و دره‌های حاصلخیز برای صادرات. بهترین زمین‌ها برای کشت قهوه، نی‌شکر، کاکائو و فرآورده‌های دیگری که مورد نیاز بازارهای آمریکای شمالی تخصیص یافته. در&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;هائیتی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; کسی &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بیس‌بال&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; بازی نمی‌کند، اما&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;هائیتی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; بزرگترین تولیدکنندۀ توپ مخصوص این بازی در سراسر دنیاست. کارگاه‌هائی که در آن‌ها کودکان با روزی یک دلار مزد کالاهای الکترونی و کاسِت مونتاژ می‌کنند  کم نیست. این فرآورده‌ها طبیعتاً صادراتی هستند؛ و طبیعتاً سود حاصل از آن‌ها نیز، پس از کسر کردن سهم مدیران ترس و وحشت، صادر می‌شود. در &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;هائیتی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; کوچکترین ظنّ اعتراض، مجازاتِ زندان یا مرگ دارد. حقوق و دستمزد کارگران&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;هائیتی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، هر چند که ممکن است باورکردنی به‌نظر نیاید، بین سال‌های 1971 و 1975 یک چهارمِ ارزش واقعیِ بسیار پائین خود را از دست داد. و این نکته واجد اهمیت است که طی این دوره، جریان تازه‌ئی از سرمایۀ آمریکا وارد&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;هائیتی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; شد!&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سرمقالۀ یکی دو سال پیشِ یکی لز روزنامه‌های&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بوئنوس آیرس&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; به‌خاطرم می‌آید. روزنامه‌ئی محافظه‌کار و قدیمی، سخت برآشفته بود که چرا در یک سند بین‌المللی، آرژانتین را کشوری کم توسعه و وابسته قلمداد کرده‌اند. چگونه یک جامعۀ با فرهنگ، اروپائی، دارای رونق اقتصادی، و سفید را می‌توان با معیارهای کشوری فقیر و سیاه مانند&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;هائیتی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; سنجید؟&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
تردیدی نیست که تفاوت‌ها بسیار زیاد است هرچند که ارتباطی با مقولۀ تحلیل سخنگوی متنفذان&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بوئنوس آیرس&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ندارد. با وصف این، با تمام ناهمانندی‌ها و تضادهائی که ممکن است وجود داشته باشد، آرژانتین از دورِ باطلی که اقتصاد آمریکای لاتین را کلاً خفه می‌کند رهائی ندارد و هیچ کوششِ دفع شرِ روشنفکرانه‌ئی نمی‌تواند آن را از واقعیتی که، کم یا زیاد، وجه مشترک همۀ کشورهای منطقه است جدا کند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
Papa Doc Duvalierروی‌هم رفته کشتارهای ژنرال &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ویدِلا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; متمدنانه‌تر از کشتارهای&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;«پاپادوک»دووالیه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; [رئیس جمهور هائیتی، 71-1957]. یا وارث اریکۀ اونیست، هرچند که در آرژانتین زور و فشار ممکن است در سطح تکنولوژیکی بالاتری باشد. هر دو رژیم دیکتاتوری ضرورتاً در خدمت هدفی همانندند: &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;عرضۀ نیروی کاری ارزان به‌بازاری بین‌المللی که تقاضای فرآورده‌های ارزان دارد. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
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دیکتاتوری &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ویدِلا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، هنوز قدرت را کاملاً در دست نگرفته بود که به‌سرعت اعتصابات را ممنوع کرد و در همان زمان که با سخت‌گیری شدیدی دستمزدها را ثابت نگاه می‌داشت با صدور تصویب‌نامه‌ئی قیمت‌ها را آزاد اعلام کرد. پنچ ماه پس از کودتا، قانون جدید سرمایه‌گذاری خارجی، شرکت‌های داخلی و خارجی را در وضعی همانند قرار داد. بدین‌سان، رقابت آزاد به‌وضع نامساعدِ غیرعادلانه‌ئی که بعضی از شرکت‌های داخلی و محلی داشتند پایان بخشید: &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;جنرال موتورز&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; بیچاره را مثل می‌زنم که حجم فروش جهانیش، به‌تنهائی به همۀ تولید ناخالص ملی &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;آرژانتین&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; برابر است!- اکنون خروج سود سرمایه‌ها از کشور، و باز پس فرستادن اصل پول‌های سرمایه‌گذاری شده نیز، صرف‌نظر از پاره‌ئی محدودیت‌هائی ناچیز، آزاد شده است.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در پایان نخستین سالی که از عمر رژیم گذشت، ارزش واقعی دستمزدها به‌چهل درصد کاهش یافت. این   Rudolfo Walshشاهکار، از طریق اعمال هراس و وحشت انجام گرفته بود. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;رودولفو والش &lt;br /&gt;
نویسنده، در نامۀ سرگشاده‌ئی رژیم را متهم می‌کند که: «پانزده هزار نفر ناپدید، ده هزار نفر زندانی،چهار هزار نفر مقتول، و ده‌ها هزار نر تبعیدی ارقام خام این نظام خوف و وحشت است.»- والش&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; این نامه را در 29 مارس 1977 برای رهبران سه گانۀ شورای نظامی فرستاد و خود او در همان روز ربوده شد و دیگر اثری از او به‌دست نیامده.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
۱۱&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
منابع موثق تأیید می‌کنند که از «سرمایه‌گذاری»های جدیدِ مستقیمِ خارجی در آمریکای لاتین، در واقع تنها مبالغ بسیار ناچیزی از کشور سرمایه‌گذار اصلی می‌آید: بنابر گزارشی که وزارت بازرگانی ایالات متحده منتشر کرده {{نشان|10}}تنها 12 درصد از وجوه سرمایه‌گذاری شده در خارج، از آمریکا خارج شده است. 22 درصد دیگر این به‌اصطلاح «سرمایه‌گذاری»ها مستقیماً از محل درآمدهائی تأمین شده که در خود آمریکای لاتین به‌دست آمده، و 66درصد بقیه را منابع اعتباری داخلی آن کشورها یا اعتبارات بین‌المللی پرداخت کرده‌اند!- همین نسبت‌ها در مورد سرمایه‌گذاری‌های ممالک اروپائی و ژاپن نیز مصداق دارد؛ و مخصوصاً باید به خاطر داشت که قسمت اعظم این 12 درصد «سرمایه‌گذاری»هم که مثلاً از دفاتر مرکزی این شرکت‌ها می‌آید نقدینه نیست بلکه ارزش اظهارشدۀ ماشین‌آلات فرسوده‌ئی است که منتقل کرده‌اند یا بهای دلخواهی است که شرکت‌های استعماری بابت دانش فنی، حق امتیاز و یا سرقفلی انگ و علامت تجاری خود تحمیل می‌کنند و به‌حساب می‌گذارند. بنابراین، شرکت‌های چند ملیتی، نه تنها اعتبارات داخلی کشورهائی را که در آن به‌فعالیت می‌پردازند در برابر سهم سرمایۀ مشکوکی می‌ربایند، بلکه فراتر از این، مطالبات ماوراء دریاهای خود را نیز چند برابر می‌کنند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
دیون خارجی کشورهای آمریکای لاتین در سال 1975 نزدیک به‌سه برابر بیش‌تر از سال 1969 بود {{نشان|11}}&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;برزیل، مکزیک، شیلی و اوروگوئه،&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; در سال 1975 نزدیک&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;به‌نیمی از درآمدهای صادراتی خود را به‌پرداخت استهلاک و بهرۀ دیون و به‌پرداخت&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سود شرکت‌های خارجی که در این کشورها استقرار یافته‌اند اختصاص دادند. در همان سال، بازپرداخت دیون و پرداخت سود، 55 درصد صادرات&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پاناما&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;و 60 درصد صادرات &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پرو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; را بلعید. {{نشان|12}}در سال 1969 هر فرد&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بولیویائی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;137 دلار به‌خارج مقروض بود، و در سال 1977 ای قرض به 483 دلار رسید!- مردم &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بولیویا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; هرگز در این امر مورد مشورت قرار نگرفته‌اند و هرگز یک پاپاسی این قروضی را که هم چون حلقۀ طناب‌دار به‌گردنشان افتاده است ندیده‌اند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در چند کشور آمریکای لاتین که هنوز محض خالی نبودن عریضه در آن‌ها انتخاباتی انجام می‌گیرد، نام  [یکی از بزرگ‌ترین بانک‌های ایالات متحدۀ آمریکا]به‌عنوان نامزدCity Bank&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سیتی‌بَنک&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;                &lt;br /&gt;
انتخابات»در هیچ کدام از فهرست‌های انتخاباتی دیده نمی‌شود، و نام هیچ یک از ژنرال‌های دیکتاتور هم «صندوق بین‌المللی پول»نیست. اما کدام وجدان است که حکم صادر می‌کند و چه دستی است که آن احکام را به‌اجرا درمی‌آورد؟ آن که وام می‌دهد فرمان نیز می‌راند. برای بازپرداخت وام، باید صادرات افزون شود، و نیز باید صادرات افزون شود تا پول واردات را بتوان پرداخت و خون‌ریزی بهره‌ها و&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;حق امتیازهائی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; را که شرکت‌های خارجی به‌دفاتر مرکزی‌شان می‌فرستند جبران بتوان کرد. افزایش صادرات که عواید واقعی آن به‌تدریج کم و کم‌تر می‌شود دستمزدها را به‌حد بخورو نمیر کاهش می‌دهد. فقر جمعی، که به‌عنوان کلید موفقیت اقتصادی در اختیار منافع خارجی گذاشته شده است از رشد بازارهای مصرف داخلی که برای استقرار و حفظ یک توسعۀ موزون اقتصادی ضروری است جلوگیری می‌کند. کشورهای ما اندک‌اندک صدای خود را از دست می‌دهند و به‌پژواک مبّدل می‌شوند. به‌دیگران وابستگی پیدا می‌کنند و تا زمانی که پاسخگوی نیازهای دیگران باشند هستی‌شان تأمین می‌ماند. از سوی دیگر، سر و صورتی تازه دادن به‌اقتصادی که در خدمت تقاضاهای خارج است باز هم ما را به‌همان وضع نداشتن آزادی عمل بازمی‌گرداند: دروازه‌ها را به‌روی غارت و چپاول انحصارات خارجی باز می‌کند و وامی‌داردمان که برای گرفتن وام از&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بانک جهانی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; به‌قراردادهای بزرگ‌ترین دیگری تن دهیم. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;دور باطل کامل می شود: وام خارجی و سرمایه‌گذاری خارجی افزایش صادراتی را ایجاب می‌کند که خود وام‌دهندگان به‌طور مداوم مشغول بلعیدین آنند. و این کار البته با مسالمت امکان‌پذیر نیست. کارگران آمریکای لاتین برای آن که نقش خود را به‌عنوان گروگان‌های کامکاری خارجیان بپذیرند باید زندانی باقی بمانند؛ چه این سوی و چه آن سوی میله‌های زندان. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
۱۲&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
استثمار وحشیانۀ نیروی کار یدی، با تکنولوژی پیش رفته ناسازگار نیست و در سرزمین‌های ما هرگز ناسازگار نبوده است؛ به‌عنوان مثال، گروه‌های عظیم کارگران بولیویا که ریه‌های خود را در  سرمایه‌دار Simon Ituri Patinoمعادن &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اورورو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; از دست داده بودند. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سیمون پاتین‌یو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
بزرگ &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بولیویائی (1947-1886) &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;مالک معادن قلع کشور خود و یکی از ثروتمندان دنیا بود و او را «سلطان قلع»می‌خواندند. در زمان او، کارگران در یک نظام بردگی مزدوری، منتها با ماشین‌آلاتی مدرن کار می‌کردند. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سلطان قلع&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; توانسته بود بالاترین سطح تکنولوژی زمان خود را با پائین‌ترین سطح دستمزد ترکیب کند. {{نشان|13}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
فراتر از این، در زمان ما، شرکت‌های چند ملیتی مقتدر هم‌زمان با دست‌اندازی و تملک فعالیت‌های صنعتی‌ئی که با سرمایه‌های داخلی ایجاد شده تکنولوژی پیشرفته‌ترین اقتصادها را هم مورد بهره‌برداری قرار می‌دهند. اقدام به‌متمرکز کردن سرمایه، از راه «&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;آتش‌زدن&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; بیرحمانۀ سطوح &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;متروک&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; فعالیت‌های اقتصادی، که به‌طور غیرتصادفی دقیقاً دولتی هم هستند»عملی شده است. {{نشان|14}}غیر دولتی کردن سریعِ صنایع آمریکای لاتین وابستگی فزایندۀ تکنولوژی را نیز به‌همراه داشته است. تکنولوژی، که شاه کلید قدرت است، در دنیای سرمایه‌داری، در انحصار مراکز استعماری است. این تکنولوژی به‌صورت دست دوم وارد می‌شود، اما مراکز استعماری نسخه بدل‌ها را هم به‌قیمت اصل می‌فروشند. در سال &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;1970 مکزیک&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; برای وارد کردن تکنولوژی خارجی دو برابر سال 1968 پرداخت کرد. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;برزیل&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; بین سال‌های 1965 و 1969 پرداخت‌هایش از این بابت دو برابر شد؛ و در همین دوره، افزایشی همانند در همین زمینه در&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;آرژانتین&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; نیز پدید آمد.&lt;br /&gt;
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انتقال تکنولوژی وام‌های سنگین خارجی را بیش‌تر می‌کند و آثار ویرانگری در بازار نیروی کار دارد. در نظامی که برای سرازیر کردن سود به‌خارج سازمان یافته است نیروی کار شرکت‌های «سنّتی»امکانات اشتغال خود را از دست می‌دهد. جزیره‌های کوچک صنایع نو، در برابر پویائی مشکوکی که در اقتصاد کشور پدید می‌آید، با کم کردن زمان کار لازم برای تولید، کارگران را قربانی می‌کنند. وجود سپاهی فزاینده و باد کرده از کارگران بیکار، به‌نوبۀ خود پائین آمدن ارزش واقعی دستمزدها را تسهیل می‌کند.&lt;br /&gt;
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اما اکنون حتی اسناد و مدارک &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;کمیسیون اقتصادی سازمان ملل برای آمریکای لاتین&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; هم از تقسیم مجدد نیروی کار در سطح بین‌المللی سخن می‌گویند. به‌طوری که خبرگان امیدوار اظهار نظر می‌کنند، طی چند سال آینده، آمریکای لاتین ممکن است به‌همان اندازه که امروز مواد خام و موادغذائی به‌خارج می‌فروشد، کالاهای ساخته شده صادر کند. «نابرابری دستمزدها بین کشورهای توسعه یافته و در حال توسعه- از جمله کشورهای آمریکای لاتین- ممکن است تقسیم‌بندی جدیدی از فعالیت‌ها را در میان این کشورها به‌وجود آورد و در نتیجه، به‌دلایل رقابتی، آن رشته از صنایع خود را که در آن هزینه‌های نیروی کار خیلی زیاد است جا به‌جا کنند. به‌طور مثال، هزینه‌های نیروی کار در صنعت کالاهای کارخانه‌ئی، در مکزیک یا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;برزیل&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; خیلی کم‌تر از ایالات متحده است» {{نشان|15}}&lt;br /&gt;
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انگیزشی برای پیشرفت، یا ماجراجوئی استعمارنو؟ ماشین‌آلات الکتریکی     &lt;br /&gt;
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اما اکنون حتی اسناد و مدارک &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; کمیسیون اقتصادی سازمان ملل برای آمریکا لاتین&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;  هم از تقسیم مجدد نیروی کار در سطح بین‌المللی سخن می‌گویند. به طوری که خبرگان امیدوار اظهارنظر میکنند، طی چند سال آینده، آمریکای لاتین ممکن است به همان اندازه که امروز مواد خام و مواد غذائی به خارج می‌فروشد، کالاهای ساخته شده صادر کند. «نابرابری دستمزدها بین کشورهای توسعه یافته و در حال توسعه - از جمله کشورهای آمریکای لاتین - ممکن است تقسیم بندی جدیدی از فعالیت‌ها را در میان این گشورها به وجود آورد و در نتیجه، به دلایلی رقابتی، آن رشته از صنایع خود را که در ان هزینه‌های نیزوی کار خیلی زیاد است جابه‌جا کنند. به طور مثال، هزینه‌های نیروی کار در صنعت کالاهای کارخانه‌ئ، در مکزیک یا &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;برزیل&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; خیلی کم‌تر از ایالات متحده‌ است.» {{نشان|15}}&lt;br /&gt;
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انگیزشی برای پیشرفت، یا ماجراجوئی استعمارنو؟ ماشین آلات الکتریکی و غیرالکتریکی اکنون در میان فراورده‌های صادرتی عمدهء مکزیک به‌طور بارز دیده می‌شود. در برزیل، فروش خارجی اتومبیل و تجهیزات جنگی در حال افزایش است. پاره‌ئی از کشورهای آمریکای لاتین مرحلهء تازه‌ئی از صنعتی شدن را می‌گذرانند که تا حد زیادی با نیازهای خارجی و صاحبان وسایل تولید خارجی کمک و هدایت شده است. آیا این فصل دیگری نیست که به تاریخ طولانی «توسعهء برون‌گرا»یِ ما افزوده خواهد شد؟ در بازارهای بین‌المللی قیمت‌هائی که مرتب بالا می‌رود به طور کلی مربوط به «کالا‌های ساخته شده» نیست، بلکه به کالاهای ظریف و پیچیده‌ئی ارتباط دارد که در ساختن آن‌ها تکنولوژی پیشرفته‌تری به کار رفته و در انحصار کشورهائی است که توسعه‌ء بیش‌تری یافته‌اند.&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;فرآوردهء عمدهء صادراتی آمریکای لاتین، هر قدر هم که مواد خام و کالاهای ساخته شده بفروشد، نیروی کار ارزان آن است. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
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مگر تجربهء تاریخی مداوم، تکه پاره شدن و خرد شدن در پوشش توسعه نبوده است؟ قرن‌ها پیش، «فتح» این قاره، زمین‌ها را با کشت فراورده‌های صادراتی، یکسره از میان برد و بومیان را در اعماق معادن و بستر رودخانه‌هائی که ته‌نشست فلزات قیمتی داشت نابود کرد تا بتواند تقاضاهای طلا و نقرهء ماوراء دریاها را برآورده کند. خوراک بومیانی که پس از کشف قاره‌شان توانسته بودندخود را از نابودی و انهدام نجات بدهند، با پیشرفت تکنولوژیکی از آن چه بود بدتر شد. امروز، مردم پِرو برا گله‌های گاو و گوسفند ایالات متحده و اروپا، نواله‌ء ماهی تهیه و تولید می‌کنند که از نظر پروتئین بسیار غنی است لیکن با وصف این آشکارا مشاهده می‌شود که در خوراک اکثریت مردم پرو پروتئین وجود ندارد، شرکت فولکس واگن در برابر هر اتومبیلی که در سویس می‌فروشد، بابت حفظ تعادلِ محیط زیست یک اصله درخت می‌کارد، در حالی که شرکت برزیلی وابستهء &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;فولکس واگن&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; صدها هکتار زمین جنگلی را کاملاً از بین برده و برای تولید متمرکز گوشت صادراتی گذاشته است. مردم برزیل - که به ندرت مزهء گوشت را زیر دندان خود احساس می‌کنند  - به طور فزاینده‌ئی گوشت به خارج می‌فروشند. چندی پیش، دارسی ری‌بیرو Darcy Roberio در گفت‌وگوئی که با من داشت می‌گفت که یک &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;جمهوری فولکس واگن &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ضرورتاً چندان تفاوتی با &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;جمهوری موز&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; ندارد. از هر یک دلاری که با صدور موز به دست می‌آید به دشواری یازده سنتش کشور تولید کننده باقی می‌ماند {{نشان|16}}، و طبعاً از این یازده سنت سهمی بسیار کوچک به کارگران درختزارهای موز می‌رسد. مگر هنگامی که یکی از کشورهای آمریکای لاتین به جای موز اتومبیل تولید کند این نسبت‌ها تغییر می‌یابد؟&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;برده فروشان دیگر در اقیانوس‌ها رفت و آمد نمی‌کنند. اکنون سوداگران برده از‌«وزارت کار» به اِعمال نقش خویش می‌پردازند.&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; به اعمال خویش می‌پردازند. دستمزدهای آفریقا، و قیمت‌های اروپا. مگر کودتاهائی که در آمریکای لاتین صورت می‌گیرد چیزی بجز رویداد‌های پی‌در‌پی غارت و چپاول است؟ دیکتاتوری‌های نوپا، بی‌درنگ شرکت‌های خارجی را به استثمار نیروی کار ارزان و فراوان، استفاده از اعتبارات نامحدود و معافیت‌های مالیاتی، و غارت مواد خامی که آسان به دست می‌آید دعوت می‌کنند. &lt;br /&gt;
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کارگران طرح اضطراری دولت شیلی دستمزدی برابر سی دلار در ماه دریافت می‌کنند. بهای یک کیلو نان ۵۰ سنت است. بنابراین دو کیلو نان در روز به دست‌شان می‌رسد. در حال حاضر، حداقل دستمزد در &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اوروگوئه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; و &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;آرژانتین&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; برابر با قیمت شش کیلو قهوه است. حداقل دستمزد در برزیل شصت دلار در ماه است،‌ اما درآمد روزانهء کارگران سیار کشاورزی روستاها، در کشتزارهای لوبیا،‌ قهوه،‌ و فرآورده‌های صادراتی دیگر بین ۵۰ سنت تا یک دلار است. علوفه‌ئی که گله‌های گاو و گوسفند در مکزیک می‌خورند دارای دارای پروتئینی بیش‌تر از خوراک روستائیانی است که از آن‌ها نگاهداری می‌کنند.&lt;br /&gt;
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گوشت این گله‌ها به گروهی اندک دارندگان امتیازات ویژه در داخل کشور، و بهطور عمده به بازارهای بین‌المللی اختصاص دارد. زیر پوشش حمایتی سیاستِ سخاوت‌آمیز استاده از اعتبارات دولتی با شرایطی سهل و آسان، کشاورزی صادراتی مکزیک رونق گرفته است در حالی که بین سال‌های ۱۹۷۰ و ۱۹۷۶ از میزان پروتئنی که در دسترس هر فرد مکزیکی قرار می‌گیرید &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;کاسته شده &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;و در مناطق روستائی از هر پنج کودک مکزیکی تنها یکی دارای قد و وزن طبیعی است{{نشان|17}}. &lt;br /&gt;
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در &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;گواتمالا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; محصول  برنج، ذرت، و لوبیای خشک که خاص مصرف داخلی است به امید خدا گذاشته شده در حالی که قهوه، پنبه، و فراورده‌های صادراتی دیگر ۸۷ درصد اعتبارات را به خود تخصیص داده است. از هر ده خانواده گواتمالایی که به کشت و برداشت قهوه، منبع عمدهء ارز خارجی کشور، می‌پردازند به زحمت فقط به یک خانواده غذای کافی می‌رسد {{نشان|18}}. در برزیل، تنها ۵ درصد اعتبارات کشاوری به برنج، لوبیای خشک، و مانیوک - که خوراک عمدهء برزیلی‌ها را تشکیل می‌دهند - تخصیص یافته. بقیه اعتبارات به سوی محصولات صادراتی سرازیر می‌شود.&lt;br /&gt;
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سقوط اخیر قیم بین‌المللی شکر، به خلاف گذشته موجی از گرسنگی در میان روستائیان کوبا پدید نیاورد. در کوبا دیگر کم‌غذایی وجود ندارد. از سوی دیگر، افزایش تقریباً همزمانِ قیمت بن‌المللی قهوه به هیچ وجه از فقر مزمن کارگران درختزارهای قهوهء برزیل نکاست. &lt;br /&gt;
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افزایش مظنهء قهوه در سال ۱۹۷۶ صورت گرفت. علت این بهبود تصادفی قیمت یخبندانی بود که محصول قهوهء برزیل را از میان برد، اما آنچنان که یکی از صاحب منصبان عالی مقام &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; موسسه قهوهء برزیل&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;  اعتراف کرده است:‌«عملاً در دستمزدها بازتابی نداشت.!» {{نشان|19}}&lt;br /&gt;
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از نظر واقعیت، محصولات صادراتی ضرورتاًبا رفاه و آسایش مردم ناسازگار نیستند، و ضرورتاً مغایرتی با توسعه‌ء اقتصادی «درون گرا» ندارند.  در کوبا، فروش شکر به خارج چون اهرمی به ایجاد دنیای نوینی که در آن همه به نعره‌های توسعه دسترس دارند، خدمت کرده است. در آنجا، همبستگی، روح اصلی روابط انسان‌هاست. &lt;br /&gt;
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اکنون دیگر ما می‌دانیم آنان که محکوم به پرداخت بهای بحران بازسازی نظام حاکم هستند کیانند؟ قیمت بیشفراورده‌هائی که آمریکای لاتین می‌فروشد، در ارتباط با قیمت فراورده‌هائی که از کشورهای دارندهء انحصار تکنولوژی و بازگانی و سرمایه گذاری و اعتبار می‌خرد، بیرحمانه پایین می‌آید. برای جبران تفاوت و به جهت رویاروئی با تعهداتی که در برابر سرمایه‌های خارجی شده، ضروری است که آنچه در «قیمت» از دست می‌رود در «مقدار» جبران شود. در این چارچوب، دیکتاتوری‌های &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; مخروط جنوبی &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; (منظور کشورهای آرژانتین و شیلی و اروگوئه است) دستمزدهای کارگران را به نصف تقلیل داده و مراکز تولید را به اردوگاه کار اجباری مبدل کرده‌اند. کارگران باید پائین آمدن ارزش کارشان را هم، به عنوان کالائی که در بازار فروخته می‌شود، جبران کنند. کارگران مجبورند با افزایش ساعاعت کار خود، آنچه را هم که قدرت خرید دستمزدشان از دست می‌دهد جبران کنند. بدین سان، قوانین بازار بیان المللی وارد دنیای کوجک زندگی هر کارگر آمریکای لاتین نیز می‌شود. برای کالرگرانی که این «بختیاری» را دارند که شغلی دائمی داشته باشند و.«روزی هشت ساعت کار» تنها در عبارتِ بی‌جانُ قانون وجود دارد. ده، دوازده، حتی چهارده ساعت کار امری کاملا عادی است و بسیارند کارگرانی که حتی یکشنبه‌هاهم کار می‌کنند. &lt;br /&gt;
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حوادث ناشی از کار، یا خون انسانی که پیشکش قربانگاه تولید می‌شود، به نوبه‌ء خودزیادتر شده است. اینک سه مثال از پایان سال ۱۹۷۷ در &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اوروگوئه‌&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; الف - &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;  معادن سنگ راه‌آهن، که شن و سنگ تولید می‌کنند بازده تولید خود را دو برابر می‌کنند. در آغاز بهار، پانزده کارگر در انفجار معدن جان می‌سپارند. &lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; ب‌ - &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;  بیکاران در بیرون کارخانه‌هائی که موشکهای آتش‌باری درست می‌کند صف کشیده‌اند. کودکانی چند در کار تولید هستند. رکورد شکسته می‌شود. در ۲۰ سپتامبر، انفجاری روی ‌می‌دهد: پنج گارگر می‌میرند و ده‌ها تن زخمی ‌می‌شوند.&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; پ - &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;  ۲۸ سپتامبر، ساعت هفت صبح‌، کارگران از ورود به کارخانه‌ء  کنسرو ماهی خودداری می‌کنند. چون بوی شدید گاز به مشام می‌رسد. تهدید می‌شوند که اگر نروند سرکار،‌ اخراج خواهند شد. بازهم خوددداری می‌کنند. تهدید می‌شوند که اگر نروند سرکار، سربازان فراخوانده خواهند شد ( کارخانه در مواردی دیگر تهدید، نیروهای ارتش را فراخوانده بود)، کارگران به ناچار وارد کارخانه می‌شوند. به علت نشتِ گاز آمونیاک چهار نفر می‌میرند و چندین نفر مسموم و در بیمارستان بستری می‌شوند. &lt;br /&gt;
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‎&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; ماریا کارولینا دِخه‌روس&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;  Maria Carolina de Jesus  در میان خاکروبه‌ها و لاشخورها زاده شد. بزرگ شد، رنج برد، سخت کار کرد؛عاشق دو مرد شد، بچه‌هائی پیدا کرد. عادت داشت که در دفترچهء یادداشت کوچکی، به خط بد، جریان کارها و ماجراهای روزانهء خود را بنویسد. خبرنگاری به طور تصادفی این یادداشت‌ها را خواند و ماریا کارولینا نویسندهء مشهوری شد. کتاب شهر کلبه‌ها، که خاطرات پنج سال زندگی در خومهء مثیف شهر سائوپائولو است، به سیزده زبان ترجمه و در چهل کشور خوانده شد.  ماریا کارولینا »سیندرلای: برزیل، محصول دنیای مصرف، شهر کلبه‌ها را ترک گفت، دور دنیا سفر کرد، عکس‌ها و مصاحبه‌هایش در روزنامه‌ها چاپ شد، جوایز منتقدان را ربود، در مجالس تجیب‌زادگان مورد پدیرائی قرار گرفت و به ملاقات روسای جمهور نائل آمد. و سال‌ها گذشت‌... در آغاز سال ۱۹۷۷، در سپیده دم یک روز یکشنبه، ماریال کارولینا دِ خه‌زوس در میان خاکروبه‌ها و لاشخور‌ها جان سپرد. اکنون زنی را که نوشته بود: «گرسنگی دینامیت بدن انسان است. » دیگر کسی به یاد نمی‌آورد. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎او که با ته‌مانده ‌های دیگران زندگی کرده بود، به صورتی گذرا توانست یکی از برگزیدگان شود. اجازه یافت سرمیز بنشیند. اما پس از خوردن دِسِر، طلسم شکست. و در حالی که رویای او پایان می‌گرفت برزیل باز همان کشوری بود که هر روز در آن صدها گارگر در حوادث کار ناقص می‌شوند و از هر ده کودک یکه به دنیا می‌آیند، چهارتن‌شان گدا، دزد، یا شعبده باز می‌شوند. علیرغم آمار که تبسمی خوشبینانه دارند، هتکِ مردم پاره شده است. در نظام‌هائی که وارونه‌سازمان یافته اند، هنگامی که اقتصاد رشد می‌کند بیعدالتی اجتماعی نیز با آن رشد می‌یابد. در موفقیت‌ترین دورهء «معجزه» برزیل، میزان مرگ و میر کودکان در حومه‌های ثروتمندان شهر کشور افزایش یافت. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎رونق اقتصادی ناگهانی که صنعت نفت در اکوادور پدید آورد به جای مدرسه و بیمارستان، تلویزیون رنگی به مردم ارزانی داشت.  شهرها تا مرز انفجار از جمعیت انباشته می‌شوند. در سال ۱۹۵۰، در آمریکای لاتین شش شهر دارای جمعیتی بیش از بیک میلیون نفر بود. در سال ۱۹۸۰، تعداد آن‌ها به ۲۵ خواهد رسید {{نشان|21}}. گروه‌های عظیم کارگران، رانده شده از روستاها‌، در حاشیهء مراکز بزرگ شهری، در همان سرنوشتی سهیم می‌شوند که نظام حاگم به «تفاله‌» های جوان شهر‌نشین اختصاص داده است. در آمریکای لاتیت‌ِ فرومایگان،، شکل‌های هنرمندانهء زنده ماندن ای‌«لاشخور»ها کامل شده است. « نظام تولید، طی مدتی مدید نشان داده است که برای جذب نیروی فزاینده‌ء کار در منطقه، به ویژه در مجتمع‌های بزرگ کارگری شهرها به طرزی مشهود از این که اشتغال مولد ایجاد کند ناتوان است‌...»{{نشان|22}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎یکی از بررسی‌های &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سازمان بین‌المللی کار&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; چندی پیش نشان می‌داد که در آمریکای لاتین بیش از ۱۱۰ میلیون نفر در شرایط « فقر شدید» زندگی می‌کنتند. از این تعداد ۷۰ میلیون نفر را می‌توان بینوا نامید {{نشان|23}}. خورد و خوراک چند درصد جمعیت از جد لزوم پائین‌تر است؟ به زبان خبرگان ۴۲ درصد جمعیت &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;برزیل&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، ۴۳ درصد مردم &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;کولومبیا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، ۴۹ درصد مردم &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;هندوراس&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;،* ۳۱ درصد مردم &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;مکزیک&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، ۴۵ دردصد مردم &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پرو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، ۲۹ درصد مردم &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;شیلی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، ۳۵ درصد مردم &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اکوادور‌&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; «درآمدی کمتر از هزینهء حداقل تغذیهء متعادل » دارند{{نشان|24}}.&lt;br /&gt;
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‎در سرزمین‌های ما، صنعت ترس و وحشت، مانند هر صنعت دیگر بهای گرانی به &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;دانش فنی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; بیگانه می‌پردازد. تکنولوژی زور و فشار آمریکای شمالی که در چهار گوشهء کرهء زمین مورد آزمایش قرار گرفته، در مقیاسی وسیع خریداری و به کار بسته شده است. اما خلاف عدل و انصاف خواهد بود اگر در این زمینه استعدادهای خلاقه‌ئی را که در میان طبقات حاکم آمریکای لاتین وجود دارد را باز نشناسیم. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎بورژوازی‌های ما، بدون وابستگی اقتصادی‌، توان توسعه نداشتند و کوشش آن‌ها برای ایجاد صنعتی ملی حالت پریدن مرغ خانگی را پیدا کرد: پروازی کم اوج و کوتاه. در جریان فرایند تاریخی ما، خداوندان قدرت نیز در فقدان تحلیل سیاسی و سترون بودن فرهنگی خود شواهد کافی ارائه کرده‌اند. اما در عوض، استقرار دستگاه عظیم ترس را ترتیب داده در فن نابود سازی انسان‌ها و اندیشه‌ها ابداعاتی هم داشته‌اند. تجربهء تازهء کشورهای منطقهء &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ریو ده لاپلاتا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; Rio de la Plata  چمصب بزرگی که بین دو کشور &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اوروگوئه &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;و &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;آرژانتین &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; قرار گرفته است در این زمینه بسیار روشنگر است. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎افسران آرژانتینی، هنگامی که قدرت را به‌دست گرفتند هشدار دادند که: «وظیفهء گندزدائی ما، مدتی به درازا خواهد کشید!» - طبقات حاکم در اوروگوئه و آرژانتین پی در پی از نیروهای مسلح خواسته‌اند نیروهای خواستار دگرگونی را در هم شکنند و ریشه‌شان را براندازند، نظام امتیازات ویژهء داخلی را استوار کنند و شرایط اقتصادی و سیاسی‌ئی به وجود آورند که جلب کنندهء سرمایه‌های خارجی باشد: پاک‌سازی سرزمین، نظم در کشور، و نیروی کار ارزان و فرمانبر و مردم کشور بلافاصله مبدل به دشمن داخلی شدند. هرگونه نشانهء زندگی، اعتراض، یا تردید ساده، از دیدگاه اصول‌ِ نظامی‌ِ امنیت‌ِ ملی تهدیدی خطرناک به شمار می‌آید. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎بدین‌ سان ، مکانیسم‌های پیچیده‌ئی برای پیشگیری و مجازات تهیه و تنظیم شده است. &lt;br /&gt;
در زیر این ظواهر منطقی ژرف نهفته است: برای آن که بتوان با &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;کارآمدی عمل کرد&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، زور و فشار باید &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;مطلق باشد&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;. جز نفس کشیدن، هر فعالیت دیگر انسانی جنایتی به شمار می‌آید. در اوروگوئه، شکنجه به مثابهء  اصلی در امر بازجوئی به کار برده می‌شود: هر کسی ممکن است قربانی آن شود، نه فقط کسانی که مظنون یا مرتکب اقدامات مخالفت آمیزند و بدین طریق هراس از شکنجه، همچون گازی فلج کننده که به خانه‌ئی راه می‌یابد و در روح هر شهروندی ریشه می‌ند، در میان همهء شهروندان پراکنده می‌شود. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎شکار انسان در شیلی ۳۰ هزار کشته بر جای گذاشته است، اما در &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;آرژانتین&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; کسی را تیرباران نمی‌کنند: بل‌که اشخاص مورد‌نظر را به سادگی می‌ربایند. قربانیان ناپدید می‌شوند. سپاهیان ناپیدای شب، وظیفه را انجام می‌دهند. دیگر نه جسدی در میان است نه این که کسی گناهکار و مسئول شناخته می‌شود. بدین سان، کشتار- که همیشه غیر رسمی است، و نه رسمی - بدون این که کم ترین مجازاتی در کار باشد انجام می‌گیرد، و &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بدین طریق نگرانی جمعی بازتابی شدیدتر پیدا می‌کند. کسی حساب پس نمی‌دهد، کسی توضیح نمی‌دهد. هر جنایتی تردیدی‌ است دردناک برای کسانی که به قربانی نزدیکند، و نیز هشداری است برای دیگران. تروریسم دولتی‌، مردم کشور را از طریق ترس فلح می‌کند.&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎در &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اوروگوئه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; برای پیدا کردن کار یا از دست ندادن آن، لازم که انسان مورد التفات مقامات نظامی باشد. در کشوری که پیدا کردن کار در خارج از مراکز پلیس و سربازخانه‌ها بسیار دشوار است. این ضرورت، تنها باعث آن نشده است از ۳۰۰ هزار شهروندانی که دست چپی شناخته شده‌اند تعداد زیادی از کشور خارج شوند، بل این فایده را هم داشته است که  ماندگارها را به شدت مورد تهدید قرار دهد. برای روزنامه‌های مونته‌ویده‌ئو چاپ توبه‌نامه‌ها و آگهی‌های شهروندانی که از راه احتیاط بر سینهء خویش می‌کوبند که‌ «من نیستم‌، هیچ وقت نبوده‌ام‌، و هرگز هم نخواهم بود‌» امری بسیار عادی شده است. &lt;br /&gt;
‎در &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;آرژانتین&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; دیگرلازم نیست کتابی را با صدور اخطاریه‌ئی ویژه ممنوع اعلام کنند. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;قانون جزای&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; جدید‌، نویسنده‌ و ناشر هر کتابی را که «مخرب» شناخته مانند گذشته مجازات می‌کند. ولی فراتر از این‌، صاحب چاپخانه را هم به مجازات می‌رساند تا کسی جرات نکند متنی را که تنها احتمال می‌رود مورد سوءظن باشد چاپ کند؛ و در صورتی که این هم کافی به نظر نیاید خواننده را نیز مجازات می کند تا کسی جرات خواندان آن را هم به خود ندهد چه رسد به این که از آن برای خودش اساس عقیده‌ئی هم بتراشد! بدین سان با مصرف کننده‌ء کتاب همان رفتاری می‌شود که برای مصرف کننده‌ء داروهای مخدر پیش‌بینی کرده است {{نشان|25}}. در این طرح جامعهء کرولال، هر شهروندی باید « مفتش عقیده‌ء» خود شود. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎در &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اوروگوئه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، لو ندادن همسایه جرم به شمار می‌آید. دانشجویان هنگام ورود به دانشگاه سوگند‌نامه‌ئی امضا می‌کنند که هر که را در محوطهء دانشگاه دست به «هر گونه فعالیتی نامرتبط با درس خواندن‌» بزند معرفی خواهندکرد. بدین سان دانشجو خود را در هر ماجرائی که تاحتمالا در حضور وی اتفاق افتد مسوول می‌کند. در این طرح جامعهء کسانی که خوابیده راه می‌روند، هر شهروندی باید پلیس خود و دیگران باشد. به هر حال، این نظام به راستی غیرقابل اعتماد است. در اوروگوئه تعداد افراد پلیس و سربازان به صد هزار نفر می‌رسد، ولی تعداد خبرچین‌ها نیز صدهزار نفر است. جاسوسان در خیابان‌ها، کافه ها و اتوبوس‌ها، در کارخانه‌ها و دبیرستان‌ها، در ادارات و در ادانشگاه به کار مشغولند. هر کس به صدای بلند زبان به شکایت بگشاید که زندگی سخت و گران است بی‌گمان گذارش به زندان خواهد افتاد زیرا « جرمی بر ضد روحیه‌ء نیروهای مسلح‌» مرتکب شده است که سزای آن سه تا شش سال زندان است. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
۱۸&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎در رفراندوم ماه ژانویه ۱۹۷۸، رای آری برای دیکتاتوری پینوشه را با علامت صلیبی زیر پرچم شیلی مشخص کرده بودند، و رای نه را زیر مستطیلی سیاه. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎نظام حاکم می‌خواهد با کشور یکی پنداشته شود. نظام حاکم، خودِ کشور است. این‌، محتوای تبلیغات رسمی است که مردم شب و روز با آن بمباران می‌شوند. دشمن‌ِ نظام‌ِ حاکم، خاٍن وبه سرزمین‌ِ اجدادی به حساب می‌آید. گواه‌ِ حدودِ خشم و نفرت مردم از بی‌عدالتی و آرزوی تغییر و دگرگونی‌، فرار از کشور است. در بسیاری از کشورهای آمریکای لاتین کسانی که به آن سوی مرزها تبعید نشده‌اند از تبعید در داخل سرزمین خود رنج می‌برند. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎اما در همان هنگامی که پینوشه پیروزی خود را جشن گرفته بود، رژیم دیکتاتوری او اعتصاباتی را که علی‌رغم حکومت ترس و وحشت در سراسر شیلی برپا می‌شد «غیبتِ دست جمعی‌ِ کارگران‌» نام گذاشته بود. اکثریت کسانی که در &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;آرژانتین&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; ربوده یا ناپدید شده‌اند کارگرانی هستند که به فعالیت‌های اتحاديهء کارگری پرداخته بودند. در تخیلات پایان‌ناپدیر مردم‌، پیوسته شکل‌های جدیدی از مبارزه بارور می‌شود: &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;کم‌کاری و عدم همکاری&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; و همبستگی‌، راه‌های تازه‌ئی برای رهائی از ترس کشف می‌کند. بسیاری از اعتصابات همکانی آژانتین‌، در سال ۱۹۷۷ روی داد که خطر از دست دادن زندگی از خطر از دست دادن کار و شغل کم‌تر نبود. قدرت واکنش نشان دادن طبقه‌ء کارگرِ سازمان یافته و دارای سنت طولانی مبارزه را نمی‌توان با یک نوشته از میان برد. در ماه مه همان سال‌، هنگامی که دیکتاتوری اوروگوئه ترازنامهء برنامه‌های شست و شوی مغزی و اخته سازی دست جمعی خود را تنظیم می‌کرد مجبور شد اعتراف کند که « هنوز سی و هفت درصد شهروندان کشور به سیاست علاقه‌مند هستند.»{{نشان|26}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎ما در این سرزمین ها با کودکی‌ِ وحشیانهء سرمایه‌داری روبه‌رو نیستیم‌، بلکه فرتوتی‌ِ خونبار آن را مشاهده می‌کنیم. کم توسعگی مرحله‌ئی از توسعه نیست‌، بلکه منتجهء آن است. کم توسعگی آمریکای لاتین ناشی از توسعهء بیگانگان است و هنوز هم به آن سوخت می رساند. نظام حاکم که به علت نقش بندگی‌ِ بین‌المللی خود ناتوان و از لحظهء تولد در حال احتضار است پایش در گل است. خود را به طور مسلم سرنوشت کشور می‌پندارد و می‌خواهد که ابدمدت انگاشته شود. هرگونه خاطره‌ئی خرابکار است، زیرا که متفاوت است‌؛ هم‌چنین هر طرح ناظر به آینده‌ئی این اژدهای خواب آلود را وادار می‌کند که بدون نمک غذا بخورد: نمک خطرناک است، ممکن است بیدارش کند. نمونهء بارز نظام حاکم را که در جامعهء ساکن‌ِ مورچگان می‌توان دید. به همچنین دلیل هر قدر هم که دگرگونی پیدا کند با تاریخ بشری سازگار نیست، چرا که در تاریخ بشری، هر اقدام ویرانگرانه‌ئی دیر یا زود با اقدامی خلاق پاسخ خواهد گرفت. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎بارسلون - آوریل ۱۹۷۸&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
‎&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ترجمهء رامین شهروند&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
   &lt;br /&gt;
==یادداشت‌ها==&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
 ۱. {{پاورقی|۱}}&lt;br /&gt;
۲. {{پاورقی|۲}}&lt;br /&gt;
۳. {{پاورقی|۳}}&lt;br /&gt;
۴. {{پاورقی|۴}}&lt;br /&gt;
۵. {{پاورقی|۵}}&lt;br /&gt;
۶. {{پاورقی|۶}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ‌چین}} 15. {{پاورقی|15}}. United Nations, ECLA, op. cit., note 19{{پایان چپ‌چین}}&lt;br /&gt;
{{چپ‌چین}}16. {{پاورقی|16}}. UNCTAD, &amp;quot;The Marketing and Distribution System for Bananas&amp;quot;, December 1974. {{پایان چپ‌چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
    &lt;br /&gt;
    &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
       &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[رده:کتاب جمعه ۱۳]]&lt;br /&gt;
[[رده:کتاب جمعه]]&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Pouya</name></author>
	</entry>
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		<id>http://irpress.org/index.php?title=%D9%BE%D8%B3_%D8%A7%D8%B2_%D9%87%D9%81%D8%AA_%D8%B3%D8%A7%D9%84&amp;diff=25141</id>
		<title>پس از هفت سال</title>
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		<updated>2011-09-22T21:34:48Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;Pouya: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[Image:13-003.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۳|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۳]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-004.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۴|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۴]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-005.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۵|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۵]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-006.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۶|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۶]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-007.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۷|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۷]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-008.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۸|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۸]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-009.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۹|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۹]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-010.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۰|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۰]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-011.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۱|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۱]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-012.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۲|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۲]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-013.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۳|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۳]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-014.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۴|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۴]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-015.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۵|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۵]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-016.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۶|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۶]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-017.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۷|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۷]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-018.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۸|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۸]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-019.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۹|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۹]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-020.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۰|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۰]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-021.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۱|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۱]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-022.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۲|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۲]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-023.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۳|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۳]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-024.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۴|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۴]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-025.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۵|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۵]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-026.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۶|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۶]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-027.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۷|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۷]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-028.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۸|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۸]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-029.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۹|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۹]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-030.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۳۰|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۳۰]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-031.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۳۱|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۳۱]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-032.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۳۲|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۳۲]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-033.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۳۳|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۳۳]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{در حال ویرایش}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
«نوشتن چه سودی دارد اگر برای مبارزه با موانعی نباشد که نظام حاکم در برابر پیام مخالفان قرار می‌دهد؟» این، پیام دلاورانۀ &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ادواردو گالیانو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; است. آری، به‌راستی سودش چیست؟- نوشتن یا آفرینش هنری، اگر برای محکوم کردن بی‌انسانیتی نظام حاکم و زمانِ ما نباشد معنایش چیست؟&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
هرچند درست است که هنر و ادبیات از راه ستایش لحظه‌های آسایش زندگی، زندگی را زیور می‌بخشد. و درست است که نقش هنر و ادبیات و شعر و موسیقی، لذت بردن هرچه بیش‌تر ما از زندگی، و ژرف‌تر و آهنگین‌تر و پر معنا کردنِ روابط، با یکدیگر است؛ اما انسان چه‌گونه می‌تواند ستایشگر دنیائی باشد که در آن، بیش‌تر انسان‌ها تنها از آن رو «می‌زیند»که لذایذ بیرحمانۀ حیات گروهی اندک را که به‌اصطلاح «صاحبان امتیازات ویژه»‌اند تأمین کنند؟ انسان چه‌گونه می‌تواند با نظامی هماهنگ شود که پیوسته در کارِ مکیدنِ خونِ رگ‌های باز است؟ - رگ‌های باز، تنها در آمریکای لاتین نیست بلکه یک سر از ویژگی‌هایِ تمامی جهان سوم است.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
برای ما، در جهان سوم، زمان، زمان بحران است نه زمان ستایش و شادمانی! زمان نگرش به‌واقعیت خویش و تفکر و اندیشۀ انتقادی است، نه خیالبافی‌های عرفانی. زمان مبارزه است و در این مبارزه، ما نیاز به‌صدائی داریم که نظام ستمگر را رسوا و بی‌انسانیّتیِ آن را محکوم کند و امید به‌آینده را به‌ما دهد. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ادواردو گالیانو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; چنین صدای راستینی است که نه تنها برای آمریکای لاتین، بل برای سراسر جهان سوم و در واقع برای تمامی بشریت سخن می‌گوید.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
۱&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
هفت سال از زمان چاپ نخست&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;رگ‌های بازِ آمریکای لاتین&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; می‌گذرد. این کتاب برای آن نوشته شده بود که با مردم به‌گفت‌و گو بپردازد. نویسنده‌ئی ناخبره، مردمی ناخبره را مورد خطاب قرار داده بود تا پاره‌ئی حقایق را که تاریخ رسمی- تاریخی که فاتحان نوشته‌اند- پنهان داشته یا تحریف کرده است فاش شود.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
هیجان‌آمیزترین پاسخ‌ها و واکنش‌ها نه از صفحات ادبی روزنامه‌ها، بل از متن زندگی واقعی رخ نمود، آن هم به‌صورت رویدادهائی در کوچه و خیابان. به‌عنوان مثال، دختری که در اتوبوسی کتاب را برای دوستی که پهلویش نشسته بود می‌خواند، سر انجام به‌پا خواسته در حالی که اتوبوس از خیابان‌های &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بوگوتا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; می‌گذشت، قسمتی از آن را به‌صدای بلند برای همۀ مسافران خوانده بود. یا، زنی که طی روزهای کشتار از &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سانتیاگو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; (پایتخت شیلی)می‌گریخت کتاب را لای قنداقۀ کودکش پنهان کرده بود. یا،  دانشجوئی که قدرت خرید کتاب را نداشت یک هفتۀ تمام در خیابان&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;کوری‌یِن‌تِس&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; محلۀ کتابفروش‌های &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;شهر بوئنوس آیرس&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; از این کتابفروشی به‌آن کتابفروشی رفته در هر کدام چند صفحه از کتاب را خوانده بود!&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
هم‌چنین بهترین تعریفی که از این کتاب شد از طرف نقدنویسان متخصص نبود، این تعریف را دیکتاتورهای نظامی کردند، آن هم از طریق ممنوع کردن کتاب! – به‌عنوان مثال، &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;رگ‌های باز&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; در کشور خود من- &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اروگوئه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;- قابل چاپ و پخش نیست. همین طور در&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;شیلی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;. در&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;آرژانتین&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; هم مقامات دولتی در رادیو و تلویزیون و روزنامه‌ها آن را به‌عنوان «وسیلۀ فساد جوانان»محکوم کرده‌اند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بلاس داوته‌رو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; [شاعر معاصر برجستۀ اسپانیولی]می‌گفت: «آن‌ها اجازه نمی‌دهند چیزهائی که من می‌نویسم دیده شود، چون من فقط چیزهائی را که می‌بینم می‌نویسم!»&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
به‌عقیدۀ من، با توجه به‌تمامی چیزهائی که گفته شده و انجام گرفته است، اگر شادمانه ادعا شود که &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;رگ‌های باز&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; کتابی نبوده که پژواکی نداشته باشد، نباید به‌قمپز در کردن تعبیرش کنند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
۲&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
این نکته که &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;رگ‌های باز&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; – این&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;کتاب راهنمایِ&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; پرده دری‌ها و فاش‌سازی‌ها- اقتصاد سیاسی را به‌سبک سرگذشت عشقی با قصۀ دزدهای دریائی مورد بحث قرار داده است باید سخت کفرآمیز به‌نظر آمده باشد. این را خودم هم می‌دانم. امّا باید اعتراف کنم که برای من، خواندن پاره‌ئی از مطالعات پرارزشی که بعضی جامعه‌شناسان، سیاست‌شناسان، اقتصاددانان و مورخان به‌زبان رمز می‌نویسند کاری بس دشوار است. زبان سربستۀ علمی، همیشه هم الزاماً بهای عمق و دانش زیاد نیست. حتی در پاره‌ئی موارد ناتوانی امر برقرار کردنِ ارتباط به‌سادگی تمام ممکن است، اعتلای فضایل روشنفکرانه جلوه کند. به‌گمان من دلزدگی ناشی از این امر بیش‌تر نظام مستقر را تبّرک می‌کند و تأکید می‌کند که دانش، امتیاز ویژۀ &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;نخبگان&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; است.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
به‌طور گذرا می‌توان گفت مشتی از آثار ادبیات مبارز نیز که برای مردمی معتقد نوشته می‌شود، معمولاً به‌چنین سرنوشتی گرفتار می‌آیند. زبانی که همین جور سرسری جمله‌های حاضر و آماده را با همان صفت‌ها و موصوف‌های مرسوم و همان شیوۀ بیان آهنگین معمول برای همان گوش‌های همیشگی تکرار می‌کند، هر قدر هم که فصاحت انقلابی داشته باشد به‌نظر من سازشکارانه می‌نماید. شاید این نوع ادبیاتِ محدودِ کم‌مایه به‌همان اندازه از انقلاب به‌دور باشد که ادبیات هرزۀ جنسی از ادبیات عاشقانه.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
۳&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
انسان می‌نویسد، تا سؤال‌هائی را که در سرش وزوز می‌کنند، این مگس‌های سمجی را که خواب از چشمش می‌ربایند، بیازماید و برای‌شان پاسخی پیدا کند و آن چه انسان می‌نویسد، اگر به‌ترتیبی با نیاز جامعه به‌یافتن فلان پاسخ منطبق شود، می‌تواند معنائی جمعی به‌دست آورد. من &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;رگ‌های باز&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; را برای آن نوشتم که اندیشه‌ها و تجارب شخصی گوناگونم را منتشر کنم تا شاید خصوصیت واقع‌بینانۀ آن‌ها بتواند کم‌و بیش مشتی از آن همه سؤال را که علی‌الدوام آزارمان داده است روشن کند: آیا آمریکای لاتین منطقه‌ئی از دنیاست که محکوم به‌تحمل خفت و فقر است؟ محکوم از طرف که و به‌چه دلیل؟ خطای خدا یا خطای طبیعت؟ آب و هوای طاقت‌فرسا و نژادهای پست؟ مذهب و آداب و رسوم؟ آیا این تیره‌بختی منتجّۀ تاریخ نیست که آن را انسان ساخته است؟ و بنابراین، آیا انسان نمی‌تواند آنها را دیگرگون کند؟&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
تجلیل گذشته، به‌نظر من، همیشه امری ارتجاعی بوده است. دست راستی‌ها&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;گذشته&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; را برمی‌گزینند چون&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;گذشته&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، مردگان را برتر و بهتر می‌شمارد: دنیائی ناآشفته و دوران‌هائی ناآشفته. قدرتمندان که امتیازات ویژۀ خود را از طریق ارث بردن مشروع می‌کنند دلتنگیِ خیال‌انگیزِ گذشته را می‌پرورند. انسان هنگامی که به‌تماشای موزه‌ئی می‌رود، به‌مطالعۀ تاریخ می‌پردازد. و این مجموعۀ مومیائی‌ها وسیله‌ئی است برای سوء‌استفاده از اعتماد و اطمینان مردم. آن‌ها دربارۀ گذشته به‌ما دروغ می‌گویند هم‌چنان که دربارۀ زمان حاضر نیز دروغ می‌گویند: واقعیت را پنهان می‌کنند و ستم‌دیده را وامی‌دارند خاطره‌ئی را که ستمگر برای او ساخته و چیزی ناآشنا هزار وصله و بیهوده است از آن خود بداند، تا بدین سان او خود را کنار کشد و زندگی‌ئی را بپذیرد که از آنِ او نیست، امّا انگار تنها زندگی‌ئی است که برای او ممکن است.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;رگ‌های باز&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، چنین می‌نماید که گذشته، بسان خاطرۀ زندۀ روزگارِ ما، از سوی زمان حاضر فراخوانده شده است. این کتاب، جست‌و جوئی است برای یافتن کلیدهای تاریخ گذشته، تا شاید از آن رهگذر زمان حاضر را (که آن نیز در حال ساختن تاریخ است)تشریح و تبیین بتوان کرد، و منطق حکم کرده است که نخستین شرطِ دگرگون کردنِ واقعیت، شناختن آن است. در این جا، فهرست قهرمانانی که پنداری برای شرکت در مجلس رقص البسۀ عجیب و غریب پوشیده‌اند یا به‌هنگام مرگِ در عرصۀ کارزار جمله‌های شکوهمند و پرهیبت و بالا بلند بر زبان می‌آورند در دسترس ما‌قرار نمی‌گیرد، بلکه صدا و گذرِ گام‌های گروه‌های عظیمی را وارسی می‌کنیم که گام‌های امروزین ما را پیشگوئی می‌کند. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;رگ‌های باز&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; از واقعیت مایه گرفته، اما از کتاب‌هائی دیگر و از خودش بهتری نیز سود برده است که، ما را یاری کرده‌اند تا بدانیم چیستیم، تا بدانیم چه می‌توانیم باشیم؛ ما را یاری کرده‌اند تا یقین کنیم که از کجا آمده‌ایم و بهتر بتوانیم حدس بزنیم که به‌کجا می‌رویم. آن واقعیت و آن کتاب‌ها نشان می‌دهند که توسعه نیافتن آمریکای لاتین نتیجۀ توسعه یافتن بیگانگان است: مردم آمریکای لاتین فقیرند چون خاکی که بر آن گام می‌گذاریم غنی است و جاهائی را که طبیعت مزیت و نعمت بخشیده باشد تاریخ نفرین کرده است. در این دنیای ما، دنیای مراکز قدرتمند و حومه‌های قدرت زده و زیر سلطه، ثروتی نیست که به‌دست آوردن آن دست کم«مشکوک»نبوده باشد.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
۴&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در این مدت زمانی که از نخستین چاپِ&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;رگ‌های باز&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; گذشته، تاریخ برای ما هم‌چنان معشوقی ستمکار بوده است.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
نظام حاکم، ترس و گرسنگی را چند برابر کرده است. ثروت به‌تمرکز، و فقر به‌گسترده شدن ادامه داده است. در اسناد و مدارک سازمان‌های&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;تخصصی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; بین‌المللی که زبان بی‌آلایش‌شان &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;مناطق ستم‌زدۀ&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; ما را «کشورهای در فرایند توسعه»و &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;فقرزدگی کینه‌توزانۀ طبقۀ کارگر&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; را «توزیع نزولی درآمد»نام‌گذاری کرده است ما را چنین شناخته‌اند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;عَصّارخانۀ بین‌المللی به‌کار خود ادامه داده است: کشورها در خدمت کالاها، انسان‌ها در خدمت اشیاء&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
با گذشت زمان، آن‌ها شیوه‌های صدور بحران را تکامل می‌دهند. سرمایۀ انحصاری به‌ذروۀ تمرکز خود می‌رسد و تسّلط بین‌المللی بر بازارها و اعتبارات و سرمایه‌گذاری‌ها انتقال مرتب و منظم و فزایندۀ تضادها را امکان‌پذیر می‌کند: حومه‌ها، بدون این که آشفتگی‌ها و نابسامانی‌های مهم رخ دهد، بهای رونق و کامکاری مراکز را می‌پردازند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
«بازار بین‌المللی»هنوز یکی از شاه کلیدهای این عملیات است. در این بازار، شرکت‌های چندملّیتی دیکتاتوری خود را اعمال می‌کنند (چندملّیتی، زیرا چنان که &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سویزی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; [اقتصاددان مشهور آمریکائی]توجیه کرده است در چند کشور عمل می‌کنند اما البته از نظر مالکّیت و کنترلی که دارند در واقع ملی هستند)سازمان جهانی نابرابری، با این واقعیت که امروزه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;برزیل&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;- به‌عنوان مثال- اتومبیل فولکس‌واگن به‌کشورهای دیگر آمریکای جنوبی و بازارهای دوردستِ آفریقا و خاورنزدیک صادر می‌کند، دگرگون نمی‌شود. در واقع، این، شرکتِ فولکس‌واگن&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;آلمانی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; است که دریافته است اگر محصولش را برای پاره‌ئی از بازارها، از واحد فرعی &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;برزیلی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; خود صادر کند برایش با صرفه‌تر است: هزینۀ پائینِ تولید و کارگرِ ارزان از برزیل، و سودهای کلان از آنِ آلمان.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در ضمن، هنگامی هم که بعضِ اقلام مواد خام به‌طرزی معجزه‌آسا از نفرین قیمت‌های پائین رهائی یابد هرگز مخاطره‌ئی پیش نمی‌آورد. وضع نفت از سال 1973 به‌این طرف چنین بوده است. مگر نفت دادوستدی بین‌المللی نیست؟ &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;استاندارد اویل&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; نیوجرسی، که اکنون&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اکسان&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; نام دارد،&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;رویال داچ‌شِل&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; یا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;گُلف&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;. – آیا این‌ها کشورهای عربی هستند یا کشورهای آمریکائی لاتین؟ سهم بیش‌تر از آنِ کیست؟ و بسیار فاش کننده بود تهمت‌های پر سروصدائی که به کشورهای تولیدکنندۀ نفت وارد آوردند.- آن‌ها جرأت کرده بودند از بهای نفت خود دفاع کنند و بی‌درنگ سپر بلای تورم و بیکاریِ کارگران اروپا و آمریکا شدند. آیا کشورهای- «توسعه یافته»هرگز پیش از بالا بردن بهای هر یک از فراورده‌های خود با کسی مشورت می‌کنند؟ بیست سال بود که بهای نفت مرتب پائین آمده بود. مظنۀ پائین و شرم‌آور آن نشانۀ کمک مالی عظیمی بود که به‌مراکز صنعتی بزرگ دنیا می‌شد. از سوی دیگر، فراورده‌های این مراکز روز به‌روز گران‌تر می‌شد. مظنۀ جدید نفت، در ارتباط با افزایش پایان‌ناپذیر بهای فراورده‌های اروپائی و آمریکای شمالی، جز این که آن را به‌سطح سال 1952 بازگرداند کاری نکرده بود. در سال 1973، نفت خام بار دیگر قدرت خریدی را که در دهۀ پیش داشت بازیافت. فقط همین.&lt;br /&gt;
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۵&lt;br /&gt;
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یکی از رویدادهای مهم هفت سال اخیر ملی شدن نفت&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ونزوئلا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; است. این «ملی شدن»وابستگی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ونزوئلا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; در مسایل مربوط به‌تصفیه و عرضۀ نفت به‌بازارها را از میان نبرد، اما حیطه و گسترۀ جدیدی برای خودمختاری به‌وجود آورد. هنوز مدتی از تشکیل شرکت دولتیِ &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;نفت را به‌کار می‌برند]نگذشته بود Petroven که بیش‌تر مخفف آن Petroleos de VENEZUELA]ونزوئلا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; &lt;br /&gt;
که، این شرکت در میان 500 شرکت بسیار مهم آمریکای لاتین مقام اول را به‌دست آورد. برای یافتن بازارهائی جدید سوایِ بازارهای سنتی به‌جست‌وجو پرداخت و خیلی زود توانست مشتریانی تازه پیدا کند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
به‌هر حال هنگامی که دولت مالک ثروت اصلی سرزمین خود می‌شود همیشه به‌جا است که پرسیده شود «مالک خود دولت کیست؟»- ملی شدن منابع اساسی یک کشور، فی‌نفسه مفهومش توزیع مجدد درآمد به‌سودِ اکثریت مردم نیست، و ضرورتاً قدرت یا امتیازات ویژۀ اقلیت حاکم را به‌مخاطره نمی‌افکند. در ونزوئلا، اقتصاد اسراف و اتلاف، دست‌نخورده به‌حیات خود ادامه می‌دهد و در مرکز آن، زیر نور چراغ‌های نئون، یک طبقۀ اجتماعی میلیونر و ولخرج می‌درخشد. در سال 1976، واردات کشور 25 درصد افزایش یافت؛ اقدامی تمام عیار برای تأمین هزینۀ کالاهای فوق تجملی که به‌بازار ونزوئلا سرازیر شده و آن را در خود غرق کرده است. پرستش بت‌وارِ کالاها همچون نشانه و نماد قدرت اوج گرفته است و روابط انسانی به‌حدّ رقابت در مصرف تنزل یافته: در میان اقیانوس توسعه نیافتگی، اقلیتی که دارای امتیازات ویژه است روش زندگی و مدپرستیِ ثروتمندترین افرادِ توانگرترین جوامع دنیا را تقلید می‌کند؛ و در خودنمائی‌های &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;کاراکاس&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; هم، مانند&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;نیویورک&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، سرمایه‌های عالی «طبیعی»- یعنی هوا و نور و سکوت- بیش از پیش گران‌تر و  اَبَرمردِ ناسیونالیسمJuan Pablo Perez Alfonsoکمیاب‌تر می‌شوند. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;خوآن پابلو پِرِز آلفونسو  &lt;br /&gt;
ونزوئلا و پیامبر باز پس‌گرفتن و ملی کردنِ نفت، چنین هشدار می‌دهد: «آهای،مواظب باشید. انسان ممکن است از سوء هاضمه هم مثل گرسنگی بمیرد!» {{نشان|1}}&lt;br /&gt;
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 من نوشتن&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;رگ‌های باز&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; را در آخرین روزهای سال 1970 به‌پایان رساندم.&lt;br /&gt;
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روی تخت عمل مرد. تابوت  Juan Velasco Alvaradoدر آخرین روزهای سال &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;1977 خوان‌ولاسکو آلوارادو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; &lt;br /&gt;
او را بزرگ‌ترین جمعیتی که در خیابان‌های &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;لیما&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; دیده شده بود روی دوش به‌گورستان برد. ژنرال &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ولاسکو آلوارادو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; که در خانه‌ئی محقر در سرزمین‌های خشک شمال &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پرو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; چشم به‌دنیا گشوده بود فرآیندِ اصلاحات اجتماعی و اقتصادی را رهبری کرد. این ژرف‌ترین و فراگیرنده‌ترین کوششی بود که در جهت دگرگونی در تاریخ معاصر کشور او صورت گرفت. با آغاز شورش سال 1968، دولت نظامی نیروی محرک و پویای اصلاحات کشاورزیِ راستین شد و راه را برای باز پس گرفتن منابع طبیعی که سرمایه‌های خارجی غصب کرده بود باز کرد. اما حتی پیش از آن که &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ولاسکو آلوارادو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; چشم از جهان فرو بندد، ختم انقلاب برچیره شده بود. فرآیند آفرینندگی ، عمری بس کوتاه داشت.- دو چیز آن را از پا در آورد: یکی باج سبیل رباخواران و دلالان، و دیگری این حقیقت مسلم که هر برنامه‌ئی، هر قدر هم پدرانه، اگر پایگاه مردمیِ سازمان یافته‌ئی نداشته باشد بی‌دوام است و محکوم به‌فنا.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در شب عید میلاد 1977، در حالی که قلب ژنرال&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ولاسکو آلوارادو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; در &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پرو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; از حرکت باز می‌ایستاد، ژنرالی دیگر که هیج گونه شباهتی به‌وی نداشت، در &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بولیویا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; مشت خود را محکم روی میز    دیکتاتور&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بولیویا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، بدین‌سان به‌تقاضای عفو زندانیان، Hogo Banzerمی‌کوبید. ژنرال &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;هوگو بانزر&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; &lt;br /&gt;
تبعیدشدگان، و کارگران اخراج شده، می‌گفت: «نه!»- چهار زن و چهارده کودک از معادن قلع به &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;لاپاز&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; (پایتخت)آمدند و دست به‌اعتصاب زدند.&lt;br /&gt;
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قضاوت خبرگان چنین بود: «حالا زمانِ این کار نیست؛ موقعش که شد، خودمان خبرتان می‌کنیم...»&lt;br /&gt;
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زن‌ها نشستند روی زمین و چنین گفتند: «ما با شما مشورت نمی‌کنیم، بلکه فقط به‌تان اطلاع می‌دهیم، تصمیم، گرفته شده است. در معادن، همیشه اعتصاب غذاست. چشم به‌دنیا نگشوده اعتصاب غذامان شروع می‌شود. در آن جا ما محکوم به‌مرگ نیز هستیم. البته آهسته آهسته، ولی به‌هر حال محکوم به‌مرگیم.»&lt;br /&gt;
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دولت با مجازات و تهدید واکنش نشان نداد اما اعتصاب غذا نیروهائی را که مدت‌های طولانی در بند مانده بودند آزاد کرد. سراسر&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بولیویا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; تکان خورد و دندان‌های تیز خود را نشان داد. ده روز بعد، دیگر، مسأله فقط بر سرِ غذای چهار زن و چهارده کودک نبود: هزاروچهارصد کارگر و دانشجو دست به‌اعتصاب غذا زده بودند. رژیم دیکتاتوری احساس کرد که زمین زیر پایش دهان باز کرده است. فرمان عفو عمومی گرفته شد.&lt;br /&gt;
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بدین سان دو کشور &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;منطقۀ آند&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; از خط فاصل سال 1977 و 1978 گذشتند. در شمال، در &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;منطقۀ کارائیب&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، کشور&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پاناما&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; در پایان مذاکرات دشواری که با ایالات متحدۀ آمریکا انجام داد، به‌انتظار الغای قرارداد مستعمراتی کانال بود؛ و در&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;کوبا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; مردم در تکاپوی برگزاری جشن انقلاب سوسیالیستی خود بودند، جشن هفدهمین سال زندگی پیروزمند خویش. چند روز بعد، در &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;نیکاراگوا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، مردم خشمگین به‌خیابان‌ها ریختند. دیکتاتور&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سوموزا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، پسر دیکتاتور&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سوموزا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، از سوراخ کلید نگاه می‌کرد. خشم مردم ساختمان‌های چندین شرکت را به‌آتش کشید. یکی از این  ، که در آغاز سال 1978 آتش زده شد متعلق Plasmaferesisشرکت‌ها، به‌نام&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پلاسما فره‌سیس  &lt;br /&gt;
به‌تبعیدشدگان کوبائی بود که خون مردم&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;نیکاراگوا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; را به‌ایالات متحده می‌فروخت. (در دادوستد خون هم مانند هر دادوستد دیگر آنچه به‌دست تولیدکنندگان می‌رسد اندکی بیش‌تر از «پول چائی»است.  برای هر لیتر خون که در بازار آمریکای Hemo Caribbeanبه‌طور مثال شرکت &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;همو کاریبئین&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;  &lt;br /&gt;
شمالی به‌بیست و پنج دلار فروش می‌رود سه دلار به‌مردم &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;هائیتی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; می‌پردازد.)&lt;br /&gt;
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۷&lt;br /&gt;
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مقاله‌ئی چاپ، و اعلام کرد که حکومت Orlando Letelierدر ماه اوت1976،&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اورلاندو لِته‌لی‌یر&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;  &lt;br /&gt;
وحشت دیکتاتوری&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پینوشه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; و «آزادی اقتصادی»گروه‌های کوچک اداری امتیازات ویژه دو روی یک‌سکه است. {{نشان|2}}وی یکی از وزیران دولت &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سالوادور آلنده&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بود. در ایالات متحده در تبعید به‌سر می‌برد، و در همین جا بود که چندی بعد بمبی او را تکه‌تکه کرد. {{نشان|3}}او در مقاله‌اش چنین استدلال کرده بود که سخن گفتن از رقابت آزاد، در اقتصادی مانند اقتصاد شیلی- که تابع انحصاراتی است که هر وقت بخواهند با قیمت‌ها بازی می‌کنند- بیهوده است. و در کشوری که اتحادیه‌های واقعی کارگری غیرقانونی اعلام شده‌اند و حقوق و دستمزدها را شورای نظامی تعیین می‌کند، دم زدن از حقوق حقۀ کارگران خنده‌دار است. وی در این مقاله شرح می‌داد چگونه به‌دست آورده بودند Unidad popularپیروزی‌هائی که مردم شیلی در زمان دولت&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اتحاد خلق&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; &lt;br /&gt;
به‌طور کامل از میان رفته است. از انحصارات صنعتی که &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سالوادور آلنده&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; ملی کرده بود، رژیم دیکتاتوری نیمی را به‌صاحبان پیشین بازگرداند و نیمی دیگر را به‌معرض فروش گذاشت. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;فایرستون&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، ، کارخانۀ عظیم Parsonos Whitmoreکارخانۀ لاستیک‌سازی ملی را خرید و&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پارسونز و ویتمور&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; &lt;br /&gt;
خمیر کاغذسازی را... اقتصاد شیلی، به‌گفتۀ&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;لته‌لی‌یر&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، حتی از دورۀ پیش از به‌قدرت رسیدن &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;آلنده&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; هم بیش‌تر متمرکز و انحصاری شد. {{نشان|4}}&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;در آمریکای لاتین آزادی عمل شرکت‌ها با آزادی‌های مدنی هیچ سازگاری ندارد: نه این همه مذاکرات آزاد شرکت‌ها سابقه داشته است، نه این همه دستگیری و زندانی شدن مردم. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; و اما آزادی بازارها؟- از آغاز سال 1975 قیمت شیر در شیلی «آزاد»اعلام شد. نتیجۀ این اقدام طولی نکشید که ظهور کرد. دو شرکت بر بازارها مسلط شدند. قیمت شیر بلافاصله برای مصرف‌کنندگان 40 درصد افزایش یافت، در حالی که برای تولیدکنندگان 22 درصد پائین آمد!&lt;br /&gt;
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مرگ‌ومیر کودکان، که در دورۀ حکومت&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اتحاد خلق&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; به‌میزان قابل توجهی پائین آمده بود، پس از به‌قدرت رسیدن&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پینوشه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; جهشی چشمگیر یافت. هنگامی که&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;لته‌لی‌یر&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; در یکی از خیابان‌های&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;واشینگتن&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; به‌قتل رسید، یک چهارم مردم شیلی هیچ درآمدی نداشتند اما یا به‌لطف صدقه‌های خیرخواهانۀ مردم کشورهای دیگر یا به‌علت سرسختی خود و بخورنمیری که به‌نحوی به‌دست می‌آوردند زنده ماندند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
شکافی که در آمریکای لاتین میان بهزیستی گروهی اندک و تیره‌روزی اکثریت مردم وجود دارد بسی عمیق‌تر از شکافی است که در اروپا یا ایالات متحده میان این دو طبقه دیده می‌شود. در نتیجۀ روش‌هائی هم که برای حفظ این شکاف لازم است وحشیانه‌تر است. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;برزیل&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; دارای ارتشی عظیم و کاملاً مجهز است، اما تنها پنج درصد بودجۀ کشور صرف آموزش و پرورش می‌شود. در&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اوروگوئه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; نیمی از بودجۀ کشور در حال حاضر به‌نیروهای مسلح و پلیس اختصاص دارد. یک پنجم جمعیت فعال کشور از راه جاسوسی و تعقیب یا مجازات دیگران زندگی می‌کنند.&lt;br /&gt;
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بدون تردید یکی از مهم‌ترین رویدادهای این دهه، در سرزمین‌های ما، سرگذشت غمبارِ شورش نظامی در شیلی بود که در یازدهم سپتامبر، دولت دموکرات &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سالوادور آلنده&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; را واژگون کرد و کشور را در حمام خون غوطه داد.&lt;br /&gt;
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اندکی پیش از آن، در ماه ژوئن، کودتائی در &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اوروگوئه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; پارلمان را منحل کرد، اتحادیه‌های کارگری را غیرقانونی شناخت و هرگونه فعالیت سیاسی را ممنوع اعلام داشت. {{نشان|5}}&lt;br /&gt;
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در ماه مارس 1976، ژنرال‌های&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;آرژانتین&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; به‌قدرت بازگشتند: دولت بیوۀ &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;خوآن دومینگو پرون&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;       &lt;br /&gt;
که از درون فاسد شده بود بدون ماتم و بدون سرافرازی فرو ریخت.Juan Domingo Peron&lt;br /&gt;
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این سه کشور جنوبی آمریکای لاتین، اکنون، جراحتی بر پیکر دنیا هستند و منبع دائمی اخبار بد. شکنجه، آدم‌ربائی، آدمکشی، و تبعید اجباری، رسمِ روز شده است. آیا این دیکتاتوری‌ها غدّه‌هائی هستند که باید از ساز واره‌های سالم درآورده شوند یا دمل‌های چرکینی که عفونت نظام حاکم را آشکار می‌کنند؟&lt;br /&gt;
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به‌اعتقاد من، همیشه رابطه‌ئی نزدیک میان شدت تهدید و وحشیانه بودن پاسخ و واکنش وجود دارد. آن چه امروز در&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;برزیل&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; و&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بولیویا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; اتفاق می‌افتد، به‌گمان من، بدون آن که تجربۀ رژیم‌های &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;خوائو   (رئیس جمهوری برزیل، 64-1961)و &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;خوآن خوزه تورس) (رئیس جمهوری  Joao Goulartگولار&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; &lt;br /&gt;
بولیویا، 71-1970)را به‌خاطر آوریم قابل درک نیست. این دولت‌ها، پیش از سقوط، یک رشته اصلاحات اجتماعی انجام داده یک سیاست اقتصادی ناسیونالیستی را به‌مرحلۀ اجرا در آورده بودند که فرایند آن در سال&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; 1964&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; در&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;برزیل&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; و در سال&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;1971&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; در&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بولیویا &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; متوقف شد. همین طور هم، می‌توان گفت که شیلی، آرژانتین و اوروگوئه کفارۀ گناه امید را می‌دهند. رشته تغییرات عمیق و بنیادین دولت &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;آلنده&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;؛ پرچم‌های عدالتی که در زمان دولت کم دوام &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;هکتور کامپورا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، در سال&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;1973&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، به‌اهتزاز درآمد و توده‌های کارگران آرژانتین را تجهیز و بسیج کرد؛ و سیاسی شدن پرشتاب جوانان اوروگوئه؛ این همه، مبارزه‌طلبی‌هائی بود که نظام حاکم بی‌قدرت و بحران‌زده نمی‌توانست تحمل کند. گاز تند آزادی نشان داد که برای اشباح خطرناک است و آن‌ها را به‌آتش می‌کشد، و گارد ویژه فراخوانده شد تا نظم را برقرار کند. عملیات پاک‌سازی، در واقع طرحی برای انهدام و نابودی است.&lt;br /&gt;
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۸&lt;br /&gt;
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پرونده‌های کنگرۀ ایالات متحده اغلب دارای مدارک غیرقابل انکاری دربارۀ مداخلات در آمریکای لاتین است. جوهرسوزان گناه، در اعترافات &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;امپراتوری جهانی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، وجدان‌ها را به‌درد می‌آورد و آن‌ها را تطهیر می‌کند. به‌طور مثال در این اواخر، در سوانح گوناگونی که پیش آمده، پذیرش رسمی مسؤولیت از طرف ایالات متحده چندین برابر شده است. اعترافات علنی بسیار، از جمله ثابت کرده‌اند که دولت ایالات متحده از راه رشوه، جاسوسی، و باج سبیل، در امور سیاسی شیلی شرکت مستقیم داشته است. طرح اصلی جنایت در &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;واشینگتن&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ریخته شد. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;کیسینجر&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;و دستگاه‌های جاسوسی، از سال&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;1970&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;نقشۀ سقوط &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;آلنده&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;را آماده کردند. میلیون‌ها دلار در میان دشمنان دولت قانونی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اتحاد خلق&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;توزیع شد. و به‌این ترتیب بود که، به‌طور مثال، کامیون‌داران توانستند اعتصاب طولانی خود را (که در سال&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; 1973 &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;قسمت مهمی از اقتصاد &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;شیلی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; را فلج کرد)ادامه دهند. یقین داشتن به‌این که کیفری در کار نیست زبان‌ها را باز می‌کند. در زمان کودتای ضد &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;گولار&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، سفارت ایالات متحده در&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;برزیل&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; بزرگترین سفارتخانۀ آن کشور در دنیا بود. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;لینکلن گوردون&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; که در آن زمان سفیرکبیر آمریکا بود، سه سال بعد به‌خبرنگاری اعتراف کرد که دولت او مدت‌ها به‌نیروهائی که با اصلاحات مخالفت می‌کردند کمک مالی می‌کرده است! -&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;گوردون&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; گفته بود: «چنین کاری کم و بیش در آن روزها عادی بود... &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سیا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;به‌توزیع و تقسیم وجوه سیاسی عادت کرده بود.»{{نشان|6}}در همان مصاحبه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;گوردون&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; توضیح داده بود که در روزهای کودتا،&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پنتاگون&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; یک ناو هواپیمابر بزرگ و چهار کشتی نفت‌کش به‌نزدیکی‌های سواحل برزیل فرستاده بود «که شاید نیروهای ضد&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;گولار&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; خواستار پشتیبانی ما باشند»و افزوده بود: «این پشتیبانی قرار نبود تنها برای تقویت روحیه باشد؛ بلکه، آماده بودیم مواد مورد نیاز، تدارکات، اسلحه، و نفت هم بدهیم.»&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
از زمانی که پرزیدنت&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;جیمی کارتر&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; سیاست حقوق بشر را آغاز کرد، برای رژیم‌های آمریکای لاتین- که در درجۀ اول با مداخله و کمک آمریکای شمالی به‌مردم این منطقه تحمیل شده‌اند- عادت شده است که بر ضد مداخلات آمریکای شمالی در امور داخلی خود اعلامیه‌هائی تهیه و تنظیم کنند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
کنگرۀ ایالات متحده در سال 1976 و 1977 تصمیم گرفت کمک‌های اقتصادی و نظامی به‌کشورهای مختلف را معلق نگه دارد. اما به‌هر حال قسمت اعظم کمک‌های خارجی ایالات متحده از صافی کنگره نمی‌گذرد. بدین‌سان، با وجود اعلامیه‌ها و تصمیمات و اعتراضات، رژیم ژنرال&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پینوشه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;در سال &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;1976،290 &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; میلیون دلار بدون تصویب «قوۀ قانونگذاری آمریکا» به‌صورت کمک از آن کشور  &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;- دیکتاتور آرژانتین- پس از آن که نخستین سال عمر خود را Videlaدریافت کرد رژیم ژنرال&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ویدِلا  &lt;br /&gt;
پشت سر گذاشت 500 میلیون دلار از بانک‌های خصوصی آمریکای شمالی و 415 میلیون دلار از دو مؤسسۀ بانک جهانی و &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بانک توسعۀ اینتر امریکن&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; که ایلات متحده نفوذ قاطعی در آن‌ها دارد دریافت کرد. حق برداشت ویژۀ آرژانتین از&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;صندوق بین‌المللی پول&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; که در سال 1975 بالغ بر 67 میلیون دلار بود دو سال بعد به 700 میلیون دلار افزایش یافت. نگرانی پرزیدنت &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;کارتر&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; از قصابی‌هائی که در پاره‌ئی از کشورهای آمریکای لاتین می‌شود بی‌فایده نیست، اما دیکتاتورهای کنونی هم خودآموز نبوده‌اند: آن‌ها فنون و هنر حکومت کردن را در کلاس‌های درس &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پنتاگون&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; در آمریکا و منطقۀ کانال&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پاناما&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; فراگرفته‌اند. این دوره‌های درسی هنوز هم ادامه دارد و تا آنجا که معلوم است محتوایشان ذره‌ئی تغییر نیافته. مردان نظامی آمریکای لاتین که امروزه مایۀ رسوائی ایالت متحده شده‌اند، شاگردان خوبی بوده‌اند. چهار سال پیش، هنگامی که&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;رابرت مک نامارا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;- رئیس کنونی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بانک جهانی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;- وزیر دفاع آمریکا بود گفته بود: «این‌ها رهبران جدیدند. ضرورتی ندارد که من دربارۀ ارزشِ وجود چنین مردانی در مقام رهبری که از پیش می‌دانند ما آمریکائی‌ها چگونه فکر و کار می‌کنیم، توضیح بیش‌تری بدهم. دوستی با چنین مردانی سخت پرارزش است.: {{نشان|7}}آیا کسانی که ما را &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;افلیج&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; کرده‌اند صندلی چرخدار به‌مان می‌دهند؟&lt;br /&gt;
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۹&lt;br /&gt;
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اسقف‌های فرانسه دربارۀ نوع دیگری از مسؤلیت سخن می‌گویند که عمیق‌تر و غیرقابل رؤیت‌تر است: «ما که تعلق به‌ملت‌هائی داریم که ادعا می‌کنند پیشرفته‌ترین ملل عالمند، جزئی هستیم از کسانی که از استثمار کشورهای در حال توسعۀ استفاده می‌کنند. ما درد و رنجی را که این عمل در روح و جسم ملت‌ها به‌وجود می‌آورد نمی‌بینیم. ما تقسیم کنونی دنیا را که در آن تسلط دارا برندار و توانا بر ناتوان چشمگیر است، بیش‌تر تقویت می‌کنیم. آیا ما میدانیم که حیف و میل منابع و مواد خام از سوی ما، بدون کنترل بازرگانی بین‌المللی از طرف کشورهای غربی، امکان پذیر نیست؟ آیا ما نمی‌بینیم چه کسانی از دادوستد اسلحه استفاده می‌کنند، و کشور خود ما نمونه‌های غمباری از این سلاح‌ها را تهیه می‌کند؟ آیا ما حتی درک می‌کنیم که نظامی شدن رژیم کشورهای فقیر یکی از نتایج تسلط اقتصادی و فرهنگی است که از طرف کشورهای صنعتی اعمال می‌شود، که در آن‌ها میل شدید به‌سود بردن و قدرت پول حاکم بر زندگی است؟» {{نشان|8}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
دیکتاتورها، شکنجه‌گران، بازجویان عقیده، و ترس و وحشت هم مانند ادارات پست و بانک‌ها، کارگزاران خودش را دارد، و به‌کار بسته می‌شود چون که ضروری می‌نماید. و مسألۀ توطئۀ آدمیان پلید و اهریمنی در میان نیست. ژنرال&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پینوشه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; ممکن است شبیه یکی از اشخاص «نقاشی‌های    [نقاش برجستۀ اسپانیائی (1828-1746)]باشد، ولیمه‌ئی برای روانکاوان یا وارثِGoyaسیاه»&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;گویا &lt;br /&gt;
سنتی بیرحمانه از جمهوری‌های موز، اما خصوصیات کلینیکی یا فولکلوری چنین یا چنان دیکتاتوری فقط چاشنی تاریخ است نه خود تاریخ چه کسی امروز می‌تواند ادعا کند که جنگ جهانی اول به‌علت عقیدۀ&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;قیصر ویلهلم&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; که یک دستش کوتاه‌تر از دست دیگر بود آغاز شد؟ &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;برتولت برشت&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; در اواخر سال1940 در یادداشت‌های روزانۀ خود چنین نوشته است: «در کشورهای دموکراتیک خصوصیت خشونتی که اقتصاد دارد پنهان می‌ماند؛ در کشورهای استبدادی خصوصیت اقتصادی خشونت آشکار نمی‌شود.»&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در کشورهای جنوبی آمریکای لاتین فرماندهان نظامی قدرت را به‌دست گرفته‌اند تا نقشی را برای نظام حاکم ایفا کنند، یعنی هنگامی که طبقات حاکم دیگر نمی‌توانند از هیچ راه دیگری امور دادوستد خود را انجام دهند تروریسم دولتی را مستقر می‌کنند. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;در کشورهای ما اگر شکنجه با کارآمدی انجام نگیرد وجود نخواهد داشت؛ و دموکراسی، رسمی پایدار می‌ماند اگر تضمین شود که از کنترل صاحبان قدرت درنخواهد آمد. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; در زمان‌های سخت و دشوار، دموکراسی جنایتی بر ضدامنیت ملی شناخته می‌شود- یا شاید جنایتی بر ضدامنیت امتیاز ویژۀ داخلی و سرمایه‌گذاری‌های خارجی. دستگاه‌های ما برای ریزریز کردن گوشت انسانی به‌چرخ دنده‌های مکانیسمی بین‌المللی وصل شده‌اند. سراسر جامعۀ ما نظامی شده است. حالت استثنائی دائمی می‌شود و دستگاه زور و فشار به‌مجرد آن که از سوی مرکز نظام امپریالیستی پیچ و مهره‌ئی سفت می‌شود، مسلط می‌گردد. هنگامی که سایۀ بحران از کمین‌گاه دیده می‌شود، ضرورت پیدا می‌کند که غارت و چپاول کشورهای فقیر افزایش یابد تا اشتغال کامل، آزادی‌های مدنی، و نرخ‌های بالای توسعه را در کشورهای دارا تضمین کند. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;رابطۀ قربانی و دژخیم، دیالکتیک منحوسی است: ساختاری از خفت‌ها و خواری‌های پی‌در‌پی وجود دارد که از بازارهای بین‌المللی و مراکز مالی آغاز می‌شود و به‌خانۀ هر شهروندی پایان می‌یابد. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
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&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;هائیتی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; ندارترین کشور نیمکرۀ غربی است. در آن جا تعداد شویندگان پا از واکسی‌ها بیش‌تر است: کودکانی برای یک سکۀ پول پای مشتریان پا برهنه را که کفشی ندارند تا واکس بخورد می‌شویند. متوسط عمر مردم&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;هائیتی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، اندکی بیش از سی سال است. از هر ده نفر، نه نفر خواندن و نوشتن نمی‌دانند. در&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;هائیتی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، دامنۀ کوهستان‌های ناهموار برای مصرف داخلی کشت و زرع می‌شود و دره‌های حاصلخیز برای صادرات. بهترین زمین‌ها برای کشت قهوه، نی‌شکر، کاکائو و فرآورده‌های دیگری که مورد نیاز بازارهای آمریکای شمالی تخصیص یافته. در&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;هائیتی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; کسی &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بیس‌بال&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; بازی نمی‌کند، اما&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;هائیتی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; بزرگترین تولیدکنندۀ توپ مخصوص این بازی در سراسر دنیاست. کارگاه‌هائی که در آن‌ها کودکان با روزی یک دلار مزد کالاهای الکترونی و کاسِت مونتاژ می‌کنند  کم نیست. این فرآورده‌ها طبیعتاً صادراتی هستند؛ و طبیعتاً سود حاصل از آن‌ها نیز، پس از کسر کردن سهم مدیران ترس و وحشت، صادر می‌شود. در &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;هائیتی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; کوچکترین ظنّ اعتراض، مجازاتِ زندان یا مرگ دارد. حقوق و دستمزد کارگران&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;هائیتی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، هر چند که ممکن است باورکردنی به‌نظر نیاید، بین سال‌های 1971 و 1975 یک چهارمِ ارزش واقعیِ بسیار پائین خود را از دست داد. و این نکته واجد اهمیت است که طی این دوره، جریان تازه‌ئی از سرمایۀ آمریکا وارد&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;هائیتی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; شد!&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سرمقالۀ یکی دو سال پیشِ یکی لز روزنامه‌های&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بوئنوس آیرس&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; به‌خاطرم می‌آید. روزنامه‌ئی محافظه‌کار و قدیمی، سخت برآشفته بود که چرا در یک سند بین‌المللی، آرژانتین را کشوری کم توسعه و وابسته قلمداد کرده‌اند. چگونه یک جامعۀ با فرهنگ، اروپائی، دارای رونق اقتصادی، و سفید را می‌توان با معیارهای کشوری فقیر و سیاه مانند&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;هائیتی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; سنجید؟&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
تردیدی نیست که تفاوت‌ها بسیار زیاد است هرچند که ارتباطی با مقولۀ تحلیل سخنگوی متنفذان&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بوئنوس آیرس&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ندارد. با وصف این، با تمام ناهمانندی‌ها و تضادهائی که ممکن است وجود داشته باشد، آرژانتین از دورِ باطلی که اقتصاد آمریکای لاتین را کلاً خفه می‌کند رهائی ندارد و هیچ کوششِ دفع شرِ روشنفکرانه‌ئی نمی‌تواند آن را از واقعیتی که، کم یا زیاد، وجه مشترک همۀ کشورهای منطقه است جدا کند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
Papa Doc Duvalierروی‌هم رفته کشتارهای ژنرال &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ویدِلا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; متمدنانه‌تر از کشتارهای&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;«پاپادوک»دووالیه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; [رئیس جمهور هائیتی، 71-1957]. یا وارث اریکۀ اونیست، هرچند که در آرژانتین زور و فشار ممکن است در سطح تکنولوژیکی بالاتری باشد. هر دو رژیم دیکتاتوری ضرورتاً در خدمت هدفی همانندند: &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;عرضۀ نیروی کاری ارزان به‌بازاری بین‌المللی که تقاضای فرآورده‌های ارزان دارد. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
دیکتاتوری &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ویدِلا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، هنوز قدرت را کاملاً در دست نگرفته بود که به‌سرعت اعتصابات را ممنوع کرد و در همان زمان که با سخت‌گیری شدیدی دستمزدها را ثابت نگاه می‌داشت با صدور تصویب‌نامه‌ئی قیمت‌ها را آزاد اعلام کرد. پنچ ماه پس از کودتا، قانون جدید سرمایه‌گذاری خارجی، شرکت‌های داخلی و خارجی را در وضعی همانند قرار داد. بدین‌سان، رقابت آزاد به‌وضع نامساعدِ غیرعادلانه‌ئی که بعضی از شرکت‌های داخلی و محلی داشتند پایان بخشید: &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;جنرال موتورز&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; بیچاره را مثل می‌زنم که حجم فروش جهانیش، به‌تنهائی به همۀ تولید ناخالص ملی &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;آرژانتین&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; برابر است!- اکنون خروج سود سرمایه‌ها از کشور، و باز پس فرستادن اصل پول‌های سرمایه‌گذاری شده نیز، صرف‌نظر از پاره‌ئی محدودیت‌هائی ناچیز، آزاد شده است.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در پایان نخستین سالی که از عمر رژیم گذشت، ارزش واقعی دستمزدها به‌چهل درصد کاهش یافت. این   Rudolfo Walshشاهکار، از طریق اعمال هراس و وحشت انجام گرفته بود. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;رودولفو والش &lt;br /&gt;
نویسنده، در نامۀ سرگشاده‌ئی رژیم را متهم می‌کند که: «پانزده هزار نفر ناپدید، ده هزار نفر زندانی،چهار هزار نفر مقتول، و ده‌ها هزار نر تبعیدی ارقام خام این نظام خوف و وحشت است.»- والش&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; این نامه را در 29 مارس 1977 برای رهبران سه گانۀ شورای نظامی فرستاد و خود او در همان روز ربوده شد و دیگر اثری از او به‌دست نیامده.&lt;br /&gt;
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۱۱&lt;br /&gt;
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منابع موثق تأیید می‌کنند که از «سرمایه‌گذاری»های جدیدِ مستقیمِ خارجی در آمریکای لاتین، در واقع تنها مبالغ بسیار ناچیزی از کشور سرمایه‌گذار اصلی می‌آید: بنابر گزارشی که وزارت بازرگانی ایالات متحده منتشر کرده {{نشان|10}}تنها 12 درصد از وجوه سرمایه‌گذاری شده در خارج، از آمریکا خارج شده است. 22 درصد دیگر این به‌اصطلاح «سرمایه‌گذاری»ها مستقیماً از محل درآمدهائی تأمین شده که در خود آمریکای لاتین به‌دست آمده، و 66درصد بقیه را منابع اعتباری داخلی آن کشورها یا اعتبارات بین‌المللی پرداخت کرده‌اند!- همین نسبت‌ها در مورد سرمایه‌گذاری‌های ممالک اروپائی و ژاپن نیز مصداق دارد؛ و مخصوصاً باید به خاطر داشت که قسمت اعظم این 12 درصد «سرمایه‌گذاری»هم که مثلاً از دفاتر مرکزی این شرکت‌ها می‌آید نقدینه نیست بلکه ارزش اظهارشدۀ ماشین‌آلات فرسوده‌ئی است که منتقل کرده‌اند یا بهای دلخواهی است که شرکت‌های استعماری بابت دانش فنی، حق امتیاز و یا سرقفلی انگ و علامت تجاری خود تحمیل می‌کنند و به‌حساب می‌گذارند. بنابراین، شرکت‌های چند ملیتی، نه تنها اعتبارات داخلی کشورهائی را که در آن به‌فعالیت می‌پردازند در برابر سهم سرمایۀ مشکوکی می‌ربایند، بلکه فراتر از این، مطالبات ماوراء دریاهای خود را نیز چند برابر می‌کنند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
دیون خارجی کشورهای آمریکای لاتین در سال 1975 نزدیک به‌سه برابر بیش‌تر از سال 1969 بود {{نشان|11}}&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;برزیل، مکزیک، شیلی و اوروگوئه،&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; در سال 1975 نزدیک&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;به‌نیمی از درآمدهای صادراتی خود را به‌پرداخت استهلاک و بهرۀ دیون و به‌پرداخت&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سود شرکت‌های خارجی که در این کشورها استقرار یافته‌اند اختصاص دادند. در همان سال، بازپرداخت دیون و پرداخت سود، 55 درصد صادرات&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پاناما&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;و 60 درصد صادرات &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پرو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; را بلعید. {{نشان|12}}در سال 1969 هر فرد&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بولیویائی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;137 دلار به‌خارج مقروض بود، و در سال 1977 ای قرض به 483 دلار رسید!- مردم &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بولیویا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; هرگز در این امر مورد مشورت قرار نگرفته‌اند و هرگز یک پاپاسی این قروضی را که هم چون حلقۀ طناب‌دار به‌گردنشان افتاده است ندیده‌اند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در چند کشور آمریکای لاتین که هنوز محض خالی نبودن عریضه در آن‌ها انتخاباتی انجام می‌گیرد، نام  [یکی از بزرگ‌ترین بانک‌های ایالات متحدۀ آمریکا]به‌عنوان نامزدCity Bank&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سیتی‌بَنک&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;                &lt;br /&gt;
انتخابات»در هیچ کدام از فهرست‌های انتخاباتی دیده نمی‌شود، و نام هیچ یک از ژنرال‌های دیکتاتور هم «صندوق بین‌المللی پول»نیست. اما کدام وجدان است که حکم صادر می‌کند و چه دستی است که آن احکام را به‌اجرا درمی‌آورد؟ آن که وام می‌دهد فرمان نیز می‌راند. برای بازپرداخت وام، باید صادرات افزون شود، و نیز باید صادرات افزون شود تا پول واردات را بتوان پرداخت و خون‌ریزی بهره‌ها و&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;حق امتیازهائی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; را که شرکت‌های خارجی به‌دفاتر مرکزی‌شان می‌فرستند جبران بتوان کرد. افزایش صادرات که عواید واقعی آن به‌تدریج کم و کم‌تر می‌شود دستمزدها را به‌حد بخورو نمیر کاهش می‌دهد. فقر جمعی، که به‌عنوان کلید موفقیت اقتصادی در اختیار منافع خارجی گذاشته شده است از رشد بازارهای مصرف داخلی که برای استقرار و حفظ یک توسعۀ موزون اقتصادی ضروری است جلوگیری می‌کند. کشورهای ما اندک‌اندک صدای خود را از دست می‌دهند و به‌پژواک مبّدل می‌شوند. به‌دیگران وابستگی پیدا می‌کنند و تا زمانی که پاسخگوی نیازهای دیگران باشند هستی‌شان تأمین می‌ماند. از سوی دیگر، سر و صورتی تازه دادن به‌اقتصادی که در خدمت تقاضاهای خارج است باز هم ما را به‌همان وضع نداشتن آزادی عمل بازمی‌گرداند: دروازه‌ها را به‌روی غارت و چپاول انحصارات خارجی باز می‌کند و وامی‌داردمان که برای گرفتن وام از&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بانک جهانی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; به‌قراردادهای بزرگ‌ترین دیگری تن دهیم. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;دور باطل کامل می شود: وام خارجی و سرمایه‌گذاری خارجی افزایش صادراتی را ایجاب می‌کند که خود وام‌دهندگان به‌طور مداوم مشغول بلعیدین آنند. و این کار البته با مسالمت امکان‌پذیر نیست. کارگران آمریکای لاتین برای آن که نقش خود را به‌عنوان گروگان‌های کامکاری خارجیان بپذیرند باید زندانی باقی بمانند؛ چه این سوی و چه آن سوی میله‌های زندان. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
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استثمار وحشیانۀ نیروی کار یدی، با تکنولوژی پیش رفته ناسازگار نیست و در سرزمین‌های ما هرگز ناسازگار نبوده است؛ به‌عنوان مثال، گروه‌های عظیم کارگران بولیویا که ریه‌های خود را در  سرمایه‌دار Simon Ituri Patinoمعادن &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اورورو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; از دست داده بودند. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سیمون پاتین‌یو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
بزرگ &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بولیویائی (1947-1886) &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;مالک معادن قلع کشور خود و یکی از ثروتمندان دنیا بود و او را «سلطان قلع»می‌خواندند. در زمان او، کارگران در یک نظام بردگی مزدوری، منتها با ماشین‌آلاتی مدرن کار می‌کردند. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سلطان قلع&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; توانسته بود بالاترین سطح تکنولوژی زمان خود را با پائین‌ترین سطح دستمزد ترکیب کند. {{نشان|13}}&lt;br /&gt;
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فراتر از این، در زمان ما، شرکت‌های چند ملیتی مقتدر هم‌زمان با دست‌اندازی و تملک فعالیت‌های صنعتی‌ئی که با سرمایه‌های داخلی ایجاد شده تکنولوژی پیشرفته‌ترین اقتصادها را هم مورد بهره‌برداری قرار می‌دهند. اقدام به‌متمرکز کردن سرمایه، از راه «&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;آتش‌زدن&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; بیرحمانۀ سطوح &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;متروک&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; فعالیت‌های اقتصادی، که به‌طور غیرتصادفی دقیقاً دولتی هم هستند»عملی شده است. {{نشان|14}}غیر دولتی کردن سریعِ صنایع آمریکای لاتین وابستگی فزایندۀ تکنولوژی را نیز به‌همراه داشته است. تکنولوژی، که شاه کلید قدرت است، در دنیای سرمایه‌داری، در انحصار مراکز استعماری است. این تکنولوژی به‌صورت دست دوم وارد می‌شود، اما مراکز استعماری نسخه بدل‌ها را هم به‌قیمت اصل می‌فروشند. در سال &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;1970 مکزیک&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; برای وارد کردن تکنولوژی خارجی دو برابر سال 1968 پرداخت کرد. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;برزیل&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; بین سال‌های 1965 و 1969 پرداخت‌هایش از این بابت دو برابر شد؛ و در همین دوره، افزایشی همانند در همین زمینه در&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;آرژانتین&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; نیز پدید آمد.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
انتقال تکنولوژی وام‌های سنگین خارجی را بیش‌تر می‌کند و آثار ویرانگری در بازار نیروی کار دارد. در نظامی که برای سرازیر کردن سود به‌خارج سازمان یافته است نیروی کار شرکت‌های «سنّتی»امکانات اشتغال خود را از دست می‌دهد. جزیره‌های کوچک صنایع نو، در برابر پویائی مشکوکی که در اقتصاد کشور پدید می‌آید، با کم کردن زمان کار لازم برای تولید، کارگران را قربانی می‌کنند. وجود سپاهی فزاینده و باد کرده از کارگران بیکار، به‌نوبۀ خود پائین آمدن ارزش واقعی دستمزدها را تسهیل می‌کند.&lt;br /&gt;
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اما اکنون حتی اسناد و مدارک &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;کمیسیون اقتصادی سازمان ملل برای آمریکای لاتین&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; هم از تقسیم مجدد نیروی کار در سطح بین‌المللی سخن می‌گویند. به‌طوری که خبرگان امیدوار اظهار نظر می‌کنند، طی چند سال آینده، آمریکای لاتین ممکن است به‌همان اندازه که امروز مواد خام و موادغذائی به‌خارج می‌فروشد، کالاهای ساخته شده صادر کند. «نابرابری دستمزدها بین کشورهای توسعه یافته و در حال توسعه- از جمله کشورهای آمریکای لاتین- ممکن است تقسیم‌بندی جدیدی از فعالیت‌ها را در میان این کشورها به‌وجود آورد و در نتیجه، به‌دلایل رقابتی، آن رشته از صنایع خود را که در آن هزینه‌های نیروی کار خیلی زیاد است جا به‌جا کنند. به‌طور مثال، هزینه‌های نیروی کار در صنعت کالاهای کارخانه‌ئی، در مکزیک یا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;برزیل&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; خیلی کم‌تر از ایالات متحده است» {{نشان|15}}&lt;br /&gt;
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انگیزشی برای پیشرفت، یا ماجراجوئی استعمارنو؟ ماشین‌آلات الکتریکی     &lt;br /&gt;
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اما اکنون حتی اسناد و مدارک &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; کمیسیون اقتصادی سازمان ملل برای آمریکا لاتین&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;  هم از تقسیم مجدد نیروی کار در سطح بین‌المللی سخن می‌گویند. به طوری که خبرگان امیدوار اظهارنظر میکنند، طی چند سال آینده، آمریکای لاتین ممکن است به همان اندازه که امروز مواد خام و مواد غذائی به خارج می‌فروشد، کالاهای ساخته شده صادر کند. «نابرابری دستمزدها بین کشورهای توسعه یافته و در حال توسعه - از جمله کشورهای آمریکای لاتین - ممکن است تقسیم بندی جدیدی از فعالیت‌ها را در میان این گشورها به وجود آورد و در نتیجه، به دلایلی رقابتی، آن رشته از صنایع خود را که در ان هزینه‌های نیزوی کار خیلی زیاد است جابه‌جا کنند. به طور مثال، هزینه‌های نیروی کار در صنعت کالاهای کارخانه‌ئ، در مکزیک یا &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;برزیل&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; خیلی کم‌تر از ایالات متحده‌ است.» {{نشان|15}}&lt;br /&gt;
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انگیزشی برای پیشرفت، یا ماجراجوئی استعمارنو؟ ماشین آلات الکتریکی و غیرالکتریکی اکنون در میان فراورده‌های صادرتی عمدهء مکزیک به‌طور بارز دیده می‌شود. در برزیل، فروش خارجی اتومبیل و تجهیزات جنگی در حال افزایش است. پاره‌ئی از کشورهای آمریکای لاتین مرحلهء تازه‌ئی از صنعتی شدن را می‌گذرانند که تا حد زیادی با نیازهای خارجی و صاحبان وسایل تولید خارجی کمک و هدایت شده است. آیا این فصل دیگری نیست که به تاریخ طولانی «توسعهء برون‌گرا»یِ ما افزوده خواهد شد؟ در بازارهای بین‌المللی قیمت‌هائی که مرتب بالا می‌رود به طور کلی مربوط به «کالا‌های ساخته شده» نیست، بلکه به کالاهای ظریف و پیچیده‌ئی ارتباط دارد که در ساختن آن‌ها تکنولوژی پیشرفته‌تری به کار رفته و در انحصار کشورهائی است که توسعه‌ء بیش‌تری یافته‌اند.&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;فرآوردهء عمدهء صادراتی آمریکای لاتین، هر قدر هم که مواد خام و کالاهای ساخته شده بفروشد، نیروی کار ارزان آن است. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
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مگر تجربهء تاریخی مداوم، تکه پاره شدن و خرد شدن در پوشش توسعه نبوده است؟ قرن‌ها پیش، «فتح» این قاره، زمین‌ها را با کشت فراورده‌های صادراتی، یکسره از میان برد و بومیان را در اعماق معادن و بستر رودخانه‌هائی که ته‌نشست فلزات قیمتی داشت نابود کرد تا بتواند تقاضاهای طلا و نقرهء ماوراء دریاها را برآورده کند. خوراک بومیانی که پس از کشف قاره‌شان توانسته بودندخود را از نابودی و انهدام نجات بدهند، با پیشرفت تکنولوژیکی از آن چه بود بدتر شد. امروز، مردم پِرو برا گله‌های گاو و گوسفند ایالات متحده و اروپا، نواله‌ء ماهی تهیه و تولید می‌کنند که از نظر پروتئین بسیار غنی است لیکن با وصف این آشکارا مشاهده می‌شود که در خوراک اکثریت مردم پرو پروتئین وجود ندارد، شرکت فولکس واگن در برابر هر اتومبیلی که در سویس می‌فروشد، بابت حفظ تعادلِ محیط زیست یک اصله درخت می‌کارد، در حالی که شرکت برزیلی وابستهء &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;فولکس واگن&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; صدها هکتار زمین جنگلی را کاملاً از بین برده و برای تولید متمرکز گوشت صادراتی گذاشته است. مردم برزیل - که به ندرت مزهء گوشت را زیر دندان خود احساس می‌کنند  - به طور فزاینده‌ئی گوشت به خارج می‌فروشند. چندی پیش، دارسی ری‌بیرو Darcy Roberio در گفت‌وگوئی که با من داشت می‌گفت که یک &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;جمهوری فولکس واگن &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ضرورتاً چندان تفاوتی با &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;جمهوری موز&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; ندارد. از هر یک دلاری که با صدور موز به دست می‌آید به دشواری یازده سنتش کشور تولید کننده باقی می‌ماند {{نشان|16}}، و طبعاً از این یازده سنت سهمی بسیار کوچک به کارگران درختزارهای موز می‌رسد. مگر هنگامی که یکی از کشورهای آمریکای لاتین به جای موز اتومبیل تولید کند این نسبت‌ها تغییر می‌یابد؟&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;برده فروشان دیگر در اقیانوس‌ها رفت و آمد نمی‌کنند. اکنون سوداگران برده از‌«وزارت کار» به اِعمال نقش خویش می‌پردازند.&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; به اعمال خویش می‌پردازند. دستمزدهای آفریقا، و قیمت‌های اروپا. مگر کودتاهائی که در آمریکای لاتین صورت می‌گیرد چیزی بجز رویداد‌های پی‌در‌پی غارت و چپاول است؟ دیکتاتوری‌های نوپا، بی‌درنگ شرکت‌های خارجی را به استثمار نیروی کار ارزان و فراوان، استفاده از اعتبارات نامحدود و معافیت‌های مالیاتی، و غارت مواد خامی که آسان به دست می‌آید دعوت می‌کنند. &lt;br /&gt;
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&lt;br /&gt;
کارگران طرح اضطراری دولت شیلی دستمزدی برابر سی دلار در ماه دریافت می‌کنند. بهای یک کیلو نان ۵۰ سنت است. بنابراین دو کیلو نان در روز به دست‌شان می‌رسد. در حال حاضر، حداقل دستمزد در &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اوروگوئه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; و &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;آرژانتین&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; برابر با قیمت شش کیلو قهوه است. حداقل دستمزد در برزیل شصت دلار در ماه است،‌ اما درآمد روزانهء کارگران سیار کشاورزی روستاها، در کشتزارهای لوبیا،‌ قهوه،‌ و فرآورده‌های صادراتی دیگر بین ۵۰ سنت تا یک دلار است. علوفه‌ئی که گله‌های گاو و گوسفند در مکزیک می‌خورند دارای دارای پروتئینی بیش‌تر از خوراک روستائیانی است که از آن‌ها نگاهداری می‌کنند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
گوشت این گله‌ها به گروهی اندک دارندگان امتیازات ویژه در داخل کشور، و بهطور عمده به بازارهای بین‌المللی اختصاص دارد. زیر پوشش حمایتی سیاستِ سخاوت‌آمیز استاده از اعتبارات دولتی با شرایطی سهل و آسان، کشاورزی صادراتی مکزیک رونق گرفته است در حالی که بین سال‌های ۱۹۷۰ و ۱۹۷۶ از میزان پروتئنی که در دسترس هر فرد مکزیکی قرار می‌گیرید &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;کاسته شده &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;و در مناطق روستائی از هر پنج کودک مکزیکی تنها یکی دارای قد و وزن طبیعی است{{نشان|17}}. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;گواتمالا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; محصول  برنج، ذرت، و لوبیای خشک که خاص مصرف داخلی است به امید خدا گذاشته شده در حالی که قهوه، پنبه، و فراورده‌های صادراتی دیگر ۸۷ درصد اعتبارات را به خود تخصیص داده است. از هر ده خانواده گواتمالایی که به کشت و برداشت قهوه، منبع عمدهء ارز خارجی کشور، می‌پردازند به زحمت فقط به یک خانواده غذای کافی می‌رسد {{نشان|18}}. در برزیل، تنها ۵ درصد اعتبارات کشاوری به برنج، لوبیای خشک، و مانیوک - که خوراک عمدهء برزیلی‌ها را تشکیل می‌دهند - تخصیص یافته. بقیه اعتبارات به سوی محصولات صادراتی سرازیر می‌شود.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سقوط اخیر قیم بین‌المللی شکر، به خلاف گذشته موجی از گرسنگی در میان روستائیان کوبا پدید نیاورد. در کوبا دیگر کم‌غذایی وجود ندارد. از سوی دیگر، افزایش تقریباً همزمانِ قیمت بن‌المللی قهوه به هیچ وجه از فقر مزمن کارگران درختزارهای قهوهء برزیل نکاست. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
افزایش مظنهء قهوه در سال ۱۹۷۶ صورت گرفت. علت این بهبود تصادفی قیمت یخبندانی بود که محصول قهوهء برزیل را از میان برد، اما آنچنان که یکی از صاحب منصبان عالی مقام &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; موسسه قهوهء برزیل&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;  اعتراف کرده است:‌«عملاً در دستمزدها بازتابی نداشت.!» {{نشان|19}}&lt;br /&gt;
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از نظر واقعیت، محصولات صادراتی ضرورتاًبا رفاه و آسایش مردم ناسازگار نیستند، و ضرورتاً مغایرتی با توسعه‌ء اقتصادی «درون گرا» ندارند.  در کوبا، فروش شکر به خارج چون اهرمی به ایجاد دنیای نوینی که در آن همه به نعره‌های توسعه دسترس دارند، خدمت کرده است. در آنجا، همبستگی، روح اصلی روابط انسان‌هاست. &lt;br /&gt;
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اکنون دیگر ما می‌دانیم آنان که محکوم به پرداخت بهای بحران بازسازی نظام حاکم هستند کیانند؟ قیمت بیشفراورده‌هائی که آمریکای لاتین می‌فروشد، در ارتباط با قیمت فراورده‌هائی که از کشورهای دارندهء انحصار تکنولوژی و بازگانی و سرمایه گذاری و اعتبار می‌خرد، بیرحمانه پایین می‌آید. برای جبران تفاوت و به جهت رویاروئی با تعهداتی که در برابر سرمایه‌های خارجی شده، ضروری است که آنچه در «قیمت» از دست می‌رود در «مقدار» جبران شود. در این چارچوب، دیکتاتوری‌های &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; مخروط جنوبی &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; (منظور کشورهای آرژانتین و شیلی و اروگوئه است) دستمزدهای کارگران را به نصف تقلیل داده و مراکز تولید را به اردوگاه کار اجباری مبدل کرده‌اند. کارگران باید پائین آمدن ارزش کارشان را هم، به عنوان کالائی که در بازار فروخته می‌شود، جبران کنند. کارگران مجبورند با افزایش ساعاعت کار خود، آنچه را هم که قدرت خرید دستمزدشان از دست می‌دهد جبران کنند. بدین سان، قوانین بازار بیان المللی وارد دنیای کوجک زندگی هر کارگر آمریکای لاتین نیز می‌شود. برای کالرگرانی که این «بختیاری» را دارند که شغلی دائمی داشته باشند و.«روزی هشت ساعت کار» تنها در عبارتِ بی‌جانُ قانون وجود دارد. ده، دوازده، حتی چهارده ساعت کار امری کاملا عادی است و بسیارند کارگرانی که حتی یکشنبه‌هاهم کار می‌کنند. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
حوادث ناشی از کار، یا خون انسانی که پیشکش قربانگاه تولید می‌شود، به نوبه‌ء خودزیادتر شده است. اینک سه مثال از پایان سال ۱۹۷۷ در &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اوروگوئه‌&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; الف - &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;  معادن سنگ راه‌آهن، که شن و سنگ تولید می‌کنند بازده تولید خود را دو برابر می‌کنند. در آغاز بهار، پانزده کارگر در انفجار معدن جان می‌سپارند. &lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; ب‌ - &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;  بیکاران در بیرون کارخانه‌هائی که موشکهای آتش‌باری درست می‌کند صف کشیده‌اند. کودکانی چند در کار تولید هستند. رکورد شکسته می‌شود. در ۲۰ سپتامبر، انفجاری روی ‌می‌دهد: پنج گارگر می‌میرند و ده‌ها تن زخمی ‌می‌شوند.&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; پ - &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;  ۲۸ سپتامبر، ساعت هفت صبح‌، کارگران از ورود به کارخانه‌ء  کنسرو ماهی خودداری می‌کنند. چون بوی شدید گاز به مشام می‌رسد. تهدید می‌شوند که اگر نروند سرکار،‌ اخراج خواهند شد. بازهم خوددداری می‌کنند. تهدید می‌شوند که اگر نروند سرکار، سربازان فراخوانده خواهند شد ( کارخانه در مواردی دیگر تهدید، نیروهای ارتش را فراخوانده بود)، کارگران به ناچار وارد کارخانه می‌شوند. به علت نشتِ گاز آمونیاک چهار نفر می‌میرند و چندین نفر مسموم و در بیمارستان بستری می‌شوند. &lt;br /&gt;
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‎&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; ماریا کارولینا دِخه‌روس&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;  Maria Carolina de Jesus  در میان خاکروبه‌ها و لاشخورها زاده شد. بزرگ شد، رنج برد، سخت کار کرد؛عاشق دو مرد شد، بچه‌هائی پیدا کرد. عادت داشت که در دفترچهء یادداشت کوچکی، به خط بد، جریان کارها و ماجراهای روزانهء خود را بنویسد. خبرنگاری به طور تصادفی این یادداشت‌ها را خواند و ماریا کارولینا نویسندهء مشهوری شد. کتاب شهر کلبه‌ها، که خاطرات پنج سال زندگی در خومهء مثیف شهر سائوپائولو است، به سیزده زبان ترجمه و در چهل کشور خوانده شد.  ماریا کارولینا »سیندرلای: برزیل، محصول دنیای مصرف، شهر کلبه‌ها را ترک گفت، دور دنیا سفر کرد، عکس‌ها و مصاحبه‌هایش در روزنامه‌ها چاپ شد، جوایز منتقدان را ربود، در مجالس تجیب‌زادگان مورد پدیرائی قرار گرفت و به ملاقات روسای جمهور نائل آمد. و سال‌ها گذشت‌... در آغاز سال ۱۹۷۷، در سپیده دم یک روز یکشنبه، ماریال کارولینا دِ خه‌زوس در میان خاکروبه‌ها و لاشخور‌ها جان سپرد. اکنون زنی را که نوشته بود: «گرسنگی دینامیت بدن انسان است. » دیگر کسی به یاد نمی‌آورد. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎او که با ته‌مانده ‌های دیگران زندگی کرده بود، به صورتی گذرا توانست یکی از برگزیدگان شود. اجازه یافت سرمیز بنشیند. اما پس از خوردن دِسِر، طلسم شکست. و در حالی که رویای او پایان می‌گرفت برزیل باز همان کشوری بود که هر روز در آن صدها گارگر در حوادث کار ناقص می‌شوند و از هر ده کودک یکه به دنیا می‌آیند، چهارتن‌شان گدا، دزد، یا شعبده باز می‌شوند. علیرغم آمار که تبسمی خوشبینانه دارند، هتکِ مردم پاره شده است. در نظام‌هائی که وارونه‌سازمان یافته اند، هنگامی که اقتصاد رشد می‌کند بیعدالتی اجتماعی نیز با آن رشد می‌یابد. در موفقیت‌ترین دورهء «معجزه» برزیل، میزان مرگ و میر کودکان در حومه‌های ثروتمندان شهر کشور افزایش یافت. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎رونق اقتصادی ناگهانی که صنعت نفت در اکوادور پدید آورد به جای مدرسه و بیمارستان، تلویزیون رنگی به مردم ارزانی داشت.  شهرها تا مرز انفجار از جمعیت انباشته می‌شوند. در سال ۱۹۵۰، در آمریکای لاتین شش شهر دارای جمعیتی بیش از بیک میلیون نفر بود. در سال ۱۹۸۰، تعداد آن‌ها به ۲۵ خواهد رسید {{نشان|21}}. گروه‌های عظیم کارگران، رانده شده از روستاها‌، در حاشیهء مراکز بزرگ شهری، در همان سرنوشتی سهیم می‌شوند که نظام حاگم به «تفاله‌» های جوان شهر‌نشین اختصاص داده است. در آمریکای لاتیت‌ِ فرومایگان،، شکل‌های هنرمندانهء زنده ماندن ای‌«لاشخور»ها کامل شده است. « نظام تولید، طی مدتی مدید نشان داده است که برای جذب نیروی فزاینده‌ء کار در منطقه، به ویژه در مجتمع‌های بزرگ کارگری شهرها به طرزی مشهود از این که اشتغال مولد ایجاد کند ناتوان است‌...»{{نشان|22}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎یکی از بررسی‌های &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سازمان بین‌المللی کار&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; چندی پیش نشان می‌داد که در آمریکای لاتین بیش از ۱۱۰ میلیون نفر در شرایط « فقر شدید» زندگی می‌کنتند. از این تعداد ۷۰ میلیون نفر را می‌توان بینوا نامید {{نشان|23}}. خورد و خوراک چند درصد جمعیت از جد لزوم پائین‌تر است؟ به زبان خبرگان ۴۲ درصد جمعیت &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;برزیل&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، ۴۳ درصد مردم &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;کولومبیا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، ۴۹ درصد مردم &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;هندوراس&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;،* ۳۱ درصد مردم &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;مکزیک&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، ۴۵ دردصد مردم &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پرو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، ۲۹ درصد مردم &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;شیلی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، ۳۵ درصد مردم &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اکوادور‌&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; «درآمدی کمتر از هزینهء حداقل تغذیهء متعادل » دارند{{نشان|24}}.&lt;br /&gt;
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&lt;br /&gt;
‎در سرزمین‌های ما، صنعت ترس و وحشت، مانند هر صنعت دیگر بهای گرانی به &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;دانش فنی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; بیگانه می‌پردازد. تکنولوژی زور و فشار آمریکای شمالی که در چهار گوشهء کرهء زمین مورد آزمایش قرار گرفته، در مقیاسی وسیع خریداری و به کار بسته شده است. اما خلاف عدل و انصاف خواهد بود اگر در این زمینه استعدادهای خلاقه‌ئی را که در میان طبقات حاکم آمریکای لاتین وجود دارد را باز نشناسیم. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎بورژوازی‌های ما، بدون وابستگی اقتصادی‌، توان توسعه نداشتند و کوشش آن‌ها برای ایجاد صنعتی ملی حالت پریدن مرغ خانگی را پیدا کرد: پروازی کم اوج و کوتاه. در جریان فرایند تاریخی ما، خداوندان قدرت نیز در فقدان تحلیل سیاسی و سترون بودن فرهنگی خود شواهد کافی ارائه کرده‌اند. اما در عوض، استقرار دستگاه عظیم ترس را ترتیب داده در فن نابود سازی انسان‌ها و اندیشه‌ها ابداعاتی هم داشته‌اند. تجربهء تازهء کشورهای منطقهء &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ریو ده لاپلاتا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; Rio de la Plata  چمصب بزرگی که بین دو کشور &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اوروگوئه &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;و &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;آرژانتین &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; قرار گرفته است در این زمینه بسیار روشنگر است. &lt;br /&gt;
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‎افسران آرژانتینی، هنگامی که قدرت را به‌دست گرفتند هشدار دادند که: «وظیفهء گندزدائی ما، مدتی به درازا خواهد کشید!» - طبقات حاکم در اوروگوئه و آرژانتین پی در پی از نیروهای مسلح خواسته‌اند نیروهای خواستار دگرگونی را در هم شکنند و ریشه‌شان را براندازند، نظام امتیازات ویژهء داخلی را استوار کنند و شرایط اقتصادی و سیاسی‌ئی به وجود آورند که جلب کنندهء سرمایه‌های خارجی باشد: پاک‌سازی سرزمین، نظم در کشور، و نیروی کار ارزان و فرمانبر و مردم کشور بلافاصله مبدل به دشمن داخلی شدند. هرگونه نشانهء زندگی، اعتراض، یا تردید ساده، از دیدگاه اصول‌ِ نظامی‌ِ امنیت‌ِ ملی تهدیدی خطرناک به شمار می‌آید. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎بدین‌ سان ، مکانیسم‌های پیچیده‌ئی برای پیشگیری و مجازات تهیه و تنظیم شده است. &lt;br /&gt;
در زیر این ظواهر منطقی ژرف نهفته است: برای آن که بتوان با &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;کارآمدی عمل کرد&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، زور و فشار باید &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;مطلق باشد&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;. جز نفس کشیدن، هر فعالیت دیگر انسانی جنایتی به شمار می‌آید. در اوروگوئه، شکنجه به مثابهء  اصلی در امر بازجوئی به کار برده می‌شود: هر کسی ممکن است قربانی آن شود، نه فقط کسانی که مظنون یا مرتکب اقدامات مخالفت آمیزند و بدین طریق هراس از شکنجه، همچون گازی فلج کننده که به خانه‌ئی راه می‌یابد و در روح هر شهروندی ریشه می‌ند، در میان همهء شهروندان پراکنده می‌شود. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎شکار انسان در شیلی ۳۰ هزار کشته بر جای گذاشته است، اما در &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;آرژانتین&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; کسی را تیرباران نمی‌کنند: بل‌که اشخاص مورد‌نظر را به سادگی می‌ربایند. قربانیان ناپدید می‌شوند. سپاهیان ناپیدای شب، وظیفه را انجام می‌دهند. دیگر نه جسدی در میان است نه این که کسی گناهکار و مسئول شناخته می‌شود. بدین سان، کشتار- که همیشه غیر رسمی است، و نه رسمی - بدون این که کم ترین مجازاتی در کار باشد انجام می‌گیرد، و &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بدین طریق نگرانی جمعی بازتابی شدیدتر پیدا می‌کند. کسی حساب پس نمی‌دهد، کسی توضیح نمی‌دهد. هر جنایتی تردیدی‌ است دردناک برای کسانی که به قربانی نزدیکند، و نیز هشداری است برای دیگران. تروریسم دولتی‌، مردم کشور را از طریق ترس فلح می‌کند.&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎در &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اوروگوئه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; برای پیدا کردن کار یا از دست ندادن آن، لازم که انسان مورد التفات مقامات نظامی باشد. در کشوری که پیدا کردن کار در خارج از مراکز پلیس و سربازخانه‌ها بسیار دشوار است. این ضرورت، تنها باعث آن نشده است از ۳۰۰ هزار شهروندانی که دست چپی شناخته شده‌اند تعداد زیادی از کشور خارج شوند، بل این فایده را هم داشته است که  ماندگارها را به شدت مورد تهدید قرار دهد. برای روزنامه‌های مونته‌ویده‌ئو چاپ توبه‌نامه‌ها و آگهی‌های شهروندانی که از راه احتیاط بر سینهء خویش می‌کوبند که‌ «من نیستم‌، هیچ وقت نبوده‌ام‌، و هرگز هم نخواهم بود‌» امری بسیار عادی شده است. &lt;br /&gt;
‎در &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;آرژانتین&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; دیگرلازم نیست کتابی را با صدور اخطاریه‌ئی ویژه ممنوع اعلام کنند. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;قانون جزای&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; جدید‌، نویسنده‌ و ناشر هر کتابی را که «مخرب» شناخته مانند گذشته مجازات می‌کند. ولی فراتر از این‌، صاحب چاپخانه را هم به مجازات می‌رساند تا کسی جرات نکند متنی را که تنها احتمال می‌رود مورد سوءظن باشد چاپ کند؛ و در صورتی که این هم کافی به نظر نیاید خواننده را نیز مجازات می کند تا کسی جرات خواندان آن را هم به خود ندهد چه رسد به این که از آن برای خودش اساس عقیده‌ئی هم بتراشد! بدین سان با مصرف کننده‌ء کتاب همان رفتاری می‌شود که برای مصرف کننده‌ء داروهای مخدر پیش‌بینی کرده است {{نشان|25}}. در این طرح جامعهء کرولال، هر شهروندی باید « مفتش عقیده‌ء» خود شود. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎در &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اوروگوئه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، لو ندادن همسایه جرم به شمار می‌آید. دانشجویان هنگام ورود به دانشگاه سوگند‌نامه‌ئی امضا می‌کنند که هر که را در محوطهء دانشگاه دست به «هر گونه فعالیتی نامرتبط با درس خواندن‌» بزند معرفی خواهندکرد. بدین سان دانشجو خود را در هر ماجرائی که تاحتمالا در حضور وی اتفاق افتد مسوول می‌کند. در این طرح جامعهء کسانی که خوابیده راه می‌روند، هر شهروندی باید پلیس خود و دیگران باشد. به هر حال، این نظام به راستی غیرقابل اعتماد است. در اوروگوئه تعداد افراد پلیس و سربازان به صد هزار نفر می‌رسد، ولی تعداد خبرچین‌ها نیز صدهزار نفر است. جاسوسان در خیابان‌ها، کافه ها و اتوبوس‌ها، در کارخانه‌ها و دبیرستان‌ها، در ادارات و در ادانشگاه به کار مشغولند. هر کس به صدای بلند زبان به شکایت بگشاید که زندگی سخت و گران است بی‌گمان گذارش به زندان خواهد افتاد زیرا « جرمی بر ضد روحیه‌ء نیروهای مسلح‌» مرتکب شده است که سزای آن سه تا شش سال زندان است. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
۱۸&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎در رفراندوم ماه ژانویه ۱۹۷۸، رای آری برای دیکتاتوری پینوشه را با علامت صلیبی زیر پرچم شیلی مشخص کرده بودند، و رای نه را زیر مستطیلی سیاه. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎نظام حاکم می‌خواهد با کشور یکی پنداشته شود. نظام حاکم، خودِ کشور است. این‌، محتوای تبلیغات رسمی است که مردم شب و روز با آن بمباران می‌شوند. دشمن‌ِ نظام‌ِ حاکم، خاٍن وبه سرزمین‌ِ اجدادی به حساب می‌آید. گواه‌ِ حدودِ خشم و نفرت مردم از بی‌عدالتی و آرزوی تغییر و دگرگونی‌، فرار از کشور است. در بسیاری از کشورهای آمریکای لاتین کسانی که به آن سوی مرزها تبعید نشده‌اند از تبعید در داخل سرزمین خود رنج می‌برند. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎اما در همان هنگامی که پینوشه پیروزی خود را جشن گرفته بود، رژیم دیکتاتوری او اعتصاباتی را که علی‌رغم حکومت ترس و وحشت در سراسر شیلی برپا می‌شد «غیبتِ دست جمعی‌ِ کارگران‌» نام گذاشته بود. اکثریت کسانی که در &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;آرژانتین&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; ربوده یا ناپدید شده‌اند کارگرانی هستند که به فعالیت‌های اتحاديهء کارگری پرداخته بودند. در تخیلات پایان‌ناپدیر مردم‌، پیوسته شکل‌های جدیدی از مبارزه بارور می‌شود: &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;کم‌کاری و عدم همکاری&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; و همبستگی‌، راه‌های تازه‌ئی برای رهائی از ترس کشف می‌کند. بسیاری از اعتصابات همکانی آژانتین‌، در سال ۱۹۷۷ روی داد که خطر از دست دادن زندگی از خطر از دست دادن کار و شغل کم‌تر نبود. قدرت واکنش نشان دادن طبقه‌ء کارگرِ سازمان یافته و دارای سنت طولانی مبارزه را نمی‌توان با یک نوشته از میان برد. در ماه مه همان سال‌، هنگامی که دیکتاتوری اوروگوئه ترازنامهء برنامه‌های شست و شوی مغزی و اخته سازی دست جمعی خود را تنظیم می‌کرد مجبور شد اعتراف کند که « هنوز سی و هفت درصد شهروندان کشور به سیاست علاقه‌مند هستند.»{{نشان|26}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎ما در این سرزمین ها با کودکی‌ِ وحشیانهء سرمایه‌داری روبه‌رو نیستیم‌، بلکه فرتوتی‌ِ خونبار آن را مشاهده می‌کنیم. کم توسعگی مرحله‌ئی از توسعه نیست‌، بلکه منتجهء آن است. کم توسعگی آمریکای لاتین ناشی از توسعهء بیگانگان است و هنوز هم به آن سوخت می رساند. نظام حاکم که به علت نقش بندگی‌ِ بین‌المللی خود ناتوان و از لحظهء تولد در حال احتضار است پایش در گل است. خود را به طور مسلم سرنوشت کشور می‌پندارد و می‌خواهد که ابدمدت انگاشته شود. هرگونه خاطره‌ئی خرابکار است، زیرا که متفاوت است‌؛ هم‌چنین هر طرح ناظر به آینده‌ئی این اژدهای خواب آلود را وادار می‌کند که بدون نمک غذا بخورد: نمک خطرناک است، ممکن است بیدارش کند. نمونهء بارز نظام حاکم را که در جامعهء ساکن‌ِ مورچگان می‌توان دید. به همچنین دلیل هر قدر هم که دگرگونی پیدا کند با تاریخ بشری سازگار نیست، چرا که در تاریخ بشری، هر اقدام ویرانگرانه‌ئی دیر یا زود با اقدامی خلاق پاسخ خواهد گرفت. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎بارسلون - آوریل ۱۹۷۸&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
‎&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ترجمهء رامین شهروند&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
   &lt;br /&gt;
==یادداشت‌ها==&lt;br /&gt;
 ۱. {{پاورقی|۱}}&lt;br /&gt;
۲. {{پاورقی|۲}}&lt;br /&gt;
۳. {{پاورقی|۳}}&lt;br /&gt;
۴. {{پاورقی|۴}}&lt;br /&gt;
۵. {{پاورقی|۵}}&lt;br /&gt;
۶. {{پاورقی|۶}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ‌چین}} 15. {{پاورقی|15}}. United Nations, ECLA, op. cit., note 19{{پایان چپ‌چین}}&lt;br /&gt;
{{چپ‌چین}}16. {{پاورقی|16}}. UNCTAD, &amp;quot;The Marketing and Distribution System for Bananas&amp;quot;, December 1974. {{پایان چپ‌چین}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
    &lt;br /&gt;
    &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
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       &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[رده:کتاب جمعه ۱۳]]&lt;br /&gt;
[[رده:کتاب جمعه]]&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Pouya</name></author>
	</entry>
	<entry>
		<id>http://irpress.org/index.php?title=%D9%BE%D8%B3_%D8%A7%D8%B2_%D9%87%D9%81%D8%AA_%D8%B3%D8%A7%D9%84&amp;diff=25140</id>
		<title>پس از هفت سال</title>
		<link rel="alternate" type="text/html" href="http://irpress.org/index.php?title=%D9%BE%D8%B3_%D8%A7%D8%B2_%D9%87%D9%81%D8%AA_%D8%B3%D8%A7%D9%84&amp;diff=25140"/>
		<updated>2011-09-22T21:24:11Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;Pouya: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[Image:13-003.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۳|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۳]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-004.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۴|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۴]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-005.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۵|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۵]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-006.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۶|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۶]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-007.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۷|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۷]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-008.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۸|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۸]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-009.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۹|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۹]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-010.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۰|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۰]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-011.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۱|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۱]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-012.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۲|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۲]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-013.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۳|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۳]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-014.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۴|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۴]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-015.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۵|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۵]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-016.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۶|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۶]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-017.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۷|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۷]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-018.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۸|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۸]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-019.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۹|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۹]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-020.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۰|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۰]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-021.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۱|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۱]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-022.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۲|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۲]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-023.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۳|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۳]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-024.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۴|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۴]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-025.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۵|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۵]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-026.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۶|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۶]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-027.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۷|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۷]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-028.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۸|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۸]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-029.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۹|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۹]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-030.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۳۰|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۳۰]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-031.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۳۱|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۳۱]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-032.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۳۲|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۳۲]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-033.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۳۳|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۳۳]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{در حال ویرایش}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
«نوشتن چه سودی دارد اگر برای مبارزه با موانعی نباشد که نظام حاکم در برابر پیام مخالفان قرار می‌دهد؟» این، پیام دلاورانۀ &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ادواردو گالیانو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; است. آری، به‌راستی سودش چیست؟- نوشتن یا آفرینش هنری، اگر برای محکوم کردن بی‌انسانیتی نظام حاکم و زمانِ ما نباشد معنایش چیست؟&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
هرچند درست است که هنر و ادبیات از راه ستایش لحظه‌های آسایش زندگی، زندگی را زیور می‌بخشد. و درست است که نقش هنر و ادبیات و شعر و موسیقی، لذت بردن هرچه بیش‌تر ما از زندگی، و ژرف‌تر و آهنگین‌تر و پر معنا کردنِ روابط، با یکدیگر است؛ اما انسان چه‌گونه می‌تواند ستایشگر دنیائی باشد که در آن، بیش‌تر انسان‌ها تنها از آن رو «می‌زیند»که لذایذ بیرحمانۀ حیات گروهی اندک را که به‌اصطلاح «صاحبان امتیازات ویژه»‌اند تأمین کنند؟ انسان چه‌گونه می‌تواند با نظامی هماهنگ شود که پیوسته در کارِ مکیدنِ خونِ رگ‌های باز است؟ - رگ‌های باز، تنها در آمریکای لاتین نیست بلکه یک سر از ویژگی‌هایِ تمامی جهان سوم است.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
برای ما، در جهان سوم، زمان، زمان بحران است نه زمان ستایش و شادمانی! زمان نگرش به‌واقعیت خویش و تفکر و اندیشۀ انتقادی است، نه خیالبافی‌های عرفانی. زمان مبارزه است و در این مبارزه، ما نیاز به‌صدائی داریم که نظام ستمگر را رسوا و بی‌انسانیّتیِ آن را محکوم کند و امید به‌آینده را به‌ما دهد. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ادواردو گالیانو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; چنین صدای راستینی است که نه تنها برای آمریکای لاتین، بل برای سراسر جهان سوم و در واقع برای تمامی بشریت سخن می‌گوید.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
۱&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
هفت سال از زمان چاپ نخست&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;رگ‌های بازِ آمریکای لاتین&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; می‌گذرد. این کتاب برای آن نوشته شده بود که با مردم به‌گفت‌و گو بپردازد. نویسنده‌ئی ناخبره، مردمی ناخبره را مورد خطاب قرار داده بود تا پاره‌ئی حقایق را که تاریخ رسمی- تاریخی که فاتحان نوشته‌اند- پنهان داشته یا تحریف کرده است فاش شود.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
هیجان‌آمیزترین پاسخ‌ها و واکنش‌ها نه از صفحات ادبی روزنامه‌ها، بل از متن زندگی واقعی رخ نمود، آن هم به‌صورت رویدادهائی در کوچه و خیابان. به‌عنوان مثال، دختری که در اتوبوسی کتاب را برای دوستی که پهلویش نشسته بود می‌خواند، سر انجام به‌پا خواسته در حالی که اتوبوس از خیابان‌های &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بوگوتا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; می‌گذشت، قسمتی از آن را به‌صدای بلند برای همۀ مسافران خوانده بود. یا، زنی که طی روزهای کشتار از &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سانتیاگو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; (پایتخت شیلی)می‌گریخت کتاب را لای قنداقۀ کودکش پنهان کرده بود. یا،  دانشجوئی که قدرت خرید کتاب را نداشت یک هفتۀ تمام در خیابان&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;کوری‌یِن‌تِس&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; محلۀ کتابفروش‌های &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;شهر بوئنوس آیرس&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; از این کتابفروشی به‌آن کتابفروشی رفته در هر کدام چند صفحه از کتاب را خوانده بود!&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
هم‌چنین بهترین تعریفی که از این کتاب شد از طرف نقدنویسان متخصص نبود، این تعریف را دیکتاتورهای نظامی کردند، آن هم از طریق ممنوع کردن کتاب! – به‌عنوان مثال، &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;رگ‌های باز&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; در کشور خود من- &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اروگوئه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;- قابل چاپ و پخش نیست. همین طور در&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;شیلی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;. در&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;آرژانتین&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; هم مقامات دولتی در رادیو و تلویزیون و روزنامه‌ها آن را به‌عنوان «وسیلۀ فساد جوانان»محکوم کرده‌اند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بلاس داوته‌رو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; [شاعر معاصر برجستۀ اسپانیولی]می‌گفت: «آن‌ها اجازه نمی‌دهند چیزهائی که من می‌نویسم دیده شود، چون من فقط چیزهائی را که می‌بینم می‌نویسم!»&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
به‌عقیدۀ من، با توجه به‌تمامی چیزهائی که گفته شده و انجام گرفته است، اگر شادمانه ادعا شود که &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;رگ‌های باز&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; کتابی نبوده که پژواکی نداشته باشد، نباید به‌قمپز در کردن تعبیرش کنند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
۲&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
این نکته که &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;رگ‌های باز&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; – این&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;کتاب راهنمایِ&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; پرده دری‌ها و فاش‌سازی‌ها- اقتصاد سیاسی را به‌سبک سرگذشت عشقی با قصۀ دزدهای دریائی مورد بحث قرار داده است باید سخت کفرآمیز به‌نظر آمده باشد. این را خودم هم می‌دانم. امّا باید اعتراف کنم که برای من، خواندن پاره‌ئی از مطالعات پرارزشی که بعضی جامعه‌شناسان، سیاست‌شناسان، اقتصاددانان و مورخان به‌زبان رمز می‌نویسند کاری بس دشوار است. زبان سربستۀ علمی، همیشه هم الزاماً بهای عمق و دانش زیاد نیست. حتی در پاره‌ئی موارد ناتوانی امر برقرار کردنِ ارتباط به‌سادگی تمام ممکن است، اعتلای فضایل روشنفکرانه جلوه کند. به‌گمان من دلزدگی ناشی از این امر بیش‌تر نظام مستقر را تبّرک می‌کند و تأکید می‌کند که دانش، امتیاز ویژۀ &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;نخبگان&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; است.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
به‌طور گذرا می‌توان گفت مشتی از آثار ادبیات مبارز نیز که برای مردمی معتقد نوشته می‌شود، معمولاً به‌چنین سرنوشتی گرفتار می‌آیند. زبانی که همین جور سرسری جمله‌های حاضر و آماده را با همان صفت‌ها و موصوف‌های مرسوم و همان شیوۀ بیان آهنگین معمول برای همان گوش‌های همیشگی تکرار می‌کند، هر قدر هم که فصاحت انقلابی داشته باشد به‌نظر من سازشکارانه می‌نماید. شاید این نوع ادبیاتِ محدودِ کم‌مایه به‌همان اندازه از انقلاب به‌دور باشد که ادبیات هرزۀ جنسی از ادبیات عاشقانه.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
۳&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
انسان می‌نویسد، تا سؤال‌هائی را که در سرش وزوز می‌کنند، این مگس‌های سمجی را که خواب از چشمش می‌ربایند، بیازماید و برای‌شان پاسخی پیدا کند و آن چه انسان می‌نویسد، اگر به‌ترتیبی با نیاز جامعه به‌یافتن فلان پاسخ منطبق شود، می‌تواند معنائی جمعی به‌دست آورد. من &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;رگ‌های باز&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; را برای آن نوشتم که اندیشه‌ها و تجارب شخصی گوناگونم را منتشر کنم تا شاید خصوصیت واقع‌بینانۀ آن‌ها بتواند کم‌و بیش مشتی از آن همه سؤال را که علی‌الدوام آزارمان داده است روشن کند: آیا آمریکای لاتین منطقه‌ئی از دنیاست که محکوم به‌تحمل خفت و فقر است؟ محکوم از طرف که و به‌چه دلیل؟ خطای خدا یا خطای طبیعت؟ آب و هوای طاقت‌فرسا و نژادهای پست؟ مذهب و آداب و رسوم؟ آیا این تیره‌بختی منتجّۀ تاریخ نیست که آن را انسان ساخته است؟ و بنابراین، آیا انسان نمی‌تواند آنها را دیگرگون کند؟&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
تجلیل گذشته، به‌نظر من، همیشه امری ارتجاعی بوده است. دست راستی‌ها&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;گذشته&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; را برمی‌گزینند چون&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;گذشته&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، مردگان را برتر و بهتر می‌شمارد: دنیائی ناآشفته و دوران‌هائی ناآشفته. قدرتمندان که امتیازات ویژۀ خود را از طریق ارث بردن مشروع می‌کنند دلتنگیِ خیال‌انگیزِ گذشته را می‌پرورند. انسان هنگامی که به‌تماشای موزه‌ئی می‌رود، به‌مطالعۀ تاریخ می‌پردازد. و این مجموعۀ مومیائی‌ها وسیله‌ئی است برای سوء‌استفاده از اعتماد و اطمینان مردم. آن‌ها دربارۀ گذشته به‌ما دروغ می‌گویند هم‌چنان که دربارۀ زمان حاضر نیز دروغ می‌گویند: واقعیت را پنهان می‌کنند و ستم‌دیده را وامی‌دارند خاطره‌ئی را که ستمگر برای او ساخته و چیزی ناآشنا هزار وصله و بیهوده است از آن خود بداند، تا بدین سان او خود را کنار کشد و زندگی‌ئی را بپذیرد که از آنِ او نیست، امّا انگار تنها زندگی‌ئی است که برای او ممکن است.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;رگ‌های باز&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، چنین می‌نماید که گذشته، بسان خاطرۀ زندۀ روزگارِ ما، از سوی زمان حاضر فراخوانده شده است. این کتاب، جست‌و جوئی است برای یافتن کلیدهای تاریخ گذشته، تا شاید از آن رهگذر زمان حاضر را (که آن نیز در حال ساختن تاریخ است)تشریح و تبیین بتوان کرد، و منطق حکم کرده است که نخستین شرطِ دگرگون کردنِ واقعیت، شناختن آن است. در این جا، فهرست قهرمانانی که پنداری برای شرکت در مجلس رقص البسۀ عجیب و غریب پوشیده‌اند یا به‌هنگام مرگِ در عرصۀ کارزار جمله‌های شکوهمند و پرهیبت و بالا بلند بر زبان می‌آورند در دسترس ما‌قرار نمی‌گیرد، بلکه صدا و گذرِ گام‌های گروه‌های عظیمی را وارسی می‌کنیم که گام‌های امروزین ما را پیشگوئی می‌کند. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;رگ‌های باز&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; از واقعیت مایه گرفته، اما از کتاب‌هائی دیگر و از خودش بهتری نیز سود برده است که، ما را یاری کرده‌اند تا بدانیم چیستیم، تا بدانیم چه می‌توانیم باشیم؛ ما را یاری کرده‌اند تا یقین کنیم که از کجا آمده‌ایم و بهتر بتوانیم حدس بزنیم که به‌کجا می‌رویم. آن واقعیت و آن کتاب‌ها نشان می‌دهند که توسعه نیافتن آمریکای لاتین نتیجۀ توسعه یافتن بیگانگان است: مردم آمریکای لاتین فقیرند چون خاکی که بر آن گام می‌گذاریم غنی است و جاهائی را که طبیعت مزیت و نعمت بخشیده باشد تاریخ نفرین کرده است. در این دنیای ما، دنیای مراکز قدرتمند و حومه‌های قدرت زده و زیر سلطه، ثروتی نیست که به‌دست آوردن آن دست کم«مشکوک»نبوده باشد.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
۴&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در این مدت زمانی که از نخستین چاپِ&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;رگ‌های باز&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; گذشته، تاریخ برای ما هم‌چنان معشوقی ستمکار بوده است.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
نظام حاکم، ترس و گرسنگی را چند برابر کرده است. ثروت به‌تمرکز، و فقر به‌گسترده شدن ادامه داده است. در اسناد و مدارک سازمان‌های&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;تخصصی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; بین‌المللی که زبان بی‌آلایش‌شان &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;مناطق ستم‌زدۀ&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; ما را «کشورهای در فرایند توسعه»و &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;فقرزدگی کینه‌توزانۀ طبقۀ کارگر&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; را «توزیع نزولی درآمد»نام‌گذاری کرده است ما را چنین شناخته‌اند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;عَصّارخانۀ بین‌المللی به‌کار خود ادامه داده است: کشورها در خدمت کالاها، انسان‌ها در خدمت اشیاء&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
با گذشت زمان، آن‌ها شیوه‌های صدور بحران را تکامل می‌دهند. سرمایۀ انحصاری به‌ذروۀ تمرکز خود می‌رسد و تسّلط بین‌المللی بر بازارها و اعتبارات و سرمایه‌گذاری‌ها انتقال مرتب و منظم و فزایندۀ تضادها را امکان‌پذیر می‌کند: حومه‌ها، بدون این که آشفتگی‌ها و نابسامانی‌های مهم رخ دهد، بهای رونق و کامکاری مراکز را می‌پردازند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
«بازار بین‌المللی»هنوز یکی از شاه کلیدهای این عملیات است. در این بازار، شرکت‌های چندملّیتی دیکتاتوری خود را اعمال می‌کنند (چندملّیتی، زیرا چنان که &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سویزی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; [اقتصاددان مشهور آمریکائی]توجیه کرده است در چند کشور عمل می‌کنند اما البته از نظر مالکّیت و کنترلی که دارند در واقع ملی هستند)سازمان جهانی نابرابری، با این واقعیت که امروزه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;برزیل&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;- به‌عنوان مثال- اتومبیل فولکس‌واگن به‌کشورهای دیگر آمریکای جنوبی و بازارهای دوردستِ آفریقا و خاورنزدیک صادر می‌کند، دگرگون نمی‌شود. در واقع، این، شرکتِ فولکس‌واگن&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;آلمانی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; است که دریافته است اگر محصولش را برای پاره‌ئی از بازارها، از واحد فرعی &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;برزیلی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; خود صادر کند برایش با صرفه‌تر است: هزینۀ پائینِ تولید و کارگرِ ارزان از برزیل، و سودهای کلان از آنِ آلمان.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در ضمن، هنگامی هم که بعضِ اقلام مواد خام به‌طرزی معجزه‌آسا از نفرین قیمت‌های پائین رهائی یابد هرگز مخاطره‌ئی پیش نمی‌آورد. وضع نفت از سال 1973 به‌این طرف چنین بوده است. مگر نفت دادوستدی بین‌المللی نیست؟ &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;استاندارد اویل&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; نیوجرسی، که اکنون&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اکسان&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; نام دارد،&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;رویال داچ‌شِل&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; یا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;گُلف&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;. – آیا این‌ها کشورهای عربی هستند یا کشورهای آمریکائی لاتین؟ سهم بیش‌تر از آنِ کیست؟ و بسیار فاش کننده بود تهمت‌های پر سروصدائی که به کشورهای تولیدکنندۀ نفت وارد آوردند.- آن‌ها جرأت کرده بودند از بهای نفت خود دفاع کنند و بی‌درنگ سپر بلای تورم و بیکاریِ کارگران اروپا و آمریکا شدند. آیا کشورهای- «توسعه یافته»هرگز پیش از بالا بردن بهای هر یک از فراورده‌های خود با کسی مشورت می‌کنند؟ بیست سال بود که بهای نفت مرتب پائین آمده بود. مظنۀ پائین و شرم‌آور آن نشانۀ کمک مالی عظیمی بود که به‌مراکز صنعتی بزرگ دنیا می‌شد. از سوی دیگر، فراورده‌های این مراکز روز به‌روز گران‌تر می‌شد. مظنۀ جدید نفت، در ارتباط با افزایش پایان‌ناپذیر بهای فراورده‌های اروپائی و آمریکای شمالی، جز این که آن را به‌سطح سال 1952 بازگرداند کاری نکرده بود. در سال 1973، نفت خام بار دیگر قدرت خریدی را که در دهۀ پیش داشت بازیافت. فقط همین.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
۵&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
یکی از رویدادهای مهم هفت سال اخیر ملی شدن نفت&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ونزوئلا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; است. این «ملی شدن»وابستگی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ونزوئلا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; در مسایل مربوط به‌تصفیه و عرضۀ نفت به‌بازارها را از میان نبرد، اما حیطه و گسترۀ جدیدی برای خودمختاری به‌وجود آورد. هنوز مدتی از تشکیل شرکت دولتیِ &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;نفت را به‌کار می‌برند]نگذشته بود Petroven که بیش‌تر مخفف آن Petroleos de VENEZUELA]ونزوئلا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; &lt;br /&gt;
که، این شرکت در میان 500 شرکت بسیار مهم آمریکای لاتین مقام اول را به‌دست آورد. برای یافتن بازارهائی جدید سوایِ بازارهای سنتی به‌جست‌وجو پرداخت و خیلی زود توانست مشتریانی تازه پیدا کند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
به‌هر حال هنگامی که دولت مالک ثروت اصلی سرزمین خود می‌شود همیشه به‌جا است که پرسیده شود «مالک خود دولت کیست؟»- ملی شدن منابع اساسی یک کشور، فی‌نفسه مفهومش توزیع مجدد درآمد به‌سودِ اکثریت مردم نیست، و ضرورتاً قدرت یا امتیازات ویژۀ اقلیت حاکم را به‌مخاطره نمی‌افکند. در ونزوئلا، اقتصاد اسراف و اتلاف، دست‌نخورده به‌حیات خود ادامه می‌دهد و در مرکز آن، زیر نور چراغ‌های نئون، یک طبقۀ اجتماعی میلیونر و ولخرج می‌درخشد. در سال 1976، واردات کشور 25 درصد افزایش یافت؛ اقدامی تمام عیار برای تأمین هزینۀ کالاهای فوق تجملی که به‌بازار ونزوئلا سرازیر شده و آن را در خود غرق کرده است. پرستش بت‌وارِ کالاها همچون نشانه و نماد قدرت اوج گرفته است و روابط انسانی به‌حدّ رقابت در مصرف تنزل یافته: در میان اقیانوس توسعه نیافتگی، اقلیتی که دارای امتیازات ویژه است روش زندگی و مدپرستیِ ثروتمندترین افرادِ توانگرترین جوامع دنیا را تقلید می‌کند؛ و در خودنمائی‌های &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;کاراکاس&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; هم، مانند&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;نیویورک&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، سرمایه‌های عالی «طبیعی»- یعنی هوا و نور و سکوت- بیش از پیش گران‌تر و  اَبَرمردِ ناسیونالیسمJuan Pablo Perez Alfonsoکمیاب‌تر می‌شوند. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;خوآن پابلو پِرِز آلفونسو  &lt;br /&gt;
ونزوئلا و پیامبر باز پس‌گرفتن و ملی کردنِ نفت، چنین هشدار می‌دهد: «آهای،مواظب باشید. انسان ممکن است از سوء هاضمه هم مثل گرسنگی بمیرد!» {{نشان|1}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
۶&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
 من نوشتن&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;رگ‌های باز&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; را در آخرین روزهای سال 1970 به‌پایان رساندم.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
روی تخت عمل مرد. تابوت  Juan Velasco Alvaradoدر آخرین روزهای سال &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;1977 خوان‌ولاسکو آلوارادو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; &lt;br /&gt;
او را بزرگ‌ترین جمعیتی که در خیابان‌های &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;لیما&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; دیده شده بود روی دوش به‌گورستان برد. ژنرال &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ولاسکو آلوارادو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; که در خانه‌ئی محقر در سرزمین‌های خشک شمال &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پرو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; چشم به‌دنیا گشوده بود فرآیندِ اصلاحات اجتماعی و اقتصادی را رهبری کرد. این ژرف‌ترین و فراگیرنده‌ترین کوششی بود که در جهت دگرگونی در تاریخ معاصر کشور او صورت گرفت. با آغاز شورش سال 1968، دولت نظامی نیروی محرک و پویای اصلاحات کشاورزیِ راستین شد و راه را برای باز پس گرفتن منابع طبیعی که سرمایه‌های خارجی غصب کرده بود باز کرد. اما حتی پیش از آن که &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ولاسکو آلوارادو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; چشم از جهان فرو بندد، ختم انقلاب برچیره شده بود. فرآیند آفرینندگی ، عمری بس کوتاه داشت.- دو چیز آن را از پا در آورد: یکی باج سبیل رباخواران و دلالان، و دیگری این حقیقت مسلم که هر برنامه‌ئی، هر قدر هم پدرانه، اگر پایگاه مردمیِ سازمان یافته‌ئی نداشته باشد بی‌دوام است و محکوم به‌فنا.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در شب عید میلاد 1977، در حالی که قلب ژنرال&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ولاسکو آلوارادو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; در &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پرو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; از حرکت باز می‌ایستاد، ژنرالی دیگر که هیج گونه شباهتی به‌وی نداشت، در &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بولیویا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; مشت خود را محکم روی میز    دیکتاتور&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بولیویا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، بدین‌سان به‌تقاضای عفو زندانیان، Hogo Banzerمی‌کوبید. ژنرال &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;هوگو بانزر&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; &lt;br /&gt;
تبعیدشدگان، و کارگران اخراج شده، می‌گفت: «نه!»- چهار زن و چهارده کودک از معادن قلع به &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;لاپاز&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; (پایتخت)آمدند و دست به‌اعتصاب زدند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
قضاوت خبرگان چنین بود: «حالا زمانِ این کار نیست؛ موقعش که شد، خودمان خبرتان می‌کنیم...»&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
زن‌ها نشستند روی زمین و چنین گفتند: «ما با شما مشورت نمی‌کنیم، بلکه فقط به‌تان اطلاع می‌دهیم، تصمیم، گرفته شده است. در معادن، همیشه اعتصاب غذاست. چشم به‌دنیا نگشوده اعتصاب غذامان شروع می‌شود. در آن جا ما محکوم به‌مرگ نیز هستیم. البته آهسته آهسته، ولی به‌هر حال محکوم به‌مرگیم.»&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
دولت با مجازات و تهدید واکنش نشان نداد اما اعتصاب غذا نیروهائی را که مدت‌های طولانی در بند مانده بودند آزاد کرد. سراسر&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بولیویا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; تکان خورد و دندان‌های تیز خود را نشان داد. ده روز بعد، دیگر، مسأله فقط بر سرِ غذای چهار زن و چهارده کودک نبود: هزاروچهارصد کارگر و دانشجو دست به‌اعتصاب غذا زده بودند. رژیم دیکتاتوری احساس کرد که زمین زیر پایش دهان باز کرده است. فرمان عفو عمومی گرفته شد.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
بدین سان دو کشور &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;منطقۀ آند&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; از خط فاصل سال 1977 و 1978 گذشتند. در شمال، در &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;منطقۀ کارائیب&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، کشور&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پاناما&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; در پایان مذاکرات دشواری که با ایالات متحدۀ آمریکا انجام داد، به‌انتظار الغای قرارداد مستعمراتی کانال بود؛ و در&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;کوبا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; مردم در تکاپوی برگزاری جشن انقلاب سوسیالیستی خود بودند، جشن هفدهمین سال زندگی پیروزمند خویش. چند روز بعد، در &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;نیکاراگوا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، مردم خشمگین به‌خیابان‌ها ریختند. دیکتاتور&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سوموزا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، پسر دیکتاتور&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سوموزا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، از سوراخ کلید نگاه می‌کرد. خشم مردم ساختمان‌های چندین شرکت را به‌آتش کشید. یکی از این  ، که در آغاز سال 1978 آتش زده شد متعلق Plasmaferesisشرکت‌ها، به‌نام&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پلاسما فره‌سیس  &lt;br /&gt;
به‌تبعیدشدگان کوبائی بود که خون مردم&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;نیکاراگوا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; را به‌ایالات متحده می‌فروخت. (در دادوستد خون هم مانند هر دادوستد دیگر آنچه به‌دست تولیدکنندگان می‌رسد اندکی بیش‌تر از «پول چائی»است.  برای هر لیتر خون که در بازار آمریکای Hemo Caribbeanبه‌طور مثال شرکت &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;همو کاریبئین&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;  &lt;br /&gt;
شمالی به‌بیست و پنج دلار فروش می‌رود سه دلار به‌مردم &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;هائیتی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; می‌پردازد.)&lt;br /&gt;
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۷&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
مقاله‌ئی چاپ، و اعلام کرد که حکومت Orlando Letelierدر ماه اوت1976،&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اورلاندو لِته‌لی‌یر&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;  &lt;br /&gt;
وحشت دیکتاتوری&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پینوشه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; و «آزادی اقتصادی»گروه‌های کوچک اداری امتیازات ویژه دو روی یک‌سکه است. {{نشان|2}}وی یکی از وزیران دولت &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سالوادور آلنده&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بود. در ایالات متحده در تبعید به‌سر می‌برد، و در همین جا بود که چندی بعد بمبی او را تکه‌تکه کرد. {{نشان|3}}او در مقاله‌اش چنین استدلال کرده بود که سخن گفتن از رقابت آزاد، در اقتصادی مانند اقتصاد شیلی- که تابع انحصاراتی است که هر وقت بخواهند با قیمت‌ها بازی می‌کنند- بیهوده است. و در کشوری که اتحادیه‌های واقعی کارگری غیرقانونی اعلام شده‌اند و حقوق و دستمزدها را شورای نظامی تعیین می‌کند، دم زدن از حقوق حقۀ کارگران خنده‌دار است. وی در این مقاله شرح می‌داد چگونه به‌دست آورده بودند Unidad popularپیروزی‌هائی که مردم شیلی در زمان دولت&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اتحاد خلق&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; &lt;br /&gt;
به‌طور کامل از میان رفته است. از انحصارات صنعتی که &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سالوادور آلنده&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; ملی کرده بود، رژیم دیکتاتوری نیمی را به‌صاحبان پیشین بازگرداند و نیمی دیگر را به‌معرض فروش گذاشت. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;فایرستون&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، ، کارخانۀ عظیم Parsonos Whitmoreکارخانۀ لاستیک‌سازی ملی را خرید و&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پارسونز و ویتمور&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; &lt;br /&gt;
خمیر کاغذسازی را... اقتصاد شیلی، به‌گفتۀ&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;لته‌لی‌یر&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، حتی از دورۀ پیش از به‌قدرت رسیدن &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;آلنده&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; هم بیش‌تر متمرکز و انحصاری شد. {{نشان|4}}&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;در آمریکای لاتین آزادی عمل شرکت‌ها با آزادی‌های مدنی هیچ سازگاری ندارد: نه این همه مذاکرات آزاد شرکت‌ها سابقه داشته است، نه این همه دستگیری و زندانی شدن مردم. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; و اما آزادی بازارها؟- از آغاز سال 1975 قیمت شیر در شیلی «آزاد»اعلام شد. نتیجۀ این اقدام طولی نکشید که ظهور کرد. دو شرکت بر بازارها مسلط شدند. قیمت شیر بلافاصله برای مصرف‌کنندگان 40 درصد افزایش یافت، در حالی که برای تولیدکنندگان 22 درصد پائین آمد!&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
مرگ‌ومیر کودکان، که در دورۀ حکومت&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اتحاد خلق&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; به‌میزان قابل توجهی پائین آمده بود، پس از به‌قدرت رسیدن&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پینوشه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; جهشی چشمگیر یافت. هنگامی که&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;لته‌لی‌یر&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; در یکی از خیابان‌های&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;واشینگتن&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; به‌قتل رسید، یک چهارم مردم شیلی هیچ درآمدی نداشتند اما یا به‌لطف صدقه‌های خیرخواهانۀ مردم کشورهای دیگر یا به‌علت سرسختی خود و بخورنمیری که به‌نحوی به‌دست می‌آوردند زنده ماندند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
شکافی که در آمریکای لاتین میان بهزیستی گروهی اندک و تیره‌روزی اکثریت مردم وجود دارد بسی عمیق‌تر از شکافی است که در اروپا یا ایالات متحده میان این دو طبقه دیده می‌شود. در نتیجۀ روش‌هائی هم که برای حفظ این شکاف لازم است وحشیانه‌تر است. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;برزیل&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; دارای ارتشی عظیم و کاملاً مجهز است، اما تنها پنج درصد بودجۀ کشور صرف آموزش و پرورش می‌شود. در&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اوروگوئه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; نیمی از بودجۀ کشور در حال حاضر به‌نیروهای مسلح و پلیس اختصاص دارد. یک پنجم جمعیت فعال کشور از راه جاسوسی و تعقیب یا مجازات دیگران زندگی می‌کنند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
بدون تردید یکی از مهم‌ترین رویدادهای این دهه، در سرزمین‌های ما، سرگذشت غمبارِ شورش نظامی در شیلی بود که در یازدهم سپتامبر، دولت دموکرات &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سالوادور آلنده&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; را واژگون کرد و کشور را در حمام خون غوطه داد.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اندکی پیش از آن، در ماه ژوئن، کودتائی در &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اوروگوئه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; پارلمان را منحل کرد، اتحادیه‌های کارگری را غیرقانونی شناخت و هرگونه فعالیت سیاسی را ممنوع اعلام داشت. {{نشان|5}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در ماه مارس 1976، ژنرال‌های&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;آرژانتین&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; به‌قدرت بازگشتند: دولت بیوۀ &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;خوآن دومینگو پرون&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;       &lt;br /&gt;
که از درون فاسد شده بود بدون ماتم و بدون سرافرازی فرو ریخت.Juan Domingo Peron&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
این سه کشور جنوبی آمریکای لاتین، اکنون، جراحتی بر پیکر دنیا هستند و منبع دائمی اخبار بد. شکنجه، آدم‌ربائی، آدمکشی، و تبعید اجباری، رسمِ روز شده است. آیا این دیکتاتوری‌ها غدّه‌هائی هستند که باید از ساز واره‌های سالم درآورده شوند یا دمل‌های چرکینی که عفونت نظام حاکم را آشکار می‌کنند؟&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
به‌اعتقاد من، همیشه رابطه‌ئی نزدیک میان شدت تهدید و وحشیانه بودن پاسخ و واکنش وجود دارد. آن چه امروز در&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;برزیل&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; و&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بولیویا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; اتفاق می‌افتد، به‌گمان من، بدون آن که تجربۀ رژیم‌های &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;خوائو   (رئیس جمهوری برزیل، 64-1961)و &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;خوآن خوزه تورس) (رئیس جمهوری  Joao Goulartگولار&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; &lt;br /&gt;
بولیویا، 71-1970)را به‌خاطر آوریم قابل درک نیست. این دولت‌ها، پیش از سقوط، یک رشته اصلاحات اجتماعی انجام داده یک سیاست اقتصادی ناسیونالیستی را به‌مرحلۀ اجرا در آورده بودند که فرایند آن در سال&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; 1964&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; در&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;برزیل&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; و در سال&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;1971&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; در&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بولیویا &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; متوقف شد. همین طور هم، می‌توان گفت که شیلی، آرژانتین و اوروگوئه کفارۀ گناه امید را می‌دهند. رشته تغییرات عمیق و بنیادین دولت &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;آلنده&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;؛ پرچم‌های عدالتی که در زمان دولت کم دوام &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;هکتور کامپورا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، در سال&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;1973&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، به‌اهتزاز درآمد و توده‌های کارگران آرژانتین را تجهیز و بسیج کرد؛ و سیاسی شدن پرشتاب جوانان اوروگوئه؛ این همه، مبارزه‌طلبی‌هائی بود که نظام حاکم بی‌قدرت و بحران‌زده نمی‌توانست تحمل کند. گاز تند آزادی نشان داد که برای اشباح خطرناک است و آن‌ها را به‌آتش می‌کشد، و گارد ویژه فراخوانده شد تا نظم را برقرار کند. عملیات پاک‌سازی، در واقع طرحی برای انهدام و نابودی است.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
۸&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
پرونده‌های کنگرۀ ایالات متحده اغلب دارای مدارک غیرقابل انکاری دربارۀ مداخلات در آمریکای لاتین است. جوهرسوزان گناه، در اعترافات &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;امپراتوری جهانی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، وجدان‌ها را به‌درد می‌آورد و آن‌ها را تطهیر می‌کند. به‌طور مثال در این اواخر، در سوانح گوناگونی که پیش آمده، پذیرش رسمی مسؤولیت از طرف ایالات متحده چندین برابر شده است. اعترافات علنی بسیار، از جمله ثابت کرده‌اند که دولت ایالات متحده از راه رشوه، جاسوسی، و باج سبیل، در امور سیاسی شیلی شرکت مستقیم داشته است. طرح اصلی جنایت در &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;واشینگتن&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ریخته شد. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;کیسینجر&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;و دستگاه‌های جاسوسی، از سال&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;1970&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;نقشۀ سقوط &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;آلنده&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;را آماده کردند. میلیون‌ها دلار در میان دشمنان دولت قانونی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اتحاد خلق&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;توزیع شد. و به‌این ترتیب بود که، به‌طور مثال، کامیون‌داران توانستند اعتصاب طولانی خود را (که در سال&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; 1973 &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;قسمت مهمی از اقتصاد &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;شیلی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; را فلج کرد)ادامه دهند. یقین داشتن به‌این که کیفری در کار نیست زبان‌ها را باز می‌کند. در زمان کودتای ضد &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;گولار&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، سفارت ایالات متحده در&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;برزیل&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; بزرگترین سفارتخانۀ آن کشور در دنیا بود. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;لینکلن گوردون&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; که در آن زمان سفیرکبیر آمریکا بود، سه سال بعد به‌خبرنگاری اعتراف کرد که دولت او مدت‌ها به‌نیروهائی که با اصلاحات مخالفت می‌کردند کمک مالی می‌کرده است! -&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;گوردون&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; گفته بود: «چنین کاری کم و بیش در آن روزها عادی بود... &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سیا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;به‌توزیع و تقسیم وجوه سیاسی عادت کرده بود.»{{نشان|6}}در همان مصاحبه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;گوردون&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; توضیح داده بود که در روزهای کودتا،&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پنتاگون&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; یک ناو هواپیمابر بزرگ و چهار کشتی نفت‌کش به‌نزدیکی‌های سواحل برزیل فرستاده بود «که شاید نیروهای ضد&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;گولار&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; خواستار پشتیبانی ما باشند»و افزوده بود: «این پشتیبانی قرار نبود تنها برای تقویت روحیه باشد؛ بلکه، آماده بودیم مواد مورد نیاز، تدارکات، اسلحه، و نفت هم بدهیم.»&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
از زمانی که پرزیدنت&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;جیمی کارتر&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; سیاست حقوق بشر را آغاز کرد، برای رژیم‌های آمریکای لاتین- که در درجۀ اول با مداخله و کمک آمریکای شمالی به‌مردم این منطقه تحمیل شده‌اند- عادت شده است که بر ضد مداخلات آمریکای شمالی در امور داخلی خود اعلامیه‌هائی تهیه و تنظیم کنند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
کنگرۀ ایالات متحده در سال 1976 و 1977 تصمیم گرفت کمک‌های اقتصادی و نظامی به‌کشورهای مختلف را معلق نگه دارد. اما به‌هر حال قسمت اعظم کمک‌های خارجی ایالات متحده از صافی کنگره نمی‌گذرد. بدین‌سان، با وجود اعلامیه‌ها و تصمیمات و اعتراضات، رژیم ژنرال&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پینوشه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;در سال &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;1976،290 &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; میلیون دلار بدون تصویب «قوۀ قانونگذاری آمریکا» به‌صورت کمک از آن کشور  &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;- دیکتاتور آرژانتین- پس از آن که نخستین سال عمر خود را Videlaدریافت کرد رژیم ژنرال&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ویدِلا  &lt;br /&gt;
پشت سر گذاشت 500 میلیون دلار از بانک‌های خصوصی آمریکای شمالی و 415 میلیون دلار از دو مؤسسۀ بانک جهانی و &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بانک توسعۀ اینتر امریکن&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; که ایلات متحده نفوذ قاطعی در آن‌ها دارد دریافت کرد. حق برداشت ویژۀ آرژانتین از&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;صندوق بین‌المللی پول&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; که در سال 1975 بالغ بر 67 میلیون دلار بود دو سال بعد به 700 میلیون دلار افزایش یافت. نگرانی پرزیدنت &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;کارتر&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; از قصابی‌هائی که در پاره‌ئی از کشورهای آمریکای لاتین می‌شود بی‌فایده نیست، اما دیکتاتورهای کنونی هم خودآموز نبوده‌اند: آن‌ها فنون و هنر حکومت کردن را در کلاس‌های درس &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پنتاگون&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; در آمریکا و منطقۀ کانال&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پاناما&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; فراگرفته‌اند. این دوره‌های درسی هنوز هم ادامه دارد و تا آنجا که معلوم است محتوایشان ذره‌ئی تغییر نیافته. مردان نظامی آمریکای لاتین که امروزه مایۀ رسوائی ایالت متحده شده‌اند، شاگردان خوبی بوده‌اند. چهار سال پیش، هنگامی که&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;رابرت مک نامارا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;- رئیس کنونی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بانک جهانی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;- وزیر دفاع آمریکا بود گفته بود: «این‌ها رهبران جدیدند. ضرورتی ندارد که من دربارۀ ارزشِ وجود چنین مردانی در مقام رهبری که از پیش می‌دانند ما آمریکائی‌ها چگونه فکر و کار می‌کنیم، توضیح بیش‌تری بدهم. دوستی با چنین مردانی سخت پرارزش است.: {{نشان|7}}آیا کسانی که ما را &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;افلیج&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; کرده‌اند صندلی چرخدار به‌مان می‌دهند؟&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
۹&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اسقف‌های فرانسه دربارۀ نوع دیگری از مسؤلیت سخن می‌گویند که عمیق‌تر و غیرقابل رؤیت‌تر است: «ما که تعلق به‌ملت‌هائی داریم که ادعا می‌کنند پیشرفته‌ترین ملل عالمند، جزئی هستیم از کسانی که از استثمار کشورهای در حال توسعۀ استفاده می‌کنند. ما درد و رنجی را که این عمل در روح و جسم ملت‌ها به‌وجود می‌آورد نمی‌بینیم. ما تقسیم کنونی دنیا را که در آن تسلط دارا برندار و توانا بر ناتوان چشمگیر است، بیش‌تر تقویت می‌کنیم. آیا ما میدانیم که حیف و میل منابع و مواد خام از سوی ما، بدون کنترل بازرگانی بین‌المللی از طرف کشورهای غربی، امکان پذیر نیست؟ آیا ما نمی‌بینیم چه کسانی از دادوستد اسلحه استفاده می‌کنند، و کشور خود ما نمونه‌های غمباری از این سلاح‌ها را تهیه می‌کند؟ آیا ما حتی درک می‌کنیم که نظامی شدن رژیم کشورهای فقیر یکی از نتایج تسلط اقتصادی و فرهنگی است که از طرف کشورهای صنعتی اعمال می‌شود، که در آن‌ها میل شدید به‌سود بردن و قدرت پول حاکم بر زندگی است؟» {{نشان|8}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
دیکتاتورها، شکنجه‌گران، بازجویان عقیده، و ترس و وحشت هم مانند ادارات پست و بانک‌ها، کارگزاران خودش را دارد، و به‌کار بسته می‌شود چون که ضروری می‌نماید. و مسألۀ توطئۀ آدمیان پلید و اهریمنی در میان نیست. ژنرال&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پینوشه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; ممکن است شبیه یکی از اشخاص «نقاشی‌های    [نقاش برجستۀ اسپانیائی (1828-1746)]باشد، ولیمه‌ئی برای روانکاوان یا وارثِGoyaسیاه»&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;گویا &lt;br /&gt;
سنتی بیرحمانه از جمهوری‌های موز، اما خصوصیات کلینیکی یا فولکلوری چنین یا چنان دیکتاتوری فقط چاشنی تاریخ است نه خود تاریخ چه کسی امروز می‌تواند ادعا کند که جنگ جهانی اول به‌علت عقیدۀ&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;قیصر ویلهلم&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; که یک دستش کوتاه‌تر از دست دیگر بود آغاز شد؟ &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;برتولت برشت&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; در اواخر سال1940 در یادداشت‌های روزانۀ خود چنین نوشته است: «در کشورهای دموکراتیک خصوصیت خشونتی که اقتصاد دارد پنهان می‌ماند؛ در کشورهای استبدادی خصوصیت اقتصادی خشونت آشکار نمی‌شود.»&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در کشورهای جنوبی آمریکای لاتین فرماندهان نظامی قدرت را به‌دست گرفته‌اند تا نقشی را برای نظام حاکم ایفا کنند، یعنی هنگامی که طبقات حاکم دیگر نمی‌توانند از هیچ راه دیگری امور دادوستد خود را انجام دهند تروریسم دولتی را مستقر می‌کنند. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;در کشورهای ما اگر شکنجه با کارآمدی انجام نگیرد وجود نخواهد داشت؛ و دموکراسی، رسمی پایدار می‌ماند اگر تضمین شود که از کنترل صاحبان قدرت درنخواهد آمد. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; در زمان‌های سخت و دشوار، دموکراسی جنایتی بر ضدامنیت ملی شناخته می‌شود- یا شاید جنایتی بر ضدامنیت امتیاز ویژۀ داخلی و سرمایه‌گذاری‌های خارجی. دستگاه‌های ما برای ریزریز کردن گوشت انسانی به‌چرخ دنده‌های مکانیسمی بین‌المللی وصل شده‌اند. سراسر جامعۀ ما نظامی شده است. حالت استثنائی دائمی می‌شود و دستگاه زور و فشار به‌مجرد آن که از سوی مرکز نظام امپریالیستی پیچ و مهره‌ئی سفت می‌شود، مسلط می‌گردد. هنگامی که سایۀ بحران از کمین‌گاه دیده می‌شود، ضرورت پیدا می‌کند که غارت و چپاول کشورهای فقیر افزایش یابد تا اشتغال کامل، آزادی‌های مدنی، و نرخ‌های بالای توسعه را در کشورهای دارا تضمین کند. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;رابطۀ قربانی و دژخیم، دیالکتیک منحوسی است: ساختاری از خفت‌ها و خواری‌های پی‌در‌پی وجود دارد که از بازارهای بین‌المللی و مراکز مالی آغاز می‌شود و به‌خانۀ هر شهروندی پایان می‌یابد. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
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&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;هائیتی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; ندارترین کشور نیمکرۀ غربی است. در آن جا تعداد شویندگان پا از واکسی‌ها بیش‌تر است: کودکانی برای یک سکۀ پول پای مشتریان پا برهنه را که کفشی ندارند تا واکس بخورد می‌شویند. متوسط عمر مردم&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;هائیتی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، اندکی بیش از سی سال است. از هر ده نفر، نه نفر خواندن و نوشتن نمی‌دانند. در&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;هائیتی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، دامنۀ کوهستان‌های ناهموار برای مصرف داخلی کشت و زرع می‌شود و دره‌های حاصلخیز برای صادرات. بهترین زمین‌ها برای کشت قهوه، نی‌شکر، کاکائو و فرآورده‌های دیگری که مورد نیاز بازارهای آمریکای شمالی تخصیص یافته. در&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;هائیتی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; کسی &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بیس‌بال&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; بازی نمی‌کند، اما&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;هائیتی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; بزرگترین تولیدکنندۀ توپ مخصوص این بازی در سراسر دنیاست. کارگاه‌هائی که در آن‌ها کودکان با روزی یک دلار مزد کالاهای الکترونی و کاسِت مونتاژ می‌کنند  کم نیست. این فرآورده‌ها طبیعتاً صادراتی هستند؛ و طبیعتاً سود حاصل از آن‌ها نیز، پس از کسر کردن سهم مدیران ترس و وحشت، صادر می‌شود. در &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;هائیتی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; کوچکترین ظنّ اعتراض، مجازاتِ زندان یا مرگ دارد. حقوق و دستمزد کارگران&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;هائیتی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، هر چند که ممکن است باورکردنی به‌نظر نیاید، بین سال‌های 1971 و 1975 یک چهارمِ ارزش واقعیِ بسیار پائین خود را از دست داد. و این نکته واجد اهمیت است که طی این دوره، جریان تازه‌ئی از سرمایۀ آمریکا وارد&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;هائیتی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; شد!&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سرمقالۀ یکی دو سال پیشِ یکی لز روزنامه‌های&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بوئنوس آیرس&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; به‌خاطرم می‌آید. روزنامه‌ئی محافظه‌کار و قدیمی، سخت برآشفته بود که چرا در یک سند بین‌المللی، آرژانتین را کشوری کم توسعه و وابسته قلمداد کرده‌اند. چگونه یک جامعۀ با فرهنگ، اروپائی، دارای رونق اقتصادی، و سفید را می‌توان با معیارهای کشوری فقیر و سیاه مانند&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;هائیتی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; سنجید؟&lt;br /&gt;
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تردیدی نیست که تفاوت‌ها بسیار زیاد است هرچند که ارتباطی با مقولۀ تحلیل سخنگوی متنفذان&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بوئنوس آیرس&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ندارد. با وصف این، با تمام ناهمانندی‌ها و تضادهائی که ممکن است وجود داشته باشد، آرژانتین از دورِ باطلی که اقتصاد آمریکای لاتین را کلاً خفه می‌کند رهائی ندارد و هیچ کوششِ دفع شرِ روشنفکرانه‌ئی نمی‌تواند آن را از واقعیتی که، کم یا زیاد، وجه مشترک همۀ کشورهای منطقه است جدا کند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
Papa Doc Duvalierروی‌هم رفته کشتارهای ژنرال &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ویدِلا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; متمدنانه‌تر از کشتارهای&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;«پاپادوک»دووالیه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; [رئیس جمهور هائیتی، 71-1957]. یا وارث اریکۀ اونیست، هرچند که در آرژانتین زور و فشار ممکن است در سطح تکنولوژیکی بالاتری باشد. هر دو رژیم دیکتاتوری ضرورتاً در خدمت هدفی همانندند: &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;عرضۀ نیروی کاری ارزان به‌بازاری بین‌المللی که تقاضای فرآورده‌های ارزان دارد. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
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دیکتاتوری &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ویدِلا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، هنوز قدرت را کاملاً در دست نگرفته بود که به‌سرعت اعتصابات را ممنوع کرد و در همان زمان که با سخت‌گیری شدیدی دستمزدها را ثابت نگاه می‌داشت با صدور تصویب‌نامه‌ئی قیمت‌ها را آزاد اعلام کرد. پنچ ماه پس از کودتا، قانون جدید سرمایه‌گذاری خارجی، شرکت‌های داخلی و خارجی را در وضعی همانند قرار داد. بدین‌سان، رقابت آزاد به‌وضع نامساعدِ غیرعادلانه‌ئی که بعضی از شرکت‌های داخلی و محلی داشتند پایان بخشید: &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;جنرال موتورز&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; بیچاره را مثل می‌زنم که حجم فروش جهانیش، به‌تنهائی به همۀ تولید ناخالص ملی &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;آرژانتین&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; برابر است!- اکنون خروج سود سرمایه‌ها از کشور، و باز پس فرستادن اصل پول‌های سرمایه‌گذاری شده نیز، صرف‌نظر از پاره‌ئی محدودیت‌هائی ناچیز، آزاد شده است.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در پایان نخستین سالی که از عمر رژیم گذشت، ارزش واقعی دستمزدها به‌چهل درصد کاهش یافت. این   Rudolfo Walshشاهکار، از طریق اعمال هراس و وحشت انجام گرفته بود. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;رودولفو والش &lt;br /&gt;
نویسنده، در نامۀ سرگشاده‌ئی رژیم را متهم می‌کند که: «پانزده هزار نفر ناپدید، ده هزار نفر زندانی،چهار هزار نفر مقتول، و ده‌ها هزار نر تبعیدی ارقام خام این نظام خوف و وحشت است.»- والش&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; این نامه را در 29 مارس 1977 برای رهبران سه گانۀ شورای نظامی فرستاد و خود او در همان روز ربوده شد و دیگر اثری از او به‌دست نیامده.&lt;br /&gt;
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۱۱&lt;br /&gt;
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منابع موثق تأیید می‌کنند که از «سرمایه‌گذاری»های جدیدِ مستقیمِ خارجی در آمریکای لاتین، در واقع تنها مبالغ بسیار ناچیزی از کشور سرمایه‌گذار اصلی می‌آید: بنابر گزارشی که وزارت بازرگانی ایالات متحده منتشر کرده {{نشان|10}}تنها 12 درصد از وجوه سرمایه‌گذاری شده در خارج، از آمریکا خارج شده است. 22 درصد دیگر این به‌اصطلاح «سرمایه‌گذاری»ها مستقیماً از محل درآمدهائی تأمین شده که در خود آمریکای لاتین به‌دست آمده، و 66درصد بقیه را منابع اعتباری داخلی آن کشورها یا اعتبارات بین‌المللی پرداخت کرده‌اند!- همین نسبت‌ها در مورد سرمایه‌گذاری‌های ممالک اروپائی و ژاپن نیز مصداق دارد؛ و مخصوصاً باید به خاطر داشت که قسمت اعظم این 12 درصد «سرمایه‌گذاری»هم که مثلاً از دفاتر مرکزی این شرکت‌ها می‌آید نقدینه نیست بلکه ارزش اظهارشدۀ ماشین‌آلات فرسوده‌ئی است که منتقل کرده‌اند یا بهای دلخواهی است که شرکت‌های استعماری بابت دانش فنی، حق امتیاز و یا سرقفلی انگ و علامت تجاری خود تحمیل می‌کنند و به‌حساب می‌گذارند. بنابراین، شرکت‌های چند ملیتی، نه تنها اعتبارات داخلی کشورهائی را که در آن به‌فعالیت می‌پردازند در برابر سهم سرمایۀ مشکوکی می‌ربایند، بلکه فراتر از این، مطالبات ماوراء دریاهای خود را نیز چند برابر می‌کنند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
دیون خارجی کشورهای آمریکای لاتین در سال 1975 نزدیک به‌سه برابر بیش‌تر از سال 1969 بود {{نشان|11}}&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;برزیل، مکزیک، شیلی و اوروگوئه،&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; در سال 1975 نزدیک&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;به‌نیمی از درآمدهای صادراتی خود را به‌پرداخت استهلاک و بهرۀ دیون و به‌پرداخت&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سود شرکت‌های خارجی که در این کشورها استقرار یافته‌اند اختصاص دادند. در همان سال، بازپرداخت دیون و پرداخت سود، 55 درصد صادرات&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پاناما&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;و 60 درصد صادرات &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پرو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; را بلعید. {{نشان|12}}در سال 1969 هر فرد&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بولیویائی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;137 دلار به‌خارج مقروض بود، و در سال 1977 ای قرض به 483 دلار رسید!- مردم &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بولیویا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; هرگز در این امر مورد مشورت قرار نگرفته‌اند و هرگز یک پاپاسی این قروضی را که هم چون حلقۀ طناب‌دار به‌گردنشان افتاده است ندیده‌اند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در چند کشور آمریکای لاتین که هنوز محض خالی نبودن عریضه در آن‌ها انتخاباتی انجام می‌گیرد، نام  [یکی از بزرگ‌ترین بانک‌های ایالات متحدۀ آمریکا]به‌عنوان نامزدCity Bank&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سیتی‌بَنک&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;                &lt;br /&gt;
انتخابات»در هیچ کدام از فهرست‌های انتخاباتی دیده نمی‌شود، و نام هیچ یک از ژنرال‌های دیکتاتور هم «صندوق بین‌المللی پول»نیست. اما کدام وجدان است که حکم صادر می‌کند و چه دستی است که آن احکام را به‌اجرا درمی‌آورد؟ آن که وام می‌دهد فرمان نیز می‌راند. برای بازپرداخت وام، باید صادرات افزون شود، و نیز باید صادرات افزون شود تا پول واردات را بتوان پرداخت و خون‌ریزی بهره‌ها و&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;حق امتیازهائی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; را که شرکت‌های خارجی به‌دفاتر مرکزی‌شان می‌فرستند جبران بتوان کرد. افزایش صادرات که عواید واقعی آن به‌تدریج کم و کم‌تر می‌شود دستمزدها را به‌حد بخورو نمیر کاهش می‌دهد. فقر جمعی، که به‌عنوان کلید موفقیت اقتصادی در اختیار منافع خارجی گذاشته شده است از رشد بازارهای مصرف داخلی که برای استقرار و حفظ یک توسعۀ موزون اقتصادی ضروری است جلوگیری می‌کند. کشورهای ما اندک‌اندک صدای خود را از دست می‌دهند و به‌پژواک مبّدل می‌شوند. به‌دیگران وابستگی پیدا می‌کنند و تا زمانی که پاسخگوی نیازهای دیگران باشند هستی‌شان تأمین می‌ماند. از سوی دیگر، سر و صورتی تازه دادن به‌اقتصادی که در خدمت تقاضاهای خارج است باز هم ما را به‌همان وضع نداشتن آزادی عمل بازمی‌گرداند: دروازه‌ها را به‌روی غارت و چپاول انحصارات خارجی باز می‌کند و وامی‌داردمان که برای گرفتن وام از&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بانک جهانی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; به‌قراردادهای بزرگ‌ترین دیگری تن دهیم. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;دور باطل کامل می شود: وام خارجی و سرمایه‌گذاری خارجی افزایش صادراتی را ایجاب می‌کند که خود وام‌دهندگان به‌طور مداوم مشغول بلعیدین آنند. و این کار البته با مسالمت امکان‌پذیر نیست. کارگران آمریکای لاتین برای آن که نقش خود را به‌عنوان گروگان‌های کامکاری خارجیان بپذیرند باید زندانی باقی بمانند؛ چه این سوی و چه آن سوی میله‌های زندان. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
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استثمار وحشیانۀ نیروی کار یدی، با تکنولوژی پیش رفته ناسازگار نیست و در سرزمین‌های ما هرگز ناسازگار نبوده است؛ به‌عنوان مثال، گروه‌های عظیم کارگران بولیویا که ریه‌های خود را در  سرمایه‌دار Simon Ituri Patinoمعادن &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اورورو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; از دست داده بودند. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سیمون پاتین‌یو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
بزرگ &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بولیویائی (1947-1886) &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;مالک معادن قلع کشور خود و یکی از ثروتمندان دنیا بود و او را «سلطان قلع»می‌خواندند. در زمان او، کارگران در یک نظام بردگی مزدوری، منتها با ماشین‌آلاتی مدرن کار می‌کردند. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سلطان قلع&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; توانسته بود بالاترین سطح تکنولوژی زمان خود را با پائین‌ترین سطح دستمزد ترکیب کند. {{نشان|13}}&lt;br /&gt;
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فراتر از این، در زمان ما، شرکت‌های چند ملیتی مقتدر هم‌زمان با دست‌اندازی و تملک فعالیت‌های صنعتی‌ئی که با سرمایه‌های داخلی ایجاد شده تکنولوژی پیشرفته‌ترین اقتصادها را هم مورد بهره‌برداری قرار می‌دهند. اقدام به‌متمرکز کردن سرمایه، از راه «&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;آتش‌زدن&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; بیرحمانۀ سطوح &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;متروک&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; فعالیت‌های اقتصادی، که به‌طور غیرتصادفی دقیقاً دولتی هم هستند»عملی شده است. {{نشان|14}}غیر دولتی کردن سریعِ صنایع آمریکای لاتین وابستگی فزایندۀ تکنولوژی را نیز به‌همراه داشته است. تکنولوژی، که شاه کلید قدرت است، در دنیای سرمایه‌داری، در انحصار مراکز استعماری است. این تکنولوژی به‌صورت دست دوم وارد می‌شود، اما مراکز استعماری نسخه بدل‌ها را هم به‌قیمت اصل می‌فروشند. در سال &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;1970 مکزیک&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; برای وارد کردن تکنولوژی خارجی دو برابر سال 1968 پرداخت کرد. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;برزیل&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; بین سال‌های 1965 و 1969 پرداخت‌هایش از این بابت دو برابر شد؛ و در همین دوره، افزایشی همانند در همین زمینه در&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;آرژانتین&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; نیز پدید آمد.&lt;br /&gt;
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انتقال تکنولوژی وام‌های سنگین خارجی را بیش‌تر می‌کند و آثار ویرانگری در بازار نیروی کار دارد. در نظامی که برای سرازیر کردن سود به‌خارج سازمان یافته است نیروی کار شرکت‌های «سنّتی»امکانات اشتغال خود را از دست می‌دهد. جزیره‌های کوچک صنایع نو، در برابر پویائی مشکوکی که در اقتصاد کشور پدید می‌آید، با کم کردن زمان کار لازم برای تولید، کارگران را قربانی می‌کنند. وجود سپاهی فزاینده و باد کرده از کارگران بیکار، به‌نوبۀ خود پائین آمدن ارزش واقعی دستمزدها را تسهیل می‌کند.&lt;br /&gt;
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اما اکنون حتی اسناد و مدارک &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;کمیسیون اقتصادی سازمان ملل برای آمریکای لاتین&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; هم از تقسیم مجدد نیروی کار در سطح بین‌المللی سخن می‌گویند. به‌طوری که خبرگان امیدوار اظهار نظر می‌کنند، طی چند سال آینده، آمریکای لاتین ممکن است به‌همان اندازه که امروز مواد خام و موادغذائی به‌خارج می‌فروشد، کالاهای ساخته شده صادر کند. «نابرابری دستمزدها بین کشورهای توسعه یافته و در حال توسعه- از جمله کشورهای آمریکای لاتین- ممکن است تقسیم‌بندی جدیدی از فعالیت‌ها را در میان این کشورها به‌وجود آورد و در نتیجه، به‌دلایل رقابتی، آن رشته از صنایع خود را که در آن هزینه‌های نیروی کار خیلی زیاد است جا به‌جا کنند. به‌طور مثال، هزینه‌های نیروی کار در صنعت کالاهای کارخانه‌ئی، در مکزیک یا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;برزیل&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; خیلی کم‌تر از ایالات متحده است» {{نشان|15}}&lt;br /&gt;
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انگیزشی برای پیشرفت، یا ماجراجوئی استعمارنو؟ ماشین‌آلات الکتریکی     &lt;br /&gt;
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اما اکنون حتی اسناد و مدارک &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; کمیسیون اقتصادی سازمان ملل برای آمریکا لاتین&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;  هم از تقسیم مجدد نیروی کار در سطح بین‌المللی سخن می‌گویند. به طوری که خبرگان امیدوار اظهارنظر میکنند، طی چند سال آینده، آمریکای لاتین ممکن است به همان اندازه که امروز مواد خام و مواد غذائی به خارج می‌فروشد، کالاهای ساخته شده صادر کند. «نابرابری دستمزدها بین کشورهای توسعه یافته و در حال توسعه - از جمله کشورهای آمریکای لاتین - ممکن است تقسیم بندی جدیدی از فعالیت‌ها را در میان این گشورها به وجود آورد و در نتیجه، به دلایلی رقابتی، آن رشته از صنایع خود را که در ان هزینه‌های نیزوی کار خیلی زیاد است جابه‌جا کنند. به طور مثال، هزینه‌های نیروی کار در صنعت کالاهای کارخانه‌ئ، در مکزیک یا &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;برزیل&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; خیلی کم‌تر از ایالات متحده‌ است.» {{نشان|15}}&lt;br /&gt;
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انگیزشی برای پیشرفت، یا ماجراجوئی استعمارنو؟ ماشین آلات الکتریکی و غیرالکتریکی اکنون در میان فراورده‌های صادرتی عمدهء مکزیک به‌طور بارز دیده می‌شود. در برزیل، فروش خارجی اتومبیل و تجهیزات جنگی در حال افزایش است. پاره‌ئی از کشورهای آمریکای لاتین مرحلهء تازه‌ئی از صنعتی شدن را می‌گذرانند که تا حد زیادی با نیازهای خارجی و صاحبان وسایل تولید خارجی کمک و هدایت شده است. آیا این فصل دیگری نیست که به تاریخ طولانی «توسعهء برون‌گرا»یِ ما افزوده خواهد شد؟ در بازارهای بین‌المللی قیمت‌هائی که مرتب بالا می‌رود به طور کلی مربوط به «کالا‌های ساخته شده» نیست، بلکه به کالاهای ظریف و پیچیده‌ئی ارتباط دارد که در ساختن آن‌ها تکنولوژی پیشرفته‌تری به کار رفته و در انحصار کشورهائی است که توسعه‌ء بیش‌تری یافته‌اند.&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;فرآوردهء عمدهء صادراتی آمریکای لاتین، هر قدر هم که مواد خام و کالاهای ساخته شده بفروشد، نیروی کار ارزان آن است. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
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مگر تجربهء تاریخی مداوم، تکه پاره شدن و خرد شدن در پوشش توسعه نبوده است؟ قرن‌ها پیش، «فتح» این قاره، زمین‌ها را با کشت فراورده‌های صادراتی، یکسره از میان برد و بومیان را در اعماق معادن و بستر رودخانه‌هائی که ته‌نشست فلزات قیمتی داشت نابود کرد تا بتواند تقاضاهای طلا و نقرهء ماوراء دریاها را برآورده کند. خوراک بومیانی که پس از کشف قاره‌شان توانسته بودندخود را از نابودی و انهدام نجات بدهند، با پیشرفت تکنولوژیکی از آن چه بود بدتر شد. امروز، مردم پِرو برا گله‌های گاو و گوسفند ایالات متحده و اروپا، نواله‌ء ماهی تهیه و تولید می‌کنند که از نظر پروتئین بسیار غنی است لیکن با وصف این آشکارا مشاهده می‌شود که در خوراک اکثریت مردم پرو پروتئین وجود ندارد، شرکت فولکس واگن در برابر هر اتومبیلی که در سویس می‌فروشد، بابت حفظ تعادلِ محیط زیست یک اصله درخت می‌کارد، در حالی که شرکت برزیلی وابستهء &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;فولکس واگن&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; صدها هکتار زمین جنگلی را کاملاً از بین برده و برای تولید متمرکز گوشت صادراتی گذاشته است. مردم برزیل - که به ندرت مزهء گوشت را زیر دندان خود احساس می‌کنند  - به طور فزاینده‌ئی گوشت به خارج می‌فروشند. چندی پیش، دارسی ری‌بیرو Darcy Roberio در گفت‌وگوئی که با من داشت می‌گفت که یک &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;جمهوری فولکس واگن &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ضرورتاً چندان تفاوتی با &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;جمهوری موز&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; ندارد. از هر یک دلاری که با صدور موز به دست می‌آید به دشواری یازده سنتش کشور تولید کننده باقی می‌ماند {{نشان|16}}، و طبعاً از این یازده سنت سهمی بسیار کوچک به کارگران درختزارهای موز می‌رسد. مگر هنگامی که یکی از کشورهای آمریکای لاتین به جای موز اتومبیل تولید کند این نسبت‌ها تغییر می‌یابد؟&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;برده فروشان دیگر در اقیانوس‌ها رفت و آمد نمی‌کنند. اکنون سوداگران برده از‌«وزارت کار» به اِعمال نقش خویش می‌پردازند.&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; به اعمال خویش می‌پردازند. دستمزدهای آفریقا، و قیمت‌های اروپا. مگر کودتاهائی که در آمریکای لاتین صورت می‌گیرد چیزی بجز رویداد‌های پی‌در‌پی غارت و چپاول است؟ دیکتاتوری‌های نوپا، بی‌درنگ شرکت‌های خارجی را به استثمار نیروی کار ارزان و فراوان، استفاده از اعتبارات نامحدود و معافیت‌های مالیاتی، و غارت مواد خامی که آسان به دست می‌آید دعوت می‌کنند. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
۱۴&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
کارگران طرح اضطراری دولت شیلی دستمزدی برابر سی دلار در ماه دریافت می‌کنند. بهای یک کیلو نان ۵۰ سنت است. بنابراین دو کیلو نان در روز به دست‌شان می‌رسد. در حال حاضر، حداقل دستمزد در &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اوروگوئه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; و &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;آرژانتین&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; برابر با قیمت شش کیلو قهوه است. حداقل دستمزد در برزیل شصت دلار در ماه است،‌ اما درآمد روزانهء کارگران سیار کشاورزی روستاها، در کشتزارهای لوبیا،‌ قهوه،‌ و فرآورده‌های صادراتی دیگر بین ۵۰ سنت تا یک دلار است. علوفه‌ئی که گله‌های گاو و گوسفند در مکزیک می‌خورند دارای دارای پروتئینی بیش‌تر از خوراک روستائیانی است که از آن‌ها نگاهداری می‌کنند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
گوشت این گله‌ها به گروهی اندک دارندگان امتیازات ویژه در داخل کشور، و بهطور عمده به بازارهای بین‌المللی اختصاص دارد. زیر پوشش حمایتی سیاستِ سخاوت‌آمیز استاده از اعتبارات دولتی با شرایطی سهل و آسان، کشاورزی صادراتی مکزیک رونق گرفته است در حالی که بین سال‌های ۱۹۷۰ و ۱۹۷۶ از میزان پروتئنی که در دسترس هر فرد مکزیکی قرار می‌گیرید &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;کاسته شده &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;و در مناطق روستائی از هر پنج کودک مکزیکی تنها یکی دارای قد و وزن طبیعی است{{نشان|17}}. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;گواتمالا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; محصول  برنج، ذرت، و لوبیای خشک که خاص مصرف داخلی است به امید خدا گذاشته شده در حالی که قهوه، پنبه، و فراورده‌های صادراتی دیگر ۸۷ درصد اعتبارات را به خود تخصیص داده است. از هر ده خانواده گواتمالایی که به کشت و برداشت قهوه، منبع عمدهء ارز خارجی کشور، می‌پردازند به زحمت فقط به یک خانواده غذای کافی می‌رسد {{نشان|18}}. در برزیل، تنها ۵ درصد اعتبارات کشاوری به برنج، لوبیای خشک، و مانیوک - که خوراک عمدهء برزیلی‌ها را تشکیل می‌دهند - تخصیص یافته. بقیه اعتبارات به سوی محصولات صادراتی سرازیر می‌شود.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سقوط اخیر قیم بین‌المللی شکر، به خلاف گذشته موجی از گرسنگی در میان روستائیان کوبا پدید نیاورد. در کوبا دیگر کم‌غذایی وجود ندارد. از سوی دیگر، افزایش تقریباً همزمانِ قیمت بن‌المللی قهوه به هیچ وجه از فقر مزمن کارگران درختزارهای قهوهء برزیل نکاست. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
افزایش مظنهء قهوه در سال ۱۹۷۶ صورت گرفت. علت این بهبود تصادفی قیمت یخبندانی بود که محصول قهوهء برزیل را از میان برد، اما آنچنان که یکی از صاحب منصبان عالی مقام &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; موسسه قهوهء برزیل&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;  اعتراف کرده است:‌«عملاً در دستمزدها بازتابی نداشت.!» {{نشان|19}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
از نظر واقعیت، محصولات صادراتی ضرورتاًبا رفاه و آسایش مردم ناسازگار نیستند، و ضرورتاً مغایرتی با توسعه‌ء اقتصادی «درون گرا» ندارند.  در کوبا، فروش شکر به خارج چون اهرمی به ایجاد دنیای نوینی که در آن همه به نعره‌های توسعه دسترس دارند، خدمت کرده است. در آنجا، همبستگی، روح اصلی روابط انسان‌هاست. &lt;br /&gt;
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۱۵&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اکنون دیگر ما می‌دانیم آنان که محکوم به پرداخت بهای بحران بازسازی نظام حاکم هستند کیانند؟ قیمت بیشفراورده‌هائی که آمریکای لاتین می‌فروشد، در ارتباط با قیمت فراورده‌هائی که از کشورهای دارندهء انحصار تکنولوژی و بازگانی و سرمایه گذاری و اعتبار می‌خرد، بیرحمانه پایین می‌آید. برای جبران تفاوت و به جهت رویاروئی با تعهداتی که در برابر سرمایه‌های خارجی شده، ضروری است که آنچه در «قیمت» از دست می‌رود در «مقدار» جبران شود. در این چارچوب، دیکتاتوری‌های &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; مخروط جنوبی &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; (منظور کشورهای آرژانتین و شیلی و اروگوئه است) دستمزدهای کارگران را به نصف تقلیل داده و مراکز تولید را به اردوگاه کار اجباری مبدل کرده‌اند. کارگران باید پائین آمدن ارزش کارشان را هم، به عنوان کالائی که در بازار فروخته می‌شود، جبران کنند. کارگران مجبورند با افزایش ساعاعت کار خود، آنچه را هم که قدرت خرید دستمزدشان از دست می‌دهد جبران کنند. بدین سان، قوانین بازار بیان المللی وارد دنیای کوجک زندگی هر کارگر آمریکای لاتین نیز می‌شود. برای کالرگرانی که این «بختیاری» را دارند که شغلی دائمی داشته باشند و.«روزی هشت ساعت کار» تنها در عبارتِ بی‌جانُ قانون وجود دارد. ده، دوازده، حتی چهارده ساعت کار امری کاملا عادی است و بسیارند کارگرانی که حتی یکشنبه‌هاهم کار می‌کنند. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
حوادث ناشی از کار، یا خون انسانی که پیشکش قربانگاه تولید می‌شود، به نوبه‌ء خودزیادتر شده است. اینک سه مثال از پایان سال ۱۹۷۷ در &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اوروگوئه‌&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; الف - &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;  معادن سنگ راه‌آهن، که شن و سنگ تولید می‌کنند بازده تولید خود را دو برابر می‌کنند. در آغاز بهار، پانزده کارگر در انفجار معدن جان می‌سپارند. &lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; ب‌ - &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;  بیکاران در بیرون کارخانه‌هائی که موشکهای آتش‌باری درست می‌کند صف کشیده‌اند. کودکانی چند در کار تولید هستند. رکورد شکسته می‌شود. در ۲۰ سپتامبر، انفجاری روی ‌می‌دهد: پنج گارگر می‌میرند و ده‌ها تن زخمی ‌می‌شوند.&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; پ - &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;  ۲۸ سپتامبر، ساعت هفت صبح‌، کارگران از ورود به کارخانه‌ء  کنسرو ماهی خودداری می‌کنند. چون بوی شدید گاز به مشام می‌رسد. تهدید می‌شوند که اگر نروند سرکار،‌ اخراج خواهند شد. بازهم خوددداری می‌کنند. تهدید می‌شوند که اگر نروند سرکار، سربازان فراخوانده خواهند شد ( کارخانه در مواردی دیگر تهدید، نیروهای ارتش را فراخوانده بود)، کارگران به ناچار وارد کارخانه می‌شوند. به علت نشتِ گاز آمونیاک چهار نفر می‌میرند و چندین نفر مسموم و در بیمارستان بستری می‌شوند. &lt;br /&gt;
  &lt;br /&gt;
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&lt;br /&gt;
۱۶ &lt;br /&gt;
‎&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; ماریا کارولینا دِخه‌روس&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;  Maria Carolina de Jesus  در میان خاکروبه‌ها و لاشخورها زاده شد. بزرگ شد، رنج برد، سخت کار کرد؛عاشق دو مرد شد، بچه‌هائی پیدا کرد. عادت داشت که در دفترچهء یادداشت کوچکی، به خط بد، جریان کارها و ماجراهای روزانهء خود را بنویسد. خبرنگاری به طور تصادفی این یادداشت‌ها را خواند و ماریا کارولینا نویسندهء مشهوری شد. کتاب شهر کلبه‌ها، که خاطرات پنج سال زندگی در خومهء مثیف شهر سائوپائولو است، به سیزده زبان ترجمه و در چهل کشور خوانده شد.  ماریا کارولینا »سیندرلای: برزیل، محصول دنیای مصرف، شهر کلبه‌ها را ترک گفت، دور دنیا سفر کرد، عکس‌ها و مصاحبه‌هایش در روزنامه‌ها چاپ شد، جوایز منتقدان را ربود، در مجالس تجیب‌زادگان مورد پدیرائی قرار گرفت و به ملاقات روسای جمهور نائل آمد. و سال‌ها گذشت‌... در آغاز سال ۱۹۷۷، در سپیده دم یک روز یکشنبه، ماریال کارولینا دِ خه‌زوس در میان خاکروبه‌ها و لاشخور‌ها جان سپرد. اکنون زنی را که نوشته بود: «گرسنگی دینامیت بدن انسان است. » دیگر کسی به یاد نمی‌آورد. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎او که با ته‌مانده ‌های دیگران زندگی کرده بود، به صورتی گذرا توانست یکی از برگزیدگان شود. اجازه یافت سرمیز بنشیند. اما پس از خوردن دِسِر، طلسم شکست. و در حالی که رویای او پایان می‌گرفت برزیل باز همان کشوری بود که هر روز در آن صدها گارگر در حوادث کار ناقص می‌شوند و از هر ده کودک یکه به دنیا می‌آیند، چهارتن‌شان گدا، دزد، یا شعبده باز می‌شوند. علیرغم آمار که تبسمی خوشبینانه دارند، هتکِ مردم پاره شده است. در نظام‌هائی که وارونه‌سازمان یافته اند، هنگامی که اقتصاد رشد می‌کند بیعدالتی اجتماعی نیز با آن رشد می‌یابد. در موفقیت‌ترین دورهء «معجزه» برزیل، میزان مرگ و میر کودکان در حومه‌های ثروتمندان شهر کشور افزایش یافت. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎رونق اقتصادی ناگهانی که صنعت نفت در اکوادور پدید آورد به جای مدرسه و بیمارستان، تلویزیون رنگی به مردم ارزانی داشت.  شهرها تا مرز انفجار از جمعیت انباشته می‌شوند. در سال ۱۹۵۰، در آمریکای لاتین شش شهر دارای جمعیتی بیش از بیک میلیون نفر بود. در سال ۱۹۸۰، تعداد آن‌ها به ۲۵ خواهد رسید {{نشان|21}}. گروه‌های عظیم کارگران، رانده شده از روستاها‌، در حاشیهء مراکز بزرگ شهری، در همان سرنوشتی سهیم می‌شوند که نظام حاگم به «تفاله‌» های جوان شهر‌نشین اختصاص داده است. در آمریکای لاتیت‌ِ فرومایگان،، شکل‌های هنرمندانهء زنده ماندن ای‌«لاشخور»ها کامل شده است. « نظام تولید، طی مدتی مدید نشان داده است که برای جذب نیروی فزاینده‌ء کار در منطقه، به ویژه در مجتمع‌های بزرگ کارگری شهرها به طرزی مشهود از این که اشتغال مولد ایجاد کند ناتوان است‌...»{{نشان|22}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎یکی از بررسی‌های &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سازمان بین‌المللی کار&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; چندی پیش نشان می‌داد که در آمریکای لاتین بیش از ۱۱۰ میلیون نفر در شرایط « فقر شدید» زندگی می‌کنتند. از این تعداد ۷۰ میلیون نفر را می‌توان بینوا نامید {{نشان|23}}. خورد و خوراک چند درصد جمعیت از جد لزوم پائین‌تر است؟ به زبان خبرگان ۴۲ درصد جمعیت &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;برزیل&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، ۴۳ درصد مردم &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;کولومبیا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، ۴۹ درصد مردم &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;هندوراس&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;،* ۳۱ درصد مردم &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;مکزیک&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، ۴۵ دردصد مردم &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پرو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، ۲۹ درصد مردم &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;شیلی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، ۳۵ درصد مردم &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اکوادور‌&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; «درآمدی کمتر از هزینهء حداقل تغذیهء متعادل » دارند{{نشان|24}}.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
۱۷&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎در سرزمین‌های ما، صنعت ترس و وحشت، مانند هر صنعت دیگر بهای گرانی به &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;دانش فنی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; بیگانه می‌پردازد. تکنولوژی زور و فشار آمریکای شمالی که در چهار گوشهء کرهء زمین مورد آزمایش قرار گرفته، در مقیاسی وسیع خریداری و به کار بسته شده است. اما خلاف عدل و انصاف خواهد بود اگر در این زمینه استعدادهای خلاقه‌ئی را که در میان طبقات حاکم آمریکای لاتین وجود دارد را باز نشناسیم. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎بورژوازی‌های ما، بدون وابستگی اقتصادی‌، توان توسعه نداشتند و کوشش آن‌ها برای ایجاد صنعتی ملی حالت پریدن مرغ خانگی را پیدا کرد: پروازی کم اوج و کوتاه. در جریان فرایند تاریخی ما، خداوندان قدرت نیز در فقدان تحلیل سیاسی و سترون بودن فرهنگی خود شواهد کافی ارائه کرده‌اند. اما در عوض، استقرار دستگاه عظیم ترس را ترتیب داده در فن نابود سازی انسان‌ها و اندیشه‌ها ابداعاتی هم داشته‌اند. تجربهء تازهء کشورهای منطقهء &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ریو ده لاپلاتا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; Rio de la Plata  چمصب بزرگی که بین دو کشور &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اوروگوئه &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;و &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;آرژانتین &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; قرار گرفته است در این زمینه بسیار روشنگر است. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎افسران آرژانتینی، هنگامی که قدرت را به‌دست گرفتند هشدار دادند که: «وظیفهء گندزدائی ما، مدتی به درازا خواهد کشید!» - طبقات حاکم در اوروگوئه و آرژانتین پی در پی از نیروهای مسلح خواسته‌اند نیروهای خواستار دگرگونی را در هم شکنند و ریشه‌شان را براندازند، نظام امتیازات ویژهء داخلی را استوار کنند و شرایط اقتصادی و سیاسی‌ئی به وجود آورند که جلب کنندهء سرمایه‌های خارجی باشد: پاک‌سازی سرزمین، نظم در کشور، و نیروی کار ارزان و فرمانبر و مردم کشور بلافاصله مبدل به دشمن داخلی شدند. هرگونه نشانهء زندگی، اعتراض، یا تردید ساده، از دیدگاه اصول‌ِ نظامی‌ِ امنیت‌ِ ملی تهدیدی خطرناک به شمار می‌آید. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎بدین‌ سان ، مکانیسم‌های پیچیده‌ئی برای پیشگیری و مجازات تهیه و تنظیم شده است. &lt;br /&gt;
در زیر این ظواهر منطقی ژرف نهفته است: برای آن که بتوان با &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;کارآمدی عمل کرد&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، زور و فشار باید &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;مطلق باشد&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;. جز نفس کشیدن، هر فعالیت دیگر انسانی جنایتی به شمار می‌آید. در اوروگوئه، شکنجه به مثابهء  اصلی در امر بازجوئی به کار برده می‌شود: هر کسی ممکن است قربانی آن شود، نه فقط کسانی که مظنون یا مرتکب اقدامات مخالفت آمیزند و بدین طریق هراس از شکنجه، همچون گازی فلج کننده که به خانه‌ئی راه می‌یابد و در روح هر شهروندی ریشه می‌ند، در میان همهء شهروندان پراکنده می‌شود. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎شکار انسان در شیلی ۳۰ هزار کشته بر جای گذاشته است، اما در &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;آرژانتین&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; کسی را تیرباران نمی‌کنند: بل‌که اشخاص مورد‌نظر را به سادگی می‌ربایند. قربانیان ناپدید می‌شوند. سپاهیان ناپیدای شب، وظیفه را انجام می‌دهند. دیگر نه جسدی در میان است نه این که کسی گناهکار و مسئول شناخته می‌شود. بدین سان، کشتار- که همیشه غیر رسمی است، و نه رسمی - بدون این که کم ترین مجازاتی در کار باشد انجام می‌گیرد، و &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بدین طریق نگرانی جمعی بازتابی شدیدتر پیدا می‌کند. کسی حساب پس نمی‌دهد، کسی توضیح نمی‌دهد. هر جنایتی تردیدی‌ است دردناک برای کسانی که به قربانی نزدیکند، و نیز هشداری است برای دیگران. تروریسم دولتی‌، مردم کشور را از طریق ترس فلح می‌کند.&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎در &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اوروگوئه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; برای پیدا کردن کار یا از دست ندادن آن، لازم که انسان مورد التفات مقامات نظامی باشد. در کشوری که پیدا کردن کار در خارج از مراکز پلیس و سربازخانه‌ها بسیار دشوار است. این ضرورت، تنها باعث آن نشده است از ۳۰۰ هزار شهروندانی که دست چپی شناخته شده‌اند تعداد زیادی از کشور خارج شوند، بل این فایده را هم داشته است که  ماندگارها را به شدت مورد تهدید قرار دهد. برای روزنامه‌های مونته‌ویده‌ئو چاپ توبه‌نامه‌ها و آگهی‌های شهروندانی که از راه احتیاط بر سینهء خویش می‌کوبند که‌ «من نیستم‌، هیچ وقت نبوده‌ام‌، و هرگز هم نخواهم بود‌» امری بسیار عادی شده است. &lt;br /&gt;
‎در &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;آرژانتین&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; دیگرلازم نیست کتابی را با صدور اخطاریه‌ئی ویژه ممنوع اعلام کنند. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;قانون جزای&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; جدید‌، نویسنده‌ و ناشر هر کتابی را که «مخرب» شناخته مانند گذشته مجازات می‌کند. ولی فراتر از این‌، صاحب چاپخانه را هم به مجازات می‌رساند تا کسی جرات نکند متنی را که تنها احتمال می‌رود مورد سوءظن باشد چاپ کند؛ و در صورتی که این هم کافی به نظر نیاید خواننده را نیز مجازات می کند تا کسی جرات خواندان آن را هم به خود ندهد چه رسد به این که از آن برای خودش اساس عقیده‌ئی هم بتراشد! بدین سان با مصرف کننده‌ء کتاب همان رفتاری می‌شود که برای مصرف کننده‌ء داروهای مخدر پیش‌بینی کرده است {{نشان|25}}. در این طرح جامعهء کرولال، هر شهروندی باید « مفتش عقیده‌ء» خود شود. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎در &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اوروگوئه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، لو ندادن همسایه جرم به شمار می‌آید. دانشجویان هنگام ورود به دانشگاه سوگند‌نامه‌ئی امضا می‌کنند که هر که را در محوطهء دانشگاه دست به «هر گونه فعالیتی نامرتبط با درس خواندن‌» بزند معرفی خواهندکرد. بدین سان دانشجو خود را در هر ماجرائی که تاحتمالا در حضور وی اتفاق افتد مسوول می‌کند. در این طرح جامعهء کسانی که خوابیده راه می‌روند، هر شهروندی باید پلیس خود و دیگران باشد. به هر حال، این نظام به راستی غیرقابل اعتماد است. در اوروگوئه تعداد افراد پلیس و سربازان به صد هزار نفر می‌رسد، ولی تعداد خبرچین‌ها نیز صدهزار نفر است. جاسوسان در خیابان‌ها، کافه ها و اتوبوس‌ها، در کارخانه‌ها و دبیرستان‌ها، در ادارات و در ادانشگاه به کار مشغولند. هر کس به صدای بلند زبان به شکایت بگشاید که زندگی سخت و گران است بی‌گمان گذارش به زندان خواهد افتاد زیرا « جرمی بر ضد روحیه‌ء نیروهای مسلح‌» مرتکب شده است که سزای آن سه تا شش سال زندان است. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
۱۸&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎در رفراندوم ماه ژانویه ۱۹۷۸، رای آری برای دیکتاتوری پینوشه را با علامت صلیبی زیر پرچم شیلی مشخص کرده بودند، و رای نه را زیر مستطیلی سیاه. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎نظام حاکم می‌خواهد با کشور یکی پنداشته شود. نظام حاکم، خودِ کشور است. این‌، محتوای تبلیغات رسمی است که مردم شب و روز با آن بمباران می‌شوند. دشمن‌ِ نظام‌ِ حاکم، خاٍن وبه سرزمین‌ِ اجدادی به حساب می‌آید. گواه‌ِ حدودِ خشم و نفرت مردم از بی‌عدالتی و آرزوی تغییر و دگرگونی‌، فرار از کشور است. در بسیاری از کشورهای آمریکای لاتین کسانی که به آن سوی مرزها تبعید نشده‌اند از تبعید در داخل سرزمین خود رنج می‌برند. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎اما در همان هنگامی که پینوشه پیروزی خود را جشن گرفته بود، رژیم دیکتاتوری او اعتصاباتی را که علی‌رغم حکومت ترس و وحشت در سراسر شیلی برپا می‌شد «غیبتِ دست جمعی‌ِ کارگران‌» نام گذاشته بود. اکثریت کسانی که در &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;آرژانتین&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; ربوده یا ناپدید شده‌اند کارگرانی هستند که به فعالیت‌های اتحاديهء کارگری پرداخته بودند. در تخیلات پایان‌ناپدیر مردم‌، پیوسته شکل‌های جدیدی از مبارزه بارور می‌شود: &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;کم‌کاری و عدم همکاری&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; و همبستگی‌، راه‌های تازه‌ئی برای رهائی از ترس کشف می‌کند. بسیاری از اعتصابات همکانی آژانتین‌، در سال ۱۹۷۷ روی داد که خطر از دست دادن زندگی از خطر از دست دادن کار و شغل کم‌تر نبود. قدرت واکنش نشان دادن طبقه‌ء کارگرِ سازمان یافته و دارای سنت طولانی مبارزه را نمی‌توان با یک نوشته از میان برد. در ماه مه همان سال‌، هنگامی که دیکتاتوری اوروگوئه ترازنامهء برنامه‌های شست و شوی مغزی و اخته سازی دست جمعی خود را تنظیم می‌کرد مجبور شد اعتراف کند که « هنوز سی و هفت درصد شهروندان کشور به سیاست علاقه‌مند هستند.»{{نشان|26}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎ما در این سرزمین ها با کودکی‌ِ وحشیانهء سرمایه‌داری روبه‌رو نیستیم‌، بلکه فرتوتی‌ِ خونبار آن را مشاهده می‌کنیم. کم توسعگی مرحله‌ئی از توسعه نیست‌، بلکه منتجهء آن است. کم توسعگی آمریکای لاتین ناشی از توسعهء بیگانگان است و هنوز هم به آن سوخت می رساند. نظام حاکم که به علت نقش بندگی‌ِ بین‌المللی خود ناتوان و از لحظهء تولد در حال احتضار است پایش در گل است. خود را به طور مسلم سرنوشت کشور می‌پندارد و می‌خواهد که ابدمدت انگاشته شود. هرگونه خاطره‌ئی خرابکار است، زیرا که متفاوت است‌؛ هم‌چنین هر طرح ناظر به آینده‌ئی این اژدهای خواب آلود را وادار می‌کند که بدون نمک غذا بخورد: نمک خطرناک است، ممکن است بیدارش کند. نمونهء بارز نظام حاکم را که در جامعهء ساکن‌ِ مورچگان می‌توان دید. به همچنین دلیل هر قدر هم که دگرگونی پیدا کند با تاریخ بشری سازگار نیست، چرا که در تاریخ بشری، هر اقدام ویرانگرانه‌ئی دیر یا زود با اقدامی خلاق پاسخ خواهد گرفت. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎بارسلون - آوریل ۱۹۷۸&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
‎&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ترجمهء رامین شهروند&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
   &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
15. United Nations, ECLA, op. cit., note 19&lt;br /&gt;
16. UNCTAD, &amp;quot;The Marketing and Distribution System for Bananas&amp;quot;, December 1974. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
    &lt;br /&gt;
    &lt;br /&gt;
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&lt;br /&gt;
[[رده:کتاب جمعه ۱۳]]&lt;br /&gt;
[[رده:کتاب جمعه]]&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Pouya</name></author>
	</entry>
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		<id>http://irpress.org/index.php?title=%D9%BE%D8%B3_%D8%A7%D8%B2_%D9%87%D9%81%D8%AA_%D8%B3%D8%A7%D9%84&amp;diff=25139</id>
		<title>پس از هفت سال</title>
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		<updated>2011-09-22T20:58:59Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;Pouya: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[Image:13-003.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۳|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۳]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-004.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۴|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۴]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-005.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۵|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۵]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-006.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۶|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۶]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-007.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۷|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۷]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-008.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۸|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۸]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-009.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۹|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۹]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-010.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۰|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۰]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-011.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۱|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۱]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-012.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۲|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۲]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-013.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۳|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۳]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-014.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۴|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۴]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-015.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۵|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۵]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-016.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۶|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۶]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-017.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۷|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۷]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-018.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۸|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۸]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-019.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۹|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۹]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-020.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۰|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۰]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-021.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۱|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۱]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-022.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۲|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۲]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-023.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۳|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۳]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-024.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۴|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۴]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-025.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۵|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۵]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-026.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۶|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۶]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-027.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۷|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۷]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-028.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۸|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۸]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-029.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۹|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۹]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-030.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۳۰|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۳۰]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-031.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۳۱|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۳۱]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-032.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۳۲|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۳۲]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-033.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۳۳|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۳۳]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{در حال ویرایش}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
«نوشتن چه سودی دارد اگر برای مبارزه با موانعی نباشد که نظام حاکم در برابر پیام مخالفان قرار می‌دهد؟» این، پیام دلاورانۀ &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ادواردو گالیانو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; است. آری، به‌راستی سودش چیست؟- نوشتن یا آفرینش هنری، اگر برای محکوم کردن بی‌انسانیتی نظام حاکم و زمانِ ما نباشد معنایش چیست؟&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
هرچند درست است که هنر و ادبیات از راه ستایش لحظه‌های آسایش زندگی، زندگی را زیور می‌بخشد. و درست است که نقش هنر و ادبیات و شعر و موسیقی، لذت بردن هرچه بیش‌تر ما از زندگی، و ژرف‌تر و آهنگین‌تر و پر معنا کردنِ روابط، با یکدیگر است؛ اما انسان چه‌گونه می‌تواند ستایشگر دنیائی باشد که در آن، بیش‌تر انسان‌ها تنها از آن رو «می‌زیند»که لذایذ بیرحمانۀ حیات گروهی اندک را که به‌اصطلاح «صاحبان امتیازات ویژه»‌اند تأمین کنند؟ انسان چه‌گونه می‌تواند با نظامی هماهنگ شود که پیوسته در کارِ مکیدنِ خونِ رگ‌های باز است؟ - رگ‌های باز، تنها در آمریکای لاتین نیست بلکه یک سر از ویژگی‌هایِ تمامی جهان سوم است.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
برای ما، در جهان سوم، زمان، زمان بحران است نه زمان ستایش و شادمانی! زمان نگرش به‌واقعیت خویش و تفکر و اندیشۀ انتقادی است، نه خیالبافی‌های عرفانی. زمان مبارزه است و در این مبارزه، ما نیاز به‌صدائی داریم که نظام ستمگر را رسوا و بی‌انسانیّتیِ آن را محکوم کند و امید به‌آینده را به‌ما دهد. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ادواردو گالیانو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; چنین صدای راستینی است که نه تنها برای آمریکای لاتین، بل برای سراسر جهان سوم و در واقع برای تمامی بشریت سخن می‌گوید.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
۱&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
هفت سال از زمان چاپ نخست&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;رگ‌های بازِ آمریکای لاتین&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; می‌گذرد. این کتاب برای آن نوشته شده بود که با مردم به‌گفت‌و گو بپردازد. نویسنده‌ئی ناخبره، مردمی ناخبره را مورد خطاب قرار داده بود تا پاره‌ئی حقایق را که تاریخ رسمی- تاریخی که فاتحان نوشته‌اند- پنهان داشته یا تحریف کرده است فاش شود.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
هیجان‌آمیزترین پاسخ‌ها و واکنش‌ها نه از صفحات ادبی روزنامه‌ها، بل از متن زندگی واقعی رخ نمود، آن هم به‌صورت رویدادهائی در کوچه و خیابان. به‌عنوان مثال، دختری که در اتوبوسی کتاب را برای دوستی که پهلویش نشسته بود می‌خواند، سر انجام به‌پا خواسته در حالی که اتوبوس از خیابان‌های &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بوگوتا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; می‌گذشت، قسمتی از آن را به‌صدای بلند برای همۀ مسافران خوانده بود. یا، زنی که طی روزهای کشتار از &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سانتیاگو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; (پایتخت شیلی)می‌گریخت کتاب را لای قنداقۀ کودکش پنهان کرده بود. یا،  دانشجوئی که قدرت خرید کتاب را نداشت یک هفتۀ تمام در خیابان&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;کوری‌یِن‌تِس&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; محلۀ کتابفروش‌های &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;شهر بوئنوس آیرس&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; از این کتابفروشی به‌آن کتابفروشی رفته در هر کدام چند صفحه از کتاب را خوانده بود!&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
هم‌چنین بهترین تعریفی که از این کتاب شد از طرف نقدنویسان متخصص نبود، این تعریف را دیکتاتورهای نظامی کردند، آن هم از طریق ممنوع کردن کتاب! – به‌عنوان مثال، &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;رگ‌های باز&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; در کشور خود من- &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اروگوئه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;- قابل چاپ و پخش نیست. همین طور در&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;شیلی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;. در&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;آرژانتین&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; هم مقامات دولتی در رادیو و تلویزیون و روزنامه‌ها آن را به‌عنوان «وسیلۀ فساد جوانان»محکوم کرده‌اند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بلاس داوته‌رو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; [شاعر معاصر برجستۀ اسپانیولی]می‌گفت: «آن‌ها اجازه نمی‌دهند چیزهائی که من می‌نویسم دیده شود، چون من فقط چیزهائی را که می‌بینم می‌نویسم!»&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
به‌عقیدۀ من، با توجه به‌تمامی چیزهائی که گفته شده و انجام گرفته است، اگر شادمانه ادعا شود که &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;رگ‌های باز&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; کتابی نبوده که پژواکی نداشته باشد، نباید به‌قمپز در کردن تعبیرش کنند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
۲&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
این نکته که &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;رگ‌های باز&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; – این&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;کتاب راهنمایِ&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; پرده دری‌ها و فاش‌سازی‌ها- اقتصاد سیاسی را به‌سبک سرگذشت عشقی با قصۀ دزدهای دریائی مورد بحث قرار داده است باید سخت کفرآمیز به‌نظر آمده باشد. این را خودم هم می‌دانم. امّا باید اعتراف کنم که برای من، خواندن پاره‌ئی از مطالعات پرارزشی که بعضی جامعه‌شناسان، سیاست‌شناسان، اقتصاددانان و مورخان به‌زبان رمز می‌نویسند کاری بس دشوار است. زبان سربستۀ علمی، همیشه هم الزاماً بهای عمق و دانش زیاد نیست. حتی در پاره‌ئی موارد ناتوانی امر برقرار کردنِ ارتباط به‌سادگی تمام ممکن است، اعتلای فضایل روشنفکرانه جلوه کند. به‌گمان من دلزدگی ناشی از این امر بیش‌تر نظام مستقر را تبّرک می‌کند و تأکید می‌کند که دانش، امتیاز ویژۀ &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;نخبگان&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; است.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
به‌طور گذرا می‌توان گفت مشتی از آثار ادبیات مبارز نیز که برای مردمی معتقد نوشته می‌شود، معمولاً به‌چنین سرنوشتی گرفتار می‌آیند. زبانی که همین جور سرسری جمله‌های حاضر و آماده را با همان صفت‌ها و موصوف‌های مرسوم و همان شیوۀ بیان آهنگین معمول برای همان گوش‌های همیشگی تکرار می‌کند، هر قدر هم که فصاحت انقلابی داشته باشد به‌نظر من سازشکارانه می‌نماید. شاید این نوع ادبیاتِ محدودِ کم‌مایه به‌همان اندازه از انقلاب به‌دور باشد که ادبیات هرزۀ جنسی از ادبیات عاشقانه.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
۳&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
انسان می‌نویسد، تا سؤال‌هائی را که در سرش وزوز می‌کنند، این مگس‌های سمجی را که خواب از چشمش می‌ربایند، بیازماید و برای‌شان پاسخی پیدا کند و آن چه انسان می‌نویسد، اگر به‌ترتیبی با نیاز جامعه به‌یافتن فلان پاسخ منطبق شود، می‌تواند معنائی جمعی به‌دست آورد. من &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;رگ‌های باز&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; را برای آن نوشتم که اندیشه‌ها و تجارب شخصی گوناگونم را منتشر کنم تا شاید خصوصیت واقع‌بینانۀ آن‌ها بتواند کم‌و بیش مشتی از آن همه سؤال را که علی‌الدوام آزارمان داده است روشن کند: آیا آمریکای لاتین منطقه‌ئی از دنیاست که محکوم به‌تحمل خفت و فقر است؟ محکوم از طرف که و به‌چه دلیل؟ خطای خدا یا خطای طبیعت؟ آب و هوای طاقت‌فرسا و نژادهای پست؟ مذهب و آداب و رسوم؟ آیا این تیره‌بختی منتجّۀ تاریخ نیست که آن را انسان ساخته است؟ و بنابراین، آیا انسان نمی‌تواند آنها را دیگرگون کند؟&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
تجلیل گذشته، به‌نظر من، همیشه امری ارتجاعی بوده است. دست راستی‌ها&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;گذشته&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; را برمی‌گزینند چون&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;گذشته&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، مردگان را برتر و بهتر می‌شمارد: دنیائی ناآشفته و دوران‌هائی ناآشفته. قدرتمندان که امتیازات ویژۀ خود را از طریق ارث بردن مشروع می‌کنند دلتنگیِ خیال‌انگیزِ گذشته را می‌پرورند. انسان هنگامی که به‌تماشای موزه‌ئی می‌رود، به‌مطالعۀ تاریخ می‌پردازد. و این مجموعۀ مومیائی‌ها وسیله‌ئی است برای سوء‌استفاده از اعتماد و اطمینان مردم. آن‌ها دربارۀ گذشته به‌ما دروغ می‌گویند هم‌چنان که دربارۀ زمان حاضر نیز دروغ می‌گویند: واقعیت را پنهان می‌کنند و ستم‌دیده را وامی‌دارند خاطره‌ئی را که ستمگر برای او ساخته و چیزی ناآشنا هزار وصله و بیهوده است از آن خود بداند، تا بدین سان او خود را کنار کشد و زندگی‌ئی را بپذیرد که از آنِ او نیست، امّا انگار تنها زندگی‌ئی است که برای او ممکن است.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;رگ‌های باز&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، چنین می‌نماید که گذشته، بسان خاطرۀ زندۀ روزگارِ ما، از سوی زمان حاضر فراخوانده شده است. این کتاب، جست‌و جوئی است برای یافتن کلیدهای تاریخ گذشته، تا شاید از آن رهگذر زمان حاضر را (که آن نیز در حال ساختن تاریخ است)تشریح و تبیین بتوان کرد، و منطق حکم کرده است که نخستین شرطِ دگرگون کردنِ واقعیت، شناختن آن است. در این جا، فهرست قهرمانانی که پنداری برای شرکت در مجلس رقص البسۀ عجیب و غریب پوشیده‌اند یا به‌هنگام مرگِ در عرصۀ کارزار جمله‌های شکوهمند و پرهیبت و بالا بلند بر زبان می‌آورند در دسترس ما‌قرار نمی‌گیرد، بلکه صدا و گذرِ گام‌های گروه‌های عظیمی را وارسی می‌کنیم که گام‌های امروزین ما را پیشگوئی می‌کند. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;رگ‌های باز&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; از واقعیت مایه گرفته، اما از کتاب‌هائی دیگر و از خودش بهتری نیز سود برده است که، ما را یاری کرده‌اند تا بدانیم چیستیم، تا بدانیم چه می‌توانیم باشیم؛ ما را یاری کرده‌اند تا یقین کنیم که از کجا آمده‌ایم و بهتر بتوانیم حدس بزنیم که به‌کجا می‌رویم. آن واقعیت و آن کتاب‌ها نشان می‌دهند که توسعه نیافتن آمریکای لاتین نتیجۀ توسعه یافتن بیگانگان است: مردم آمریکای لاتین فقیرند چون خاکی که بر آن گام می‌گذاریم غنی است و جاهائی را که طبیعت مزیت و نعمت بخشیده باشد تاریخ نفرین کرده است. در این دنیای ما، دنیای مراکز قدرتمند و حومه‌های قدرت زده و زیر سلطه، ثروتی نیست که به‌دست آوردن آن دست کم«مشکوک»نبوده باشد.&lt;br /&gt;
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۴&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در این مدت زمانی که از نخستین چاپِ&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;رگ‌های باز&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; گذشته، تاریخ برای ما هم‌چنان معشوقی ستمکار بوده است.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
نظام حاکم، ترس و گرسنگی را چند برابر کرده است. ثروت به‌تمرکز، و فقر به‌گسترده شدن ادامه داده است. در اسناد و مدارک سازمان‌های&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;تخصصی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; بین‌المللی که زبان بی‌آلایش‌شان &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;مناطق ستم‌زدۀ&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; ما را «کشورهای در فرایند توسعه»و &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;فقرزدگی کینه‌توزانۀ طبقۀ کارگر&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; را «توزیع نزولی درآمد»نام‌گذاری کرده است ما را چنین شناخته‌اند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;عَصّارخانۀ بین‌المللی به‌کار خود ادامه داده است: کشورها در خدمت کالاها، انسان‌ها در خدمت اشیاء&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
با گذشت زمان، آن‌ها شیوه‌های صدور بحران را تکامل می‌دهند. سرمایۀ انحصاری به‌ذروۀ تمرکز خود می‌رسد و تسّلط بین‌المللی بر بازارها و اعتبارات و سرمایه‌گذاری‌ها انتقال مرتب و منظم و فزایندۀ تضادها را امکان‌پذیر می‌کند: حومه‌ها، بدون این که آشفتگی‌ها و نابسامانی‌های مهم رخ دهد، بهای رونق و کامکاری مراکز را می‌پردازند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
«بازار بین‌المللی»هنوز یکی از شاه کلیدهای این عملیات است. در این بازار، شرکت‌های چندملّیتی دیکتاتوری خود را اعمال می‌کنند (چندملّیتی، زیرا چنان که &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سویزی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; [اقتصاددان مشهور آمریکائی]توجیه کرده است در چند کشور عمل می‌کنند اما البته از نظر مالکّیت و کنترلی که دارند در واقع ملی هستند)سازمان جهانی نابرابری، با این واقعیت که امروزه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;برزیل&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;- به‌عنوان مثال- اتومبیل فولکس‌واگن به‌کشورهای دیگر آمریکای جنوبی و بازارهای دوردستِ آفریقا و خاورنزدیک صادر می‌کند، دگرگون نمی‌شود. در واقع، این، شرکتِ فولکس‌واگن&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;آلمانی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; است که دریافته است اگر محصولش را برای پاره‌ئی از بازارها، از واحد فرعی &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;برزیلی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; خود صادر کند برایش با صرفه‌تر است: هزینۀ پائینِ تولید و کارگرِ ارزان از برزیل، و سودهای کلان از آنِ آلمان.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در ضمن، هنگامی هم که بعضِ اقلام مواد خام به‌طرزی معجزه‌آسا از نفرین قیمت‌های پائین رهائی یابد هرگز مخاطره‌ئی پیش نمی‌آورد. وضع نفت از سال 1973 به‌این طرف چنین بوده است. مگر نفت دادوستدی بین‌المللی نیست؟ &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;استاندارد اویل&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; نیوجرسی، که اکنون&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اکسان&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; نام دارد،&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;رویال داچ‌شِل&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; یا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;گُلف&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;. – آیا این‌ها کشورهای عربی هستند یا کشورهای آمریکائی لاتین؟ سهم بیش‌تر از آنِ کیست؟ و بسیار فاش کننده بود تهمت‌های پر سروصدائی که به کشورهای تولیدکنندۀ نفت وارد آوردند.- آن‌ها جرأت کرده بودند از بهای نفت خود دفاع کنند و بی‌درنگ سپر بلای تورم و بیکاریِ کارگران اروپا و آمریکا شدند. آیا کشورهای- «توسعه یافته»هرگز پیش از بالا بردن بهای هر یک از فراورده‌های خود با کسی مشورت می‌کنند؟ بیست سال بود که بهای نفت مرتب پائین آمده بود. مظنۀ پائین و شرم‌آور آن نشانۀ کمک مالی عظیمی بود که به‌مراکز صنعتی بزرگ دنیا می‌شد. از سوی دیگر، فراورده‌های این مراکز روز به‌روز گران‌تر می‌شد. مظنۀ جدید نفت، در ارتباط با افزایش پایان‌ناپذیر بهای فراورده‌های اروپائی و آمریکای شمالی، جز این که آن را به‌سطح سال 1952 بازگرداند کاری نکرده بود. در سال 1973، نفت خام بار دیگر قدرت خریدی را که در دهۀ پیش داشت بازیافت. فقط همین.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
۵&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
یکی از رویدادهای مهم هفت سال اخیر ملی شدن نفت&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ونزوئلا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; است. این «ملی شدن»وابستگی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ونزوئلا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; در مسایل مربوط به‌تصفیه و عرضۀ نفت به‌بازارها را از میان نبرد، اما حیطه و گسترۀ جدیدی برای خودمختاری به‌وجود آورد. هنوز مدتی از تشکیل شرکت دولتیِ &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;نفت را به‌کار می‌برند]نگذشته بود Petroven که بیش‌تر مخفف آن Petroleos de VENEZUELA]ونزوئلا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; &lt;br /&gt;
که، این شرکت در میان 500 شرکت بسیار مهم آمریکای لاتین مقام اول را به‌دست آورد. برای یافتن بازارهائی جدید سوایِ بازارهای سنتی به‌جست‌وجو پرداخت و خیلی زود توانست مشتریانی تازه پیدا کند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
به‌هر حال هنگامی که دولت مالک ثروت اصلی سرزمین خود می‌شود همیشه به‌جا است که پرسیده شود «مالک خود دولت کیست؟»- ملی شدن منابع اساسی یک کشور، فی‌نفسه مفهومش توزیع مجدد درآمد به‌سودِ اکثریت مردم نیست، و ضرورتاً قدرت یا امتیازات ویژۀ اقلیت حاکم را به‌مخاطره نمی‌افکند. در ونزوئلا، اقتصاد اسراف و اتلاف، دست‌نخورده به‌حیات خود ادامه می‌دهد و در مرکز آن، زیر نور چراغ‌های نئون، یک طبقۀ اجتماعی میلیونر و ولخرج می‌درخشد. در سال 1976، واردات کشور 25 درصد افزایش یافت؛ اقدامی تمام عیار برای تأمین هزینۀ کالاهای فوق تجملی که به‌بازار ونزوئلا سرازیر شده و آن را در خود غرق کرده است. پرستش بت‌وارِ کالاها همچون نشانه و نماد قدرت اوج گرفته است و روابط انسانی به‌حدّ رقابت در مصرف تنزل یافته: در میان اقیانوس توسعه نیافتگی، اقلیتی که دارای امتیازات ویژه است روش زندگی و مدپرستیِ ثروتمندترین افرادِ توانگرترین جوامع دنیا را تقلید می‌کند؛ و در خودنمائی‌های &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;کاراکاس&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; هم، مانند&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;نیویورک&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، سرمایه‌های عالی «طبیعی»- یعنی هوا و نور و سکوت- بیش از پیش گران‌تر و  اَبَرمردِ ناسیونالیسمJuan Pablo Perez Alfonsoکمیاب‌تر می‌شوند. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;خوآن پابلو پِرِز آلفونسو  &lt;br /&gt;
ونزوئلا و پیامبر باز پس‌گرفتن و ملی کردنِ نفت، چنین هشدار می‌دهد: «آهای،مواظب باشید. انسان ممکن است از سوء هاضمه هم مثل گرسنگی بمیرد!» {{نشان|1}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
۶&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
 من نوشتن&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;رگ‌های باز&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; را در آخرین روزهای سال 1970 به‌پایان رساندم.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
روی تخت عمل مرد. تابوت  Juan Velasco Alvaradoدر آخرین روزهای سال &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;1977 خوان‌ولاسکو آلوارادو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; &lt;br /&gt;
او را بزرگ‌ترین جمعیتی که در خیابان‌های &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;لیما&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; دیده شده بود روی دوش به‌گورستان برد. ژنرال &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ولاسکو آلوارادو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; که در خانه‌ئی محقر در سرزمین‌های خشک شمال &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پرو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; چشم به‌دنیا گشوده بود فرآیندِ اصلاحات اجتماعی و اقتصادی را رهبری کرد. این ژرف‌ترین و فراگیرنده‌ترین کوششی بود که در جهت دگرگونی در تاریخ معاصر کشور او صورت گرفت. با آغاز شورش سال 1968، دولت نظامی نیروی محرک و پویای اصلاحات کشاورزیِ راستین شد و راه را برای باز پس گرفتن منابع طبیعی که سرمایه‌های خارجی غصب کرده بود باز کرد. اما حتی پیش از آن که &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ولاسکو آلوارادو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; چشم از جهان فرو بندد، ختم انقلاب برچیره شده بود. فرآیند آفرینندگی ، عمری بس کوتاه داشت.- دو چیز آن را از پا در آورد: یکی باج سبیل رباخواران و دلالان، و دیگری این حقیقت مسلم که هر برنامه‌ئی، هر قدر هم پدرانه، اگر پایگاه مردمیِ سازمان یافته‌ئی نداشته باشد بی‌دوام است و محکوم به‌فنا.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در شب عید میلاد 1977، در حالی که قلب ژنرال&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ولاسکو آلوارادو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; در &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پرو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; از حرکت باز می‌ایستاد، ژنرالی دیگر که هیج گونه شباهتی به‌وی نداشت، در &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بولیویا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; مشت خود را محکم روی میز    دیکتاتور&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بولیویا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، بدین‌سان به‌تقاضای عفو زندانیان، Hogo Banzerمی‌کوبید. ژنرال &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;هوگو بانزر&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; &lt;br /&gt;
تبعیدشدگان، و کارگران اخراج شده، می‌گفت: «نه!»- چهار زن و چهارده کودک از معادن قلع به &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;لاپاز&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; (پایتخت)آمدند و دست به‌اعتصاب زدند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
قضاوت خبرگان چنین بود: «حالا زمانِ این کار نیست؛ موقعش که شد، خودمان خبرتان می‌کنیم...»&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
زن‌ها نشستند روی زمین و چنین گفتند: «ما با شما مشورت نمی‌کنیم، بلکه فقط به‌تان اطلاع می‌دهیم، تصمیم، گرفته شده است. در معادن، همیشه اعتصاب غذاست. چشم به‌دنیا نگشوده اعتصاب غذامان شروع می‌شود. در آن جا ما محکوم به‌مرگ نیز هستیم. البته آهسته آهسته، ولی به‌هر حال محکوم به‌مرگیم.»&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
دولت با مجازات و تهدید واکنش نشان نداد اما اعتصاب غذا نیروهائی را که مدت‌های طولانی در بند مانده بودند آزاد کرد. سراسر&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بولیویا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; تکان خورد و دندان‌های تیز خود را نشان داد. ده روز بعد، دیگر، مسأله فقط بر سرِ غذای چهار زن و چهارده کودک نبود: هزاروچهارصد کارگر و دانشجو دست به‌اعتصاب غذا زده بودند. رژیم دیکتاتوری احساس کرد که زمین زیر پایش دهان باز کرده است. فرمان عفو عمومی گرفته شد.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
بدین سان دو کشور &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;منطقۀ آند&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; از خط فاصل سال 1977 و 1978 گذشتند. در شمال، در &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;منطقۀ کارائیب&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، کشور&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پاناما&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; در پایان مذاکرات دشواری که با ایالات متحدۀ آمریکا انجام داد، به‌انتظار الغای قرارداد مستعمراتی کانال بود؛ و در&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;کوبا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; مردم در تکاپوی برگزاری جشن انقلاب سوسیالیستی خود بودند، جشن هفدهمین سال زندگی پیروزمند خویش. چند روز بعد، در &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;نیکاراگوا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، مردم خشمگین به‌خیابان‌ها ریختند. دیکتاتور&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سوموزا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، پسر دیکتاتور&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سوموزا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، از سوراخ کلید نگاه می‌کرد. خشم مردم ساختمان‌های چندین شرکت را به‌آتش کشید. یکی از این  ، که در آغاز سال 1978 آتش زده شد متعلق Plasmaferesisشرکت‌ها، به‌نام&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پلاسما فره‌سیس  &lt;br /&gt;
به‌تبعیدشدگان کوبائی بود که خون مردم&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;نیکاراگوا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; را به‌ایالات متحده می‌فروخت. (در دادوستد خون هم مانند هر دادوستد دیگر آنچه به‌دست تولیدکنندگان می‌رسد اندکی بیش‌تر از «پول چائی»است.  برای هر لیتر خون که در بازار آمریکای Hemo Caribbeanبه‌طور مثال شرکت &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;همو کاریبئین&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;  &lt;br /&gt;
شمالی به‌بیست و پنج دلار فروش می‌رود سه دلار به‌مردم &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;هائیتی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; می‌پردازد.)&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
۷&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
مقاله‌ئی چاپ، و اعلام کرد که حکومت Orlando Letelierدر ماه اوت1976،&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اورلاندو لِته‌لی‌یر&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;  &lt;br /&gt;
وحشت دیکتاتوری&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پینوشه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; و «آزادی اقتصادی»گروه‌های کوچک اداری امتیازات ویژه دو روی یک‌سکه است. {{نشان|2}}وی یکی از وزیران دولت &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سالوادور آلنده&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بود. در ایالات متحده در تبعید به‌سر می‌برد، و در همین جا بود که چندی بعد بمبی او را تکه‌تکه کرد. {{نشان|3}}او در مقاله‌اش چنین استدلال کرده بود که سخن گفتن از رقابت آزاد، در اقتصادی مانند اقتصاد شیلی- که تابع انحصاراتی است که هر وقت بخواهند با قیمت‌ها بازی می‌کنند- بیهوده است. و در کشوری که اتحادیه‌های واقعی کارگری غیرقانونی اعلام شده‌اند و حقوق و دستمزدها را شورای نظامی تعیین می‌کند، دم زدن از حقوق حقۀ کارگران خنده‌دار است. وی در این مقاله شرح می‌داد چگونه به‌دست آورده بودند Unidad popularپیروزی‌هائی که مردم شیلی در زمان دولت&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اتحاد خلق&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; &lt;br /&gt;
به‌طور کامل از میان رفته است. از انحصارات صنعتی که &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سالوادور آلنده&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; ملی کرده بود، رژیم دیکتاتوری نیمی را به‌صاحبان پیشین بازگرداند و نیمی دیگر را به‌معرض فروش گذاشت. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;فایرستون&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، ، کارخانۀ عظیم Parsonos Whitmoreکارخانۀ لاستیک‌سازی ملی را خرید و&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پارسونز و ویتمور&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; &lt;br /&gt;
خمیر کاغذسازی را... اقتصاد شیلی، به‌گفتۀ&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;لته‌لی‌یر&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، حتی از دورۀ پیش از به‌قدرت رسیدن &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;آلنده&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; هم بیش‌تر متمرکز و انحصاری شد. {{نشان|4}}&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;در آمریکای لاتین آزادی عمل شرکت‌ها با آزادی‌های مدنی هیچ سازگاری ندارد: نه این همه مذاکرات آزاد شرکت‌ها سابقه داشته است، نه این همه دستگیری و زندانی شدن مردم. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; و اما آزادی بازارها؟- از آغاز سال 1975 قیمت شیر در شیلی «آزاد»اعلام شد. نتیجۀ این اقدام طولی نکشید که ظهور کرد. دو شرکت بر بازارها مسلط شدند. قیمت شیر بلافاصله برای مصرف‌کنندگان 40 درصد افزایش یافت، در حالی که برای تولیدکنندگان 22 درصد پائین آمد!&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
مرگ‌ومیر کودکان، که در دورۀ حکومت&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اتحاد خلق&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; به‌میزان قابل توجهی پائین آمده بود، پس از به‌قدرت رسیدن&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پینوشه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; جهشی چشمگیر یافت. هنگامی که&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;لته‌لی‌یر&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; در یکی از خیابان‌های&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;واشینگتن&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; به‌قتل رسید، یک چهارم مردم شیلی هیچ درآمدی نداشتند اما یا به‌لطف صدقه‌های خیرخواهانۀ مردم کشورهای دیگر یا به‌علت سرسختی خود و بخورنمیری که به‌نحوی به‌دست می‌آوردند زنده ماندند.&lt;br /&gt;
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شکافی که در آمریکای لاتین میان بهزیستی گروهی اندک و تیره‌روزی اکثریت مردم وجود دارد بسی عمیق‌تر از شکافی است که در اروپا یا ایالات متحده میان این دو طبقه دیده می‌شود. در نتیجۀ روش‌هائی هم که برای حفظ این شکاف لازم است وحشیانه‌تر است. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;برزیل&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; دارای ارتشی عظیم و کاملاً مجهز است، اما تنها پنج درصد بودجۀ کشور صرف آموزش و پرورش می‌شود. در&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اوروگوئه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; نیمی از بودجۀ کشور در حال حاضر به‌نیروهای مسلح و پلیس اختصاص دارد. یک پنجم جمعیت فعال کشور از راه جاسوسی و تعقیب یا مجازات دیگران زندگی می‌کنند.&lt;br /&gt;
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بدون تردید یکی از مهم‌ترین رویدادهای این دهه، در سرزمین‌های ما، سرگذشت غمبارِ شورش نظامی در شیلی بود که در یازدهم سپتامبر، دولت دموکرات &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سالوادور آلنده&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; را واژگون کرد و کشور را در حمام خون غوطه داد.&lt;br /&gt;
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اندکی پیش از آن، در ماه ژوئن، کودتائی در &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اوروگوئه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; پارلمان را منحل کرد، اتحادیه‌های کارگری را غیرقانونی شناخت و هرگونه فعالیت سیاسی را ممنوع اعلام داشت. {{نشان|5}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در ماه مارس 1976، ژنرال‌های&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;آرژانتین&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; به‌قدرت بازگشتند: دولت بیوۀ &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;خوآن دومینگو پرون&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;       &lt;br /&gt;
که از درون فاسد شده بود بدون ماتم و بدون سرافرازی فرو ریخت.Juan Domingo Peron&lt;br /&gt;
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این سه کشور جنوبی آمریکای لاتین، اکنون، جراحتی بر پیکر دنیا هستند و منبع دائمی اخبار بد. شکنجه، آدم‌ربائی، آدمکشی، و تبعید اجباری، رسمِ روز شده است. آیا این دیکتاتوری‌ها غدّه‌هائی هستند که باید از ساز واره‌های سالم درآورده شوند یا دمل‌های چرکینی که عفونت نظام حاکم را آشکار می‌کنند؟&lt;br /&gt;
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به‌اعتقاد من، همیشه رابطه‌ئی نزدیک میان شدت تهدید و وحشیانه بودن پاسخ و واکنش وجود دارد. آن چه امروز در&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;برزیل&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; و&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بولیویا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; اتفاق می‌افتد، به‌گمان من، بدون آن که تجربۀ رژیم‌های &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;خوائو   (رئیس جمهوری برزیل، 64-1961)و &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;خوآن خوزه تورس) (رئیس جمهوری  Joao Goulartگولار&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; &lt;br /&gt;
بولیویا، 71-1970)را به‌خاطر آوریم قابل درک نیست. این دولت‌ها، پیش از سقوط، یک رشته اصلاحات اجتماعی انجام داده یک سیاست اقتصادی ناسیونالیستی را به‌مرحلۀ اجرا در آورده بودند که فرایند آن در سال&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; 1964&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; در&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;برزیل&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; و در سال&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;1971&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; در&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بولیویا &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; متوقف شد. همین طور هم، می‌توان گفت که شیلی، آرژانتین و اوروگوئه کفارۀ گناه امید را می‌دهند. رشته تغییرات عمیق و بنیادین دولت &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;آلنده&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;؛ پرچم‌های عدالتی که در زمان دولت کم دوام &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;هکتور کامپورا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، در سال&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;1973&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، به‌اهتزاز درآمد و توده‌های کارگران آرژانتین را تجهیز و بسیج کرد؛ و سیاسی شدن پرشتاب جوانان اوروگوئه؛ این همه، مبارزه‌طلبی‌هائی بود که نظام حاکم بی‌قدرت و بحران‌زده نمی‌توانست تحمل کند. گاز تند آزادی نشان داد که برای اشباح خطرناک است و آن‌ها را به‌آتش می‌کشد، و گارد ویژه فراخوانده شد تا نظم را برقرار کند. عملیات پاک‌سازی، در واقع طرحی برای انهدام و نابودی است.&lt;br /&gt;
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پرونده‌های کنگرۀ ایالات متحده اغلب دارای مدارک غیرقابل انکاری دربارۀ مداخلات در آمریکای لاتین است. جوهرسوزان گناه، در اعترافات &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;امپراتوری جهانی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، وجدان‌ها را به‌درد می‌آورد و آن‌ها را تطهیر می‌کند. به‌طور مثال در این اواخر، در سوانح گوناگونی که پیش آمده، پذیرش رسمی مسؤولیت از طرف ایالات متحده چندین برابر شده است. اعترافات علنی بسیار، از جمله ثابت کرده‌اند که دولت ایالات متحده از راه رشوه، جاسوسی، و باج سبیل، در امور سیاسی شیلی شرکت مستقیم داشته است. طرح اصلی جنایت در &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;واشینگتن&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ریخته شد. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;کیسینجر&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;و دستگاه‌های جاسوسی، از سال&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;1970&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;نقشۀ سقوط &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;آلنده&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;را آماده کردند. میلیون‌ها دلار در میان دشمنان دولت قانونی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اتحاد خلق&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;توزیع شد. و به‌این ترتیب بود که، به‌طور مثال، کامیون‌داران توانستند اعتصاب طولانی خود را (که در سال&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; 1973 &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;قسمت مهمی از اقتصاد &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;شیلی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; را فلج کرد)ادامه دهند. یقین داشتن به‌این که کیفری در کار نیست زبان‌ها را باز می‌کند. در زمان کودتای ضد &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;گولار&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، سفارت ایالات متحده در&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;برزیل&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; بزرگترین سفارتخانۀ آن کشور در دنیا بود. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;لینکلن گوردون&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; که در آن زمان سفیرکبیر آمریکا بود، سه سال بعد به‌خبرنگاری اعتراف کرد که دولت او مدت‌ها به‌نیروهائی که با اصلاحات مخالفت می‌کردند کمک مالی می‌کرده است! -&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;گوردون&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; گفته بود: «چنین کاری کم و بیش در آن روزها عادی بود... &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سیا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;به‌توزیع و تقسیم وجوه سیاسی عادت کرده بود.»{{نشان|6}}در همان مصاحبه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;گوردون&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; توضیح داده بود که در روزهای کودتا،&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پنتاگون&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; یک ناو هواپیمابر بزرگ و چهار کشتی نفت‌کش به‌نزدیکی‌های سواحل برزیل فرستاده بود «که شاید نیروهای ضد&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;گولار&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; خواستار پشتیبانی ما باشند»و افزوده بود: «این پشتیبانی قرار نبود تنها برای تقویت روحیه باشد؛ بلکه، آماده بودیم مواد مورد نیاز، تدارکات، اسلحه، و نفت هم بدهیم.»&lt;br /&gt;
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از زمانی که پرزیدنت&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;جیمی کارتر&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; سیاست حقوق بشر را آغاز کرد، برای رژیم‌های آمریکای لاتین- که در درجۀ اول با مداخله و کمک آمریکای شمالی به‌مردم این منطقه تحمیل شده‌اند- عادت شده است که بر ضد مداخلات آمریکای شمالی در امور داخلی خود اعلامیه‌هائی تهیه و تنظیم کنند.&lt;br /&gt;
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کنگرۀ ایالات متحده در سال 1976 و 1977 تصمیم گرفت کمک‌های اقتصادی و نظامی به‌کشورهای مختلف را معلق نگه دارد. اما به‌هر حال قسمت اعظم کمک‌های خارجی ایالات متحده از صافی کنگره نمی‌گذرد. بدین‌سان، با وجود اعلامیه‌ها و تصمیمات و اعتراضات، رژیم ژنرال&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پینوشه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;در سال &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;1976،290 &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; میلیون دلار بدون تصویب «قوۀ قانونگذاری آمریکا» به‌صورت کمک از آن کشور  &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;- دیکتاتور آرژانتین- پس از آن که نخستین سال عمر خود را Videlaدریافت کرد رژیم ژنرال&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ویدِلا  &lt;br /&gt;
پشت سر گذاشت 500 میلیون دلار از بانک‌های خصوصی آمریکای شمالی و 415 میلیون دلار از دو مؤسسۀ بانک جهانی و &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بانک توسعۀ اینتر امریکن&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; که ایلات متحده نفوذ قاطعی در آن‌ها دارد دریافت کرد. حق برداشت ویژۀ آرژانتین از&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;صندوق بین‌المللی پول&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; که در سال 1975 بالغ بر 67 میلیون دلار بود دو سال بعد به 700 میلیون دلار افزایش یافت. نگرانی پرزیدنت &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;کارتر&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; از قصابی‌هائی که در پاره‌ئی از کشورهای آمریکای لاتین می‌شود بی‌فایده نیست، اما دیکتاتورهای کنونی هم خودآموز نبوده‌اند: آن‌ها فنون و هنر حکومت کردن را در کلاس‌های درس &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پنتاگون&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; در آمریکا و منطقۀ کانال&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پاناما&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; فراگرفته‌اند. این دوره‌های درسی هنوز هم ادامه دارد و تا آنجا که معلوم است محتوایشان ذره‌ئی تغییر نیافته. مردان نظامی آمریکای لاتین که امروزه مایۀ رسوائی ایالت متحده شده‌اند، شاگردان خوبی بوده‌اند. چهار سال پیش، هنگامی که&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;رابرت مک نامارا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;- رئیس کنونی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بانک جهانی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;- وزیر دفاع آمریکا بود گفته بود: «این‌ها رهبران جدیدند. ضرورتی ندارد که من دربارۀ ارزشِ وجود چنین مردانی در مقام رهبری که از پیش می‌دانند ما آمریکائی‌ها چگونه فکر و کار می‌کنیم، توضیح بیش‌تری بدهم. دوستی با چنین مردانی سخت پرارزش است.: {{نشان|7}}آیا کسانی که ما را &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;افلیج&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; کرده‌اند صندلی چرخدار به‌مان می‌دهند؟&lt;br /&gt;
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اسقف‌های فرانسه دربارۀ نوع دیگری از مسؤلیت سخن می‌گویند که عمیق‌تر و غیرقابل رؤیت‌تر است: «ما که تعلق به‌ملت‌هائی داریم که ادعا می‌کنند پیشرفته‌ترین ملل عالمند، جزئی هستیم از کسانی که از استثمار کشورهای در حال توسعۀ استفاده می‌کنند. ما درد و رنجی را که این عمل در روح و جسم ملت‌ها به‌وجود می‌آورد نمی‌بینیم. ما تقسیم کنونی دنیا را که در آن تسلط دارا برندار و توانا بر ناتوان چشمگیر است، بیش‌تر تقویت می‌کنیم. آیا ما میدانیم که حیف و میل منابع و مواد خام از سوی ما، بدون کنترل بازرگانی بین‌المللی از طرف کشورهای غربی، امکان پذیر نیست؟ آیا ما نمی‌بینیم چه کسانی از دادوستد اسلحه استفاده می‌کنند، و کشور خود ما نمونه‌های غمباری از این سلاح‌ها را تهیه می‌کند؟ آیا ما حتی درک می‌کنیم که نظامی شدن رژیم کشورهای فقیر یکی از نتایج تسلط اقتصادی و فرهنگی است که از طرف کشورهای صنعتی اعمال می‌شود، که در آن‌ها میل شدید به‌سود بردن و قدرت پول حاکم بر زندگی است؟» {{نشان|8}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
دیکتاتورها، شکنجه‌گران، بازجویان عقیده، و ترس و وحشت هم مانند ادارات پست و بانک‌ها، کارگزاران خودش را دارد، و به‌کار بسته می‌شود چون که ضروری می‌نماید. و مسألۀ توطئۀ آدمیان پلید و اهریمنی در میان نیست. ژنرال&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پینوشه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; ممکن است شبیه یکی از اشخاص «نقاشی‌های    [نقاش برجستۀ اسپانیائی (1828-1746)]باشد، ولیمه‌ئی برای روانکاوان یا وارثِGoyaسیاه»&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;گویا &lt;br /&gt;
سنتی بیرحمانه از جمهوری‌های موز، اما خصوصیات کلینیکی یا فولکلوری چنین یا چنان دیکتاتوری فقط چاشنی تاریخ است نه خود تاریخ چه کسی امروز می‌تواند ادعا کند که جنگ جهانی اول به‌علت عقیدۀ&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;قیصر ویلهلم&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; که یک دستش کوتاه‌تر از دست دیگر بود آغاز شد؟ &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;برتولت برشت&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; در اواخر سال1940 در یادداشت‌های روزانۀ خود چنین نوشته است: «در کشورهای دموکراتیک خصوصیت خشونتی که اقتصاد دارد پنهان می‌ماند؛ در کشورهای استبدادی خصوصیت اقتصادی خشونت آشکار نمی‌شود.»&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در کشورهای جنوبی آمریکای لاتین فرماندهان نظامی قدرت را به‌دست گرفته‌اند تا نقشی را برای نظام حاکم ایفا کنند، یعنی هنگامی که طبقات حاکم دیگر نمی‌توانند از هیچ راه دیگری امور دادوستد خود را انجام دهند تروریسم دولتی را مستقر می‌کنند. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;در کشورهای ما اگر شکنجه با کارآمدی انجام نگیرد وجود نخواهد داشت؛ و دموکراسی، رسمی پایدار می‌ماند اگر تضمین شود که از کنترل صاحبان قدرت درنخواهد آمد. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; در زمان‌های سخت و دشوار، دموکراسی جنایتی بر ضدامنیت ملی شناخته می‌شود- یا شاید جنایتی بر ضدامنیت امتیاز ویژۀ داخلی و سرمایه‌گذاری‌های خارجی. دستگاه‌های ما برای ریزریز کردن گوشت انسانی به‌چرخ دنده‌های مکانیسمی بین‌المللی وصل شده‌اند. سراسر جامعۀ ما نظامی شده است. حالت استثنائی دائمی می‌شود و دستگاه زور و فشار به‌مجرد آن که از سوی مرکز نظام امپریالیستی پیچ و مهره‌ئی سفت می‌شود، مسلط می‌گردد. هنگامی که سایۀ بحران از کمین‌گاه دیده می‌شود، ضرورت پیدا می‌کند که غارت و چپاول کشورهای فقیر افزایش یابد تا اشتغال کامل، آزادی‌های مدنی، و نرخ‌های بالای توسعه را در کشورهای دارا تضمین کند. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;رابطۀ قربانی و دژخیم، دیالکتیک منحوسی است: ساختاری از خفت‌ها و خواری‌های پی‌در‌پی وجود دارد که از بازارهای بین‌المللی و مراکز مالی آغاز می‌شود و به‌خانۀ هر شهروندی پایان می‌یابد. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
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&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;هائیتی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; ندارترین کشور نیمکرۀ غربی است. در آن جا تعداد شویندگان پا از واکسی‌ها بیش‌تر است: کودکانی برای یک سکۀ پول پای مشتریان پا برهنه را که کفشی ندارند تا واکس بخورد می‌شویند. متوسط عمر مردم&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;هائیتی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، اندکی بیش از سی سال است. از هر ده نفر، نه نفر خواندن و نوشتن نمی‌دانند. در&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;هائیتی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، دامنۀ کوهستان‌های ناهموار برای مصرف داخلی کشت و زرع می‌شود و دره‌های حاصلخیز برای صادرات. بهترین زمین‌ها برای کشت قهوه، نی‌شکر، کاکائو و فرآورده‌های دیگری که مورد نیاز بازارهای آمریکای شمالی تخصیص یافته. در&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;هائیتی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; کسی &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بیس‌بال&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; بازی نمی‌کند، اما&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;هائیتی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; بزرگترین تولیدکنندۀ توپ مخصوص این بازی در سراسر دنیاست. کارگاه‌هائی که در آن‌ها کودکان با روزی یک دلار مزد کالاهای الکترونی و کاسِت مونتاژ می‌کنند  کم نیست. این فرآورده‌ها طبیعتاً صادراتی هستند؛ و طبیعتاً سود حاصل از آن‌ها نیز، پس از کسر کردن سهم مدیران ترس و وحشت، صادر می‌شود. در &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;هائیتی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; کوچکترین ظنّ اعتراض، مجازاتِ زندان یا مرگ دارد. حقوق و دستمزد کارگران&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;هائیتی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، هر چند که ممکن است باورکردنی به‌نظر نیاید، بین سال‌های 1971 و 1975 یک چهارمِ ارزش واقعیِ بسیار پائین خود را از دست داد. و این نکته واجد اهمیت است که طی این دوره، جریان تازه‌ئی از سرمایۀ آمریکا وارد&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;هائیتی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; شد!&lt;br /&gt;
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سرمقالۀ یکی دو سال پیشِ یکی لز روزنامه‌های&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بوئنوس آیرس&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; به‌خاطرم می‌آید. روزنامه‌ئی محافظه‌کار و قدیمی، سخت برآشفته بود که چرا در یک سند بین‌المللی، آرژانتین را کشوری کم توسعه و وابسته قلمداد کرده‌اند. چگونه یک جامعۀ با فرهنگ، اروپائی، دارای رونق اقتصادی، و سفید را می‌توان با معیارهای کشوری فقیر و سیاه مانند&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;هائیتی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; سنجید؟&lt;br /&gt;
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تردیدی نیست که تفاوت‌ها بسیار زیاد است هرچند که ارتباطی با مقولۀ تحلیل سخنگوی متنفذان&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بوئنوس آیرس&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ندارد. با وصف این، با تمام ناهمانندی‌ها و تضادهائی که ممکن است وجود داشته باشد، آرژانتین از دورِ باطلی که اقتصاد آمریکای لاتین را کلاً خفه می‌کند رهائی ندارد و هیچ کوششِ دفع شرِ روشنفکرانه‌ئی نمی‌تواند آن را از واقعیتی که، کم یا زیاد، وجه مشترک همۀ کشورهای منطقه است جدا کند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
Papa Doc Duvalierروی‌هم رفته کشتارهای ژنرال &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ویدِلا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; متمدنانه‌تر از کشتارهای&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;«پاپادوک»دووالیه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; [رئیس جمهور هائیتی، 71-1957]. یا وارث اریکۀ اونیست، هرچند که در آرژانتین زور و فشار ممکن است در سطح تکنولوژیکی بالاتری باشد. هر دو رژیم دیکتاتوری ضرورتاً در خدمت هدفی همانندند: &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;عرضۀ نیروی کاری ارزان به‌بازاری بین‌المللی که تقاضای فرآورده‌های ارزان دارد. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
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دیکتاتوری &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ویدِلا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، هنوز قدرت را کاملاً در دست نگرفته بود که به‌سرعت اعتصابات را ممنوع کرد و در همان زمان که با سخت‌گیری شدیدی دستمزدها را ثابت نگاه می‌داشت با صدور تصویب‌نامه‌ئی قیمت‌ها را آزاد اعلام کرد. پنچ ماه پس از کودتا، قانون جدید سرمایه‌گذاری خارجی، شرکت‌های داخلی و خارجی را در وضعی همانند قرار داد. بدین‌سان، رقابت آزاد به‌وضع نامساعدِ غیرعادلانه‌ئی که بعضی از شرکت‌های داخلی و محلی داشتند پایان بخشید: &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;جنرال موتورز&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; بیچاره را مثل می‌زنم که حجم فروش جهانیش، به‌تنهائی به همۀ تولید ناخالص ملی &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;آرژانتین&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; برابر است!- اکنون خروج سود سرمایه‌ها از کشور، و باز پس فرستادن اصل پول‌های سرمایه‌گذاری شده نیز، صرف‌نظر از پاره‌ئی محدودیت‌هائی ناچیز، آزاد شده است.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در پایان نخستین سالی که از عمر رژیم گذشت، ارزش واقعی دستمزدها به‌چهل درصد کاهش یافت. این   Rudolfo Walshشاهکار، از طریق اعمال هراس و وحشت انجام گرفته بود. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;رودولفو والش &lt;br /&gt;
نویسنده، در نامۀ سرگشاده‌ئی رژیم را متهم می‌کند که: «پانزده هزار نفر ناپدید، ده هزار نفر زندانی،چهار هزار نفر مقتول، و ده‌ها هزار نر تبعیدی ارقام خام این نظام خوف و وحشت است.»- والش&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; این نامه را در 29 مارس 1977 برای رهبران سه گانۀ شورای نظامی فرستاد و خود او در همان روز ربوده شد و دیگر اثری از او به‌دست نیامده.&lt;br /&gt;
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۱۱&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
منابع موثق تأیید می‌کنند که از «سرمایه‌گذاری»های جدیدِ مستقیمِ خارجی در آمریکای لاتین، در واقع تنها مبالغ بسیار ناچیزی از کشور سرمایه‌گذار اصلی می‌آید: بنابر گزارشی که وزارت بازرگانی ایالات متحده منتشر کرده {{نشان|10}}تنها 12 درصد از وجوه سرمایه‌گذاری شده در خارج، از آمریکا خارج شده است. 22 درصد دیگر این به‌اصطلاح «سرمایه‌گذاری»ها مستقیماً از محل درآمدهائی تأمین شده که در خود آمریکای لاتین به‌دست آمده، و 66درصد بقیه را منابع اعتباری داخلی آن کشورها یا اعتبارات بین‌المللی پرداخت کرده‌اند!- همین نسبت‌ها در مورد سرمایه‌گذاری‌های ممالک اروپائی و ژاپن نیز مصداق دارد؛ و مخصوصاً باید به خاطر داشت که قسمت اعظم این 12 درصد «سرمایه‌گذاری»هم که مثلاً از دفاتر مرکزی این شرکت‌ها می‌آید نقدینه نیست بلکه ارزش اظهارشدۀ ماشین‌آلات فرسوده‌ئی است که منتقل کرده‌اند یا بهای دلخواهی است که شرکت‌های استعماری بابت دانش فنی، حق امتیاز و یا سرقفلی انگ و علامت تجاری خود تحمیل می‌کنند و به‌حساب می‌گذارند. بنابراین، شرکت‌های چند ملیتی، نه تنها اعتبارات داخلی کشورهائی را که در آن به‌فعالیت می‌پردازند در برابر سهم سرمایۀ مشکوکی می‌ربایند، بلکه فراتر از این، مطالبات ماوراء دریاهای خود را نیز چند برابر می‌کنند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
دیون خارجی کشورهای آمریکای لاتین در سال 1975 نزدیک به‌سه برابر بیش‌تر از سال 1969 بود {{نشان|11}}&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;برزیل، مکزیک، شیلی و اوروگوئه،&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; در سال 1975 نزدیک&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;به‌نیمی از درآمدهای صادراتی خود را به‌پرداخت استهلاک و بهرۀ دیون و به‌پرداخت&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سود شرکت‌های خارجی که در این کشورها استقرار یافته‌اند اختصاص دادند. در همان سال، بازپرداخت دیون و پرداخت سود، 55 درصد صادرات&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پاناما&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;و 60 درصد صادرات &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پرو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; را بلعید. {{نشان|12}}در سال 1969 هر فرد&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بولیویائی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;137 دلار به‌خارج مقروض بود، و در سال 1977 ای قرض به 483 دلار رسید!- مردم &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بولیویا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; هرگز در این امر مورد مشورت قرار نگرفته‌اند و هرگز یک پاپاسی این قروضی را که هم چون حلقۀ طناب‌دار به‌گردنشان افتاده است ندیده‌اند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در چند کشور آمریکای لاتین که هنوز محض خالی نبودن عریضه در آن‌ها انتخاباتی انجام می‌گیرد، نام  [یکی از بزرگ‌ترین بانک‌های ایالات متحدۀ آمریکا]به‌عنوان نامزدCity Bank&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سیتی‌بَنک&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;                &lt;br /&gt;
انتخابات»در هیچ کدام از فهرست‌های انتخاباتی دیده نمی‌شود، و نام هیچ یک از ژنرال‌های دیکتاتور هم «صندوق بین‌المللی پول»نیست. اما کدام وجدان است که حکم صادر می‌کند و چه دستی است که آن احکام را به‌اجرا درمی‌آورد؟ آن که وام می‌دهد فرمان نیز می‌راند. برای بازپرداخت وام، باید صادرات افزون شود، و نیز باید صادرات افزون شود تا پول واردات را بتوان پرداخت و خون‌ریزی بهره‌ها و&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;حق امتیازهائی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; را که شرکت‌های خارجی به‌دفاتر مرکزی‌شان می‌فرستند جبران بتوان کرد. افزایش صادرات که عواید واقعی آن به‌تدریج کم و کم‌تر می‌شود دستمزدها را به‌حد بخورو نمیر کاهش می‌دهد. فقر جمعی، که به‌عنوان کلید موفقیت اقتصادی در اختیار منافع خارجی گذاشته شده است از رشد بازارهای مصرف داخلی که برای استقرار و حفظ یک توسعۀ موزون اقتصادی ضروری است جلوگیری می‌کند. کشورهای ما اندک‌اندک صدای خود را از دست می‌دهند و به‌پژواک مبّدل می‌شوند. به‌دیگران وابستگی پیدا می‌کنند و تا زمانی که پاسخگوی نیازهای دیگران باشند هستی‌شان تأمین می‌ماند. از سوی دیگر، سر و صورتی تازه دادن به‌اقتصادی که در خدمت تقاضاهای خارج است باز هم ما را به‌همان وضع نداشتن آزادی عمل بازمی‌گرداند: دروازه‌ها را به‌روی غارت و چپاول انحصارات خارجی باز می‌کند و وامی‌داردمان که برای گرفتن وام از&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بانک جهانی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; به‌قراردادهای بزرگ‌ترین دیگری تن دهیم. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;دور باطل کامل می شود: وام خارجی و سرمایه‌گذاری خارجی افزایش صادراتی را ایجاب می‌کند که خود وام‌دهندگان به‌طور مداوم مشغول بلعیدین آنند. و این کار البته با مسالمت امکان‌پذیر نیست. کارگران آمریکای لاتین برای آن که نقش خود را به‌عنوان گروگان‌های کامکاری خارجیان بپذیرند باید زندانی باقی بمانند؛ چه این سوی و چه آن سوی میله‌های زندان. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
۱۲&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
استثمار وحشیانۀ نیروی کار یدی، با تکنولوژی پیش رفته ناسازگار نیست و در سرزمین‌های ما هرگز ناسازگار نبوده است؛ به‌عنوان مثال، گروه‌های عظیم کارگران بولیویا که ریه‌های خود را در  سرمایه‌دار Simon Ituri Patinoمعادن &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اورورو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; از دست داده بودند. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سیمون پاتین‌یو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
بزرگ &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بولیویائی (1947-1886) &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;مالک معادن قلع کشور خود و یکی از ثروتمندان دنیا بود و او را «سلطان قلع»می‌خواندند. در زمان او، کارگران در یک نظام بردگی مزدوری، منتها با ماشین‌آلاتی مدرن کار می‌کردند. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سلطان قلع&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; توانسته بود بالاترین سطح تکنولوژی زمان خود را با پائین‌ترین سطح دستمزد ترکیب کند. {{نشان|13}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
فراتر از این، در زمان ما، شرکت‌های چند ملیتی مقتدر هم‌زمان با دست‌اندازی و تملک فعالیت‌های صنعتی‌ئی که با سرمایه‌های داخلی ایجاد شده تکنولوژی پیشرفته‌ترین اقتصادها را هم مورد بهره‌برداری قرار می‌دهند. اقدام به‌متمرکز کردن سرمایه، از راه «&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;آتش‌زدن&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; بیرحمانۀ سطوح &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;متروک&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; فعالیت‌های اقتصادی، که به‌طور غیرتصادفی دقیقاً دولتی هم هستند»عملی شده است. {{نشان|14}}غیر دولتی کردن سریعِ صنایع آمریکای لاتین وابستگی فزایندۀ تکنولوژی را نیز به‌همراه داشته است. تکنولوژی، که شاه کلید قدرت است، در دنیای سرمایه‌داری، در انحصار مراکز استعماری است. این تکنولوژی به‌صورت دست دوم وارد می‌شود، اما مراکز استعماری نسخه بدل‌ها را هم به‌قیمت اصل می‌فروشند. در سال &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;1970 مکزیک&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; برای وارد کردن تکنولوژی خارجی دو برابر سال 1968 پرداخت کرد. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;برزیل&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; بین سال‌های 1965 و 1969 پرداخت‌هایش از این بابت دو برابر شد؛ و در همین دوره، افزایشی همانند در همین زمینه در&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;آرژانتین&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; نیز پدید آمد.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
انتقال تکنولوژی وام‌های سنگین خارجی را بیش‌تر می‌کند و آثار ویرانگری در بازار نیروی کار دارد. در نظامی که برای سرازیر کردن سود به‌خارج سازمان یافته است نیروی کار شرکت‌های «سنّتی»امکانات اشتغال خود را از دست می‌دهد. جزیره‌های کوچک صنایع نو، در برابر پویائی مشکوکی که در اقتصاد کشور پدید می‌آید، با کم کردن زمان کار لازم برای تولید، کارگران را قربانی می‌کنند. وجود سپاهی فزاینده و باد کرده از کارگران بیکار، به‌نوبۀ خود پائین آمدن ارزش واقعی دستمزدها را تسهیل می‌کند.&lt;br /&gt;
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۱۳&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اما اکنون حتی اسناد و مدارک &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;کمیسیون اقتصادی سازمان ملل برای آمریکای لاتین&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; هم از تقسیم مجدد نیروی کار در سطح بین‌المللی سخن می‌گویند. به‌طوری که خبرگان امیدوار اظهار نظر می‌کنند، طی چند سال آینده، آمریکای لاتین ممکن است به‌همان اندازه که امروز مواد خام و موادغذائی به‌خارج می‌فروشد، کالاهای ساخته شده صادر کند. «نابرابری دستمزدها بین کشورهای توسعه یافته و در حال توسعه- از جمله کشورهای آمریکای لاتین- ممکن است تقسیم‌بندی جدیدی از فعالیت‌ها را در میان این کشورها به‌وجود آورد و در نتیجه، به‌دلایل رقابتی، آن رشته از صنایع خود را که در آن هزینه‌های نیروی کار خیلی زیاد است جا به‌جا کنند. به‌طور مثال، هزینه‌های نیروی کار در صنعت کالاهای کارخانه‌ئی، در مکزیک یا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;برزیل&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; خیلی کم‌تر از ایالات متحده است» {{نشان|15}}&lt;br /&gt;
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انگیزشی برای پیشرفت، یا ماجراجوئی استعمارنو؟ ماشین‌آلات الکتریکی     &lt;br /&gt;
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اما اکنون حتی اسناد و مدارک &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; کمیسیون اقتصادی سازمان ملل برای آمریکا لاتین&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;  هم از تقسیم مجدد نیروی کار در سطح بین‌المللی سخن می‌گویند. به طوری که خبرگان امیدوار اظهارنظر میکنند، طی چند سال آینده، آمریکای لاتین ممکن است به همان اندازه که امروز مواد خام و مواد غذائی به خارج می‌فروشد، کالاهای ساخته شده صادر کند. «نابرابری دستمزدها بین کشورهای توسعه یافته و در حال توسعه - از جمله کشورهای آمریکای لاتین - ممکن است تقسیم بندی جدیدی از فعالیت‌ها را در میان این گشورها به وجود آورد و در نتیجه، به دلایلی رقابتی، آن رشته از صنایع خود را که در ان هزینه‌های نیزوی کار خیلی زیاد است جابه‌جا کنند. به طور مثال، هزینه‌های نیروی کار در صنعت کالاهای کارخانه‌ئ، در مکزیک یا برزیل خیلی کم‌تر از ایالات متحده‌ است.» {{نشان|15}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
انگیزشی برای پیشرفت، یا ماجراجوئی استعمارنو؟ ماشین آلات الکتریکی و غیرالکتریکی اکنون در میان فراورده‌های صادرتی عمدهء مکزیک به‌طور بارز دیده می‌شود. در برزیل، فروش خارجی اتومبیل و تجهیزات جنگی در حال افزایش است. پاره‌ئی از کشورهای آمریکای لاتین مرحلهء تازه‌ئی از صنعتی شدن را می‌گذرانند که تا حد زیادی با نیازهای خارجی و صاحبان وسایل تولید خارجی کمک و هدایت شده است. آیا این فصل دیگری نیست که به تاریخ طولانی «توسعهء برون‌گرا»یِ ما افزوده خواهد شد؟ در بازارهای بین‌المللی قیمت‌هائی که مرتب بالا می‌رود به طور کلی مربوط به «کالا‌های ساخته شده» نیست، بلکه به کالاهای ظریف و پیچیده‌ئی ارتباط دارد که در ساختن آن‌ها تکنولوژی پیشرفته‌تری به کار رفته و در انحصار کشورهائی است که توسعه‌ء بیش‌تری یافته‌اند. فرآوردهء عمدهء صادراتی آمریکای لاتین، هر قدر هم که مواد خام و کالاهای ساخته شده بفروشد، نیروی کار ارزان آن است. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
مگر تجربهء تاریخی مداوم، تکه پاره شدن و خرد شدن در پوشش توسعه نبوده است؟ قرن‌ها پیش، «فتح» این قاره، زمین‌ها را با کشت فراورده‌های صادراتی، یکسره از میان برد و بومیان را در اعماق معادن و بستر رودخانه‌هائی که ته‌نشست فلزات قیمتی داشت نابود کرد تا بتواند تقاضاهای طلا و نقرهء ماوراء دریاها را برآورده کند. خوراک بومیانی که پس از کشف قاره‌شان توانسته بودندخود را از نابودی و انهدام نجات بدهند، با پیشرفت تکنولوژیکی از آن چه بود بدتر شد. امروز، مردم پِرو برا گله‌های گاو و گوسفند ایالات متحده و اروپا، نواله‌ء ماهی تهیه و تولید می‌کنند که از نظر پروتئین بسیار غنی است لیکن با وصف این آشکارا مشاهده می‌شود که در خوراک اکثریت مردم پرو پروتئین وجود ندارد، شرکت فولکس واگن در برابر هر اتومبیلی که در سویس می‌فروشد، بابت حفظ تعادلِ محیط زیست یک اصله درخت می‌کارد، در حالی که شرکت برزیلی وابستهء فولکس واگن صدها هکتار زمین جنگلی را کاملاً از بین برده و برای تولید متمرکز گوشت صادراتی گذاشته است. مردم برزیل - که به ندرت مزهء گوشت را زیر دندان خود احساس می‌کنند  - به طور فزاینده‌ئی گوشت به خارج می‌فروشند. چندی پیش، دارسی ری‌بیرو Darcy Roberio در گفت‌وگوئی که با من داشت می‌گفت که یک جمهوری فولس واگن ضرورتاً چندان تفاوتی با جمهوری موز ندارد. از هر یک دلاری که با صدور موز به دست می‌آید به دشواری یازده سنتش کشور تولید کننده باقی می‌ماند ۱۶، و طبعاً از این یازده سنت سهمی بسیار کوچک به کارگران درختزارهای موز می‌رسد. مگر هنگامی که یکی از کشورهای آمریکای لاتین به جای موز اتومبیل تولید کند این نسبت‌ها تغییر می‌یابد؟&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
برده فروشان دیگر در اقیانوس‌ها رفت و آمد نمی‌کنند. اکنون سوداگران برده از‌«وزارت کار» به اِعمال نقش خویش می‌پردازند. به اعمال خویش می‌پردازند. دستمزدهای آفریقا، و قیمت‌های اروپا. مگر کودتاهائی که در آمریکای لاتین صورت می‌گیرد چیزی بجز رویداد‌های پی‌در‌پی غارت و چپاول است؟ دیکتاتوری‌های نوپا، بی‌درنگ شرکت‌های خارجی را به استثمار نیروی کار ارزان و فراوان، استفاده از اعتبارات نامحدود و معافیت‌های مالیاتی، و غارت مواد خامی که آسان به دست می‌آید دعوت می‌کنند. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
۱۴&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
کارگران طرح اضطراری دولت شیلی دستمزدی برابر سی دلار در ماه دریافت می‌کنند. بهای یک کیلو نان ۵۰ سنت است. بنابراین دو کیلو نان در روز به دست‌شان می‌رسد. در حال حاضر، حداقل دستمزد در اوروگوئه و آرژانتین برابر با قیمت شش کیلو قهوه است. حداقل دستمزد در برزیل شصت دلار در ماه است،‌ اما درآمد روزانهء کارگران سیار کشاورزی روستاها، در کشتزارهای لوبیا،‌ قهوه،‌ و فرآورده‌های صادراتی دیگر بین ۵۰ سنت تا یک دلار است. علوفه‌ئی که گله‌های گاو و گوسفند در مکزیک می‌خورند دارای دارای پروتئینی بیش‌تر از خوراک روستائیانی است که از آن‌ها نگاهداری می‌کنند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
گوشت این گله‌ها به گروهی اندک دارندگان امتیازات ویژه در داخل کشور، و بهطور عمده به بازارهای بین‌المللی اختصاص دارد. زیر پوشش حمایتی سیاستِ سخاوت‌آمیز استاده از اعتبارات دولتی با شرایطی سهل و آسان، کشاورزی صادراتی مکزیک رونق گرفته است در حالی که بین سال‌های ۱۹۷۰ و ۱۹۷۶ از میزان پروتئنی که در دسترس هر فرد مکزیکی قرار می‌گیرید کاسته شده و در مناطق روستائی از هر پنج کودک مکزیکی تنها یکی دارای قد و وزن طبیعی است۱۷. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در گواتمالا محصول  برنج، ذرت، و لوبیای خشک که خاص مصرف داخلی است به امید خدا گذاشته شده در حالی که قهوه، پنبه، و فراورده‌های صادراتی دیگر ۸۷ درصد اعتبارات را به خود تخصیص داده است. از هر ده خانواده گواتمالایی که به کشت و برداشت قهوه، منبع عمدهء ارز خارجی کشور، می‌پردازند به زحمت فقط به یک خانواده غذای کافی می‌رسد ۱۸. در برزیل، تنها ۵ درصد اعتبارات کشاوری به برنج، لوبیای خشک، و مانیوک - که خوراک عمدهء برزیلی‌ها را تشکیل می‌دهند - تخصیص یافته. بقیه اعتبارات به سوی محصولات صادراتی سرازیر می‌شود.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سقوط اخیر قیم بین‌المللی شکر، به خلاف گذشته موجی از گرسنگی در میان روستائیان کوبا پدید نیاورد. در کوبا دیگر کم‌غذایی وجود ندارد. از سوی دیگر، افزایش تقریباً همزمانِ قیمت بن‌المللی قهوه به هیچ وجه از فقر مزمن کارگران درختزارهای قهوهء برزیل نکاست. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
افزایش مظنهء قهوه در سال ۱۹۷۶ صورت گرفت. علت این بهبود تصادفی قیمت یخبندانی بود که محصول قهوهء برزیل را از میان برد، اما آنچنان که یکی از صاحب منصبان عالی مقام موسسه قهوهء برزیل اعتراف کرده است:‌«عملاً در دستمزدها بازتابی نداشت.!» ۱۹&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
از نظر واقعیت، محصولات صادراتی ضرورتاًبا رفاه و آسایش مردم ناسازگار نیستند، و ضرورتاً مغایرتی با توسعه‌ء اقتصادی «درون گرا» ندارند.  در کوبا، فروش شکر به خارج چون اهرمی به ایجاد دنیای نوینی که در آن همه به نعره‌های توسعه دسترس دارند، خدمت کرده است. در آنجا، همبستگی، روح اصلی روابط انسان‌هاست. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
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۱۵&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اکنون دیگر ما می‌دانیم آنان که محکوم به پرداخت بهای بحران بازسازی نظام حاکم هستند کیانند؟ قیمت بیشفراورده‌هائی که آمریکای لاتین می‌فروشد، در ارتباط با قیمت فراورده‌هائی که از کشورهای دارندهء انحصار تکنولوژی و بازگانی و سرمایه گذاری و اعتبار می‌خرد، بیرحمانه پایین می‌آید. برای جبران تفاوت و به جهت رویاروئی با تعهداتی که در برابر سرمایه‌های خارجی شده، ضروری است که آنچه در «قیمت» از دست می‌رود در «مقدار» جبران شود. در این چارچوب، دیکتاتوری‌های مخروط جنوبی چ منظور کشورهای آرژانتین و شیلی و اروگوئه استج دسمزدهای کارگران را به نصف تقلیل داده و مراکز تولید را به اردوگاه کار اجباری مبدل کرده‌اند. کارگران باید پائین آمدن ارزش کارشان را هم، به عنوان کالائی که در بازار فروخته می‌شود، جبران کنند. کارگران مجبورند با افزایش ساعاعت کار خود، آنچه را هم که قدرت خرید دستمزدشان از دست می‌دهد جبران کنند. بدین سان، قوانین بازار بیان المللی وارد دنیای کوجک زندگی هر کارگر آمریکای لاتین نیز می‌شود. برای کالرگرانی که این «بختیاری» را دارند که شغلی دائمی داشته باشند و.«روزی هشت ساعت کار» تنها در عبارتِ بی‌جانُ قانون وجود دارد. ده، دوازده، حتی چهارده ساعت کار امری کاملا عادی است و بسیارند کارگرانی که حتی یکشنبه‌هاهم کار می‌کنند. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
حوادث ناشی از کار، یا خون انسانی که پیشکش قربانگاه تولید می‌شود، به نوبه‌ء خودزیادتر شده است. اینک سه مثال از پایان سال ۱۹۷۷ در اوروگوئه‌:&lt;br /&gt;
الف: معادن سنگ راه‌آهن، که شن و سنگ تولید می‌کنند بازده تولید خود را دو برابر می‌کنند. در آغاز بهار، پانزده کارگر در انفجار معدن جان می‌سپارند. &lt;br /&gt;
ب‌: بیکاران در بیرون کارخانه‌هائی که موشکهای آتش‌باری درست می‌کند صف کشیده‌اند. کودکانی چند در کار تولید هستند. رکورد شکسته می‌شود. در ۲۰ سپتامبر، انفجاری روی ‌می‌دهد: پنج گارگر می‌میرند و ده‌ها تن زخمی ‌می‌شوند.&lt;br /&gt;
پ : ۲۸ سپتامبر، ساعت هفت صبح‌، کارگران از ورود به کارخانه‌ء  کنسرو ماهی خودداری می‌کنند. چون بوی شدید گاز به مشام می‌رسد. تهدید می‌شوند که اگر نروند سرکار،‌ اخراج خواهند شد. بازهم خوددداری می‌کنند. تهدید می‌شوند که اگر نروند سرکار، سربازان فراخوانده خواهند شد ( کارخانه در مواردی دیگر تهدید، نیروهای ارتش را فراخوانده بود)، کارگران به ناچار وارد کارخانه می‌شوند. به علت نشتِ گاز آمونیاک چهار نفر می‌میرند و چندین نفر مسموم و در بیمارستان بستری می‌شوند. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
   &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
۱۶ &lt;br /&gt;
‎&lt;br /&gt;
ماریا کارولینا دِخه‌روس Maria Carolina de Jesus  در میان خاکروبه‌ها و لاشخورها زاده شد. بزرگ شد، رنج برد، سخت کار کرد؛عاشق دو مرد شد، بچه‌هائی پیدا کرد. عادت داشت که در دفترچهء یادداشت کوچکی، به خط بد، جریان کارها و ماجراهای روزانهء خود را بنویسد. خبرنگاری به طور تصادفی این یادداشت‌ها را خواند و ماریا کارولینا نویسندهء مشهوری شد. کتاب شهر کلبه‌ها، که خاطرات پنج سال زندگی در خومهء مثیف شهر سائوپائولو است، به سیزده زبان ترجمه و در چهل کشور خوانده شد.  ماریا کارولینا »سیندرلای: برزیل، محصول دنیای مصرف، شهر کلبه‌ها را ترک گفت، دور دنیا سفر کرد، عکس‌ها و مصاحبه‌هایش در روزنامه‌ها چاپ شد، جوایز منتقدان را ربود، در مجالس تجیب‌زادگان مورد پدیرائی قرار گرفت و به ملاقات روسای جمهور نائل آمد. و سال‌ها گذشت‌... در آغاز سال ۱۹۷۷، در سپیده دم یک روز یکشنبه، ماریال کارولینا دِ خه‌زوس در میان خاکروبه‌ها و لاشخور‌ها جان سپرد. اکنون زنی را که نوشته بود: «گرسنگی دینامیت بدن انسان است. » دیگر کسی به یاد نمی‌آورد. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎او که با ته‌مانده ‌های دیگران زندگی کرده بود، به صورتی گذرا توانست یکی از برگزیدگان شود. اجازه یافت سرمیز بنشیند. اما پس از خوردن دِسِر، طلسم شکست. و در حالی که رویای او پایان می‌گرفت برزیل باز همان کشوری بود که هر روز در آن صدها گارگر در حوادث کار ناقص می‌شوند و از هر ده کودک یکه به دنیا می‌آیند، چهارتن‌شان گدا، دزد، یا شعبده باز می‌شوند. علیرغم آمار که تبسمی خوشبینانه دارند، هتکِ مردم پاره شده است. در نظام‌هائی که وارونه‌سازمان یافته اند، هنگامی که اقتصاد رشد می‌کند بیعدالتی اجتماعی نیز با آن رشد می‌یابد. در موفقیت‌ترین دورهء «معجزه» برزیل، میزان مرگ و میر کودکان در حومه‌های ثروتمندان شهر کشور افزایش یافت. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎رونق اقتصادی ناگهانی که صنعت نفت در اکوادور پدید آورد به جای مدرسه و بیمارستان، تلویزیون رنگی به مردم ارزانی داشت.  شهرها تا مرز انفجار از جمعیت انباشته می‌شوند. در سال ۱۹۵۰، در آمریکای لاتین شش شهر دارای جمعیتی بیش از بیک میلیون نفر بود. در سال ۱۹۸۰، تعداد آن‌ها به ۲۵ خواهد رسید ۲۱. گروه‌های عظیم کارگران، رانده شده از روستاها‌، در حاشیهء مراکز بزرگ شهری، در همان سرنوشتی سهیم می‌شوند که نظام حاگم به «تفاله‌» های جوان شهر‌نشین اختصاص داده است. در آمریکای لاتیت‌ِ فرومایگان،، شکل‌های هنرمندانهء زنده ماندن ای‌«لاشخور»ها کامل شده است. « نظام تولید، طی مدتی مدید نشان داده است که برای جذب نیروی فزاینده‌ء کار در منطقه، به ویژه در مجتمع‌های بزرگ کارگری شهرها به طرزی مشهود از این که اشتغال مولد ایجاد کند ناتوان است‌...»۲۲&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎یکی از بررسی‌های سازمان بین‌المللی کار چندی پیش نشان می‌داد که در آمریکای لاتین بیش از ۱۱۰ میلیون نفر در شرایط « فقر شدید» زندگی می‌کنتند. از این تعداد ۷۰ میلیون نفر را می‌توان بینوا نامید ۲۳. خورد و خوراک چند درصد جمعیت از جد لزوم پائین‌تر است؟ به زبان خبرگان ۴۲ درصد جمعیت برزیل، ۴۳ درصد مردم کولومبیا، ۴۹ درصد مردم هندوراس،* ۳۱ درصد مردم مکزیک، ۴۵ دردصد مردم پرو، ۲۹ درصد مردم شیلی، ۳۵ درصد مردم اکوادور‌ «درآمدی کمتر از هزینهء حداقل تغذیهء متعادل » دارند۲۴.&lt;br /&gt;
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&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
۱۷&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎در سرزمین‌های ما، صنعت ترس و وحشت، مانند هر صنعت دیگر بهای گرانی به دانش فنی بیگانه می‌پردازد. تکنولوژی زور و فشار آمریکای شمالی که در چهار گوشهء کرهء زمین مورد آزمایش قرار گرفته، در مقیاسی وسیع خریداری و به کار بسته شده است. اما خلاف عدل و انصاف خواهد بود اگر در این زمینه استعدادهای خلاقه‌ئی را که در میان طبقات حاکم آمریکای لاتین وجود دارد را باز نشناسیم. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎بورژوازی‌های ما، بدون وابستگی اقتصادی‌، توان توسعه نداشتند و کوشش آن‌ها برای ایجاد صنعتی ملی حالت پریدن مرغ خانگی را پیدا کرد: پروازی کم اوج و کوتاه. در جریان فرایند تاریخی ما، خداوندان قدرت نیز در فقدان تحلیل سیاسی و سترون بودن فرهنگی خود شواهد کافی ارائه کرده‌اند. اما در عوض، استقرار دستگاه عظیم ترس را ترتیب داده در فن نابود سازی انسان‌ها و اندیشه‌ها ابداعاتی هم داشته‌اند. تجربهء تازهء کشورهای منطقهء ریو ده لاپلاتا Rio de la Plata  چمصب بزرگی که بین دو کشور اوروگوئه و آرژانتین قرار گرفته است در این زمینه بسیار روشنگر است. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎افسران آرژانتینی، هنگامی که قدرت را به‌دست گرفتند هشدار دادند که: «وظیفهء گندزدائی ما، مدتی به درازا خواهد کشید!» - طبقات حاکم در اوروگوئه و آرژانتین پی در پی از نیروهای مسلح خواسته‌اند نیروهای خواستار دگرگونی را در هم شکنند و ریشه‌شان را براندازند، نظام امتیازات ویژهء داخلی را استوار کنند و شرایط اقتصادی و سیاسی‌ئی به وجود آورند که جلب کنندهء سرمایه‌های خارجی باشد: پاک‌سازی سرزمین، نظم در کشور، و نیروی کار ارزان و فرمانبر و مردم کشور بلافاصله مبدل به دشمن داخلی شدند. هرگونه نشانهء زندگی، اعتراض، یا تردید ساده، از دیدگاه اصول‌ِ نظامی‌ِ امنیت‌ِ ملی تهدیدی خطرناک به شمار می‌آید. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎بدین‌ سان ، مکانیسم‌های پیچیده‌ئی برای پیشگیری و مجازات تهیه و تنظیم شده است. در زیر این ظواهر منطقی ژرف نهفته است: برای آن که بتوان با کارآمدی عمل کرد، زور و فشار باید مطلق باشد. جز نفس کشیدن، هر فعالیت دیگر انسانی جنایتی به شمار می‌آید. در اوروگوئه، شکنجه به مثابهء  اصلی در امر بازجوئی به کار برده می‌شود: هر کسی ممکن است قربانی آن شود، نه فقط کسانی که مظنون یا مرتکب اقدامات مخالفت آمیزند و بدین طریق هراس از شکنجه، همچون گازی فلج کننده که به خانه‌ئی راه می‌یابد و در روح هر شهروندی ریشه می‌ند، در میان همهء شهروندان پراکنده می‌شود. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎شکار انسان در شیلی ۳۰ هزار کشته بر جای گذاشته است، اما در آرژانتین کسی را تیرباران نمی‌کنند: بل‌که اشخاص مورد‌نظر را به سادگی می‌ربایند. قربانیان ناپدید می‌شوند. سپاهیان ناپیدای شب، وظیفه را انجام می‌دهند. دیگر نه جسدی در میان است نه این که کسی گناهکار و مسئول شناخته می‌شود. بدین سان، کشتار- که همیشه غیر رسمی است، و نه رسمی - بدون این که کم ترین مجازاتی در کار باشد انجام می‌گیرد، و بدین طریق نگرانی جمعی بازتابی شدیدتر پیدا می‌کند. کسی حساب پس نمی‌دهد، کسی توضیح نمی‌دهد. هر جنایتی تردیدی‌ است دردناک برای کسانی که به قربانی نزدیکند، و نیز هشداری است برای دیگران. تروریسم دولتی‌، مردم کشور را از طریق ترس فلح می‌کند. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎در اوروگوئه برای پیدا کردن کار یا از دست ندادن آن، لازم که انسان مورد التفات مقامات نظامی باشد. در کشوری که پیدا کردن کار در خارج از مراکز پلیس و سربازخانه‌ها بسیار دشوار است. این ضرورت، تنها باعث آن نشده است از ۳۰۰ هزار شهروندانی که دست چپی شناخته شده‌اند تعداد زیادی از کشور خارج شوند، بل این فایده را هم داشته است که  ماندگارها را به شدت مورد تهدید قرار دهد. برای روزنامه‌های مونته‌ویده‌ئو چاپ توبه‌نامه‌ها و آگهی‌های شهروندانی که از راه احتیاط بر سینهء خویش می‌کوبند که‌ «من نیستم‌، هیچ وقت نبوده‌ام‌، و هرگز هم نخواهم بود‌» امری بسیار عادی شده است. &lt;br /&gt;
‎در آرژانتین دیگرلازم نیست کتابی را با صدور اخطاریه‌ئی ویژه ممنوع اعلام کنند. قانون جزای جدید‌، نویسنده‌ و ناشر هر کتابی را که «مخرب» شناخته مانند گذشته مجازات می‌کند. ولی فراتر از این‌، صاحب چاپخانه را هم به مجازات می‌رساند تا کسی جرات نکند متنی را که تنها احتمال می‌رود مورد سوءظن باشد چاپ کند؛ و در صورتی که این هم کافی به نظر نیاید خواننده را نیز مجازات می کند تا کسی جرات خواندان آن را هم به خود ندهد چه رسد به این که از آن برای خودش اساس عقیده‌ئی هم بتراشد! بدین سان با مصرف کننده‌ء کتاب همان رفتاری می‌شود که برای مصرف کننده‌ء داروهای مخدر پیش‌بینی کرده است ۲۵. در این طرح جامعهء کرولال، هر شهروندی باید « مفتش عقیده‌ء» خود شود. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎در اوروگوئه، لو ندادن همسایه جرم به شمار می‌آید. دانشجویان هنگام ورود به دانشگاه سوگند‌نامه‌ئی امضا می‌کنند که هر که را در محوطهء دانشگاه دست به «هر گونه فعالیتی نامرتبط با درس خواندن‌» بزند معرفی خواهندکرد. بدین سان دانشجو خود را در هر ماجرائی که تاحتمالا در حضور وی اتفاق افتد مسوول می‌کند. در این طرح جامعهء کسانی که خوابیده راه می‌روند، هر شهروندی باید پلیس خود و دیگران باشد. به هر حال، این نظام به راستی غیرقابل اعتماد است. در اوروگوئه تعداد افراد پلیس و سربازان به صد هزار نفر می‌رسد، ولی تعداد خبرچین‌ها نیز صدهزار نفر است. جاسوسان در خیابان‌ها، کافه ها و اتوبوس‌ها، در کارخانه‌ها و دبیرستان‌ها، در ادارات و در ادانشگاه به کار مشغولند. هر کس به صدای بلند زبان به شکایت بگشاید که زندگی سخت و گران است بی‌گمان گذارش به زندان خواهد افتاد زیرا « جرمی بر ضد روحیه‌ء نیروهای مسلح‌» مرتکب شده است که سزای آن سه تا شش سال زندان است. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
۱۸&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎در رفراندوم ماه ژانویه ۱۹۷۸، رای آری برای دیکتاتوری پینوشه را با علامت صلیبی زیر پرچم شیلی مشخص کرده بودند، و رای نه را زیر مستطیلی سیاه. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎نظام حاکم می‌خواهد با کشور یکی پنداشته شود. نظام حاکم، خودِ کشور است. این‌، محتوای تبلیغات رسمی است که مردم شب و روز با آن بمباران می‌شوند. دشمن‌ِ نظام‌ِ حاکم، خاٍن وبه سرزمین‌ِ اجدادی به حساب می‌آید. گواه‌ِ حدودِ خشم و نفرت مردم از بی‌عدالتی و آرزوی تغییر و دگرگونی‌، فرار از کشور است. در بسیاری از کشورهای آمریکای لاتین کسانی که به آن سوی مرزها تبعید نشده‌اند از تبعید در داخل سرزمین خود رنج می‌برند. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎اما در همان هنگامی که پینوشه پیروزی خود را جشن گرفته بود، رژیم دیکتاتوری او اعتصاباتی را که علی‌رغم حکومت ترس و وحشت در سراسر شیلی برپا می‌شد «غیبتِ دست جمعی‌ِ کارگران‌» نام گذاشته بود. اکثریت کسانی که در آرژانتین ربوده یا ناپدید شده‌اند کارگرانی هستند که به فعالیت‌های اتحاديهء کارگری پرداخته بودند. در تخیلات پایان‌ناپدیر مردم‌، پیوسته شکل‌های جدیدی از مبارزه بارور می‌شود: کم‌کاری و عدم همکاری و همبستگی‌، راه‌های تازه‌ئی برای رهائی از ترس کشف می‌کند. بسیاری از اعتصابات همکانی آژانتین‌، در سال ۱۹۷۷ روی داد که خطر از دست دادن زندگی از خطر از دست دادن کار و شغل کم‌تر نبود. قدرت واکنش نشان دادن طبقه‌ء کارگرِ سازمان یافته و دارای سنت طولانی مبارزه را نمی‌توان با یک نوشته از میان برد. در ماه مه همان سال‌، هنگامی که دیکتاتوری اوروگوئه ترازنامهء برنامه‌های شست و شوی مغزی و اخته سازی دست جمعی خود را تنظیم می‌کرد مجبور شد اعتراف کند که « هنوز سی و هفت درصد شهروندان کشور به سیاست علاقه‌مند هستند.»۲۶&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎ما در این سرزمین ها با کودکی‌ِ وحشیانهء سرمایه‌داری روبه‌رو نیستیم‌، بلکه فرتوتی‌ِ خونبار آن را مشاهده می‌کنیم. کم توسعگی مرحله‌ئی از توسعه نیست‌، بلکه منتجهء آن است. کم توسعگی آمریکای لاتین ناشی از توسعهء بیگانگان است و هنوز هم به آن سوخت می رساند. نظام حاکم که به علت نقش بندگی‌ِ بین‌المللی خود ناتوان و از لحظهء تولد در حال احتضار است پایش در گل است. خود را به طور مسلم سرنوشت کشور می‌پندارد و می‌خواهد که ابدمدت انگاشته شود. هرگونه خاطره‌ئی خرابکار است، زیرا که متفاوت است‌؛ هم‌چنین هر طرح ناظر به آینده‌ئی این اژدهای خواب آلود را وادار می‌کند که بدون نمک غذا بخورد: نمک خطرناک است، ممکن است بیدارش کند. نمونهء بارز نظام حاکم را که در جامعهء ساکن‌ِ مورچگان می‌توان دید. به همچنین دلیل هر قدر هم که دگرگونی پیدا کند با تاریخ بشری سازگار نیست، چرا که در تاریخ بشری، هر اقدام ویرانگرانه‌ئی دیر یا زود با اقدامی خلاق پاسخ خواهد گرفت. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎بارسلون - آوریل ۱۹۷۸ &lt;br /&gt;
‎ترجمهء رامین شهروند &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
   &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
15. United Nations, ECLA, op. cit., note 19&lt;br /&gt;
16. UNCTAD, &amp;quot;The Marketing and Distribution System for Bananas&amp;quot;, December 1974. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
    &lt;br /&gt;
    &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
       &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
[[رده:کتاب جمعه ۱۳]]&lt;br /&gt;
[[رده:کتاب جمعه]]&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Pouya</name></author>
	</entry>
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		<title>پس از هفت سال</title>
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		<updated>2011-09-22T08:49:42Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;Pouya: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[Image:13-003.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۳|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۳]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-004.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۴|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۴]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-005.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۵|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۵]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-006.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۶|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۶]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-007.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۷|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۷]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-008.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۸|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۸]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-009.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۹|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۹]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-010.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۰|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۰]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-011.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۱|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۱]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-012.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۲|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۲]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-013.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۳|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۳]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-014.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۴|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۴]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-015.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۵|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۵]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-016.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۶|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۶]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-017.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۷|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۷]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-018.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۸|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۸]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-019.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۹|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۹]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-020.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۰|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۰]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-021.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۱|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۱]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-022.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۲|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۲]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-023.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۳|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۳]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-024.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۴|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۴]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-025.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۵|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۵]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-026.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۶|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۶]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-027.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۷|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۷]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-028.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۸|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۸]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-029.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۹|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۹]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-030.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۳۰|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۳۰]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-031.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۳۱|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۳۱]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-032.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۳۲|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۳۲]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-033.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۳۳|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۳۳]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{در حال ویرایش}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
«نوشتن چه سودی دارد اگر برای مبارزه با موانعی نباشد که نظام حاکم در برابر پیام مخالفان قرار می‌دهد؟» این، پیام دلاورانۀ &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ادواردو گالیانو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; است. آری، به‌راستی سودش چیست؟- نوشتن یا آفرینش هنری، اگر برای محکوم کردن بی‌انسانیتی نظام حاکم و زمانِ ما نباشد معنایش چیست؟&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
هرچند درست است که هنر و ادبیات از راه ستایش لحظه‌های آسایش زندگی، زندگی را زیور می‌بخشد. و درست است که نقش هنر و ادبیات و شعر و موسیقی، لذت بردن هرچه بیش‌تر ما از زندگی، و ژرف‌تر و آهنگین‌تر و پر معنا کردنِ روابط، با یکدیگر است؛ اما انسان چه‌گونه می‌تواند ستایشگر دنیائی باشد که در آن، بیش‌تر انسان‌ها تنها از آن رو «می‌زیند»که لذایذ بیرحمانۀ حیات گروهی اندک را که به‌اصطلاح «صاحبان امتیازات ویژه»‌اند تأمین کنند؟ انسان چه‌گونه می‌تواند با نظامی هماهنگ شود که پیوسته در کارِ مکیدنِ خونِ رگ‌های باز است؟ - رگ‌های باز، تنها در آمریکای لاتین نیست بلکه یک سر از ویژگی‌هایِ تمامی جهان سوم است.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
برای ما، در جهان سوم، زمان، زمان بحران است نه زمان ستایش و شادمانی! زمان نگرش به‌واقعیت خویش و تفکر و اندیشۀ انتقادی است، نه خیالبافی‌های عرفانی. زمان مبارزه است و در این مبارزه، ما نیاز به‌صدائی داریم که نظام ستمگر را رسوا و بی‌انسانیّتیِ آن را محکوم کند و امید به‌آینده را به‌ما دهد. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ادواردو گالیانو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; چنین صدای راستینی است که نه تنها برای آمریکای لاتین، بل برای سراسر جهان سوم و در واقع برای تمامی بشریت سخن می‌گوید.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
1)&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
هفت سال از زمان چاپ نخست&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;رگ‌های بازِ آمریکای لاتین&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; می‌گذرد. این کتاب برای آن نوشته شده بود که با مردم به‌گفت‌و گو بپردازد. نویسنده‌ئی ناخبره، مردمی ناخبره را مورد خطاب قرار داده بود تا پاره‌ئی حقایق را که تاریخ رسمی- تاریخی که فاتحان نوشته‌اند- پنهان داشته یا تحریف کرده است فاش شود.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
هیجان‌آمیزترین پاسخ‌ها و واکنش‌ها نه از صفحات ادبی روزنامه‌ها، بل از متن زندگی واقعی رخ نمود، آن هم به‌صورت رویدادهائی در کوچه و خیابان. به‌عنوان مثال، دختری که در اتوبوسی کتاب را برای دوستی که پهلویش نشسته بود می‌خواند، سر انجام به‌پا خواسته در حالی که اتوبوس از خیابان‌های &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بوگوتا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; می‌گذشت، قسمتی از آن را به‌صدای بلند برای همۀ مسافران خوانده بود. یا، زنی که طی روزهای کشتار از &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سانتیاگو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; (پایتخت شیلی)می‌گریخت کتاب را لای قنداقۀ کودکش پنهان کرده بود. یا،  دانشجوئی که قدرت خرید کتاب را نداشت یک هفتۀ تمام در خیابان&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;کوری‌یِن‌تِس&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; محلۀ کتابفروش‌های &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;شهر بوئنوس آیرس&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; از این کتابفروشی به‌آن کتابفروشی رفته در هر کدام چند صفحه از کتاب را خوانده بود!&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
هم‌چنین بهترین تعریفی که از این کتاب شد از طرف نقدنویسان متخصص نبود، این تعریف را دیکتاتورهای نظامی کردند، آن هم از طریق ممنوع کردن کتاب! – به‌عنوان مثال، &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;رگ‌های باز&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; در کشور خود من- &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اروگوئه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;- قابل چاپ و پخش نیست. همین طور در&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;شیلی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;. در&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;آرژانتین&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; هم مقامات دولتی در رادیو و تلویزیون و روزنامه‌ها آن را به‌عنوان «وسیلۀ فساد جوانان»محکوم کرده‌اند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بلاس داوته‌رو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; [شاعر معاصر برجستۀ اسپانیولی]می‌گفت: «آن‌ها اجازه نمی‌دهند چیزهائی که من می‌نویسم دیده شود، چون من فقط چیزهائی را که می‌بینم می‌نویسم!»&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
به‌عقیدۀ من، با توجه به‌تمامی چیزهائی که گفته شده و انجام گرفته است، اگر شادمانه ادعا شود که &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;رگ‌های باز&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; کتابی نبوده که پژواکی نداشته باشد، نباید به‌قمپز در کردن تعبیرش کنند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
2)&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
این نکته که &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;رگ‌های باز&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; – این&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;کتاب راهنمایِ&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; پرده دری‌ها و فاش‌سازی‌ها- اقتصاد سیاسی را به‌سبک سرگذشت عشقی با قصۀ دزدهای دریائی مورد بحث قرار داده است باید سخت کفرآمیز به‌نظر آمده باشد. این را خودم هم می‌دانم. امّا باید اعتراف کنم که برای من، خواندن پاره‌ئی از مطالعات پرارزشی که بعضی جامعه‌شناسان، سیاست‌شناسان، اقتصاددانان و مورخان به‌زبان رمز می‌نویسند کاری بس دشوار است. زبان سربستۀ علمی، همیشه هم الزاماً بهای عمق و دانش زیاد نیست. حتی در پاره‌ئی موارد ناتوانی امر برقرار کردنِ ارتباط به‌سادگی تمام ممکن است، اعتلای فضایل روشنفکرانه جلوه کند. به‌گمان من دلزدگی ناشی از این امر بیش‌تر نظام مستقر را تبّرک می‌کند و تأکید می‌کند که دانش، امتیاز ویژۀ &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;نخبگان&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; است.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
به‌طور گذرا می‌توان گفت مشتی از آثار ادبیات مبارز نیز که برای مردمی معتقد نوشته می‌شود، معمولاً به‌چنین سرنوشتی گرفتار می‌آیند. زبانی که همین جور سرسری جمله‌های حاضر و آماده را با همان صفت‌ها و موصوف‌های مرسوم و همان شیوۀ بیان آهنگین معمول برای همان گوش‌های همیشگی تکرار می‌کند، هر قدر هم که فصاحت انقلابی داشته باشد به‌نظر من سازشکارانه می‌نماید. شاید این نوع ادبیاتِ محدودِ کم‌مایه به‌همان اندازه از انقلاب به‌دور باشد که ادبیات هرزۀ جنسی از ادبیات عاشقانه.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
3)&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
انسان می‌نویسد، تا سؤال‌هائی را که در سرش وزوز می‌کنند، این مگس‌های سمجی را که خواب از چشمش می‌ربایند، بیازماید و برای‌شان پاسخی پیدا کند و آن چه انسان می‌نویسد، اگر به‌ترتیبی با نیاز جامعه به‌یافتن فلان پاسخ منطبق شود، می‌تواند معنائی جمعی به‌دست آورد. من &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;رگ‌های باز&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; را برای آن نوشتم که اندیشه‌ها و تجارب شخصی گوناگونم را منتشر کنم تا شاید خصوصیت واقع‌بینانۀ آن‌ها بتواند کم‌و بیش مشتی از آن همه سؤال را که علی‌الدوام آزارمان داده است روشن کند: آیا آمریکای لاتین منطقه‌ئی از دنیاست که محکوم به‌تحمل خفت و فقر است؟ محکوم از طرف که و به‌چه دلیل؟ خطای خدا یا خطای طبیعت؟ آب و هوای طاقت‌فرسا و نژادهای پست؟ مذهب و آداب و رسوم؟ آیا این تیره‌بختی منتجّۀ تاریخ نیست که آن را انسان ساخته است؟ و بنابراین، آیا انسان نمی‌تواند آنها را دیگرگون کند؟&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
تجلیل گذشته، به‌نظر من، همیشه امری ارتجاعی بوده است. دست راستی‌ها&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;گذشته&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; را برمی‌گزینند چون&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;گذشته&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، مردگان را برتر و بهتر می‌شمارد: دنیائی ناآشفته و دوران‌هائی ناآشفته. قدرتمندان که امتیازات ویژۀ خود را از طریق ارث بردن مشروع می‌کنند دلتنگیِ خیال‌انگیزِ گذشته را می‌پرورند. انسان هنگامی که به‌تماشای موزه‌ئی می‌رود، به‌مطالعۀ تاریخ می‌پردازد. و این مجموعۀ مومیائی‌ها وسیله‌ئی است برای سوء‌استفاده از اعتماد و اطمینان مردم. آن‌ها دربارۀ گذشته به‌ما دروغ می‌گویند هم‌چنان که دربارۀ زمان حاضر نیز دروغ می‌گویند: واقعیت را پنهان می‌کنند و ستم‌دیده را وامی‌دارند خاطره‌ئی را که ستمگر برای او ساخته و چیزی ناآشنا هزار وصله و بیهوده است از آن خود بداند، تا بدین سان او خود را کنار کشد و زندگی‌ئی را بپذیرد که از آنِ او نیست، امّا انگار تنها زندگی‌ئی است که برای او ممکن است.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;رگ‌های باز&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، چنین می‌نماید که گذشته، بسان خاطرۀ زندۀ روزگارِ ما، از سوی زمان حاضر فراخوانده شده است. این کتاب، جست‌و جوئی است برای یافتن کلیدهای تاریخ گذشته، تا شاید از آن رهگذر زمان حاضر را (که آن نیز در حال ساختن تاریخ است)تشریح و تبیین بتوان کرد، و منطق حکم کرده است که نخستین شرطِ دگرگون کردنِ واقعیت، شناختن آن است. در این جا، فهرست قهرمانانی که پنداری برای شرکت در مجلس رقص البسۀ عجیب و غریب پوشیده‌اند یا به‌هنگام مرگِ در عرصۀ کارزار جمله‌های شکوهمند و پرهیبت و بالا بلند بر زبان می‌آورند در دسترس ما‌قرار نمی‌گیرد، بلکه صدا و گذرِ گام‌های گروه‌های عظیمی را وارسی می‌کنیم که گام‌های امروزین ما را پیشگوئی می‌کند. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;رگ‌های باز&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; از واقعیت مایه گرفته، اما از کتاب‌هائی دیگر و از خودش بهتری نیز سود برده است که، ما را یاری کرده‌اند تا بدانیم چیستیم، تا بدانیم چه می‌توانیم باشیم؛ ما را یاری کرده‌اند تا یقین کنیم که از کجا آمده‌ایم و بهتر بتوانیم حدس بزنیم که به‌کجا می‌رویم. آن واقعیت و آن کتاب‌ها نشان می‌دهند که توسعه نیافتن آمریکای لاتین نتیجۀ توسعه یافتن بیگانگان است: مردم آمریکای لاتین فقیرند چون خاکی که بر آن گام می‌گذاریم غنی است و جاهائی را که طبیعت مزیت و نعمت بخشیده باشد تاریخ نفرین کرده است. در این دنیای ما، دنیای مراکز قدرتمند و حومه‌های قدرت زده و زیر سلطه، ثروتی نیست که به‌دست آوردن آن دست کم«مشکوک»نبوده باشد.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
4)&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در این مدت زمانی که از نخستین چاپِ&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;رگ‌های باز&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; گذشته، تاریخ برای ما هم‌چنان معشوقی ستمکار بوده است.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
نظام حاکم، ترس و گرسنگی را چند برابر کرده است. ثروت به‌تمرکز، و فقر به‌گسترده شدن ادامه داده است. در اسناد و مدارک سازمان‌های&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;تخصصی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; بین‌المللی که زبان بی‌آلایش‌شان &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;مناطق ستم‌زدۀ&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; ما را «کشورهای در فرایند توسعه»و &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;فقرزدگی کینه‌توزانۀ طبقۀ کارگر&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; را «توزیع نزولی درآمد»نام‌گذاری کرده است ما را چنین شناخته‌اند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;عَصّارخانۀ بین‌المللی به‌کار خود ادامه داده است: کشورها در خدمت کالاها، انسان‌ها در خدمت اشیاء&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
با گذشت زمان، آن‌ها شیوه‌های صدور بحران را تکامل می‌دهند. سرمایۀ انحصاری به‌ذروۀ تمرکز خود می‌رسد و تسّلط بین‌المللی بر بازارها و اعتبارات و سرمایه‌گذاری‌ها انتقال مرتب و منظم و فزایندۀ تضادها را امکان‌پذیر می‌کند: حومه‌ها، بدون این که آشفتگی‌ها و نابسامانی‌های مهم رخ دهد، بهای رونق و کامکاری مراکز را می‌پردازند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
«بازار بین‌المللی»هنوز یکی از شاه کلیدهای این عملیات است. در این بازار، شرکت‌های چندملّیتی دیکتاتوری خود را اعمال می‌کنند (چندملّیتی، زیرا چنان که &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سویزی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; [اقتصاددان مشهور آمریکائی]توجیه کرده است در چند کشور عمل می‌کنند اما البته از نظر مالکّیت و کنترلی که دارند در واقع ملی هستند)سازمان جهانی نابرابری، با این واقعیت که امروزه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;برزیل&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;- به‌عنوان مثال- اتومبیل فولکس‌واگن به‌کشورهای دیگر آمریکای جنوبی و بازارهای دوردستِ آفریقا و خاورنزدیک صادر می‌کند، دگرگون نمی‌شود. در واقع، این، شرکتِ فولکس‌واگن&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;آلمانی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; است که دریافته است اگر محصولش را برای پاره‌ئی از بازارها، از واحد فرعی &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;برزیلی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; خود صادر کند برایش با صرفه‌تر است: هزینۀ پائینِ تولید و کارگرِ ارزان از برزیل، و سودهای کلان از آنِ آلمان.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در ضمن، هنگامی هم که بعضِ اقلام مواد خام به‌طرزی معجزه‌آسا از نفرین قیمت‌های پائین رهائی یابد هرگز مخاطره‌ئی پیش نمی‌آورد. وضع نفت از سال 1973 به‌این طرف چنین بوده است. مگر نفت دادوستدی بین‌المللی نیست؟ &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;استاندارد اویل&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; نیوجرسی، که اکنون&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اکسان&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; نام دارد،&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;رویال داچ‌شِل&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; یا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;گُلف&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;. – آیا این‌ها کشورهای عربی هستند یا کشورهای آمریکائی لاتین؟ سهم بیش‌تر از آنِ کیست؟ و بسیار فاش کننده بود تهمت‌های پر سروصدائی که به کشورهای تولیدکنندۀ نفت وارد آوردند.- آن‌ها جرأت کرده بودند از بهای نفت خود دفاع کنند و بی‌درنگ سپر بلای تورم و بیکاریِ کارگران اروپا و آمریکا شدند. آیا کشورهای- «توسعه یافته»هرگز پیش از بالا بردن بهای هر یک از فراورده‌های خود با کسی مشورت می‌کنند؟ بیست سال بود که بهای نفت مرتب پائین آمده بود. مظنۀ پائین و شرم‌آور آن نشانۀ کمک مالی عظیمی بود که به‌مراکز صنعتی بزرگ دنیا می‌شد. از سوی دیگر، فراورده‌های این مراکز روز به‌روز گران‌تر می‌شد. مظنۀ جدید نفت، در ارتباط با افزایش پایان‌ناپذیر بهای فراورده‌های اروپائی و آمریکای شمالی، جز این که آن را به‌سطح سال 1952 بازگرداند کاری نکرده بود. در سال 1973، نفت خام بار دیگر قدرت خریدی را که در دهۀ پیش داشت بازیافت. فقط همین.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
5)&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
یکی از رویدادهای مهم هفت سال اخیر ملی شدن نفت&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ونزوئلا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; است. این «ملی شدن»وابستگی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ونزوئلا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; در مسایل مربوط به‌تصفیه و عرضۀ نفت به‌بازارها را از میان نبرد، اما حیطه و گسترۀ جدیدی برای خودمختاری به‌وجود آورد. هنوز مدتی از تشکیل شرکت دولتیِ &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;نفت را به‌کار می‌برند]نگذشته بود Petroven که بیش‌تر مخفف آن Petroleos de VENEZUELA]ونزوئلا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; &lt;br /&gt;
که، این شرکت در میان 500 شرکت بسیار مهم آمریکای لاتین مقام اول را به‌دست آورد. برای یافتن بازارهائی جدید سوایِ بازارهای سنتی به‌جست‌وجو پرداخت و خیلی زود توانست مشتریانی تازه پیدا کند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
به‌هر حال هنگامی که دولت مالک ثروت اصلی سرزمین خود می‌شود همیشه به‌جا است که پرسیده شود «مالک خود دولت کیست؟»- ملی شدن منابع اساسی یک کشور، فی‌نفسه مفهومش توزیع مجدد درآمد به‌سودِ اکثریت مردم نیست، و ضرورتاً قدرت یا امتیازات ویژۀ اقلیت حاکم را به‌مخاطره نمی‌افکند. در ونزوئلا، اقتصاد اسراف و اتلاف، دست‌نخورده به‌حیات خود ادامه می‌دهد و در مرکز آن، زیر نور چراغ‌های نئون، یک طبقۀ اجتماعی میلیونر و ولخرج می‌درخشد. در سال 1976، واردات کشور 25 درصد افزایش یافت؛ اقدامی تمام عیار برای تأمین هزینۀ کالاهای فوق تجملی که به‌بازار ونزوئلا سرازیر شده و آن را در خود غرق کرده است. پرستش بت‌وارِ کالاها همچون نشانه و نماد قدرت اوج گرفته است و روابط انسانی به‌حدّ رقابت در مصرف تنزل یافته: در میان اقیانوس توسعه نیافتگی، اقلیتی که دارای امتیازات ویژه است روش زندگی و مدپرستیِ ثروتمندترین افرادِ توانگرترین جوامع دنیا را تقلید می‌کند؛ و در خودنمائی‌های &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;کاراکاس&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; هم، مانند&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;نیویورک&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، سرمایه‌های عالی «طبیعی»- یعنی هوا و نور و سکوت- بیش از پیش گران‌تر و  اَبَرمردِ ناسیونالیسمJuan Pablo Perez Alfonsoکمیاب‌تر می‌شوند. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;خوآن پابلو پِرِز آلفونسو  &lt;br /&gt;
ونزوئلا و پیامبر باز پس‌گرفتن و ملی کردنِ نفت، چنین هشدار می‌دهد: «آهای،مواظب باشید. انسان ممکن است از سوء هاضمه هم مثل گرسنگی بمیرد!» {{نشان|1}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
6) من نوشتن&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;رگ‌های باز&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; را در آخرین روزهای سال 1970 به‌پایان رساندم.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
روی تخت عمل مرد. تابوت  Juan Velasco Alvaradoدر آخرین روزهای سال &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;1977 خوان‌ولاسکو آلوارادو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; &lt;br /&gt;
او را بزرگ‌ترین جمعیتی که در خیابان‌های &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;لیما&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; دیده شده بود روی دوش به‌گورستان برد. ژنرال &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ولاسکو آلوارادو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; که در خانه‌ئی محقر در سرزمین‌های خشک شمال &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پرو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; چشم به‌دنیا گشوده بود فرآیندِ اصلاحات اجتماعی و اقتصادی را رهبری کرد. این ژرف‌ترین و فراگیرنده‌ترین کوششی بود که در جهت دگرگونی در تاریخ معاصر کشور او صورت گرفت. با آغاز شورش سال 1968، دولت نظامی نیروی محرک و پویای اصلاحات کشاورزیِ راستین شد و راه را برای باز پس گرفتن منابع طبیعی که سرمایه‌های خارجی غصب کرده بود باز کرد. اما حتی پیش از آن که &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ولاسکو آلوارادو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; چشم از جهان فرو بندد، ختم انقلاب برچیره شده بود. فرآیند آفرینندگی ، عمری بس کوتاه داشت.- دو چیز آن را از پا در آورد: یکی باج سبیل رباخواران و دلالان، و دیگری این حقیقت مسلم که هر برنامه‌ئی، هر قدر هم پدرانه، اگر پایگاه مردمیِ سازمان یافته‌ئی نداشته باشد بی‌دوام است و محکوم به‌فنا.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در شب عید میلاد 1977، در حالی که قلب ژنرال&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ولاسکو آلوارادو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; در &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پرو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; از حرکت باز می‌ایستاد، ژنرالی دیگر که هیج گونه شباهتی به‌وی نداشت، در &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بولیویا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; مشت خود را محکم روی میز    دیکتاتور&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بولیویا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، بدین‌سان به‌تقاضای عفو زندانیان، Hogo Banzerمی‌کوبید. ژنرال &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;هوگو بانزر&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; &lt;br /&gt;
تبعیدشدگان، و کارگران اخراج شده، می‌گفت: «نه!»- چهار زن و چهارده کودک از معادن قلع به &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;لاپاز&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; (پایتخت)آمدند و دست به‌اعتصاب زدند.&lt;br /&gt;
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قضاوت خبرگان چنین بود: «حالا زمانِ این کار نیست؛ موقعش که شد، خودمان خبرتان می‌کنیم...»&lt;br /&gt;
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زن‌ها نشستند روی زمین و چنین گفتند: «ما با شما مشورت نمی‌کنیم، بلکه فقط به‌تان اطلاع می‌دهیم، تصمیم، گرفته شده است. در معادن، همیشه اعتصاب غذاست. چشم به‌دنیا نگشوده اعتصاب غذامان شروع می‌شود. در آن جا ما محکوم به‌مرگ نیز هستیم. البته آهسته آهسته، ولی به‌هر حال محکوم به‌مرگیم.»&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
دولت با مجازات و تهدید واکنش نشان نداد اما اعتصاب غذا نیروهائی را که مدت‌های طولانی در بند مانده بودند آزاد کرد. سراسر&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بولیویا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; تکان خورد و دندان‌های تیز خود را نشان داد. ده روز بعد، دیگر، مسأله فقط بر سرِ غذای چهار زن و چهارده کودک نبود: هزاروچهارصد کارگر و دانشجو دست به‌اعتصاب غذا زده بودند. رژیم دیکتاتوری احساس کرد که زمین زیر پایش دهان باز کرده است. فرمان عفو عمومی گرفته شد.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
بدین سان دو کشور &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;منطقۀ آند&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; از خط فاصل سال 1977 و 1978 گذشتند. در شمال، در &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;منطقۀ کارائیب&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، کشور&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پاناما&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; در پایان مذاکرات دشواری که با ایالات متحدۀ آمریکا انجام داد، به‌انتظار الغای قرارداد مستعمراتی کانال بود؛ و در&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;کوبا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; مردم در تکاپوی برگزاری جشن انقلاب سوسیالیستی خود بودند، جشن هفدهمین سال زندگی پیروزمند خویش. چند روز بعد، در &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;نیکاراگوا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، مردم خشمگین به‌خیابان‌ها ریختند. دیکتاتور&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سوموزا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، پسر دیکتاتور&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سوموزا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، از سوراخ کلید نگاه می‌کرد. خشم مردم ساختمان‌های چندین شرکت را به‌آتش کشید. یکی از این  ، که در آغاز سال 1978 آتش زده شد متعلق Plasmaferesisشرکت‌ها، به‌نام&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پلاسما فره‌سیس  &lt;br /&gt;
به‌تبعیدشدگان کوبائی بود که خون مردم&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;نیکاراگوا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; را به‌ایالات متحده می‌فروخت. (در دادوستد خون هم مانند هر دادوستد دیگر آنچه به‌دست تولیدکنندگان می‌رسد اندکی بیش‌تر از «پول چائی»است.  برای هر لیتر خون که در بازار آمریکای Hemo Caribbeanبه‌طور مثال شرکت &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;همو کاریبئین&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;  &lt;br /&gt;
شمالی به‌بیست و پنج دلار فروش می‌رود سه دلار به‌مردم &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;هائیتی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; می‌پردازد.)&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
7)&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
مقاله‌ئی چاپ، و اعلام کرد که حکومت Orlando Letelierدر ماه اوت1976،&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اورلاندو لِته‌لی‌یر&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;  &lt;br /&gt;
وحشت دیکتاتوری&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پینوشه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; و «آزادی اقتصادی»گروه‌های کوچک اداری امتیازات ویژه دو روی یک‌سکه است. {{نشان|2}}وی یکی از وزیران دولت &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سالوادور آلنده&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بود. در ایالات متحده در تبعید به‌سر می‌برد، و در همین جا بود که چندی بعد بمبی او را تکه‌تکه کرد. {{نشان|3}}او در مقاله‌اش چنین استدلال کرده بود که سخن گفتن از رقابت آزاد، در اقتصادی مانند اقتصاد شیلی- که تابع انحصاراتی است که هر وقت بخواهند با قیمت‌ها بازی می‌کنند- بیهوده است. و در کشوری که اتحادیه‌های واقعی کارگری غیرقانونی اعلام شده‌اند و حقوق و دستمزدها را شورای نظامی تعیین می‌کند، دم زدن از حقوق حقۀ کارگران خنده‌دار است. وی در این مقاله شرح می‌داد چگونه به‌دست آورده بودند Unidad popularپیروزی‌هائی که مردم شیلی در زمان دولت&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اتحاد خلق&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; &lt;br /&gt;
به‌طور کامل از میان رفته است. از انحصارات صنعتی که &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سالوادور آلنده&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; ملی کرده بود، رژیم دیکتاتوری نیمی را به‌صاحبان پیشین بازگرداند و نیمی دیگر را به‌معرض فروش گذاشت. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;فایرستون&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، ، کارخانۀ عظیم Parsonos Whitmoreکارخانۀ لاستیک‌سازی ملی را خرید و&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پارسونز و ویتمور&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; &lt;br /&gt;
خمیر کاغذسازی را... اقتصاد شیلی، به‌گفتۀ&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;لته‌لی‌یر&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، حتی از دورۀ پیش از به‌قدرت رسیدن &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;آلنده&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; هم بیش‌تر متمرکز و انحصاری شد. {{نشان|4}}&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;در آمریکای لاتین آزادی عمل شرکت‌ها با آزادی‌های مدنی هیچ سازگاری ندارد: نه این همه مذاکرات آزاد شرکت‌ها سابقه داشته است، نه این همه دستگیری و زندانی شدن مردم. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; و اما آزادی بازارها؟- از آغاز سال 1975 قیمت شیر در شیلی «آزاد»اعلام شد. نتیجۀ این اقدام طولی نکشید که ظهور کرد. دو شرکت بر بازارها مسلط شدند. قیمت شیر بلافاصله برای مصرف‌کنندگان 40 درصد افزایش یافت، در حالی که برای تولیدکنندگان 22 درصد پائین آمد!&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
مرگ‌ومیر کودکان، که در دورۀ حکومت&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اتحاد خلق&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; به‌میزان قابل توجهی پائین آمده بود، پس از به‌قدرت رسیدن&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پینوشه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; جهشی چشمگیر یافت. هنگامی که&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;لته‌لی‌یر&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; در یکی از خیابان‌های&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;واشینگتن&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; به‌قتل رسید، یک چهارم مردم شیلی هیچ درآمدی نداشتند اما یا به‌لطف صدقه‌های خیرخواهانۀ مردم کشورهای دیگر یا به‌علت سرسختی خود و بخورنمیری که به‌نحوی به‌دست می‌آوردند زنده ماندند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
شکافی که در آمریکای لاتین میان بهزیستی گروهی اندک و تیره‌روزی اکثریت مردم وجود دارد بسی عمیق‌تر از شکافی است که در اروپا یا ایالات متحده میان این دو طبقه دیده می‌شود. در نتیجۀ روش‌هائی هم که برای حفظ این شکاف لازم است وحشیانه‌تر است. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;برزیل&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; دارای ارتشی عظیم و کاملاً مجهز است، اما تنها پنج درصد بودجۀ کشور صرف آموزش و پرورش می‌شود. در&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اوروگوئه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; نیمی از بودجۀ کشور در حال حاضر به‌نیروهای مسلح و پلیس اختصاص دارد. یک پنجم جمعیت فعال کشور از راه جاسوسی و تعقیب یا مجازات دیگران زندگی می‌کنند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
بدون تردید یکی از مهم‌ترین رویدادهای این دهه، در سرزمین‌های ما، سرگذشت غمبارِ شورش نظامی در شیلی بود که در یازدهم سپتامبر، دولت دموکرات &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سالوادور آلنده&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; را واژگون کرد و کشور را در حمام خون غوطه داد.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اندکی پیش از آن، در ماه ژوئن، کودتائی در &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اوروگوئه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; پارلمان را منحل کرد، اتحادیه‌های کارگری را غیرقانونی شناخت و هرگونه فعالیت سیاسی را ممنوع اعلام داشت. {{نشان|5}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در ماه مارس 1976، ژنرال‌های&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;آرژانتین&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; به‌قدرت بازگشتند: دولت بیوۀ &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;خوآن دومینگو پرون&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;       &lt;br /&gt;
که از درون فاسد شده بود بدون ماتم و بدون سرافرازی فرو ریخت.Juan Domingo Peron&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
این سه کشور جنوبی آمریکای لاتین، اکنون، جراحتی بر پیکر دنیا هستند و منبع دائمی اخبار بد. شکنجه، آدم‌ربائی، آدمکشی، و تبعید اجباری، رسمِ روز شده است. آیا این دیکتاتوری‌ها غدّه‌هائی هستند که باید از ساز واره‌های سالم درآورده شوند یا دمل‌های چرکینی که عفونت نظام حاکم را آشکار می‌کنند؟&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
به‌اعتقاد من، همیشه رابطه‌ئی نزدیک میان شدت تهدید و وحشیانه بودن پاسخ و واکنش وجود دارد. آن چه امروز در&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;برزیل&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; و&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بولیویا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; اتفاق می‌افتد، به‌گمان من، بدون آن که تجربۀ رژیم‌های &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;خوائو   (رئیس جمهوری برزیل، 64-1961)و &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;خوآن خوزه تورس) (رئیس جمهوری  Joao Goulartگولار&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; &lt;br /&gt;
بولیویا، 71-1970)را به‌خاطر آوریم قابل درک نیست. این دولت‌ها، پیش از سقوط، یک رشته اصلاحات اجتماعی انجام داده یک سیاست اقتصادی ناسیونالیستی را به‌مرحلۀ اجرا در آورده بودند که فرایند آن در سال&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; 1964&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; در&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;برزیل&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; و در سال&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;1971&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; در&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بولیویا &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; متوقف شد. همین طور هم، می‌توان گفت که شیلی، آرژانتین و اوروگوئه کفارۀ گناه امید را می‌دهند. رشته تغییرات عمیق و بنیادین دولت &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;آلنده&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;؛ پرچم‌های عدالتی که در زمان دولت کم دوام &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;هکتور کامپورا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، در سال&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;1973&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، به‌اهتزاز درآمد و توده‌های کارگران آرژانتین را تجهیز و بسیج کرد؛ و سیاسی شدن پرشتاب جوانان اوروگوئه؛ این همه، مبارزه‌طلبی‌هائی بود که نظام حاکم بی‌قدرت و بحران‌زده نمی‌توانست تحمل کند. گاز تند آزادی نشان داد که برای اشباح خطرناک است و آن‌ها را به‌آتش می‌کشد، و گارد ویژه فراخوانده شد تا نظم را برقرار کند. عملیات پاک‌سازی، در واقع طرحی برای انهدام و نابودی است.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
8)&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
پرونده‌های کنگرۀ ایالات متحده اغلب دارای مدارک غیرقابل انکاری دربارۀ مداخلات در آمریکای لاتین است. جوهرسوزان گناه، در اعترافات &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;امپراتوری جهانی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، وجدان‌ها را به‌درد می‌آورد و آن‌ها را تطهیر می‌کند. به‌طور مثال در این اواخر، در سوانح گوناگونی که پیش آمده، پذیرش رسمی مسؤولیت از طرف ایالات متحده چندین برابر شده است. اعترافات علنی بسیار، از جمله ثابت کرده‌اند که دولت ایالات متحده از راه رشوه، جاسوسی، و باج سبیل، در امور سیاسی شیلی شرکت مستقیم داشته است. طرح اصلی جنایت در &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;واشینگتن&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ریخته شد. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;کیسینجر&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;و دستگاه‌های جاسوسی، از سال&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;1970&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;نقشۀ سقوط &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;آلنده&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;را آماده کردند. میلیون‌ها دلار در میان دشمنان دولت قانونی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اتحاد خلق&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;توزیع شد. و به‌این ترتیب بود که، به‌طور مثال، کامیون‌داران توانستند اعتصاب طولانی خود را (که در سال&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; 1973 &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;قسمت مهمی از اقتصاد &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;شیلی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; را فلج کرد)ادامه دهند. یقین داشتن به‌این که کیفری در کار نیست زبان‌ها را باز می‌کند. در زمان کودتای ضد &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;گولار&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، سفارت ایالات متحده در&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;برزیل&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; بزرگترین سفارتخانۀ آن کشور در دنیا بود. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;لینکلن گوردون&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; که در آن زمان سفیرکبیر آمریکا بود، سه سال بعد به‌خبرنگاری اعتراف کرد که دولت او مدت‌ها به‌نیروهائی که با اصلاحات مخالفت می‌کردند کمک مالی می‌کرده است! -&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;گوردون&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; گفته بود: «چنین کاری کم و بیش در آن روزها عادی بود... &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سیا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;به‌توزیع و تقسیم وجوه سیاسی عادت کرده بود.»{{نشان|6}}در همان مصاحبه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;گوردون&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; توضیح داده بود که در روزهای کودتا،&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پنتاگون&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; یک ناو هواپیمابر بزرگ و چهار کشتی نفت‌کش به‌نزدیکی‌های سواحل برزیل فرستاده بود «که شاید نیروهای ضد&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;گولار&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; خواستار پشتیبانی ما باشند»و افزوده بود: «این پشتیبانی قرار نبود تنها برای تقویت روحیه باشد؛ بلکه، آماده بودیم مواد مورد نیاز، تدارکات، اسلحه، و نفت هم بدهیم.»&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
از زمانی که پرزیدنت&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;جیمی کارتر&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; سیاست حقوق بشر را آغاز کرد، برای رژیم‌های آمریکای لاتین- که در درجۀ اول با مداخله و کمک آمریکای شمالی به‌مردم این منطقه تحمیل شده‌اند- عادت شده است که بر ضد مداخلات آمریکای شمالی در امور داخلی خود اعلامیه‌هائی تهیه و تنظیم کنند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
کنگرۀ ایالات متحده در سال 1976 و 1977 تصمیم گرفت کمک‌های اقتصادی و نظامی به‌کشورهای مختلف را معلق نگه دارد. اما به‌هر حال قسمت اعظم کمک‌های خارجی ایالات متحده از صافی کنگره نمی‌گذرد. بدین‌سان، با وجود اعلامیه‌ها و تصمیمات و اعتراضات، رژیم ژنرال&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پینوشه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;در سال &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;1976،290 &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; میلیون دلار بدون تصویب «قوۀ قانونگذاری آمریکا» به‌صورت کمک از آن کشور  &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;- دیکتاتور آرژانتین- پس از آن که نخستین سال عمر خود را Videlaدریافت کرد رژیم ژنرال&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ویدِلا  &lt;br /&gt;
پشت سر گذاشت 500 میلیون دلار از بانک‌های خصوصی آمریکای شمالی و 415 میلیون دلار از دو مؤسسۀ بانک جهانی و &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بانک توسعۀ اینتر امریکن&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; که ایلات متحده نفوذ قاطعی در آن‌ها دارد دریافت کرد. حق برداشت ویژۀ آرژانتین از&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;صندوق بین‌المللی پول&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; که در سال 1975 بالغ بر 67 میلیون دلار بود دو سال بعد به 700 میلیون دلار افزایش یافت. نگرانی پرزیدنت &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;کارتر&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; از قصابی‌هائی که در پاره‌ئی از کشورهای آمریکای لاتین می‌شود بی‌فایده نیست، اما دیکتاتورهای کنونی هم خودآموز نبوده‌اند: آن‌ها فنون و هنر حکومت کردن را در کلاس‌های درس &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پنتاگون&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; در آمریکا و منطقۀ کانال&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پاناما&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; فراگرفته‌اند. این دوره‌های درسی هنوز هم ادامه دارد و تا آنجا که معلوم است محتوایشان ذره‌ئی تغییر نیافته. مردان نظامی آمریکای لاتین که امروزه مایۀ رسوائی ایالت متحده شده‌اند، شاگردان خوبی بوده‌اند. چهار سال پیش، هنگامی که&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;رابرت مک نامارا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;- رئیس کنونی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بانک جهانی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;- وزیر دفاع آمریکا بود گفته بود: «این‌ها رهبران جدیدند. ضرورتی ندارد که من دربارۀ ارزشِ وجود چنین مردانی در مقام رهبری که از پیش می‌دانند ما آمریکائی‌ها چگونه فکر و کار می‌کنیم، توضیح بیش‌تری بدهم. دوستی با چنین مردانی سخت پرارزش است.: {{نشان|7}}آیا کسانی که ما را &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;افلیج&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; کرده‌اند صندلی چرخدار به‌مان می‌دهند؟&lt;br /&gt;
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اسقف‌های فرانسه دربارۀ نوع دیگری از مسؤلیت سخن می‌گویند که عمیق‌تر و غیرقابل رؤیت‌تر است: «ما که تعلق به‌ملت‌هائی داریم که ادعا می‌کنند پیشرفته‌ترین ملل عالمند، جزئی هستیم از کسانی که از استثمار کشورهای در حال توسعۀ استفاده می‌کنند. ما درد و رنجی را که این عمل در روح و جسم ملت‌ها به‌وجود می‌آورد نمی‌بینیم. ما تقسیم کنونی دنیا را که در آن تسلط دارا برندار و توانا بر ناتوان چشمگیر است، بیش‌تر تقویت می‌کنیم. آیا ما میدانیم که حیف و میل منابع و مواد خام از سوی ما، بدون کنترل بازرگانی بین‌المللی از طرف کشورهای غربی، امکان پذیر نیست؟ آیا ما نمی‌بینیم چه کسانی از دادوستد اسلحه استفاده می‌کنند، و کشور خود ما نمونه‌های غمباری از این سلاح‌ها را تهیه می‌کند؟ آیا ما حتی درک می‌کنیم که نظامی شدن رژیم کشورهای فقیر یکی از نتایج تسلط اقتصادی و فرهنگی است که از طرف کشورهای صنعتی اعمال می‌شود، که در آن‌ها میل شدید به‌سود بردن و قدرت پول حاکم بر زندگی است؟» {{نشان|8}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
دیکتاتورها، شکنجه‌گران، بازجویان عقیده، و ترس و وحشت هم مانند ادارات پست و بانک‌ها، کارگزاران خودش را دارد، و به‌کار بسته می‌شود چون که ضروری می‌نماید. و مسألۀ توطئۀ آدمیان پلید و اهریمنی در میان نیست. ژنرال&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پینوشه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; ممکن است شبیه یکی از اشخاص «نقاشی‌های    [نقاش برجستۀ اسپانیائی (1828-1746)]باشد، ولیمه‌ئی برای روانکاوان یا وارثِGoyaسیاه»&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;گویا &lt;br /&gt;
سنتی بیرحمانه از جمهوری‌های موز، اما خصوصیات کلینیکی یا فولکلوری چنین یا چنان دیکتاتوری فقط چاشنی تاریخ است نه خود تاریخ چه کسی امروز می‌تواند ادعا کند که جنگ جهانی اول به‌علت عقیدۀ&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;قیصر ویلهلم&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; که یک دستش کوتاه‌تر از دست دیگر بود آغاز شد؟ &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;برتولت برشت&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; در اواخر سال1940 در یادداشت‌های روزانۀ خود چنین نوشته است: «در کشورهای دموکراتیک خصوصیت خشونتی که اقتصاد دارد پنهان می‌ماند؛ در کشورهای استبدادی خصوصیت اقتصادی خشونت آشکار نمی‌شود.»&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در کشورهای جنوبی آمریکای لاتین فرماندهان نظامی قدرت را به‌دست گرفته‌اند تا نقشی را برای نظام حاکم ایفا کنند، یعنی هنگامی که طبقات حاکم دیگر نمی‌توانند از هیچ راه دیگری امور دادوستد خود را انجام دهند تروریسم دولتی را مستقر می‌کنند. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;در کشورهای ما اگر شکنجه با کارآمدی انجام نگیرد وجود نخواهد داشت؛ و دموکراسی، رسمی پایدار می‌ماند اگر تضمین شود که از کنترل صاحبان قدرت درنخواهد آمد. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; در زمان‌های سخت و دشوار، دموکراسی جنایتی بر ضدامنیت ملی شناخته می‌شود- یا شاید جنایتی بر ضدامنیت امتیاز ویژۀ داخلی و سرمایه‌گذاری‌های خارجی. دستگاه‌های ما برای ریزریز کردن گوشت انسانی به‌چرخ دنده‌های مکانیسمی بین‌المللی وصل شده‌اند. سراسر جامعۀ ما نظامی شده است. حالت استثنائی دائمی می‌شود و دستگاه زور و فشار به‌مجرد آن که از سوی مرکز نظام امپریالیستی پیچ و مهره‌ئی سفت می‌شود، مسلط می‌گردد. هنگامی که سایۀ بحران از کمین‌گاه دیده می‌شود، ضرورت پیدا می‌کند که غارت و چپاول کشورهای فقیر افزایش یابد تا اشتغال کامل، آزادی‌های مدنی، و نرخ‌های بالای توسعه را در کشورهای دارا تضمین کند. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;رابطۀ قربانی و دژخیم، دیالکتیک منحوسی است: ساختاری از خفت‌ها و خواری‌های پی‌در‌پی وجود دارد که از بازارهای بین‌المللی و مراکز مالی آغاز می‌شود و به‌خانۀ هر شهروندی پایان می‌یابد. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
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&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;هائیتی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; ندارترین کشور نیمکرۀ غربی است. در آن جا تعداد شویندگان پا از واکسی‌ها بیش‌تر است: کودکانی برای یک سکۀ پول پای مشتریان پا برهنه را که کفشی ندارند تا واکس بخورد می‌شویند. متوسط عمر مردم&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;هائیتی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، اندکی بیش از سی سال است. از هر ده نفر، نه نفر خواندن و نوشتن نمی‌دانند. در&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;هائیتی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، دامنۀ کوهستان‌های ناهموار برای مصرف داخلی کشت و زرع می‌شود و دره‌های حاصلخیز برای صادرات. بهترین زمین‌ها برای کشت قهوه، نی‌شکر، کاکائو و فرآورده‌های دیگری که مورد نیاز بازارهای آمریکای شمالی تخصیص یافته. در&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;هائیتی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; کسی &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بیس‌بال&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; بازی نمی‌کند، اما&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;هائیتی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; بزرگترین تولیدکنندۀ توپ مخصوص این بازی در سراسر دنیاست. کارگاه‌هائی که در آن‌ها کودکان با روزی یک دلار مزد کالاهای الکترونی و کاسِت مونتاژ می‌کنند  کم نیست. این فرآورده‌ها طبیعتاً صادراتی هستند؛ و طبیعتاً سود حاصل از آن‌ها نیز، پس از کسر کردن سهم مدیران ترس و وحشت، صادر می‌شود. در &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;هائیتی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; کوچکترین ظنّ اعتراض، مجازاتِ زندان یا مرگ دارد. حقوق و دستمزد کارگران&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;هائیتی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، هر چند که ممکن است باورکردنی به‌نظر نیاید، بین سال‌های 1971 و 1975 یک چهارمِ ارزش واقعیِ بسیار پائین خود را از دست داد. و این نکته واجد اهمیت است که طی این دوره، جریان تازه‌ئی از سرمایۀ آمریکا وارد&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;هائیتی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; شد!&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سرمقالۀ یکی دو سال پیشِ یکی لز روزنامه‌های&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بوئنوس آیرس&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; به‌خاطرم می‌آید. روزنامه‌ئی محافظه‌کار و قدیمی، سخت برآشفته بود که چرا در یک سند بین‌المللی، آرژانتین را کشوری کم توسعه و وابسته قلمداد کرده‌اند. چگونه یک جامعۀ با فرهنگ، اروپائی، دارای رونق اقتصادی، و سفید را می‌توان با معیارهای کشوری فقیر و سیاه مانند&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;هائیتی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; سنجید؟&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
تردیدی نیست که تفاوت‌ها بسیار زیاد است هرچند که ارتباطی با مقولۀ تحلیل سخنگوی متنفذان&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بوئنوس آیرس&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ندارد. با وصف این، با تمام ناهمانندی‌ها و تضادهائی که ممکن است وجود داشته باشد، آرژانتین از دورِ باطلی که اقتصاد آمریکای لاتین را کلاً خفه می‌کند رهائی ندارد و هیچ کوششِ دفع شرِ روشنفکرانه‌ئی نمی‌تواند آن را از واقعیتی که، کم یا زیاد، وجه مشترک همۀ کشورهای منطقه است جدا کند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
Papa Doc Duvalierروی‌هم رفته کشتارهای ژنرال &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ویدِلا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; متمدنانه‌تر از کشتارهای&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;«پاپادوک»دووالیه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; [رئیس جمهور هائیتی، 71-1957]. یا وارث اریکۀ اونیست، هرچند که در آرژانتین زور و فشار ممکن است در سطح تکنولوژیکی بالاتری باشد. هر دو رژیم دیکتاتوری ضرورتاً در خدمت هدفی همانندند: &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;عرضۀ نیروی کاری ارزان به‌بازاری بین‌المللی که تقاضای فرآورده‌های ارزان دارد. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
دیکتاتوری &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ویدِلا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، هنوز قدرت را کاملاً در دست نگرفته بود که به‌سرعت اعتصابات را ممنوع کرد و در همان زمان که با سخت‌گیری شدیدی دستمزدها را ثابت نگاه می‌داشت با صدور تصویب‌نامه‌ئی قیمت‌ها را آزاد اعلام کرد. پنچ ماه پس از کودتا، قانون جدید سرمایه‌گذاری خارجی، شرکت‌های داخلی و خارجی را در وضعی همانند قرار داد. بدین‌سان، رقابت آزاد به‌وضع نامساعدِ غیرعادلانه‌ئی که بعضی از شرکت‌های داخلی و محلی داشتند پایان بخشید: &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;جنرال موتورز&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; بیچاره را مثل می‌زنم که حجم فروش جهانیش، به‌تنهائی به همۀ تولید ناخالص ملی &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;آرژانتین&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; برابر است!- اکنون خروج سود سرمایه‌ها از کشور، و باز پس فرستادن اصل پول‌های سرمایه‌گذاری شده نیز، صرف‌نظر از پاره‌ئی محدودیت‌هائی ناچیز، آزاد شده است.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در پایان نخستین سالی که از عمر رژیم گذشت، ارزش واقعی دستمزدها به‌چهل درصد کاهش یافت. این   Rudolfo Walshشاهکار، از طریق اعمال هراس و وحشت انجام گرفته بود. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;رودولفو والش &lt;br /&gt;
نویسنده، در نامۀ سرگشاده‌ئی رژیم را متهم می‌کند که: «پانزده هزار نفر ناپدید، ده هزار نفر زندانی،چهار هزار نفر مقتول، و ده‌ها هزار نر تبعیدی ارقام خام این نظام خوف و وحشت است.»- والش&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; این نامه را در 29 مارس 1977 برای رهبران سه گانۀ شورای نظامی فرستاد و خود او در همان روز ربوده شد و دیگر اثری از او به‌دست نیامده.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
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منابع موثق تأیید می‌کنند که از «سرمایه‌گذاری»های جدیدِ مستقیمِ خارجی در آمریکای لاتین، در واقع تنها مبالغ بسیار ناچیزی از کشور سرمایه‌گذار اصلی می‌آید: بنابر گزارشی که وزارت بازرگانی ایالات متحده منتشر کرده {{نشان|10}}تنها 12 درصد از وجوه سرمایه‌گذاری شده در خارج، از آمریکا خارج شده است. 22 درصد دیگر این به‌اصطلاح «سرمایه‌گذاری»ها مستقیماً از محل درآمدهائی تأمین شده که در خود آمریکای لاتین به‌دست آمده، و 66درصد بقیه را منابع اعتباری داخلی آن کشورها یا اعتبارات بین‌المللی پرداخت کرده‌اند!- همین نسبت‌ها در مورد سرمایه‌گذاری‌های ممالک اروپائی و ژاپن نیز مصداق دارد؛ و مخصوصاً باید به خاطر داشت که قسمت اعظم این 12 درصد «سرمایه‌گذاری»هم که مثلاً از دفاتر مرکزی این شرکت‌ها می‌آید نقدینه نیست بلکه ارزش اظهارشدۀ ماشین‌آلات فرسوده‌ئی است که منتقل کرده‌اند یا بهای دلخواهی است که شرکت‌های استعماری بابت دانش فنی، حق امتیاز و یا سرقفلی انگ و علامت تجاری خود تحمیل می‌کنند و به‌حساب می‌گذارند. بنابراین، شرکت‌های چند ملیتی، نه تنها اعتبارات داخلی کشورهائی را که در آن به‌فعالیت می‌پردازند در برابر سهم سرمایۀ مشکوکی می‌ربایند، بلکه فراتر از این، مطالبات ماوراء دریاهای خود را نیز چند برابر می‌کنند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
دیون خارجی کشورهای آمریکای لاتین در سال 1975 نزدیک به‌سه برابر بیش‌تر از سال 1969 بود {{نشان|11}}&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;برزیل، مکزیک، شیلی و اوروگوئه،&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; در سال 1975 نزدیک&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;به‌نیمی از درآمدهای صادراتی خود را به‌پرداخت استهلاک و بهرۀ دیون و به‌پرداخت&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سود شرکت‌های خارجی که در این کشورها استقرار یافته‌اند اختصاص دادند. در همان سال، بازپرداخت دیون و پرداخت سود، 55 درصد صادرات&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پاناما&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;و 60 درصد صادرات &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پرو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; را بلعید. {{نشان|12}}در سال 1969 هر فرد&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بولیویائی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;137 دلار به‌خارج مقروض بود، و در سال 1977 ای قرض به 483 دلار رسید!- مردم &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بولیویا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; هرگز در این امر مورد مشورت قرار نگرفته‌اند و هرگز یک پاپاسی این قروضی را که هم چون حلقۀ طناب‌دار به‌گردنشان افتاده است ندیده‌اند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در چند کشور آمریکای لاتین که هنوز محض خالی نبودن عریضه در آن‌ها انتخاباتی انجام می‌گیرد، نام  [یکی از بزرگ‌ترین بانک‌های ایالات متحدۀ آمریکا]به‌عنوان نامزدCity Bank&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سیتی‌بَنک&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;                &lt;br /&gt;
انتخابات»در هیچ کدام از فهرست‌های انتخاباتی دیده نمی‌شود، و نام هیچ یک از ژنرال‌های دیکتاتور هم «صندوق بین‌المللی پول»نیست. اما کدام وجدان است که حکم صادر می‌کند و چه دستی است که آن احکام را به‌اجرا درمی‌آورد؟ آن که وام می‌دهد فرمان نیز می‌راند. برای بازپرداخت وام، باید صادرات افزون شود، و نیز باید صادرات افزون شود تا پول واردات را بتوان پرداخت و خون‌ریزی بهره‌ها و&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;حق امتیازهائی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; را که شرکت‌های خارجی به‌دفاتر مرکزی‌شان می‌فرستند جبران بتوان کرد. افزایش صادرات که عواید واقعی آن به‌تدریج کم و کم‌تر می‌شود دستمزدها را به‌حد بخورو نمیر کاهش می‌دهد. فقر جمعی، که به‌عنوان کلید موفقیت اقتصادی در اختیار منافع خارجی گذاشته شده است از رشد بازارهای مصرف داخلی که برای استقرار و حفظ یک توسعۀ موزون اقتصادی ضروری است جلوگیری می‌کند. کشورهای ما اندک‌اندک صدای خود را از دست می‌دهند و به‌پژواک مبّدل می‌شوند. به‌دیگران وابستگی پیدا می‌کنند و تا زمانی که پاسخگوی نیازهای دیگران باشند هستی‌شان تأمین می‌ماند. از سوی دیگر، سر و صورتی تازه دادن به‌اقتصادی که در خدمت تقاضاهای خارج است باز هم ما را به‌همان وضع نداشتن آزادی عمل بازمی‌گرداند: دروازه‌ها را به‌روی غارت و چپاول انحصارات خارجی باز می‌کند و وامی‌داردمان که برای گرفتن وام از&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بانک جهانی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; به‌قراردادهای بزرگ‌ترین دیگری تن دهیم. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;دور باطل کامل می شود: وام خارجی و سرمایه‌گذاری خارجی افزایش صادراتی را ایجاب می‌کند که خود وام‌دهندگان به‌طور مداوم مشغول بلعیدین آنند. و این کار البته با مسالمت امکان‌پذیر نیست. کارگران آمریکای لاتین برای آن که نقش خود را به‌عنوان گروگان‌های کامکاری خارجیان بپذیرند باید زندانی باقی بمانند؛ چه این سوی و چه آن سوی میله‌های زندان. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
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استثمار وحشیانۀ نیروی کار یدی، با تکنولوژی پیش رفته ناسازگار نیست و در سرزمین‌های ما هرگز ناسازگار نبوده است؛ به‌عنوان مثال، گروه‌های عظیم کارگران بولیویا که ریه‌های خود را در  سرمایه‌دار Simon Ituri Patinoمعادن &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اورورو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; از دست داده بودند. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سیمون پاتین‌یو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
بزرگ &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بولیویائی (1947-1886) &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;مالک معادن قلع کشور خود و یکی از ثروتمندان دنیا بود و او را «سلطان قلع»می‌خواندند. در زمان او، کارگران در یک نظام بردگی مزدوری، منتها با ماشین‌آلاتی مدرن کار می‌کردند. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سلطان قلع&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; توانسته بود بالاترین سطح تکنولوژی زمان خود را با پائین‌ترین سطح دستمزد ترکیب کند. {{نشان|13}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
فراتر از این، در زمان ما، شرکت‌های چند ملیتی مقتدر هم‌زمان با دست‌اندازی و تملک فعالیت‌های صنعتی‌ئی که با سرمایه‌های داخلی ایجاد شده تکنولوژی پیشرفته‌ترین اقتصادها را هم مورد بهره‌برداری قرار می‌دهند. اقدام به‌متمرکز کردن سرمایه، از راه «&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;آتش‌زدن&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; بیرحمانۀ سطوح &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;متروک&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; فعالیت‌های اقتصادی، که به‌طور غیرتصادفی دقیقاً دولتی هم هستند»عملی شده است. {{نشان|14}}غیر دولتی کردن سریعِ صنایع آمریکای لاتین وابستگی فزایندۀ تکنولوژی را نیز به‌همراه داشته است. تکنولوژی، که شاه کلید قدرت است، در دنیای سرمایه‌داری، در انحصار مراکز استعماری است. این تکنولوژی به‌صورت دست دوم وارد می‌شود، اما مراکز استعماری نسخه بدل‌ها را هم به‌قیمت اصل می‌فروشند. در سال &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;1970 مکزیک&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; برای وارد کردن تکنولوژی خارجی دو برابر سال 1968 پرداخت کرد. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;برزیل&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; بین سال‌های 1965 و 1969 پرداخت‌هایش از این بابت دو برابر شد؛ و در همین دوره، افزایشی همانند در همین زمینه در&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;آرژانتین&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; نیز پدید آمد.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
انتقال تکنولوژی وام‌های سنگین خارجی را بیش‌تر می‌کند و آثار ویرانگری در بازار نیروی کار دارد. در نظامی که برای سرازیر کردن سود به‌خارج سازمان یافته است نیروی کار شرکت‌های «سنّتی»امکانات اشتغال خود را از دست می‌دهد. جزیره‌های کوچک صنایع نو، در برابر پویائی مشکوکی که در اقتصاد کشور پدید می‌آید، با کم کردن زمان کار لازم برای تولید، کارگران را قربانی می‌کنند. وجود سپاهی فزاینده و باد کرده از کارگران بیکار، به‌نوبۀ خود پائین آمدن ارزش واقعی دستمزدها را تسهیل می‌کند.&lt;br /&gt;
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اما اکنون حتی اسناد و مدارک &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;کمیسیون اقتصادی سازمان ملل برای آمریکای لاتین&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; هم از تقسیم مجدد نیروی کار در سطح بین‌المللی سخن می‌گویند. به‌طوری که خبرگان امیدوار اظهار نظر می‌کنند، طی چند سال آینده، آمریکای لاتین ممکن است به‌همان اندازه که امروز مواد خام و موادغذائی به‌خارج می‌فروشد، کالاهای ساخته شده صادر کند. «نابرابری دستمزدها بین کشورهای توسعه یافته و در حال توسعه- از جمله کشورهای آمریکای لاتین- ممکن است تقسیم‌بندی جدیدی از فعالیت‌ها را در میان این کشورها به‌وجود آورد و در نتیجه، به‌دلایل رقابتی، آن رشته از صنایع خود را که در آن هزینه‌های نیروی کار خیلی زیاد است جا به‌جا کنند. به‌طور مثال، هزینه‌های نیروی کار در صنعت کالاهای کارخانه‌ئی، در مکزیک یا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;برزیل&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; خیلی کم‌تر از ایالات متحده است» {{نشان|15}}&lt;br /&gt;
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انگیزشی برای پیشرفت، یا ماجراجوئی استعمارنو؟ ماشین‌آلات الکتریکی     &lt;br /&gt;
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اما اکنون حتی اسناد و مدارک کمیسیون اقتصادی سازمان ملل برای آمریکا لاتین هم از تقسیم مجدد نیروی کار در سطح بین‌المللی سخن می‌گویند. به طوری که خبرگان امیدوار اظهارنظر میکنند، طی چند سال آینده، آمریکای لاتین ممکن است به همان اندازه که امروز مواد خام و مواد غذائی به خارج می‌فروشد، کالاهای ساخته شده صادر کند. «نابرابری دستمزدها بین کشورهای توسعه یافته و در حال توسعه - از جمله کشورهای آمریکای لاتین - ممکن است تقسیم بندی جدیدی از فعالیت‌ها را در میان این گشورها به وجود آورد و در نتیجه، به دلایلی رقابتی، آن رشته از صنایع خود را که در ان هزینه‌های نیزوی کار خیلی زیاد است جابه‌جا کنند. به طور مثال، هزینه‌های نیروی کار در صنعت کالاهای کارخانه‌ئ، در مکزیک یا برزیل خیلی کم‌تر از ایالات متحده‌ است.» ۱۵&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
انگیزشی برای پیشرفت، یا ماجراجوئی استعمارنو؟ ماشین آلات الکتریکی و غیرالکتریکی اکنون در میان فراورده‌های صادرتی عمدهء مکزیک به‌طور بارز دیده می‌شود. در برزیل، فروش خارجی اتومبیل و تجهیزات جنگی در حال افزایش است. پاره‌ئی از کشورهای آمریکای لاتین مرحلهء تازه‌ئی از صنعتی شدن را می‌گذرانند که تا حد زیادی با نیازهای خارجی و صاحبان وسایل تولید خارجی کمک و هدایت شده است. آیا این فصل دیگری نیست که به تاریخ طولانی «توسعهء برون‌گرا»یِ ما افزوده خواهد شد؟ در بازارهای بین‌المللی قیمت‌هائی که مرتب بالا می‌رود به طور کلی مربوط به «کالا‌های ساخته شده» نیست، بلکه به کالاهای ظریف و پیچیده‌ئی ارتباط دارد که در ساختن آن‌ها تکنولوژی پیشرفته‌تری به کار رفته و در انحصار کشورهائی است که توسعه‌ء بیش‌تری یافته‌اند. فرآوردهء عمدهء صادراتی آمریکای لاتین، هر قدر هم که مواد خام و کالاهای ساخته شده بفروشد، نیروی کار ارزان آن است. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
مگر تجربهء تاریخی مداوم، تکه پاره شدن و خرد شدن در پوشش توسعه نبوده است؟ قرن‌ها پیش، «فتح» این قاره، زمین‌ها را با کشت فراورده‌های صادراتی، یکسره از میان برد و بومیان را در اعماق معادن و بستر رودخانه‌هائی که ته‌نشست فلزات قیمتی داشت نابود کرد تا بتواند تقاضاهای طلا و نقرهء ماوراء دریاها را برآورده کند. خوراک بومیانی که پس از کشف قاره‌شان توانسته بودندخود را از نابودی و انهدام نجات بدهند، با پیشرفت تکنولوژیکی از آن چه بود بدتر شد. امروز، مردم پِرو برا گله‌های گاو و گوسفند ایالات متحده و اروپا، نواله‌ء ماهی تهیه و تولید می‌کنند که از نظر پروتئین بسیار غنی است لیکن با وصف این آشکارا مشاهده می‌شود که در خوراک اکثریت مردم پرو پروتئین وجود ندارد، شرکت فولکس واگن در برابر هر اتومبیلی که در سویس می‌فروشد، بابت حفظ تعادلِ محیط زیست یک اصله درخت می‌کارد، در حالی که شرکت برزیلی وابستهء فولکس واگن صدها هکتار زمین جنگلی را کاملاً از بین برده و برای تولید متمرکز گوشت صادراتی گذاشته است. مردم برزیل - که به ندرت مزهء گوشت را زیر دندان خود احساس می‌کنند  - به طور فزاینده‌ئی گوشت به خارج می‌فروشند. چندی پیش، دارسی ری‌بیرو Darcy Roberio در گفت‌وگوئی که با من داشت می‌گفت که یک جمهوری فولس واگن ضرورتاً چندان تفاوتی با جمهوری موز ندارد. از هر یک دلاری که با صدور موز به دست می‌آید به دشواری یازده سنتش کشور تولید کننده باقی می‌ماند ۱۶، و طبعاً از این یازده سنت سهمی بسیار کوچک به کارگران درختزارهای موز می‌رسد. مگر هنگامی که یکی از کشورهای آمریکای لاتین به جای موز اتومبیل تولید کند این نسبت‌ها تغییر می‌یابد؟&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
برده فروشان دیگر در اقیانوس‌ها رفت و آمد نمی‌کنند. اکنون سوداگران برده از‌«وزارت کار» به اِعمال نقش خویش می‌پردازند. به اعمال خویش می‌پردازند. دستمزدهای آفریقا، و قیمت‌های اروپا. مگر کودتاهائی که در آمریکای لاتین صورت می‌گیرد چیزی بجز رویداد‌های پی‌در‌پی غارت و چپاول است؟ دیکتاتوری‌های نوپا، بی‌درنگ شرکت‌های خارجی را به استثمار نیروی کار ارزان و فراوان، استفاده از اعتبارات نامحدود و معافیت‌های مالیاتی، و غارت مواد خامی که آسان به دست می‌آید دعوت می‌کنند. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
۱۴&lt;br /&gt;
کارگران طرح اضطراری دولت شیلی دستمزدی برابر سی دلار در ماه دریافت می‌کنند. بهای یک کیلو نان ۵۰ سنت است. بنابراین دو کیلو نان در روز به دست‌شان می‌رسد. در حال حاضر، حداقل دستمزد در اوروگوئه و آرژانتین برابر با قیمت شش کیلو قهوه است. حداقل دستمزد در برزیل شصت دلار در ماه است،‌ اما درآمد روزانهء کارگران سیار کشاورزی روستاها، در کشتزارهای لوبیا،‌ قهوه،‌ و فرآورده‌های صادراتی دیگر بین ۵۰ سنت تا یک دلار است. علوفه‌ئی که گله‌های گاو و گوسفند در مکزیک می‌خورند دارای دارای پروتئینی بیش‌تر از خوراک روستائیانی است که از آن‌ها نگاهداری می‌کنند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
گوشت این گله‌ها به گروهی اندک دارندگان امتیازات ویژه در داخل کشور، و بهطور عمده به بازارهای بین‌المللی اختصاص دارد. زیر پوشش حمایتی سیاستِ سخاوت‌آمیز استاده از اعتبارات دولتی با شرایطی سهل و آسان، کشاورزی صادراتی مکزیک رونق گرفته است در حالی که بین سال‌های ۱۹۷۰ و ۱۹۷۶ از میزان پروتئنی که در دسترس هر فرد مکزیکی قرار می‌گیرید کاسته شده و در مناطق روستائی از هر پنج کودک مکزیکی تنها یکی دارای قد و وزن طبیعی است۱۷. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در گواتمالا محصول  برنج، ذرت، و لوبیای خشک که خاص مصرف داخلی است به امید خدا گذاشته شده در حالی که قهوه، پنبه، و فراورده‌های صادراتی دیگر ۸۷ درصد اعتبارات را به خود تخصیص داده است. از هر ده خانواده گواتمالایی که به کشت و برداشت قهوه، منبع عمدهء ارز خارجی کشور، می‌پردازند به زحمت فقط به یک خانواده غذای کافی می‌رسد ۱۸. در برزیل، تنها ۵ درصد اعتبارات کشاوری به برنج، لوبیای خشک، و مانیوک - که خوراک عمدهء برزیلی‌ها را تشکیل می‌دهند - تخصیص یافته. بقیه اعتبارات به سوی محصولات صادراتی سرازیر می‌شود.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سقوط اخیر قیم بین‌المللی شکر، به خلاف گذشته موجی از گرسنگی در میان روستائیان کوبا پدید نیاورد. در کوبا دیگر کم‌غذایی وجود ندارد. از سوی دیگر، افزایش تقریباً همزمانِ قیمت بن‌المللی قهوه به هیچ وجه از فقر مزمن کارگران درختزارهای قهوهء برزیل نکاست. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
افزایش مظنهء قهوه در سال ۱۹۷۶ صورت گرفت. علت این بهبود تصادفی قیمت یخبندانی بود که محصول قهوهء برزیل را از میان برد، اما آنچنان که یکی از صاحب منصبان عالی مقام موسسه قهوهء برزیل اعتراف کرده است:‌«عملاً در دستمزدها بازتابی نداشت.!» ۱۹&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
از نظر واقعیت، محصولات صادراتی ضرورتاًبا رفاه و آسایش مردم ناسازگار نیستند، و ضرورتاً مغایرتی با توسعه‌ء اقتصادی «درون گرا» ندارند.  در کوبا، فروش شکر به خارج چون اهرمی به ایجاد دنیای نوینی که در آن همه به نعره‌های توسعه دسترس دارند، خدمت کرده است. در آنجا، همبستگی، روح اصلی روابط انسان‌هاست. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
۱۵&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اکنون دیگر ما می‌دانیم آنان که محکوم به پرداخت بهای بحران بازسازی نظام حاکم هستند کیانند؟ قیمت بیشفراورده‌هائی که آمریکای لاتین می‌فروشد، در ارتباط با قیمت فراورده‌هائی که از کشورهای دارندهء انحصار تکنولوژی و بازگانی و سرمایه گذاری و اعتبار می‌خرد، بیرحمانه پایین می‌آید. برای جبران تفاوت و به جهت رویاروئی با تعهداتی که در برابر سرمایه‌های خارجی شده، ضروری است که آنچه در «قیمت» از دست می‌رود در «مقدار» جبران شود. در این چارچوب، دیکتاتوری‌های مخروط جنوبی چ منظور کشورهای آرژانتین و شیلی و اروگوئه استج دسمزدهای کارگران را به نصف تقلیل داده و مراکز تولید را به اردوگاه کار اجباری مبدل کرده‌اند. کارگران باید پائین آمدن ارزش کارشان را هم، به عنوان کالائی که در بازار فروخته می‌شود، جبران کنند. کارگران مجبورند با افزایش ساعاعت کار خود، آنچه را هم که قدرت خرید دستمزدشان از دست می‌دهد جبران کنند. بدین سان، قوانین بازار بیان المللی وارد دنیای کوجک زندگی هر کارگر آمریکای لاتین نیز می‌شود. برای کالرگرانی که این «بختیاری» را دارند که شغلی دائمی داشته باشند و.«روزی هشت ساعت کار» تنها در عبارتِ بی‌جانُ قانون وجود دارد. ده، دوازده، حتی چهارده ساعت کار امری کاملا عادی است و بسیارند کارگرانی که حتی یکشنبه‌هاهم کار می‌کنند. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
حوادث ناشی از کار، یا خون انسانی که پیشکش قربانگاه تولید می‌شود، به نوبه‌ء خودزیادتر شده است. اینک سه مثال از پایان سال ۱۹۷۷ در اوروگوئه‌:&lt;br /&gt;
الف: معادن سنگ راه‌آهن، که شن و سنگ تولید می‌کنند بازده تولید خود را دو برابر می‌کنند. در آغاز بهار، پانزده کارگر در انفجار معدن جان می‌سپارند. &lt;br /&gt;
ب‌: بیکاران در بیرون کارخانه‌هائی که موشکهای آتش‌باری درست می‌کند صف کشیده‌اند. کودکانی چند در کار تولید هستند. رکورد شکسته می‌شود. در ۲۰ سپتامبر، انفجاری روی ‌می‌دهد: پنج گارگر می‌میرند و ده‌ها تن زخمی ‌می‌شوند.&lt;br /&gt;
پ : ۲۸ سپتامبر، ساعت هفت صبح‌، کارگران از ورود به کارخانه‌ء  کنسرو ماهی خودداری می‌کنند. چون بوی شدید گاز به مشام می‌رسد. تهدید می‌شوند که اگر نروند سرکار،‌ اخراج خواهند شد. بازهم خوددداری می‌کنند. تهدید می‌شوند که اگر نروند سرکار، سربازان فراخوانده خواهند شد ( کارخانه در مواردی دیگر تهدید، نیروهای ارتش را فراخوانده بود)، کارگران به ناچار وارد کارخانه می‌شوند. به علت نشتِ گاز آمونیاک چهار نفر می‌میرند و چندین نفر مسموم و در بیمارستان بستری می‌شوند. &lt;br /&gt;
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   &lt;br /&gt;
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۱۶ &lt;br /&gt;
‎&lt;br /&gt;
ماریا کارولینا دِخه‌روس Maria Carolina de Jesus  در میان خاکروبه‌ها و لاشخورها زاده شد. بزرگ شد، رنج برد، سخت کار کرد؛عاشق دو مرد شد، بچه‌هائی پیدا کرد. عادت داشت که در دفترچهء یادداشت کوچکی، به خط بد، جریان کارها و ماجراهای روزانهء خود را بنویسد. خبرنگاری به طور تصادفی این یادداشت‌ها را خواند و ماریا کارولینا نویسندهء مشهوری شد. کتاب شهر کلبه‌ها، که خاطرات پنج سال زندگی در خومهء مثیف شهر سائوپائولو است، به سیزده زبان ترجمه و در چهل کشور خوانده شد.  ماریا کارولینا »سیندرلای: برزیل، محصول دنیای مصرف، شهر کلبه‌ها را ترک گفت، دور دنیا سفر کرد، عکس‌ها و مصاحبه‌هایش در روزنامه‌ها چاپ شد، جوایز منتقدان را ربود، در مجالس تجیب‌زادگان مورد پدیرائی قرار گرفت و به ملاقات روسای جمهور نائل آمد. و سال‌ها گذشت‌... در آغاز سال ۱۹۷۷، در سپیده دم یک روز یکشنبه، ماریال کارولینا دِ خه‌زوس در میان خاکروبه‌ها و لاشخور‌ها جان سپرد. اکنون زنی را که نوشته بود: «گرسنگی دینامیت بدن انسان است. » دیگر کسی به یاد نمی‌آورد. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎او که با ته‌مانده ‌های دیگران زندگی کرده بود، به صورتی گذرا توانست یکی از برگزیدگان شود. اجازه یافت سرمیز بنشیند. اما پس از خوردن دِسِر، طلسم شکست. و در حالی که رویای او پایان می‌گرفت برزیل باز همان کشوری بود که هر روز در آن صدها گارگر در حوادث کار ناقص می‌شوند و از هر ده کودک یکه به دنیا می‌آیند، چهارتن‌شان گدا، دزد، یا شعبده باز می‌شوند. علیرغم آمار که تبسمی خوشبینانه دارند، هتکِ مردم پاره شده است. در نظام‌هائی که وارونه‌سازمان یافته اند، هنگامی که اقتصاد رشد می‌کند بیعدالتی اجتماعی نیز با آن رشد می‌یابد. در موفقیت‌ترین دورهء «معجزه» برزیل، میزان مرگ و میر کودکان در حومه‌های ثروتمندان شهر کشور افزایش یافت. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎رونق اقتصادی ناگهانی که صنعت نفت در اکوادور پدید آورد به جای مدرسه و بیمارستان، تلویزیون رنگی به مردم ارزانی داشت.  شهرها تا مرز انفجار از جمعیت انباشته می‌شوند. در سال ۱۹۵۰، در آمریکای لاتین شش شهر دارای جمعیتی بیش از بیک میلیون نفر بود. در سال ۱۹۸۰، تعداد آن‌ها به ۲۵ خواهد رسید ۲۱. گروه‌های عظیم کارگران، رانده شده از روستاها‌، در حاشیهء مراکز بزرگ شهری، در همان سرنوشتی سهیم می‌شوند که نظام حاگم به «تفاله‌» های جوان شهر‌نشین اختصاص داده است. در آمریکای لاتیت‌ِ فرومایگان،، شکل‌های هنرمندانهء زنده ماندن ای‌«لاشخور»ها کامل شده است. « نظام تولید، طی مدتی مدید نشان داده است که برای جذب نیروی فزاینده‌ء کار در منطقه، به ویژه در مجتمع‌های بزرگ کارگری شهرها به طرزی مشهود از این که اشتغال مولد ایجاد کند ناتوان است‌...»۲۲&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎یکی از بررسی‌های سازمان بین‌المللی کار چندی پیش نشان می‌داد که در آمریکای لاتین بیش از ۱۱۰ میلیون نفر در شرایط « فقر شدید» زندگی می‌کنتند. از این تعداد ۷۰ میلیون نفر را می‌توان بینوا نامید ۲۳. خورد و خوراک چند درصد جمعیت از جد لزوم پائین‌تر است؟ به زبان خبرگان ۴۲ درصد جمعیت برزیل، ۴۳ درصد مردم کولومبیا، ۴۹ درصد مردم هندوراس،* ۳۱ درصد مردم مکزیک، ۴۵ دردصد مردم پرو، ۲۹ درصد مردم شیلی، ۳۵ درصد مردم اکوادور‌ «درآمدی کمتر از هزینهء حداقل تغذیهء متعادل » دارند۲۴.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
۱۷&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎در سرزمین‌های ما، صنعت ترس و وحشت، مانند هر صنعت دیگر بهای گرانی به دانش فنی بیگانه می‌پردازد. تکنولوژی زور و فشار آمریکای شمالی که در چهار گوشهء کرهء زمین مورد آزمایش قرار گرفته، در مقیاسی وسیع خریداری و به کار بسته شده است. اما خلاف عدل و انصاف خواهد بود اگر در این زمینه استعدادهای خلاقه‌ئی را که در میان طبقات حاکم آمریکای لاتین وجود دارد را باز نشناسیم. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎بورژوازی‌های ما، بدون وابستگی اقتصادی‌، توان توسعه نداشتند و کوشش آن‌ها برای ایجاد صنعتی ملی حالت پریدن مرغ خانگی را پیدا کرد: پروازی کم اوج و کوتاه. در جریان فرایند تاریخی ما، خداوندان قدرت نیز در فقدان تحلیل سیاسی و سترون بودن فرهنگی خود شواهد کافی ارائه کرده‌اند. اما در عوض، استقرار دستگاه عظیم ترس را ترتیب داده در فن نابود سازی انسان‌ها و اندیشه‌ها ابداعاتی هم داشته‌اند. تجربهء تازهء کشورهای منطقهء ریو ده لاپلاتا Rio de la Plata  چمصب بزرگی که بین دو کشور اوروگوئه و آرژانتین قرار گرفته است در این زمینه بسیار روشنگر است. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎افسران آرژانتینی، هنگامی که قدرت را به‌دست گرفتند هشدار دادند که: «وظیفهء گندزدائی ما، مدتی به درازا خواهد کشید!» - طبقات حاکم در اوروگوئه و آرژانتین پی در پی از نیروهای مسلح خواسته‌اند نیروهای خواستار دگرگونی را در هم شکنند و ریشه‌شان را براندازند، نظام امتیازات ویژهء داخلی را استوار کنند و شرایط اقتصادی و سیاسی‌ئی به وجود آورند که جلب کنندهء سرمایه‌های خارجی باشد: پاک‌سازی سرزمین، نظم در کشور، و نیروی کار ارزان و فرمانبر و مردم کشور بلافاصله مبدل به دشمن داخلی شدند. هرگونه نشانهء زندگی، اعتراض، یا تردید ساده، از دیدگاه اصول‌ِ نظامی‌ِ امنیت‌ِ ملی تهدیدی خطرناک به شمار می‌آید. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎بدین‌ سان ، مکانیسم‌های پیچیده‌ئی برای پیشگیری و مجازات تهیه و تنظیم شده است. در زیر این ظواهر منطقی ژرف نهفته است: برای آن که بتوان با کارآمدی عمل کرد، زور و فشار باید مطلق باشد. جز نفس کشیدن، هر فعالیت دیگر انسانی جنایتی به شمار می‌آید. در اوروگوئه، شکنجه به مثابهء  اصلی در امر بازجوئی به کار برده می‌شود: هر کسی ممکن است قربانی آن شود، نه فقط کسانی که مظنون یا مرتکب اقدامات مخالفت آمیزند و بدین طریق هراس از شکنجه، همچون گازی فلج کننده که به خانه‌ئی راه می‌یابد و در روح هر شهروندی ریشه می‌ند، در میان همهء شهروندان پراکنده می‌شود. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎شکار انسان در شیلی ۳۰ هزار کشته بر جای گذاشته است، اما در آرژانتین کسی را تیرباران نمی‌کنند: بل‌که اشخاص مورد‌نظر را به سادگی می‌ربایند. قربانیان ناپدید می‌شوند. سپاهیان ناپیدای شب، وظیفه را انجام می‌دهند. دیگر نه جسدی در میان است نه این که کسی گناهکار و مسئول شناخته می‌شود. بدین سان، کشتار- که همیشه غیر رسمی است، و نه رسمی - بدون این که کم ترین مجازاتی در کار باشد انجام می‌گیرد، و بدین طریق نگرانی جمعی بازتابی شدیدتر پیدا می‌کند. کسی حساب پس نمی‌دهد، کسی توضیح نمی‌دهد. هر جنایتی تردیدی‌ است دردناک برای کسانی که به قربانی نزدیکند، و نیز هشداری است برای دیگران. تروریسم دولتی‌، مردم کشور را از طریق ترس فلح می‌کند. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎در اوروگوئه برای پیدا کردن کار یا از دست ندادن آن، لازم که انسان مورد التفات مقامات نظامی باشد. در کشوری که پیدا کردن کار در خارج از مراکز پلیس و سربازخانه‌ها بسیار دشوار است. این ضرورت، تنها باعث آن نشده است از ۳۰۰ هزار شهروندانی که دست چپی شناخته شده‌اند تعداد زیادی از کشور خارج شوند، بل این فایده را هم داشته است که  ماندگارها را به شدت مورد تهدید قرار دهد. برای روزنامه‌های مونته‌ویده‌ئو چاپ توبه‌نامه‌ها و آگهی‌های شهروندانی که از راه احتیاط بر سینهء خویش می‌کوبند که‌ «من نیستم‌، هیچ وقت نبوده‌ام‌، و هرگز هم نخواهم بود‌» امری بسیار عادی شده است. &lt;br /&gt;
‎در آرژانتین دیگرلازم نیست کتابی را با صدور اخطاریه‌ئی ویژه ممنوع اعلام کنند. قانون جزای جدید‌، نویسنده‌ و ناشر هر کتابی را که «مخرب» شناخته مانند گذشته مجازات می‌کند. ولی فراتر از این‌، صاحب چاپخانه را هم به مجازات می‌رساند تا کسی جرات نکند متنی را که تنها احتمال می‌رود مورد سوءظن باشد چاپ کند؛ و در صورتی که این هم کافی به نظر نیاید خواننده را نیز مجازات می کند تا کسی جرات خواندان آن را هم به خود ندهد چه رسد به این که از آن برای خودش اساس عقیده‌ئی هم بتراشد! بدین سان با مصرف کننده‌ء کتاب همان رفتاری می‌شود که برای مصرف کننده‌ء داروهای مخدر پیش‌بینی کرده است ۲۵. در این طرح جامعهء کرولال، هر شهروندی باید « مفتش عقیده‌ء» خود شود. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎در اوروگوئه، لو ندادن همسایه جرم به شمار می‌آید. دانشجویان هنگام ورود به دانشگاه سوگند‌نامه‌ئی امضا می‌کنند که هر که را در محوطهء دانشگاه دست به «هر گونه فعالیتی نامرتبط با درس خواندن‌» بزند معرفی خواهندکرد. بدین سان دانشجو خود را در هر ماجرائی که تاحتمالا در حضور وی اتفاق افتد مسوول می‌کند. در این طرح جامعهء کسانی که خوابیده راه می‌روند، هر شهروندی باید پلیس خود و دیگران باشد. به هر حال، این نظام به راستی غیرقابل اعتماد است. در اوروگوئه تعداد افراد پلیس و سربازان به صد هزار نفر می‌رسد، ولی تعداد خبرچین‌ها نیز صدهزار نفر است. جاسوسان در خیابان‌ها، کافه ها و اتوبوس‌ها، در کارخانه‌ها و دبیرستان‌ها، در ادارات و در ادانشگاه به کار مشغولند. هر کس به صدای بلند زبان به شکایت بگشاید که زندگی سخت و گران است بی‌گمان گذارش به زندان خواهد افتاد زیرا « جرمی بر ضد روحیه‌ء نیروهای مسلح‌» مرتکب شده است که سزای آن سه تا شش سال زندان است. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
۱۸&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎در رفراندوم ماه ژانویه ۱۹۷۸، رای آری برای دیکتاتوری پینوشه را با علامت صلیبی زیر پرچم شیلی مشخص کرده بودند، و رای نه را زیر مستطیلی سیاه. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎نظام حاکم می‌خواهد با کشور یکی پنداشته شود. نظام حاکم، خودِ کشور است. این‌، محتوای تبلیغات رسمی است که مردم شب و روز با آن بمباران می‌شوند. دشمن‌ِ نظام‌ِ حاکم، خاٍن وبه سرزمین‌ِ اجدادی به حساب می‌آید. گواه‌ِ حدودِ خشم و نفرت مردم از بی‌عدالتی و آرزوی تغییر و دگرگونی‌، فرار از کشور است. در بسیاری از کشورهای آمریکای لاتین کسانی که به آن سوی مرزها تبعید نشده‌اند از تبعید در داخل سرزمین خود رنج می‌برند. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎اما در همان هنگامی که پینوشه پیروزی خود را جشن گرفته بود، رژیم دیکتاتوری او اعتصاباتی را که علی‌رغم حکومت ترس و وحشت در سراسر شیلی برپا می‌شد «غیبتِ دست جمعی‌ِ کارگران‌» نام گذاشته بود. اکثریت کسانی که در آرژانتین ربوده یا ناپدید شده‌اند کارگرانی هستند که به فعالیت‌های اتحاديهء کارگری پرداخته بودند. در تخیلات پایان‌ناپدیر مردم‌، پیوسته شکل‌های جدیدی از مبارزه بارور می‌شود: کم‌کاری و عدم همکاری و همبستگی‌، راه‌های تازه‌ئی برای رهائی از ترس کشف می‌کند. بسیاری از اعتصابات همکانی آژانتین‌، در سال ۱۹۷۷ روی داد که خطر از دست دادن زندگی از خطر از دست دادن کار و شغل کم‌تر نبود. قدرت واکنش نشان دادن طبقه‌ء کارگرِ سازمان یافته و دارای سنت طولانی مبارزه را نمی‌توان با یک نوشته از میان برد. در ماه مه همان سال‌، هنگامی که دیکتاتوری اوروگوئه ترازنامهء برنامه‌های شست و شوی مغزی و اخته سازی دست جمعی خود را تنظیم می‌کرد مجبور شد اعتراف کند که « هنوز سی و هفت درصد شهروندان کشور به سیاست علاقه‌مند هستند.»۲۶&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎ما در این سرزمین ها با کودکی‌ِ وحشیانهء سرمایه‌داری روبه‌رو نیستیم‌، بلکه فرتوتی‌ِ خونبار آن را مشاهده می‌کنیم. کم توسعگی مرحله‌ئی از توسعه نیست‌، بلکه منتجهء آن است. کم توسعگی آمریکای لاتین ناشی از توسعهء بیگانگان است و هنوز هم به آن سوخت می رساند. نظام حاکم که به علت نقش بندگی‌ِ بین‌المللی خود ناتوان و از لحظهء تولد در حال احتضار است پایش در گل است. خود را به طور مسلم سرنوشت کشور می‌پندارد و می‌خواهد که ابدمدت انگاشته شود. هرگونه خاطره‌ئی خرابکار است، زیرا که متفاوت است‌؛ هم‌چنین هر طرح ناظر به آینده‌ئی این اژدهای خواب آلود را وادار می‌کند که بدون نمک غذا بخورد: نمک خطرناک است، ممکن است بیدارش کند. نمونهء بارز نظام حاکم را که در جامعهء ساکن‌ِ مورچگان می‌توان دید. به همچنین دلیل هر قدر هم که دگرگونی پیدا کند با تاریخ بشری سازگار نیست، چرا که در تاریخ بشری، هر اقدام ویرانگرانه‌ئی دیر یا زود با اقدامی خلاق پاسخ خواهد گرفت. &lt;br /&gt;
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‎بارسلون - آوریل ۱۹۷۸ &lt;br /&gt;
‎ترجمهء رامین شهروند &lt;br /&gt;
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15. United Nations, ECLA, op. cit., note 19&lt;br /&gt;
16. UNCTAD, &amp;quot;The Marketing and Distribution System for Bananas&amp;quot;, December 1974. &lt;br /&gt;
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    &lt;br /&gt;
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[[رده:کتاب جمعه ۱۳]]&lt;br /&gt;
[[رده:کتاب جمعه]]&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Pouya</name></author>
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		<title>پس از هفت سال</title>
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		<updated>2011-09-22T08:44:40Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;Pouya: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[Image:13-003.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۳|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۳]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-004.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۴|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۴]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-005.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۵|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۵]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-006.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۶|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۶]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-007.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۷|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۷]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-008.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۸|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۸]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-009.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۹|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۹]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-010.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۰|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۰]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-011.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۱|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۱]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-012.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۲|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۲]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-013.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۳|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۳]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-014.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۴|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۴]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-015.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۵|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۵]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-016.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۶|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۶]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-017.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۷|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۷]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-018.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۸|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۸]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-019.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۹|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۱۹]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-020.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۰|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۰]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-021.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۱|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۱]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-022.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۲|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۲]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-023.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۳|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۳]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-024.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۴|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۴]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-025.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۵|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۵]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-026.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۶|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۶]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-027.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۷|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۷]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-028.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۸|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۸]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-029.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۹|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۲۹]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-030.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۳۰|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۳۰]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-031.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۳۱|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۳۱]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-032.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۳۲|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۳۲]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-033.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۳۳|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۳۳]]&lt;br /&gt;
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«نوشتن چه سودی دارد اگر برای مبارزه با موانعی نباشد که نظام حاکم در برابر پیام مخالفان قرار می‌دهد؟» این، پیام دلاورانۀ &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ادواردو گالیانو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; است. آری، به‌راستی سودش چیست؟- نوشتن یا آفرینش هنری، اگر برای محکوم کردن بی‌انسانیتی نظام حاکم و زمانِ ما نباشد معنایش چیست؟&lt;br /&gt;
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هرچند درست است که هنر و ادبیات از راه ستایش لحظه‌های آسایش زندگی، زندگی را زیور می‌بخشد. و درست است که نقش هنر و ادبیات و شعر و موسیقی، لذت بردن هرچه بیش‌تر ما از زندگی، و ژرف‌تر و آهنگین‌تر و پر معنا کردنِ روابط، با یکدیگر است؛ اما انسان چه‌گونه می‌تواند ستایشگر دنیائی باشد که در آن، بیش‌تر انسان‌ها تنها از آن رو «می‌زیند»که لذایذ بیرحمانۀ حیات گروهی اندک را که به‌اصطلاح «صاحبان امتیازات ویژه»‌اند تأمین کنند؟ انسان چه‌گونه می‌تواند با نظامی هماهنگ شود که پیوسته در کارِ مکیدنِ خونِ رگ‌های باز است؟ - رگ‌های باز، تنها در آمریکای لاتین نیست بلکه یک سر از ویژگی‌هایِ تمامی جهان سوم است.&lt;br /&gt;
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برای ما، در جهان سوم، زمان، زمان بحران است نه زمان ستایش و شادمانی! زمان نگرش به‌واقعیت خویش و تفکر و اندیشۀ انتقادی است، نه خیالبافی‌های عرفانی. زمان مبارزه است و در این مبارزه، ما نیاز به‌صدائی داریم که نظام ستمگر را رسوا و بی‌انسانیّتیِ آن را محکوم کند و امید به‌آینده را به‌ما دهد. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ادواردو گالیانو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; چنین صدای راستینی است که نه تنها برای آمریکای لاتین، بل برای سراسر جهان سوم و در واقع برای تمامی بشریت سخن می‌گوید.&lt;br /&gt;
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هفت سال از زمان چاپ نخست&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;رگ‌های بازِ آمریکای لاتین&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; می‌گذرد. این کتاب برای آن نوشته شده بود که با مردم به‌گفت‌و گو بپردازد. نویسنده‌ئی ناخبره، مردمی ناخبره را مورد خطاب قرار داده بود تا پاره‌ئی حقایق را که تاریخ رسمی- تاریخی که فاتحان نوشته‌اند- پنهان داشته یا تحریف کرده است فاش شود.&lt;br /&gt;
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هیجان‌آمیزترین پاسخ‌ها و واکنش‌ها نه از صفحات ادبی روزنامه‌ها، بل از متن زندگی واقعی رخ نمود، آن هم به‌صورت رویدادهائی در کوچه و خیابان. به‌عنوان مثال، دختری که در اتوبوسی کتاب را برای دوستی که پهلویش نشسته بود می‌خواند، سر انجام به‌پا خواسته در حالی که اتوبوس از خیابان‌های &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بوگوتا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; می‌گذشت، قسمتی از آن را به‌صدای بلند برای همۀ مسافران خوانده بود. یا، زنی که طی روزهای کشتار از &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سانتیاگو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; (پایتخت شیلی)می‌گریخت کتاب را لای قنداقۀ کودکش پنهان کرده بود. یا،  دانشجوئی که قدرت خرید کتاب را نداشت یک هفتۀ تمام در خیابان&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;کوری‌یِن‌تِس&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; محلۀ کتابفروش‌های &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;شهر بوئنوس آیرس&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; از این کتابفروشی به‌آن کتابفروشی رفته در هر کدام چند صفحه از کتاب را خوانده بود!&lt;br /&gt;
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هم‌چنین بهترین تعریفی که از این کتاب شد از طرف نقدنویسان متخصص نبود، این تعریف را دیکتاتورهای نظامی کردند، آن هم از طریق ممنوع کردن کتاب! – به‌عنوان مثال، &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;رگ‌های باز&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; در کشور خود من- &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اروگوئه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;- قابل چاپ و پخش نیست. همین طور در&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;شیلی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;. در&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;آرژانتین&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; هم مقامات دولتی در رادیو و تلویزیون و روزنامه‌ها آن را به‌عنوان «وسیلۀ فساد جوانان»محکوم کرده‌اند.&lt;br /&gt;
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&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بلاس داوته‌رو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; [شاعر معاصر برجستۀ اسپانیولی]می‌گفت: «آن‌ها اجازه نمی‌دهند چیزهائی که من می‌نویسم دیده شود، چون من فقط چیزهائی را که می‌بینم می‌نویسم!»&lt;br /&gt;
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به‌عقیدۀ من، با توجه به‌تمامی چیزهائی که گفته شده و انجام گرفته است، اگر شادمانه ادعا شود که &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;رگ‌های باز&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; کتابی نبوده که پژواکی نداشته باشد، نباید به‌قمپز در کردن تعبیرش کنند.&lt;br /&gt;
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این نکته که &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;رگ‌های باز&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; – این&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;کتاب راهنمایِ&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; پرده دری‌ها و فاش‌سازی‌ها- اقتصاد سیاسی را به‌سبک سرگذشت عشقی با قصۀ دزدهای دریائی مورد بحث قرار داده است باید سخت کفرآمیز به‌نظر آمده باشد. این را خودم هم می‌دانم. امّا باید اعتراف کنم که برای من، خواندن پاره‌ئی از مطالعات پرارزشی که بعضی جامعه‌شناسان، سیاست‌شناسان، اقتصاددانان و مورخان به‌زبان رمز می‌نویسند کاری بس دشوار است. زبان سربستۀ علمی، همیشه هم الزاماً بهای عمق و دانش زیاد نیست. حتی در پاره‌ئی موارد ناتوانی امر برقرار کردنِ ارتباط به‌سادگی تمام ممکن است، اعتلای فضایل روشنفکرانه جلوه کند. به‌گمان من دلزدگی ناشی از این امر بیش‌تر نظام مستقر را تبّرک می‌کند و تأکید می‌کند که دانش، امتیاز ویژۀ &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;نخبگان&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; است.&lt;br /&gt;
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به‌طور گذرا می‌توان گفت مشتی از آثار ادبیات مبارز نیز که برای مردمی معتقد نوشته می‌شود، معمولاً به‌چنین سرنوشتی گرفتار می‌آیند. زبانی که همین جور سرسری جمله‌های حاضر و آماده را با همان صفت‌ها و موصوف‌های مرسوم و همان شیوۀ بیان آهنگین معمول برای همان گوش‌های همیشگی تکرار می‌کند، هر قدر هم که فصاحت انقلابی داشته باشد به‌نظر من سازشکارانه می‌نماید. شاید این نوع ادبیاتِ محدودِ کم‌مایه به‌همان اندازه از انقلاب به‌دور باشد که ادبیات هرزۀ جنسی از ادبیات عاشقانه.&lt;br /&gt;
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انسان می‌نویسد، تا سؤال‌هائی را که در سرش وزوز می‌کنند، این مگس‌های سمجی را که خواب از چشمش می‌ربایند، بیازماید و برای‌شان پاسخی پیدا کند و آن چه انسان می‌نویسد، اگر به‌ترتیبی با نیاز جامعه به‌یافتن فلان پاسخ منطبق شود، می‌تواند معنائی جمعی به‌دست آورد. من &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;رگ‌های باز&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; را برای آن نوشتم که اندیشه‌ها و تجارب شخصی گوناگونم را منتشر کنم تا شاید خصوصیت واقع‌بینانۀ آن‌ها بتواند کم‌و بیش مشتی از آن همه سؤال را که علی‌الدوام آزارمان داده است روشن کند: آیا آمریکای لاتین منطقه‌ئی از دنیاست که محکوم به‌تحمل خفت و فقر است؟ محکوم از طرف که و به‌چه دلیل؟ خطای خدا یا خطای طبیعت؟ آب و هوای طاقت‌فرسا و نژادهای پست؟ مذهب و آداب و رسوم؟ آیا این تیره‌بختی منتجّۀ تاریخ نیست که آن را انسان ساخته است؟ و بنابراین، آیا انسان نمی‌تواند آنها را دیگرگون کند؟&lt;br /&gt;
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تجلیل گذشته، به‌نظر من، همیشه امری ارتجاعی بوده است. دست راستی‌ها&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;گذشته&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; را برمی‌گزینند چون&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;گذشته&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، مردگان را برتر و بهتر می‌شمارد: دنیائی ناآشفته و دوران‌هائی ناآشفته. قدرتمندان که امتیازات ویژۀ خود را از طریق ارث بردن مشروع می‌کنند دلتنگیِ خیال‌انگیزِ گذشته را می‌پرورند. انسان هنگامی که به‌تماشای موزه‌ئی می‌رود، به‌مطالعۀ تاریخ می‌پردازد. و این مجموعۀ مومیائی‌ها وسیله‌ئی است برای سوء‌استفاده از اعتماد و اطمینان مردم. آن‌ها دربارۀ گذشته به‌ما دروغ می‌گویند هم‌چنان که دربارۀ زمان حاضر نیز دروغ می‌گویند: واقعیت را پنهان می‌کنند و ستم‌دیده را وامی‌دارند خاطره‌ئی را که ستمگر برای او ساخته و چیزی ناآشنا هزار وصله و بیهوده است از آن خود بداند، تا بدین سان او خود را کنار کشد و زندگی‌ئی را بپذیرد که از آنِ او نیست، امّا انگار تنها زندگی‌ئی است که برای او ممکن است.&lt;br /&gt;
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در &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;رگ‌های باز&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، چنین می‌نماید که گذشته، بسان خاطرۀ زندۀ روزگارِ ما، از سوی زمان حاضر فراخوانده شده است. این کتاب، جست‌و جوئی است برای یافتن کلیدهای تاریخ گذشته، تا شاید از آن رهگذر زمان حاضر را (که آن نیز در حال ساختن تاریخ است)تشریح و تبیین بتوان کرد، و منطق حکم کرده است که نخستین شرطِ دگرگون کردنِ واقعیت، شناختن آن است. در این جا، فهرست قهرمانانی که پنداری برای شرکت در مجلس رقص البسۀ عجیب و غریب پوشیده‌اند یا به‌هنگام مرگِ در عرصۀ کارزار جمله‌های شکوهمند و پرهیبت و بالا بلند بر زبان می‌آورند در دسترس ما‌قرار نمی‌گیرد، بلکه صدا و گذرِ گام‌های گروه‌های عظیمی را وارسی می‌کنیم که گام‌های امروزین ما را پیشگوئی می‌کند. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;رگ‌های باز&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; از واقعیت مایه گرفته، اما از کتاب‌هائی دیگر و از خودش بهتری نیز سود برده است که، ما را یاری کرده‌اند تا بدانیم چیستیم، تا بدانیم چه می‌توانیم باشیم؛ ما را یاری کرده‌اند تا یقین کنیم که از کجا آمده‌ایم و بهتر بتوانیم حدس بزنیم که به‌کجا می‌رویم. آن واقعیت و آن کتاب‌ها نشان می‌دهند که توسعه نیافتن آمریکای لاتین نتیجۀ توسعه یافتن بیگانگان است: مردم آمریکای لاتین فقیرند چون خاکی که بر آن گام می‌گذاریم غنی است و جاهائی را که طبیعت مزیت و نعمت بخشیده باشد تاریخ نفرین کرده است. در این دنیای ما، دنیای مراکز قدرتمند و حومه‌های قدرت زده و زیر سلطه، ثروتی نیست که به‌دست آوردن آن دست کم«مشکوک»نبوده باشد.&lt;br /&gt;
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در این مدت زمانی که از نخستین چاپِ&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;رگ‌های باز&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; گذشته، تاریخ برای ما هم‌چنان معشوقی ستمکار بوده است.&lt;br /&gt;
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نظام حاکم، ترس و گرسنگی را چند برابر کرده است. ثروت به‌تمرکز، و فقر به‌گسترده شدن ادامه داده است. در اسناد و مدارک سازمان‌های&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;تخصصی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; بین‌المللی که زبان بی‌آلایش‌شان &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;مناطق ستم‌زدۀ&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; ما را «کشورهای در فرایند توسعه»و &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;فقرزدگی کینه‌توزانۀ طبقۀ کارگر&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; را «توزیع نزولی درآمد»نام‌گذاری کرده است ما را چنین شناخته‌اند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;عَصّارخانۀ بین‌المللی به‌کار خود ادامه داده است: کشورها در خدمت کالاها، انسان‌ها در خدمت اشیاء&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
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با گذشت زمان، آن‌ها شیوه‌های صدور بحران را تکامل می‌دهند. سرمایۀ انحصاری به‌ذروۀ تمرکز خود می‌رسد و تسّلط بین‌المللی بر بازارها و اعتبارات و سرمایه‌گذاری‌ها انتقال مرتب و منظم و فزایندۀ تضادها را امکان‌پذیر می‌کند: حومه‌ها، بدون این که آشفتگی‌ها و نابسامانی‌های مهم رخ دهد، بهای رونق و کامکاری مراکز را می‌پردازند.&lt;br /&gt;
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«بازار بین‌المللی»هنوز یکی از شاه کلیدهای این عملیات است. در این بازار، شرکت‌های چندملّیتی دیکتاتوری خود را اعمال می‌کنند (چندملّیتی، زیرا چنان که &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سویزی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; [اقتصاددان مشهور آمریکائی]توجیه کرده است در چند کشور عمل می‌کنند اما البته از نظر مالکّیت و کنترلی که دارند در واقع ملی هستند)سازمان جهانی نابرابری، با این واقعیت که امروزه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;برزیل&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;- به‌عنوان مثال- اتومبیل فولکس‌واگن به‌کشورهای دیگر آمریکای جنوبی و بازارهای دوردستِ آفریقا و خاورنزدیک صادر می‌کند، دگرگون نمی‌شود. در واقع، این، شرکتِ فولکس‌واگن&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;آلمانی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; است که دریافته است اگر محصولش را برای پاره‌ئی از بازارها، از واحد فرعی &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;برزیلی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; خود صادر کند برایش با صرفه‌تر است: هزینۀ پائینِ تولید و کارگرِ ارزان از برزیل، و سودهای کلان از آنِ آلمان.&lt;br /&gt;
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در ضمن، هنگامی هم که بعضِ اقلام مواد خام به‌طرزی معجزه‌آسا از نفرین قیمت‌های پائین رهائی یابد هرگز مخاطره‌ئی پیش نمی‌آورد. وضع نفت از سال 1973 به‌این طرف چنین بوده است. مگر نفت دادوستدی بین‌المللی نیست؟ &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;استاندارد اویل&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; نیوجرسی، که اکنون&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اکسان&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; نام دارد،&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;رویال داچ‌شِل&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; یا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;گُلف&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;. – آیا این‌ها کشورهای عربی هستند یا کشورهای آمریکائی لاتین؟ سهم بیش‌تر از آنِ کیست؟ و بسیار فاش کننده بود تهمت‌های پر سروصدائی که به کشورهای تولیدکنندۀ نفت وارد آوردند.- آن‌ها جرأت کرده بودند از بهای نفت خود دفاع کنند و بی‌درنگ سپر بلای تورم و بیکاریِ کارگران اروپا و آمریکا شدند. آیا کشورهای- «توسعه یافته»هرگز پیش از بالا بردن بهای هر یک از فراورده‌های خود با کسی مشورت می‌کنند؟ بیست سال بود که بهای نفت مرتب پائین آمده بود. مظنۀ پائین و شرم‌آور آن نشانۀ کمک مالی عظیمی بود که به‌مراکز صنعتی بزرگ دنیا می‌شد. از سوی دیگر، فراورده‌های این مراکز روز به‌روز گران‌تر می‌شد. مظنۀ جدید نفت، در ارتباط با افزایش پایان‌ناپذیر بهای فراورده‌های اروپائی و آمریکای شمالی، جز این که آن را به‌سطح سال 1952 بازگرداند کاری نکرده بود. در سال 1973، نفت خام بار دیگر قدرت خریدی را که در دهۀ پیش داشت بازیافت. فقط همین.&lt;br /&gt;
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&lt;br /&gt;
یکی از رویدادهای مهم هفت سال اخیر ملی شدن نفت&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ونزوئلا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; است. این «ملی شدن»وابستگی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ونزوئلا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; در مسایل مربوط به‌تصفیه و عرضۀ نفت به‌بازارها را از میان نبرد، اما حیطه و گسترۀ جدیدی برای خودمختاری به‌وجود آورد. هنوز مدتی از تشکیل شرکت دولتیِ &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;نفت را به‌کار می‌برند]نگذشته بود Petroven که بیش‌تر مخفف آن Petroleos de VENEZUELA]ونزوئلا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; &lt;br /&gt;
که، این شرکت در میان 500 شرکت بسیار مهم آمریکای لاتین مقام اول را به‌دست آورد. برای یافتن بازارهائی جدید سوایِ بازارهای سنتی به‌جست‌وجو پرداخت و خیلی زود توانست مشتریانی تازه پیدا کند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
به‌هر حال هنگامی که دولت مالک ثروت اصلی سرزمین خود می‌شود همیشه به‌جا است که پرسیده شود «مالک خود دولت کیست؟»- ملی شدن منابع اساسی یک کشور، فی‌نفسه مفهومش توزیع مجدد درآمد به‌سودِ اکثریت مردم نیست، و ضرورتاً قدرت یا امتیازات ویژۀ اقلیت حاکم را به‌مخاطره نمی‌افکند. در ونزوئلا، اقتصاد اسراف و اتلاف، دست‌نخورده به‌حیات خود ادامه می‌دهد و در مرکز آن، زیر نور چراغ‌های نئون، یک طبقۀ اجتماعی میلیونر و ولخرج می‌درخشد. در سال 1976، واردات کشور 25 درصد افزایش یافت؛ اقدامی تمام عیار برای تأمین هزینۀ کالاهای فوق تجملی که به‌بازار ونزوئلا سرازیر شده و آن را در خود غرق کرده است. پرستش بت‌وارِ کالاها همچون نشانه و نماد قدرت اوج گرفته است و روابط انسانی به‌حدّ رقابت در مصرف تنزل یافته: در میان اقیانوس توسعه نیافتگی، اقلیتی که دارای امتیازات ویژه است روش زندگی و مدپرستیِ ثروتمندترین افرادِ توانگرترین جوامع دنیا را تقلید می‌کند؛ و در خودنمائی‌های &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;کاراکاس&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; هم، مانند&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;نیویورک&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، سرمایه‌های عالی «طبیعی»- یعنی هوا و نور و سکوت- بیش از پیش گران‌تر و  اَبَرمردِ ناسیونالیسمJuan Pablo Perez Alfonsoکمیاب‌تر می‌شوند. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;خوآن پابلو پِرِز آلفونسو  &lt;br /&gt;
ونزوئلا و پیامبر باز پس‌گرفتن و ملی کردنِ نفت، چنین هشدار می‌دهد: «آهای،مواظب باشید. انسان ممکن است از سوء هاضمه هم مثل گرسنگی بمیرد!» {{نشان|1}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
6) من نوشتن&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;رگ‌های باز&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; را در آخرین روزهای سال 1970 به‌پایان رساندم.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
روی تخت عمل مرد. تابوت  Juan Velasco Alvaradoدر آخرین روزهای سال &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;1977 خوان‌ولاسکو آلوارادو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; &lt;br /&gt;
او را بزرگ‌ترین جمعیتی که در خیابان‌های &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;لیما&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; دیده شده بود روی دوش به‌گورستان برد. ژنرال &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ولاسکو آلوارادو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; که در خانه‌ئی محقر در سرزمین‌های خشک شمال &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پرو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; چشم به‌دنیا گشوده بود فرآیندِ اصلاحات اجتماعی و اقتصادی را رهبری کرد. این ژرف‌ترین و فراگیرنده‌ترین کوششی بود که در جهت دگرگونی در تاریخ معاصر کشور او صورت گرفت. با آغاز شورش سال 1968، دولت نظامی نیروی محرک و پویای اصلاحات کشاورزیِ راستین شد و راه را برای باز پس گرفتن منابع طبیعی که سرمایه‌های خارجی غصب کرده بود باز کرد. اما حتی پیش از آن که &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ولاسکو آلوارادو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; چشم از جهان فرو بندد، ختم انقلاب برچیره شده بود. فرآیند آفرینندگی ، عمری بس کوتاه داشت.- دو چیز آن را از پا در آورد: یکی باج سبیل رباخواران و دلالان، و دیگری این حقیقت مسلم که هر برنامه‌ئی، هر قدر هم پدرانه، اگر پایگاه مردمیِ سازمان یافته‌ئی نداشته باشد بی‌دوام است و محکوم به‌فنا.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در شب عید میلاد 1977، در حالی که قلب ژنرال&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ولاسکو آلوارادو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; در &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پرو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; از حرکت باز می‌ایستاد، ژنرالی دیگر که هیج گونه شباهتی به‌وی نداشت، در &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بولیویا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; مشت خود را محکم روی میز    دیکتاتور&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بولیویا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، بدین‌سان به‌تقاضای عفو زندانیان، Hogo Banzerمی‌کوبید. ژنرال &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;هوگو بانزر&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; &lt;br /&gt;
تبعیدشدگان، و کارگران اخراج شده، می‌گفت: «نه!»- چهار زن و چهارده کودک از معادن قلع به &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;لاپاز&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; (پایتخت)آمدند و دست به‌اعتصاب زدند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
قضاوت خبرگان چنین بود: «حالا زمانِ این کار نیست؛ موقعش که شد، خودمان خبرتان می‌کنیم...»&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
زن‌ها نشستند روی زمین و چنین گفتند: «ما با شما مشورت نمی‌کنیم، بلکه فقط به‌تان اطلاع می‌دهیم، تصمیم، گرفته شده است. در معادن، همیشه اعتصاب غذاست. چشم به‌دنیا نگشوده اعتصاب غذامان شروع می‌شود. در آن جا ما محکوم به‌مرگ نیز هستیم. البته آهسته آهسته، ولی به‌هر حال محکوم به‌مرگیم.»&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
دولت با مجازات و تهدید واکنش نشان نداد اما اعتصاب غذا نیروهائی را که مدت‌های طولانی در بند مانده بودند آزاد کرد. سراسر&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بولیویا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; تکان خورد و دندان‌های تیز خود را نشان داد. ده روز بعد، دیگر، مسأله فقط بر سرِ غذای چهار زن و چهارده کودک نبود: هزاروچهارصد کارگر و دانشجو دست به‌اعتصاب غذا زده بودند. رژیم دیکتاتوری احساس کرد که زمین زیر پایش دهان باز کرده است. فرمان عفو عمومی گرفته شد.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
بدین سان دو کشور &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;منطقۀ آند&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; از خط فاصل سال 1977 و 1978 گذشتند. در شمال، در &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;منطقۀ کارائیب&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، کشور&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پاناما&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; در پایان مذاکرات دشواری که با ایالات متحدۀ آمریکا انجام داد، به‌انتظار الغای قرارداد مستعمراتی کانال بود؛ و در&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;کوبا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; مردم در تکاپوی برگزاری جشن انقلاب سوسیالیستی خود بودند، جشن هفدهمین سال زندگی پیروزمند خویش. چند روز بعد، در &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;نیکاراگوا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، مردم خشمگین به‌خیابان‌ها ریختند. دیکتاتور&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سوموزا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، پسر دیکتاتور&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سوموزا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، از سوراخ کلید نگاه می‌کرد. خشم مردم ساختمان‌های چندین شرکت را به‌آتش کشید. یکی از این  ، که در آغاز سال 1978 آتش زده شد متعلق Plasmaferesisشرکت‌ها، به‌نام&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پلاسما فره‌سیس  &lt;br /&gt;
به‌تبعیدشدگان کوبائی بود که خون مردم&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;نیکاراگوا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; را به‌ایالات متحده می‌فروخت. (در دادوستد خون هم مانند هر دادوستد دیگر آنچه به‌دست تولیدکنندگان می‌رسد اندکی بیش‌تر از «پول چائی»است.  برای هر لیتر خون که در بازار آمریکای Hemo Caribbeanبه‌طور مثال شرکت &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;همو کاریبئین&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;  &lt;br /&gt;
شمالی به‌بیست و پنج دلار فروش می‌رود سه دلار به‌مردم &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;هائیتی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; می‌پردازد.)&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
7)&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
مقاله‌ئی چاپ، و اعلام کرد که حکومت Orlando Letelierدر ماه اوت1976،&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اورلاندو لِته‌لی‌یر&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;  &lt;br /&gt;
وحشت دیکتاتوری&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پینوشه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; و «آزادی اقتصادی»گروه‌های کوچک اداری امتیازات ویژه دو روی یک‌سکه است. {{نشان|2}}وی یکی از وزیران دولت &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سالوادور آلنده&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بود. در ایالات متحده در تبعید به‌سر می‌برد، و در همین جا بود که چندی بعد بمبی او را تکه‌تکه کرد. {{نشان|3}}او در مقاله‌اش چنین استدلال کرده بود که سخن گفتن از رقابت آزاد، در اقتصادی مانند اقتصاد شیلی- که تابع انحصاراتی است که هر وقت بخواهند با قیمت‌ها بازی می‌کنند- بیهوده است. و در کشوری که اتحادیه‌های واقعی کارگری غیرقانونی اعلام شده‌اند و حقوق و دستمزدها را شورای نظامی تعیین می‌کند، دم زدن از حقوق حقۀ کارگران خنده‌دار است. وی در این مقاله شرح می‌داد چگونه به‌دست آورده بودند Unidad popularپیروزی‌هائی که مردم شیلی در زمان دولت&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اتحاد خلق&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; &lt;br /&gt;
به‌طور کامل از میان رفته است. از انحصارات صنعتی که &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سالوادور آلنده&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; ملی کرده بود، رژیم دیکتاتوری نیمی را به‌صاحبان پیشین بازگرداند و نیمی دیگر را به‌معرض فروش گذاشت. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;فایرستون&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، ، کارخانۀ عظیم Parsonos Whitmoreکارخانۀ لاستیک‌سازی ملی را خرید و&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پارسونز و ویتمور&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; &lt;br /&gt;
خمیر کاغذسازی را... اقتصاد شیلی، به‌گفتۀ&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;لته‌لی‌یر&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، حتی از دورۀ پیش از به‌قدرت رسیدن &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;آلنده&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; هم بیش‌تر متمرکز و انحصاری شد. {{نشان|4}}&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;در آمریکای لاتین آزادی عمل شرکت‌ها با آزادی‌های مدنی هیچ سازگاری ندارد: نه این همه مذاکرات آزاد شرکت‌ها سابقه داشته است، نه این همه دستگیری و زندانی شدن مردم. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; و اما آزادی بازارها؟- از آغاز سال 1975 قیمت شیر در شیلی «آزاد»اعلام شد. نتیجۀ این اقدام طولی نکشید که ظهور کرد. دو شرکت بر بازارها مسلط شدند. قیمت شیر بلافاصله برای مصرف‌کنندگان 40 درصد افزایش یافت، در حالی که برای تولیدکنندگان 22 درصد پائین آمد!&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
مرگ‌ومیر کودکان، که در دورۀ حکومت&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اتحاد خلق&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; به‌میزان قابل توجهی پائین آمده بود، پس از به‌قدرت رسیدن&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پینوشه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; جهشی چشمگیر یافت. هنگامی که&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;لته‌لی‌یر&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; در یکی از خیابان‌های&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;واشینگتن&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; به‌قتل رسید، یک چهارم مردم شیلی هیچ درآمدی نداشتند اما یا به‌لطف صدقه‌های خیرخواهانۀ مردم کشورهای دیگر یا به‌علت سرسختی خود و بخورنمیری که به‌نحوی به‌دست می‌آوردند زنده ماندند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
شکافی که در آمریکای لاتین میان بهزیستی گروهی اندک و تیره‌روزی اکثریت مردم وجود دارد بسی عمیق‌تر از شکافی است که در اروپا یا ایالات متحده میان این دو طبقه دیده می‌شود. در نتیجۀ روش‌هائی هم که برای حفظ این شکاف لازم است وحشیانه‌تر است. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;برزیل&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; دارای ارتشی عظیم و کاملاً مجهز است، اما تنها پنج درصد بودجۀ کشور صرف آموزش و پرورش می‌شود. در&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اوروگوئه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; نیمی از بودجۀ کشور در حال حاضر به‌نیروهای مسلح و پلیس اختصاص دارد. یک پنجم جمعیت فعال کشور از راه جاسوسی و تعقیب یا مجازات دیگران زندگی می‌کنند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
بدون تردید یکی از مهم‌ترین رویدادهای این دهه، در سرزمین‌های ما، سرگذشت غمبارِ شورش نظامی در شیلی بود که در یازدهم سپتامبر، دولت دموکرات &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سالوادور آلنده&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; را واژگون کرد و کشور را در حمام خون غوطه داد.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اندکی پیش از آن، در ماه ژوئن، کودتائی در &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اوروگوئه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; پارلمان را منحل کرد، اتحادیه‌های کارگری را غیرقانونی شناخت و هرگونه فعالیت سیاسی را ممنوع اعلام داشت. {{نشان|5}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در ماه مارس 1976، ژنرال‌های&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;آرژانتین&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; به‌قدرت بازگشتند: دولت بیوۀ &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;خوآن دومینگو پرون&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;       &lt;br /&gt;
که از درون فاسد شده بود بدون ماتم و بدون سرافرازی فرو ریخت.Juan Domingo Peron&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
این سه کشور جنوبی آمریکای لاتین، اکنون، جراحتی بر پیکر دنیا هستند و منبع دائمی اخبار بد. شکنجه، آدم‌ربائی، آدمکشی، و تبعید اجباری، رسمِ روز شده است. آیا این دیکتاتوری‌ها غدّه‌هائی هستند که باید از ساز واره‌های سالم درآورده شوند یا دمل‌های چرکینی که عفونت نظام حاکم را آشکار می‌کنند؟&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
به‌اعتقاد من، همیشه رابطه‌ئی نزدیک میان شدت تهدید و وحشیانه بودن پاسخ و واکنش وجود دارد. آن چه امروز در&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;برزیل&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; و&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بولیویا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; اتفاق می‌افتد، به‌گمان من، بدون آن که تجربۀ رژیم‌های &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;خوائو   (رئیس جمهوری برزیل، 64-1961)و &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;خوآن خوزه تورس) (رئیس جمهوری  Joao Goulartگولار&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; &lt;br /&gt;
بولیویا، 71-1970)را به‌خاطر آوریم قابل درک نیست. این دولت‌ها، پیش از سقوط، یک رشته اصلاحات اجتماعی انجام داده یک سیاست اقتصادی ناسیونالیستی را به‌مرحلۀ اجرا در آورده بودند که فرایند آن در سال&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; 1964&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; در&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;برزیل&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; و در سال&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;1971&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; در&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بولیویا &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; متوقف شد. همین طور هم، می‌توان گفت که شیلی، آرژانتین و اوروگوئه کفارۀ گناه امید را می‌دهند. رشته تغییرات عمیق و بنیادین دولت &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;آلنده&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;؛ پرچم‌های عدالتی که در زمان دولت کم دوام &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;هکتور کامپورا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، در سال&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;1973&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، به‌اهتزاز درآمد و توده‌های کارگران آرژانتین را تجهیز و بسیج کرد؛ و سیاسی شدن پرشتاب جوانان اوروگوئه؛ این همه، مبارزه‌طلبی‌هائی بود که نظام حاکم بی‌قدرت و بحران‌زده نمی‌توانست تحمل کند. گاز تند آزادی نشان داد که برای اشباح خطرناک است و آن‌ها را به‌آتش می‌کشد، و گارد ویژه فراخوانده شد تا نظم را برقرار کند. عملیات پاک‌سازی، در واقع طرحی برای انهدام و نابودی است.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
8)&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
پرونده‌های کنگرۀ ایالات متحده اغلب دارای مدارک غیرقابل انکاری دربارۀ مداخلات در آمریکای لاتین است. جوهرسوزان گناه، در اعترافات &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;امپراتوری جهانی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، وجدان‌ها را به‌درد می‌آورد و آن‌ها را تطهیر می‌کند. به‌طور مثال در این اواخر، در سوانح گوناگونی که پیش آمده، پذیرش رسمی مسؤولیت از طرف ایالات متحده چندین برابر شده است. اعترافات علنی بسیار، از جمله ثابت کرده‌اند که دولت ایالات متحده از راه رشوه، جاسوسی، و باج سبیل، در امور سیاسی شیلی شرکت مستقیم داشته است. طرح اصلی جنایت در &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;واشینگتن&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ریخته شد. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;کیسینجر&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;و دستگاه‌های جاسوسی، از سال&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;1970&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;نقشۀ سقوط &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;آلنده&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;را آماده کردند. میلیون‌ها دلار در میان دشمنان دولت قانونی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اتحاد خلق&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;توزیع شد. و به‌این ترتیب بود که، به‌طور مثال، کامیون‌داران توانستند اعتصاب طولانی خود را (که در سال&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; 1973 &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;قسمت مهمی از اقتصاد &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;شیلی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; را فلج کرد)ادامه دهند. یقین داشتن به‌این که کیفری در کار نیست زبان‌ها را باز می‌کند. در زمان کودتای ضد &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;گولار&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، سفارت ایالات متحده در&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;برزیل&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; بزرگترین سفارتخانۀ آن کشور در دنیا بود. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;لینکلن گوردون&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; که در آن زمان سفیرکبیر آمریکا بود، سه سال بعد به‌خبرنگاری اعتراف کرد که دولت او مدت‌ها به‌نیروهائی که با اصلاحات مخالفت می‌کردند کمک مالی می‌کرده است! -&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;گوردون&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; گفته بود: «چنین کاری کم و بیش در آن روزها عادی بود... &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سیا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;به‌توزیع و تقسیم وجوه سیاسی عادت کرده بود.»{{نشان|6}}در همان مصاحبه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;گوردون&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; توضیح داده بود که در روزهای کودتا،&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پنتاگون&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; یک ناو هواپیمابر بزرگ و چهار کشتی نفت‌کش به‌نزدیکی‌های سواحل برزیل فرستاده بود «که شاید نیروهای ضد&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;گولار&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; خواستار پشتیبانی ما باشند»و افزوده بود: «این پشتیبانی قرار نبود تنها برای تقویت روحیه باشد؛ بلکه، آماده بودیم مواد مورد نیاز، تدارکات، اسلحه، و نفت هم بدهیم.»&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
از زمانی که پرزیدنت&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;جیمی کارتر&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; سیاست حقوق بشر را آغاز کرد، برای رژیم‌های آمریکای لاتین- که در درجۀ اول با مداخله و کمک آمریکای شمالی به‌مردم این منطقه تحمیل شده‌اند- عادت شده است که بر ضد مداخلات آمریکای شمالی در امور داخلی خود اعلامیه‌هائی تهیه و تنظیم کنند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
کنگرۀ ایالات متحده در سال 1976 و 1977 تصمیم گرفت کمک‌های اقتصادی و نظامی به‌کشورهای مختلف را معلق نگه دارد. اما به‌هر حال قسمت اعظم کمک‌های خارجی ایالات متحده از صافی کنگره نمی‌گذرد. بدین‌سان، با وجود اعلامیه‌ها و تصمیمات و اعتراضات، رژیم ژنرال&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پینوشه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;در سال &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;1976،290 &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; میلیون دلار بدون تصویب «قوۀ قانونگذاری آمریکا» به‌صورت کمک از آن کشور  &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;- دیکتاتور آرژانتین- پس از آن که نخستین سال عمر خود را Videlaدریافت کرد رژیم ژنرال&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ویدِلا  &lt;br /&gt;
پشت سر گذاشت 500 میلیون دلار از بانک‌های خصوصی آمریکای شمالی و 415 میلیون دلار از دو مؤسسۀ بانک جهانی و &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بانک توسعۀ اینتر امریکن&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; که ایلات متحده نفوذ قاطعی در آن‌ها دارد دریافت کرد. حق برداشت ویژۀ آرژانتین از&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;صندوق بین‌المللی پول&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; که در سال 1975 بالغ بر 67 میلیون دلار بود دو سال بعد به 700 میلیون دلار افزایش یافت. نگرانی پرزیدنت &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;کارتر&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; از قصابی‌هائی که در پاره‌ئی از کشورهای آمریکای لاتین می‌شود بی‌فایده نیست، اما دیکتاتورهای کنونی هم خودآموز نبوده‌اند: آن‌ها فنون و هنر حکومت کردن را در کلاس‌های درس &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پنتاگون&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; در آمریکا و منطقۀ کانال&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پاناما&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; فراگرفته‌اند. این دوره‌های درسی هنوز هم ادامه دارد و تا آنجا که معلوم است محتوایشان ذره‌ئی تغییر نیافته. مردان نظامی آمریکای لاتین که امروزه مایۀ رسوائی ایالت متحده شده‌اند، شاگردان خوبی بوده‌اند. چهار سال پیش، هنگامی که&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;رابرت مک نامارا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;- رئیس کنونی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بانک جهانی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;- وزیر دفاع آمریکا بود گفته بود: «این‌ها رهبران جدیدند. ضرورتی ندارد که من دربارۀ ارزشِ وجود چنین مردانی در مقام رهبری که از پیش می‌دانند ما آمریکائی‌ها چگونه فکر و کار می‌کنیم، توضیح بیش‌تری بدهم. دوستی با چنین مردانی سخت پرارزش است.: {{نشان|7}}آیا کسانی که ما را &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;افلیج&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; کرده‌اند صندلی چرخدار به‌مان می‌دهند؟&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
9)&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اسقف‌های فرانسه دربارۀ نوع دیگری از مسؤلیت سخن می‌گویند که عمیق‌تر و غیرقابل رؤیت‌تر است: «ما که تعلق به‌ملت‌هائی داریم که ادعا می‌کنند پیشرفته‌ترین ملل عالمند، جزئی هستیم از کسانی که از استثمار کشورهای در حال توسعۀ استفاده می‌کنند. ما درد و رنجی را که این عمل در روح و جسم ملت‌ها به‌وجود می‌آورد نمی‌بینیم. ما تقسیم کنونی دنیا را که در آن تسلط دارا برندار و توانا بر ناتوان چشمگیر است، بیش‌تر تقویت می‌کنیم. آیا ما میدانیم که حیف و میل منابع و مواد خام از سوی ما، بدون کنترل بازرگانی بین‌المللی از طرف کشورهای غربی، امکان پذیر نیست؟ آیا ما نمی‌بینیم چه کسانی از دادوستد اسلحه استفاده می‌کنند، و کشور خود ما نمونه‌های غمباری از این سلاح‌ها را تهیه می‌کند؟ آیا ما حتی درک می‌کنیم که نظامی شدن رژیم کشورهای فقیر یکی از نتایج تسلط اقتصادی و فرهنگی است که از طرف کشورهای صنعتی اعمال می‌شود، که در آن‌ها میل شدید به‌سود بردن و قدرت پول حاکم بر زندگی است؟» {{نشان|8}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
دیکتاتورها، شکنجه‌گران، بازجویان عقیده، و ترس و وحشت هم مانند ادارات پست و بانک‌ها، کارگزاران خودش را دارد، و به‌کار بسته می‌شود چون که ضروری می‌نماید. و مسألۀ توطئۀ آدمیان پلید و اهریمنی در میان نیست. ژنرال&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پینوشه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; ممکن است شبیه یکی از اشخاص «نقاشی‌های    [نقاش برجستۀ اسپانیائی (1828-1746)]باشد، ولیمه‌ئی برای روانکاوان یا وارثِGoyaسیاه»&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;گویا &lt;br /&gt;
سنتی بیرحمانه از جمهوری‌های موز، اما خصوصیات کلینیکی یا فولکلوری چنین یا چنان دیکتاتوری فقط چاشنی تاریخ است نه خود تاریخ چه کسی امروز می‌تواند ادعا کند که جنگ جهانی اول به‌علت عقیدۀ&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;قیصر ویلهلم&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; که یک دستش کوتاه‌تر از دست دیگر بود آغاز شد؟ &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;برتولت برشت&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; در اواخر سال1940 در یادداشت‌های روزانۀ خود چنین نوشته است: «در کشورهای دموکراتیک خصوصیت خشونتی که اقتصاد دارد پنهان می‌ماند؛ در کشورهای استبدادی خصوصیت اقتصادی خشونت آشکار نمی‌شود.»&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در کشورهای جنوبی آمریکای لاتین فرماندهان نظامی قدرت را به‌دست گرفته‌اند تا نقشی را برای نظام حاکم ایفا کنند، یعنی هنگامی که طبقات حاکم دیگر نمی‌توانند از هیچ راه دیگری امور دادوستد خود را انجام دهند تروریسم دولتی را مستقر می‌کنند. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;در کشورهای ما اگر شکنجه با کارآمدی انجام نگیرد وجود نخواهد داشت؛ و دموکراسی، رسمی پایدار می‌ماند اگر تضمین شود که از کنترل صاحبان قدرت درنخواهد آمد. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; در زمان‌های سخت و دشوار، دموکراسی جنایتی بر ضدامنیت ملی شناخته می‌شود- یا شاید جنایتی بر ضدامنیت امتیاز ویژۀ داخلی و سرمایه‌گذاری‌های خارجی. دستگاه‌های ما برای ریزریز کردن گوشت انسانی به‌چرخ دنده‌های مکانیسمی بین‌المللی وصل شده‌اند. سراسر جامعۀ ما نظامی شده است. حالت استثنائی دائمی می‌شود و دستگاه زور و فشار به‌مجرد آن که از سوی مرکز نظام امپریالیستی پیچ و مهره‌ئی سفت می‌شود، مسلط می‌گردد. هنگامی که سایۀ بحران از کمین‌گاه دیده می‌شود، ضرورت پیدا می‌کند که غارت و چپاول کشورهای فقیر افزایش یابد تا اشتغال کامل، آزادی‌های مدنی، و نرخ‌های بالای توسعه را در کشورهای دارا تضمین کند. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;رابطۀ قربانی و دژخیم، دیالکتیک منحوسی است: ساختاری از خفت‌ها و خواری‌های پی‌در‌پی وجود دارد که از بازارهای بین‌المللی و مراکز مالی آغاز می‌شود و به‌خانۀ هر شهروندی پایان می‌یابد. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
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&lt;br /&gt;
&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;هائیتی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; ندارترین کشور نیمکرۀ غربی است. در آن جا تعداد شویندگان پا از واکسی‌ها بیش‌تر است: کودکانی برای یک سکۀ پول پای مشتریان پا برهنه را که کفشی ندارند تا واکس بخورد می‌شویند. متوسط عمر مردم&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;هائیتی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، اندکی بیش از سی سال است. از هر ده نفر، نه نفر خواندن و نوشتن نمی‌دانند. در&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;هائیتی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، دامنۀ کوهستان‌های ناهموار برای مصرف داخلی کشت و زرع می‌شود و دره‌های حاصلخیز برای صادرات. بهترین زمین‌ها برای کشت قهوه، نی‌شکر، کاکائو و فرآورده‌های دیگری که مورد نیاز بازارهای آمریکای شمالی تخصیص یافته. در&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;هائیتی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; کسی &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بیس‌بال&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; بازی نمی‌کند، اما&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;هائیتی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; بزرگترین تولیدکنندۀ توپ مخصوص این بازی در سراسر دنیاست. کارگاه‌هائی که در آن‌ها کودکان با روزی یک دلار مزد کالاهای الکترونی و کاسِت مونتاژ می‌کنند  کم نیست. این فرآورده‌ها طبیعتاً صادراتی هستند؛ و طبیعتاً سود حاصل از آن‌ها نیز، پس از کسر کردن سهم مدیران ترس و وحشت، صادر می‌شود. در &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;هائیتی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; کوچکترین ظنّ اعتراض، مجازاتِ زندان یا مرگ دارد. حقوق و دستمزد کارگران&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;هائیتی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، هر چند که ممکن است باورکردنی به‌نظر نیاید، بین سال‌های 1971 و 1975 یک چهارمِ ارزش واقعیِ بسیار پائین خود را از دست داد. و این نکته واجد اهمیت است که طی این دوره، جریان تازه‌ئی از سرمایۀ آمریکا وارد&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;هائیتی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; شد!&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سرمقالۀ یکی دو سال پیشِ یکی لز روزنامه‌های&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بوئنوس آیرس&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; به‌خاطرم می‌آید. روزنامه‌ئی محافظه‌کار و قدیمی، سخت برآشفته بود که چرا در یک سند بین‌المللی، آرژانتین را کشوری کم توسعه و وابسته قلمداد کرده‌اند. چگونه یک جامعۀ با فرهنگ، اروپائی، دارای رونق اقتصادی، و سفید را می‌توان با معیارهای کشوری فقیر و سیاه مانند&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;هائیتی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; سنجید؟&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
تردیدی نیست که تفاوت‌ها بسیار زیاد است هرچند که ارتباطی با مقولۀ تحلیل سخنگوی متنفذان&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بوئنوس آیرس&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ندارد. با وصف این، با تمام ناهمانندی‌ها و تضادهائی که ممکن است وجود داشته باشد، آرژانتین از دورِ باطلی که اقتصاد آمریکای لاتین را کلاً خفه می‌کند رهائی ندارد و هیچ کوششِ دفع شرِ روشنفکرانه‌ئی نمی‌تواند آن را از واقعیتی که، کم یا زیاد، وجه مشترک همۀ کشورهای منطقه است جدا کند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
Papa Doc Duvalierروی‌هم رفته کشتارهای ژنرال &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ویدِلا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; متمدنانه‌تر از کشتارهای&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;«پاپادوک»دووالیه&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; [رئیس جمهور هائیتی، 71-1957]. یا وارث اریکۀ اونیست، هرچند که در آرژانتین زور و فشار ممکن است در سطح تکنولوژیکی بالاتری باشد. هر دو رژیم دیکتاتوری ضرورتاً در خدمت هدفی همانندند: &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;عرضۀ نیروی کاری ارزان به‌بازاری بین‌المللی که تقاضای فرآورده‌های ارزان دارد. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
دیکتاتوری &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;ویدِلا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;، هنوز قدرت را کاملاً در دست نگرفته بود که به‌سرعت اعتصابات را ممنوع کرد و در همان زمان که با سخت‌گیری شدیدی دستمزدها را ثابت نگاه می‌داشت با صدور تصویب‌نامه‌ئی قیمت‌ها را آزاد اعلام کرد. پنچ ماه پس از کودتا، قانون جدید سرمایه‌گذاری خارجی، شرکت‌های داخلی و خارجی را در وضعی همانند قرار داد. بدین‌سان، رقابت آزاد به‌وضع نامساعدِ غیرعادلانه‌ئی که بعضی از شرکت‌های داخلی و محلی داشتند پایان بخشید: &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;جنرال موتورز&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; بیچاره را مثل می‌زنم که حجم فروش جهانیش، به‌تنهائی به همۀ تولید ناخالص ملی &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;آرژانتین&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; برابر است!- اکنون خروج سود سرمایه‌ها از کشور، و باز پس فرستادن اصل پول‌های سرمایه‌گذاری شده نیز، صرف‌نظر از پاره‌ئی محدودیت‌هائی ناچیز، آزاد شده است.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در پایان نخستین سالی که از عمر رژیم گذشت، ارزش واقعی دستمزدها به‌چهل درصد کاهش یافت. این   Rudolfo Walshشاهکار، از طریق اعمال هراس و وحشت انجام گرفته بود. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;رودولفو والش &lt;br /&gt;
نویسنده، در نامۀ سرگشاده‌ئی رژیم را متهم می‌کند که: «پانزده هزار نفر ناپدید، ده هزار نفر زندانی،چهار هزار نفر مقتول، و ده‌ها هزار نر تبعیدی ارقام خام این نظام خوف و وحشت است.»- والش&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; این نامه را در 29 مارس 1977 برای رهبران سه گانۀ شورای نظامی فرستاد و خود او در همان روز ربوده شد و دیگر اثری از او به‌دست نیامده.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
11)&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
منابع موثق تأیید می‌کنند که از «سرمایه‌گذاری»های جدیدِ مستقیمِ خارجی در آمریکای لاتین، در واقع تنها مبالغ بسیار ناچیزی از کشور سرمایه‌گذار اصلی می‌آید: بنابر گزارشی که وزارت بازرگانی ایالات متحده منتشر کرده {{نشان|10}}تنها 12 درصد از وجوه سرمایه‌گذاری شده در خارج، از آمریکا خارج شده است. 22 درصد دیگر این به‌اصطلاح «سرمایه‌گذاری»ها مستقیماً از محل درآمدهائی تأمین شده که در خود آمریکای لاتین به‌دست آمده، و 66درصد بقیه را منابع اعتباری داخلی آن کشورها یا اعتبارات بین‌المللی پرداخت کرده‌اند!- همین نسبت‌ها در مورد سرمایه‌گذاری‌های ممالک اروپائی و ژاپن نیز مصداق دارد؛ و مخصوصاً باید به خاطر داشت که قسمت اعظم این 12 درصد «سرمایه‌گذاری»هم که مثلاً از دفاتر مرکزی این شرکت‌ها می‌آید نقدینه نیست بلکه ارزش اظهارشدۀ ماشین‌آلات فرسوده‌ئی است که منتقل کرده‌اند یا بهای دلخواهی است که شرکت‌های استعماری بابت دانش فنی، حق امتیاز و یا سرقفلی انگ و علامت تجاری خود تحمیل می‌کنند و به‌حساب می‌گذارند. بنابراین، شرکت‌های چند ملیتی، نه تنها اعتبارات داخلی کشورهائی را که در آن به‌فعالیت می‌پردازند در برابر سهم سرمایۀ مشکوکی می‌ربایند، بلکه فراتر از این، مطالبات ماوراء دریاهای خود را نیز چند برابر می‌کنند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
دیون خارجی کشورهای آمریکای لاتین در سال 1975 نزدیک به‌سه برابر بیش‌تر از سال 1969 بود {{نشان|11}}&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;برزیل، مکزیک، شیلی و اوروگوئه،&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; در سال 1975 نزدیک&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;به‌نیمی از درآمدهای صادراتی خود را به‌پرداخت استهلاک و بهرۀ دیون و به‌پرداخت&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سود شرکت‌های خارجی که در این کشورها استقرار یافته‌اند اختصاص دادند. در همان سال، بازپرداخت دیون و پرداخت سود، 55 درصد صادرات&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پاناما&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;و 60 درصد صادرات &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;پرو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; را بلعید. {{نشان|12}}در سال 1969 هر فرد&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بولیویائی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;137 دلار به‌خارج مقروض بود، و در سال 1977 ای قرض به 483 دلار رسید!- مردم &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بولیویا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; هرگز در این امر مورد مشورت قرار نگرفته‌اند و هرگز یک پاپاسی این قروضی را که هم چون حلقۀ طناب‌دار به‌گردنشان افتاده است ندیده‌اند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در چند کشور آمریکای لاتین که هنوز محض خالی نبودن عریضه در آن‌ها انتخاباتی انجام می‌گیرد، نام  [یکی از بزرگ‌ترین بانک‌های ایالات متحدۀ آمریکا]به‌عنوان نامزدCity Bank&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سیتی‌بَنک&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;                &lt;br /&gt;
انتخابات»در هیچ کدام از فهرست‌های انتخاباتی دیده نمی‌شود، و نام هیچ یک از ژنرال‌های دیکتاتور هم «صندوق بین‌المللی پول»نیست. اما کدام وجدان است که حکم صادر می‌کند و چه دستی است که آن احکام را به‌اجرا درمی‌آورد؟ آن که وام می‌دهد فرمان نیز می‌راند. برای بازپرداخت وام، باید صادرات افزون شود، و نیز باید صادرات افزون شود تا پول واردات را بتوان پرداخت و خون‌ریزی بهره‌ها و&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;حق امتیازهائی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; را که شرکت‌های خارجی به‌دفاتر مرکزی‌شان می‌فرستند جبران بتوان کرد. افزایش صادرات که عواید واقعی آن به‌تدریج کم و کم‌تر می‌شود دستمزدها را به‌حد بخورو نمیر کاهش می‌دهد. فقر جمعی، که به‌عنوان کلید موفقیت اقتصادی در اختیار منافع خارجی گذاشته شده است از رشد بازارهای مصرف داخلی که برای استقرار و حفظ یک توسعۀ موزون اقتصادی ضروری است جلوگیری می‌کند. کشورهای ما اندک‌اندک صدای خود را از دست می‌دهند و به‌پژواک مبّدل می‌شوند. به‌دیگران وابستگی پیدا می‌کنند و تا زمانی که پاسخگوی نیازهای دیگران باشند هستی‌شان تأمین می‌ماند. از سوی دیگر، سر و صورتی تازه دادن به‌اقتصادی که در خدمت تقاضاهای خارج است باز هم ما را به‌همان وضع نداشتن آزادی عمل بازمی‌گرداند: دروازه‌ها را به‌روی غارت و چپاول انحصارات خارجی باز می‌کند و وامی‌داردمان که برای گرفتن وام از&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بانک جهانی&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; به‌قراردادهای بزرگ‌ترین دیگری تن دهیم. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;دور باطل کامل می شود: وام خارجی و سرمایه‌گذاری خارجی افزایش صادراتی را ایجاب می‌کند که خود وام‌دهندگان به‌طور مداوم مشغول بلعیدین آنند. و این کار البته با مسالمت امکان‌پذیر نیست. کارگران آمریکای لاتین برای آن که نقش خود را به‌عنوان گروگان‌های کامکاری خارجیان بپذیرند باید زندانی باقی بمانند؛ چه این سوی و چه آن سوی میله‌های زندان. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
12)&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
استثمار وحشیانۀ نیروی کار یدی، با تکنولوژی پیش رفته ناسازگار نیست و در سرزمین‌های ما هرگز ناسازگار نبوده است؛ به‌عنوان مثال، گروه‌های عظیم کارگران بولیویا که ریه‌های خود را در  سرمایه‌دار Simon Ituri Patinoمعادن &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;اورورو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; از دست داده بودند. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سیمون پاتین‌یو&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;&lt;br /&gt;
بزرگ &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;بولیویائی (1947-1886) &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;مالک معادن قلع کشور خود و یکی از ثروتمندان دنیا بود و او را «سلطان قلع»می‌خواندند. در زمان او، کارگران در یک نظام بردگی مزدوری، منتها با ماشین‌آلاتی مدرن کار می‌کردند. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;سلطان قلع&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; توانسته بود بالاترین سطح تکنولوژی زمان خود را با پائین‌ترین سطح دستمزد ترکیب کند. {{نشان|13}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
فراتر از این، در زمان ما، شرکت‌های چند ملیتی مقتدر هم‌زمان با دست‌اندازی و تملک فعالیت‌های صنعتی‌ئی که با سرمایه‌های داخلی ایجاد شده تکنولوژی پیشرفته‌ترین اقتصادها را هم مورد بهره‌برداری قرار می‌دهند. اقدام به‌متمرکز کردن سرمایه، از راه «&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;آتش‌زدن&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; بیرحمانۀ سطوح &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;متروک&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; فعالیت‌های اقتصادی، که به‌طور غیرتصادفی دقیقاً دولتی هم هستند»عملی شده است. {{نشان|14}}غیر دولتی کردن سریعِ صنایع آمریکای لاتین وابستگی فزایندۀ تکنولوژی را نیز به‌همراه داشته است. تکنولوژی، که شاه کلید قدرت است، در دنیای سرمایه‌داری، در انحصار مراکز استعماری است. این تکنولوژی به‌صورت دست دوم وارد می‌شود، اما مراکز استعماری نسخه بدل‌ها را هم به‌قیمت اصل می‌فروشند. در سال &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;1970 مکزیک&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; برای وارد کردن تکنولوژی خارجی دو برابر سال 1968 پرداخت کرد. &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;برزیل&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; بین سال‌های 1965 و 1969 پرداخت‌هایش از این بابت دو برابر شد؛ و در همین دوره، افزایشی همانند در همین زمینه در&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;آرژانتین&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; نیز پدید آمد.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
انتقال تکنولوژی وام‌های سنگین خارجی را بیش‌تر می‌کند و آثار ویرانگری در بازار نیروی کار دارد. در نظامی که برای سرازیر کردن سود به‌خارج سازمان یافته است نیروی کار شرکت‌های «سنّتی»امکانات اشتغال خود را از دست می‌دهد. جزیره‌های کوچک صنایع نو، در برابر پویائی مشکوکی که در اقتصاد کشور پدید می‌آید، با کم کردن زمان کار لازم برای تولید، کارگران را قربانی می‌کنند. وجود سپاهی فزاینده و باد کرده از کارگران بیکار، به‌نوبۀ خود پائین آمدن ارزش واقعی دستمزدها را تسهیل می‌کند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
13)&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اما اکنون حتی اسناد و مدارک &amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;کمیسیون اقتصادی سازمان ملل برای آمریکای لاتین&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; هم از تقسیم مجدد نیروی کار در سطح بین‌المللی سخن می‌گویند. به‌طوری که خبرگان امیدوار اظهار نظر می‌کنند، طی چند سال آینده، آمریکای لاتین ممکن است به‌همان اندازه که امروز مواد خام و موادغذائی به‌خارج می‌فروشد، کالاهای ساخته شده صادر کند. «نابرابری دستمزدها بین کشورهای توسعه یافته و در حال توسعه- از جمله کشورهای آمریکای لاتین- ممکن است تقسیم‌بندی جدیدی از فعالیت‌ها را در میان این کشورها به‌وجود آورد و در نتیجه، به‌دلایل رقابتی، آن رشته از صنایع خود را که در آن هزینه‌های نیروی کار خیلی زیاد است جا به‌جا کنند. به‌طور مثال، هزینه‌های نیروی کار در صنعت کالاهای کارخانه‌ئی، در مکزیک یا&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039;برزیل&amp;#039;&amp;#039;&amp;#039; خیلی کم‌تر از ایالات متحده است» {{نشان|15}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
انگیزشی برای پیشرفت، یا ماجراجوئی استعمارنو؟ ماشین‌آلات الکتریکی     &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
   &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
۱۶ &lt;br /&gt;
‎ماریا کارولینا دِخه‌روس Maria Carolina de Jesus  در میان خاکروبه‌ها و لاشخورها زاده شد. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎بزرگ شد، رنج برد، سخت کار کرد؛عاشق دو مرد شد، بچه‌هائی پیدا کرد. عادت داشت که در دفترچهء یادداشت کوچکی، به خط بد، جریان کارها و ماجراهای روزانهء خود را بنویسد.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎خبرنگاری به طور تصادفی این یادداشت‌ها را خواند و ماریا کارولینا نویسندهء مشهوری شد. کتاب شهر کلبه‌ها، که خاطرات پنج سال زندگی در خومهء مثیف شهر سائوپائولو است، به سیزده زبان ترجمه و در چهل کشور خوانده شد. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎ماریا کارولینا »سیندرلای: برزیل، محصول دنیای مصرف، شهر کلبه‌ها را ترک گفت، دور دنیا سفر کرد، عکس‌ها و مصاحبه‌هایش در روزنامه‌ها چاپ شد، جوایز منتقدان را ربود، در مجالس تجیب‌زادگان مورد پدیرائی قرار گرفت و به ملاقات روسای جمهور نائل آمد. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎و سال‌ها گذشت‌... در آغاز سال ۱۹۷۷، در سپیده دم یک روز یکشنبه، ماریال کارولینا دِ خه‌زوس در میان خاکروبه‌ها و لاشخور‌ها جان سپرد. اکنون زنی را که نوشته بود: «گرسنگی دینامیت بدن انسان است. » دیگر کسی به یاد نمی‌آورد. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎او که با ته‌مانده ‌های دیگران زندگی کرده بود، به صورتی گذرا توانست یکی از برگزیدگان شود. اجازه یافت سرمیز بنشیند. اما پس از خوردن دِسِر، طلسم شکست. و در حالی که رویای او پایان می‌گرفت برزیل باز همان کشوری بود که هر روز در آن صدها گارگر در حوادث کار ناقص می‌شوند و از هر ده کودک یکه به دنیا می‌آیند، چهارتن‌شان گدا، دزد، یا شعبده باز می‌شوند. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎علیرغم آمار که تبسمی خوشبینانه دارند، هتکِ مردم پاره شده است. در نظام‌هائی که وارونه‌سازمان یافته اند، هنگامی که اقتصاد رشد می‌کند بیعدالتی اجتماعی نیز با آن رشد می‌یابد. در موفقیت‌ترین دورهء «معجزه» برزیل، میزان مرگ و میر کودکان در حومه‌های ثروتمندان شهر کشور افزایش یافت. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎رونق اقتصادی ناگهانی که صنعت نفت در اکوادور پدید آورد به جای مدرسه و بیمارستان، تلویزیون رنگی به مردم ارزانی داشت.  شهرها تا مرز انفجار از جمعیت انباشته می‌شوند. در سال ۱۹۵۰، در آمریکای لاتین شش شهر دارای جمعیتی بیش از بیک میلیون نفر بود. در سال ۱۹۸۰، تعداد آن‌ها به ۲۵ خواهد رسید ۲۱. گروه‌های عظیم کارگران، رانده شده از روستاها‌، در حاشیهء مراکز بزرگ شهری، در همان سرنوشتی سهیم می‌شوند که نظام حاگم به «تفاله‌» های جوان شهر‌نشین اختصاص داده است. در آمریکای لاتیت‌ِ فرومایگان،، شکل‌های هنرمندانهء زنده ماندن ای‌«لاشخور»ها کامل شده است. « نظام تولید، طی مدتی مدید نشان داده است که برای جذب نیروی فزاینده‌ء کار در منطقه، به ویژه در مجتمع‌های بزرگ کارگری شهرها به طرزی مشهود از این که اشتغال مولد ایجاد کند ناتوان است‌...»۲۲&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎یکی از بررسی‌های سازمان بین‌المللی کار چندی پیش نشان می‌داد که در آمریکای لاتین بیش از ۱۱۰ میلیون نفر در شرایط « فقر شدید» زندگی می‌کنتند. از این تعداد ۷۰ میلیون نفر را می‌توان بینوا نامید ۲۳. خورد و خوراک چند درصد جمعیت از جد لزوم پائین‌تر است؟ به زبان خبرگان ۴۲ درصد جمعیت برزیل، ۴۳ درصد مردم کولومبیا، ۴۹ درصد مردم هندوراس،* ۳۱ درصد مردم مکزیک، ۴۵ دردصد مردم پرو، ۲۹ درصد مردم شیلی، ۳۵ درصد مردم اکوادور‌ «درآمدی کمتر از هزینهء حداقل تغذیهء متعادل » دارند۲۴.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
۱۷&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎در سرزمین‌های ما، صنعت ترس و وحشت، مانند هر صنعت دیگر بهای گرانی به دانش فنی بیگانه می‌پردازد. تکنولوژی زور و فشار آمریکای شمالی که در چهار گوشهء کرهء زمین مورد آزمایش قرار گرفته، در مقیاسی وسیع خریداری و به کار بسته شده است. اما خلاف عدل و انصاف خواهد بود اگر در این زمینه استعدادهای خلاقه‌ئی را که در میان طبقات حاکم آمریکای لاتین وجود دارد را باز نشناسیم. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎بورژوازی‌های ما، بدون وابستگی اقتصادی‌، توان توسعه نداشتند و کوشش آن‌ها برای ایجاد صنعتی ملی حالت پریدن مرغ خانگی را پیدا کرد: پروازی کم اوج و کوتاه. در جریان فرایند تاریخی ما، خداوندان قدرت نیز در فقدان تحلیل سیاسی و سترون بودن فرهنگی خود شواهد کافی ارائه کرده‌اند. اما در عوض، استقرار دستگاه عظیم ترس را ترتیب داده در فن نابود سازی انسان‌ها و اندیشه‌ها ابداعاتی هم داشته‌اند. تجربهء تازهء کشورهای منطقهء ریو ده لاپلاتا Rio de la Plata  چمصب بزرگی که بین دو کشور اوروگوئه و آرژانتین قرار گرفته است در این زمینه بسیار روشنگر است. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎افسران آرژانتینی، هنگامی که قدرت را به‌دست گرفتند هشدار دادند که: «وظیفهء گندزدائی ما، مدتی به درازا خواهد کشید!» - طبقات حاکم در اوروگوئه و آرژانتین پی در پی از نیروهای مسلح خواسته‌اند نیروهای خواستار دگرگونی را در هم شکنند و ریشه‌شان را براندازند، نظام امتیازات ویژهء داخلی را استوار کنند و شرایط اقتصادی و سیاسی‌ئی به وجود آورند که جلب کنندهء سرمایه‌های خارجی باشد: پاک‌سازی سرزمین، نظم در کشور، و نیروی کار ارزان و فرمانبر و مردم کشور بلافاصله مبدل به دشمن داخلی شدند. هرگونه نشانهء زندگی، اعتراض، یا تردید ساده، از دیدگاه اصول‌ِ نظامی‌ِ امنیت‌ِ ملی تهدیدی خطرناک به شمار می‌آید. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎بدین‌ سان ، مکانیسم‌های پیچیده‌ئی برای پیشگیری و مجازات تهیه و تنظیم شده است. در زیر این ظواهر منطقی ژرف نهفته است: برای آن که بتوان با کارآمدی عمل کرد، زور و فشار باید مطلق باشد. جز نفس کشیدن، هر فعالیت دیگر انسانی جنایتی به شمار می‌آید. در اوروگوئه، شکنجه به مثابهء  اصلی در امر بازجوئی به کار برده می‌شود: هر کسی ممکن است قربانی آن شود، نه فقط کسانی که مظنون یا مرتکب اقدامات مخالفت آمیزند و بدین طریق هراس از شکنجه، همچون گازی فلج کننده که به خانه‌ئی راه می‌یابد و در روح هر شهروندی ریشه می‌ند، در میان همهء شهروندان پراکنده می‌شود. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎شکار انسان در شیلی ۳۰ هزار کشته بر جای گذاشته است، اما در آرژانتین کسی را تیرباران نمی‌کنند: بل‌که اشخاص مورد‌نظر را به سادگی می‌ربایند. قربانیان ناپدید می‌شوند. سپاهیان ناپیدای شب، وظیفه را انجام می‌دهند. دیگر نه جسدی در میان است نه این که کسی گناهکار و مسئول شناخته می‌شود. بدین سان، کشتار- که همیشه غیر رسمی است، و نه رسمی - بدون این که کم ترین مجازاتی در کار باشد انجام می‌گیرد، و بدین طریق نگرانی جمعی بازتابی شدیدتر پیدا می‌کند. کسی حساب پس نمی‌دهد، کسی توضیح نمی‌دهد. هر جنایتی تردیدی‌ است دردناک برای کسانی که به قربانی نزدیکند، و نیز هشداری است برای دیگران. تروریسم دولتی‌، مردم کشور را از طریق ترس فلح می‌کند. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎در اوروگوئه برای پیدا کردن کار یا از دست ندادن آن، لازم که انسان مورد التفات مقامات نظامی باشد. در کشوری که پیدا کردن کار در خارج از مراکز پلیس و سربازخانه‌ها بسیار دشوار است. این ضرورت، تنها باعث آن نشده است از ۳۰۰ هزار شهروندانی که دست چپی شناخته شده‌اند تعداد زیادی از کشور خارج شوند، بل این فایده را هم داشته است که  ماندگارها را به شدت مورد تهدید قرار دهد. برای روزنامه‌های مونته‌ویده‌ئو چاپ توبه‌نامه‌ها و آگهی‌های شهروندانی که از راه احتیاط بر سینهء خویش می‌کوبند که‌ «من نیستم‌، هیچ وقت نبوده‌ام‌، و هرگز هم نخواهم بود‌» امری بسیار عادی شده است. &lt;br /&gt;
‎در آرژانتین دیگرلازم نیست کتابی را با صدور اخطاریه‌ئی ویژه ممنوع اعلام کنند. قانون جزای جدید‌، نویسنده‌ و ناشر هر کتابی را که «مخرب» شناخته مانند گذشته مجازات می‌کند. ولی فراتر از این‌، صاحب چاپخانه را هم به مجازات می‌رساند تا کسی جرات نکند متنی را که تنها احتمال می‌رود مورد سوءظن باشد چاپ کند؛ و در صورتی که این هم کافی به نظر نیاید خواننده را نیز مجازات می کند تا کسی جرات خواندان آن را هم به خود ندهد چه رسد به این که از آن برای خودش اساس عقیده‌ئی هم بتراشد! بدین سان با مصرف کننده‌ء کتاب همان رفتاری می‌شود که برای مصرف کننده‌ء داروهای مخدر پیش‌بینی کرده است ۲۵. در این طرح جامعهء کرولال، هر شهروندی باید « مفتش عقیده‌ء» خود شود. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎در اوروگوئه، لو ندادن همسایه جرم به شمار می‌آید. دانشجویان هنگام ورود به دانشگاه سوگند‌نامه‌ئی امضا می‌کنند که هر که را در محوطهء دانشگاه دست به «هر گونه فعالیتی نامرتبط با درس خواندن‌» بزند معرفی خواهندکرد. بدین سان دانشجو خود را در هر ماجرائی که تاحتمالا در حضور وی اتفاق افتد مسوول می‌کند. در این طرح جامعهء کسانی که خوابیده راه می‌روند، هر شهروندی باید پلیس خود و دیگران باشد. به هر حال، این نظام به راستی غیرقابل اعتماد است. در اوروگوئه تعداد افراد پلیس و سربازان به صد هزار نفر می‌رسد، ولی تعداد خبرچین‌ها نیز صدهزار نفر است. جاسوسان در خیابان‌ها، کافه ها و اتوبوس‌ها، در کارخانه‌ها و دبیرستان‌ها، در ادارات و در ادانشگاه به کار مشغولند. هر کس به صدای بلند زبان به شکایت بگشاید که زندگی سخت و گران است بی‌گمان گذارش به زندان خواهد افتاد زیرا « جرمی بر ضد روحیه‌ء نیروهای مسلح‌» مرتکب شده است که سزای آن سه تا شش سال زندان است. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
۱۸&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎در رفراندوم ماه ژانویه ۱۹۷۸، رای آری برای دیکتاتوری پینوشه را با علامت صلیبی زیر پرچم شیلی مشخص کرده بودند، و رای نه را زیر مستطیلی سیاه. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎نظام حاکم می‌خواهد با کشور یکی پنداشته شود. نظام حاکم، خودِ کشور است. این‌، محتوای تبلیغات رسمی است که مردم شب و روز با آن بمباران می‌شوند. دشمن‌ِ نظام‌ِ حاکم، خاٍن وبه سرزمین‌ِ اجدادی به حساب می‌آید. گواه‌ِ حدودِ خشم و نفرت مردم از بی‌عدالتی و آرزوی تغییر و دگرگونی‌، فرار از کشور است. در بسیاری از کشورهای آمریکای لاتین کسانی که به آن سوی مرزها تبعید نشده‌اند از تبعید در داخل سرزمین خود رنج می‌برند. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎اما در همان هنگامی که پینوشه پیروزی خود را جشن گرفته بود، رژیم دیکتاتوری او اعتصاباتی را که علی‌رغم حکومت ترس و وحشت در سراسر شیلی برپا می‌شد «غیبتِ دست جمعی‌ِ کارگران‌» نام گذاشته بود. اکثریت کسانی که در آرژانتین ربوده یا ناپدید شده‌اند کارگرانی هستند که به فعالیت‌های اتحاديهء کارگری پرداخته بودند. در تخیلات پایان‌ناپدیر مردم‌، پیوسته شکل‌های جدیدی از مبارزه بارور می‌شود: کم‌کاری و عدم همکاری و همبستگی‌، راه‌های تازه‌ئی برای رهائی از ترس کشف می‌کند. بسیاری از اعتصابات همکانی آژانتین‌، در سال ۱۹۷۷ روی داد که خطر از دست دادن زندگی از خطر از دست دادن کار و شغل کم‌تر نبود. قدرت واکنش نشان دادن طبقه‌ء کارگرِ سازمان یافته و دارای سنت طولانی مبارزه را نمی‌توان با یک نوشته از میان برد. در ماه مه همان سال‌، هنگامی که دیکتاتوری اوروگوئه ترازنامهء برنامه‌های شست و شوی مغزی و اخته سازی دست جمعی خود را تنظیم می‌کرد مجبور شد اعتراف کند که « هنوز سی و هفت درصد شهروندان کشور به سیاست علاقه‌مند هستند.»۲۶&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎ما در این سرزمین ها با کودکی‌ِ وحشیانهء سرمایه‌داری روبه‌رو نیستیم‌، بلکه فرتوتی‌ِ خونبار آن را مشاهده می‌کنیم. کم توسعگی مرحله‌ئی از توسعه نیست‌، بلکه منتجهء آن است. کم توسعگی آمریکای لاتین ناشی از توسعهء بیگانگان است و هنوز هم به آن سوخت می رساند. نظام حاکم که به علت نقش بندگی‌ِ بین‌المللی خود ناتوان و از لحظهء تولد در حال احتضار است پایش در گل است. خود را به طور مسلم سرنوشت کشور می‌پندارد و می‌خواهد که ابدمدت انگاشته شود. هرگونه خاطره‌ئی خرابکار است، زیرا که متفاوت است‌؛ هم‌چنین هر طرح ناظر به آینده‌ئی این اژدهای خواب آلود را وادار می‌کند که بدون نمک غذا بخورد: نمک خطرناک است، ممکن است بیدارش کند. نمونهء بارز نظام حاکم را که در جامعهء ساکن‌ِ مورچگان می‌توان دید. به همچنین دلیل هر قدر هم که دگرگونی پیدا کند با تاریخ بشری سازگار نیست، چرا که در تاریخ بشری، هر اقدام ویرانگرانه‌ئی دیر یا زود با اقدامی خلاق پاسخ خواهد گرفت. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
‎بارسلون - آوریل ۱۹۷۸ &lt;br /&gt;
‎ترجمهء رامین شهروند &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
   &lt;br /&gt;
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     &lt;br /&gt;
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&lt;br /&gt;
[[رده:کتاب جمعه ۱۳]]&lt;br /&gt;
[[رده:کتاب جمعه]]&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Pouya</name></author>
	</entry>
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		<title>کِرمی در اُرکستر</title>
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		<updated>2011-08-17T20:51:48Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;Pouya: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[Image:13-048.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۴۸|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۴۸]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-049.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۴۹|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۴۹]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-050.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۵۰|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۵۰]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-051.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۵۱|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۵۱]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-052.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۵۲|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۵۲]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-053.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۵۳|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۵۳]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-054.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۵۴|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۵۴]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-055.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۵۵|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۵۵]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-056.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۵۶|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۵۶]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-057.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۵۷|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۵۷]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-058.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۵۸|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۵۸]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-059.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۵۹|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۵۹]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-060.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۶۰|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۶۰]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-061.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۶۱|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۶۱]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{بازنگری}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در آن روزگاری که من کارمند ارکستر سمفونیک بودم، زارو در شمار نوازندگان &amp;gt;ضربی&amp;lt; ارکستر بود. سازهای ضربی و به عبارت دیگر &amp;gt;توپخانهء ارکستر&amp;lt; را چندین طبل با بشقابهای مسینی که به دو طرفشان آویخته و چند عدد چوب کوتاه و بلند که می توانند به آرامی زمزمه سر دهند و یا به سختی غرش آغاز کنند تشکیل می‌دهد. هیچ کس جز خود زارو حق نداشت به &amp;gt;توپخانه&amp;lt; دست بزند. تنها خود او بود که طبل ها را پاک و مرتب می‌کرد، پوشش آن‌ها را برمی‌داشت و بار دیگر همچون کودکان قنداق پیچ‌شان میکرد. اکثر نوازندگان آرزو دارند روزی به صف استید واقعی در آیند. در واقع همهء آن‌ها چنین‌اند، اما گرفتاری‌های زندگی این گونه آرمان‌ها را برباد می‌دهد و خود نوازندگان را به سازهائی فرمانبر مبدل می‌کند. &lt;br /&gt;
در آن میان تنها زارو بود که هنرمند ملهمی باقی ماند. روح موسیقی، روح خود او بود. یادم می‌آید که به من می‌گفت: - تو همه اش از ویلون و پیانو حرف می‌زنی، حال آن که &amp;gt;توپخانه&amp;lt; خودش به تنهایی یک پا سمفونی است؟ &lt;br /&gt;
البته من به هیچ روی مدعی آن نیستم که موسیقی را به خوبی درک می‌کردم؛ از این جهت در جوابش گفتم:&lt;br /&gt;
- من فقط متصدی حرارت مرکزی تالار هستم و وظیفه‌ام این است که نگذارم انگشت‌های‌تان یخ بزند. اما تا حالا شنیده بودی ادعا کنم حرارت مرکزی هم خودش یک‌پا سمفونی است؟ &lt;br /&gt;
به هرتقدیر جروبحث کردن با زارو و نیز با ویلونیست اول ارکستر کار عبثی بود تازه فیس‌وافاده و ادعاهای ویولونیست اول را می‌شد توجیه، چرا که یک رهبر ارکستر پرآوازه در برابر چشم همهء تماشاگران فقط دست اورا می‌فشارد و به نام او از همهء اعضای ارکستر ابراز تشکر می‌کند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
این ویولونیست اول است که از جانب همهء نوازندگان ارکستر، باحجب و تبختر لبخند بر لب می‌آورد و در همان حال، احساس حقارتی را که همهء آن‌ها به هنگام تمرین‌ها تحمیل کرده‌اند و انزجاری را که از رهبر ارکستر که در جریان تمرین‌ها بدترین ناسزاها را بارشان می‌کند به دل دارند به بوتهء فراموشی می‌سپارد. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اما این حالت در مورد همه، یا دقیق‌تر بگویم در مورد زارو مصداق پیدا نمی‌کرد. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در بدو امر چنین به نظر می‌رسد که نوای ساز ضربی کمترین وجه اشتراکی با اصل موسیقی ندارد چرا که مهمترین وظیفهء طبال چیزی جز شمردن نیست. او مدام می‌شمارد. چوب‌های بلند یا کوتاه را توی دستش می‌گیرد و آن‌ها را بر طبل می‌کوبد. ضربه‌ئی محکم یا ضربه‌ئی ملایم. او قادر است اصواتی شبیه غرش وعده‌های دوردست را که رفته‌رفته به غرش توپخانه مبدل می‌شود از بل بیرون بیاورد. می‌تواند بشقاب‌های برنجی طرفین طبل را توی دستش بگیردو از‌آن‌ها صدائی شبیه به پانگ یا پینگ - اصواتی دقیق و حساب شده- خارج کند. وظیفه دارد که بی وقفه و بدون احساس خستگی بشمارد و باز هم بشمارد.&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
من که به اقتضای شغلم موظف بودم همیشه و در جریان همهء تمرینها،‌در تالار حضور داشته باشم توفیق یافته بودم که درک معنای موسیقی را تا حدی فرا بگیرم، اما مهم‌ترین  نکته‌ئی که دستگیرم شد دشواری و ناسپاسی این حرفه بود.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
یک نوازندهء ارکستر نه تنها مغز و عضلاتش را به کار می‌گیرد، بلکه مساله آتیهء درخشانش نیز - دست کم در نخستین سال‌های آغاز کارش، یعنی در زمانی که گمان می‌برد در شمار مشاهیر عالم هنر در خواهد آمد - برایش مطرح می‌شود. و از همین روست که به حکم اجبار، درشتگوئی‌های مردی را که چوبی در دست دارد و آن را در فضا به هر سو حرکت می‌دهد تحمل می‌کند. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
آری، نوازندگی حرفه‌ئی است تلخ و حقارت بار. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
ما معمولا نوازندگان را در تالارهای غرقه در نور و آراستهء کنسرت مشاهده می‌کنیم که با اسموکینگ‌ها یا فراک‌های خوشدوخت‌شان روی صحنه جلوس کرده‌اند و آثار زیبای موسیقیدانان را جرا می‌کنند. اما به هنگام تمرین‌ها با کت و شلوارهای فرسوده‌شان - لباس‌هائی که هر روز بر تن دارند - در تالار حضور می‌یابند و بسته به میزان شهرت یا حرارت و حساسیت مردی که ارکستر را رهبری می‌کند، ساعت‌های متوالی- سه، چهار و گاه حتی پنج ساعت - می‌نوازند. این تمرین‌ها زیر نور کم فروغ و رنگ پردیدهء چراغ‌های مخصوص نت خوانی و در میان گرد و غبار سالن (چنین است وضع تالار کنسرت در روزهای عادی) آغاز می‌شود و انجام می‌گیرد. هر نوازنده‌ئی در ساعت غیرتمرین مشغله‌ئی دارد، که بعد از تمام تمرین ناگزیر است به سراغ آن بشتابد. اکثرشان عصرها یا شب‌ها در کافه و رستوران‌های مختلف شهر نوازندگی می‌کنند. برخی از آن‌ها نیز کلاس درس خصوصی دارند. بعد از پایان جلسات تمرین برچهره‌ های عرق کرده و خاکستری رنگ‌شان ممکن نیست حتی سایهئی از شوق و رضایت مشاهده شود. آن ها در لحظه ئی که رهبر ارکستر عرق از چهره می‌زداید و کتش را می‌پوشد و می‌گوید: &amp;lt;خوب، انگار برای امروز کافی است&amp;gt; از شدت خستگی و اندوه و نفرت، منگ و بهت‌زده به نظر می‌آیند. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
تنها کسی که مهر اندوه و ملال برچهره‌اش نقش نمی‌بست زارو بود. بر رخسار او حتی اندک اثری از ویرانی و نفرت مشاهده نمی‌شد. این ویرانی و نفرت را برچهرهء دیگر نوازندگان - که در دست‌های رهبر ارکستر جز یک ساز سمفونی آسمانی چیزی نبودند- بارها و بارها دیده بودم. زارو بعد ختم جلسهء تمرین چوب‌های طبلش را با احتیاط جمع می‌کرد. گرد و غبار &amp;lt;توپ&amp;gt; را با یک تکه جیر به دقت می‌زدود و با دهانش ضرب می‌گرفت: &amp;lt;داـ دا ـ دی، داـ داـدی …&amp;gt;و در همان حال،‌چشم‌های سیاهش پرفروغ می‌شد. در این گونه مواقع رو می‌کرد به یکی از نوازندگان و می‌گفت: «خدایا چه تمی؟ خدای بزرگ ، چه تم قشنگی؟»&lt;br /&gt;
اما در آن میان کسی را نه حالی بود نه مجالی تا دربارهء »تم« با او جروبحث بنشیند.لاجرم خودش را مخاطب قرار‌ می‌داد و با خود می‌گفت: »محشره؟ واقعا که محشره؟«&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
گاهی اوقات به تماشای تمرین‌های انفرادیش می رفتم. او در خانه‌اش طبل نداشت، اما با وجود این به تمرین می‌پرداخت. رو به روی دفترچهء نت می‌نشست، سرش را با وزن موسیقی به حرکت در می‌آورد و سرگرم شمردن می‌شد. در این حال انسان می‌توانست آرزوهای او را توی چشم‌هایش بخواند. در عالم خیال، چوب‌های کوتاه نامرئی و بشقاب‌های برنجی را به دست می‌گرفت و می‌نواخت. در این گونه مواقع چنا‌چه به اتاقش پا می‌نهادم. آرام و خاموش روی صندلی می‌نشستم تا مگر سمفون صامتی را که به زعم زارو طنین آن در فضای اتاقش پیچیده بود و کلبهء محقرش را به تالارپرنور کنسرت ماننده می‌کرد قطع نکنم. مرغ سعادت آشکارا بر اتاقش بال و پر می‌گشود. این سعادت در کلبهء محقر او - کلبه‌ئی که در عین حا به عنوان آشپزخانه نیز مورد استفاده قرار می‌گرفت و میز ناهار خوریش پوشیده از خرده نان و هوایش آکنده از بوی کالباس و پیاز خام بود - به شکل گنبد کلیسا و آسمان پرستاره جلوه‌گر می‌شد. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
زارو معمولا می‌گفت: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
- این که نوازنده‌ها خاکستری رنگ شده‌اند و از موسیقی هم لذتی نمی‌برند تقصیر خود آن‌ها است. پیش از آن که جای خودشان را توی ارکستر پیدا بکنند می‌روند زن می‌گیرند، و تا بیایند به خودشان بجنبند بچه‌دار می‌شوند. بعدش هم هی باید زور بزنند تا پول لباس و اجارهء خانه و خرج تحصیل بچه هایشان را در بیاورند. به این ترتیب ناچار می‌شوند به درس خصوصی دادن و ساز زدن توی کافه‌ها رو بیاورند و استعداد خودشان را تباه کنند. اول استعدادشان را به باد می‌دهند بعد هم آرزوهاشان را. وقتی شش دانگ حواس انسان پیش اجاره خانه باشد البته که موسیقی در وجودش می‌میرد. هنر، تا دلت بخواهد بوالهوس است و احتیاج به رنگ‌های درخشان دارد. اگر هنر فقط با رنگ خاکستری نفس بکشد خاموش می‌شود و می‌میرد. به من و اتاقم نگاه کن؟ درست است که مثل قصر نیست اما در عوض اجاره‌اش ارزان و مناسب است. از این وضع راضیم، چون که شب و نصف شب مجبور نمی‌شوم بی خوابی بکشم و فکر این که می‌توانم سر برج اجاره خانه را کف دست مالک ساختمان بریزم یا نه پدرم را بسوزاند. خوشم از این که می‌توانم با خیال راحت دراز بکشم و به نغمه‌های پنج ضربی موسیقی ملی سرزمین روسیه فکر بکنم و از کمال‌شان لذت ببرم. یک چنین لذتی، رنگین کمانی است از یاقوت و زمرد. در این حال موسیقی درست مثل یک لالائی وجودم را نوازش می‌دهد. گرفتاری‌های روزمره با آن  رنگ‌های خاکستری و کثیف‌شان قادر نیستند این موسقی را تیره و کدر کنند. این کلبه‌ئی که می‌بینی قصر رنگین‌کمان من است. اما لازم است بدانی که هیچ زنی به این قصر راه ندارد.آخر وقتی که عشق به صورت عادت در بیاید و تازگی خودش را از دست بدهد،‌اجاره خانه و پول شیرفروش این جور حرف‌ها در ردیف اول اهمیت قرار می‌گیرد و درست در همین وقت است که انسان رنگ خاکستری را استنشاق می‌کند و هنر هم لاجرم می‌میرد؛ و غالبا عشق هم همراه هنر جان به جان آفرین تسلیم می‌کند. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
چنین بود سخنان زارو.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اندکی پیش از برگزاری جشن سالگرد تاسیس ارکستر سمفونیک، رهبر ارکستر جدیدی به شهرمان آمد. ارکستر سمفونیک در این جشن با شکوه قرار بود سمفونی تازهء سیبلیوس را برای نخستین بار اجرا کند. در آن روزها سمفونی مورد بحث را که در محافل مختلف موسیقیدانان وموسیقی شناسان جر و بحث  فراوانی برانگیخته بود یک اثر بسیار انقلابی به شمار می‌آوردند. مردم شهرمان، طی سه هفتهء پیاپی با ایراد نطق و خطابه و برگزاری ضیافت ها مقدم آن رهبر ارکستر را گرامی داشتند. اما اعضای ارکستر، در ساعات روز، در جریان تمرین‌ها از خلق تند و غیرقابل تحمل او به جان می آمدند. کتش را در می آورد و کار تمرین را آغاز می‌کرد. موی سفیدش که بی شباهت به یال شیر نبود بر فرق سرش می‌جنبید، دست‌هایش را در فضا به حرکت در می‌آورد، پا بر زمین می‌کوبید، در حرف‌هایش خشونت به کار می‌برد و نوازنده‌ها را بعد از نواختن چند میزان متوقف میکرد که مثلا:«دوباره از می شروع کنید!» آن‌ها بار دیگر از سر می‌گرفتند و رفته‌رفته با دقت کمتری می‌نواختند، و اقای رهبر ارکستر بعد از چند میزان بار دیگر نعره می‌کشید که: «دوباره از می!»&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
زارو خودش را بر فراز المپ حس می‌کرد. با هیجان بسیار چهرهء عرق کرده‌اش را خشک می‌کرد و می‌گفت:«این مرد راستی راستی نابغه است. چه روح پرشوری؟ او، خدای آتش‌فشان‌هاست؟» ودر همان حال، سایرنوازندگان غرولندکنان زیرلب می‌گفتند:«ابلیس!…جلاد!…مردم‌آزار!»&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
و بدین گونه بود که سرانجام موسیقی یا دقیق‌تر بگویم سمفونی خلق می‌شد. بعد از این تمرین‌ها اصوات هفتاد و دو ساز مختلف به اشارهء دست‌های سحرآمیز رهبر ارکستر درهم می‌آمیخت و طنین این نوا در فضای تالار کنسرت چنان بود که گوئی همهء اصوات فقط از یک ساز خارج می‌شود. هنگامی که ارکستر به قسمت پیانی‌سیمو می‌رسید انسان تصور می‌کرد که این ترانه را یک روح ساز کرده است. می‌پنداشت دیوارهای تالار است که در گوشش زمزمه می‌کند. گمان می‌برد که این نوا از جهانی دیگر به درون تالار تراویده است، سقف تالار به کناری می‌رفت و آسمان بلندی و بیکرانگی آسمان جلوه‌گر می‌شد. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
زارو خپله، همچون درنده‌ئی که آماده جهیدن باشد در جای خودش میخکوب می‌شد. با توجهی آمیخته به احترام به رهبر ارکستر چشم می‌دوخت، وزن‌ها را می‌شمرد و لب‌هایش رابا حالتی بسیار زیبا - انگار که قصد بوسیدن دارد - جمع می‌کرد.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
و اما دست‌هایش؟  دست‌های سفید واندکی گوشتالودش! - این دست‌ها، حتی آن گاه که آن‌ها را با حالتی عاشقانه برپوست طبل می‌نهاد تا طنینش را خفه کند، باز هم می‌نواختند. او خود همچنان  به شمردن ادامه می‌داد ولی دست‌هایش حتی در لحظه های سکوت طبل - سکوتی که طبل ها بیش از دیگر سازها دارند - از نواختن و جنبیدن باز نمی‌ایستادند. دست‌هایش جنب و جوش صامتی داشتند. مدام چوب‌ها را عوض می‌کردند و هم چنان که زارو تا فرا رسیدن‌آن لحظهء بزرگ که می‌بایست چوب‌ها را با ضرباتی ظریف و شکوهمند بر طبل فرود آرد به شمردن ادامه می‌داد، آن‌هارا با حرکاتی نامحسوس نوازش می‌کردند.ابزار کارش را برای برای برپاکردن جشن، برای آن لخظهء بزرگ که طبل به صدا در می‌آمد آماده می‌کرد.و این، لحظه تکنوازی طبل بود. در این موقع برسیمای گوشتالود و سفید زارو - چهره ئی به سفیدی عاج - حالت جذبه ئی بی غل و غش نمایان می‌شد، سبیل تنکش به بالا می‌جهید و چشم‌هایش درخشان و پرفروغ می‌شد.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
هفتادو دو انسان فراکپوش،‌در تالاری غرقه در نور نشسته به رهبری یکی از مشهورترین رهبران اروپا سرگرم اجرای موسیقی آسمانی بودند.بدون شک بسیاری از علاقهمندان موسیقی با خود می اندیشیدند:« کاش من هم نوازندهء ارکستری بودم! چه زندگی زیبایی دارند؟زیستن در عالم موسیقی، جشنی است جاودانه!» آخر نه این که از این جمع هیچ یک را توفیق آن نبود که در جلسات تمرین ارکستر حضور داشته باشد؟! &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
عصر همان روز، پس از پایان برنامهء کنسرت، به افتخار همهء نوازندگان ارکستر سمفونیک ضیافتی برگزار شد. طبعا رهبر ارکستر در مرکز توجه همگان قرار داشت. من نیز توفیق پیدا کردم که در ضیافت مورد بحث شرکت کنم،  زیرا به هر تقدیر من نیز به آن جمع تعلق داشتم. میز رنگین، غذاهای متنوع، مشروب خوب و فراوان. نطق و خطابه و آوازخوانی. سرور و  شادمانی وجود همگی را پر کرده بود.رهبر ارکستر به یک انسان معمولی مبدل شده بود و اکثر نوازندگان را «تو» خطاب می‌کرد. مثلا ویولونیست اول را در آغوش گرفت و اطمینانش داد که مردی است هنرمند، «یک هنرمند واقعی» و از این که به هنگام تمرین‌ها او را «یک صنعتکار ناچیز» می‌نامید از او پوزش طلبید.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
جام های مشروب پیاپی پر و خالی می‌شد. چندین جام را به رسم ابراز شادمانی بر زمین کوبیدند و شکستند. جو ضیافت بعد از ساعات نیمه شب، رونق تازه‌ای گرفت: بحثی سخت پرشور دربارهء  سمفونی جدیدی که اجرا کرده بودند در گرفت. نوازندگان سرهای خود را به کلاه‌های کاغذی آراسته بودند. روی فراک‌های شان پولک های الوان کاغذی چسبیده بود. بر کاکل سیاه قیرگون زارو سعی فراوان داشت که در بحث همگان شرکت کند اما هر بار که لب به سخن می‌گشود تا ابراز عقیده ئی کند شنونده ای نمی‌یافت. همه با هم حرف می‌زدند و به میان سخن یکدیگر می‌دویدند‌، اما صدای آمرانهء رهبر ارکسترکه اکنون به قدر کافی سرش گرم شده بود رساتر از دیگر صداها طنین انداز می شد. روی یال شیریش یک کلاه مندرس عهد ناپلئون خودنمائی می‌کرد که به آهگ استدالال‌های کوبنده اش می‌جنبید. بر‌شانهء کتش جوی باریکی از رب گوجه فرنگی ماسیده بود. با صدای رسائی که داشت گفت: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
- دلم میخواهد خودتان فکر بکنید! آخر،‌من نمی‌فهمم این آقای سیبلیوس چه خیال کرده؟ چطور به خودش جرئت داده که تصاویر کهنهء ملی و روستایی را لای خصوص ناب و گستاخ بچپاند؛ درست مثل این است که انسان بردارد گل‌های شقایق را روی دیوار کلیسا نقاشی کند!&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
زارو به پا خاست. سبیلش در زیر آن بینی کاغذی می‌لرزید. صدا لب‌هایش به یک اندازه مرتعش بود. اما یاس و درماندگی سرانجام به او جرئت بخشید،‌چنان که صدایش استوار شد و در میان همهمهء عمومی طنین انداخت: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
- مائسترو! مائسترو! یک دنیا عذر می‌خواهم! بنده با عقیدهء شما موافق نیستم! اجازه بدهید نظر خودم را بگویم. لطفا گوش کنید!&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
و درباره این اثر بحث‌انگیز، داد سخن داد. راجع به سبک‌های رمانتیسم و کلاسی سیسم، شیوه‌های تنظیم و هماهنگ کردن سازها،‌نوآنس اصوات و نیز دربارهء تحولات قوانین کمپوزیسیون و مطالب دیگری که اکنون از بادم رفته است سخن گفت: رفته رفته عصبی‌تر می‌شد و زبانش لکنت پیدا ‌می‌کرد. تقریبا همهء حضار سکوت اختیار کرده بودند. در آن حالت، آکنده از شور و هیجان دست‌هایش را از هم می‌گشود و آن‌ها رابه حرکت در می‌آورد. نگاه آن چشم‌های سیاه که به سیمایش وقار و هیبتی می‌بخشید بالای بینی کاغذیش شعله‌وار بود.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
رهبر ارکستر که دست‌ها را بر سینه چلیپا کرده بود با دقت بسیار - دقتی که تنها به هنگام تماشا کردن لکهء چربی تازه‌ئی بر فراک نظیف اعمال می‌شود - به نوازندهء خپله چشم دوخته بود. کلاه ناپلئونی مائسترو بر کف تالار افتاده بود. سرانجام سرش را با غرور ونخوت بالا گرفت و بی آن که به کسی بنگرد پرسید: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
- این آقا کی باشند؟&lt;br /&gt;
- زارو، طبال ارکستر.&lt;br /&gt;
- هوم، زارو! آقا را باش! طبال‌باشی!... پس این طور، آقای زارو! شما بهتر است حواست پیش طبلت باشد. فراموش نکن که به چوب زدن طبل موسیقی نمی‌گویند. تازه جالب این است که آقا سعی  می‌کند سمفونی را برای من توضیح بدهد! می‌دانی؟ تو در ارکستر فقط یک کرم هستی!&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
آن وقت پشتش را رد به زارو بخث قطع شده را از سر گرفت. انگار نه انگار. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
بار دیگر همهمه از سر گرفته شد اما به نظرم می‌رسید که سکوت عجیبی را بر آن جلسه حکمفرما شده. این سکوت شوم* زارو را تنگ در حلقهء محاصرهء خود گرفت. به گوشه‌سی از تالار ضیافت پناه برده بود و در این حال کوتاه‌تر از آن می‌نمود که بود. چنان بود که انگار بینی کاغذی و گوشه های سبیل و لب زیرینش فرو افتاده است. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
دیگران همگی حسابی سرحال می‌نمودند. باید صمیمانه اعتراف کنم که من اکنون همه‌ء جزئیات ضیافت آن شب را به خاطر ندارم، با این همه لحظهء خروج از سالن را که نگاهم به زارو افتاده بود فراموش نکرده‌ام: یکه و تنها. با کلاه کوچکش و با یک بطر شامپانی که لای زانوهایش داشت روی پله‌ء دماغش را بالا می‌کشید و دانه‌های اشک روی گونه‌هایش می‌غلتیدند. این آخرین خاطره‌ئی است که از آن کنسرت با شکوه در خاطرم به جای مانده است. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
«مائسترو» پیش از ترک شهرمان می‌بایست در یک کنسرت دیگر شرکت می‌جست و ارکستر را رهبری می‌کرد. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در همان نخستین جلسه‌ء تمرین از مشاهده‌ء وضع زارو به حیرت افتادم: زارو به کلی تغییر یافته بود. با گونه‌های فرو افتاده، بدون شور و حرارت روزهای پیشین - درست مثل ماشینی خودکار- می‌شمرد و انجام وظیفه می‌کرد. رنگ صورتش به سفیدی رنگ و روی اموات بود. گمانکردم بیمار است. بعد از پایان تمرین به اتفاق هم بیرون آمدیم. گفتم: &lt;br /&gt;
- زارو، خسته به نظر می‌آئی.&lt;br /&gt;
جوابم را نداد،‌چانه‌اش را در یقهء پالتویش کرد و خاموش و بی‌صدا به راه رفتن ادامه داد. سرانجام پرسید:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
- تو شنیدی که گفت «کرمی در ارکستر»؟...آن کرم، منم،‌ من، زارو! کرمی در ارکستر.&lt;br /&gt;
بعد از من دعوت کرد به خانه‌اش بروم. تشکر کردم و به عذر دیروقت بودن سعی کردم تا از اجابت دعوتش سر باز بزنم؛ اما پشت در خانه‌اش که رسیدیم وجود مرا یکسره فراموش کرده بود: در را جلو صورتم محکم به‌هم کوبید و مرا پشت در گذاشت.&lt;br /&gt;
 در جلسهء تمرین بعدی رفتارش سخت عجیب بود. بعد از پایان تمرین سعی کردم ببینمش؛ قصد داشتم دلداریش بدهم. دم در خروجی جلوش را گرفتم و گفتم: &lt;br /&gt;
- گوش کن زارو، حرف‌های یارو را فراموش کن. آن شب مست بود. تازه ماها هم همگی مست بودیم. &lt;br /&gt;
بی‌شتاب به طرف من چرخید و نگاه مه گرفته‌اش را به من دوخت در نگاهش نفرتی عمیق موج می‌زد، نفرتی سرد و کدر، نفرتی گنگ و ناسالم. خاموش ماند، رویش را برگرداندو به‌راه خود رفت.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سرانجام روز اجرای کنسرت وداع فرا رسید. &lt;br /&gt;
گرچه در کنسرت های  بسیاری حضور یافته بودم، با این همه تا حدی احساس بی ابی و ناراحتی می‌کردم چرا که آن شب وظیفهء مخصصی به من محول شده بود. می‌بایست دسته گل‌هائی را که مانند روزهای ختم و عزاداری سراسر راهرو تالار را پوشانده بود به رهبر ارکسترو ویولونیست اول تقدیم کنم. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
کنار در جنبی صحنه ایستاده بودم و به مجموعهء اصوات عجیب و درهم برهم سازهای مختلفی که کوکشان می‌کردند و هم چنین به تمرین‌های کوتاه انفرادی که تا ظاهر شدن رهبر ارکستر فضای تالار را پر کرده بود گوش می‌دادم. زارو بی‌حرکت سر جای خود نشسته بود. دست‌های عاری از حیاتش روی طبل قرار داشت و نگاهش به فضای تالار دوخته شده بود. انسان از مشاهدهء او به یاد مومیائی‌ها می‌افتاد. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
هنگامی که رهبر ارکستر ظاهر شد و تالار از کف زدن‌ها و هلهلهء تماشاگران به لرزه درآمد نیز زارو همچنان بی‌حرکت سر جای خود نشسته بود،‌ دست‌هایش را برای برپا داشتن جشن آماده نکرد. چوب‌های طبل را عاشقانه میان دست‌هایش نگرفت. در میان آن همه همهمه به نظرم آمد که سکوتی ناگهانی - سکوتی وحشتناک - بر تالار حکمفرما شده است - این سکوت همچون دیوار سفیدی زارو را احاطه کرده بود. نگران و مضطرب شدم. حتی در لحظه‌ای که رهبر ارکستر چپبش رابلند کرد و سارسر تالار در خاموشی مطلق فرو رفت، باز هم نتوانستم این اضطراب را از خودم دور کنم. زارو را می‌دیدم که چشم‌های سیاه و بی‌حالتش را به مائسترو دوخته بود.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سرانجام طنین نخستین آکوردهای سمفونی در فضای تالار پیچید. به چهرهء زارو نگریستم و از شدت اضطرابم کاسته شد. داشت وزن‌ها را می‌شمرد و شش دانگ حواسش متوجه موسیقی بود. لحظه‌ئی بعد چوب‌های طبل را  توی دستش گرفت. من با همهء جمله‌های این سمفونی آشنا بودم و لحظه پیشش را به خود گرفت اما ناگهان حادثهء غیرمنتظره‌ئی رخ داد: در این قسمت از سمفونی، طنین موسیقی می‌بایست رساتر شود و نوازندهء طبل وظیفه داشت ریتم آنرا حمایت و تقویت کند و  به مرحلهء بالاتری ارتقا دهد. البته زارو چوب‌هایش را بر طبل فرود آورد، اما چگونه؟ بنای ترکیب با شکوه اصوات داشت شکاف بر‌می‌داشت و فرو می‌ریخت. کافی بود انسان به چشم‌های شنوندگان نگاه کند  تا به این مطلب پی‌ ببرد. در نگاه‌شان نگرانی و عدم رضایت موج می‌زد. جمعیت رفته‌رفته همهمه سر داد. رنگ صورت مائسترو از شدت خشم و غضب به سبزی گرائید.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سرانجام به حقیقت قضیه پی‌بردم!&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
زارو در شمارش خود دچار اشتباه شده بود. مقدار اشتباهش به اندازهء یک هشتم ضرب بود. البته نمی‌توانم به درستی مشخص کنم که در وارد آوردن ضربه بر طبل تعجیل یا تاخیری روی داده بود، اما قدر مسلم آن که زارو اشتباه کرده بود. او قسمت ویژهء خود را اجرا کرده بود اما اکنون پیش درآمد بدون همراهی طبل ادامه یافته بود. این اشتباه را نمی‌شد رسوائی نامید، بلکه احتمالا می‌توانست ناکامی و عدم موفقیت ساده‌ئی به شمار رود. مائسترو همچنان به رهبری خود ادامه داد. از این پس، ضربه‌های کوتاه و خفهء طبل دقیق و حساب شده بود.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در مدت سکوت میان قسمت‌های اول و دوم،‌ زارو از سیمای رهبر ارکستر چشم بر‌نمی‌داشت. چنین به نظر می‌رسید که در همهء این مدت سرگرم شمارش است. از لحظه‌ئی که ارکستر اجرای قسمت آداجیو را شروع کرد، همهء توجه ملامت‌بار مائسترو به روی زارو متمرکز شد و درست در همین هنگام بود که در حادثهء بسیار تاثرانگیزی روی داد: حادثه‌ای که تا مدت‌ها نقل محافل موسیقی شهر ما شد. طبل، سکوت کرده بود. در این قسمت زمزمهء ملایم طبل می‌بایست روح پرتلاطم موسیقی را تقویت کند و برشور آن بیافزاید، اما طبل زارو لب از زمزمه فرو بسته بودو ترنم موسیقی هم چنان ادامه داشت لیکن به سبب عدم برخورداری از حمایت طبل، سخت رنگ پریده و بی‌روح می‌نمود. جمله‌های زیبای موسیقی  در این جا به طور قطع به چارچوب احتیاج داشت. موسیقی، طرح و نور و سایهء خود را از دست داده بود. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
مائسترو اشارهء صریحی به سوی طبال کرد. فس فس نفس‌های سنگینش در سراسر تالار شنیده می‌شد. در حالی که به طرف زارو چرخیده بود ارکستر را با مشت‌های گره کرده رهبری می‌کرد. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
چیزی شبیه یک لبخند بر چهرهء زارو نقش بست. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
روزی تابلویی دیده‌ بودم که تصویر مرد مجکوم به اعدامی در لحظهء اجرای حکم بر آن نقاشی شده بود. به لولهء تفنگ‌ها چشم دوخته بود و می‌خندید. آشکار بود که بر مرگ پیروز شده است. لبخند چهرهء زارو نیز چنین بود.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
شرح رویدادهای بعدی بسیار دشوار است. اگر بتوان سمغونی را له کرد، لگدگوب کرد و غبارش را به فضا فرستاد، درست همان حادثه‌ئی صورت خواهد گرفت که آن شب بر سر سمفونی آمد. و این کار به دست یکی از ناچیزترین نوازندگان ارکستر - به دست مردی از خدمهء طبل،  و انسانی که در واقع در شمار نوازندگان نیست - صورت گرفته بود. این بار، ساز «ضربی» حجاب سکوت را دریده بود. ضربه‌های مقطع و مکرر طبل طنین انداز شد و رفته رفته به غرش کر کننده مبدل شد؛ غرشی که وای سازهای دیگر را در میان دریای ناهماهنگی‌های خود غرق کرد. هر کسی احساس می‌کرد که از اوج آسمان‌ها بر زمین فرو کوفته له و لورده شده است. جمعیت به پا خاست و همهمهء ناله آسائی سر داد. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در همان لحظه‌ئی که مائسترو چوب خود را به میز کوبید تا نوازندگان را از ادامهء کار باز دارد زارو نیز به پا خاست، چوب‌های طبل را بر زمین انداخت، سرش را در برابر رهبر ارکستر خم کرد و پیش از آن که مجال سخن گفتن بدهد به سوی جمعیت چرهید، تعظیم غرائی کرد و دمی بعد نگاهش را از آنان برگرفت و بی‌آن که به پشت سر خود بنگرد صحنه را ترک گفت.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
بدیهی است که آن شب اجرای کنسرت متوقف شد. تصور می‌کنم بعضی‌ها خبر این واقعه را که در جراید فردای آن شب به چاپ رسید و نیز عزیمت ناگهانی مائسترو را از شهرمان هنوزهم به خاطر داشته باشند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
زارو ناپدید شد و از آن روز به بعد دیگر کسی او را ندید.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ چین}}&lt;br /&gt;
ترجمهء سروژ استپانیان&lt;br /&gt;
{{پایان چپ‌چین}}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Pouya</name></author>
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		<title>کِرمی در اُرکستر</title>
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		<updated>2011-08-17T20:50:09Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;Pouya: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[Image:13-048.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۴۸|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۴۸]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-049.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۴۹|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۴۹]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-050.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۵۰|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۵۰]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-051.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۵۱|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۵۱]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-052.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۵۲|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۵۲]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-053.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۵۳|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۵۳]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-054.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۵۴|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۵۴]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-055.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۵۵|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۵۵]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-056.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۵۶|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۵۶]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-057.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۵۷|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۵۷]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-058.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۵۸|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۵۸]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-059.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۵۹|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۵۹]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-060.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۶۰|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۶۰]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-061.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۶۱|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۶۱]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{بازنگری}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در آن روزگاری که من کارمند ارکستر سمفونیک بودم، زارو در شمار نوازندگان &amp;gt;ضربی&amp;lt; ارکستر بود. سازهای ضربی و به عبارت دیگر &amp;gt;توپخانهء ارکستر&amp;lt; را چندین طبل با بشقابهای مسینی که به دو طرفشان آویخته و چند عدد چوب کوتاه و بلند که می توانند به آرامی زمزمه سر دهند و یا به سختی غرش آغاز کنند تشکیل می‌دهد. هیچ کس جز خود زارو حق نداشت به &amp;gt;توپخانه&amp;lt; دست بزند. تنها خود او بود که طبل ها را پاک و مرتب می‌کرد، پوشش آن‌ها را برمی‌داشت و بار دیگر همچون کودکان قنداق پیچ‌شان میکرد. اکثر نوازندگان آرزو دارند روزی به صف استید واقعی در آیند. در واقع همهء آن‌ها چنین‌اند، اما گرفتاری‌های زندگی این گونه آرمان‌ها را برباد می‌دهد و خود نوازندگان را به سازهائی فرمانبر مبدل می‌کند. &lt;br /&gt;
در آن میان تنها زارو بود که هنرمند ملهمی باقی ماند. روح موسیقی، روح خود او بود. یادم می‌آید که به من می‌گفت: - تو همه اش از ویلون و پیانو حرف می‌زنی، حال آن که &amp;gt;توپخانه&amp;lt; خودش به تنهایی یک پا سمفونی است؟ &lt;br /&gt;
البته من به هیچ روی مدعی آن نیستم که موسیقی را به خوبی درک می‌کردم؛ از این جهت در جوابش گفتم:&lt;br /&gt;
- من فقط متصدی حرارت مرکزی تالار هستم و وظیفه‌ام این است که نگذارم انگشت‌های‌تان یخ بزند. اما تا حالا شنیده بودی ادعا کنم حرارت مرکزی هم خودش یک‌پا سمفونی است؟ &lt;br /&gt;
به هرتقدیر جروبحث کردن با زارو و نیز با ویلونیست اول ارکستر کار عبثی بود تازه فیس‌وافاده و ادعاهای ویولونیست اول را می‌شد توجیه، چرا که یک رهبر ارکستر پرآوازه در برابر چشم همهء تماشاگران فقط دست اورا می‌فشارد و به نام او از همهء اعضای ارکستر ابراز تشکر می‌کند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
این ویولونیست اول است که از جانب همهء نوازندگان ارکستر، باحجب و تبختر لبخند بر لب می‌آورد و در همان حال، احساس حقارتی را که همهء آن‌ها به هنگام تمرین‌ها تحمیل کرده‌اند و انزجاری را که از رهبر ارکستر که در جریان تمرین‌ها بدترین ناسزاها را بارشان می‌کند به دل دارند به بوتهء فراموشی می‌سپارد. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اما این حالت در مورد همه، یا دقیق‌تر بگویم در مورد زارو مصداق پیدا نمی‌کرد. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در بدو امر چنین به نظر می‌رسد که نوای ساز ضربی کمترین وجه اشتراکی با اصل موسیقی ندارد چرا که مهمترین وظیفهء طبال چیزی جز شمردن نیست. او مدام می‌شمارد. چوب‌های بلند یا کوتاه را توی دستش می‌گیرد و آن‌ها را بر طبل می‌کوبد. ضربه‌ئی محکم یا ضربه‌ئی ملایم. او قادر است اصواتی شبیه غرش وعده‌های دوردست را که رفته‌رفته به غرش توپخانه مبدل می‌شود از بل بیرون بیاورد. می‌تواند بشقاب‌های برنجی طرفین طبل را توی دستش بگیردو از‌آن‌ها صدائی شبیه به پانگ یا پینگ - اصواتی دقیق و حساب شده- خارج کند. وظیفه دارد که بی وقفه و بدون احساس خستگی بشمارد و باز هم بشمارد.&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
من که به اقتضای شغلم موظف بودم همیشه و در جریان همهء تمرینها،‌در تالار حضور داشته باشم توفیق یافته بودم که درک معنای موسیقی را تا حدی فرا بگیرم، اما مهم‌ترین  نکته‌ئی که دستگیرم شد دشواری و ناسپاسی این حرفه بود.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
یک نوازندهء ارکستر نه تنها مغز و عضلاتش را به کار می‌گیرد، بلکه مساله آتیهء درخشانش نیز - دست کم در نخستین سال‌های آغاز کارش، یعنی در زمانی که گمان می‌برد در شمار مشاهیر عالم هنر در خواهد آمد - برایش مطرح می‌شود. و از همین روست که به حکم اجبار، درشتگوئی‌های مردی را که چوبی در دست دارد و آن را در فضا به هر سو حرکت می‌دهد تحمل می‌کند. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
آری، نوازندگی حرفه‌ئی است تلخ و حقارت بار. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
ما معمولا نوازندگان را در تالارهای غرقه در نور و آراستهء کنسرت مشاهده می‌کنیم که با اسموکینگ‌ها یا فراک‌های خوشدوخت‌شان روی صحنه جلوس کرده‌اند و آثار زیبای موسیقیدانان را جرا می‌کنند. اما به هنگام تمرین‌ها با کت و شلوارهای فرسوده‌شان - لباس‌هائی که هر روز بر تن دارند - در تالار حضور می‌یابند و بسته به میزان شهرت یا حرارت و حساسیت مردی که ارکستر را رهبری می‌کند، ساعت‌های متوالی- سه، چهار و گاه حتی پنج ساعت - می‌نوازند. این تمرین‌ها زیر نور کم فروغ و رنگ پردیدهء چراغ‌های مخصوص نت خوانی و در میان گرد و غبار سالن (چنین است وضع تالار کنسرت در روزهای عادی) آغاز می‌شود و انجام می‌گیرد. هر نوازنده‌ئی در ساعت غیرتمرین مشغله‌ئی دارد، که بعد از تمام تمرین ناگزیر است به سراغ آن بشتابد. اکثرشان عصرها یا شب‌ها در کافه و رستوران‌های مختلف شهر نوازندگی می‌کنند. برخی از آن‌ها نیز کلاس درس خصوصی دارند. بعد از پایان جلسات تمرین برچهره‌ های عرق کرده و خاکستری رنگ‌شان ممکن نیست حتی سایهئی از شوق و رضایت مشاهده شود. آن ها در لحظه ئی که رهبر ارکستر عرق از چهره می‌زداید و کتش را می‌پوشد و می‌گوید: &amp;lt;خوب، انگار برای امروز کافی است&amp;gt; از شدت خستگی و اندوه و نفرت، منگ و بهت‌زده به نظر می‌آیند. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
تنها کسی که مهر اندوه و ملال برچهره‌اش نقش نمی‌بست زارو بود. بر رخسار او حتی اندک اثری از ویرانی و نفرت مشاهده نمی‌شد. این ویرانی و نفرت را برچهرهء دیگر نوازندگان - که در دست‌های رهبر ارکستر جز یک ساز سمفونی آسمانی چیزی نبودند- بارها و بارها دیده بودم. زارو بعد ختم جلسهء تمرین چوب‌های طبلش را با احتیاط جمع می‌کرد. گرد و غبار &amp;lt;توپ&amp;gt; را با یک تکه جیر به دقت می‌زدود و با دهانش ضرب می‌گرفت: &amp;lt;داـ دا ـ دی، داـ داـدی …&amp;gt;و در همان حال،‌چشم‌های سیاهش پرفروغ می‌شد. در این گونه مواقع رو می‌کرد به یکی از نوازندگان و می‌گفت: «خدایا چه تمی؟ خدای بزرگ ، چه تم قشنگی؟»&lt;br /&gt;
اما در آن میان کسی را نه حالی بود نه مجالی تا دربارهء »تم« با او جروبحث بنشیند.لاجرم خودش را مخاطب قرار‌ می‌داد و با خود می‌گفت: »محشره؟ واقعا که محشره؟«&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
گاهی اوقات به تماشای تمرین‌های انفرادیش می رفتم. او در خانه‌اش طبل نداشت، اما با وجود این به تمرین می‌پرداخت. رو به روی دفترچهء نت می‌نشست، سرش را با وزن موسیقی به حرکت در می‌آورد و سرگرم شمردن می‌شد. در این حال انسان می‌توانست آرزوهای او را توی چشم‌هایش بخواند. در عالم خیال، چوب‌های کوتاه نامرئی و بشقاب‌های برنجی را به دست می‌گرفت و می‌نواخت. در این گونه مواقع چنا‌چه به اتاقش پا می‌نهادم. آرام و خاموش روی صندلی می‌نشستم تا مگر سمفون صامتی را که به زعم زارو طنین آن در فضای اتاقش پیچیده بود و کلبهء محقرش را به تالارپرنور کنسرت ماننده می‌کرد قطع نکنم. مرغ سعادت آشکارا بر اتاقش بال و پر می‌گشود. این سعادت در کلبهء محقر او - کلبه‌ئی که در عین حا به عنوان آشپزخانه نیز مورد استفاده قرار می‌گرفت و میز ناهار خوریش پوشیده از خرده نان و هوایش آکنده از بوی کالباس و پیاز خام بود - به شکل گنبد کلیسا و آسمان پرستاره جلوه‌گر می‌شد. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
زارو معمولا می‌گفت: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
- این که نوازنده‌ها خاکستری رنگ شده‌اند و از موسیقی هم لذتی نمی‌برند تقصیر خود آن‌ها است. پیش از آن که جای خودشان را توی ارکستر پیدا بکنند می‌روند زن می‌گیرند، و تا بیایند به خودشان بجنبند بچه‌دار می‌شوند. بعدش هم هی باید زور بزنند تا پول لباس و اجارهء خانه و خرج تحصیل بچه هایشان را در بیاورند. به این ترتیب ناچار می‌شوند به درس خصوصی دادن و ساز زدن توی کافه‌ها رو بیاورند و استعداد خودشان را تباه کنند. اول استعدادشان را به باد می‌دهند بعد هم آرزوهاشان را. وقتی شش دانگ حواس انسان پیش اجاره خانه باشد البته که موسیقی در وجودش می‌میرد. هنر، تا دلت بخواهد بوالهوس است و احتیاج به رنگ‌های درخشان دارد. اگر هنر فقط با رنگ خاکستری نفس بکشد خاموش می‌شود و می‌میرد. به من و اتاقم نگاه کن؟ درست است که مثل قصر نیست اما در عوض اجاره‌اش ارزان و مناسب است. از این وضع راضیم، چون که شب و نصف شب مجبور نمی‌شوم بی خوابی بکشم و فکر این که می‌توانم سر برج اجاره خانه را کف دست مالک ساختمان بریزم یا نه پدرم را بسوزاند. خوشم از این که می‌توانم با خیال راحت دراز بکشم و به نغمه‌های پنج ضربی موسیقی ملی سرزمین روسیه فکر بکنم و از کمال‌شان لذت ببرم. یک چنین لذتی، رنگین کمانی است از یاقوت و زمرد. در این حال موسیقی درست مثل یک لالائی وجودم را نوازش می‌دهد. گرفتاری‌های روزمره با آن  رنگ‌های خاکستری و کثیف‌شان قادر نیستند این موسقی را تیره و کدر کنند. این کلبه‌ئی که می‌بینی قصر رنگین‌کمان من است. اما لازم است بدانی که هیچ زنی به این قصر راه ندارد.آخر وقتی که عشق به صورت عادت در بیاید و تازگی خودش را از دست بدهد،‌اجاره خانه و پول شیرفروش این جور حرف‌ها در ردیف اول اهمیت قرار می‌گیرد و درست در همین وقت است که انسان رنگ خاکستری را استنشاق می‌کند و هنر هم لاجرم می‌میرد؛ و غالبا عشق هم همراه هنر جان به جان آفرین تسلیم می‌کند. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
چنین بود سخنان زارو.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اندکی پیش از برگزاری جشن سالگرد تاسیس ارکستر سمفونیک، رهبر ارکستر جدیدی به شهرمان آمد. ارکستر سمفونیک در این جشن با شکوه قرار بود سمفونی تازهء سیبلیوس را برای نخستین بار اجرا کند. در آن روزها سمفونی مورد بحث را که در محافل مختلف موسیقیدانان وموسیقی شناسان جر و بحث  فراوانی برانگیخته بود یک اثر بسیار انقلابی به شمار می‌آوردند. مردم شهرمان، طی سه هفتهء پیاپی با ایراد نطق و خطابه و برگزاری ضیافت ها مقدم آن رهبر ارکستر را گرامی داشتند. اما اعضای ارکستر، در ساعات روز، در جریان تمرین‌ها از خلق تند و غیرقابل تحمل او به جان می آمدند. کتش را در می آورد و کار تمرین را آغاز می‌کرد. موی سفیدش که بی شباهت به یال شیر نبود بر فرق سرش می‌جنبید، دست‌هایش را در فضا به حرکت در می‌آورد، پا بر زمین می‌کوبید، در حرف‌هایش خشونت به کار می‌برد و نوازنده‌ها را بعد از نواختن چند میزان متوقف میکرد که مثلا:«دوباره از می شروع کنید!» آن‌ها بار دیگر از سر می‌گرفتند و رفته‌رفته با دقت کمتری می‌نواختند، و اقای رهبر ارکستر بعد از چند میزان بار دیگر نعره می‌کشید که: «دوباره از می!»&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
زارو خودش را بر فراز المپ حس می‌کرد. با هیجان بسیار چهرهء عرق کرده‌اش را خشک می‌کرد و می‌گفت:«این مرد راستی راستی نابغه است. چه روح پرشوری؟ او، خدای آتش‌فشان‌هاست؟» ودر همان حال، سایرنوازندگان غرولندکنان زیرلب می‌گفتند:«ابلیس!…جلاد!…مردم‌آزار!»&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
و بدین گونه بود که سرانجام موسیقی یا دقیق‌تر بگویم سمفونی خلق می‌شد. بعد از این تمرین‌ها اصوات هفتاد و دو ساز مختلف به اشارهء دست‌های سحرآمیز رهبر ارکستر درهم می‌آمیخت و طنین این نوا در فضای تالار کنسرت چنان بود که گوئی همهء اصوات فقط از یک ساز خارج می‌شود. هنگامی که ارکستر به قسمت پیانی‌سیمو می‌رسید انسان تصور می‌کرد که این ترانه را یک روح ساز کرده است. می‌پنداشت دیوارهای تالار است که در گوشش زمزمه می‌کند. گمان می‌برد که این نوا از جهانی دیگر به درون تالار تراویده است، سقف تالار به کناری می‌رفت و آسمان بلندی و بیکرانگی آسمان جلوه‌گر می‌شد. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
زارو خپله، همچون درنده‌ئی که آماده جهیدن باشد در جای خودش میخکوب می‌شد. با توجهی آمیخته به احترام به رهبر ارکستر چشم می‌دوخت، وزن‌ها را می‌شمرد و لب‌هایش رابا حالتی بسیار زیبا - انگار که قصد بوسیدن دارد - جمع می‌کرد.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
و اما دست‌هایش؟  دست‌های سفید واندکی گوشتالودش! - این دست‌ها، حتی آن گاه که آن‌ها را با حالتی عاشقانه برپوست طبل می‌نهاد تا طنینش را خفه کند، باز هم می‌نواختند. او خود همچنان  به شمردن ادامه می‌داد ولی دست‌هایش حتی در لحظه های سکوت طبل - سکوتی که طبل ها بیش از دیگر سازها دارند - از نواختن و جنبیدن باز نمی‌ایستادند. دست‌هایش جنب و جوش صامتی داشتند. مدام چوب‌ها را عوض می‌کردند و هم چنان که زارو تا فرا رسیدن‌آن لحظهء بزرگ که می‌بایست چوب‌ها را با ضرباتی ظریف و شکوهمند بر طبل فرود آرد به شمردن ادامه می‌داد، آن‌هارا با حرکاتی نامحسوس نوازش می‌کردند.ابزار کارش را برای برای برپاکردن جشن، برای آن لخظهء بزرگ که طبل به صدا در می‌آمد آماده می‌کرد.و این، لحظه تکنوازی طبل بود. در این موقع برسیمای گوشتالود و سفید زارو - چهره ئی به سفیدی عاج - حالت جذبه ئی بی غل و غش نمایان می‌شد، سبیل تنکش به بالا می‌جهید و چشم‌هایش درخشان و پرفروغ می‌شد. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
 و اما دست‌هایش؟  دست‌های سفید واندکی گوشتالودش! - این دست‌ها، حتی آن گاه که آن‌ها را با حالتی عاشقانه برپوست طبل می‌نهاد تا طنینش را خفه کند، باز هم می‌نواختند. او خود همچنان  به شمردن ادامه می‌داد ولی دست‌هایش حتی در لحظه های سکوت طبل - سکوتی که طبل ها بیش از دیگر سازها دارند - از نواختن و جنبیدن باز نمی‌ایستادند. دست‌هایش جنب و جوش صامتی داشتند. مدام چوب‌ها را عوض می‌کردند و هم چنان که زارو تا فرا رسیدن‌آن لحظهء بزرگ که می‌بایست چوب‌ها را با ضرباتی ظریف و شکوهمند بر طبل فرود آرد به شمردن ادامه می‌داد، آن‌هارا با حرکاتی نامحسوس نوازش می‌کردند.ابزار کارش را برای برای برپاکردن جشن، برای آن لخظهء بزرگ که طبل به صدا در می‌آمد آماده می‌کرد.و این، لحظه تکنوازی طبل بود. در این موقع برسیمای گوشتالود و سفید زارو - چهره ئی به سفیدی عاج - حالت جذبه ئی بی غل و غش نمایان می‌شد، سبیل تنکش به بالا می‌جهید و چشم‌هایش درخشان و پرفروغ می‌شد. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
 هفتادو دو انسان فراکپوش،‌در تالاری غرقه در نور نشسته به رهبری یکی از مشهورترین رهبران اروپا سرگرم اجرای موسیقی آسمانی بودند.بدون شک بسیاری از علاقهمندان موسیقی با خود می اندیشیدند:« کاش من هم نوازندهء ارکستری بودم! چه زندگی زیبایی دارند؟زیستن در عالم موسیقی، جشنی است جاودانه!» آخر نه این که از این جمع هیچ یک را توفیق آن نبود که در جلسات تمرین ارکستر حضور داشته باشد؟! &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
عصر همان روز، پس از پایان برنامهء کنسرت، به افتخار همهء نوازندگان ارکستر سمفونیک ضیافتی برگزار شد. طبعا رهبر ارکستر در مرکز توجه همگان قرار داشت. من نیز توفیق پیدا کردم که در ضیافت مورد بحث شرکت کنم،  زیرا به هر تقدیر من نیز به آن جمع تعلق داشتم. میز رنگین، غذاهای متنوع، مشروب خوب و فراوان. نطق و خطابه و آوازخوانی. سرور و  شادمانی وجود همگی را پر کرده بود.رهبر ارکستر به یک انسان معمولی مبدل شده بود و اکثر نوازندگان را «تو» خطاب می‌کرد. مثلا ویولونیست اول را در آغوش گرفت و اطمینانش داد که مردی است هنرمند، «یک هنرمند واقعی» و از این که به هنگام تمرین‌ها او را «یک صنعتکار ناچیز» می‌نامید از او پوزش طلبید.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
جام های مشروب پیاپی پر و خالی می‌شد. چندین جام را به رسم ابراز شادمانی بر زمین کوبیدند و شکستند. جو ضیافت بعد از ساعات نیمه شب، رونق تازه‌ای گرفت: بحثی سخت پرشور دربارهء  سمفونی جدیدی که اجرا کرده بودند در گرفت. نوازندگان سرهای خود را به کلاه‌های کاغذی آراسته بودند. روی فراک‌های شان پولک های الوان کاغذی چسبیده بود. بر کاکل سیاه قیرگون زارو سعی فراوان داشت که در بحث همگان شرکت کند اما هر بار که لب به سخن می‌گشود تا ابراز عقیده ئی کند شنونده ای نمی‌یافت. همه با هم حرف می‌زدند و به میان سخن یکدیگر می‌دویدند‌، اما صدای آمرانهء رهبر ارکسترکه اکنون به قدر کافی سرش گرم شده بود رساتر از دیگر صداها طنین انداز می شد. روی یال شیریش یک کلاه مندرس عهد ناپلئون خودنمائی می‌کرد که به آهگ استدالال‌های کوبنده اش می‌جنبید. بر‌شانهء کتش جوی باریکی از رب گوجه فرنگی ماسیده بود. با صدای رسائی که داشت گفت: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
- دلم میخواهد خودتان فکر بکنید! آخر،‌من نمی‌فهمم این آقای سیبلیوس چه خیال کرده؟ چطور به خودش جرئت داده که تصاویر کهنهء ملی و روستایی را لای خصوص ناب و گستاخ بچپاند؛ درست مثل این است که انسان بردارد گل‌های شقایق را روی دیوار کلیسا نقاشی کند!&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
زارو به پا خاست. سبیلش در زیر آن بینی کاغذی می‌لرزید. صدا لب‌هایش به یک اندازه مرتعش بود. اما یاس و درماندگی سرانجام به او جرئت بخشید،‌چنان که صدایش استوار شد و در میان همهمهء عمومی طنین انداخت: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
- مائسترو! مائسترو! یک دنیا عذر می‌خواهم! بنده با عقیدهء شما موافق نیستم! اجازه بدهید نظر خودم را بگویم. لطفا گوش کنید!&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
و درباره این اثر بحث‌انگیز، داد سخن داد. راجع به سبک‌های رمانتیسم و کلاسی سیسم، شیوه‌های تنظیم و هماهنگ کردن سازها،‌نوآنس اصوات و نیز دربارهء تحولات قوانین کمپوزیسیون و مطالب دیگری که اکنون از بادم رفته است سخن گفت: رفته رفته عصبی‌تر می‌شد و زبانش لکنت پیدا ‌می‌کرد. تقریبا همهء حضار سکوت اختیار کرده بودند. در آن حالت، آکنده از شور و هیجان دست‌هایش را از هم می‌گشود و آن‌ها رابه حرکت در می‌آورد. نگاه آن چشم‌های سیاه که به سیمایش وقار و هیبتی می‌بخشید بالای بینی کاغذیش شعله‌وار بود.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
رهبر ارکستر که دست‌ها را بر سینه چلیپا کرده بود با دقت بسیار - دقتی که تنها به هنگام تماشا کردن لکهء چربی تازه‌ئی بر فراک نظیف اعمال می‌شود - به نوازندهء خپله چشم دوخته بود. کلاه ناپلئونی مائسترو بر کف تالار افتاده بود. سرانجام سرش را با غرور ونخوت بالا گرفت و بی آن که به کسی بنگرد پرسید: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
- این آقا کی باشند؟&lt;br /&gt;
- زارو، طبال ارکستر.&lt;br /&gt;
- هوم، زارو! آقا را باش! طبال‌باشی!... پس این طور، آقای زارو! شما بهتر است حواست پیش طبلت باشد. فراموش نکن که به چوب زدن طبل موسیقی نمی‌گویند. تازه جالب این است که آقا سعی  می‌کند سمفونی را برای من توضیح بدهد! می‌دانی؟ تو در ارکستر فقط یک کرم هستی!&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
آن وقت پشتش را رد به زارو بخث قطع شده را از سر گرفت. انگار نه انگار. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
بار دیگر همهمه از سر گرفته شد اما به نظرم می‌رسید که سکوت عجیبی را بر آن جلسه حکمفرما شده. این سکوت شوم* زارو را تنگ در حلقهء محاصرهء خود گرفت. به گوشه‌سی از تالار ضیافت پناه برده بود و در این حال کوتاه‌تر از آن می‌نمود که بود. چنان بود که انگار بینی کاغذی و گوشه های سبیل و لب زیرینش فرو افتاده است. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
دیگران همگی حسابی سرحال می‌نمودند. باید صمیمانه اعتراف کنم که من اکنون همه‌ء جزئیات ضیافت آن شب را به خاطر ندارم، با این همه لحظهء خروج از سالن را که نگاهم به زارو افتاده بود فراموش نکرده‌ام: یکه و تنها. با کلاه کوچکش و با یک بطر شامپانی که لای زانوهایش داشت روی پله‌ء دماغش را بالا می‌کشید و دانه‌های اشک روی گونه‌هایش می‌غلتیدند. این آخرین خاطره‌ئی است که از آن کنسرت با شکوه در خاطرم به جای مانده است. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
«مائسترو» پیش از ترک شهرمان می‌بایست در یک کنسرت دیگر شرکت می‌جست و ارکستر را رهبری می‌کرد. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در همان نخستین جلسه‌ء تمرین از مشاهده‌ء وضع زارو به حیرت افتادم: زارو به کلی تغییر یافته بود. با گونه‌های فرو افتاده، بدون شور و حرارت روزهای پیشین - درست مثل ماشینی خودکار- می‌شمرد و انجام وظیفه می‌کرد. رنگ صورتش به سفیدی رنگ و روی اموات بود. گمانکردم بیمار است. بعد از پایان تمرین به اتفاق هم بیرون آمدیم. گفتم: &lt;br /&gt;
- زارو، خسته به نظر می‌آئی.&lt;br /&gt;
جوابم را نداد،‌چانه‌اش را در یقهء پالتویش کرد و خاموش و بی‌صدا به راه رفتن ادامه داد. سرانجام پرسید:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
- تو شنیدی که گفت «کرمی در ارکستر»؟...آن کرم، منم،‌ من، زارو! کرمی در ارکستر.&lt;br /&gt;
بعد از من دعوت کرد به خانه‌اش بروم. تشکر کردم و به عذر دیروقت بودن سعی کردم تا از اجابت دعوتش سر باز بزنم؛ اما پشت در خانه‌اش که رسیدیم وجود مرا یکسره فراموش کرده بود: در را جلو صورتم محکم به‌هم کوبید و مرا پشت در گذاشت.&lt;br /&gt;
 در جلسهء تمرین بعدی رفتارش سخت عجیب بود. بعد از پایان تمرین سعی کردم ببینمش؛ قصد داشتم دلداریش بدهم. دم در خروجی جلوش را گرفتم و گفتم: &lt;br /&gt;
- گوش کن زارو، حرف‌های یارو را فراموش کن. آن شب مست بود. تازه ماها هم همگی مست بودیم. &lt;br /&gt;
بی‌شتاب به طرف من چرخید و نگاه مه گرفته‌اش را به من دوخت در نگاهش نفرتی عمیق موج می‌زد، نفرتی سرد و کدر، نفرتی گنگ و ناسالم. خاموش ماند، رویش را برگرداندو به‌راه خود رفت.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سرانجام روز اجرای کنسرت وداع فرا رسید. &lt;br /&gt;
گرچه در کنسرت های  بسیاری حضور یافته بودم، با این همه تا حدی احساس بی ابی و ناراحتی می‌کردم چرا که آن شب وظیفهء مخصصی به من محول شده بود. می‌بایست دسته گل‌هائی را که مانند روزهای ختم و عزاداری سراسر راهرو تالار را پوشانده بود به رهبر ارکسترو ویولونیست اول تقدیم کنم. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
کنار در جنبی صحنه ایستاده بودم و به مجموعهء اصوات عجیب و درهم برهم سازهای مختلفی که کوکشان می‌کردند و هم چنین به تمرین‌های کوتاه انفرادی که تا ظاهر شدن رهبر ارکستر فضای تالار را پر کرده بود گوش می‌دادم. زارو بی‌حرکت سر جای خود نشسته بود. دست‌های عاری از حیاتش روی طبل قرار داشت و نگاهش به فضای تالار دوخته شده بود. انسان از مشاهدهء او به یاد مومیائی‌ها می‌افتاد. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
هنگامی که رهبر ارکستر ظاهر شد و تالار از کف زدن‌ها و هلهلهء تماشاگران به لرزه درآمد نیز زارو همچنان بی‌حرکت سر جای خود نشسته بود،‌ دست‌هایش را برای برپا داشتن جشن آماده نکرد. چوب‌های طبل را عاشقانه میان دست‌هایش نگرفت. در میان آن همه همهمه به نظرم آمد که سکوتی ناگهانی - سکوتی وحشتناک - بر تالار حکمفرما شده است - این سکوت همچون دیوار سفیدی زارو را احاطه کرده بود. نگران و مضطرب شدم. حتی در لحظه‌ای که رهبر ارکستر چپبش رابلند کرد و سارسر تالار در خاموشی مطلق فرو رفت، باز هم نتوانستم این اضطراب را از خودم دور کنم. زارو را می‌دیدم که چشم‌های سیاه و بی‌حالتش را به مائسترو دوخته بود.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سرانجام طنین نخستین آکوردهای سمفونی در فضای تالار پیچید. به چهرهء زارو نگریستم و از شدت اضطرابم کاسته شد. داشت وزن‌ها را می‌شمرد و شش دانگ حواسش متوجه موسیقی بود. لحظه‌ئی بعد چوب‌های طبل را  توی دستش گرفت. من با همهء جمله‌های این سمفونی آشنا بودم و لحظه پیشش را به خود گرفت اما ناگهان حادثهء غیرمنتظره‌ئی رخ داد: در این قسمت از سمفونی، طنین موسیقی می‌بایست رساتر شود و نوازندهء طبل وظیفه داشت ریتم آنرا حمایت و تقویت کند و  به مرحلهء بالاتری ارتقا دهد. البته زارو چوب‌هایش را بر طبل فرود آورد، اما چگونه؟ بنای ترکیب با شکوه اصوات داشت شکاف بر‌می‌داشت و فرو می‌ریخت. کافی بود انسان به چشم‌های شنوندگان نگاه کند  تا به این مطلب پی‌ ببرد. در نگاه‌شان نگرانی و عدم رضایت موج می‌زد. جمعیت رفته‌رفته همهمه سر داد. رنگ صورت مائسترو از شدت خشم و غضب به سبزی گرائید.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سرانجام به حقیقت قضیه پی‌بردم!&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
زارو در شمارش خود دچار اشتباه شده بود. مقدار اشتباهش به اندازهء یک هشتم ضرب بود. البته نمی‌توانم به درستی مشخص کنم که در وارد آوردن ضربه بر طبل تعجیل یا تاخیری روی داده بود، اما قدر مسلم آن که زارو اشتباه کرده بود. او قسمت ویژهء خود را اجرا کرده بود اما اکنون پیش درآمد بدون همراهی طبل ادامه یافته بود. این اشتباه را نمی‌شد رسوائی نامید، بلکه احتمالا می‌توانست ناکامی و عدم موفقیت ساده‌ئی به شمار رود. مائسترو همچنان به رهبری خود ادامه داد. از این پس، ضربه‌های کوتاه و خفهء طبل دقیق و حساب شده بود.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در مدت سکوت میان قسمت‌های اول و دوم،‌ زارو از سیمای رهبر ارکستر چشم بر‌نمی‌داشت. چنین به نظر می‌رسید که در همهء این مدت سرگرم شمارش است. از لحظه‌ئی که ارکستر اجرای قسمت آداجیو را شروع کرد، همهء توجه ملامت‌بار مائسترو به روی زارو متمرکز شد و درست در همین هنگام بود که در حادثهء بسیار تاثرانگیزی روی داد: حادثه‌ای که تا مدت‌ها نقل محافل موسیقی شهر ما شد. طبل، سکوت کرده بود. در این قسمت زمزمهء ملایم طبل می‌بایست روح پرتلاطم موسیقی را تقویت کند و برشور آن بیافزاید، اما طبل زارو لب از زمزمه فرو بسته بودو ترنم موسیقی هم چنان ادامه داشت لیکن به سبب عدم برخورداری از حمایت طبل، سخت رنگ پریده و بی‌روح می‌نمود. جمله‌های زیبای موسیقی  در این جا به طور قطع به چارچوب احتیاج داشت. موسیقی، طرح و نور و سایهء خود را از دست داده بود. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
مائسترو اشارهء صریحی به سوی طبال کرد. فس فس نفس‌های سنگینش در سراسر تالار شنیده می‌شد. در حالی که به طرف زارو چرخیده بود ارکستر را با مشت‌های گره کرده رهبری می‌کرد. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
چیزی شبیه یک لبخند بر چهرهء زارو نقش بست. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
روزی تابلویی دیده‌ بودم که تصویر مرد مجکوم به اعدامی در لحظهء اجرای حکم بر آن نقاشی شده بود. به لولهء تفنگ‌ها چشم دوخته بود و می‌خندید. آشکار بود که بر مرگ پیروز شده است. لبخند چهرهء زارو نیز چنین بود.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
شرح رویدادهای بعدی بسیار دشوار است. اگر بتوان سمغونی را له کرد، لگدگوب کرد و غبارش را به فضا فرستاد، درست همان حادثه‌ئی صورت خواهد گرفت که آن شب بر سر سمفونی آمد. و این کار به دست یکی از ناچیزترین نوازندگان ارکستر - به دست مردی از خدمهء طبل،  و انسانی که در واقع در شمار نوازندگان نیست - صورت گرفته بود. این بار، ساز «ضربی» حجاب سکوت را دریده بود. ضربه‌های مقطع و مکرر طبل طنین انداز شد و رفته رفته به غرش کر کننده مبدل شد؛ غرشی که وای سازهای دیگر را در میان دریای ناهماهنگی‌های خود غرق کرد. هر کسی احساس می‌کرد که از اوج آسمان‌ها بر زمین فرو کوفته له و لورده شده است. جمعیت به پا خاست و همهمهء ناله آسائی سر داد. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در همان لحظه‌ئی که مائسترو چوب خود را به میز کوبید تا نوازندگان را از ادامهء کار باز دارد زارو نیز به پا خاست، چوب‌های طبل را بر زمین انداخت، سرش را در برابر رهبر ارکستر خم کرد و پیش از آن که مجال سخن گفتن بدهد به سوی جمعیت چرهید، تعظیم غرائی کرد و دمی بعد نگاهش را از آنان برگرفت و بی‌آن که به پشت سر خود بنگرد صحنه را ترک گفت.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
بدیهی است که آن شب اجرای کنسرت متوقف شد. تصور می‌کنم بعضی‌ها خبر این واقعه را که در جراید فردای آن شب به چاپ رسید و نیز عزیمت ناگهانی مائسترو را از شهرمان هنوزهم به خاطر داشته باشند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
زارو ناپدید شد و از آن روز به بعد دیگر کسی او را ندید.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ چین}}&lt;br /&gt;
ترجمهء سروژ استپانیان&lt;br /&gt;
{{پایان چپ‌چین}}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Pouya</name></author>
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		<title>کِرمی در اُرکستر</title>
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		<updated>2011-08-17T20:49:04Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;Pouya: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[Image:13-048.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۴۸|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۴۸]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-049.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۴۹|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۴۹]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-050.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۵۰|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۵۰]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-051.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۵۱|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۵۱]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-052.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۵۲|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۵۲]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-053.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۵۳|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۵۳]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-054.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۵۴|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۵۴]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-055.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۵۵|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۵۵]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-056.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۵۶|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۵۶]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-057.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۵۷|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۵۷]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-058.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۵۸|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۵۸]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-059.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۵۹|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۵۹]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-060.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۶۰|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۶۰]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-061.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۶۱|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۶۱]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{بازنگری}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در آن روزگاری که من کارمند ارکستر سمفونیک بودم، زارو در شمار نوازندگان &amp;gt;ضربی&amp;lt; ارکستر بود. سازهای ضربی و به عبارت دیگر &amp;gt;توپخانهء ارکستر&amp;lt; را چندین طبل با بشقابهای مسینی که به دو طرفشان آویخته و چند عدد چوب کوتاه و بلند که می توانند به آرامی زمزمه سر دهند و یا به سختی غرش آغاز کنند تشکیل می‌دهد. هیچ کس جز خود زارو حق نداشت به &amp;gt;توپخانه&amp;lt; دست بزند. تنها خود او بود که طبل ها را پاک و مرتب می‌کرد، پوشش آن‌ها را برمی‌داشت و بار دیگر همچون کودکان قنداق پیچ‌شان میکرد. اکثر نوازندگان آرزو دارند روزی به صف استید واقعی در آیند. در واقع همهء آن‌ها چنین‌اند، اما گرفتاری‌های زندگی این گونه آرمان‌ها را برباد می‌دهد و خود نوازندگان را به سازهائی فرمانبر مبدل می‌کند. &lt;br /&gt;
در آن میان تنها زارو بود که هنرمند ملهمی باقی ماند. روح موسیقی، روح خود او بود. یادم می‌آید که به من می‌گفت: - تو همه اش از ویلون و پیانو حرف می‌زنی، حال آن که &amp;gt;توپخانه&amp;lt; خودش به تنهایی یک پا سمفونی است؟ &lt;br /&gt;
البته من به هیچ روی مدعی آن نیستم که موسیقی را به خوبی درک می‌کردم؛ از این جهت در جوابش گفتم:&lt;br /&gt;
- من فقط متصدی حرارت مرکزی تالار هستم و وظیفه‌ام این است که نگذارم انگشت‌های‌تان یخ بزند. اما تا حالا شنیده بودی ادعا کنم حرارت مرکزی هم خودش یک‌پا سمفونی است؟ &lt;br /&gt;
به هرتقدیر جروبحث کردن با زارو و نیز با ویلونیست اول ارکستر کار عبثی بود تازه فیس‌وافاده و ادعاهای ویولونیست اول را می‌شد توجیه، چرا که یک رهبر ارکستر پرآوازه در برابر چشم همهء تماشاگران فقط دست اورا می‌فشارد و به نام او از همهء اعضای ارکستر ابراز تشکر می‌کند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
این ویولونیست اول است که از جانب همهء نوازندگان ارکستر، باحجب و تبختر لبخند بر لب می‌آورد و در همان حال، احساس حقارتی را که همهء آن‌ها به هنگام تمرین‌ها تحمیل کرده‌اند و انزجاری را که از رهبر ارکستر که در جریان تمرین‌ها بدترین ناسزاها را بارشان می‌کند به دل دارند به بوتهء فراموشی می‌سپارد. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اما این حالت در مورد همه، یا دقیق‌تر بگویم در مورد زارو مصداق پیدا نمی‌کرد. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در بدو امر چنین به نظر می‌رسد که نوای ساز ضربی کمترین وجه اشتراکی با اصل موسیقی ندارد چرا که مهمترین وظیفهء طبال چیزی جز شمردن نیست. او مدام می‌شمارد. چوب‌های بلند یا کوتاه را توی دستش می‌گیرد و آن‌ها را بر طبل می‌کوبد. ضربه‌ئی محکم یا ضربه‌ئی ملایم. او قادر است اصواتی شبیه غرش وعده‌های دوردست را که رفته‌رفته به غرش توپخانه مبدل می‌شود از بل بیرون بیاورد. می‌تواند بشقاب‌های برنجی طرفین طبل را توی دستش بگیردو از‌آن‌ها صدائی شبیه به پانگ یا پینگ - اصواتی دقیق و حساب شده- خارج کند. وظیفه دارد که بی وقفه و بدون احساس خستگی بشمارد و باز هم بشمارد.&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
من که به اقتضای شغلم موظف بودم همیشه و در جریان همهء تمرینها،‌در تالار حضور داشته باشم توفیق یافته بودم که درک معنای موسیقی را تا حدی فرا بگیرم، اما مهم‌ترین  نکته‌ئی که دستگیرم شد دشواری و ناسپاسی این حرفه بود.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
یک نوازندهء ارکستر نه تنها مغز و عضلاتش را به کار می‌گیرد، بلکه مساله آتیهء درخشانش نیز - دست کم در نخستین سال‌های آغاز کارش، یعنی در زمانی که گمان می‌برد در شمار مشاهیر عالم هنر در خواهد آمد - برایش مطرح می‌شود. و از همین روست که به حکم اجبار، درشتگوئی‌های مردی را که چوبی در دست دارد و آن را در فضا به هر سو حرکت می‌دهد تحمل می‌کند. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
آری، نوازندگی حرفه‌ئی است تلخ و حقارت بار. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
ما معمولا نوازندگان را در تالارهای غرقه در نور و آراستهء کنسرت مشاهده می‌کنیم که با اسموکینگ‌ها یا فراک‌های خوشدوخت‌شان روی صحنه جلوس کرده‌اند و آثار زیبای موسیقیدانان را جرا می‌کنند. اما به هنگام تمرین‌ها با کت و شلوارهای فرسوده‌شان - لباس‌هائی که هر روز بر تن دارند - در تالار حضور می‌یابند و بسته به میزان شهرت یا حرارت و حساسیت مردی که ارکستر را رهبری می‌کند، ساعت‌های متوالی- سه، چهار و گاه حتی پنج ساعت - می‌نوازند. این تمرین‌ها زیر نور کم فروغ و رنگ پردیدهء چراغ‌های مخصوص نت خوانی و در میان گرد و غبار سالن (چنین است وضع تالار کنسرت در روزهای عادی) آغاز می‌شود و انجام می‌گیرد. هر نوازنده‌ئی در ساعت غیرتمرین مشغله‌ئی دارد، که بعد از تمام تمرین ناگزیر است به سراغ آن بشتابد. اکثرشان عصرها یا شب‌ها در کافه و رستوران‌های مختلف شهر نوازندگی می‌کنند. برخی از آن‌ها نیز کلاس درس خصوصی دارند. بعد از پایان جلسات تمرین برچهره‌ های عرق کرده و خاکستری رنگ‌شان ممکن نیست حتی سایهئی از شوق و رضایت مشاهده شود. آن ها در لحظه ئی که رهبر ارکستر عرق از چهره می‌زداید و کتش را می‌پوشد و می‌گوید: &amp;lt;خوب، انگار برای امروز کافی است&amp;gt; از شدت خستگی و اندوه و نفرت، منگ و بهت‌زده به نظر می‌آیند. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
تنها کسی که مهر اندوه و ملال برچهره‌اش نقش نمی‌بست زارو بود. بر رخسار او حتی اندک اثری از ویرانی و نفرت مشاهده نمی‌شد. این ویرانی و نفرت را برچهرهء دیگر نوازندگان - که در دست‌های رهبر ارکستر جز یک ساز سمفونی آسمانی چیزی نبودند- بارها و بارها دیده بودم. زارو بعد ختم جلسهء تمرین چوب‌های طبلش را با احتیاط جمع می‌کرد. گرد و غبار &amp;lt;توپ&amp;gt; را با یک تکه جیر به دقت می‌زدود و با دهانش ضرب می‌گرفت: &amp;lt;داـ دا ـ دی، داـ داـدی …&amp;gt;و در همان حال،‌چشم‌های سیاهش پرفروغ می‌شد. در این گونه مواقع رو می‌کرد به یکی از نوازندگان و می‌گفت: «خدایا چه تمی؟ خدای بزرگ ، چه تم قشنگی؟»&lt;br /&gt;
اما در آن میان کسی را نه حالی بود نه مجالی تا دربارهء »تم« با او جروبحث بنشیند.لاجرم خودش را مخاطب قرار‌ می‌داد و با خود می‌گفت: »محشره؟ واقعا که محشره؟«&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
گاهی اوقات به تماشای تمرین‌های انفرادیش می رفتم. او در خانه‌اش طبل نداشت، اما با وجود این به تمرین می‌پرداخت. رو به روی دفترچهء نت می‌نشست، سرش را با وزن موسیقی به حرکت در می‌آورد و سرگرم شمردن می‌شد. در این حال انسان می‌توانست آرزوهای او را توی چشم‌هایش بخواند. در عالم خیال، چوب‌های کوتاه نامرئی و بشقاب‌های برنجی را به دست می‌گرفت و می‌نواخت. در این گونه مواقع چنا‌چه به اتاقش پا می‌نهادم. آرام و خاموش روی صندلی می‌نشستم تا مگر سمفون صامتی را که به زعم زارو طنین آن در فضای اتاقش پیچیده بود و کلبهء محقرش را به تالارپرنور کنسرت ماننده می‌کرد قطع نکنم. مرغ سعادت آشکارا بر اتاقش بال و پر می‌گشود. این سعادت در کلبهء محقر او - کلبه‌ئی که در عین حا به عنوان آشپزخانه نیز مورد استفاده قرار می‌گرفت و میز ناهار خوریش پوشیده از خرده نان و هوایش آکنده از بوی کالباس و پیاز خام بود - به شکل گنبد کلیسا و آسمان پرستاره جلوه‌گر می‌شد. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
زارو معمولا می‌گفت: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
- این که نوازنده‌ها خاکستری رنگ شده‌اند و از موسیقی هم لذتی نمی‌برند تقصیر خود آن‌ها است. پیش از آن که جای خودشان را توی ارکستر پیدا بکنند می‌روند زن می‌گیرند، و تا بیایند به خودشان بجنبند بچه‌دار می‌شوند. بعدش هم هی باید زور بزنند تا پول لباس و اجارهء خانه و خرج تحصیل بچه هایشان را در بیاورند. به این ترتیب ناچار می‌شوند به درس خصوصی دادن و ساز زدن توی کافه‌ها رو بیاورند و استعداد خودشان را تباه کنند. اول استعدادشان را به باد می‌دهند بعد هم آرزوهاشان را. وقتی شش دانگ حواس انسان پیش اجاره خانه باشد البته که موسیقی در وجودش می‌میرد. هنر، تا دلت بخواهد بوالهوس است و احتیاج به رنگ‌های درخشان دارد. اگر هنر فقط با رنگ خاکستری نفس بکشد خاموش می‌شود و می‌میرد. به من و اتاقم نگاه کن؟ درست است که مثل قصر نیست اما در عوض اجاره‌اش ارزان و مناسب است. از این وضع راضیم، چون که شب و نصف شب مجبور نمی‌شوم بی خوابی بکشم و فکر این که می‌توانم سر برج اجاره خانه را کف دست مالک ساختمان بریزم یا نه پدرم را بسوزاند. خوشم از این که می‌توانم با خیال راحت دراز بکشم و به نغمه‌های پنج ضربی موسیقی ملی سرزمین روسیه فکر بکنم و از کمال‌شان لذت ببرم. یک چنین لذتی، رنگین کمانی است از یاقوت و زمرد. در این حال موسیقی درست مثل یک لالائی وجودم را نوازش می‌دهد. گرفتاری‌های روزمره با آن  رنگ‌های خاکستری و کثیف‌شان قادر نیستند این موسقی را تیره و کدر کنند. این کلبه‌ئی که می‌بینی قصر رنگین‌کمان من است. اما لازم است بدانی که هیچ زنی به این قصر راه ندارد.آخر وقتی که عشق به صورت عادت در بیاید و تازگی خودش را از دست بدهد،‌اجاره خانه و پول شیرفروش این جور حرف‌ها در ردیف اول اهمیت قرار می‌گیرد و درست در همین وقت است که انسان رنگ خاکستری را استنشاق می‌کند و هنر هم لاجرم می‌میرد؛ و غالبا عشق هم همراه هنر جان به جان آفرین تسلیم می‌کند. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
چنین بود سخنان زارو.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اندکی پیش از برگزاری جشن سالگرد تاسیس ارکستر سمفونیک، رهبر ارکستر جدیدی به شهرمان آمد. ارکستر سمفونیک در این جشن با شکوه قرار بود سمفونی تازهء سیبلیوس را برای نخستین بار اجرا کند. در آن روزها سمفونی مورد بحث را که در محافل مختلف موسیقیدانان وموسیقی شناسان جر و بحث  فراوانی برانگیخته بود یک اثر بسیار انقلابی به شمار می‌آوردند. مردم شهرمان، طی سه هفتهء پیاپی با ایراد نطق و خطابه و برگزاری ضیافت ها مقدم آن رهبر ارکستر را گرامی داشتند. اما اعضای ارکستر، در ساعات روز، در جریان تمرین‌ها از خلق تند و غیرقابل تحمل او به جان می آمدند. کتش را در می آورد و کار تمرین را آغاز می‌کرد. موی سفیدش که بی شباهت به یال شیر نبود بر فرق سرش می‌جنبید، دست‌هایش را در فضا به حرکت در می‌آورد، پا بر زمین می‌کوبید، در حرف‌هایش خشونت به کار می‌برد و نوازنده‌ها را بعد از نواختن چند میزان متوقف میکرد که مثلا:«دوباره از می شروع کنید!» آن‌ها بار دیگر از سر می‌گرفتند و رفته‌رفته با دقت کمتری می‌نواختند، و اقای رهبر ارکستر بعد از چند میزان بار دیگر نعره می‌کشید که: «دوباره از می!»&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
زارو خودش را بر فراز المپ حس می‌کرد. با هیجان بسیار چهرهء عرق کرده‌اش را خشک می‌کرد و می‌گفت:«این مرد راستی راستی نابغه است. چه روح پرشوری؟ او، خدای آتش‌فشان‌هاست؟» ودر همان حال، سایرنوازندگان غرولندکنان زیرلب می‌گفتند:«ابلیس!…جلاد!…مردم‌آزار!»&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
و بدین گونه بود که سرانجام موسیقی یا دقیق‌تر بگویم سمفونی خلق می‌شد. بعد از این تمرین‌ها اصوات هفتاد و دو ساز مختلف به اشارهء دست‌های سحرآمیز رهبر ارکستر درهم می‌آمیخت و طنین این نوا در فضای تالار کنسرت چنان بود که گوئی همهء اصوات فقط از یک ساز خارج می‌شود. هنگامی که ارکستر به قسمت پیانی‌سیمو می‌رسید انسان تصور می‌کرد که این ترانه را یک روح ساز کرده است. می‌پنداشت دیوارهای تالار است که در گوشش زمزمه می‌کند. گمان می‌برد که این نوا از جهانی دیگر به درون تالار تراویده است، سقف تالار به کناری می‌رفت و آسمان بلندی و بیکرانگی آسمان جلوه‌گر می‌شد. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
زارو خپله، همچون درنده‌ئی که آماده جهیدن باشد در جای خودش میخکوب می‌شد. با توجهی آمیخته به احترام به رهبر ارکستر چشم می‌دوخت، وزن‌ها را می‌شمرد و لب‌هایش رابا حالتی بسیار زیبا - انگار که قصد بوسیدن دارد - جمع می‌کرد.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
 و اما دست‌هایش؟  دست‌های سفید واندکی گوشتالودش! - این دست‌ها، حتی آن گاه که آن‌ها را با حالتی عاشقانه برپوست طبل می‌نهاد تا طنینش را خفه کند، باز هم می‌نواختند. او خود همچنان  به شمردن ادامه می‌داد ولی دست‌هایش حتی در لحظه های سکوت طبل - سکوتی که طبل ها بیش از دیگر سازها دارند - از نواختن و جنبیدن باز نمی‌ایستادند. دست‌هایش جنب و جوش صامتی داشتند. مدام چوب‌ها را عوض می‌کردند و هم چنان که زارو تا فرا رسیدن‌آن لحظهء بزرگ که می‌بایست چوب‌ها را با ضرباتی ظریف و شکوهمند بر طبل فرود آرد به شمردن ادامه می‌داد، آن‌هارا با حرکاتی نامحسوس نوازش می‌کردند.ابزار کارش را برای برای برپاکردن جشن، برای آن لخظهء بزرگ که طبل به صدا در می‌آمد آماده می‌کرد.و این، لحظه تکنوازی طبل بود. در این موقع برسیمای گوشتالود و سفید زارو - چهره ئی به سفیدی عاج - حالت جذبه ئی بی غل و غش نمایان می‌شد، سبیل تنکش به بالا می‌جهید و چشم‌هایش درخشان و پرفروغ می‌شد. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
 هفتادو دو انسان فراکپوش،‌در تالاری غرقه در نور نشسته به رهبری یکی از مشهورترین رهبران اروپا سرگرم اجرای موسیقی آسمانی بودند.بدون شک بسیاری از علاقهمندان موسیقی با خود می اندیشیدند:« کاش من هم نوازندهء ارکستری بودم! چه زندگی زیبایی دارند؟زیستن در عالم موسیقی، جشنی است جاودانه!» آخر نه این که از این جمع هیچ یک را توفیق آن نبود که در جلسات تمرین ارکستر حضور داشته باشد؟! &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
عصر همان روز، پس از پایان برنامهء کنسرت، به افتخار همهء نوازندگان ارکستر سمفونیک ضیافتی برگزار شد. طبعا رهبر ارکستر در مرکز توجه همگان قرار داشت. من نیز توفیق پیدا کردم که در ضیافت مورد بحث شرکت کنم،  زیرا به هر تقدیر من نیز به آن جمع تعلق داشتم. میز رنگین، غذاهای متنوع، مشروب خوب و فراوان. نطق و خطابه و آوازخوانی. سرور و  شادمانی وجود همگی را پر کرده بود.رهبر ارکستر به یک انسان معمولی مبدل شده بود و اکثر نوازندگان را «تو» خطاب می‌کرد. مثلا ویولونیست اول را در آغوش گرفت و اطمینانش داد که مردی است هنرمند، «یک هنرمند واقعی» و از این که به هنگام تمرین‌ها او را «یک صنعتکار ناچیز» می‌نامید از او پوزش طلبید.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
جام های مشروب پیاپی پر و خالی می‌شد. چندین جام را به رسم ابراز شادمانی بر زمین کوبیدند و شکستند. جو ضیافت بعد از ساعات نیمه شب، رونق تازه‌ای گرفت: بحثی سخت پرشور دربارهء  سمفونی جدیدی که اجرا کرده بودند در گرفت. نوازندگان سرهای خود را به کلاه‌های کاغذی آراسته بودند. روی فراک‌های شان پولک های الوان کاغذی چسبیده بود. بر کاکل سیاه قیرگون زارو سعی فراوان داشت که در بحث همگان شرکت کند اما هر بار که لب به سخن می‌گشود تا ابراز عقیده ئی کند شنونده ای نمی‌یافت. همه با هم حرف می‌زدند و به میان سخن یکدیگر می‌دویدند‌، اما صدای آمرانهء رهبر ارکسترکه اکنون به قدر کافی سرش گرم شده بود رساتر از دیگر صداها طنین انداز می شد. روی یال شیریش یک کلاه مندرس عهد ناپلئون خودنمائی می‌کرد که به آهگ استدالال‌های کوبنده اش می‌جنبید. بر‌شانهء کتش جوی باریکی از رب گوجه فرنگی ماسیده بود. با صدای رسائی که داشت گفت: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
- دلم میخواهد خودتان فکر بکنید! آخر،‌من نمی‌فهمم این آقای سیبلیوس چه خیال کرده؟ چطور به خودش جرئت داده که تصاویر کهنهء ملی و روستایی را لای خصوص ناب و گستاخ بچپاند؛ درست مثل این است که انسان بردارد گل‌های شقایق را روی دیوار کلیسا نقاشی کند!&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
زارو به پا خاست. سبیلش در زیر آن بینی کاغذی می‌لرزید. صدا لب‌هایش به یک اندازه مرتعش بود. اما یاس و درماندگی سرانجام به او جرئت بخشید،‌چنان که صدایش استوار شد و در میان همهمهء عمومی طنین انداخت: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
- مائسترو! مائسترو! یک دنیا عذر می‌خواهم! بنده با عقیدهء شما موافق نیستم! اجازه بدهید نظر خودم را بگویم. لطفا گوش کنید!&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
و درباره این اثر بحث‌انگیز، داد سخن داد. راجع به سبک‌های رمانتیسم و کلاسی سیسم، شیوه‌های تنظیم و هماهنگ کردن سازها،‌نوآنس اصوات و نیز دربارهء تحولات قوانین کمپوزیسیون و مطالب دیگری که اکنون از بادم رفته است سخن گفت: رفته رفته عصبی‌تر می‌شد و زبانش لکنت پیدا ‌می‌کرد. تقریبا همهء حضار سکوت اختیار کرده بودند. در آن حالت، آکنده از شور و هیجان دست‌هایش را از هم می‌گشود و آن‌ها رابه حرکت در می‌آورد. نگاه آن چشم‌های سیاه که به سیمایش وقار و هیبتی می‌بخشید بالای بینی کاغذیش شعله‌وار بود.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
رهبر ارکستر که دست‌ها را بر سینه چلیپا کرده بود با دقت بسیار - دقتی که تنها به هنگام تماشا کردن لکهء چربی تازه‌ئی بر فراک نظیف اعمال می‌شود - به نوازندهء خپله چشم دوخته بود. کلاه ناپلئونی مائسترو بر کف تالار افتاده بود. سرانجام سرش را با غرور ونخوت بالا گرفت و بی آن که به کسی بنگرد پرسید: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
- این آقا کی باشند؟&lt;br /&gt;
- زارو، طبال ارکستر.&lt;br /&gt;
- هوم، زارو! آقا را باش! طبال‌باشی!... پس این طور، آقای زارو! شما بهتر است حواست پیش طبلت باشد. فراموش نکن که به چوب زدن طبل موسیقی نمی‌گویند. تازه جالب این است که آقا سعی  می‌کند سمفونی را برای من توضیح بدهد! می‌دانی؟ تو در ارکستر فقط یک کرم هستی!&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
آن وقت پشتش را رد به زارو بخث قطع شده را از سر گرفت. انگار نه انگار. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
بار دیگر همهمه از سر گرفته شد اما به نظرم می‌رسید که سکوت عجیبی را بر آن جلسه حکمفرما شده. این سکوت شوم* زارو را تنگ در حلقهء محاصرهء خود گرفت. به گوشه‌سی از تالار ضیافت پناه برده بود و در این حال کوتاه‌تر از آن می‌نمود که بود. چنان بود که انگار بینی کاغذی و گوشه های سبیل و لب زیرینش فرو افتاده است. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
دیگران همگی حسابی سرحال می‌نمودند. باید صمیمانه اعتراف کنم که من اکنون همه‌ء جزئیات ضیافت آن شب را به خاطر ندارم، با این همه لحظهء خروج از سالن را که نگاهم به زارو افتاده بود فراموش نکرده‌ام: یکه و تنها. با کلاه کوچکش و با یک بطر شامپانی که لای زانوهایش داشت روی پله‌ء دماغش را بالا می‌کشید و دانه‌های اشک روی گونه‌هایش می‌غلتیدند. این آخرین خاطره‌ئی است که از آن کنسرت با شکوه در خاطرم به جای مانده است. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
«مائسترو» پیش از ترک شهرمان می‌بایست در یک کنسرت دیگر شرکت می‌جست و ارکستر را رهبری می‌کرد. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در همان نخستین جلسه‌ء تمرین از مشاهده‌ء وضع زارو به حیرت افتادم: زارو به کلی تغییر یافته بود. با گونه‌های فرو افتاده، بدون شور و حرارت روزهای پیشین - درست مثل ماشینی خودکار- می‌شمرد و انجام وظیفه می‌کرد. رنگ صورتش به سفیدی رنگ و روی اموات بود. گمانکردم بیمار است. بعد از پایان تمرین به اتفاق هم بیرون آمدیم. گفتم: &lt;br /&gt;
- زارو، خسته به نظر می‌آئی.&lt;br /&gt;
جوابم را نداد،‌چانه‌اش را در یقهء پالتویش کرد و خاموش و بی‌صدا به راه رفتن ادامه داد. سرانجام پرسید:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
- تو شنیدی که گفت «کرمی در ارکستر»؟...آن کرم، منم،‌ من، زارو! کرمی در ارکستر.&lt;br /&gt;
بعد از من دعوت کرد به خانه‌اش بروم. تشکر کردم و به عذر دیروقت بودن سعی کردم تا از اجابت دعوتش سر باز بزنم؛ اما پشت در خانه‌اش که رسیدیم وجود مرا یکسره فراموش کرده بود: در را جلو صورتم محکم به‌هم کوبید و مرا پشت در گذاشت.&lt;br /&gt;
 در جلسهء تمرین بعدی رفتارش سخت عجیب بود. بعد از پایان تمرین سعی کردم ببینمش؛ قصد داشتم دلداریش بدهم. دم در خروجی جلوش را گرفتم و گفتم: &lt;br /&gt;
- گوش کن زارو، حرف‌های یارو را فراموش کن. آن شب مست بود. تازه ماها هم همگی مست بودیم. &lt;br /&gt;
بی‌شتاب به طرف من چرخید و نگاه مه گرفته‌اش را به من دوخت در نگاهش نفرتی عمیق موج می‌زد، نفرتی سرد و کدر، نفرتی گنگ و ناسالم. خاموش ماند، رویش را برگرداندو به‌راه خود رفت.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سرانجام روز اجرای کنسرت وداع فرا رسید. &lt;br /&gt;
گرچه در کنسرت های  بسیاری حضور یافته بودم، با این همه تا حدی احساس بی ابی و ناراحتی می‌کردم چرا که آن شب وظیفهء مخصصی به من محول شده بود. می‌بایست دسته گل‌هائی را که مانند روزهای ختم و عزاداری سراسر راهرو تالار را پوشانده بود به رهبر ارکسترو ویولونیست اول تقدیم کنم. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
کنار در جنبی صحنه ایستاده بودم و به مجموعهء اصوات عجیب و درهم برهم سازهای مختلفی که کوکشان می‌کردند و هم چنین به تمرین‌های کوتاه انفرادی که تا ظاهر شدن رهبر ارکستر فضای تالار را پر کرده بود گوش می‌دادم. زارو بی‌حرکت سر جای خود نشسته بود. دست‌های عاری از حیاتش روی طبل قرار داشت و نگاهش به فضای تالار دوخته شده بود. انسان از مشاهدهء او به یاد مومیائی‌ها می‌افتاد. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
هنگامی که رهبر ارکستر ظاهر شد و تالار از کف زدن‌ها و هلهلهء تماشاگران به لرزه درآمد نیز زارو همچنان بی‌حرکت سر جای خود نشسته بود،‌ دست‌هایش را برای برپا داشتن جشن آماده نکرد. چوب‌های طبل را عاشقانه میان دست‌هایش نگرفت. در میان آن همه همهمه به نظرم آمد که سکوتی ناگهانی - سکوتی وحشتناک - بر تالار حکمفرما شده است - این سکوت همچون دیوار سفیدی زارو را احاطه کرده بود. نگران و مضطرب شدم. حتی در لحظه‌ای که رهبر ارکستر چپبش رابلند کرد و سارسر تالار در خاموشی مطلق فرو رفت، باز هم نتوانستم این اضطراب را از خودم دور کنم. زارو را می‌دیدم که چشم‌های سیاه و بی‌حالتش را به مائسترو دوخته بود.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سرانجام طنین نخستین آکوردهای سمفونی در فضای تالار پیچید. به چهرهء زارو نگریستم و از شدت اضطرابم کاسته شد. داشت وزن‌ها را می‌شمرد و شش دانگ حواسش متوجه موسیقی بود. لحظه‌ئی بعد چوب‌های طبل را  توی دستش گرفت. من با همهء جمله‌های این سمفونی آشنا بودم و لحظه پیشش را به خود گرفت اما ناگهان حادثهء غیرمنتظره‌ئی رخ داد: در این قسمت از سمفونی، طنین موسیقی می‌بایست رساتر شود و نوازندهء طبل وظیفه داشت ریتم آنرا حمایت و تقویت کند و  به مرحلهء بالاتری ارتقا دهد. البته زارو چوب‌هایش را بر طبل فرود آورد، اما چگونه؟ بنای ترکیب با شکوه اصوات داشت شکاف بر‌می‌داشت و فرو می‌ریخت. کافی بود انسان به چشم‌های شنوندگان نگاه کند  تا به این مطلب پی‌ ببرد. در نگاه‌شان نگرانی و عدم رضایت موج می‌زد. جمعیت رفته‌رفته همهمه سر داد. رنگ صورت مائسترو از شدت خشم و غضب به سبزی گرائید.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سرانجام به حقیقت قضیه پی‌بردم!&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
زارو در شمارش خود دچار اشتباه شده بود. مقدار اشتباهش به اندازهء یک هشتم ضرب بود. البته نمی‌توانم به درستی مشخص کنم که در وارد آوردن ضربه بر طبل تعجیل یا تاخیری روی داده بود، اما قدر مسلم آن که زارو اشتباه کرده بود. او قسمت ویژهء خود را اجرا کرده بود اما اکنون پیش درآمد بدون همراهی طبل ادامه یافته بود. این اشتباه را نمی‌شد رسوائی نامید، بلکه احتمالا می‌توانست ناکامی و عدم موفقیت ساده‌ئی به شمار رود. مائسترو همچنان به رهبری خود ادامه داد. از این پس، ضربه‌های کوتاه و خفهء طبل دقیق و حساب شده بود.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در مدت سکوت میان قسمت‌های اول و دوم،‌ زارو از سیمای رهبر ارکستر چشم بر‌نمی‌داشت. چنین به نظر می‌رسید که در همهء این مدت سرگرم شمارش است. از لحظه‌ئی که ارکستر اجرای قسمت آداجیو را شروع کرد، همهء توجه ملامت‌بار مائسترو به روی زارو متمرکز شد و درست در همین هنگام بود که در حادثهء بسیار تاثرانگیزی روی داد: حادثه‌ای که تا مدت‌ها نقل محافل موسیقی شهر ما شد. طبل، سکوت کرده بود. در این قسمت زمزمهء ملایم طبل می‌بایست روح پرتلاطم موسیقی را تقویت کند و برشور آن بیافزاید، اما طبل زارو لب از زمزمه فرو بسته بودو ترنم موسیقی هم چنان ادامه داشت لیکن به سبب عدم برخورداری از حمایت طبل، سخت رنگ پریده و بی‌روح می‌نمود. جمله‌های زیبای موسیقی  در این جا به طور قطع به چارچوب احتیاج داشت. موسیقی، طرح و نور و سایهء خود را از دست داده بود. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
مائسترو اشارهء صریحی به سوی طبال کرد. فس فس نفس‌های سنگینش در سراسر تالار شنیده می‌شد. در حالی که به طرف زارو چرخیده بود ارکستر را با مشت‌های گره کرده رهبری می‌کرد. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
چیزی شبیه یک لبخند بر چهرهء زارو نقش بست. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
روزی تابلویی دیده‌ بودم که تصویر مرد مجکوم به اعدامی در لحظهء اجرای حکم بر آن نقاشی شده بود. به لولهء تفنگ‌ها چشم دوخته بود و می‌خندید. آشکار بود که بر مرگ پیروز شده است. لبخند چهرهء زارو نیز چنین بود.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
شرح رویدادهای بعدی بسیار دشوار است. اگر بتوان سمغونی را له کرد، لگدگوب کرد و غبارش را به فضا فرستاد، درست همان حادثه‌ئی صورت خواهد گرفت که آن شب بر سر سمفونی آمد. و این کار به دست یکی از ناچیزترین نوازندگان ارکستر - به دست مردی از خدمهء طبل،  و انسانی که در واقع در شمار نوازندگان نیست - صورت گرفته بود. این بار، ساز «ضربی» حجاب سکوت را دریده بود. ضربه‌های مقطع و مکرر طبل طنین انداز شد و رفته رفته به غرش کر کننده مبدل شد؛ غرشی که وای سازهای دیگر را در میان دریای ناهماهنگی‌های خود غرق کرد. هر کسی احساس می‌کرد که از اوج آسمان‌ها بر زمین فرو کوفته له و لورده شده است. جمعیت به پا خاست و همهمهء ناله آسائی سر داد. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در همان لحظه‌ئی که مائسترو چوب خود را به میز کوبید تا نوازندگان را از ادامهء کار باز دارد زارو نیز به پا خاست، چوب‌های طبل را بر زمین انداخت، سرش را در برابر رهبر ارکستر خم کرد و پیش از آن که مجال سخن گفتن بدهد به سوی جمعیت چرهید، تعظیم غرائی کرد و دمی بعد نگاهش را از آنان برگرفت و بی‌آن که به پشت سر خود بنگرد صحنه را ترک گفت.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
بدیهی است که آن شب اجرای کنسرت متوقف شد. تصور می‌کنم بعضی‌ها خبر این واقعه را که در جراید فردای آن شب به چاپ رسید و نیز عزیمت ناگهانی مائسترو را از شهرمان هنوزهم به خاطر داشته باشند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
زارو ناپدید شد و از آن روز به بعد دیگر کسی او را ندید.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ چین}}&lt;br /&gt;
ترجمهء سروژ استپانیان&lt;br /&gt;
{{پایان چپ‌چین}}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Pouya</name></author>
	</entry>
	<entry>
		<id>http://irpress.org/index.php?title=%DA%A9%D9%90%D8%B1%D9%85%DB%8C_%D8%AF%D8%B1_%D8%A7%D9%8F%D8%B1%DA%A9%D8%B3%D8%AA%D8%B1&amp;diff=24678</id>
		<title>کِرمی در اُرکستر</title>
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		<updated>2011-08-17T20:48:15Z</updated>

		<summary type="html">&lt;p&gt;Pouya: &lt;/p&gt;
&lt;hr /&gt;
&lt;div&gt;[[Image:13-048.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۴۸|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۴۸]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-049.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۴۹|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۴۹]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-050.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۵۰|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۵۰]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-051.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۵۱|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۵۱]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-052.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۵۲|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۵۲]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-053.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۵۳|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۵۳]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-054.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۵۴|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۵۴]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-055.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۵۵|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۵۵]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-056.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۵۶|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۵۶]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-057.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۵۷|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۵۷]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-058.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۵۸|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۵۸]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-059.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۵۹|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۵۹]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-060.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۶۰|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۶۰]]&lt;br /&gt;
[[Image:13-061.jpg|thumb|alt= کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۶۱|کتاب جمعه سال اول شماره ۱۳ صفحه ۶۱]]&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{در حال ویرایش}}&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در آن روزگاری که من کارمند ارکستر سمفونیک بودم، زارو در شمار نوازندگان &amp;gt;ضربی&amp;lt; ارکستر بود. سازهای ضربی و به عبارت دیگر &amp;gt;توپخانهء ارکستر&amp;lt; را چندین طبل با بشقابهای مسینی که به دو طرفشان آویخته و چند عدد چوب کوتاه و بلند که می توانند به آرامی زمزمه سر دهند و یا به سختی غرش آغاز کنند تشکیل می‌دهد. هیچ کس جز خود زارو حق نداشت به &amp;gt;توپخانه&amp;lt; دست بزند. تنها خود او بود که طبل ها را پاک و مرتب می‌کرد، پوشش آن‌ها را برمی‌داشت و بار دیگر همچون کودکان قنداق پیچ‌شان میکرد. اکثر نوازندگان آرزو دارند روزی به صف استید واقعی در آیند. در واقع همهء آن‌ها چنین‌اند، اما گرفتاری‌های زندگی این گونه آرمان‌ها را برباد می‌دهد و خود نوازندگان را به سازهائی فرمانبر مبدل می‌کند. &lt;br /&gt;
در آن میان تنها زارو بود که هنرمند ملهمی باقی ماند. روح موسیقی، روح خود او بود. یادم می‌آید که به من می‌گفت: - تو همه اش از ویلون و پیانو حرف می‌زنی، حال آن که &amp;gt;توپخانه&amp;lt; خودش به تنهایی یک پا سمفونی است؟ &lt;br /&gt;
البته من به هیچ روی مدعی آن نیستم که موسیقی را به خوبی درک می‌کردم؛ از این جهت در جوابش گفتم:&lt;br /&gt;
- من فقط متصدی حرارت مرکزی تالار هستم و وظیفه‌ام این است که نگذارم انگشت‌های‌تان یخ بزند. اما تا حالا شنیده بودی ادعا کنم حرارت مرکزی هم خودش یک‌پا سمفونی است؟ &lt;br /&gt;
به هرتقدیر جروبحث کردن با زارو و نیز با ویلونیست اول ارکستر کار عبثی بود تازه فیس‌وافاده و ادعاهای ویولونیست اول را می‌شد توجیه، چرا که یک رهبر ارکستر پرآوازه در برابر چشم همهء تماشاگران فقط دست اورا می‌فشارد و به نام او از همهء اعضای ارکستر ابراز تشکر می‌کند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
این ویولونیست اول است که از جانب همهء نوازندگان ارکستر، باحجب و تبختر لبخند بر لب می‌آورد و در همان حال، احساس حقارتی را که همهء آن‌ها به هنگام تمرین‌ها تحمیل کرده‌اند و انزجاری را که از رهبر ارکستر که در جریان تمرین‌ها بدترین ناسزاها را بارشان می‌کند به دل دارند به بوتهء فراموشی می‌سپارد. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اما این حالت در مورد همه، یا دقیق‌تر بگویم در مورد زارو مصداق پیدا نمی‌کرد. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در بدو امر چنین به نظر می‌رسد که نوای ساز ضربی کمترین وجه اشتراکی با اصل موسیقی ندارد چرا که مهمترین وظیفهء طبال چیزی جز شمردن نیست. او مدام می‌شمارد. چوب‌های بلند یا کوتاه را توی دستش می‌گیرد و آن‌ها را بر طبل می‌کوبد. ضربه‌ئی محکم یا ضربه‌ئی ملایم. او قادر است اصواتی شبیه غرش وعده‌های دوردست را که رفته‌رفته به غرش توپخانه مبدل می‌شود از بل بیرون بیاورد. می‌تواند بشقاب‌های برنجی طرفین طبل را توی دستش بگیردو از‌آن‌ها صدائی شبیه به پانگ یا پینگ - اصواتی دقیق و حساب شده- خارج کند. وظیفه دارد که بی وقفه و بدون احساس خستگی بشمارد و باز هم بشمارد.&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
من که به اقتضای شغلم موظف بودم همیشه و در جریان همهء تمرینها،‌در تالار حضور داشته باشم توفیق یافته بودم که درک معنای موسیقی را تا حدی فرا بگیرم، اما مهم‌ترین  نکته‌ئی که دستگیرم شد دشواری و ناسپاسی این حرفه بود.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
یک نوازندهء ارکستر نه تنها مغز و عضلاتش را به کار می‌گیرد، بلکه مساله آتیهء درخشانش نیز - دست کم در نخستین سال‌های آغاز کارش، یعنی در زمانی که گمان می‌برد در شمار مشاهیر عالم هنر در خواهد آمد - برایش مطرح می‌شود. و از همین روست که به حکم اجبار، درشتگوئی‌های مردی را که چوبی در دست دارد و آن را در فضا به هر سو حرکت می‌دهد تحمل می‌کند. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
آری، نوازندگی حرفه‌ئی است تلخ و حقارت بار. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
ما معمولا نوازندگان را در تالارهای غرقه در نور و آراستهء کنسرت مشاهده می‌کنیم که با اسموکینگ‌ها یا فراک‌های خوشدوخت‌شان روی صحنه جلوس کرده‌اند و آثار زیبای موسیقیدانان را جرا می‌کنند. اما به هنگام تمرین‌ها با کت و شلوارهای فرسوده‌شان - لباس‌هائی که هر روز بر تن دارند - در تالار حضور می‌یابند و بسته به میزان شهرت یا حرارت و حساسیت مردی که ارکستر را رهبری می‌کند، ساعت‌های متوالی- سه، چهار و گاه حتی پنج ساعت - می‌نوازند. این تمرین‌ها زیر نور کم فروغ و رنگ پردیدهء چراغ‌های مخصوص نت خوانی و در میان گرد و غبار سالن (چنین است وضع تالار کنسرت در روزهای عادی) آغاز می‌شود و انجام می‌گیرد. هر نوازنده‌ئی در ساعت غیرتمرین مشغله‌ئی دارد، که بعد از تمام تمرین ناگزیر است به سراغ آن بشتابد. اکثرشان عصرها یا شب‌ها در کافه و رستوران‌های مختلف شهر نوازندگی می‌کنند. برخی از آن‌ها نیز کلاس درس خصوصی دارند. بعد از پایان جلسات تمرین برچهره‌ های عرق کرده و خاکستری رنگ‌شان ممکن نیست حتی سایهئی از شوق و رضایت مشاهده شود. آن ها در لحظه ئی که رهبر ارکستر عرق از چهره می‌زداید و کتش را می‌پوشد و می‌گوید: &amp;lt;خوب، انگار برای امروز کافی است&amp;gt; از شدت خستگی و اندوه و نفرت، منگ و بهت‌زده به نظر می‌آیند. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
تنها کسی که مهر اندوه و ملال برچهره‌اش نقش نمی‌بست زارو بود. بر رخسار او حتی اندک اثری از ویرانی و نفرت مشاهده نمی‌شد. این ویرانی و نفرت را برچهرهء دیگر نوازندگان - که در دست‌های رهبر ارکستر جز یک ساز سمفونی آسمانی چیزی نبودند- بارها و بارها دیده بودم. زارو بعد ختم جلسهء تمرین چوب‌های طبلش را با احتیاط جمع می‌کرد. گرد و غبار &amp;lt;توپ&amp;gt; را با یک تکه جیر به دقت می‌زدود و با دهانش ضرب می‌گرفت: &amp;lt;داـ دا ـ دی، داـ داـدی …&amp;gt;و در همان حال،‌چشم‌های سیاهش پرفروغ می‌شد. در این گونه مواقع رو می‌کرد به یکی از نوازندگان و می‌گفت: «خدایا چه تمی؟ خدای بزرگ ، چه تم قشنگی؟»&lt;br /&gt;
اما در آن میان کسی را نه حالی بود نه مجالی تا دربارهء »تم« با او جروبحث بنشیند.لاجرم خودش را مخاطب قرار‌ می‌داد و با خود می‌گفت: »محشره؟ واقعا که محشره؟«&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
گاهی اوقات به تماشای تمرین‌های انفرادیش می رفتم. او در خانه‌اش طبل نداشت، اما با وجود این به تمرین می‌پرداخت. رو به روی دفترچهء نت می‌نشست، سرش را با وزن موسیقی به حرکت در می‌آورد و سرگرم شمردن می‌شد. در این حال انسان می‌توانست آرزوهای او را توی چشم‌هایش بخواند. در عالم خیال، چوب‌های کوتاه نامرئی و بشقاب‌های برنجی را به دست می‌گرفت و می‌نواخت. در این گونه مواقع چنا‌چه به اتاقش پا می‌نهادم. آرام و خاموش روی صندلی می‌نشستم تا مگر سمفون صامتی را که به زعم زارو طنین آن در فضای اتاقش پیچیده بود و کلبهء محقرش را به تالارپرنور کنسرت ماننده می‌کرد قطع نکنم. مرغ سعادت آشکارا بر اتاقش بال و پر می‌گشود. این سعادت در کلبهء محقر او - کلبه‌ئی که در عین حا به عنوان آشپزخانه نیز مورد استفاده قرار می‌گرفت و میز ناهار خوریش پوشیده از خرده نان و هوایش آکنده از بوی کالباس و پیاز خام بود - به شکل گنبد کلیسا و آسمان پرستاره جلوه‌گر می‌شد. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
زارو معمولا می‌گفت: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
- این که نوازنده‌ها خاکستری رنگ شده‌اند و از موسیقی هم لذتی نمی‌برند تقصیر خود آن‌ها است. پیش از آن که جای خودشان را توی ارکستر پیدا بکنند می‌روند زن می‌گیرند، و تا بیایند به خودشان بجنبند بچه‌دار می‌شوند. بعدش هم هی باید زور بزنند تا پول لباس و اجارهء خانه و خرج تحصیل بچه هایشان را در بیاورند. به این ترتیب ناچار می‌شوند به درس خصوصی دادن و ساز زدن توی کافه‌ها رو بیاورند و استعداد خودشان را تباه کنند. اول استعدادشان را به باد می‌دهند بعد هم آرزوهاشان را. وقتی شش دانگ حواس انسان پیش اجاره خانه باشد البته که موسیقی در وجودش می‌میرد. هنر، تا دلت بخواهد بوالهوس است و احتیاج به رنگ‌های درخشان دارد. اگر هنر فقط با رنگ خاکستری نفس بکشد خاموش می‌شود و می‌میرد. به من و اتاقم نگاه کن؟ درست است که مثل قصر نیست اما در عوض اجاره‌اش ارزان و مناسب است. از این وضع راضیم، چون که شب و نصف شب مجبور نمی‌شوم بی خوابی بکشم و فکر این که می‌توانم سر برج اجاره خانه را کف دست مالک ساختمان بریزم یا نه پدرم را بسوزاند. خوشم از این که می‌توانم با خیال راحت دراز بکشم و به نغمه‌های پنج ضربی موسیقی ملی سرزمین روسیه فکر بکنم و از کمال‌شان لذت ببرم. یک چنین لذتی، رنگین کمانی است از یاقوت و زمرد. در این حال موسیقی درست مثل یک لالائی وجودم را نوازش می‌دهد. گرفتاری‌های روزمره با آن  رنگ‌های خاکستری و کثیف‌شان قادر نیستند این موسقی را تیره و کدر کنند. این کلبه‌ئی که می‌بینی قصر رنگین‌کمان من است. اما لازم است بدانی که هیچ زنی به این قصر راه ندارد.آخر وقتی که عشق به صورت عادت در بیاید و تازگی خودش را از دست بدهد،‌اجاره خانه و پول شیرفروش این جور حرف‌ها در ردیف اول اهمیت قرار می‌گیرد و درست در همین وقت است که انسان رنگ خاکستری را استنشاق می‌کند و هنر هم لاجرم می‌میرد؛ و غالبا عشق هم همراه هنر جان به جان آفرین تسلیم می‌کند. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
چنین بود سخنان زارو.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
اندکی پیش از برگزاری جشن سالگرد تاسیس ارکستر سمفونیک، رهبر ارکستر جدیدی به شهرمان آمد. ارکستر سمفونیک در این جشن با شکوه قرار بود سمفونی تازهء سیبلیوس را برای نخستین بار اجرا کند. در آن روزها سمفونی مورد بحث را که در محافل مختلف موسیقیدانان وموسیقی شناسان جر و بحث  فراوانی برانگیخته بود یک اثر بسیار انقلابی به شمار می‌آوردند. مردم شهرمان، طی سه هفتهء پیاپی با ایراد نطق و خطابه و برگزاری ضیافت ها مقدم آن رهبر ارکستر را گرامی داشتند. اما اعضای ارکستر، در ساعات روز، در جریان تمرین‌ها از خلق تند و غیرقابل تحمل او به جان می آمدند. کتش را در می آورد و کار تمرین را آغاز می‌کرد. موی سفیدش که بی شباهت به یال شیر نبود بر فرق سرش می‌جنبید، دست‌هایش را در فضا به حرکت در می‌آورد، پا بر زمین می‌کوبید، در حرف‌هایش خشونت به کار می‌برد و نوازنده‌ها را بعد از نواختن چند میزان متوقف میکرد که مثلا:«دوباره از می شروع کنید!» آن‌ها بار دیگر از سر می‌گرفتند و رفته‌رفته با دقت کمتری می‌نواختند، و اقای رهبر ارکستر بعد از چند میزان بار دیگر نعره می‌کشید که: «دوباره از می!»&lt;br /&gt;
 &lt;br /&gt;
زارو خودش را بر فراز المپ حس می‌کرد. با هیجان بسیار چهرهء عرق کرده‌اش را خشک می‌کرد و می‌گفت:«این مرد راستی راستی نابغه است. چه روح پرشوری؟ او، خدای آتش‌فشان‌هاست؟» ودر همان حال، سایرنوازندگان غرولندکنان زیرلب می‌گفتند:«ابلیس!…جلاد!…مردم‌آزار!»&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
و بدین گونه بود که سرانجام موسیقی یا دقیق‌تر بگویم سمفونی خلق می‌شد. بعد از این تمرین‌ها اصوات هفتاد و دو ساز مختلف به اشارهء دست‌های سحرآمیز رهبر ارکستر درهم می‌آمیخت و طنین این نوا در فضای تالار کنسرت چنان بود که گوئی همهء اصوات فقط از یک ساز خارج می‌شود. هنگامی که ارکستر به قسمت پیانی‌سیمو می‌رسید انسان تصور می‌کرد که این ترانه را یک روح ساز کرده است. می‌پنداشت دیوارهای تالار است که در گوشش زمزمه می‌کند. گمان می‌برد که این نوا از جهانی دیگر به درون تالار تراویده است، سقف تالار به کناری می‌رفت و آسمان بلندی و بیکرانگی آسمان جلوه‌گر می‌شد. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
زارو خپله، همچون درنده‌ئی که آماده جهیدن باشد در جای خودش میخکوب می‌شد. با توجهی آمیخته به احترام به رهبر ارکستر چشم می‌دوخت، وزن‌ها را می‌شمرد و لب‌هایش رابا حالتی بسیار زیبا - انگار که قصد بوسیدن دارد - جمع می‌کرد.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
 و اما دست‌هایش؟  دست‌های سفید واندکی گوشتالودش! - این دست‌ها، حتی آن گاه که آن‌ها را با حالتی عاشقانه برپوست طبل می‌نهاد تا طنینش را خفه کند، باز هم می‌نواختند. او خود همچنان  به شمردن ادامه می‌داد ولی دست‌هایش حتی در لحظه های سکوت طبل - سکوتی که طبل ها بیش از دیگر سازها دارند - از نواختن و جنبیدن باز نمی‌ایستادند. دست‌هایش جنب و جوش صامتی داشتند. مدام چوب‌ها را عوض می‌کردند و هم چنان که زارو تا فرا رسیدن‌آن لحظهء بزرگ که می‌بایست چوب‌ها را با ضرباتی ظریف و شکوهمند بر طبل فرود آرد به شمردن ادامه می‌داد، آن‌هارا با حرکاتی نامحسوس نوازش می‌کردند.ابزار کارش را برای برای برپاکردن جشن، برای آن لخظهء بزرگ که طبل به صدا در می‌آمد آماده می‌کرد.و این، لحظه تکنوازی طبل بود. در این موقع برسیمای گوشتالود و سفید زارو - چهره ئی به سفیدی عاج - حالت جذبه ئی بی غل و غش نمایان می‌شد، سبیل تنکش به بالا می‌جهید و چشم‌هایش درخشان و پرفروغ می‌شد. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
 هفتادو دو انسان فراکپوش،‌در تالاری غرقه در نور نشسته به رهبری یکی از مشهورترین رهبران اروپا سرگرم اجرای موسیقی آسمانی بودند.بدون شک بسیاری از علاقهمندان موسیقی با خود می اندیشیدند:« کاش من هم نوازندهء ارکستری بودم! چه زندگی زیبایی دارند؟زیستن در عالم موسیقی، جشنی است جاودانه!» آخر نه این که از این جمع هیچ یک را توفیق آن نبود که در جلسات تمرین ارکستر حضور داشته باشد؟! &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
عصر همان روز، پس از پایان برنامهء کنسرت، به افتخار همهء نوازندگان ارکستر سمفونیک ضیافتی برگزار شد. طبعا رهبر ارکستر در مرکز توجه همگان قرار داشت. من نیز توفیق پیدا کردم که در ضیافت مورد بحث شرکت کنم،  زیرا به هر تقدیر من نیز به آن جمع تعلق داشتم. میز رنگین، غذاهای متنوع، مشروب خوب و فراوان. نطق و خطابه و آوازخوانی. سرور و  شادمانی وجود همگی را پر کرده بود.رهبر ارکستر به یک انسان معمولی مبدل شده بود و اکثر نوازندگان را «تو» خطاب می‌کرد. مثلا ویولونیست اول را در آغوش گرفت و اطمینانش داد که مردی است هنرمند، «یک هنرمند واقعی» و از این که به هنگام تمرین‌ها او را «یک صنعتکار ناچیز» می‌نامید از او پوزش طلبید.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
جام های مشروب پیاپی پر و خالی می‌شد. چندین جام را به رسم ابراز شادمانی بر زمین کوبیدند و شکستند. جو ضیافت بعد از ساعات نیمه شب، رونق تازه‌ای گرفت: بحثی سخت پرشور دربارهء  سمفونی جدیدی که اجرا کرده بودند در گرفت. نوازندگان سرهای خود را به کلاه‌های کاغذی آراسته بودند. روی فراک‌های شان پولک های الوان کاغذی چسبیده بود. بر کاکل سیاه قیرگون زارو سعی فراوان داشت که در بحث همگان شرکت کند اما هر بار که لب به سخن می‌گشود تا ابراز عقیده ئی کند شنونده ای نمی‌یافت. همه با هم حرف می‌زدند و به میان سخن یکدیگر می‌دویدند‌، اما صدای آمرانهء رهبر ارکسترکه اکنون به قدر کافی سرش گرم شده بود رساتر از دیگر صداها طنین انداز می شد. روی یال شیریش یک کلاه مندرس عهد ناپلئون خودنمائی می‌کرد که به آهگ استدالال‌های کوبنده اش می‌جنبید. بر‌شانهء کتش جوی باریکی از رب گوجه فرنگی ماسیده بود. با صدای رسائی که داشت گفت: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
- دلم میخواهد خودتان فکر بکنید! آخر،‌من نمی‌فهمم این آقای سیبلیوس چه خیال کرده؟ چطور به خودش جرئت داده که تصاویر کهنهء ملی و روستایی را لای خصوص ناب و گستاخ بچپاند؛ درست مثل این است که انسان بردارد گل‌های شقایق را روی دیوار کلیسا نقاشی کند!&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
زارو به پا خاست. سبیلش در زیر آن بینی کاغذی می‌لرزید. صدا لب‌هایش به یک اندازه مرتعش بود. اما یاس و درماندگی سرانجام به او جرئت بخشید،‌چنان که صدایش استوار شد و در میان همهمهء عمومی طنین انداخت: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
- مائسترو! مائسترو! یک دنیا عذر می‌خواهم! بنده با عقیدهء شما موافق نیستم! اجازه بدهید نظر خودم را بگویم. لطفا گوش کنید!&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
و درباره این اثر بحث‌انگیز، داد سخن داد. راجع به سبک‌های رمانتیسم و کلاسی سیسم، شیوه‌های تنظیم و هماهنگ کردن سازها،‌نوآنس اصوات و نیز دربارهء تحولات قوانین کمپوزیسیون و مطالب دیگری که اکنون از بادم رفته است سخن گفت: رفته رفته عصبی‌تر می‌شد و زبانش لکنت پیدا ‌می‌کرد. تقریبا همهء حضار سکوت اختیار کرده بودند. در آن حالت، آکنده از شور و هیجان دست‌هایش را از هم می‌گشود و آن‌ها رابه حرکت در می‌آورد. نگاه آن چشم‌های سیاه که به سیمایش وقار و هیبتی می‌بخشید بالای بینی کاغذیش شعله‌وار بود.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
رهبر ارکستر که دست‌ها را بر سینه چلیپا کرده بود با دقت بسیار - دقتی که تنها به هنگام تماشا کردن لکهء چربی تازه‌ئی بر فراک نظیف اعمال می‌شود - به نوازندهء خپله چشم دوخته بود. کلاه ناپلئونی مائسترو بر کف تالار افتاده بود. سرانجام سرش را با غرور ونخوت بالا گرفت و بی آن که به کسی بنگرد پرسید: &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
- این آقا کی باشند؟&lt;br /&gt;
- زارو، طبال ارکستر.&lt;br /&gt;
- هوم، زارو! آقا را باش! طبال‌باشی!... پس این طور، آقای زارو! شما بهتر است حواست پیش طبلت باشد. فراموش نکن که به چوب زدن طبل موسیقی نمی‌گویند. تازه جالب این است که آقا سعی  می‌کند سمفونی را برای من توضیح بدهد! می‌دانی؟ تو در ارکستر فقط یک کرم هستی!&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
آن وقت پشتش را رد به زارو بخث قطع شده را از سر گرفت. انگار نه انگار. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
بار دیگر همهمه از سر گرفته شد اما به نظرم می‌رسید که سکوت عجیبی را بر آن جلسه حکمفرما شده. این سکوت شوم* زارو را تنگ در حلقهء محاصرهء خود گرفت. به گوشه‌سی از تالار ضیافت پناه برده بود و در این حال کوتاه‌تر از آن می‌نمود که بود. چنان بود که انگار بینی کاغذی و گوشه های سبیل و لب زیرینش فرو افتاده است. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
دیگران همگی حسابی سرحال می‌نمودند. باید صمیمانه اعتراف کنم که من اکنون همه‌ء جزئیات ضیافت آن شب را به خاطر ندارم، با این همه لحظهء خروج از سالن را که نگاهم به زارو افتاده بود فراموش نکرده‌ام: یکه و تنها. با کلاه کوچکش و با یک بطر شامپانی که لای زانوهایش داشت روی پله‌ء دماغش را بالا می‌کشید و دانه‌های اشک روی گونه‌هایش می‌غلتیدند. این آخرین خاطره‌ئی است که از آن کنسرت با شکوه در خاطرم به جای مانده است. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
«مائسترو» پیش از ترک شهرمان می‌بایست در یک کنسرت دیگر شرکت می‌جست و ارکستر را رهبری می‌کرد. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در همان نخستین جلسه‌ء تمرین از مشاهده‌ء وضع زارو به حیرت افتادم: زارو به کلی تغییر یافته بود. با گونه‌های فرو افتاده، بدون شور و حرارت روزهای پیشین - درست مثل ماشینی خودکار- می‌شمرد و انجام وظیفه می‌کرد. رنگ صورتش به سفیدی رنگ و روی اموات بود. گمانکردم بیمار است. بعد از پایان تمرین به اتفاق هم بیرون آمدیم. گفتم: &lt;br /&gt;
- زارو، خسته به نظر می‌آئی.&lt;br /&gt;
جوابم را نداد،‌چانه‌اش را در یقهء پالتویش کرد و خاموش و بی‌صدا به راه رفتن ادامه داد. سرانجام پرسید:&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
- تو شنیدی که گفت «کرمی در ارکستر»؟...آن کرم، منم،‌ من، زارو! کرمی در ارکستر.&lt;br /&gt;
بعد از من دعوت کرد به خانه‌اش بروم. تشکر کردم و به عذر دیروقت بودن سعی کردم تا از اجابت دعوتش سر باز بزنم؛ اما پشت در خانه‌اش که رسیدیم وجود مرا یکسره فراموش کرده بود: در را جلو صورتم محکم به‌هم کوبید و مرا پشت در گذاشت.&lt;br /&gt;
 در جلسهء تمرین بعدی رفتارش سخت عجیب بود. بعد از پایان تمرین سعی کردم ببینمش؛ قصد داشتم دلداریش بدهم. دم در خروجی جلوش را گرفتم و گفتم: &lt;br /&gt;
- گوش کن زارو، حرف‌های یارو را فراموش کن. آن شب مست بود. تازه ماها هم همگی مست بودیم. &lt;br /&gt;
بی‌شتاب به طرف من چرخید و نگاه مه گرفته‌اش را به من دوخت در نگاهش نفرتی عمیق موج می‌زد، نفرتی سرد و کدر، نفرتی گنگ و ناسالم. خاموش ماند، رویش را برگرداندو به‌راه خود رفت.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سرانجام روز اجرای کنسرت وداع فرا رسید. &lt;br /&gt;
گرچه در کنسرت های  بسیاری حضور یافته بودم، با این همه تا حدی احساس بی ابی و ناراحتی می‌کردم چرا که آن شب وظیفهء مخصصی به من محول شده بود. می‌بایست دسته گل‌هائی را که مانند روزهای ختم و عزاداری سراسر راهرو تالار را پوشانده بود به رهبر ارکسترو ویولونیست اول تقدیم کنم. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
کنار در جنبی صحنه ایستاده بودم و به مجموعهء اصوات عجیب و درهم برهم سازهای مختلفی که کوکشان می‌کردند و هم چنین به تمرین‌های کوتاه انفرادی که تا ظاهر شدن رهبر ارکستر فضای تالار را پر کرده بود گوش می‌دادم. زارو بی‌حرکت سر جای خود نشسته بود. دست‌های عاری از حیاتش روی طبل قرار داشت و نگاهش به فضای تالار دوخته شده بود. انسان از مشاهدهء او به یاد مومیائی‌ها می‌افتاد. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
هنگامی که رهبر ارکستر ظاهر شد و تالار از کف زدن‌ها و هلهلهء تماشاگران به لرزه درآمد نیز زارو همچنان بی‌حرکت سر جای خود نشسته بود،‌ دست‌هایش را برای برپا داشتن جشن آماده نکرد. چوب‌های طبل را عاشقانه میان دست‌هایش نگرفت. در میان آن همه همهمه به نظرم آمد که سکوتی ناگهانی - سکوتی وحشتناک - بر تالار حکمفرما شده است - این سکوت همچون دیوار سفیدی زارو را احاطه کرده بود. نگران و مضطرب شدم. حتی در لحظه‌ای که رهبر ارکستر چپبش رابلند کرد و سارسر تالار در خاموشی مطلق فرو رفت، باز هم نتوانستم این اضطراب را از خودم دور کنم. زارو را می‌دیدم که چشم‌های سیاه و بی‌حالتش را به مائسترو دوخته بود.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سرانجام طنین نخستین آکوردهای سمفونی در فضای تالار پیچید. به چهرهء زارو نگریستم و از شدت اضطرابم کاسته شد. داشت وزن‌ها را می‌شمرد و شش دانگ حواسش متوجه موسیقی بود. لحظه‌ئی بعد چوب‌های طبل را  توی دستش گرفت. من با همهء جمله‌های این سمفونی آشنا بودم و لحظه پیشش را به خود گرفت اما ناگهان حادثهء غیرمنتظره‌ئی رخ داد: در این قسمت از سمفونی، طنین موسیقی می‌بایست رساتر شود و نوازندهء طبل وظیفه داشت ریتم آنرا حمایت و تقویت کند و  به مرحلهء بالاتری ارتقا دهد. البته زارو چوب‌هایش را بر طبل فرود آورد، اما چگونه؟ بنای ترکیب با شکوه اصوات داشت شکاف بر‌می‌داشت و فرو می‌ریخت. کافی بود انسان به چشم‌های شنوندگان نگاه کند  تا به این مطلب پی‌ ببرد. در نگاه‌شان نگرانی و عدم رضایت موج می‌زد. جمعیت رفته‌رفته همهمه سر داد. رنگ صورت مائسترو از شدت خشم و غضب به سبزی گرائید.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
سرانجام به حقیقت قضیه پی‌بردم!&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
زارو در شمارش خود دچار اشتباه شده بود. مقدار اشتباهش به اندازهء یک هشتم ضرب بود. البته نمی‌توانم به درستی مشخص کنم که در وارد آوردن ضربه بر طبل تعجیل یا تاخیری روی داده بود، اما قدر مسلم آن که زارو اشتباه کرده بود. او قسمت ویژهء خود را اجرا کرده بود اما اکنون پیش درآمد بدون همراهی طبل ادامه یافته بود. این اشتباه را نمی‌شد رسوائی نامید، بلکه احتمالا می‌توانست ناکامی و عدم موفقیت ساده‌ئی به شمار رود. مائسترو همچنان به رهبری خود ادامه داد. از این پس، ضربه‌های کوتاه و خفهء طبل دقیق و حساب شده بود.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در مدت سکوت میان قسمت‌های اول و دوم،‌ زارو از سیمای رهبر ارکستر چشم بر‌نمی‌داشت. چنین به نظر می‌رسید که در همهء این مدت سرگرم شمارش است. از لحظه‌ئی که ارکستر اجرای قسمت آداجیو را شروع کرد، همهء توجه ملامت‌بار مائسترو به روی زارو متمرکز شد و درست در همین هنگام بود که در حادثهء بسیار تاثرانگیزی روی داد: حادثه‌ای که تا مدت‌ها نقل محافل موسیقی شهر ما شد. طبل، سکوت کرده بود. در این قسمت زمزمهء ملایم طبل می‌بایست روح پرتلاطم موسیقی را تقویت کند و برشور آن بیافزاید، اما طبل زارو لب از زمزمه فرو بسته بودو ترنم موسیقی هم چنان ادامه داشت لیکن به سبب عدم برخورداری از حمایت طبل، سخت رنگ پریده و بی‌روح می‌نمود. جمله‌های زیبای موسیقی  در این جا به طور قطع به چارچوب احتیاج داشت. موسیقی، طرح و نور و سایهء خود را از دست داده بود. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
مائسترو اشارهء صریحی به سوی طبال کرد. فس فس نفس‌های سنگینش در سراسر تالار شنیده می‌شد. در حالی که به طرف زارو چرخیده بود ارکستر را با مشت‌های گره کرده رهبری می‌کرد. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
چیزی شبیه یک لبخند بر چهرهء زارو نقش بست. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
روزی تابلویی دیده‌ بودم که تصویر مرد مجکوم به اعدامی در لحظهء اجرای حکم بر آن نقاشی شده بود. به لولهء تفنگ‌ها چشم دوخته بود و می‌خندید. آشکار بود که بر مرگ پیروز شده است. لبخند چهرهء زارو نیز چنین بود.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
شرح رویدادهای بعدی بسیار دشوار است. اگر بتوان سمغونی را له کرد، لگدگوب کرد و غبارش را به فضا فرستاد، درست همان حادثه‌ئی صورت خواهد گرفت که آن شب بر سر سمفونی آمد. و این کار به دست یکی از ناچیزترین نوازندگان ارکستر - به دست مردی از خدمهء طبل،  و انسانی که در واقع در شمار نوازندگان نیست - صورت گرفته بود. این بار، ساز «ضربی» حجاب سکوت را دریده بود. ضربه‌های مقطع و مکرر طبل طنین انداز شد و رفته رفته به غرش کر کننده مبدل شد؛ غرشی که وای سازهای دیگر را در میان دریای ناهماهنگی‌های خود غرق کرد. هر کسی احساس می‌کرد که از اوج آسمان‌ها بر زمین فرو کوفته له و لورده شده است. جمعیت به پا خاست و همهمهء ناله آسائی سر داد. &lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
در همان لحظه‌ئی که مائسترو چوب خود را به میز کوبید تا نوازندگان را از ادامهء کار باز دارد زارو نیز به پا خاست، چوب‌های طبل را بر زمین انداخت، سرش را در برابر رهبر ارکستر خم کرد و پیش از آن که مجال سخن گفتن بدهد به سوی جمعیت چرهید، تعظیم غرائی کرد و دمی بعد نگاهش را از آنان برگرفت و بی‌آن که به پشت سر خود بنگرد صحنه را ترک گفت.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
بدیهی است که آن شب اجرای کنسرت متوقف شد. تصور می‌کنم بعضی‌ها خبر این واقعه را که در جراید فردای آن شب به چاپ رسید و نیز عزیمت ناگهانی مائسترو را از شهرمان هنوزهم به خاطر داشته باشند.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
زارو ناپدید شد و از آن روز به بعد دیگر کسی او را ندید.&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
&lt;br /&gt;
{{چپ چین}}&lt;br /&gt;
ترجمهء سروژ استپانیان&lt;br /&gt;
{{پایان چپ‌چین}}&lt;/div&gt;</summary>
		<author><name>Pouya</name></author>
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